विस्तृत हल: CBSE कक्षा 10 विज्ञान सैंपल पेपर 2027 – सेट 1
प्रश्न पत्र के सभी लिखित प्रश्न (2, 3, 4 और 5 अंक) यहाँ क्रम से हल किए गए हैं, हर चरण के अंकों के साथ, ताकि आप अपनी उत्तर पुस्तिका परीक्षक की तरह जाँच सकें। जहाँ आंतरिक विकल्प (अथवा) है, वहाँ दोनों विकल्प हल किए गए हैं। 1 अंक वाले प्रश्नों के उत्तर व्याख्या सहित प्रश्न पत्र वाले पृष्ठ की क्विज़ में हैं।
खण्ड क – जीव विज्ञान (30 अंक)
प्रश्न 10 (2 अंक)
निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:
(a) एक छोटे शाकीय पौधे में रात के समय भी, जब रंध्र बंद होते हैं और वाष्पोत्सर्जन बहुत कम होता है, पानी जाइलम में ऊपर चढ़ता रहता है। ऐसे समय पानी को ऊपर कौन चढ़ाता है? संक्षेप में समझाइए। (1 अंक)
उत्तर।
- मूल दाब — 0.5 अंक
- जड़ की कोशिकाएँ मिट्टी से सक्रिय रूप से आयन लेती हैं, इसलिए पानी जड़ में लगातार आता रहता है और जाइलम का जल-स्तंभ धीरे-धीरे ऊपर धकेला जाता है — 0.5 अंक
(b) शिराओं में वाल्व होते हैं, जबकि धमनियों में नहीं। क्यों? (1 अंक)
उत्तर।
- शिराओं में रुधिर कम दाब पर बहता है — 0.5 अंक
- वाल्व यह सुनिश्चित करते हैं कि रुधिर केवल एक दिशा में, हृदय की ओर, बहे; धमनियाँ हृदय से रुधिर उच्च दाब पर ले जाती हैं, इसलिए उन्हें वाल्वों की आवश्यकता नहीं होती — 0.5 अंक
प्रश्न 11 (2 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।
(A) उत्तराखंड के एक पहाड़ी ज़िले में हुए स्वास्थ्य सर्वेक्षण में बहुत-से लोगों की गर्दन के सामने के भाग में सूजन (गॉयटर या घेंघा) पाई गई। डॉक्टरों ने हर परिवार से आयोडीन युक्त नमक अपनाने को कहा। प्रभावित ग्रंथि और उसके द्वारा बनाए जाने वाले हॉर्मोन का नाम बताइए। यह हॉर्मोन शरीर में क्या कार्य करता है, और आयोडीन युक्त नमक से कैसे सहायता मिलती है?
उत्तर।
- अवटु (थायरॉइड) ग्रंथि को थायरॉक्सिन हॉर्मोन बनाने के लिए आयोडीन की आवश्यकता होती है — 1 अंक
- थायरॉक्सिन संतुलित वृद्धि के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा के उपापचय का नियंत्रण करता है; आयोडीन युक्त नमक से आयोडीन मिलता है, जिससे ग्रंथि पर्याप्त थायरॉक्सिन बना पाती है और फूलती नहीं — 1 अंक
अथवा
(B) 12 वर्ष का एक लड़का अपनी आयु के दूसरे बच्चों से काफ़ी छोटे कद का है। उसके डॉक्टर बताते हैं कि उसके शरीर में एक हॉर्मोन पर्याप्त मात्रा में नहीं बन रहा। उस हॉर्मोन और उसे बनाने वाली ग्रंथि का नाम बताइए। इस हॉर्मोन का मुख्य कार्य क्या है?
उत्तर।
- वृद्धि हॉर्मोन (0.5), जिसे पीयूष ग्रंथि बनाती है (0.5) — 1 अंक
- यह शरीर की वृद्धि और विकास का नियमन करता है; बचपन में इसकी कमी से बौनापन होता है — 1 अंक
प्रश्न 12 (2 अंक)
हर महीने गर्भाशय का भीतरी अस्तर मोटा और स्पंजी हो जाता है और उसमें रुधिर की भरपूर आपूर्ति होती है। गर्भाशय स्वयं को इस प्रकार क्यों तैयार करता है? यदि मुक्त हुआ अंड निषेचित न हो, तो इस अस्तर का क्या होता है?
उत्तर।
- निषेचन होने पर भ्रूण को ग्रहण करने और उसका पोषण करने के लिए मोटा, रुधिर से भरपूर अस्तर आवश्यक होता है — 1 अंक
- अंड निषेचित न होने पर अस्तर की आवश्यकता नहीं रहती; यह धीरे-धीरे टूटकर योनि मार्ग से रुधिर और श्लेष्मा के रूप में बाहर निकलता है (ऋतुस्राव), लगभग हर महीने — 1 अंक
प्रश्न 13 (3 अंक)
निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:
(a) तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) का स्वच्छ चित्र बनाइए और इनमें से कोई चार भाग नामांकित कीजिए: द्रुमिका, कोशिका काय, केंद्रक, तंत्रिकाक्ष, तंत्रिका अंत। (2 अंक)
उत्तर।
- तंत्रिका कोशिका का सही चित्र — 1 अंक
- कोई चार भाग सही नामांकित, प्रत्येक 0.25 (आकृति में: 1 द्रुमिका, 2 कोशिका काय, 3 केंद्रक, 4 तंत्रिकाक्ष, 5 तंत्रिका अंत) — 1 अंक

(b) एक तंत्रिका कोशिका से अगली तंत्रिका कोशिका तक विद्युत आवेग कैसे पहुँचता है? (1 अंक)
उत्तर।
- तंत्रिकाक्ष के अंतिम सिरे पर विद्युत आवेग कुछ रसायनों को मुक्त करता है — 0.5 अंक
- ये रसायन अंतराल (सिनेप्स) को पार करके अगली तंत्रिका कोशिका की द्रुमिका में इसी प्रकार का विद्युत आवेग आरंभ करते हैं — 0.5 अंक
प्रश्न 14 (3 अंक)
आकृति में जयपुर के पास एक घास के मैदान का खाद्य जाल दिखाया गया है। अक्षरों का अर्थ है: A - घास, B - टिड्डा, C - खरगोश, D - मेंढक, E - साँप, F - बाज़। प्रत्येक तीर उस जीव से, जिसे खाया जाता है, उस जीव की ओर है जो उसे खाता है।

(a) जीवों के नाम लेकर इस जाल की सबसे लंबी खाद्य श्रृंखला लिखिए और उसमें साँप का पोषी स्तर बताइए। (1 अंक)
उत्तर।
- घास → टिड्डा → मेंढक → साँप → बाज़ — 0.5 अंक
- साँप चौथे पोषी स्तर (तृतीयक उपभोक्ता) पर है — 0.5 अंक
(b) मान लीजिए प्रत्येक श्रृंखला में घास में 20,000 kJ ऊर्जा है। 10 प्रतिशत नियम का उपयोग करके ज्ञात कीजिए कि (i) खरगोश के रास्ते और (ii) सबसे लंबी श्रृंखला के रास्ते बाज़ तक कितनी ऊर्जा पहुँचती है। (1 अंक)
उत्तर।
- (i) 20,000 → 2,000 → 200 kJ — 0.5 अंक
- (ii) 20,000 → 2,000 → 200 → 20 → 2 kJ — 0.5 अंक
(c) किसी रोग के कारण इस क्षेत्र के अधिकांश मेंढक मर जाते हैं। टिड्डों की संख्या पर और फिर घास पर क्या प्रभाव पड़ेगा? कारण दीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- टिड्डों की संख्या बढ़ेगी, क्योंकि उन्हें खाने वाले मेंढक बहुत कम बचे हैं — 0.5 अंक
- अधिक टिड्डे अधिक घास खाएँगे, इसलिए घास घटेगी — 0.5 अंक
प्रश्न 15 (4 अंक)
नासिक के कक्षा 10 के विद्यार्थी समीर ने अपनी विज्ञान परियोजना के लिए मटर के पौधे उगाए। उसने गोल बीजों वाले एक शुद्ध लंबे पौधे (TTRR) का संकरण झुर्रीदार बीजों वाले एक शुद्ध बौने पौधे (ttrr) से कराया। F1 पीढ़ी के सभी पौधे लंबे थे और उनके बीज गोल थे। फिर उसने F1 पौधों में स्वपरागण होने दिया और इकट्ठे किए गए बीजों से F2 पीढ़ी के 800 पौधे उगाए।
(a) F1 पौधों को देखकर 'लंबा' और 'गोल' लक्षणों के बारे में क्या पता चलता है? (1 अंक)
उत्तर।
- लंबा और गोल प्रभावी लक्षण हैं; बौना और झुर्रीदार अप्रभावी हैं, इसलिए वे F1 में दिखाई नहीं देते — 1 अंक
(b) F2 के 800 पौधों में से कितने पौधे बौने और गोल बीज वाले होने की अपेक्षा है? यह संख्या कैसे प्राप्त की, दिखाइए। (1 अंक)
उत्तर।
- F2 का अनुपात 9 : 3 : 3 : 1 है, और बौने-गोल पौधे हर 16 में से 3 होते हैं; पौधे — 1 अंक
(c) F2 के 800 पौधों में से कितने पौधे लंबे होने की अपेक्षा है? इन लंबे पौधों में से कितने लंबाई के लिए शुद्ध (TT) होंगे? लंबाई के संकरण की सहायता से समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
- लंबाई के लिए Tt × Tt से TT : Tt : tt = 1 : 2 : 1 मिलता है — 1 अंक
- लंबे पौधे (0.5); शुद्ध लंबे (TT) (0.5) — 1 अंक
अथवा
(c) समीर के मित्र ने F1 के एक लंबे पौधे (Tt) का संकरण एक बौने पौधे (tt) से कराया। संतति में लंबे और बौने पौधों का अपेक्षित अनुपात क्या होगा? संकरण दिखाइए। (2 अंक)
उत्तर।
- युग्मक: Tt पौधा T और t देता है; tt पौधा केवल t देता है — 1 अंक
- संतति: Tt (लंबे) और tt (बौने) बराबर संख्या में, अतः लंबे : बौने = 1 : 1 — 1 अंक
प्रश्न 16 (5 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।
(A) कोटा में कक्षा 10 के विद्यार्थी राकेश ने देखा कि गर्म दोपहर में दो घंटे फ़ुटबॉल खेलने और बहुत कम पानी पीने के बाद उसे केवल थोड़ा-सा गहरा पीला मूत्र आया। एक ठंडे दिन, जब उसने खूब पानी पिया, उसे अधिक मात्रा में हल्के रंग का मूत्र आया।
(i) वृक्काणु (नेफ्रॉन) का स्वच्छ चित्र बनाइए और बोमन संपुट, केशिका गुच्छ (ग्लोमेरुलस), नलिका और संग्राहक वाहिनी को नामांकित कीजिए। रुधिर का निस्यंदन किस भाग में होता है? (3 अंक)
उत्तर।
- वृक्काणु का सही चित्र — 1 अंक
- चार भाग सही नामांकित, प्रत्येक 0.25 (आकृति में: 1 बोमन संपुट, 2 केशिका गुच्छ, 3 नलिका, 4 संग्राहक वाहिनी, 5 वृक्क धमनी की शाखा) — 1 अंक
- रुधिर का निस्यंदन केशिका गुच्छ में होता है और निस्यंद बोमन संपुट में एकत्र होता है — 1 अंक

(ii) समझाइए कि गर्म दिन राकेश को कम और गहरे रंग का मूत्र क्यों आया। वृक्क में कितना जल पुनरवशोषित होगा, यह किस बात पर निर्भर करता है? (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
बोमन संपुट में बने निस्यंद में ग्लूकोज़, अमीनो अम्ल, लवण और यूरिया के साथ बहुत-सा जल होता है। नलिका में आगे बढ़ते समय उपयोगी पदार्थ और जल चुनकर वापस रुधिर में ले लिए जाते हैं। कितना जल वापस लिया जाएगा, यह इस पर निर्भर करता है कि शरीर में कितना अतिरिक्त जल है और कितना घुला हुआ वर्ज्य पदार्थ बाहर निकालना है। गर्म दिन राकेश ने पसीने में बहुत जल खोया और बहुत कम पानी पिया, इसलिए शरीर के पास फालतू जल नहीं था। नलिकाओं ने अधिक जल पुनरवशोषित किया और केवल थोड़ा-सा सांद्र, गहरे रंग का मूत्र बचा। ठंडे दिन खूब अतिरिक्त जल होने से कम जल पुनरवशोषित हुआ और उसे अधिक मात्रा में हल्के रंग का मूत्र आया।
अंक योजना:
- निस्यंद के नलिका में आगे बढ़ते समय उपयोगी पदार्थों और जल का वरणात्मक पुनरवशोषण होता है; पुनरवशोषित जल की मात्रा इस पर निर्भर करती है कि शरीर में कितना अतिरिक्त जल है और कितना घुला हुआ वर्ज्य पदार्थ बाहर निकालना है — 1 अंक
- गर्म दिन उसने पसीने में बहुत जल खोया और कम पानी पिया, इसलिए शरीर में अतिरिक्त जल नहीं था: नलिकाओं से अधिक जल पुनरवशोषित हुआ और थोड़ा-सा सांद्र (गहरे रंग का) मूत्र बचा — 1 अंक
अथवा
(B) कबीर ने दोपहर के भोजन में चावल, दाल और घी खाया।
(i) मुँह से लेकर रुधिर में अवशोषित होने तक चावल के मंड के पाचन का क्रम बताइए। प्रत्येक चरण पर कार्य करने वाले रस या एंज़ाइम का नाम लिखिए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
मुँह में लार चबाए हुए चावल में मिल जाती है। इसका एंज़ाइम लार एमिलेस मंड को सरल शर्करा में तोड़ना शुरू कर देता है। आमाशय में भोजन अम्लीय हो जाता है और मंड का आगे पाचन नहीं होता। क्षुद्रांत्र में अग्न्याशयिक रस (अग्न्याशयिक एमिलेस सहित) मंड को आगे तोड़ता है, और भित्ति से निकलने वाला आंत्र रस अंततः कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज़ में बदल देता है। क्षुद्रांत्र के भीतरी आस्तर पर हज़ारों अँगुली जैसे दीर्घरोम होते हैं। ये बहुत बड़ा सतही क्षेत्रफल देते हैं, और इनमें रुधिर की भरपूर आपूर्ति ग्लूकोज़ को रुधिर में ले जाती है।
अंक योजना:
- मुँह: लार में उपस्थित लार एमिलेस मंड को सरल शर्करा में तोड़ता है — 1 अंक
- आमाशय: माध्यम अम्लीय होता है और मंड का आगे पाचन नहीं होता; क्षुद्रांत्र: अग्न्याशयिक रस (अग्न्याशयिक एमिलेस) मंड का विखंडन आगे बढ़ाता है, और आंत्र रस के एंज़ाइम अंततः कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज़ में बदल देते हैं — 1 अंक
- ग्लूकोज़ क्षुद्रांत्र के दीर्घरोमों द्वारा रुधिर में अवशोषित होता है, जो बहुत बड़ा सतही क्षेत्रफल देते हैं — 1 अंक
(ii) किसी व्यक्ति की जठर ग्रंथियाँ सामान्य से बहुत कम श्लेष्मा स्रावित करती हैं। इस व्यक्ति को क्या समस्या होने की संभावना है, और क्यों? (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
जठर ग्रंथियाँ हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ पेप्सिन एंज़ाइम और श्लेष्मा मुक्त करती हैं। श्लेष्मा आमाशय के भीतरी आस्तर पर परत बनाकर उसे अम्ल से बचाता है। यदि श्लेष्मा बहुत कम बने, तो अम्ल स्वयं आस्तर पर क्रिया करने लगता है। इससे आस्तर क्षतिग्रस्त हो सकता है और आमाशय में दर्द तथा घाव (अल्सर) हो सकते हैं।
अंक योजना:
- आमाशय का भीतरी आस्तर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे दर्द और व्रण (अल्सर) हो सकते हैं — 1 अंक
- क्योंकि सामान्य रूप से श्लेष्मा आमाशय के भीतरी आस्तर को अम्ल के प्रभाव से बचाता है — 1 अंक
खण्ड ख – रसायन विज्ञान (25 अंक)
प्रश्न 25 (2 अंक)
निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:
(a) नाइट्रोजन अणु, , की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए। (नाइट्रोजन का परमाणु क्रमांक = 7) (1 अंक)
उत्तर।
- सही संरचना: दोनों परमाणुओं के बीच तीन साझा इलेक्ट्रॉन युग्म और प्रत्येक परमाणु पर एक एकाकी युग्म — 1 अंक

(b) नाइट्रोजन के अणु में त्रिआबंध होता है, जबकि ऑक्सीजन के अणु में द्विआबंध। क्यों? (1 अंक)
उत्तर।
- नाइट्रोजन परमाणु (2, 5) को अष्टक पूरा करने के लिए तीन और इलेक्ट्रॉन चाहिए, इसलिए दो नाइट्रोजन परमाणु तीन युग्म साझा करते हैं — 0.5 अंक
- ऑक्सीजन परमाणु (2, 6) को केवल दो और इलेक्ट्रॉन चाहिए, इसलिए दो ऑक्सीजन परमाणु दो युग्म साझा करते हैं — 0.5 अंक
प्रश्न 26 (3 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।
(A) मीरा ने एक परखनली में 2 mL एथेनॉइक अम्ल में एक चुटकी सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट डाला।
(i) वह क्या देखेगी? (1 अंक)
उत्तर।
- तेज़ बुदबुदाहट: रंगहीन गैस के बुलबुले निकलते हैं — 1 अंक
(ii) अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (1 अंक)
उत्तर।
- — 1 अंक
(iii) उस व्यवस्था का नामांकित चित्र बनाइए जिससे वह दिखा सके कि निकलने वाली गैस चूने के पानी को दूधिया कर देती है। (1 अंक)
उत्तर।
- सही व्यवस्था: कॉर्क से बंद परखनली, और एक निकास नली जो दूसरी परखनली के चूने के पानी में डूबी हो — 0.5 अंक
- नामांकन (आकृति में: 1 सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट सहित एथेनॉइक अम्ल, 2 कॉर्क, 3 निकास नली, 4 चूने का पानी) — 0.5 अंक

अथवा
(B) निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:
(i) साबुनीकरण क्या है? (1 अंक)
उत्तर।
- किसी एस्टर की सोडियम हाइड्रॉक्साइड जैसे क्षारक से अभिक्रिया, जिसमें ऐल्कोहॉल और अम्ल का सोडियम लवण वापस मिलता है; इसका उपयोग साबुन बनाने में होता है — 1 अंक
(ii) एथिल एथेनोएट को सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ गर्म किया जाता है। अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए और बनने वाले दोनों उत्पादों के नाम बताइए। (2 अंक)
उत्तर।
- — 1 अंक
- एथेनॉल (0.5) और सोडियम एथेनोएट (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 27 (3 अंक)
निम्नलिखित के कारण दीजिए:
(a) वाराणसी के एक मंदिर में रखे ताँबे के पुराने बर्तनों की चमक धीरे-धीरे चली जाती है और उन पर हरी परत चढ़ जाती है। (1 अंक)
उत्तर।
- ताँबा वायु में उपस्थित नम कार्बन डाइऑक्साइड से अभिक्रिया करके अपनी सतह पर क्षारकीय कॉपर कार्बोनेट की हरी परत बना लेता है — 1 अंक
(b) ठोस सोडियम क्लोराइड विद्युत का चालन नहीं करता, परंतु उसका जलीय विलयन करता है। (1 अंक)
उत्तर।
- ठोस में आयन दृढ़ संरचना में बँधे रहते हैं और गति नहीं कर सकते — 0.5 अंक
- विलयन में आयन गति करने के लिए स्वतंत्र होते हैं और धारा ले जाते हैं — 0.5 अंक
(c) यशदलेपित (गैल्वनीकृत) लोहे की बाल्टी पर ज़िंक की परत कहीं-कहीं खरोंच जाने पर भी उसमें जंग नहीं लगती। (1 अंक)
उत्तर।
- ज़िंक लोहे से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए वह पहले वायु और नमी से अभिक्रिया करता है और खरोंच वाली जगह पर भी लोहे की रक्षा करता रहता है — 1 अंक
प्रश्न 28 (4 अंक)
काव्या ने एक शंक्वाकार फ्लास्क में 10 mL तनु सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन लिया और उसमें फ़िनॉल्फ़्थेलिन की दो बूँदें डालीं। विलयन गुलाबी हो गया। फिर उसने ड्रॉपर से थोड़ा-थोड़ा करके तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डाला और हर बार फ्लास्क को घुमाकर हिलाया। ठीक 8 mL अम्ल डालने पर गुलाबी रंग गायब हो गया। उसने 2 mL अम्ल और डाला, और विलयन रंगहीन ही रहा।
(a) 8 mL अम्ल डालने पर गुलाबी रंग क्यों गायब हो गया? (1 अंक)
उत्तर।
- अम्ल ने सारे सोडियम हाइड्रॉक्साइड को उदासीन कर दिया, इसलिए विलयन क्षारकीय नहीं रहा; फ़िनॉल्फ़्थेलिन उदासीन या अम्लीय विलयन में रंगहीन होता है — 1 अंक
(b) यदि काव्या फ़िनॉल्फ़्थेलिन के स्थान पर मेथिल ऑरेंज का उपयोग करती, तो विलयन का रंग (i) आरंभ में और (ii) 10 mL अम्ल डालने के बाद क्या होता? (1 अंक)
उत्तर।
- (i) पीला — 0.5 अंक
- (ii) लाल — 0.5 अंक
(c) फ्लास्क में होने वाली अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। जिस क्षण गुलाबी रंग ठीक गायब होता है, उस समय विलयन का pH कितना होता है? कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- — 1 अंक
- pH 7: अम्ल और क्षारक ने एक-दूसरे को ठीक-ठीक उदासीन कर दिया है, और केवल सोडियम क्लोराइड (प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक का लवण) तथा जल बचे हैं — 1 अंक
अथवा
(c) काव्या यही प्रयोग 10 mL ऐसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ दोहराती है जो दोगुना सांद्र है। गुलाबी रंग गायब करने के लिए उसे उसी अम्ल की कितनी मात्रा चाहिए? अभिक्रिया के दौरान फ्लास्क गर्म होगा या ठंडा? कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- 16 mL, क्योंकि दोगुनी मात्रा के क्षारक को उदासीन करने के लिए दोगुनी मात्रा में अम्ल चाहिए — 1 अंक
- फ्लास्क गर्म होगा, क्योंकि उदासीनीकरण एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है — 1 अंक
प्रश्न 29 (5 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।
(A)
(i) कक्षा में शिक्षक द्वारा जलाई गई मैग्नीशियम रिबन की एक पट्टी के बारे में तीन विद्यार्थी ये कथन कहते हैं।
ईशान: "रिबन चकाचौंध करने वाली सफ़ेद लौ के साथ जलता है और एक सफ़ेद चूर्ण छोड़ता है, जो मैग्नीशियम ऑक्साइड है।"
पूजा: "जलाने से पहले रिबन को रेगमाल से रगड़ना पड़ता है, ताकि उसकी सतह पर जमी ऑक्साइड की धुँधली परत हट जाए।"
फ़रहान: "यह एक वियोजन अभिक्रिया है, क्योंकि ठोस रिबन टूटकर चूर्ण बन जाता है।"
कौन सही है और कौन नहीं? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए और अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
ईशान और पूजा सही हैं, फ़रहान नहीं। मैग्नीशियम चकाचौंध करने वाली सफ़ेद लौ के साथ जलता है और पीछे बचा सफ़ेद चूर्ण मैग्नीशियम ऑक्साइड है। रिबन को पहले रेगमाल से इसलिए साफ़ किया जाता है क्योंकि उसकी सतह पर ऑक्साइड की धुँधली परत होती है, जो धातु को आसानी से अभिक्रिया नहीं करने देती। फ़रहान गलत है, क्योंकि दो पदार्थ, मैग्नीशियम और ऑक्सीजन, मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं; कुछ भी टूटता नहीं है। अतः यह संयोजन अभिक्रिया है: ।
अंक योजना:
- ईशान सही है: मैग्नीशियम चकाचौंध करने वाली सफ़ेद लौ के साथ जलकर सफ़ेद मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है — 0.5 अंक
- पूजा सही है: ऑक्साइड की परत हटानी पड़ती है ताकि धातु ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर सके — 0.5 अंक
- फ़रहान सही नहीं है: मैग्नीशियम और ऑक्सीजन मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं, अतः यह संयोजन अभिक्रिया है, वियोजन नहीं — 1 अंक
- — 1 अंक
(ii) रोहित ने अपनी कॉपी में निम्नलिखित लिखा। प्रत्येक में त्रुटि पहचानिए और उसे सही करके फिर से लिखिए।
(I) ; यह एक विस्थापन अभिक्रिया है।
(II) ; यह एक वियोजन अभिक्रिया है जिसमें ऊष्मा अवशोषित होती है। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(I) समीकरण संतुलित नहीं है; बाईं ओर सोडियम के दो और क्लोरीन के दो परमाणु हैं, इसलिए यह होना चाहिए। साथ ही, दोनों यौगिक आयनों का आदान-प्रदान करते हैं और बेरियम सल्फ़ेट का सफ़ेद अवक्षेप बनता है, अतः यह द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया है। (II) समीकरण संतुलित है, परंतु बिना बुझा चूना और जल मिलकर एक ही उत्पाद, बुझा हुआ चूना, बनाते हैं और बहुत ऊष्मा मुक्त होती है। अतः यह संयोजन अभिक्रिया है और ऊष्माक्षेपी भी।
अंक योजना:
- (I) समीकरण संतुलित नहीं है और अभिक्रिया का प्रकार भी गलत है: एक द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया है — 1 अंक
- (II) समीकरण सही है, पर यह संयोजन अभिक्रिया है जिसमें ऊष्मा मुक्त होती है, अर्थात् ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया — 1 अंक
अथवा
(B)
(i) विवेक ने तीन क्रियाकलाप किए:
P: उसने लेड नाइट्रेट विलयन को पोटैशियम आयोडाइड विलयन में मिलाया, और एक पीला अवक्षेप बना।
Q: उसने चीनी मिट्टी की प्याली में थोड़ा सफ़ेद सिल्वर क्लोराइड धूप में रखा, और वह धूसर हो गया।
R: उसने थोड़े कैल्सियम कार्बोनेट को तेज़ गर्म किया, और एक गैस निकली जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है।
प्रत्येक क्रियाकलाप के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए और अभिक्रिया का प्रकार बताइए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
P: । दोनों यौगिक आयनों का आदान-प्रदान करते हैं और पीला लेड आयोडाइड अलग हो जाता है, अतः यह द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया है। Q: । सूर्य का प्रकाश सिल्वर क्लोराइड को धूसर चाँदी और क्लोरीन में तोड़ देता है, अतः यह प्रकाश द्वारा होने वाली वियोजन अभिक्रिया है। R: । ऊष्मा कैल्सियम कार्बोनेट को बिना बुझे चूने और कार्बन डाइऑक्साइड में तोड़ देती है; यही गैस चूने के पानी को दूधिया करती है। अतः यह ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया है।
अंक योजना:
- P: (0.5); द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया (0.5) — 1 अंक
- Q: (0.5); प्रकाश द्वारा होने वाली वियोजन अभिक्रिया (0.5) — 1 अंक
- R: (0.5); ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया (0.5) — 1 अंक
(ii) भिलाई के एक इस्पात संयंत्र की वात्या भट्ठी में लौह अयस्क को कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ गर्म किया जाता है: । उपचयित होने वाला पदार्थ और अपचयित होने वाला पदार्थ पहचानिए। ऑक्सीजन की प्राप्ति या ह्रास के आधार पर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
कार्बन मोनोऑक्साइड आयरन ऑक्साइड से ऑक्सीजन लेकर कार्बन डाइऑक्साइड बन जाती है। ऑक्सीजन की प्राप्ति उपचयन है, अतः कार्बन मोनोऑक्साइड उपचयित होती है। आयरन(III) ऑक्साइड अपनी ऑक्सीजन खो देता है और आयरन बचता है। ऑक्सीजन का ह्रास अपचयन है, अतः आयरन(III) ऑक्साइड अपचयित होता है। दोनों क्रियाएँ साथ-साथ होती हैं, इसलिए यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है।
अंक योजना:
- कार्बन मोनोऑक्साइड का उपचयन होता है, क्योंकि यह ऑक्सीजन प्राप्त करके कार्बन डाइऑक्साइड बनाती है — 1 अंक
- आयरन(III) ऑक्साइड का अपचयन होता है, क्योंकि यह ऑक्सीजन खोकर आयरन बनाता है — 1 अंक
खण्ड ग – भौतिक विज्ञान (25 अंक)
प्रश्न 33 (2 अंक)
2 cm ऊँची एक वस्तु 12 cm फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस के सामने 16 cm की दूरी पर रखी है।
(a) प्रतिबिंब का बनना दर्शाने के लिए किरण आरेख खींचिए। (1 अंक)
उत्तर।
- मुख्य अक्ष के समांतर किरण अपवर्तन के बाद F2 से गुज़रती है, और प्रकाशिक केंद्र से जाने वाली किरण बिना मुड़े सीधी निकलती है (0.25 + 0.25) — 0.5 अंक
- किरणें 2F2 से आगे मिलकर वास्तविक, उल्टा और बड़ा प्रतिबिंब बनाती हैं — 0.5 अंक

(b) लेंस सूत्र का उपयोग करके प्रतिबिंब की दूरी और प्रतिबिंब की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- , अतः cm, लेंस के दूसरी ओर — 0.5 अंक
- cm: प्रतिबिंब 6 cm ऊँचा और उल्टा है — 0.5 अंक
प्रश्न 34 (2 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।
(A) लखनऊ का वर्मा परिवार 1.5 kW के विद्युत गीज़र का प्रतिदिन 40 मिनट उपयोग करता है।
(I) एक किलोवाट घंटा (1 kWh) में कितने जूल होते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
- 1 kWh = 1000 W × 3600 s J — 1 अंक
(II) 30 दिनों में गीज़र द्वारा उपयोग की गई विद्युत ऊर्जा, और ₹ 6 प्रति kWh की दर से उसका खर्च ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- ऊर्जा kWh — 0.5 अंक
- खर्च = 30 × ₹ 6 = ₹ 180 — 0.5 अंक
अथवा
(B) 8 Ω प्रतिरोध वाले एक तार को एकसमान रूप से तब तक खींचा जाता है जब तक उसकी लंबाई दोगुनी न हो जाए।
(I) तार का नया प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- आयतन वही रहता है, इसलिए अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल आधा हो जाता है: , अर्थात् 32 Ω — 1 अंक
(II) क्या तार की प्रतिरोधकता बदलती है? कारण दीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- नहीं — 0.5 अंक
- प्रतिरोधकता पदार्थ (और ताप) पर निर्भर करती है, तार की लंबाई या मोटाई पर नहीं — 0.5 अंक
प्रश्न 35 (3 अंक)
एक दंत चिकित्सक 4 cm फोकस दूरी वाला एक छोटा अवतल दर्पण किसी दाँत से 3 cm की दूरी पर रखता है।
(a) प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- cm, cm; , अतः cm: प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 12 cm पर है — 1 अंक
(b) आवर्धन ज्ञात कीजिए और प्रतिबिंब की प्रकृति बताइए। (1 अंक)
उत्तर।
- — 0.5 अंक
- प्रतिबिंब आभासी, सीधा और चार गुना बड़ा है — 0.5 अंक
(c) दंत चिकित्सक इस कार्य के लिए उत्तल दर्पण का उपयोग क्यों नहीं करता? (1 अंक)
उत्तर।
- उत्तल दर्पण सदा छोटा प्रतिबिंब बनाता है, जबकि दंत चिकित्सक को दाँत का बड़ा प्रतिबिंब चाहिए — 1 अंक
प्रश्न 36 (3 अंक)
एक लंबी परिनालिका को कुंजी के द्वारा बैटरी से जोड़ा गया है, और कुंजी बंद कर दी गई है।
(a) परिनालिका के अंदर और उसके चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न बनाइए। कुंडली में धारा की दिशा दिखाइए और उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव अंकित कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- क्षेत्र रेखाएँ: अंदर समांतर सीधी रेखाएँ, और बाहर छड़ चुंबक जैसी बंद वक्र रेखाएँ — 1 अंक
- धारा और क्षेत्र रेखाओं की दिशा सही दिखाई गई हो, और N ध्रुव उस सिरे पर हो जहाँ से क्षेत्र रेखाएँ बाहर निकलती हैं (दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम) — 1 अंक

(b) परिनालिका के अंदर क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न वहाँ के चुंबकीय क्षेत्र के बारे में क्या बताता है? इसका एक उपयोग बताइए। (1 अंक)
उत्तर।
- अंदर सभी बिंदुओं पर क्षेत्र समान (एकसमान) होता है — 0.5 अंक
- इसका उपयोग अंदर रखे नर्म लोहे के टुकड़े को चुंबकित करके विद्युत चुंबक बनाने में होता है — 0.5 अंक
प्रश्न 37 (3 अंक)
दिखाए गए परिपथ का अध्ययन कीजिए। कुंजी K बंद है।

(a) परिपथ का कुल प्रतिरोध और बैटरी से ली जाने वाली धारा ज्ञात कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- पार्श्व भाग: , अतः Ω — 1 अंक
- कुल प्रतिरोध Ω (0.5); धारा A (0.5) — 1 अंक
(b) X और Y के बीच विभवांतर, और 6 Ω प्रतिरोधक से प्रवाहित धारा ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- V — 0.5 अंक
- 6 Ω प्रतिरोधक से प्रवाहित धारा A — 0.5 अंक
प्रश्न 38 (4 अंक)
गर्मियों में बार-बार बिजली जाने के कारण पटना का मिश्रा परिवार इन्वर्टर का उपयोग करता है। इसकी 12 V की बैटरी ऊर्जा संचित करती है और दिष्ट धारा (DC) देती है। मुख्य आपूर्ति (मेन्स) बंद होने पर इन्वर्टर इस DC को मेन्स जैसी ही 220 V और 50 Hz की प्रत्यावर्ती धारा (AC) में बदलकर घर की वायरिंग में भेजता है। घर में पंखे, बल्ब और फ्रिज सभी पार्श्वक्रम में जुड़े हैं, और प्रत्येक परिपथ एक मिनिएचर सर्किट ब्रेकर (MCB) द्वारा सुरक्षित है।
(a) '50 Hz' प्रत्यावर्ती धारा के बारे में क्या बताता है? (1 अंक)
उत्तर।
- धारा बार-बार अपनी दिशा उलटती है और हर सेकंड 50 चक्र पूरे करती है; यह प्रत्येक s बाद दिशा बदलती है — 1 अंक
(b) दिष्ट धारा (DC) की तुलना में प्रत्यावर्ती धारा (AC) का एक लाभ बताइए। (1 अंक)
उत्तर।
- AC को ऊर्जा की अधिक हानि के बिना लंबी दूरी तक प्रेषित किया जा सकता है — 1 अंक
(c) इन्वर्टर 220 V पर अधिकतम 5 A धारा दे सकता है। बिजली जाने पर परिवार फ्रिज (300 W), चार पंखे (प्रत्येक 75 W) और पाँच LED बल्ब (प्रत्येक 20 W) चलाता है। क्या वे साथ में 750 W की विद्युत इस्त्री भी चला सकते हैं? अपनी गणना दिखाइए। (2 अंक)
उत्तर।
- इन्वर्टर द्वारा दी जा सकने वाली अधिकतम शक्ति W — 1 अंक
- पहले से चल रहा भार = 300 + 300 + 100 = 700 W; इस्त्री जोड़ने पर यह 1450 W होगा, जो 1100 W से अधिक है, अतः वे इस्त्री नहीं चला सकते (केवल 400 W तक और जोड़ा जा सकता है) — 1 अंक
अथवा
(c) 10 A के MCB से सुरक्षित रसोई के परिपथ में 2 kW का एक विद्युत ओवन और 1.3 kW की एक विद्युत केतली 220 V आपूर्ति पर एक साथ चालू की जाती हैं। ली गई कुल धारा ज्ञात कीजिए। MCB क्या करेगा, और क्यों? (2 अंक)
उत्तर।
- कुल शक्ति W; A — 1 अंक
- 15 A, 10 A से अधिक है, इसलिए MCB परिपथ को बंद (ट्रिप) कर देता है और अतिभारण से तारों को गर्म होने से बचाता है — 1 अंक
प्रश्न 39 (5 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।
(A) शिमला में कक्षा 10 की छात्रा सुनीता अपनी पाठ्यपुस्तक आसानी से पढ़ लेती है, पर पीछे की बेंच से श्यामपट्ट पर लिखा हुआ उसे धुँधला दिखता है। उसके नेत्र चिकित्सक -0.5 D क्षमता का चश्मा लिखते हैं।
(i) क्षमता का ऋण चिह्न लेंस के बारे में क्या बताता है? सुनीता को कौन-सा दृष्टि दोष है? (1 अंक)
उत्तर।
- लेंस अवतल (अपसारी) है — 0.5 अंक
- निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) — 0.5 अंक
(ii) सुनीता की आँख का दूर-बिंदु ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- m; लेंस दूर की वस्तु से आने वाली किरणों को ऐसे फैलाता है मानो वे 2 m दूर उसके फोकस से आ रही हों, अतः उसका दूर-बिंदु आँख से 2 m पर है — 1 अंक
(iii) सुनीता के चचेरे भाई को भी यही दोष है, पर उसका दूर-बिंदु आँख से 4 m पर है। क्या उसे सुनीता से अधिक क्षमता का लेंस चाहिए या कम? कारण दीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- कम क्षमता का: उसके लेंस के लिए m, अतः D; दूर-बिंदु जितना दूर होगा, किरणों को उतना कम फैलाना पड़ेगा — 1 अंक
(iv) किरण आरेख बनाकर दर्शाइए कि सुनीता के चश्मे का लेंस उसे दूर की वस्तु स्पष्ट देखने में कैसे सहायता करता है। उसका दूर-बिंदु अंकित कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- दूर की वस्तु से आने वाली समांतर किरणें आँख के सामने रखे अवतल लेंस L पर पड़ती हैं और ऐसे अपसरित होती हैं मानो दूर-बिंदु O (अंकित) से आ रही हों — 1 अंक
- नेत्र लेंस इन किरणों को दृष्टिपटल पर फोकस करता है — 1 अंक

अथवा
(B) पृथ्वी के वायुमंडल और काँच से गुज़रते समय प्रकाश मुड़ता है।
(i) सूर्य के क्षितिज से वास्तव में ऊपर आने से लगभग दो मिनट पहले ही हम उसे देख लेते हैं। कारण समझाइए। (1 अंक)
उत्तर।
- वायुमंडलीय अपवर्तन: क्षितिज से ठीक नीचे स्थित सूर्य का प्रकाश वायु की निचली, सघन परतों में जाते समय अभिलंब की ओर मुड़ता है और हमारी आँखों तक पहुँच जाता है — 1 अंक
(ii) यदि पृथ्वी पर वायुमंडल न होता, तो दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) अब से लंबा होता या छोटा? कारण दीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- लगभग चार मिनट छोटा: वायुमंडलीय अपवर्तन न होने से सूर्योदय पर मिलने वाले दो मिनट और सूर्यास्त पर मिलने वाले दो मिनट नहीं मिलते — 1 अंक
(iii) तारे क्यों टिमटिमाते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
- तारे का प्रकाश वायु की ऐसी परतों से होकर आता है जिनका प्रकाशिक घनत्व लगातार बदलता रहता है, इसलिए उसका अपवर्तन अलग-अलग मात्रा में होता है; तारे की आभासी स्थिति और आँख तक पहुँचने वाला प्रकाश बदलता रहता है — 1 अंक
(iv) दो सर्वसम काँच के प्रिज़्मों की उस व्यवस्था का नामांकित चित्र बनाइए जिससे श्वेत प्रकाश के वर्णों को मिलाकर फिर से श्वेत प्रकाश प्राप्त किया जा सकता है। (2 अंक)
उत्तर।
- दो सर्वसम प्रिज़्म, दूसरा पहले के सापेक्ष उल्टा रखा हुआ — 1 अंक
- सही पथ: पहला प्रिज़्म श्वेत प्रकाश को विभाजित करता है और दूसरा उसे फिर से मिलाता है, जिससे श्वेत प्रकाश बाहर निकलता है (आकृति में: 1 श्वेत प्रकाश, 2 लाल, 3 बैंगनी, 4 श्वेत प्रकाश, 5 पर्दा) — 1 अंक
