विस्तृत हल: CBSE कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान सैंपल पेपर 2027 – सेट 4

प्रश्न पत्र के सभी लिखित प्रश्न (2, 3, 4 और 5 अंक) यहाँ क्रम से हल किए गए हैं, हर चरण के अंकों के साथ, ताकि आप अपनी उत्तर पुस्तिका परीक्षक की तरह जाँच सकें। जहाँ आंतरिक विकल्प (अथवा) है, वहाँ दोनों विकल्प हल किए गए हैं। 1 अंक वाले प्रश्नों के उत्तर व्याख्या सहित प्रश्न पत्र वाले पृष्ठ की क्विज़ में हैं।

खंड क - इतिहास (20 अंक)

प्रश्न 5 (2 अंक)

रेशम मार्गों के व्यापारिक संपर्कों की तुलना 1492 के बाद यूरोप और अमेरिका के बीच बने संपर्कों से दो बिंदुओं पर कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, रेशम मार्ग सदियों में अनेक लोगों के व्यापार से बने; अटलांटिक संपर्क विजय से जल्दी बने। दूसरा, रेशम मार्गों ने पुराने परिचित क्षेत्रों को जोड़ा, जबकि अटलांटिक संपर्कों ने यूरोप को लंबे समय से कटे महाद्वीप से जोड़ा।

अंक योजना:

  1. कैसे बने: रेशम मार्ग कई सदियों में धीरे-धीरे, चीन और भूमध्य सागर के बीच अनेक देशों के व्यापारियों के आपसी व्यापार से बने; अमेरिका के साथ संपर्क लगभग एक सदी के भीतर, स्पेन और पुर्तगाल की विजय और उपनिवेशीकरण से बने — 1 अंक
  2. जिन क्षेत्रों को जोड़ा: रेशम मार्गों ने एशिया, यूरोप और उत्तरी अफ़्रीका के उन क्षेत्रों को जोड़ा जो लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे; अटलांटिक संपर्कों ने यूरोप को एक ऐसे महाद्वीप से जोड़ा जो बहुत समय से बाकी दुनिया के नियमित संपर्क से कटा हुआ था (मान्य: क्या ले जाया गया, जैसे रेशम, मिट्टी के बर्तन, मसाले और धर्म, बनाम आलू और मक्का जैसी अमेरिकी फ़सलें और कीमती धातुएँ; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 6 (3 अंक)

उन्नीसवीं सदी के अंत और बीसवीं सदी की शुरुआत में छपी किताबें भारत के उन गरीब लोगों तक पहुँचने लगीं जिनके पास पहले कभी कोई किताब नहीं थी। ऐसा किन तीन तरीकों से हुआ? समझाइए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, उन्नीसवीं सदी में मद्रास के कस्बों में चौराहों पर बहुत सस्ती छोटी किताबें बिकीं, जिन्हें गरीब भी खरीद सकते थे। दूसरा, बीसवीं सदी की शुरुआत से शहरों, कस्बों और कुछ समृद्ध गाँवों में सार्वजनिक पुस्तकालय खुले। तीसरा, बंबई और बाद में बंगलौर के मिल मज़दूरों ने समाज सुधारकों की मदद से अपने पुस्तकालय बनाए।

अंक योजना:

  1. बहुत सस्ती किताबें: उन्नीसवीं सदी में मद्रास के कस्बों के बाज़ारों में छोटी, बहुत सस्ती किताबें लाई गईं और चौराहों पर बेची गईं, ताकि गरीब लोग भी उन्हें खरीद सकें — 1 अंक
  2. सार्वजनिक पुस्तकालय: बीसवीं सदी की शुरुआत से सार्वजनिक पुस्तकालय खुले, ज़्यादातर शहरों और कस्बों में और कहीं-कहीं समृद्ध गाँवों में; स्थानीय धनी संरक्षकों ने कुछ हद तक प्रतिष्ठा के लिए इन्हें खोला, और लोग किताबें खरीदे बिना वहाँ पढ़ सकते थे — 1 अंक
  3. मज़दूरों के अपने पुस्तकालय: बंबई के मिल मज़दूरों ने खुद को शिक्षित करने के लिए पुस्तकालय बनाए, और 1930 के दशक में बंगलौर के सूती मिल मज़दूरों ने भी ऐसा किया, जिसमें साक्षरता फैलाना चाहने वाले समाज सुधारकों ने मदद की (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

अथवा

सत्रहवीं सदी में जैसे-जैसे चीन में शहरी जीवन बढ़ा, छपी किताबें नए तरह के पाठकों तक पहुँचने लगीं। समझाइए कि चीन में छपी सामग्री के पाठक वर्ग में कौन-से तीन बदलाव आए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, व्यापारी रोज़ के जीवन में छपाई का उपयोग करने लगे, क्योंकि उन्हें व्यापार की जानकारी चाहिए थी। दूसरा, पढ़ना फ़ुरसत का शौक बन गया, और नए पाठकों को कहानियाँ, कविता, आत्मकथाएँ, श्रेष्ठ रचनाओं के संकलन और रूमानी नाटक भाए। तीसरा, धनी स्त्रियाँ पढ़ने लगीं, और बहुतों ने अपनी कविताएँ और नाटक छपवाए।

अंक योजना:

  1. व्यापारी: व्यापारी रोज़मर्रा के जीवन में छपाई का उपयोग करने लगे, क्योंकि उन्हें व्यापार की जानकारी चाहिए थी (मान्य: तब तक छपी सामग्री का मुख्य उत्पादक शाही राज्य था, जैसे सिविल सेवा परीक्षा की पाठ्यपुस्तकें) — 1 अंक
  2. मनोरंजन के लिए पढ़ना: पढ़ना फ़ुरसत का शौक बन गया, और नए पाठकों को कहानियाँ, कविता, आत्मकथाएँ, महान साहित्यिक रचनाओं के संकलन और रूमानी नाटक पसंद थे — 1 अंक
  3. स्त्रियाँ: धनी स्त्रियाँ पढ़ने लगीं, और बहुत-सी स्त्रियों ने अपनी कविताएँ और नाटक छपवाने शुरू किए; उदाहरण के लिए, विद्वान अधिकारियों की पत्नियों ने अपनी रचनाएँ छपवाईं (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 7 (5 अंक)

1815 में नेपोलियन की हार के बाद ब्रिटेन, रूस, प्रशा और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधि यूरोप के लिए एक समझौता तैयार करने वियना में मिले, जिसकी मेज़बानी ऑस्ट्रिया के चांसलर ड्यूक मेटरनिख ने की। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

(a) वियना संधि द्वारा यूरोप के शासकों और नक्शे में किए गए तीन बदलाव समझाइए। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, फ़्रांस में बूर्बों राजा फिर से गद्दी पर बैठाए गए, और फ़्रांस ने नेपोलियन के समय लिए क्षेत्र खो दिए। दूसरा, फ़्रांस को फैलने से रोकने के लिए उसकी सीमाओं पर राज्य बनाए गए: उत्तर में बेल्जियम सहित नीदरलैंड्स और दक्षिण में जेनोआ सहित पीडमॉण्ट। तीसरा, प्रशा को पश्चिम में क्षेत्र मिले, ऑस्ट्रिया को उत्तरी इटली और रूस को पोलैंड का एक भाग।

अंक योजना:

  1. फ़्रांस: फ़्रांसीसी क्रांति के दौरान सत्ता से हटाए गए बूर्बों वंश को फिर से सत्ता में लाया गया, और फ़्रांस ने नेपोलियन के समय जीते हुए क्षेत्र खो दिए — 1 अंक
  2. फ़्रांस के चारों ओर राज्यों का घेरा: फ़्रांस को फिर से फैलने से रोकने के लिए उसकी सीमाओं पर राज्यों की एक शृंखला बनाई गई, जैसे उत्तर में नीदरलैंड्स का राज्य, जिसमें अब बेल्जियम भी शामिल था, और दक्षिण में पीडमॉण्ट, जिसमें जेनोआ जोड़ दिया गया — 1 अंक
  3. बड़ी शक्तियों के लाभ: प्रशा को उसकी पश्चिमी सीमाओं पर महत्त्वपूर्ण नए क्षेत्र दिए गए, ऑस्ट्रिया को उत्तरी इटली का नियंत्रण मिला, और रूस को पोलैंड का एक भाग दिया गया (मान्य: प्रशा को सैक्सनी का एक भाग भी मिला) — 1 अंक

(b) समझाइए कि इस समझौते ने जर्मनी और इटली की एकता के रास्ते में किन दो तरीकों से रुकावट डाली। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, 39 जर्मन राज्यों का परिसंघ जस का तस छोड़ दिया गया, इसलिए जर्मन क्षेत्र अनेक शासकों में बँटे रहे। दूसरा, उत्तरी इटली ऑस्ट्रिया को दे दिया गया, इसलिए इतालवी लोग अलग-अलग शासकों में बँटे रहे, जिनमें से कुछ विदेशी थे।

अंक योजना:

  1. जर्मन क्षेत्र: नेपोलियन द्वारा बनाया गया 39 जर्मन राज्यों का परिसंघ जैसा था वैसा छोड़ दिया गया, इसलिए जर्मन क्षेत्र अनेक शासकों में बँटे रहे, जिनमें से हर एक अपना राज्य बचाए रखना चाहता था — 1 अंक
  2. इटली: उत्तरी इटली एक विदेशी राजवंश, ऑस्ट्रिया, के अधीन कर दिया गया, जबकि बाकी इटली अलग-अलग राज्यों में बँटा रहा, इसलिए इतालवी लोग अलग-अलग शासकों के अधीन रहे, जिनमें से कुछ विदेशी थे (मान्य: समझौते ने ऐसे शासकों को वापस लाया जो उदारवादी और राष्ट्रीय विचारों के विरोधी थे; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

अथवा

इटली 1861 में जाकर एक राज्य बना। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

(a) उस समय के एक अंग्रेज़ी व्यंग्यचित्र में गैरीबॉल्डी राजा विक्टर इमैनुएल द्वितीय को इटली के आकार का जूता पहनाने में मदद करते दिखाए गए हैं। नीचे लिखा है: 'अगर यह नहीं चढ़ रहा, महाराज, तो थोड़ा और पाउडर लगाइए।' (यहाँ 'पाउडर' से बारूद की ओर भी इशारा है।) समझाइए कि यह व्यंग्यचित्र इटली के एकीकरण के बारे में कौन-सी तीन बातें बताता है। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, सार्डिनिया-पीडमॉण्ट का राजा इटली को पहन रहा है, इसलिए नया राज्य राजतंत्र बना, वह गणराज्य नहीं जो क्रांतिकारी चाहते थे। दूसरा, गैरीबॉल्डी राजा के सहायक दिखते हैं, क्योंकि उनके स्वयंसेवकों के जीते क्षेत्र राजा को मिले। तीसरा, जूते को 'और पाउडर' चाहिए, जो बारूद का इशारा है: क्षेत्र आसानी से नहीं जुड़े, और ताकत लगानी पड़ी।

अंक योजना:

  1. गणराज्य नहीं, राजतंत्र: इटली को सार्डिनिया-पीडमॉण्ट का राजा पहन रहा है, इसलिए नया राज्य विक्टर इमैनुएल द्वितीय के अधीन राजतंत्र बना, न कि वह एकीकृत गणराज्य जो मेत्सिनी जैसे क्रांतिकारी चाहते थे — 1 अंक
  2. क्रांतिकारी ने राजा का साथ दिया: सशस्त्र स्वयंसेवकों के नेता गैरीबॉल्डी को राजा के सहायक के रूप में दिखाया गया है, क्योंकि उनके लोगों के जीते हुए क्षेत्र राजा को सौंप दिए गए और अलग राज्य नहीं बने — 1 अंक
  3. एकता आसानी से नहीं बैठी: जूता 'और पाउडर' के बिना नहीं चढ़ता, जो बारूद की ओर इशारा है; इससे लगता है कि इटली के क्षेत्र आसानी से एक नहीं हुए और एकता ताकत और युद्ध के ज़रिए करवानी पड़ी (मान्य: व्यंग्यचित्रकार बाहरी व्यक्ति है जो इस प्रयास का मज़ाक उड़ा रहा है; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

(b) 1848 के बाद सार्डिनिया-पीडमॉण्ट के शासकों ने एकीकृत इटली का लक्ष्य क्यों अपनाया? दो कारण दीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, एकीकृत इटली से राज्य के शासक अभिजात वर्ग को बड़े बाज़ार के साथ आर्थिक विकास की आशा थी। दूसरा, इससे उन्हें राजनीतिक प्रभुत्व मिलता, क्योंकि उनका राज्य और राजा नए राज्य का नेतृत्व करते।

अंक योजना:

  1. आर्थिक लाभ: राज्य के शासक अभिजात वर्ग के लिए एकीकृत इटली बड़े बाज़ार और अधिक संसाधनों के साथ आर्थिक विकास का अवसर था — 1 अंक
  2. राजनीतिक प्रभुत्व: इससे उन्हें राजनीतिक प्रभुत्व मिलता, क्योंकि उनका राज्य और उसका राजा नए राज्य का नेतृत्व करते (मान्य: 1831 और 1848 के जन-विद्रोह विफल हो चुके थे, इसलिए यह काम राजतंत्र के हाथ आया; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 8 (4 अंक)

नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

खाड़ी का नमक

अप्रैल 1930 में सरला सोलह साल की थी, जब समुद्र के पास के छोटे कस्बे लवणपुर में खबर पहुँची कि गांधीजी ने नमक कानून तोड़ दिया है। एक हफ़्ते के भीतर उसकी बुआ, एक विधवा जो शायद ही कभी घर से निकलती थीं, स्त्रियों की एक कतार को खाड़ी की ओर ले जा रही थीं। वे मिट्टी के घड़े लेकर गईं, लकड़ी की आग पर समुद्र का पानी उबाला और भूरे-सफ़ेद कण पुलिस को दिखाने के लिए ऊपर उठाए। दोपहर में वे शराब की दुकान और विदेशी कपड़े की दुकान के बाहर बैठकर हर ग्राहक से लौट जाने को कहतीं। बुआ ने छह हफ़्ते जेल में बिताए।

जुलूस की ज़्यादातर स्त्रियाँ कस्बे के ज़मींदार और वकील परिवारों की थीं। नदी किनारे की धोबिनें अपने दरवाज़ों से देखती रहीं; वे एक दिन की कमाई खोने की हालत में नहीं थीं।

जब विरोध धीमा पड़ा, तो सरला ने कांग्रेस के एक स्थानीय नेता से पूछा कि क्या कोई स्त्री कस्बा समिति की सचिव बन सकती है। वे मुस्कराए और बोले कि स्त्रियाँ अपना काम कर चुकी हैं। घर में पिता ने उसके साहस की तारीफ़ की, पर याद दिलाया कि घर अब भी सबसे पहले है। (लवणपुर और सरला काल्पनिक हैं।)

8.1 लवणपुर की स्त्रियों ने कौन-सा कानून खुलेआम तोड़ा, और कैसे? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

नमक कानून: उन्होंने पुलिस के सामने समुद्र का पानी उबालकर नमक बनाया।

अंक योजना:

  1. नमक कानून: उन्होंने पुलिस के सामने समुद्र का पानी उबालकर नमक बनाया — 1 अंक

8.2 नदी किनारे की धोबिनें जुलूस में शामिल क्यों नहीं हुईं? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

वे गरीब थीं और रोज़ की कमाई पर जीती थीं, इसलिए काम नहीं छोड़ सकती थीं; जुलूस में ज़्यादातर संपन्न परिवारों की स्त्रियाँ थीं।

अंक योजना:

  1. वे गरीब थीं और रोज़ की कमाई पर जीती थीं, इसलिए काम छोड़ नहीं सकती थीं; जुलूस में ज़्यादातर संपन्न परिवारों की स्त्रियाँ थीं (कोई भी विचार मान्य) — 1 अंक

8.3 आंदोलन सरला की बुआ जैसी स्त्रियों को सार्वजनिक जीवन में ले आया, पर कांग्रेस में और घर में उनकी स्थिति थोड़ी ही बदली। स्रोत और अपनी जानकारी के आधार पर इसके दो कारण समझाइए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, कांग्रेस स्त्रियों को अधिकार वाले पदों पर नहीं चाहती थी; वह उनकी उपस्थिति को केवल प्रतीक मानती थी, जैसा नेता की मुस्कान दिखाती है। दूसरा, गांधीजी और बहुत-से राष्ट्रवादी घर-परिवार को स्त्री का पहला कर्तव्य मानते थे, इसलिए उसकी सार्वजनिक भूमिका को नया दर्जा नहीं माना गया, जैसा पिता की बात दिखाती है।

अंक योजना:

  1. कांग्रेस स्त्रियों को अधिकार वाले पद देने में हिचकती थी और उनकी प्रतीकात्मक उपस्थिति से संतुष्ट थी, जैसा नेता के जवाब से दिखता है — 1 अंक
  2. गांधीजी, बहुत-से राष्ट्रवादियों की तरह, मानते थे कि स्त्री का पहला कर्तव्य अच्छी पत्नी और माँ के रूप में घर सँभालना है, इसलिए उसकी सार्वजनिक भूमिका को कुछ समय की राष्ट्र-सेवा माना गया, नया दर्जा नहीं (पिता की बात) — 1 अंक

प्रश्न 9 (2 अंक)

इस प्रश्न के लिए दिए गए भारत के रेखा-मानचित्र पर दो स्थान, A और B, अंकित हैं। नीचे दिए गए संकेतों से हर स्थान को पहचानिए और उसका सही नाम लिखिए।

भारत का रेखा-मानचित्र, जिस पर दो स्थान A और B अंकित हैं

A वह शहर जहाँ 13 अप्रैल 1919 को जनरल डायर के सैनिकों ने चारों ओर से घिरे एक मैदान में जमा भीड़ पर गोली चलाई, जिसमें बहुत-से गाँव वाले भी थे जो मेले के लिए शहर आए थे। (1 अंक)

उत्तर।

  1. A: अमृतसर (पंजाब) — 1 अंक

B मध्य भारत का वह शहर जहाँ दिसंबर 1920 में कांग्रेस का अधिवेशन हुआ और नेताओं में समझौता होने के बाद असहयोग का कार्यक्रम स्वीकार किया गया। (1 अंक)

उत्तर।

  1. B: नागपुर (महाराष्ट्र) — 1 अंक

खंड ख - भूगोल (20 अंक)

प्रश्न 16 (2 अंक)

फलों की खेती वाली एक घाटी में कीटनाशकों के भारी छिड़काव से ज़्यादातर मधुमक्खियाँ और कीड़े खाने वाले बहुत-से पक्षी मर गए। समझाइए कि इससे घाटी के खेतों को किन दो तरीकों से नुकसान हो सकता है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, मधुमक्खियाँ कम होने से कम फूल फल बनते हैं, इसलिए उपज घटती है। दूसरा, पक्षी कीड़ों को काबू में रखते थे; उनके बिना कीड़े अधिक फ़सल नष्ट करते हैं, और कीटनाशक का खर्च बढ़ता है।

अंक योजना:

  1. कम मधुमक्खियाँ: मधुमक्खियाँ पराग को एक फूल से दूसरे फूल तक ले जाती हैं; उनके कम होने से कम फूलों में फल लगते हैं, इसलिए उपज घटती है — 1 अंक
  2. कम पक्षी: पक्षी कीड़ों को काबू में रखते थे; उनके बिना कीड़े बढ़ते हैं, अधिक फ़सल नष्ट करते हैं और किसानों को और अधिक कीटनाशक पर खर्च करना पड़ता है (मान्य: ज़हर मृदा और पानी को भी नुकसान पहुँचाता है; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 17 (5 अंक)

रमेश उत्तर प्रदेश में गंगा के मैदान में खेती करता है। सविता पश्चिमी महाराष्ट्र के लावा पठार पर खेती करती है। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

(a) उनके खेतों की मृदाओं की तुलना तीन बिंदुओं पर कीजिए। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, रमेश की जलोढ़ मृदा नदियों ने बिछाई है, जबकि सविता की काली मृदा लावा चट्टानों से बनी है। दूसरा, जलोढ़ मृदा बलुई से मटियार तक है, जिसमें बांगर और खादर हैं; काली मृदा महीन और मटियार है, नमी रोकती है, और सूखने पर उसमें दरारें पड़ती हैं। तीसरा, जलोढ़ मृदा में पोटाश, फ़ॉस्फ़ोरिक अम्ल और चूना भरपूर है; काली मृदा में चूना और पोटाश है, पर फ़ॉस्फ़ोरस कम।

अंक योजना:

  1. कैसे बनी: रमेश की जलोढ़ मृदा सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्रों ने बिछाई है; सविता की काली मृदा लावा चट्टानों से बनी है, जिसमें जलवायु की भी भूमिका रही — 1 अंक
  2. बनावट और नमी: जलोढ़ मृदा बलुई से दोमट और मटियार तक होती है, जिसमें पुराना जलोढ़ (बांगर, कंकड़ ग्रंथियों वाला) और नया जलोढ़ (खादर, महीन और अधिक उपजाऊ) होता है; काली मृदा बहुत महीन मटियार पदार्थ से बनी होती है, नमी को अच्छी तरह रोकती है, गीली होने पर चिपचिपी हो जाती है और सूखने पर उसमें गहरी दरारें पड़ जाती हैं — 1 अंक
  3. पोषक तत्व: जलोढ़ मृदा में पोटाश, फ़ॉस्फ़ोरिक अम्ल और चूना भरपूर होता है; काली मृदा में कैल्शियम कार्बोनेट, मैग्नीशियम, पोटाश और चूना भरपूर होता है, पर प्रायः फ़ॉस्फ़ोरस की कमी होती है (मान्य: दोनों कहाँ पाई जाती हैं इसकी तुलना: उत्तरी मैदान और पूर्वी डेल्टा; महाराष्ट्र, मालवा और मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ के कुछ भागों का दक्कन ट्रैप क्षेत्र) — 1 अंक

(b) मृदा जाँच से पता चलता है कि सविता के खेत में चूना और पोटाश भरपूर है, पर एक महत्त्वपूर्ण पोषक तत्व बहुत कम है। उसी ज़मीन पर कई वर्षों तक धान और गेहूँ उगाने के बाद रमेश की उपज घट रही है। हर एक के लिए एक कदम सुझाइए और मृदा के आधार पर उसका कारण बताइए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

सविता फ़ॉस्फ़ेट उर्वरक डाले, क्योंकि काली मृदा में चूना और पोटाश तो भरपूर होता है, पर फ़ॉस्फ़ोरस प्रायः कम होता है। रमेश खाद या उर्वरक डाले, क्योंकि वर्षों की खेती ने उपजाऊ जलोढ़ के पोषक तत्व भी घटा दिए हैं।

अंक योजना:

  1. सविता: फ़ॉस्फ़ेट उर्वरक, या फ़ॉस्फ़ोरस से भरपूर खाद डाले; काली मृदा में कैल्शियम कार्बोनेट, मैग्नीशियम, पोटाश और चूना भरपूर होता है, पर प्रायः फ़ॉस्फ़ोरस की मात्रा कम होती है — 1 अंक
  2. रमेश: खाद या उर्वरक डाले (मान्य: अनाज की फ़सलों के बीच दाल की फ़सल उगाए) ताकि वर्षों की खेती से निकले पोषक तत्व लौट आएँ; उपजाऊ जलोढ़ मृदा से भी साल-दर-साल फ़सलें लेने पर उसका पोटाश, फ़ॉस्फ़ोरिक अम्ल और चूना घटता है — 1 अंक

अथवा

तालिका एक काल्पनिक ज़िले की भूमि के 2000 और 2020 के उपयोग को दिखाती है (काल्पनिक आँकड़े)। इसका अध्ययन कीजिए और निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

भूमि उपयोग 2000 (क्षेत्र का %) 2020 (क्षेत्र का %)
वन 24 17
निवल बोया गया क्षेत्र 50 44
गैर-कृषि उपयोग की भूमि (मकान, सड़कें, कारखाने) 6 15
बंजर और व्यर्थ भूमि 8 9
वर्तमान परती 5 8
स्थायी चरागाह 7 7

(a) तालिका में दिखे भूमि उपयोग के तीन बदलाव समझाइए और हर एक का संभावित कारण बताइए। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, वन 24 से घटकर 17 प्रतिशत रह गए, संभवतः खेतों, सड़कों और कस्बों के लिए कटे। दूसरा, गैर-कृषि उपयोग की भूमि 6 से 15 प्रतिशत हो गई, क्योंकि मकान, सड़कें और कारखाने फैले। तीसरा, निवल बोया गया क्षेत्र 50 से 44 प्रतिशत रह गया, क्योंकि कुछ खेतों पर निर्माण हुआ, और परती भूमि बढ़ी।

अंक योजना:

  1. वन क्षेत्र 24 से घटकर 17 प्रतिशत रह गया, संभवतः इसलिए कि खेतों, सड़कों, कस्बों, खनन या लकड़ी के लिए पेड़ काटे गए — 1 अंक
  2. गैर-कृषि उपयोग की भूमि 6 से बढ़कर 15 प्रतिशत हो गई, क्योंकि कस्बे, मकान, सड़कें और कारखाने फैले — 1 अंक
  3. निवल बोया गया क्षेत्र 50 से घटकर 44 प्रतिशत रह गया, क्योंकि कुछ खेती की ज़मीन पर निर्माण हुआ, जबकि वर्तमान परती 5 से बढ़कर 8 प्रतिशत हो गई, शायद इसलिए कि किसानों के पास पानी नहीं था या खेती घाटे की लगी (कोई भी तीन बदलाव, हर एक के उचित कारण के साथ, मान्य) — 1 अंक

(b) ज़िले के वन क्षेत्र में कमी चिंता का विषय क्यों है? दो कारण समझाइए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, वन मृदा को थामते हैं और वर्षा का पानी ज़मीन में रिसने देते हैं, इसलिए उनके घटने से अपरदन और बाढ़ बढ़ती है और भूजल घटता है। दूसरा, स्थानीय लोग ईंधन, चारा और लकड़ी खोते हैं, और वन्य जीव अपना घर।

अंक योजना:

  1. मृदा और पानी: वन मृदा को थामे रखते हैं और वर्षा के पानी को ज़मीन में रिसने देते हैं, इसलिए उनके घटने से मृदा अपरदन और बाढ़ बढ़ती है और भूजल घटता है — 1 अंक
  2. लोग और वन्य जीवन: वन स्थानीय लोगों को ईंधन, चारा, लकड़ी और दूसरी उपज देते हैं और जंगली पौधों व जीवों का घर हैं, इसलिए दोनों को नुकसान होता है (मान्य: 17 प्रतिशत उस एक-तिहाई क्षेत्र से बहुत कम है जिसे भारत की वन नीति पारिस्थितिक संतुलन के लिए ज़रूरी मानती है; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 18 (4 अंक)

नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

हर छत के नीचे एक टंकी

दक्कन पठार पर बढ़ते शहर नीलपुर में हर मानसून में ठीक-ठाक वर्षा होती है। फिर भी अप्रैल तक उसके ज़्यादातर बोरवेल सूख जाते हैं, और आवासीय कॉलोनियों के बाहर पानी के टैंकरों की कतारें लगती हैं। शहर पर गिरने वाली लगभग सारी वर्षा कंक्रीट की छतों और सड़कों पर पड़कर नालियों में बह जाती है। उसका बहुत थोड़ा भाग ही ज़मीन में रिसकर उस पानी की भरपाई कर पाता है जिसे हज़ारों बोरवेल रोज़ खींचते हैं।

पाँच साल पहले शांति कॉलोनी के परिवारों ने कुछ अलग करने का निर्णय लिया। हर घर ने ऐसे पाइप लगाए जो छत की वर्षा को रेत और बजरी के एक सरल फ़िल्टर से होकर ज़मीन के नीचे की टंकी में ले जाते हैं। टंकी भर जाने पर अतिरिक्त पानी घर के पास खोदे गए एक गड्ढे में जाता है, जहाँ से वह धरती में रिस जाता है। कॉलोनी में टैंकरों के चक्कर आधे रह गए हैं, और कॉलोनी के बोरवेल अब गर्मियों में देर तक चलते हैं।

आसपास की कई कॉलोनियों ने यह तरीका अपना लिया है। नगर परिषद अब इस नियम पर विचार कर रही है कि हर नए मकान में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। (नीलपुर और शांति कॉलोनी काल्पनिक हैं।)

18.1 स्रोत के अनुसार, ठीक-ठाक वर्षा होने पर भी नीलपुर में पानी की कमी क्यों होती है? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

ज़्यादातर वर्षा कंक्रीट की छतों और सड़कों से नालियों में बह जाती है, इसलिए उस भूजल की भरपाई नहीं होती जिसे बहुत-से बोरवेल खींचते हैं।

अंक योजना:

  1. ज़्यादातर वर्षा कंक्रीट की छतों और सड़कों पर गिरकर नालियों में बह जाती है, इसलिए बहुत कम पानी रिसकर उस भूजल की भरपाई करता है जिसे बहुत-से बोरवेल लगातार खींचते हैं — 1 अंक

18.2 समझाइए कि छत पर वर्षा जल संग्रहण से शांति कॉलोनी को किन दो तरीकों से मदद मिली है। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, टंकियों में जमा वर्षा जल परिवारों की ज़रूरत का कुछ हिस्सा पूरा करता है, इसलिए टैंकरों के चक्कर आधे रह गए। दूसरा, अतिरिक्त पानी गड्ढों से ज़मीन में रिसकर भूजल भरता है, इसलिए बोरवेल गर्मियों में देर तक चलते हैं।

अंक योजना:

  1. जमा पानी: ज़मीन के नीचे की टंकियों में इकट्ठा वर्षा जल परिवारों की ज़रूरत का कुछ हिस्सा पूरा करता है, इसलिए टैंकरों पर निर्भरता कम हुई (टैंकरों के चक्कर आधे रह गए) और पैसा बचता है — 1 अंक
  2. पुनर्भरण: अतिरिक्त पानी गड्ढों से ज़मीन में रिसकर भूजल को फिर भरता है, इसलिए कॉलोनी के बोरवेल अब गर्मियों में देर तक चलते हैं (मान्य: भारी वर्षा में नालियों और सड़कों पर कम पानी बहता है) — 1 अंक

18.3 नगर परिषद छत पर वर्षा जल संग्रहण को हर परिवार की इच्छा पर छोड़ने के बजाय हर नए मकान के लिए नियम क्यों बनाना चाहेगी? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

भूजल तभी सुधरेगा जब ज़्यादातर घर वर्षा जल इकट्ठा करें; नियम हर नए मकान को शामिल करता है, केवल कुछ इच्छुक परिवारों को नहीं, जैसा तमिलनाडु ने किया।

अंक योजना:

  1. शहर का भूजल तभी सुधरेगा जब ज़्यादातर घर वर्षा जल इकट्ठा करें; नियम से हर नया मकान इसमें शामिल होगा, केवल कुछ इच्छुक परिवार नहीं (जैसा तमिलनाडु ने सभी घरों के लिए छत पर वर्षा जल संग्रहण अनिवार्य करके किया) — 1 अंक

प्रश्न 19 (3 अंक)

इस प्रश्न के लिए दिए गए भारत के रेखा-मानचित्र पर निम्नलिखित में से किन्हीं तीन को उपयुक्त चिह्नों से दर्शाइए और उनके नाम लिखिए।

राज्य सीमाओं सहित भारत का रेखा-मानचित्र

(i) सिंगरौली ताप विद्युत संयंत्र (1 अंक)

उत्तर।

  1. सिंगरौली: उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सीमा पर सिंगरौली कोयला क्षेत्र में (सीमा के किसी भी ओर का चिह्न मान्य), सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

उत्तर मानचित्र: मद (i) की स्थिति

(ii) कानपुर - एक सूती वस्त्र केंद्र (1 अंक)

उत्तर।

  1. कानपुर: उत्तर प्रदेश में गंगा के किनारे, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

उत्तर मानचित्र: मद (ii) की स्थिति

(iii) टिहरी बाँध (1 अंक)

उत्तर।

  1. टिहरी बाँध: उत्तराखंड की गढ़वाल पहाड़ियों में भागीरथी नदी पर, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

उत्तर मानचित्र: मद (iii) की स्थिति

(iv) मार्मागाओ पत्तन (1 अंक)

उत्तर।

  1. मार्मागाओ: गोवा के तट पर एक समुद्री पत्तन, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

उत्तर मानचित्र: मद (iv) की स्थिति

खंड ग - राजनीति विज्ञान (20 अंक)

प्रश्न 24 (2 अंक)

काल्पनिक राज्य कलिंग नाडु में सत्ताधारी दल ने विधानसभा की 200 में से 170 सीटें जीतीं। उस राज्य में लोकतंत्र के लिए विपक्षी दलों के फिर भी महत्त्वपूर्ण होने के दो कारण समझाइए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, विपक्ष विधानसभा में सरकार की विफलताओं और गलत नीतियों की आलोचना करता है, जिससे सरकार को निर्णयों का बचाव करना पड़ता है। दूसरा, वह जनता को जुटाता और विकल्प देता है, इसलिए सत्ताधारी दल लापरवाह नहीं हो सकता।

अंक योजना:

  1. वे विधानसभा में अलग विचार रखते हैं और सरकार की विफलताओं या गलत नीतियों की आलोचना करते हैं, इसलिए सरकार को अपने निर्णयों को समझाना और उनका बचाव करना पड़ता है — 1 अंक
  2. वे सभाओं, विरोध प्रदर्शनों और मीडिया के ज़रिए जनता में सरकार के विरुद्ध राय जुटाते हैं और अगले चुनाव में मतदाताओं को विकल्प देते हैं, इसलिए सत्ताधारी दल जनता को हल्के में नहीं ले सकता (मान्य: वे उन बहुत-से मतदाताओं को आवाज़ देते हैं जिन्होंने दूसरे दलों को चुना; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 25 (2 अंक)

दक्षिण एशिया के देशों में हुए सर्वेक्षणों में पाया गया है कि ज़्यादातर लोग किसी भी दूसरी शासन व्यवस्था की तुलना में लोकतंत्र को पसंद करते हैं, जबकि उनमें से बहुत-से अपनी सरकारों के कामकाज की शिकायत करते हैं। इसके दो कारण दीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, लोग अपने चुने शासक चाहते हैं, इसलिए निराश करने पर भी लोकतांत्रिक सरकार को अपनी मानते हैं। दूसरा, उन्हें लगता है कि उनका वोट मायने रखता है, इसलिए वे यह अधिकार खोने के बजाय सरकारें बदलते हैं।

अंक योजना:

  1. लोग अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से शासित होना चाहते हैं, इसलिए वे लोकतांत्रिक सरकार को अपनी मानते हैं और उसके खराब काम करने पर भी उसके शासन के अधिकार को स्वीकार करते हैं; यही उसे वैध बनाता है — 1 अंक
  2. लोग मानते हैं कि उनका वोट इस पर असर डालता है कि उनका शासन कैसे चले, इसलिए वे चुनावों के ज़रिए सरकारों को सुधारना या बदलना पसंद करते हैं, न कि उन्हें चुनने का अधिकार छोड़ना (मान्य: वे मानते हैं कि लोकतंत्र उनके अपने देश के अनुकूल है; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 26 (3 अंक)

काल्पनिक ज़िले जलपुर के एक अध्ययन में निम्नलिखित बातें सामने आईं (काल्पनिक निष्कर्ष):
(i) हर दस में से नौ विवाह एक ही जाति के परिवारों के बीच हुए।
(ii) अलग-अलग जातियों के परिवारों के बीच विवाह ज़िले के कस्बे में उसके गाँवों की तुलना में पाँच गुना अधिक होते थे।
(iii) ज़िले के पंचायत प्रमुखों और नगर पार्षदों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों का हिस्सा अब आबादी में उनके हिस्से के करीब है, जबकि पचास साल पहले उनमें से बहुत कम लोग ऐसे पदों पर थे।
समझाइए कि हर निष्कर्ष आज के भारत में जाति के बारे में क्या दिखाता है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(i) ज़्यादातर लोग अब भी अपनी जाति में विवाह करते हैं, इसलिए जाति पारिवारिक जीवन को तय करती है। (ii) कस्बों में, जहाँ शिक्षा और नए काम जातियों को पास लाते हैं, जातीय नियम तेज़ी से ढीले पड़ते हैं। (iii) मताधिकार और आरक्षित सीटों ने सत्ता से दूर रखे गए समूहों को स्थानीय शासन में सच्चा हिस्सा दिया है।

अंक योजना:

  1. (i) जाति अब भी निजी और पारिवारिक जीवन को तय करती है: ज़्यादातर लोग अब भी अपनी ही जाति या जनजाति में विवाह करते हैं, इसलिए जाति खत्म नहीं हुई है — 1 अंक
  2. (ii) पुराने जातीय नियम कस्बों में तेज़ी से कमज़ोर हो रहे हैं: शहरीकरण, शिक्षा और नए तरह के काम अलग-अलग जातियों के लोगों को पास लाते हैं और विवाह जैसे फ़ैसलों पर जाति की पकड़ ढीली करते हैं — 1 अंक
  3. (iii) राजनीति ने सत्ता से दूर रखे गए समूहों को उसमें हिस्सा दिया है: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार और आरक्षित सीटों के कारण अब उनके वोट और प्रतिनिधि मायने रखते हैं, इसलिए सार्वजनिक जीवन में उनकी जगह बढ़ी है (मान्य: जाति अब भी राजनीति को प्रभावित करती है, क्योंकि दल और मतदाता उसका ध्यान रखते हैं) — 1 अंक

प्रश्न 27 (5 अंक)

बेल्जियम और श्रीलंका दोनों ऐसे लोकतंत्र हैं जिनमें एक से अधिक भाषायी समूह हैं, पर उन्होंने अपने अल्पसंख्यकों की माँगों से बहुत अलग-अलग ढंग से निपटा। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

(a) दोनों देशों की सरकारों द्वारा उठाए गए कदमों की तीन बिंदुओं पर तुलना कीजिए। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, श्रीलंका ने 1956 में केवल सिंहली को राजभाषा बनाया, जबकि बेल्जियम ने केंद्र सरकार में दोनों भाषायी समूहों को बराबर मंत्री दिए। दूसरा, बेल्जियम ने अपने क्षेत्रों को अपनी शक्तियाँ दीं, जबकि श्रीलंका ने तमिल प्रांतों को स्वायत्तता नहीं दी। तीसरा, श्रीलंका ने विश्वविद्यालयों और नौकरियों में सिंहली आवेदकों को तरजीह दी, जबकि बेल्जियम ने हर समुदाय को शिक्षा और संस्कृति के लिए अपनी सरकार दी।

अंक योजना:

  1. भाषा: श्रीलंका के 1956 के अधिनियम ने केवल सिंहली को राजभाषा बनाया और तमिल की उपेक्षा की; बेल्जियम ने अपने डच भाषी और फ़्रेंच भाषी समुदायों को बराबर माना, केंद्र सरकार में दोनों से बराबर मंत्री रखे, और कुछ कानूनों के लिए हर भाषायी समूह के बहुमत का समर्थन ज़रूरी है — 1 अंक
  2. क्षेत्रों को शक्ति: बेल्जियम ने अपनी राज्य सरकारों को अपनी शक्तियाँ दीं जिन्हें केंद्र सरकार वापस नहीं ले सकती; श्रीलंका ने तमिल बहुल प्रांतों की स्वायत्तता की तमिल माँग नहीं मानी — 1 अंक
  3. शिक्षा और संस्कृति: श्रीलंका ने विश्वविद्यालयों में जगह और सरकारी नौकरियों में सिंहली आवेदकों को तरजीह दी, और बौद्ध धर्म की रक्षा व प्रोत्साहन को राज्य का कर्तव्य बनाया; बेल्जियम ने हर भाषायी समूह के लिए एक सामुदायिक सरकार बनाई, जो उसकी शिक्षा, संस्कृति और भाषा के मामले चलाती है — 1 अंक

(b) समझाइए कि दोनों तरीकों के परिणाम किन दो तरीकों से अलग रहे। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, बेल्जियम नागरिक संघर्ष और बँटवारे से बचा, जबकि श्रीलंका में अविश्वास बढ़कर लंबे गृहयुद्ध में बदल गया। दूसरा, बेल्जियम के दोनों समुदायों ने सरकार को अपना माना, जबकि श्रीलंका के तमिलों को लगा कि उन्हें अलग रखा गया, और कुछ ने अलग राज्य माँगा।

अंक योजना:

  1. शांति और एकता: बेल्जियम की व्यवस्था ने समुदायों के बीच तनाव घटाया, और देश नागरिक संघर्ष और भाषा के आधार पर बँटवारे से बचा; श्रीलंका में समुदायों के बीच अविश्वास बढ़ा और लंबे गृहयुद्ध में बदल गया — 1 अंक
  2. अल्पसंख्यक सरकार को कैसे देखते थे: बेल्जियम में दोनों समुदायों ने व्यवस्था जटिल होने पर भी सरकार को अपना माना; श्रीलंका में तमिलों को लगा कि उन्हें अलग रखा गया है और राज्य को उनकी भाषा और संस्कृति की परवाह नहीं, और कुछ ने अलग राज्य की माँग शुरू की (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

अथवा

काल्पनिक देश तारिन में दो समुदाय हैं। केलो, जो लगभग 70 प्रतिशत हैं, पूरे देश में रहते हैं; मासी ज़्यादातर उसकी पूर्वी पहाड़ियों में रहते हैं और खुद को सत्ता से बाहर महसूस करते हैं। एक समिति ने तीन उपाय सुझाए हैं:

(i) पूर्वी पहाड़ियों को एक निर्वाचित प्रांतीय सरकार मिलेगी, जिसके पास स्कूलों, वनों और पुलिस पर अपनी शक्तियाँ होंगी।
(ii) राष्ट्रीय संसद की कुछ सीटें मासी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होंगी।
(iii) तारिन का सर्वोच्च न्यायालय सरकार के ऐसे किसी भी कानून या आदेश को रद्द कर सकेगा जो किसी समुदाय के साथ अन्याय करता हो।

निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

(a) हर उपाय सत्ता की साझेदारी का कौन-सा रूप दिखाता है, बताइए, और समझाइए कि वह सत्ता कैसे बाँटता है। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(i) ऊर्ध्वाधर बँटवारा है: सत्ता राष्ट्रीय और प्रांतीय सरकार में बँटती है, और पहाड़ियों को अपनी शक्तियाँ मिलती हैं। (ii) सामाजिक समूहों में साझेदारी है: आरक्षित सीटें संसद में मासी को आवाज़ देती हैं। (iii) क्षैतिज बँटवारा है: न्यायालय विधायिका और कार्यपालिका पर अंकुश रखता है, इसलिए किसी अंग के पास असीमित शक्ति नहीं रहती।

अंक योजना:

  1. (i) सत्ता का ऊर्ध्वाधर बँटवारा, यानी अलग-अलग स्तरों की सरकारों के बीच: सत्ता राष्ट्रीय सरकार और प्रांतीय सरकार के बीच बँटती है, और पहाड़ियों को अपनी ऐसी शक्तियाँ मिलती हैं जिन्हें राष्ट्रीय सरकार यों ही नहीं ले सकती — 1 अंक
  2. (ii) सामाजिक समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी: आरक्षित सीटें यह पक्का करती हैं कि छोटे समुदाय की राष्ट्रीय विधायिका में आवाज़ हो, जैसे भारत में कमज़ोर वर्गों के लिए आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र करते हैं — 1 अंक
  3. (iii) सत्ता का क्षैतिज बँटवारा, यानी सरकार के अंगों के बीच: न्यायपालिका विधायिका और कार्यपालिका पर अंकुश रख सकती है, ताकि किसी अंग के पास असीमित शक्ति न हो (नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था) — 1 अंक

(b) तीनों में से कौन-सा एक उपाय मासी की सत्ता से बाहर होने की भावना को सबसे अधिक दूर करेगा? अपने चुनाव के दो कारण दीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

उपाय (i)। ज़्यादातर मासी पूर्वी पहाड़ियों में रहते हैं, इसलिए उनकी अपनी प्रांतीय सरकार उन्हें स्कूल, वन और पुलिस के मामले खुद तय करने देगी। इसकी शक्तियाँ केंद्र के केलो बहुमत की मर्ज़ी पर निर्भर नहीं होंगी, इसलिए सत्ता में उनका हिस्सा टिका रहेगा।

अंक योजना:

  1. चुनाव और पहला कारण: उदाहरण के लिए, उपाय (i), क्योंकि ज़्यादातर मासी पूर्वी पहाड़ियों में रहते हैं, इसलिए उनकी अपनी प्रांतीय सरकार उन्हें स्कूल, वन और पुलिस जैसे रोज़मर्रा के मामलों पर खुद निर्णय करने देगी, जैसे बेल्जियम की क्षेत्रीय सरकारें करती हैं — 1 अंक
  2. दूसरा कारण: उदाहरण के लिए, ऐसी सरकार की शक्तियाँ केंद्र में केलो बहुमत की मर्ज़ी पर निर्भर नहीं होंगी, इसलिए सत्ता में मासी का हिस्सा टिका रहेगा (उपाय (ii) या (iii) भी मान्य, यदि दो ठोस कारण दिए गए हों) — 1 अंक

प्रश्न 28 (4 अंक)

नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

'जिस सुबह आदेश आया'

दक्षिण भारत के राज्य सुवर्णपुर के सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी श्री राव को अपनी नौकरी के शुरुआती वर्षों की एक सुबह आज भी याद है। वे कहते हैं, 'हमारे नए मुख्यमंत्री आए थे। पहली बार हमारे मतदाताओं ने ऐसे दल को चुना था जो दिल्ली में सत्ता में नहीं था। नई सरकार ने स्कूल की फ़ीस घटाई और वह नहर शुरू की जिसकी हमारा ज़िला बरसों से माँग कर रहा था।'

'फिर दो साल से भी कम समय बाद केंद्र से उस सरकार को बर्खास्त करने का आदेश आ गया। विधानसभा में उसका स्पष्ट बहुमत था; वहाँ उसके विरुद्ध कोई मतदान नहीं हुआ था। नहर का काम रुक गया। हमारे कस्बे के लोग कहने लगे कि उनका वोट बेकार कर दिया गया।'

'अगले चुनाव में मतदाताओं को यह याद रहा। बर्खास्तगी का स्वागत करने वाला दल राज्य में लगभग हर सीट हार गया। आज ऐसी बर्खास्तगियाँ कम ही होती हैं, और न्यायालय उनकी बारीकी से जाँच करते हैं।' (श्री राव और सुवर्णपुर काल्पनिक हैं।)

28.1 श्री राव के अनुसार, उनके कस्बे के लोगों को क्यों लगा कि उनका वोट बेकार कर दिया गया? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

उनकी चुनी सरकार को केंद्र ने बर्खास्त कर दिया, जबकि उसका स्पष्ट बहुमत था।

अंक योजना:

  1. जिस सरकार को उन्होंने चुना था, उसे केंद्र ने दो साल के भीतर बर्खास्त कर दिया, जबकि विधानसभा में उसका स्पष्ट बहुमत था — 1 अंक

28.2 बहुमत वाली चुनी हुई राज्य सरकार को बर्खास्त करने के संघवाद की भावना के विरुद्ध होने के दो कारण समझाइए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, हर स्तर अपनी शक्तियाँ संविधान से पाता है और अपने मतदाताओं के प्रति जवाबदेह है, इसलिए बर्खास्तगी ने राज्य की जनता की पसंद को किनारे किया। दूसरा, संघवाद के लिए आपसी सम्मान ज़रूरी है; यदि केंद्र मनमाने ढंग से राज्य सरकारें हटा सके, तो राज्य उसके अधीन हो जाते हैं।

अंक योजना:

  1. संघीय व्यवस्था में सरकार का हर स्तर अपनी शक्तियाँ संविधान से पाता है और अपने मतदाताओं के प्रति जवाबदेह होता है; राज्य सरकार राज्य की जनता के प्रति जवाबदेह थी, इसलिए उसे हटाना उनकी पसंद को किनारे करना था — 1 अंक
  2. संघवाद तभी चलता है जब दोनों स्तर एक-दूसरे का सम्मान और भरोसा करें; यदि केंद्र मनमाने ढंग से राज्य सरकार हटा सके, तो राज्य उसके अधीन हो जाते हैं, जैसे एकात्मक शासन व्यवस्था में, और शक्तियों के बँटवारे का अर्थ खत्म हो जाता है (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

28.3 राज्य के मतदाताओं ने अगले चुनाव में बर्खास्तगी का स्वागत करने वाले दल को सज़ा क्यों दी होगी? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

उन्हें लगा कि उस दल ने राज्य के अपनी चुनी सरकार रखने के अधिकार की रक्षा करने के बजाय उनकी पसंद के विरुद्ध केंद्र का साथ दिया।

अंक योजना:

  1. उन्हें लगा कि उस दल ने उनकी अपनी पसंद के विरुद्ध केंद्र का साथ दिया; किसी राज्य के मतदाता चाहते हैं कि उसके दल राज्य के अपनी सरकार चुनने और बनाए रखने के अधिकार के पक्ष में खड़े हों (मान्य: बर्खास्तगी से जनता के चाहे काम, जैसे नहर, भी रुक गए थे) — 1 अंक

खंड घ - अर्थशास्त्र (20 अंक)

प्रश्न 35 (3 अंक)

भारत की अर्थव्यवस्था का आकार हर वर्ष उसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के रूप में मापा जाता है, और यह आँकड़ा हर क्षेत्रक के लिए अलग से भी निकाला जाता है। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

(i) भारत का सकल घरेलू उत्पाद कौन मापता है? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

केंद्र सरकार का एक मंत्रालय, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के विभागों की मदद से।

अंक योजना:

  1. केंद्र सरकार का एक मंत्रालय, जो सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के विभागों की मदद से उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं तथा उनकी कीमतों के आँकड़े इकट्ठा करता है — 1 अंक

(ii) केवल कुल आँकड़ा ही नहीं, बल्कि सकल घरेलू उत्पाद में हर क्षेत्रक का हिस्सा जानना क्यों उपयोगी है? दो कारण समझाइए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, हिस्से बताते हैं कि कौन-से क्षेत्रक बढ़ रहे और कौन पिछड़ रहे हैं, ताकि सरकार खेती के लिए सिंचाई या ऋण जैसी मदद दे सके। दूसरा, उत्पादन और श्रमिकों के हिस्सों की तुलना बताती है कि नए रोज़गार कहाँ चाहिए।

अंक योजना:

  1. इससे पता चलता है कि कौन-से क्षेत्रक बढ़ रहे हैं और कौन-से पीछे छूट रहे हैं, ताकि सरकार ज़रूरत की जगह मदद की योजना बना सके, जैसे खेती का उत्पादन पिछड़ने पर सिंचाई, भंडारण या ऋण — 1 अंक
  2. किसी क्षेत्रक के उत्पादन के हिस्से की तुलना उसके श्रमिकों के हिस्से से करने पर पता चलता है कि उसके श्रमिक उत्पादक काम में लगे हैं या नहीं, और इसलिए नए रोज़गार कहाँ पैदा करने हैं (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 36 (3 अंक)

एक काल्पनिक राज्य की सरकार कानून बनाती है कि कोई भी साहूकार साल में 24 प्रतिशत से अधिक ब्याज नहीं ले सकता। समझाइए कि यह कानून गरीब कर्ज़दारों की दो तरह से कैसे मदद कर सकता है, और एक कारण बताइए कि अकेले यह कानून काफ़ी क्यों नहीं हो सकता।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, कम दर कमाई का छोटा हिस्सा लेती है, जिससे भोजन, पढ़ाई और काम के लिए अधिक बचता है। दूसरा, खराब फ़सल पर कर्ज़ के जाल का खतरा घटता है। पर साहूकारों की निगरानी कोई नहीं करता, और गरीबों के पास बैंक ऋण के लिए ऋणाधार नहीं होता, इसलिए वे छिपे शुल्क मान सकते हैं।

अंक योजना:

  1. कम खर्च: कम ब्याज दर का अर्थ है कि कर्ज़दार की कमाई का छोटा हिस्सा ऋण चुकाने में जाता है, इसलिए भोजन, पढ़ाई या अपने काम के लिए अधिक बचता है — 1 अंक
  2. कर्ज़ के जाल का कम खतरा: कम दर पर, खराब फ़सल या खराब महीने के कारण कर्ज़दार को पुराना ऋण चुकाने के लिए नया ऋण लेने, या ज़मीन या दूसरी संपत्ति बेचने की नौबत कम आती है — 1 अंक
  3. यह काफ़ी क्यों नहीं हो सकता: साहूकारों के उधार की निगरानी कोई संस्था नहीं करती, और वे प्रायः बिना कागज़ के उधार देते हैं, इसलिए इस सीमा को लागू करना कठिन है; और गरीब कर्ज़दारों के पास बैंक ऋण के लिए प्रायः समर्थक ऋणाधार नहीं होता, इसलिए वे साहूकारों पर निर्भर रहते हैं और छिपे हुए शुल्क भी मान सकते हैं (मान्य: स्थायी उपाय बैंकों, सहकारी समितियों और स्वयं सहायता समूहों के ज़रिए गरीबों तक सस्ता औपचारिक उधार पहुँचाना है; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 37 (3 अंक)

वॉशिंग मशीनें बनाने वाली एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के डिज़ाइनर जर्मनी में हैं, वह मोटरें थाईलैंड के एक कारखाने से खरीदती है और कई देशों के खरीदारों के लिए मशीनें पुणे के अपने संयंत्र में जोड़ती है। इस उदाहरण के आधार पर समझाइए कि यह कंपनी इन देशों की अर्थव्यवस्थाओं को किन तीन तरीकों से जोड़ती है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, यह उत्पादन जोड़ती है: थाई मोटर निर्माता पुणे के ऑर्डरों पर टिके हैं, और जर्मन डिज़ाइन पुणे का उत्पादन तय करते हैं। दूसरा, यह बाज़ार जोड़ती है: पुणे की मशीनें कई देशों में बिकती हैं, जहाँ अलग देशों के उत्पादक होड़ करते हैं। तीसरा, पुणे संयंत्र विदेशी निवेश है, जो पैसा, मशीनें और डिज़ाइन भारत लाता है।

अंक योजना:

  1. उत्पादन: तीन देशों में होने वाला काम एक ही उत्पादन प्रक्रिया के हिस्से बन जाते हैं; थाईलैंड के मोटर निर्माता पुणे संयंत्र के ऑर्डरों पर निर्भर हैं, और जर्मनी के डिज़ाइन तय करते हैं कि पुणे में क्या बने, इसलिए दूर-दूर के उत्पादक आपस में बँध जाते हैं — 1 अंक
  2. बाज़ार: पुणे में बनी मशीनें कई देशों के खरीदारों को बिकती हैं, इसलिए भारत का उत्पादन विदेशी बाज़ारों तक पहुँचता है, वहाँ के खरीदारों को भारत में बना सामान मिलता है, और अलग-अलग देशों के उत्पादक एक ही बाज़ारों में होड़ करते हैं — 1 अंक
  3. निवेश: पुणे संयंत्र बहुराष्ट्रीय कंपनी का विदेशी निवेश है, जो विदेश से पैसा, मशीनें और डिज़ाइन भारत लाता है, इसलिए भारतीय श्रमिक एक विश्वव्यापी कंपनी का हिस्सा बन जाते हैं (प्रौद्योगिकी का एक बिंदु मान्य: तेज़ परिवहन और संचार इन संबंधों को संभव बनाते हैं; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

प्रश्न 38 (5 अंक)

तालिका में दो काल्पनिक देशों के 2005 और 2025 के कुछ आँकड़े दिए गए हैं। तालिका का अध्ययन कीजिए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (आँकड़े काल्पनिक हैं, केवल अभ्यास के लिए।)

देश वर्ष कुल आय (अरब अमेरिकी डॉलर) जनसंख्या (करोड़) जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (वर्ष)
A 2005 60 2 66
A 2025 120 3 71
B 2005 40 1 70
B 2025 60 1.2 69

(i) 2005 और 2025 में A की प्रति व्यक्ति आय निकालिए। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

2005: 60 अरब ÷ 2 करोड़ = 3,000 डॉलर। 2025: 120 अरब ÷ 3 करोड़ = 4,000 डॉलर।

अंक योजना:

  1. 2005: 60 अरब ÷ 2 करोड़ = 3,000 अमेरिकी डॉलर; 2025: 120 अरब ÷ 3 करोड़ = 4,000 अमेरिकी डॉलर (अंक के लिए दोनों ज़रूरी) — 1 अंक

(ii) 2005 से 2025 के बीच A की कुल आय दोगुनी हो गई, पर उसकी प्रति व्यक्ति आय केवल एक-तिहाई बढ़ी। तालिका के आधार पर इसका कारण समझाइए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

प्रति व्यक्ति आय कुल आय को जनसंख्या से भाग देकर मिलती है। A की जनसंख्या 2 से 3 करोड़, यानी आधी बढ़ी, इसलिए दोगुनी आय बहुत अधिक लोगों में बँटी, और औसत केवल 3,000 से 4,000 डॉलर हुआ।

अंक योजना:

  1. प्रति व्यक्ति आय कुल आय को जनसंख्या से भाग देने पर मिलती है, इसलिए यह इस पर निर्भर है कि आय कितने लोगों में बँटती है — 1 अंक
  2. A की जनसंख्या आधी बढ़ी, 2 करोड़ से 3 करोड़, इसलिए दोगुनी आय बहुत अधिक लोगों में बँटी, और औसत केवल 3,000 से 4,000 डॉलर हुआ — 1 अंक

(iii) 'B अब भी A से आगे है, क्योंकि उसकी प्रति व्यक्ति आय अधिक है।' इस कथन पर प्रश्न उठाने के लिए तालिका से दो बिंदु दीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

पहला, A की जीवन प्रत्याशा 66 से 71 वर्ष हो गई, B से अधिक, जबकि B की 70 से घटकर 69 रह गई। दूसरा, A की प्रति व्यक्ति आय तेज़ी से बढ़ी, एक-तिहाई, जबकि B की एक-चौथाई, और केवल आय से जीवन की गुणवत्ता पता नहीं चलती।

अंक योजना:

  1. स्वास्थ्य: A की जीवन प्रत्याशा 66 से बढ़कर 71 वर्ष हुई और अब B से अधिक है, जबकि B की 70 से घटकर 69 रह गई, इसलिए अब A के लोग अधिक जीते हैं — 1 अंक
  2. वृद्धि: A की प्रति व्यक्ति आय तेज़ी से बढ़ी, एक-तिहाई (3,000 से 4,000 डॉलर), जबकि B की एक-चौथाई (4,000 से 5,000 डॉलर); और केवल आय से यह पता नहीं चलता कि लोग कितना अच्छा जीवन जीते हैं (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक

अथवा

दो देशों की ऊपर दी गई तालिका के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(i) 2025 में B की प्रति व्यक्ति आय निकालिए। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

60 अरब ÷ 1.2 करोड़ = 5,000 डॉलर।

अंक योजना:

  1. 60 अरब ÷ 1.2 करोड़ = 5,000 अमेरिकी डॉलर — 1 अंक

(ii) 2005 से 2025 के बीच हर देश की प्रति व्यक्ति आय कितने प्रतिशत बढ़ी? किसकी तेज़ी से बढ़ी? (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

A: 3,000 से 4,000 डॉलर, लगभग 33 प्रतिशत। B: 4,000 से 5,000 डॉलर, 25 प्रतिशत। A की तेज़ी से बढ़ी; दोनों 1,000 डॉलर बढ़ीं, पर A कम से शुरू हुआ।

अंक योजना:

  1. A: 3,000 से 4,000 डॉलर, यानी 1,000 ÷ 3,000 = लगभग 33 प्रतिशत की वृद्धि; B: 4,000 से 5,000 डॉलर, यानी 1,000 ÷ 4,000 = 25 प्रतिशत की वृद्धि — 1 अंक
  2. A की प्रति व्यक्ति आय तेज़ी से बढ़ी, हालाँकि दोनों 1,000 डॉलर ही बढ़ीं, क्योंकि A कम आधार से शुरू हुआ था — 1 अंक

(iii) यदि A की जनसंख्या 2 करोड़ पर ही रहती, तो 2025 में उसकी प्रति व्यक्ति आय कितनी होती? इससे क्या पता चलता है? (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

120 अरब ÷ 2 करोड़ = 6,000 डॉलर, 4,000 के बजाय। इससे पता चलता है कि जनसंख्या वृद्धि ने औसत आय की बढ़त रोकी; प्रति व्यक्ति आय तभी बढ़ती है जब आय जनसंख्या से तेज़ी से बढ़े।

अंक योजना:

  1. 120 अरब ÷ 2 करोड़ = 6,000 अमेरिकी डॉलर, वास्तविक 4,000 के बजाय — 1 अंक
  2. जनसंख्या वृद्धि ने औसत आय की बढ़त को रोका: प्रति व्यक्ति आय तभी बढ़ती है जब कुल आय जनसंख्या से तेज़ी से बढ़े (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक