विस्तृत हल: CBSE कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान सैंपल पेपर 2027 – सेट 1

प्रश्न पत्र के सभी लिखित प्रश्न (2, 3, 4 और 5 अंक) यहाँ क्रम से हल किए गए हैं, हर चरण के अंकों के साथ, ताकि आप अपनी उत्तर पुस्तिका परीक्षक की तरह जाँच सकें। जहाँ आंतरिक विकल्प (अथवा) है, वहाँ दोनों विकल्प हल किए गए हैं। 1 अंक वाले प्रश्नों के उत्तर व्याख्या सहित प्रश्न पत्र वाले पृष्ठ की क्विज़ में हैं।

खंड क - इतिहास (20 अंक)

प्रश्न 5 (2 अंक)

'रेशम मार्गों से रेशम के अलावा भी बहुत कुछ आता-जाता था।' इस कथन की पुष्टि दो तर्कों से कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

रेशम के अलावा इन मार्गों से चीनी बर्तन तथा भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कपड़े व मसाले जाते थे, और बदले में यूरोप से सोना-चाँदी आता था। बौद्ध धर्म, ईसाई प्रचारक और मुसलमान उपदेशक भी इन्हीं मार्गों से फैले।

अंक योजना:

  1. अन्य वस्तुएँ: चीनी मिट्टी के बर्तन तथा भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कपड़े और मसाले पश्चिम गए, और यूरोप से सोना-चाँदी एशिया आया — 1 अंक
  2. संस्कृति और धर्म: बौद्ध धर्म इन्हीं मार्गों से फैला, और आरंभिक ईसाई धर्म-प्रचारक तथा मुसलमान उपदेशक भी इन पर चले — 1 अंक

प्रश्न 6 (3 अंक)

उन्नीसवीं सदी के यूरोप में रूमानीवाद, लोक संस्कृति और संगीत जैसे सांस्कृतिक तत्वों ने राष्ट्र की भावना गढ़ने में क्या भूमिका निभाई? विश्लेषण कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

रूमानी कलाकारों और कवियों ने ठंडे तर्क से ज़्यादा भावनाओं और साझा अतीत को महत्त्व दिया, जिससे लोग खुद को एक समुदाय मानने लगे। हर्डर के अनुसार राष्ट्र की आत्मा आम लोगों के गीतों, कविताओं और नृत्यों में थी। पोलैंड में कुर्पिंस्की के ओपेरा ने राष्ट्रीय संघर्ष का गुणगान किया और पोलोने व मज़ुर्का को राष्ट्रीय प्रतीक बनाया।

अंक योजना:

  1. रूमानीवाद: कलाकारों और कवियों ने केवल तर्क और विज्ञान की पूजा से हटकर भावनाओं, अंतर्ज्ञान और साझा अतीत व विरासत पर गर्व को जगाया — 1 अंक
  2. लोक संस्कृति: हर्डर के अनुसार राष्ट्र की सच्ची आत्मा आम लोगों (दास फ़ोल्क) के गीतों, काव्य और नृत्यों में बसती थी (या: ग्रिम बंधुओं ने फ्रांसीसी प्रभुत्व के विरुद्ध लोक कथाओं को जर्मन संस्कृति की शुद्ध आवाज़ मानकर इकट्ठा किया) — 1 अंक
  3. संगीत: पोलैंड में कैरोल कुर्पिंस्की के ओपेरा और संगीत ने राष्ट्रीय संघर्ष का गुणगान किया, और पोलोने व मज़ुर्का जैसे लोक नृत्य राष्ट्रीय प्रतीक बन गए — 1 अंक

अथवा

1871 के बाद बाल्कन वह क्षेत्र क्यों बन गया जहाँ आपस में टकराते राष्ट्रवाद यूरोप को युद्ध में घसीट सकते थे? परीक्षण कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

बाल्कन के अनेक जातीय समूह (स्लाव) अधिकतर कमज़ोर होते ऑटोमन साम्राज्य के अधीन थे। रूमानी राष्ट्रवाद से प्रेरित हर समूह ने आज़ादी माँगी और नए राज्य क्षेत्र के लिए आपस में लड़े। रूस, जर्मनी, इंग्लैंड और ऑस्ट्रो-हंगरी भी वहाँ व्यापार, उपनिवेशों और सैन्य ताकत की होड़ में थे, जिससे युद्ध हुए और अंततः पहला विश्व युद्ध छिड़ा।

अंक योजना:

  1. बाल्कन में अनेक जातीय समूह थे (जिन्हें मोटे तौर पर स्लाव कहा जाता था) और इसका बड़ा भाग कमज़ोर होते ऑटोमन साम्राज्य के अधीन था — 1 अंक
  2. रूमानी राष्ट्रवाद के कारण हर समूह ने अपने अतीत के आधार पर आज़ादी माँगी; बाल्कन राज्य एक-दूसरे से ईर्ष्या करते थे और अधिक क्षेत्र के लिए लड़ते थे — 1 अंक
  3. बड़ी शक्तियाँ (रूस, जर्मनी, इंग्लैंड, ऑस्ट्रो-हंगरी) व्यापार, उपनिवेशों और सैन्य ताकत के लिए वहाँ होड़ करती रहीं, जिससे युद्ध हुए और अंततः पहला विश्व युद्ध हुआ — 1 अंक

प्रश्न 7 (5 अंक)

'विभिन्न सामाजिक समूह असहयोग आंदोलन में शामिल हुए, लेकिन हर समूह ने स्वराज को अपना अलग अर्थ दिया।' अवध के किसानों, गूडेम पहाड़ियों के आदिवासी किसानों और असम के बागान मज़दूरों के संदर्भ में इस कथन का परीक्षण कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

अवध: बाबा रामचंद्र के नेतृत्व में किसान भारी लगान, कर और बेगार लेने वाले तालुकदारों के विरुद्ध उठे। उनके लिए स्वराज था कम लगान, बेगार से छुटकारा और दमनकारी ज़मींदारों का बहिष्कार; 1921 में कुछ ने तालुकदारों के घरों पर हमले किए।

गूडेम पहाड़ियाँ: जंगल बंद होने से आदिवासी पशु चराने और जलावन-फल जुटाने से वंचित हुए, इसलिए स्वराज था जंगल वापस पाना। अल्लूरी सीताराम राजू के नेतृत्व में उन्होंने गुरिल्ला युद्ध छेड़ा, जिसे गांधीजी स्वीकार नहीं कर सकते थे।

असम: 1859 का इनलैंड एमिग्रेशन एक्ट मज़दूरों को बागानों में बाँधे रखता था। उनके लिए स्वराज था आने-जाने की आज़ादी और गाँव से जुड़ाव, इसलिए वे गांधी राज की आशा में घर चल पड़े।

अंक योजना:

  1. अवध: संन्यासी बाबा रामचंद्र के नेतृत्व में किसान उन तालुकदारों और ज़मींदारों के विरुद्ध उठे जो भारी लगान, तरह-तरह के कर और बेगार लेते थे — 1 अंक
  2. उनके लिए स्वराज का अर्थ था लगान में कमी, बेगार का अंत और दमनकारी ज़मींदारों का सामाजिक बहिष्कार; 1921 में कुछ ने तालुकदारों के घरों पर हमले किए और बाज़ार लूटे, जिसकी कांग्रेस की अहिंसा अनुमति नहीं देती थी (कोई भी एक बिंदु) — 1 अंक
  3. गूडेम पहाड़ियाँ (आंध्र प्रदेश): औपनिवेशिक सरकार ने बड़े जंगल बंद कर दिए, जिससे आदिवासी पशु नहीं चरा सकते थे और जलावन व फल नहीं जुटा सकते थे; उनके लिए स्वराज का अर्थ अपने जंगलों का उपयोग वापस पाना था — 1 अंक
  4. अल्लूरी सीताराम राजू के नेतृत्व में उन्होंने 1920 के दशक के आरंभ में पुलिस थानों पर हमला करते हुए गुरिल्ला युद्ध छेड़ा; बल के इस प्रयोग को गांधीजी स्वीकार नहीं कर सकते थे, फिर भी वे इसे स्वराज के संघर्ष का हिस्सा मानते थे — 1 अंक
  5. असम: 1859 के इनलैंड एमिग्रेशन एक्ट के कारण बागान मज़दूर बिना अनुमति बागान नहीं छोड़ सकते थे; उनके लिए स्वराज का अर्थ था बंद बागानों से मुक्त होकर आने-जाने और अपने गाँव से जुड़े रहने का अधिकार, इसलिए वे यह मानकर घर चल पड़े कि गांधी राज आने वाला है — 1 अंक

अथवा

मूल्यांकन कीजिए कि सविनय अवज्ञा आंदोलन को दलितों और मुसलमानों के बड़े वर्ग का पूरा समर्थन क्यों नहीं मिल पाया।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

दलित: सवर्ण रूढ़िवादी हिंदुओं को नाराज़ करने के डर से कांग्रेस ने लंबे समय तक दलितों की उपेक्षा की थी। दलित नेता आरक्षित सीटें और पृथक निर्वाचिका चाहते थे। डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने 1930 में दमित वर्ग एसोसिएशन बनाया और दूसरे गोलमेज़ सम्मेलन में पृथक निर्वाचिका पर गांधीजी से टकराए। पूना पैक्ट (1932) से आरक्षित सीटें मिलीं, फिर भी दलितों का समर्थन सीमित रहा।

मुसलमान: असहयोग-खिलाफ़त आंदोलन के ठंडा पड़ने के बाद, कांग्रेस के हिंदू महासभा जैसे समूहों के करीब आने से अनेक मुसलमान अलग-थलग महसूस करने लगे और सांप्रदायिक झड़पें बढ़ीं। 1928 के सर्वदलीय सम्मेलन में एम.आर. जयकर के विरोध से प्रतिनिधित्व पर सहमति की आशा टूटी, इसलिए बहुत से मुसलमान दूर रहे।

अंक योजना:

  1. कांग्रेस ने रूढ़िवादी सवर्ण हिंदुओं को नाराज़ करने के डर से लंबे समय तक दलितों की उपेक्षा की थी — 1 अंक
  2. दलित नेता आरक्षित सीटें और पृथक निर्वाचिका चाहते थे; डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने 1930 में दमित वर्ग एसोसिएशन बनाया और दूसरे गोलमेज़ सम्मेलन में इस मुद्दे पर गांधीजी से टकराए — 1 अंक
  3. 1932 के पूना पैक्ट से आरक्षित सीटें मिलीं, परंतु आंदोलन में दलितों की भागीदारी सीमित ही रही — 1 अंक
  4. असहयोग-खिलाफ़त आंदोलन के ठंडा पड़ने के बाद, कांग्रेस के हिंदू महासभा जैसे हिंदू धार्मिक राष्ट्रवादी समूहों के करीब आने से अनेक मुसलमान अलग-थलग महसूस करने लगे; सांप्रदायिक झड़पें बढ़ीं (या: अनेक मुस्लिम नेताओं को डर था कि हिंदू बहुमत के बीच अल्पसंख्यकों की संस्कृति और पहचान दब जाएगी) — 1 अंक
  5. प्रतिनिधित्व पर सहमति की आशा 1928 के सर्वदलीय सम्मेलन में खत्म हुई: जिन्ना पृथक निर्वाचिका छोड़ने को तैयार थे, यदि मुसलमानों को केंद्रीय सभा में आरक्षित सीटें और मुस्लिम-बहुल प्रांतों में जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिले, पर हिंदू महासभा के एम.आर. जयकर ने इस समझौते का विरोध किया (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 8 (4 अंक)

नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

छिपी हुई पाठिका

मुद्रण के एक काल्पनिक संग्रहालय की दीर्घा में लगा परिचय-पट्ट

इस शीशे की पेटी में बंगाल और उत्तर भारत की तीन चीज़ें रखी हैं: वर्णमाला सिखाने वाली एक घिसी हुई किताब, एक घरेलू पंचांग के कुछ खुले पन्ने और लगभग 1915 की महिलाओं की एक मासिक पत्रिका।

वर्णमाला की किताब एक युवा बहू की थी। परिवार वालों ने बाद में बताया कि वह उसे रसोई के डिब्बों के बीच छिपाकर रखती थी और चावल पकने तक अक्षरों का अभ्यास करती थी। उसके सावधान रहने का कारण था। उन्नीसवीं सदी के अंत में कई रूढ़िवादी घरों में माना जाता था कि पढ़ने वाली लड़की मुसीबत बुला रही है। कुछ हिंदू परिवारों को डर था कि पढ़ी-लिखी लड़की जल्दी विधवा हो जाएगी, और कुछ मुसलमान परिवारों को चिंता थी कि उर्दू के रूमानी किस्से उसे भटका देंगे।

इसके उलट, मासिक पत्रिका खुलेआम बिकती थी। उसकी संपादक एक महिला थीं, और उसके पत्र-स्तंभ में छोटे कस्बों की पाठिकाएँ आपस में बहस करती दिखती थीं।

दर्शक अक्सर हमसे पूछते हैं कि इनमें से कौन-सी चीज़ ज़्यादा महत्त्वपूर्ण है। हमारा उत्तर: वर्णमाला की किताब के बिना मासिक पत्रिका हो ही नहीं सकती थी।

8.1 परिचय-पट्ट के अनुसार कुछ मुसलमान परिवार लड़कियों के पढ़ना सीखने के पक्ष में क्यों नहीं थे? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

उन्हें डर था कि उर्दू के रूमानी किस्से पढ़कर लड़कियाँ भटक जाएँगी।

अंक योजना:

  1. उन्हें डर था कि उर्दू के रूमानी किस्से लड़कियों को भटका (बिगाड़) देंगे — 1 अंक

8.2 संग्रहालय कहता है, 'वर्णमाला की किताब के बिना मासिक पत्रिका हो ही नहीं सकती थी।' दो बिंदुओं से इस कथन को समझाइए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, महिलाओं की पत्रिका तभी बिक सकती थी जब पर्याप्त महिलाएँ पढ़ सकें। घर पर, छिपकर या स्कूल में, अक्सर परिवार के विरोध में, पढ़ना सीखने वाली महिलाएँ ही इसकी खरीदार और पत्र-लेखिकाएँ बनीं। दूसरा, ऐसी महिलाएँ लिखने भी लगीं, और उनकी छपी जीवन-कथाओं और लेखों ने महिलाओं से होने वाले व्यवहार पर सवाल उठाए, जिनसे पत्रिका की बहसें बनीं।

अंक योजना:

  1. पाठिकाएँ: महिलाओं की पत्रिका तभी बिक सकती थी जब पर्याप्त महिलाएँ पढ़ सकें; घर पर, छिपकर या बाद में बालिका विद्यालयों में, अक्सर परिवार के विरोध के बावजूद, पढ़ना सीखने वाली महिलाएँ ही इसकी खरीदार और पत्र-लेखिकाएँ बनीं — 1 अंक
  2. महिलाओं का लेखन: पढ़ना सीखी महिलाएँ लिखने भी लगीं, और उनकी छपी जीवन-कथाओं, किताबों और लेखों ने पाठकों को दिखाया कि महिलाएँ कैसे जीती हैं और उनके साथ होने वाले व्यवहार पर सवाल उठाए; इसी से वे पाठिकाएँ और बहसें बनीं जिन पर महिलाओं की मासिक पत्रिका टिकी थी — 1 अंक

8.3 उन्नीसवीं सदी के भारत की किसी एक ऐसी महिला का नाम बताइए जिसने छपाई के माध्यम से महिलाओं के जीवन के बारे में लिखा। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

ताराबाई शिंदे, जिन्होंने ऊँची जाति की हिंदू महिलाओं से होने वाले कठोर व्यवहार के विरुद्ध लिखा।

अंक योजना:

  1. कोई एक: राशसुंदरी देवी, कैलाशबाशिनी देवी, ताराबाई शिंदे या पंडिता रमाबाई — 1 अंक

प्रश्न 9 (2 अंक)

भारत के दिए गए रेखा-मानचित्र पर दो स्थान A और B अंकित किए गए हैं। इन्हें पहचानिए और इनके सही नाम लिखिए।

भारत का रेखा-मानचित्र, जिस पर दो स्थान A और B अंकित हैं

A वह कपड़ा-मिलों वाला शहर जहाँ 1918 में ज़्यादा मज़दूरी माँग रहे मिल मज़दूरों के समर्थन में गांधीजी ने सत्याग्रह किया। (1 अंक)

उत्तर।

  1. A: अहमदाबाद (गुजरात) — 1 अंक

B वह स्थान जहाँ दिसंबर 1920 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन हुआ, जिसमें असहयोग कार्यक्रम स्वीकार किया गया। (1 अंक)

उत्तर।

  1. B: नागपुर (महाराष्ट्र) — 1 अंक

खंड ख - भूगोल (20 अंक)

प्रश्न 16 (2 अंक)

राजस्थान के शुष्क पश्चिमी भाग के एक गाँव के पास न कोयला है, न तेल, और वह बिजली ग्रिड से भी नहीं जुड़ा है। उसके लिए ऊर्जा के दो उपयुक्त गैर-परंपरागत स्रोत सुझाइए और हर एक का कारण बताइए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

सौर ऊर्जा: इस शुष्क क्षेत्र में लगभग पूरे वर्ष तेज़ धूप रहती है, इसलिए सौर पैनल बिजली दे सकते हैं। पवन ऊर्जा: यहाँ तेज़ और नियमित हवाएँ चलती हैं; जैसलमेर पवन ऊर्जा का प्रभावी उपयोग करता है।

अंक योजना:

  1. सौर ऊर्जा: इस शुष्क क्षेत्र में लगभग पूरे वर्ष तेज़ धूप रहती है, इसलिए फोटोवोल्टाइक पैनल बिजली दे सकते हैं — 1 अंक
  2. पवन ऊर्जा: यहाँ तेज़ और नियमित हवाएँ चलती हैं (जैसलमेर पवन ऊर्जा के प्रभावी उपयोग के लिए जाना जाता है); पशुओं के गोबर से बायोगैस भी मान्य है — 1 अंक

प्रश्न 17 (5 अंक)

लालरेमरुआता मिज़ोरम में पहाड़ी ढलान पर जंगल साफ़ करके बनाए गए एक छोटे टुकड़े पर फ़सल उगाता है। गुरप्रीत पंजाब में अपने खेत पर अधिक उपज देने वाले (HYV) बीजों, रासायनिक उर्वरकों और सुनिश्चित सिंचाई की मदद से चावल उगाता है। दोनों प्रकार की खेती की किन्हीं पाँच बिंदुओं पर तुलना कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. प्रकार: लालरेमरुआता प्रारंभिक जीविका निर्वाह (कर्तन दहन प्रणाली) कृषि करता है, जिसे पूर्वोत्तर में झूम कहते हैं; गुरप्रीत वाणिज्यिक कृषि करता है।
  2. औज़ार और आगत: झूम में कुदाल, दाओ और खुदाई की छड़ियाँ; गुरप्रीत के पास अधिक उपज देने वाले (HYV) बीज, रासायनिक उर्वरक और कीटनाशक।
  3. मृदा उर्वरता: झूम प्राकृतिक उर्वरता और मानसून पर निर्भर है और उर्वरता घटने पर टुकड़ा छोड़ दिया जाता है; गुरप्रीत उर्वरकों और सिंचाई से उसी भूमि को उपजाऊ रखता है।
  4. उद्देश्य और उत्पादन: झूम में परिवार भर के लिए कम उपज; गुरप्रीत को अधिक उपज, मुख्यतः बेचने के लिए।
  5. श्रम: झूम में परिवार स्वयं काम करता है; गुरप्रीत मज़दूर और ट्रैक्टर जैसी मशीनें लगाता है।

अंक योजना:

  1. प्रकार: लालरेमरुआता प्रारंभिक जीविका निर्वाह (कर्तन दहन प्रणाली) कृषि करता है, जिसे पूर्वोत्तर में झूम कहते हैं; गुरप्रीत वाणिज्यिक कृषि करता है — 1 अंक
  2. औज़ार और आगत: कुदाल, दाओ और खुदाई की छड़ियाँ, बनाम अधिक उपज देने वाले (HYV) बीज, रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक और पीड़कनाशी — 1 अंक
  3. मृदा उर्वरता: झूम प्राकृतिक उर्वरता और मानसून पर निर्भर है, और उर्वरता घटने पर टुकड़ा छोड़ दिया जाता है; पंजाब में उर्वरकों और सिंचाई से उसी भूमि को उपजाऊ रखा जाता है — 1 अंक
  4. उत्पादन और उद्देश्य: कम उपज, परिवार की अपनी ज़रूरत के लिए, बनाम अधिक उपज, मुख्यतः बाज़ार में बेचने के लिए — 1 अंक
  5. श्रम: झूम में परिवार स्वयं काम करता है; वाणिज्यिक खेतों में प्रायः मज़दूर रखे जाते हैं और ट्रैक्टर जैसी मशीनें लगती हैं (या कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु, जैसे चावल पंजाब में वाणिज्यिक फ़सल है पर ओडिशा में जीविका फ़सल) — 1 अंक

अथवा

एक उद्यमी को सूती वस्त्र मिल और जूट मिल में से एक चुननी है, और वह पहले कच्चे माल को समझना चाहता है। कपास और जूट की तुलना उनकी जलवायु व मृदा की आवश्यकताओं और प्रमुख उत्पादक राज्यों के आधार पर कीजिए। यदि मिल पश्चिम बंगाल के डेल्टा क्षेत्र में लगानी हो, तो कौन-सा रेशा स्थानीय रूप से मिल सकेगा, और क्यों?

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

कपास को उच्च तापमान, कम वर्षा या सिंचाई, लगभग 210 पाला-रहित दिन और खूब धूप चाहिए। यह दक्कन पठार के शुष्क भागों की काली मृदा में सबसे अच्छी होती है; महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश प्रमुख उत्पादक हैं।

जूट को भी बढ़वार में गर्मी चाहिए, पर यह बाढ़ के मैदानों की अच्छे जल-निकास वाली उपजाऊ मृदा में उगता है, जो हर वर्ष नई होती है। पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा और मेघालय इसके मुख्य उत्पादक हैं।

पश्चिम बंगाल के डेल्टा में जूट स्थानीय रूप से मिलेगा: वहाँ के गर्म बाढ़ के मैदानों को हर वर्ष नई गाद मिलती है और राज्य जूट में अग्रणी है, जबकि कपास को सूखी भूमि और तेज़ धूप चाहिए।

अंक योजना:

  1. कपास, जलवायु: उच्च तापमान, कम वर्षा या सिंचाई, लगभग 210 पाला-रहित दिन और खिली धूप — 1 अंक
  2. कपास, मृदा और राज्य: दक्कन पठार के शुष्क भागों की काली मृदा; मुख्यतः महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में (कोई तीन राज्य) — 1 अंक
  3. जूट, जलवायु और मृदा: बढ़वार के समय उच्च तापमान; बाढ़ के मैदानों की अच्छे जल-निकास वाली उपजाऊ मृदा, जो हर वर्ष नई होती है — 1 अंक
  4. जूट, राज्य: पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा और मेघालय (कोई तीन) — 1 अंक
  5. पश्चिम बंगाल का डेल्टा: जूट, क्योंकि यहाँ बाढ़ के मैदानों को हर वर्ष नई उपजाऊ मृदा मिलती है और तापमान ऊँचा रहता है, और पश्चिम बंगाल जूट का प्रमुख उत्पादक है; कपास को सूखी भूमि और खिली धूप चाहिए — 1 अंक

प्रश्न 18 (4 अंक)

नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

सारनपुर की पहाड़ियों पर चालीस साल

एक काल्पनिक ज़िले पर छपे समाचार-लेख से

जब लीला ओरांव 1980 के दशक में छोटी थी, तब उसके गाँव के पीछे की पहाड़ियाँ साल के घने पेड़ों से ढकी थीं, और भोर में महुआ के फूल बीनने वाले भालुओं से चौकन्ने रहते थे। आज उसे एक गट्ठर जलावन के लिए दो घंटे चलना पड़ता है।

गाँव वाले गिना सकते हैं कि क्या बिगड़ा। निचली घाटी अब एक बाँध के जलाशय में डूबी है, जो ज़िले के शहरों को पानी और बिजली देने के लिए बना। पूर्वी पहाड़ी लौह अयस्क की एक कंपनी को दे दी गई, और उसके ट्रक अब उस जंगल से गरजते हुए गुज़रते हैं जहाँ से भालू एक पहाड़ी से दूसरी पहाड़ी तक जाते थे। परिवार बढ़े तो और ढलानें खेतों के लिए साफ़ हुईं, और बकरियों के बड़े झुंड हर उगते पौधे को चर जाते हैं। बुज़ुर्ग जिस बाघ की बात करते हैं, वह तीस साल से नहीं दिखा।

भालू कहीं नहीं गए। वे अब रात में अनाज और महुआ के लिए गाँव में घुस आते हैं, और पिछली सर्दी में दो किसान बुरी तरह घायल हुए। लीला कहती है, 'हम उनके दुश्मन नहीं हैं, पर हमने उनका घर छीन लिया है।'

18.1 रिपोर्ट में बताई गई किसी एक विकास परियोजना को पहचानिए जिससे वन नष्ट हुए हैं। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

बाँध, जिसके जलाशय में निचली घाटी का जंगल डूब गया।

अंक योजना:

  1. कोई एक: बाँध और उसका जलाशय, या पूर्वी पहाड़ी पर लौह अयस्क का खनन — 1 अंक

18.2 रिपोर्ट और अपनी जानकारी के आधार पर समझाइए कि सारनपुर में वनों के नष्ट होने से (a) वहाँ के वन्य जीवों को और (b) वहाँ के लोगों को कैसे हानि पहुँचती है। दोनों के लिए एक-एक बिंदु दीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(a) भालुओं और दूसरे जीवों का आवास और भोजन छिन गया है, और खदान ने पहाड़ियों के बीच के वन-रास्ते काट दिए हैं, इसलिए बाघ गायब हो गया और भालू गाँवों में घुसने लगे। (b) लीला जैसे परिवारों का जलावन, चारा, महुआ और जड़ी-बूटियाँ छिन गईं, और भालू अनाज नष्ट करते हैं और लोगों को घायल करते हैं।

अंक योजना:

  1. (a) वन्य जीव: जीवों का आवास, भोजन और वन-टुकड़ों के बीच के रास्ते छिन जाते हैं, इसलिए कुछ प्रजातियाँ (जैसे यहाँ बाघ) स्थानीय रूप से लुप्त हो जाती हैं और कुछ का लोगों से टकराव होता है — 1 अंक
  2. (b) लोग: वनवासी और आदिवासी परिवारों का जलावन, चारा, फल, महुआ जैसे फूल और जड़ी-बूटियाँ छिन जाती हैं, और गाँवों में घुसते वन्य जीव फ़सलें नष्ट करते हैं और जान को खतरे में डालते हैं — 1 अंक

18.3 रिपोर्ट बकरियों को वन नष्ट होने के कारणों में क्यों गिनती है, जबकि बकरियाँ पेड़ नहीं काटतीं? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

वे हर नए पौधे को चर जाती हैं, इसलिए नए पेड़ नहीं उगते और वन अपने-आप फिर से नहीं पनप पाता।

अंक योजना:

  1. वे नए पौधों को चर जाती हैं, इसलिए पुराने पेड़ों की जगह नए पेड़ नहीं उग पाते और वन फिर से नहीं पनप पाता (अति पशुचारण) — 1 अंक

प्रश्न 19 (3 अंक)

इस प्रश्न के लिए दिए गए भारत के रेखा-मानचित्र पर निम्नलिखित में से किन्हीं तीन को उपयुक्त चिह्नों से दर्शाइए और उनके नाम लिखिए।

राज्य सीमाओं सहित भारत का रेखा-मानचित्र

(i) हीराकुड बाँध (1 अंक)

उत्तर।

  1. हीराकुड बाँध: ओडिशा में संबलपुर के पास महानदी पर, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

उत्तर मानचित्र: मद (i) की स्थिति

(ii) कलपक्कम नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र (1 अंक)

उत्तर।

  1. कलपक्कम: तमिलनाडु के तट पर, चेन्नई के दक्षिण में, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

उत्तर मानचित्र: मद (ii) की स्थिति

(iii) इंदौर - एक सूती वस्त्र केंद्र (1 अंक)

उत्तर।

  1. इंदौर: पश्चिमी मध्य प्रदेश में, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

उत्तर मानचित्र: मद (iii) की स्थिति

(iv) हल्दिया - एक प्रमुख समुद्री पत्तन (1 अंक)

उत्तर।

  1. हल्दिया: पश्चिम बंगाल में, हुगली के मुहाने के पास, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

उत्तर मानचित्र: मद (iv) की स्थिति

खंड ग - राजनीति विज्ञान (20 अंक)

प्रश्न 24 (2 अंक)

स्वतंत्रता के बाद श्रीलंका सरकार द्वारा अपनाए गए ऐसे दो बहुसंख्यकवादी उपायों का विश्लेषण कीजिए जिनसे श्रीलंकाई तमिलों में अलगाव की भावना बढ़ी।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

1956 के एक कानून ने तमिल की उपेक्षा कर सिंहली को एकमात्र राजभाषा बनाया। विश्वविद्यालय पदों और सरकारी नौकरियों में सिंहली आवेदकों को तरजीह दी गई, जिससे तमिलों को अपनी भाषा और हितों की अनदेखी महसूस हुई।

अंक योजना:

  1. 1956 के एक कानून ने तमिल की उपेक्षा करते हुए सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित किया — 1 अंक
  2. तरजीही नीतियों ने विश्वविद्यालय पदों और सरकारी नौकरियों में सिंहली आवेदकों को प्राथमिकता दी (या: संविधान में कहा गया कि राज्य बौद्ध धर्म की रक्षा और प्रोत्साहन करेगा) — 1 अंक

प्रश्न 25 (2 अंक)

एक नागरिक शिकायत करती है कि उसकी लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई सरकार को नया पुल कहाँ बने, यह तय करने में तीन साल लग गए। समझाइए कि ऐसी देरी के बावजूद निर्णय किन दो तरीकों से बेहतर हो सकता है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, देरी में विचार-विमर्श होता है: पुल से प्रभावित लोगों की बात सुनी जाती है, इसलिए निर्णय अधिक स्वीकार्य और प्रभावी होता है। दूसरा, प्रक्रिया पारदर्शी रहती है: नागरिक उसकी जाँच कर सकते हैं, जिससे सरकार जवाबदेह रहती है।

अंक योजना:

  1. विचार-विमर्श और मोल-तोल: प्रभावित लोगों की बात सुनी जाती है और आपत्तियों पर चर्चा होती है, इसलिए अंतिम निर्णय लोगों को अधिक स्वीकार्य और अधिक प्रभावी होता है — 1 अंक
  2. पारदर्शिता: नागरिक जाँच सकते हैं कि निर्णय सही प्रक्रिया से हुआ या नहीं, जिससे सरकार जवाबदेह रहती है (या: निर्णय नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार होते हैं, जिससे सरकार को वैधता मिलती है; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 26 (3 अंक)

'राजनीति में धर्म हमेशा समस्या नहीं है, पर सांप्रदायिकता समस्या है।' तीन तर्क देकर इस कथन का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, गांधीजी के अनुसार धर्म के नैतिक मूल्य राजनीति को दिशा दे सकते हैं, और धार्मिक समूह शांति से माँगें रख सकते हैं। दूसरा, सांप्रदायिकता में एक धर्म श्रेष्ठ माना जाता है और एक समूह की माँगें दूसरे के विरुद्ध होती हैं। तीसरा, यह राज्य-सत्ता से एक समूह का प्रभुत्व चाहती है, जो संविधान में वर्जित है।

अंक योजना:

  1. धर्म से लिए गए नैतिक मूल्य राजनीति को दिशा दे सकते हैं (गांधीजी का मत), और लोकतंत्र में धार्मिक समूह शांतिपूर्वक अपनी ज़रूरतें और हित उठा सकते हैं — 1 अंक
  2. सांप्रदायिकता तब शुरू होती है जब धर्म को राष्ट्र का आधार बनाया जाए, एक धर्म को श्रेष्ठ बताया जाए और एक समूह की माँगें दूसरे के विरोध में गढ़ी जाएँ — 1 अंक
  3. यह एक धार्मिक समूह का राजनीतिक प्रभुत्व चाहती है, राज्य-सत्ता के सहारे भी, जिसे धर्मनिरपेक्ष संविधान मना करता है (कोई राजकीय धर्म नहीं, धार्मिक स्वतंत्रता, भेदभाव पर रोक) — 1 अंक

प्रश्न 27 (5 अंक)

विदेश से आए एक व्यक्ति को डर है कि इतनी भाषाओं वाला देश, जिसके राज्य भाषा के आधार पर बने हों, टूटने के खतरे में होगा। भाषाई राज्यों और भारत की भाषा-नीति के अनुभव के आधार पर परीक्षण कीजिए कि यह डर गलत क्यों साबित हुआ और संघवाद कैसे मज़बूत हुआ।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

भाषाई राज्य: स्वतंत्रता के बाद राज्यों की सीमाएँ फिर खींची गईं ताकि एक भाषा बोलने वाले एक राज्य में रहें; नगालैंड, झारखंड जैसे कुछ राज्य संस्कृति, जातीयता या भूगोल के आधार पर बने। देश टूटने का डर गलत निकला: देश अधिक एकजुट हुआ और प्रशासन आसान हुआ।

भाषा-नीति: किसी भाषा को राष्ट्रभाषा नहीं बनाया गया। हिंदी राजभाषा बनी, पर अन्य भाषाओं का संरक्षण किया गया: हिंदी के अलावा 21 अनुसूचित भाषाएँ हैं, केंद्र सरकार की परीक्षाएँ इनमें से किसी में दी जा सकती हैं, और राज्यों की अपनी राजभाषाएँ हैं। 1965 में अहिंदी-भाषी राज्यों के विरोध पर केंद्र ने हिंदी के साथ अंग्रेज़ी जारी रखी। इस लचीलेपन से श्रीलंका जैसा टकराव टला और संघवाद मज़बूत हुआ।

अंक योजना:

  1. स्वतंत्रता के बाद राज्यों की सीमाएँ फिर से खींची गईं ताकि एक भाषा बोलने वाले लोग एक राज्य में रहें (नगालैंड, उत्तराखंड और झारखंड जैसे कुछ राज्य संस्कृति, जातीयता या भूगोल के आधार पर बने) — 1 अंक
  2. यह डर गलत निकला कि इससे देश टूट जाएगा: इससे देश अधिक एकजुट हुआ और प्रशासन आसान हुआ — 1 अंक
  3. किसी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया गया; हिंदी को राजभाषा बनाया गया पर अन्य भाषाओं के संरक्षण के उपाय रखे गए, और हिंदी के अलावा 21 भाषाएँ अनुसूचित भाषाएँ हैं — 1 अंक
  4. केंद्र सरकार की परीक्षाएँ किसी भी अनुसूचित भाषा में दी जा सकती हैं, और राज्यों की अपनी राजभाषाएँ हैं — 1 अंक
  5. जब अहिंदी-भाषी राज्यों ने 1965 में अंग्रेज़ी का प्रयोग बंद करने का विरोध किया, तो केंद्र ने हिंदी के साथ अंग्रेज़ी जारी रखना मान लिया; इस लचीलेपन से श्रीलंका जैसा टकराव टला — 1 अंक

अथवा

'साथ आकर संघ बनाना' और 'साथ रहकर संघ बनाना' वाले संघों में अंतर कीजिए। तीन विशेषताओं के साथ समझाइए कि भारत को 'साथ रहकर संघ बनाने' वाला संघ क्यों कहा जाता है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

साथ आकर संघ बनाने में स्वतंत्र राज्य स्वेच्छा से मिलकर बड़ी इकाई बनाते हैं और अपनी पहचान रखते हैं; इकाइयों के अधिकार प्रायः बराबर होते हैं (अमेरिका, स्विट्ज़रलैंड, ऑस्ट्रेलिया)। साथ रहकर संघ बनाने में एक बड़ा देश सत्ता को राज्यों और राष्ट्रीय सरकार में बाँटता है; केंद्र अधिक मज़बूत होता है और इकाइयाँ असमान हो सकती हैं (भारत, स्पेन, बेल्जियम)।

भारत ऐसा संघ है क्योंकि: (1) संघ सूची में राष्ट्रीय महत्त्व के विषय हैं और अवशिष्ट विषयों पर भी संघ कानून बनाता है; (2) समवर्ती सूची पर टकराव में संघ का कानून मान्य होता है; (3) चंडीगढ़ और लक्षद्वीप जैसे केंद्रशासित प्रदेशों के पास राज्य जैसी शक्तियाँ नहीं हैं और उन्हें मुख्यतः केंद्र चलाता है।

अंक योजना:

  1. साथ आकर संघ बनाना: स्वतंत्र राज्य अपनी पहचान बनाए रखते हुए स्वेच्छा से मिलकर बड़ी इकाई बनाते हैं; इकाइयों के अधिकार प्रायः बराबर होते हैं (अमेरिका, स्विट्ज़रलैंड, ऑस्ट्रेलिया) — 1 अंक
  2. साथ रहकर संघ बनाना: एक बड़ा देश अपनी सत्ता को घटक राज्यों और राष्ट्रीय सरकार के बीच बाँटता है; केंद्र प्रायः अधिक शक्तिशाली होता है और इकाइयों के अधिकार असमान हो सकते हैं (भारत, स्पेन, बेल्जियम) — 1 अंक
  3. भारत: संघ सूची में राष्ट्रीय महत्त्व के विषय हैं, और बाकी बचे (अवशिष्ट) विषयों पर भी कानून संघ सरकार बनाती है — 1 अंक
  4. समवर्ती सूची के विषयों पर संघ और राज्य के कानूनों में टकराव होने पर संघ का कानून मान्य होता है — 1 अंक
  5. इकाइयाँ बराबर नहीं हैं: चंडीगढ़ और लक्षद्वीप जैसे केंद्रशासित प्रदेशों के पास राज्य जैसी शक्तियाँ नहीं हैं, और उनके प्रशासन में केंद्र के पास विशेष अधिकार हैं — 1 अंक

प्रश्न 28 (4 अंक)

नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

एक कार्यकर्ता का पत्र

एक काल्पनिक कस्बे के अखबार के संपादक के नाम पत्र

महोदय, मैं बारह वर्षों से अपने ज़िले में जन प्रगति पार्टी के लिए काम कर रहा हूँ। मैंने उसके पोस्टर लगाए हैं, उसकी रैलियों में बैठा हूँ और गर्मी में घर-घर जाकर दरवाज़े खटखटाए हैं। पिछले महीने पार्टी ने विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार तय किए, और मुझे भी उनके नाम बाकी सबकी तरह टेलीविज़न से पता चले।

हमारे मौजूदा विधायक इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे, और उनका टिकट उनके बेटे को मिला है, जो पिछले ही साल दिल्ली से लौटे हैं और कभी वार्ड की बैठक में नहीं आए। दूसरा टिकट ऐसे व्यक्ति को गया है जिसका गिरोह, सब जानते हैं, चुनाव के दिन मतदान केंद्रों को 'संभालता' है, और जिस पर दो आपराधिक मामले चल रहे हैं; नेता कहते हैं कि उसकी जीत पक्की है। कार्यकर्ताओं से किसी ने नहीं पूछा। जहाँ तक मुझे याद है, हमारी पार्टी ने अपने पदों के लिए कभी चुनाव नहीं कराए।

मेरे पड़ोसी कहते हैं कि इससे खास फ़र्क नहीं पड़ता, क्योंकि दूसरी बड़ी पार्टी भी वही वादे करती है।

मुझे बताया गया है कि अब कानून जीतने के बाद विधायक को दूसरे दल में जाने से रोकता है, और हर उम्मीदवार को अपनी संपत्ति और आपराधिक मामलों के बारे में शपथपत्र देना होता है। अच्छी बात है। पर इनमें से कुछ भी हमारी अपनी पार्टी के भीतर होने वाली बातों को नहीं छूता।

एक दल कार्यकर्ता

28.1 मौजूदा विधायक के बेटे को उम्मीदवार बनाया जाना राजनीतिक दलों के सामने की किस चुनौती को दिखाता है? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

वंशवाद: टिकट किसी कार्यकर्ता के बजाय एक ही परिवार के भीतर चला जाता है।

अंक योजना:

  1. वंशवाद (वंशानुगत उत्तराधिकार): ऊँचे पद परिवार के सदस्यों को मिलते हैं, इसलिए साधारण कार्यकर्ता शायद ही आगे बढ़ पाते हैं — 1 अंक

28.2 दूसरा टिकट ऐसे व्यक्ति को गया जिसका गिरोह मतदान केंद्रों को 'संभालता' है और जिस पर आपराधिक मामले हैं। समझाइए कि ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देना लोकतंत्र को किन दो तरीकों से कमज़ोर कर सकता है। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, यदि गिरोह मतदान केंद्रों को नियंत्रित करे, तो मतदाता डरते हैं, चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रहता और परिणाम लोगों की इच्छा नहीं दिखाता। दूसरा, पत्र-लेखक जैसे ईमानदार कार्यकर्ता पीछे धकेल दिए जाते हैं, और आपराधिक मामलों वाले लोग विधानसभा में पहुँचकर सत्ता का अपने लिए उपयोग कर सकते हैं।

अंक योजना:

  1. मतदान केंद्रों पर बाहुबल से मतदाता डरते हैं, इसलिए चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं रहता और परिणाम लोगों की असली इच्छा नहीं दिखाता — 1 अंक
  2. ईमानदार कार्यकर्ता और नागरिक चुनाव लड़ने से हतोत्साहित होते हैं, और आपराधिक आरोपों वाले लोग विधानसभा में पहुँचकर सत्ता का अपने हित में उपयोग कर सकते हैं; लोगों का राजनीति पर से भरोसा उठता है (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

28.3 जीतने के बाद दल बदलने के विरुद्ध बने कानून से दल-बदल घटा है। निर्वाचित सदस्यों के लिए इस कानून की एक कमी बताइए। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

सदस्यों के लिए असहमति जताना कठिन हो गया है, क्योंकि उन्हें दल के नेताओं का हर फ़ैसला मानना पड़ता है।

अंक योजना:

  1. असहमति जताना कठिन हो गया है: सांसदों और विधायकों को दल के नेताओं का हर फ़ैसला मानना पड़ता है, भले ही वे असहमत हों — 1 अंक

खंड घ - अर्थशास्त्र (20 अंक)

प्रश्न 35 (3 अंक)

बिहार के एक गाँव का भूमिहीन मज़दूर रमेश हर साल छह महीने एक कस्बे के पास के ईंट-भट्ठे पर काम करता है। उसे उतनी ही मज़दूरी मिलती है जितनी ईंटें वह पाथता है, और जिन दिनों बारिश से काम रुकता है, उन दिनों कुछ नहीं मिलता। कोई लिखित अनुबंध नहीं है। पिछले मौसम में जब उसके हाथ में चोट लगी, तो मालिक ने इलाज का कोई खर्च नहीं दिया और बस किसी और को काम पर रख लिया।

(i) रोज़गार की परिस्थितियों के आधार पर रमेश किस क्षेत्रक में काम करता है? प्रसंग से एक कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

असंगठित क्षेत्रक, क्योंकि कोई लिखित अनुबंध नहीं है और काम रुकने पर कुछ नहीं मिलता।

अंक योजना:

  1. असंगठित क्षेत्रक; कोई एक कारण: लिखित अनुबंध नहीं, काम रुकने पर मज़दूरी नहीं, इलाज की कोई सहायता नहीं, या उसे कभी भी हटाया जा सकता है — 1 अंक

(ii) रमेश जैसे मज़दूरों की सुरक्षा के लिए सरकार क्या कर सकती है? दो उपाय सुझाइए और बताइए कि हर उपाय से उसे क्या लाभ होगा। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, सरकार भट्ठों पर न्यूनतम मज़दूरी और सुरक्षा नियम लागू करे, ताकि रमेश को उचित कमाई हो और वह सुरक्षित काम करे। दूसरा, ऐसे मज़दूरों को स्वास्थ्य सुविधा और दुर्घटना बीमा दे, ताकि चोट लगने पर वह इलाज से वंचित न रहे।

अंक योजना:

  1. न्यूनतम मज़दूरी और काम के घंटे तय करके लागू करना, भट्ठों पर सुरक्षा के नियमों के साथ, ताकि उसे उचित और नियमित कमाई हो और वह सुरक्षित हालात में काम करे — 1 अंक
  2. स्वास्थ्य सुविधा, दुर्घटना बीमा या पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा देना (या: सस्ता ऋण और छोटी इकाइयों को सहायता; बुनियादी स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएँ; भट्ठों का पंजीकरण ताकि श्रम कानून लागू हों; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु), ताकि चोट या खराब मौसम में वह बेसहारा न रहे — 1 अंक

प्रश्न 36 (3 अंक)

दिनेश पटना में किराए का ई-रिक्शा चलाता है। अपना ई-रिक्शा खरीदने के लिए वह एक स्थानीय फ़ाइनेंसर से 4 प्रतिशत मासिक ब्याज पर ₹ 60,000 उधार लेता है, और फ़ाइनेंसर वाहन के कागज़ात अपने पास रख लेता है। मानसून में सड़कों पर पानी भरने से हफ़्तों तक उसकी कमाई बहुत घट जाती है। विश्लेषण कीजिए कि यह ऋण दिनेश को कर्ज़ के जाल में कैसे फँसा सकता है, और समझाइए कि बैंक या सहकारी समिति से लिया गया ऋण उसके लिए बेहतर क्यों होता।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

4 प्रतिशत मासिक ब्याज यानी 48 प्रतिशत वार्षिक, जो बहुत ऊँचा है। मानसून में कमाई घटने पर दिनेश चुका नहीं पाता; ब्याज बढ़ता है, और वह रिक्शा खो सकता है या फिर उधार ले सकता है। यही कर्ज़ का जाल है। बैंक या सहकारी समिति रिज़र्व बैंक के नियमों में सस्ता ऋण देते, जिसे चुकाना संभव होता।

अंक योजना:

  1. 4 प्रतिशत मासिक, यानी 48 प्रतिशत वार्षिक, उधार की बहुत ऊँची लागत है — 1 अंक
  2. कमाई घटने पर वह चुका नहीं पाता; ब्याज बढ़ता जाता है, वह ई-रिक्शा खो सकता है (कागज़ात ऋणदाता के पास हैं) या चुकाने के लिए फिर उधार ले सकता है: यही कर्ज़ का जाल है — 1 अंक
  3. बैंक या सहकारी समिति बहुत कम ब्याज लेते हैं, रिज़र्व बैंक उनकी निगरानी करता है और भुगतान के तय नियम होते हैं, इसलिए ऋण सस्ता और सुरक्षित होता है — 1 अंक

प्रश्न 37 (3 अंक)

एक ऐसे देश की कल्पना कीजिए जिसने 1991 से बाकी दुनिया के साथ सभी आर्थिक संबंधों के लिए अपनी सीमाएँ पूरी तरह बंद कर रखी हैं। वैश्वीकरण के अर्थ का प्रयोग करते हुए समझाइए कि इस देश ने दूसरे देशों से किन तीन प्रकार के जुड़ावों से खुद को अलग कर लिया है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

वैश्वीकरण का अर्थ है वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और प्रौद्योगिकी के आने-जाने से देशों का जुड़ना। इस देश ने तीनों रास्ते बंद कर दिए हैं। उसके उत्पादक विदेश में नहीं बेच सकते और खरीदारों को विदेशी वस्तुएँ नहीं मिलतीं। विदेशी कंपनियाँ वहाँ निवेश नहीं कर सकतीं। नई मशीनें व उत्पादन के तरीके भी बाहर से नहीं आ सकते।

अंक योजना:

  1. वस्तुएँ और सेवाएँ: उसके उत्पादक विदेश में नहीं बेच सकते और उसके खरीदार दूसरे देशों में बनी वस्तुएँ या सेवाएँ नहीं पा सकते, इसलिए उसके बाज़ार उनसे अलग रहते हैं — 1 अंक
  2. निवेश: दूसरे देशों की कंपनियाँ वहाँ भूमि, भवन, मशीनों या दफ़्तरों में पैसा नहीं लगा सकतीं, और उसकी अपनी कंपनियाँ विदेश में निवेश नहीं कर सकतीं — 1 अंक
  3. प्रौद्योगिकी: विदेश से नई मशीनें, उत्पादन के तरीके और जानकारी नहीं आ सकती, इसलिए वह दूसरे देशों से उस तेज़ जुड़ाव से वंचित रहता है जिसे वैश्वीकरण कहते हैं (मान्य: विद्यार्थियों और कामगारों जैसे लोगों का आना-जाना, यदि जुड़ाव के रूप में समझाया गया हो) — 1 अंक

प्रश्न 38 (5 अंक)

एक ज़िला योजना समिति की सदस्य नए विकास कोष के उपयोग का निर्णय लेने से पहले अपने राज्य के तीन ज़िलों की तुलना कर रही हैं। तालिका का अध्ययन कीजिए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (आँकड़े काल्पनिक हैं, केवल अभ्यास के लिए।)

ज़िला प्रति व्यक्ति औसत आय (₹ प्रति वर्ष) सुरक्षित पेयजल वाले परिवार (%) कक्षा 10 पूरी करने वाले बच्चे (%) जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (वर्ष)
X 1,80,000 62 55 66
Y 1,10,000 93 81 72
Z 70,000 48 40 63

(i) तालिका से आँकड़ों की एक जोड़ी लेकर दिखाइए कि अधिक औसत आय का अर्थ हमेशा लंबा जीवन नहीं होता। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

X की प्रति व्यक्ति आय ₹ 1,80,000 पर जीवन प्रत्याशा 66 वर्ष; Y की आय ₹ 1,10,000 पर 72 वर्ष।

अंक योजना:

  1. X की आय सबसे अधिक (₹ 1,80,000) है, पर उसकी जीवन प्रत्याशा 66 वर्ष है, जो ₹ 1,10,000 वाले Y के 72 वर्ष से कम है — 1 अंक

(ii) Y की औसत आय X से कम है, फिर भी बाकी तीन सूचकों में उसके आँकड़े बेहतर हैं। ऐसी दो सार्वजनिक सुविधाएँ सुझाइए जिनसे यह समझा जा सके, और हर सुविधा को तालिका के किसी एक स्तंभ से जोड़िए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, नलों से पानी की सार्वजनिक आपूर्ति बताती है कि Y के 93% परिवारों को सुरक्षित पानी क्यों मिलता है। दूसरा, मध्याह्न भोजन और छात्रवृत्ति वाले निःशुल्क सरकारी स्कूल बताते हैं कि कम आय पर भी 81% बच्चे कक्षा 10 क्यों पूरी करते हैं।

अंक योजना:

  1. किसी स्तंभ से जुड़ी एक सार्वजनिक सुविधा, जैसे नलों से सुरक्षित पानी की सार्वजनिक आपूर्ति (सुरक्षित पेयजल 93%) या सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र, टीकाकरण और ठीक से चलती सार्वजनिक वितरण प्रणाली (जीवन प्रत्याशा 72 वर्ष) — 1 अंक
  2. किसी दूसरे स्तंभ से जुड़ी दूसरी सुविधा, जैसे मध्याह्न भोजन या छात्रवृत्ति वाले निःशुल्क सरकारी स्कूल (कक्षा 10 पूरी करना 81%); कोई अन्य प्रासंगिक सुविधा — 1 अंक

(iii) ज़िला Z के लिए कोष से या तो एक नया कारखाना लग सकता है, जिससे औसत आय बढ़ने की आशा है, या हर गाँव में सुरक्षित पेयजल पहुँच सकता है। आप क्या चुनेंगे? तालिका से दो कारण दीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

मैं सुरक्षित पेयजल चुनूँगी। पहला, Z के केवल 48% परिवारों को यह मिलता है, जो तीनों में सबसे कम है। दूसरा, Z की जीवन प्रत्याशा (63 वर्ष) भी सबसे कम है, और Y दिखाता है कि ऊँची आय के बिना भी सुरक्षित पानी के साथ लंबा जीवन संभव है।

अंक योजना:

  1. स्पष्ट चुनाव (कोई भी मान्य) और तालिका से पहला कारण, जैसे पानी: Z के केवल 48% परिवारों को सुरक्षित पानी मिलता है; कारखाना: Z की औसत आय (₹ 70,000) सबसे कम है — 1 अंक
  2. तालिका से दूसरा कारण, जैसे पानी: Z की जीवन प्रत्याशा (63 वर्ष) सबसे कम है, और सुरक्षित पानी से पढ़ाई में भी मदद मिल सकती है (40% कक्षा 10 पूरी करते हैं); कारखाना: सबसे अधिक आय वाला X हर सूचक में Z से बेहतर है — 1 अंक

अथवा

उसी तालिका का अध्ययन कीजिए और निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

(i) किस ज़िले में शिशु मृत्यु दर सबसे अधिक होने की आशा की जा सकती है? तालिका से एक कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

ज़िला Z, क्योंकि उसके केवल 48% परिवारों को सुरक्षित पानी मिलता है और उसकी जीवन प्रत्याशा सबसे कम है।

अंक योजना:

  1. ज़िला Z: इसकी जीवन प्रत्याशा सबसे कम (63 वर्ष) है और सुरक्षित पानी वाले परिवार सबसे कम (48%) हैं — 1 अंक

(ii) पेयजल के अलावा ऐसी दो सार्वजनिक सुविधाएँ सुझाइए जिनसे ज़िला Z में कक्षा 10 पूरी करने वाले बच्चों का अनुपात बढ़ सकता है, और समझाइए कि हर सुविधा कैसे मदद करेगी। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन से गरीब बच्चे स्कूल आते रहेंगे और उनका पोषण सुधरेगा, जिससे पढ़ाई छोड़ने वाले घटेंगे। दूसरा, लड़कियों को छात्रवृत्ति या मुफ़्त साइकिल से परिवार बेटियों को कक्षा 10 तक पढ़ा सकेंगे, जिसे अभी केवल 40% बच्चे पूरी करते हैं।

अंक योजना:

  1. एक सुविधा, मदद के तरीके सहित, जैसे पास में निःशुल्क सरकारी स्कूल (फ़ीस नहीं, कम दूरी) या मध्याह्न भोजन (बच्चे स्कूल में टिकते हैं और पोषण सुधरता है) — 1 अंक
  2. दूसरी सुविधा, मदद के तरीके सहित, जैसे लड़कियों के लिए छात्रवृत्ति, मुफ़्त किताबें या साइकिल; दूर के गाँवों के लिए सार्वजनिक परिवहन या छात्रावास; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु — 1 अंक

(iii) तालिका का प्रयोग करते हुए समझाइए कि ज़िला Z में अधिक परिवारों को सुरक्षित पेयजल देने से उसके दो अन्य सूचक भी कैसे सुधर सकते हैं। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

सुरक्षित पानी से जल-जनित रोग घटेंगे, कम लोग असमय मरेंगे और Z की जीवन प्रत्याशा (63 वर्ष) बढ़ सकती है। स्वस्थ बच्चे कम स्कूल छोड़ेंगे और लड़कियों का पानी ढोने में कम समय जाएगा, इसलिए कक्षा 10 पूरी करने वाले (अभी 40%) बढ़ेंगे।

अंक योजना:

  1. जीवन प्रत्याशा (63 वर्ष): जल-जनित रोग घटने से कम असमय मौतें होंगी और लोग अधिक जिएँगे — 1 अंक
  2. कक्षा 10 पूरी करना (40%): स्वस्थ बच्चे कम स्कूल छोड़ेंगे और लड़कियों का पानी ढोने में कम समय जाएगा, इसलिए अधिक बच्चे पढ़ाई पूरी करेंगे — 1 अंक