विस्तृत हल: CBSE कक्षा 10 विज्ञान सैंपल पेपर 2027 – सेट 2

प्रश्न पत्र के सभी लिखित प्रश्न (2, 3, 4 और 5 अंक) यहाँ क्रम से हल किए गए हैं, हर चरण के अंकों के साथ, ताकि आप अपनी उत्तर पुस्तिका परीक्षक की तरह जाँच सकें। जहाँ आंतरिक विकल्प (अथवा) है, वहाँ दोनों विकल्प हल किए गए हैं। 1 अंक वाले प्रश्नों के उत्तर व्याख्या सहित प्रश्न पत्र वाले पृष्ठ की क्विज़ में हैं।

खण्ड क – जीव विज्ञान (30 अंक)

प्रश्न 10 (2 अंक)

निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:

(a) दो परखनलियों में, जिनमें जल में उबले अंडे की सफ़ेदी के छोटे टुकड़े थे, थोड़ा पेप्सिन डाला गया। केवल पहली परखनली में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की कुछ बूँदें भी डाली गईं। शरीर के ताप पर एक घंटे बाद अंडे की सफ़ेदी का पाचन केवल पहली परखनली में हुआ। इससे आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की भूमिका के बारे में क्या पता चलता है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. आमाशय का प्रोटीन-पाचक एंज़ाइम पेप्सिन केवल अम्लीय माध्यम में कार्य करता है — 0.5 अंक
  2. आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल यही अम्लीय माध्यम बनाता है, ताकि पेप्सिन प्रोटीन का पाचन कर सके — 0.5 अंक

(b) रुधिर केशिकाओं से रिसकर निकला एक रंगहीन तरल शरीर की कोशिकाओं को चारों ओर से घेरे रहता है। बाद में यह अपनी अलग छोटी वाहिकाओं में इकट्ठा होता है और अंत में फिर रुधिर में मिल जाता है। इस तरल का नाम और इसका एक कार्य बताइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. लसीका (ऊतक तरल) — 0.5 अंक
  2. कोई एक: यह आँत से पचे और अवशोषित वसा का वहन करता है; यह कोशिकाओं के बीच के स्थानों का अतिरिक्त तरल वापस रुधिर में ले जाता है — 0.5 अंक

प्रश्न 11 (2 अंक)

रत्नागिरी के पास आम के एक बाग में माली ने एक पेड़ की एक शाखा से छाल का, फ्लोएम सहित, एक पूरा वलय हटा दिया, पर लकड़ी (जाइलम) को नहीं छुआ। उस शाखा की पत्तियाँ कई सप्ताह तक ताज़ी और हरी रहीं, परंतु वलय के ठीक ऊपर की छाल धीरे-धीरे फूल गई। जाइलम में होने वाले परिवहन और फ्लोएम में होने वाले परिवहन के दो अंतर बताते हुए इन दोनों प्रेक्षणों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर।

  1. पत्तियाँ ताज़ी रहती हैं: जाइलम नहीं कटा, इसलिए जड़ों से जल और खनिज उन तक पहुँचते रहते हैं (0.5); वलय के ऊपर छाल फूलती है: पत्तियों में बना भोजन फ्लोएम में नीचे आता है, वलय को पार नहीं कर पाता और ठीक उसके ऊपर जमा हो जाता है (0.5) — 1 अंक
  2. अंतर (प्रत्येक 0.5): जाइलम जल और खनिजों को केवल जड़ों से ऊपर की ओर ले जाता है, जबकि फ्लोएम भोजन (सुक्रोज़) को ऊपर या नीचे, जहाँ आवश्यकता हो, ले जाता है; जाइलम में परिवहन मुख्यतः वाष्पोत्सर्जन कर्षण से होता है और पौधे को ऊर्जा खर्च नहीं करनी पड़ती, जबकि फ्लोएम में स्थानांतरण के लिए ATP की ऊर्जा का उपयोग होता है; यह भी स्वीकार्य: जाइलम में संवहन वाहिकाओं और वाहिनिकाओं से होता है, फ्लोएम में चालनी नलिकाओं और सहचर कोशिकाओं से — 1 अंक

प्रश्न 12 (2 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) एक गर्मी में किसी झील का जल सामान्य से बहुत अधिक गर्म हो गया। एक प्रकार की अधिकांश मछलियाँ मर गईं, परंतु कुछ बच गईं और उन्होंने आगे जनन किया। समझाइए कि किसी स्पीशीज़ के सदस्यों के बीच विभिन्नता ऐसे परिवर्तन में उसे बचे रहने में कैसे सहायता करती है। अधिक विभिन्नता उत्पन्न करने वाली जनन-विधि लंबे समय में स्पीशीज़ के लिए उपयोगी क्यों है?

उत्तर।

  1. किसी स्पीशीज़ के सभी सदस्य एक जैसे नहीं होते; संयोग से कुछ में ऐसी विभिन्नताएँ हो सकती हैं जिनसे वे गर्म जल सह सकें, इसलिए बाकी के मरने पर भी वे बचते हैं और जनन करते हैं — 1 अंक
  2. यदि कोई स्पीशीज़ अधिक विभिन्नता उत्पन्न करती है, तो परिस्थितियाँ बदलने पर कुछ सदस्यों के बचने की संभावना अधिक होती है, इसलिए स्पीशीज़ पूरी तरह समाप्त नहीं होती — 1 अंक

अथवा

(B) कई वर्षों से केवल तने की कलमों से उगाई जा रही गुलाब की एक किस्म एक नए रोग के फैलने पर बुरी तरह प्रभावित होती है, क्योंकि हर पौधा रोगग्रस्त हो जाता है। एक पादप प्रजनक दो अलग-अलग किस्मों के संकरण से बने बीजों से नए पौधे उगाने का सुझाव देता है। लैंगिक जनन के दो लाभ बताइए जो इस सुझाव का समर्थन करते हैं।

उत्तर।

  1. लैंगिक जनन में दो अलग-अलग जनकों का DNA मिलता है, इसलिए संतति में लक्षणों के नए संयोजन (अधिक विभिन्नता) होते हैं — 1 अंक
  2. कोई एक: अधिक विभिन्नता होने से कुछ नए पौधे रोग का प्रतिरोध कर सकते हैं या बदली परिस्थितियों को सह सकते हैं, इसलिए किस्म पूरी तरह समाप्त नहीं होती; दोनों जनक किस्मों के उपयोगी लक्षण एक ही पौधे में लाए जा सकते हैं — 1 अंक

प्रश्न 13 (3 अंक)

नंदिनी ने एक सुहानी सुबह 10 बजे तोड़ी गई पत्ती की निचली पतली झिल्ली उतारी और उसे सूक्ष्मदर्शी से देखा। अधिकांश रंध्र खुले थे। जब उसने उसी पौधे से बहुत गर्म और शुष्क दोपहर में 2 बजे तोड़ी गई पत्ती के साथ यही किया, तो अधिकांश रंध्र बंद थे।

(a) दोपहर 2 बजे नंदिनी को रंध्र जैसा दिखा, उसका और उसके पास की कोशिकाओं का स्वच्छ चित्र बनाइए। इनमें से कोई चार भाग नामांकित कीजिए: द्वार कोशिका, रंध्र, हरितलवक, केंद्रक, बाह्यत्वचा कोशिका। तीरों से दर्शाइए कि रंध्र के इस अवस्था में पहुँचते समय द्वार कोशिकाओं में जल किस दिशा में गया। (2 अंक)

उत्तर।

  1. दो सिकुड़ी हुई द्वार कोशिकाओं के बीच बंद रंध्र का सही चित्र — 0.5 अंक
  2. द्वार कोशिकाओं से पास की कोशिकाओं में जल के जाने को दर्शाते तीर — 0.5 अंक
  3. कोई चार भाग सही नामांकित, प्रत्येक 0.25 (आकृति में: 1 द्वार कोशिका, 2 रंध्र (बंद), 3 हरितलवक, 4 केंद्रक, 5 बाह्यत्वचा कोशिका; तीर द्वार कोशिकाओं से जल का निकलना दर्शाते हैं) — 1 अंक

तीरों और 1 से 5 तक क्रमांकित नामांकन वाला बंद रंध्र

(b) जल की यह गति रंध्र को कैसे बंद करती है? दोपहर 2 बजे रंध्रों के बंद होने से पौधे को क्या लाभ हुआ? (1 अंक)

उत्तर।

  1. जल खोने पर द्वार कोशिकाएँ सिकुड़कर सीधी हो जाती हैं, इसलिए उनके बीच का रंध्र बंद हो जाता है (जल लेने पर वे फूलकर मुड़ती हैं और रंध्र खुल जाता है) — 0.5 अंक
  2. गर्म, शुष्क दोपहर में पौधा वाष्पोत्सर्जन द्वारा बहुत जल खो रहा था; रंध्रों के बंद होने से जल की यह हानि कम हुई — 0.5 अंक

प्रश्न 14 (3 अंक)

आकृति में उदयपुर के पास की एक झील की खाद्य श्रृंखला दिखाई गई है। अक्षरों का अर्थ है: A - पादपप्लवक, B - प्राणिप्लवक, C - छोटी मछली, D - बड़ी मछली, E - किंगफ़िशर (रामचिरैया)। प्रत्येक तीर उस जीव से, जिसे खाया जाता है, उस जीव की ओर है जो उसे खाता है।

तीरों से जुड़े पाँच जीवों A से E की खाद्य श्रृंखला

(a) पादपप्लवक सूर्य के प्रकाश से 1,00,000 J ऊर्जा ग्रहण करते हैं। 10 प्रतिशत नियम का उपयोग करके D और E को उपलब्ध ऊर्जा ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. D: 1,00,000 → 10,000 → 1,000 → 100 J — 0.5 अंक
  2. E: 100 → 10 J — 0.5 अंक

(b) पास के खेतों से एक पीड़कनाशी बहकर झील में आ गया। जाँच में पीड़कनाशी की ये मात्राएँ, भाग प्रति दस लाख (ppm) में, मिलीं:

नमूना झील का जल A C D E
पीड़कनाशी (ppm) 0.02 0.04 0.5 2 25

इन मानों से दिखने वाली प्रक्रिया का नाम बताइए। जिस झील के जल में पादपप्लवक (A) तैरते हैं, उससे दोगुना पीड़कनाशी उनमें पहले से ही क्यों है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. जैव आवर्धन — 0.5 अंक
  2. पादपप्लवक जल और खनिजों के साथ जल से पीड़कनाशी लेते रहते हैं, पर उसे न तो तोड़ पाते हैं और न ही बाहर निकाल पाते हैं, इसलिए यह उनके शरीर में जमा होता जाता है — 0.5 अंक

(c) D की ऊर्जा का केवल छोटा-सा भाग ही E तक पहुँचता है। शेष अधिकांश ऊर्जा का क्या होता है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. इसका अधिकांश भाग D अपने ही जैव प्रक्रमों, जैसे श्वसन, गति और वृद्धि, में उपयोग कर लेता है, और यह ऊष्मा के रूप में निकल जाता है — 0.5 अंक
  2. इसका कुछ भाग D के उन भागों में रहता है जो खाए या पचाए नहीं जाते, और उसके मृत अवशेषों में, जो अपघटकों तक पहुँचता है — 0.5 अंक

प्रश्न 15 (4 अंक)

देहरादून की कक्षा 10 की छात्रा किरण ने अपने विद्यालय के बगीचे में पीले बीजों वाले शुद्ध वंशक्रम के मटर के पौधों का संकरण हरे बीजों वाले शुद्ध वंशक्रम के पौधों से कराया। F1 पीढ़ी के सभी बीज पीले थे। उसने इन बीजों से F1 पौधे उगाए और उनमें स्वपरागण होने दिया। इन F1 पौधों की फलियों में बने बीज F2 पीढ़ी हैं। उसने उन्हें गिना:

बीज का रंग (F2) बीजों की संख्या
पीला 615
हरा 201

(a) बीज का कौन-सा रंग प्रभावी है? F1 पीढ़ी इसे कैसे दर्शाती है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. पीला प्रभावी है: F1 के सभी बीज पीले थे, यद्यपि प्रत्येक F1 पौधे को एक जनक से हरे रंग का कारक भी मिला था — 1 अंक

(b) किरण की गिनती से F2 पीढ़ी में पीले और हरे बीजों का अनुपात ज्ञात कीजिए। हरे बीजों के फिर से प्रकट होने से क्या पता चलता है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. 615 : 201 लगभग 3 : 1 है — 0.5 अंक
  2. हरे रंग का कारक F1 पौधों में बिना दिखे उपस्थित था; वह बिना बदले आगे गया और F2 में फिर प्रकट हुआ — 0.5 अंक

(c) पीले के लिए Y और हरे के लिए y लेकर दो F1 पौधों का संकरण दर्शाइए। F2 में दोनों प्रकार के पीले बीजों का अपेक्षित अनुपात क्या है, और किरण के 615 पीले बीजों में से लगभग कितने शुद्ध-प्रजनी होने की अपेक्षा है? (2 अंक)

उत्तर।

  1. Yy × Yy: प्रत्येक जनक से युग्मक Y और y, जिनसे YY : Yy : yy = 1 : 2 : 1 मिलता है; अतः पीले बीज YY और Yy हैं, 1 : 2 के अनुपात में — 1 अंक
  2. शुद्ध-प्रजनी पीले (YY) =13×615=205= \frac{1}{3} \times 615 = 205 बीज (लगभग) — 1 अंक

अथवा

(c) बीज का रंग और पौधे की लंबाई जैसे लक्षण जीनों द्वारा नियंत्रित होते हैं। पौधे की लंबाई के उदाहरण से समझाइए कि कोई जीन किसी लक्षण का नियंत्रण कैसे करता है। (2 अंक)

उत्तर।

  1. जीन DNA का वह खंड है जिसमें किसी विशेष प्रोटीन, प्रायः किसी एंज़ाइम, को बनाने की सूचना होती है — 1 अंक
  2. यदि जीन से दक्ष एंज़ाइम बनता है, तो पौधा अधिक वृद्धि हॉर्मोन बनाता है और लंबा होता है; यदि जीन में परिवर्तन के कारण एंज़ाइम कम दक्ष हो, तो कम हॉर्मोन बनता है और पौधा बौना रह जाता है — 1 अंक

प्रश्न 16 (5 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) मस्तिष्क शरीर का मुख्य समन्वय केंद्र है।

(i) मानव मस्तिष्क का स्वच्छ चित्र बनाइए और इनमें से कोई चार भाग नामांकित कीजिए: अग्रमस्तिष्क, मध्यमस्तिष्क, पोंस, अनुमस्तिष्क, मेडुला। (2 अंक)

उत्तर।

  1. मानव मस्तिष्क का सही चित्र — 1 अंक
  2. कोई चार भाग सही नामांकित, प्रत्येक 0.25 (आकृति में: 1 अग्रमस्तिष्क, 2 मध्यमस्तिष्क, 3 पोंस, 4 अनुमस्तिष्क, 5 मेडुला) — 1 अंक

1 से 5 तक क्रमांकित नामांकन वाला मस्तिष्क, पार्श्व दृश्य

(ii) तीन रोगियों के सिर में चोट लगी है। प्रत्येक के लिए मस्तिष्क के उस भाग का नाम बताइए जो सबसे अधिक संभावित रूप से क्षतिग्रस्त है, और उस भाग का सामान्य कार्य बताइए।

(I) रोगी P की पेशियाँ मज़बूत हैं, पर वह सीधी रेखा में नहीं चल पाता और पेंसिल को सहजता से नहीं उठा पाता।
(II) रोगी Q में रक्तदाब और लार का स्राव अब ठीक से नियंत्रित नहीं होते।
(III) रोगी R देख और सुन सकती है, पर किसी सरल समस्या पर सोच-विचार नहीं कर पाती और सुबह सीखी गई बात याद नहीं रख पाती। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(I) रोगी P का अनुमस्तिष्क संभवतः क्षतिग्रस्त है। पश्चमस्तिष्क का भाग अनुमस्तिष्क शरीर की स्थिति और संतुलन बनाए रखता है और सीधी रेखा में चलने या पेंसिल उठाने जैसी ऐच्छिक क्रियाओं को परिशुद्ध बनाता है। (II) रोगी Q का मेडुला संभवतः क्षतिग्रस्त है। पश्चमस्तिष्क का ही भाग मेडुला रक्तदाब, लार आना और वमन जैसी अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण करता है। (III) रोगी R का अग्रमस्तिष्क संभवतः क्षतिग्रस्त है। अग्रमस्तिष्क मस्तिष्क का मुख्य सोचने वाला भाग है। इसमें सोचने, याद रखने और ऐच्छिक क्रियाओं के क्षेत्र होते हैं, और ऐसे क्षेत्र भी जो आँखों और कानों से आने वाले संदेशों को समझते हैं।

अंक योजना:

  1. (I) अनुमस्तिष्क (0.5): यह शारीरिक स्थिति और संतुलन बनाए रखता है और ऐच्छिक क्रियाओं की परिशुद्धता के लिए उत्तरदायी है (0.5) — 1 अंक
  2. (II) मेडुला (0.5): यह रक्तदाब, लार आना और वमन जैसी अनैच्छिक क्रियाओं का नियंत्रण करता है (0.5) — 1 अंक
  3. (III) अग्रमस्तिष्क (प्रमस्तिष्क) (0.5): यह मस्तिष्क का मुख्य सोचने वाला भाग है, जिसमें स्मृति, तर्क और ऐच्छिक क्रियाओं के तथा देखी-सुनी बातों को समझने के क्षेत्र होते हैं (0.5) — 1 अंक

अथवा

(B) हुब्बल्लि की छात्रा अनुषा ने अपने विद्यालय के बगीचे में दो काम किए। उसने छुई-मुई (संवेदी पौधे) की एक पत्रक को छुआ: दो सेकंड के भीतर पत्रक मुड़कर बंद हो गए, और लगभग बीस मिनट बाद वे फिर खुल गए। उसने करेले के एक छोटे पौधे के पास मिट्टी में एक पतली छड़ी भी गाड़ दी। अगले तीन दिनों में छड़ी को छूने वाला एक प्रतान उसके चारों ओर कसकर लिपट गया।

(i) अनुषा की सहेली कहती है, "पत्रक इसलिए मुड़े क्योंकि एक ओर की कोशिकाएँ तेज़ी से बढ़ीं, जैसा प्रतान में होता है।" क्या सहेली सही है? समझाइए कि छूने के बाद पत्रक कैसे मुड़ते हैं, स्पर्श का संदेश आगे कैसे पहुँचता है, और पत्रक कुछ ही मिनटों में फिर क्यों खुल सकते हैं। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

सहेली सही नहीं है, क्योंकि पत्रकों के मुड़ने में कोई वृद्धि नहीं होती। जब अनुषा ने पत्रक को छुआ, तो स्पर्श की सूचना विद्युत-रासायनिक साधनों द्वारा एक कोशिका से दूसरी कोशिका तक पहुँची, क्योंकि पौधों में तंत्रिकाएँ नहीं होतीं। फिर प्रभावित भाग की कोशिकाओं ने अपने अंदर जल की मात्रा बदलकर अपना आकार बदल लिया: उन्होंने जल खोया और सिकुड़ गईं, जिससे पत्रक मुड़ गए। चूँकि कोई नई वृद्धि नहीं हुई थी, कुछ समय बाद कोशिकाएँ फिर से जल लेकर अपने पहले आकार में आ गईं और पत्रक खुल गए।

अंक योजना:

  1. नहीं: पत्रकों का मुड़ना वृद्धि-गति नहीं है — 0.5 अंक
  2. पौधों में तंत्रिका ऊतक नहीं होता; पौधे की कोशिकाएँ स्पर्श की सूचना विद्युत-रासायनिक साधनों द्वारा एक कोशिका से दूसरी कोशिका तक पहुँचाती हैं — 1 अंक
  3. प्रभावित भाग की कोशिकाएँ अपने अंदर जल की मात्रा बदलकर (फूलकर या सिकुड़कर) अपना आकार बदलती हैं, जिससे पत्रक मुड़ जाते हैं — 1 अंक
  4. इसमें कोई वृद्धि नहीं होती, इसलिए जब इन कोशिकाओं में जल वापस आता है, तो पत्रक फिर खुल जाते हैं — 0.5 अंक

(ii) यदि एक सप्ताह बाद छड़ी निकाल ली जाए, तो क्या प्रतान खुल जाएगा? कारण दीजिए। एक और तरीका बताइए जिसमें प्रतान की गति पत्रकों के मुड़ने से भिन्न है। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

नहीं, प्रतान नहीं खुलेगा। वह इसलिए लिपटा क्योंकि प्रतान का छड़ी से दूर वाला भाग छड़ी के संपर्क वाले भाग से तेज़ी से बढ़ा, और वृद्धि-गति स्थायी होती है। प्रतान की गति धीमी भी होती है, जिसमें घंटे या दिन लगते हैं, और यह दिशिक होती है: प्रतान आधार की ओर मुड़ता है। पत्रकों का मुड़ना तेज़ होता है, जिसमें केवल कुछ सेकंड लगते हैं, और यह इस पर निर्भर नहीं करता कि पौधे को किस दिशा से छुआ गया।

अंक योजना:

  1. नहीं: प्रतान वृद्धि द्वारा लिपटा, छड़ी से दूर वाला भाग छड़ी को छूने वाले भाग से तेज़ी से बढ़ा, और वृद्धि को उलटा नहीं जा सकता — 1 अंक
  2. कोई एक: प्रतान की गति धीमी होती है (घंटों या दिनों में), पत्रकों की सेकंडों में; प्रतान की गति उद्दीपन की दिशा पर निर्भर करती है (वह आधार की ओर लिपटता है), जबकि पत्रकों का मुड़ना नहीं — 1 अंक

खण्ड ख – रसायन विज्ञान (25 अंक)

प्रश्न 25 (2 अंक)

रेहाना ने चाँदी जैसी सफ़ेद धातु M का एक छोटा टुकड़ा ठंडे जल के बीकर में डाला। धातु ने लगातार, पर बिना तीव्रता के, अभिक्रिया की। उसकी सतह पर एक रंगहीन गैस के बुलबुले बने, और कुछ देर बाद टुकड़ा तैरने लगा।

(a) M को पहचानिए। एक कारण बताइए कि M सोडियम क्यों नहीं हो सकती, और एक कारण कि यह मैग्नीशियम क्यों नहीं हो सकती। (1 अंक)

उत्तर।

  1. M कैल्सियम है — 0.5 अंक
  2. सोडियम तीव्र अभिक्रिया करता और हाइड्रोजन आग पकड़ लेती; मैग्नीशियम ठंडे जल से अभिक्रिया नहीं करता — 0.5 अंक

(b) अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए, और गैस की जाँच बताइए। धातु क्यों तैरती है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. Ca+2H2O→Ca(OH)2+H2\mathrm{Ca + 2H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + H_2} — 0.5 अंक
  2. जलती तीली पास लाने पर गैस 'पॉप' की ध्वनि के साथ जलती है (हाइड्रोजन); धातु इसलिए तैरती है क्योंकि हाइड्रोजन के बुलबुले उसकी सतह से चिपक जाते हैं — 0.5 अंक

प्रश्न 26 (3 अंक)

चार धातुओं A, B, C और D के टुकड़ों को अन्य धातुओं के लवणों के विलयनों में रखा गया। परिणाम नीचे दिए गए हैं।

धातु A के लवण का विलयन B के लवण का विलयन C के लवण का विलयन D के लवण का विलयन
A — कोई परिवर्तन नहीं निक्षेप बना कोई परिवर्तन नहीं
B निक्षेप बना — निक्षेप बना निक्षेप बना
C कोई परिवर्तन नहीं कोई परिवर्तन नहीं — कोई परिवर्तन नहीं
D निक्षेप बना कोई परिवर्तन नहीं निक्षेप बना —

(a) चारों धातुओं को अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में लिखिए। समझाइए कि आपने तालिका का उपयोग कैसे किया। (2 अंक)

उत्तर।

  1. अधिक अभिक्रियाशील धातु कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण के विलयन से विस्थापित करती है, इसलिए निक्षेप तभी बनता है जब धातु, लवण वाली धातु से अधिक अभिक्रियाशील हो — 1 अंक
  2. B तीनों को विस्थापित करती है, D, A और C को, A केवल C को, और C किसी को नहीं; अतः क्रम B > D > A > C है — 1 अंक

(b) A के लवण के विलयन को रखने का पात्र बनाने के लिए अन्य धातुओं में से किसका उपयोग किया जा सकता है? कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. केवल C — 0.5 अंक
  2. C, A से कम अभिक्रियाशील है, इसलिए वह A को उसके लवण से विस्थापित नहीं कर सकती; B और D विलयन से अभिक्रिया करेंगी — 0.5 अंक

प्रश्न 27 (3 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए भौतिक अवस्थाओं सहित संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए, और अभिक्रिया का प्रकार बताइए।

(i) सूर्य के प्रकाश में हाइड्रोजन गैस और क्लोरीन गैस मिलकर हाइड्रोजन क्लोराइड गैस बनाती हैं। (1 अंक)

उत्तर।

  1. H2(g)+Cl2(g)→2HCl(g)\mathrm{H_2(g) + Cl_2(g) \rightarrow 2HCl(g)} — 0.5 अंक
  2. संयोजन अभिक्रिया — 0.5 अंक

(ii) मैग्नीशियम की एक पट्टी कॉपर सल्फ़ेट विलयन में डुबोई जाती है; नीला रंग फीका पड़ जाता है और पट्टी पर लाल-भूरी परत जम जाती है। (1 अंक)

उत्तर।

  1. Mg(s)+CuSO4(aq)→MgSO4(aq)+Cu(s)\mathrm{Mg(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow MgSO_4(aq) + Cu(s)} — 0.5 अंक
  2. विस्थापन अभिक्रिया — 0.5 अंक

(iii) सोडियम कार्बोनेट विलयन को कैल्सियम क्लोराइड विलयन में मिलाया जाता है, और एक सफ़ेद अवक्षेप बनता है। (1 अंक)

उत्तर।

  1. Na2CO3(aq)+CaCl2(aq)→CaCO3(s)+2NaCl(aq)\mathrm{Na_2CO_3(aq) + CaCl_2(aq) \rightarrow CaCO_3(s) + 2NaCl(aq)} — 0.5 अंक
  2. द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया — 0.5 अंक

अथवा

(B) एक परिवार चाँदी की पायलों की एक जोड़ी दराज़ में रखता है, और कुछ महीनों बाद वे काली पड़ जाती हैं। रसोई में कई दिनों तक खुला छोड़ा गया नमकीन का पैकेट बदबू देने लगता है और उसका स्वाद खराब हो जाता है।

(i) पायलों में हुए प्रक्रम का और उन पर बने काले पदार्थ का नाम बताइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. चाँदी का संक्षारण (मलिन होना) — 0.5 अंक
  2. सिल्वर सल्फ़ाइड, जो चाँदी की वायु में उपस्थित सल्फ़र (के यौगिकों) से अभिक्रिया द्वारा बनता है — 0.5 अंक

(ii) नमकीन में हुए प्रक्रम का नाम बताइए, और बताइए कि यह क्यों होता है। (1 अंक)

उत्तर।

  1. विकृतगंधिता — 0.5 अंक
  2. नमकीन में उपस्थित वसा और तेल वायु की ऑक्सीजन द्वारा उपचयित हो जाते हैं — 0.5 अंक

(iii) इन दोनों परिवर्तनों में से प्रत्येक को रोकने के दो उपाय बताइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. चाँदी: कोई दो, प्रत्येक 0.25, जैसे वायुरुद्ध थैली या डिब्बे में लपेटकर रखना; वायु और नमी से दूर रखना; नियमित रूप से साफ़ करके चमकाना — 0.5 अंक
  2. नमकीन: कोई दो, प्रत्येक 0.25, जैसे वायुरुद्ध पात्र में रखना; प्रतिऑक्सीकारक मिलाना; पैकेट में नाइट्रोजन भरना; ठंडे स्थान पर रखना — 0.5 अंक

प्रश्न 28 (4 अंक)

गुवाहाटी के एक विद्यालय की प्रयोगशाला में मृणाल के समूह ने अपने कुछ सूचक बनाए। उन्होंने फ़िल्टर पेपर की पट्टियों पर हल्दी का लेप लगाया, लाल पत्तागोभी की पत्तियों को जल में उबालकर बैंगनी सत्व बनाया, और कपड़े की पट्टियों को बारीक कटे प्याज़ के साथ एक बंद प्लास्टिक थैली में रात भर रखा। उनके पास लौंग के तेल की एक छोटी शीशी भी थी। उन्होंने शिक्षक की मेज़ से दो रंगहीन विलयनों, X और Y, की जाँच की और लिखा:

सूचक विलयन X विलयन Y
हल्दी पत्र लाल-भूरा हो जाता है कोई परिवर्तन नहीं
लाल पत्तागोभी का सत्व हरा हो जाता है लाल हो जाता है
प्याज़ में रखे कपड़े की गंध गंध चली जाती है गंध बनी रहती है

(a) दोनों में से कौन-सा विलयन अम्लीय है? तालिका का वह प्रेक्षण बताइए जिससे यह पता चलता है। (1 अंक)

उत्तर।

  1. Y अम्लीय है (0.5), क्योंकि यह बैंगनी लाल पत्तागोभी के सत्व को लाल कर देता है (0.5) — 1 अंक

(b) प्याज़ और लौंग के तेल को गंधीय सूचक क्यों कहते हैं? विलयन X में लौंग के तेल की गंध का क्या होगा? (1 अंक)

उत्तर।

  1. क्षारकीय माध्यम में इनकी गंध बदल जाती (चली जाती) है, इसलिए गंध से अम्ल और क्षारक में अंतर किया जा सकता है — 0.5 अंक
  2. विलयन X क्षारकीय है, इसलिए लौंग के तेल की गंध चली जाएगी — 0.5 अंक

(c) मृणाल कहता है, "कोई विलयन अम्लीय है या नहीं, यह दिखाने के लिए अकेला हल्दी पत्र काफ़ी है।" क्या वह सही है? तालिका की सहायता से समझाइए। समूह का कौन-सा सूचक किसी दृष्टिबाधित विद्यार्थी के लिए उपयुक्त होगा, और क्यों? (2 अंक)

उत्तर।

  1. नहीं: हल्दी का रंग केवल क्षारक में बदलता है; यह अम्ल में भी और उदासीन विलयन में भी पीली रहती है, इसलिए 'कोई परिवर्तन नहीं' से यह सिद्ध नहीं होता कि विलयन अम्लीय है — 1 अंक
  2. प्याज़ या लौंग के तेल जैसा गंधीय सूचक, क्योंकि इसमें परिवर्तन को गंध से पहचाना जा सकता है — 1 अंक

अथवा

(c) शिक्षक उन्हें बताते हैं कि X सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन है और Y तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल है। लाल पत्तागोभी के सत्व से रंगे कुछ X में वे बूँद-बूँद करके Y डालते हैं। रंग हरे से बैंगनी और फिर लाल हो जाता है। इन रंग परिवर्तनों की व्याख्या कीजिए, और अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. हरा: विलयन क्षारकीय है; बैंगनी: अम्ल ने क्षारक को ठीक-ठीक उदासीन कर दिया है, इसलिए विलयन उदासीन है; लाल: अतिरिक्त अम्ल विलयन को अम्लीय बना देता है — 1 अंक
  2. 2NaOH+H2SO4→Na2SO4+2H2O\mathrm{2NaOH + H_2SO_4 \rightarrow Na_2SO_4 + 2H_2O} — 1 अंक

प्रश्न 29 (5 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) कार्बन यौगिकों के नामकरण और उनके समावयवों के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

(i) प्रिया ने पाँच यौगिकों के नाम नीचे दिए अनुसार लिखे। प्रत्येक नाम जाँचिए। जहाँ नाम गलत है, वहाँ सही नाम लिखिए। प्रत्येक यौगिक का प्रकार्यात्मक समूह भी बताइए।

(I) CH3CH2Br\mathrm{CH_3CH_2Br}: ब्रोमोएथेन
(II) CH3CH2CH2OH\mathrm{CH_3CH_2CH_2OH}: प्रोपेनोन
(III) HCHO\mathrm{HCHO}: मेथेनैल
(IV) CH3COCH3\mathrm{CH_3COCH_3}: प्रोपेनैल
(V) CH3CH2COOH\mathrm{CH_3CH_2COOH}: ब्यूटेनॉइक अम्ल (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(I) CH3CH2Br\mathrm{CH_3CH_2Br} में दो कार्बन परमाणु और एक ब्रोमीन परमाणु है, अतः ब्रोमोएथेन सही है; इसमें हैलो (ब्रोमो) समूह है। (II) CH3CH2CH2OH\mathrm{CH_3CH_2CH_2OH} में तीन कार्बन परमाणु और एक -OH समूह है, अतः यह प्रोपेनॉल है, प्रोपेनोन नहीं; इसमें ऐल्कोहॉल समूह है। (III) HCHO\mathrm{HCHO} में एक कार्बन परमाणु और एक -CHO समूह है, अतः मेथेनैल सही है; इसमें ऐल्डिहाइड समूह है। (IV) CH3COCH3\mathrm{CH_3COCH_3} में C=O समूह बीच वाले कार्बन पर है, अतः यह कीटोन, प्रोपेनोन, है, प्रोपेनैल नहीं। (V) CH3CH2COOH\mathrm{CH_3CH_2COOH} में -COOH समूह के कार्बन को मिलाकर केवल तीन कार्बन परमाणु हैं, अतः यह प्रोपेनॉइक अम्ल है, ब्यूटेनॉइक अम्ल नहीं; इसमें कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह है।

अंक योजना:

  1. (I) सही; हैलो (ब्रोमो) समूह — 0.5 अंक
  2. (II) गलत: प्रोपेनॉल; ऐल्कोहॉल समूह — 0.5 अंक
  3. (III) सही; ऐल्डिहाइड समूह — 0.5 अंक
  4. (IV) गलत: प्रोपेनोन; कीटोन समूह — 0.5 अंक
  5. (V) गलत: प्रोपेनॉइक अम्ल, क्योंकि -COOH समूह का कार्बन परमाणु भी तीन कार्बन परमाणुओं की श्रृंखला में गिना जाता है (0.5); कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह (0.5) — 1 अंक

(ii) पेन्टेन, C5H12\mathrm{C_5H_{12}}, के तीन संरचनात्मक समावयव होते हैं। सभी परमाणु दर्शाते हुए उनकी संरचनाएँ बनाइए। तीनों में क्या समान है, और वे कैसे भिन्न हैं? (2 अंक)

उत्तर।

  1. तीन सही संरचनाएँ: पाँच कार्बन परमाणुओं की सीधी श्रृंखला, एक शाखा वाली चार कार्बन की श्रृंखला, और चार अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा एक कार्बन परमाणु (प्रत्येक 0.5) — 1.5 अंक
  2. तीनों का आण्विक सूत्र C5H12\mathrm{C_5H_{12}} समान है, पर कार्बन परमाणुओं की व्यवस्था भिन्न है — 0.5 अंक

पाँच कार्बन वाले तीन यौगिकों के संरचना सूत्र I, II और III

अथवा

(B) साबुन और एथेनॉल के उपचयन के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।

(i) जल में तेल की एक बूँद के चारों ओर बने साबुन के मिसेल का चित्र बनाइए, और तेल की बूँद, हाइड्रोकार्बन पूँछ, आयनिक सिरा और जल को नामांकित कीजिए। कठोर जल में साबुन बहुत कम झाग क्यों देता है और स्कम क्यों बनाता है? (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

जल में साबुन के अणु तेल की बूँद के चारों ओर इस प्रकार इकट्ठा होते हैं कि उनकी लंबी हाइड्रोकार्बन पूँछें तेल के अंदर और आयनिक सिरे बाहर जल की ओर रहते हैं। यह गुच्छा मिसेल कहलाता है, और अंदर फँसे तेल के साथ इसे धोकर हटाया जा सकता है। कठोर जल में कैल्सियम और मैग्नीशियम के लवण होते हैं। ये साबुन से अभिक्रिया करके स्कम नामक अविलेय पदार्थ बनाते हैं। इसलिए साबुन की बड़ी मात्रा स्कम बनाने में खर्च हो जाती है और बहुत कम झाग बनता है।

अंक योजना:

  1. सही मिसेल: साबुन के अणुओं की पूँछें तेल की बूँद के अंदर की ओर और आयनिक सिरे चारों ओर जल की ओर — 1 अंक
  2. चार नामांकन, प्रत्येक 0.25 (आकृति में: 1 तेल की बूँद, 2 हाइड्रोकार्बन पूँछ, 3 आयनिक सिरा, 4 जल) — 1 अंक
  3. कठोर जल में उपस्थित कैल्सियम और मैग्नीशियम लवण साबुन से अभिक्रिया करके एक अविलेय पदार्थ (स्कम) बनाते हैं, इसलिए साबुन का बड़ा भाग व्यर्थ हो जाता है और झाग कम बनता है — 1 अंक

तेल की बूँद के चारों ओर साबुन का मिसेल, 1 से 4 तक क्रमांकित

(ii) विक्रम ने क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट विलयन को बूँद-बूँद करके एक परखनली में गर्म एथेनॉल में और दूसरी में गर्म एथेनॉइक अम्ल में डाला। एथेनॉल वाली परखनली में पहली कुछ बूँदों में से हर बूँद डालते ही बैंगनी रंग गायब हो गया; एथेनॉइक अम्ल वाली परखनली में पहली बूँद से ही रंग बना रहा। उसका मित्र कहता है, "एथेनॉल वाली परखनली में रंग केवल इसलिए गायब हुआ क्योंकि परमैंगनेट तनु हो गया।" क्या मित्र सही है? दोनों प्रेक्षणों की व्याख्या कीजिए, और एथेनॉल में हुए परिवर्तन का रासायनिक समीकरण लिखिए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

मित्र सही नहीं है। यदि रंग केवल तनु होने के कारण गायब होता, तो वह एथेनॉइक अम्ल वाली परखनली में भी फीका पड़ता, जहाँ वही बूँदें डाली गईं; पर वहाँ बैंगनी रंग बना रहा। क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट एक ऑक्सीकारक है। पहली परखनली में यह एथेनॉल में ऑक्सीजन जोड़ता है और स्वयं खर्च हो जाता है, इसलिए इसका रंग गायब हो जाता है: CH3CH2OH→CH3COOH\mathrm{CH_3CH_2OH \rightarrow CH_3COOH} (क्षारीय KMnO4\mathrm{KMnO_4} और ऊष्मा के साथ)। एथेनॉइक अम्ल स्वयं इसी उपचयन का उत्पाद है, इसलिए वह परमैंगनेट से अभिक्रिया नहीं करता, और पहली बूँद से ही बैंगनी रंग बना रहता है।

अंक योजना:

  1. मित्र गलत है: तनु होने से रंग एथेनॉइक अम्ल वाली परखनली में भी फीका पड़ता, पर वहाँ रंग बना रहता है (0.5); परमैंगनेट एक ऑक्सीकारक है जो एथेनॉल का उपचयन करने में खर्च हो जाता है, जबकि एथेनॉइक अम्ल स्वयं उपचयन का उत्पाद है, इसलिए वहाँ परमैंगनेट खर्च नहीं होता (0.5) — 1 अंक
  2. CH3CH2OH→CH3COOH\mathrm{CH_3CH_2OH \rightarrow CH_3COOH} (क्षारीय KMnO4\mathrm{KMnO_4} और ऊष्मा के साथ): एथेनॉल उपचयित होकर एथेनॉइक अम्ल बनता है — 1 अंक

खण्ड ग – भौतिक विज्ञान (25 अंक)

प्रश्न 33 (2 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) सत्तर वर्ष के श्री मेनन दूर की वस्तुएँ स्पष्ट देखने के लिए कई वर्षों से अवतल लेंस पहनते हैं। अब उन्हें अख़बार पढ़ने के लिए भी उसे हाथ भर की दूरी पर रखना पड़ता है।

(I) अब जो दोष विकसित हुआ है उसका नाम और उसका कारण बताइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. जरा-दूरदृष्टिता — 0.5 अंक
  2. आयु के साथ पक्ष्माभी पेशियाँ दुर्बल हो जाती हैं और नेत्र लेंस का लचीलापन कम हो जाता है, इसलिए निकट-बिंदु दूर खिसक जाता है — 0.5 अंक

(II) उनके नेत्र चिकित्सक अब किस प्रकार का लेंस लिखेंगे? बताइए कि यह कैसे बना होता है। (1 अंक)

उत्तर।

  1. द्विफोकसी लेंस — 0.5 अंक
  2. इसका ऊपरी भाग दूर की दृष्टि के लिए अवतल लेंस और निचला भाग पढ़ने के लिए उत्तल लेंस होता है — 0.5 अंक

अथवा

(B) अमन कहता है, "आकाश इसलिए नीला दिखता है क्योंकि नीला समुद्र अपना रंग आकाश पर परावर्तित कर देता है।"

(I) एक ऐसा प्रेक्षण बताइए जो दर्शाता है कि अमन गलत है। (1 अंक)

उत्तर।

  1. कोई एक: किसी रेगिस्तान या समुद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर के स्थान पर भी साफ़ आकाश उतना ही नीला दिखता है; समुद्र प्रायः धूसर या हरा दिखता है जबकि उसके ऊपर आकाश नीला होता है — 1 अंक

(II) साफ़ आकाश के नीला दिखने का वास्तविक कारण समझाइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. वायुमंडल में वायु के अणु और अन्य सूक्ष्म कण दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्घ्य से छोटे होते हैं — 0.5 अंक
  2. ये नीले प्रकाश (कम तरंगदैर्घ्य) का प्रकीर्णन लाल प्रकाश की तुलना में बहुत अधिक करते हैं, और यह प्रकीर्णित नीला प्रकाश आकाश के सभी भागों से हमारी आँखों तक पहुँचता है — 0.5 अंक

प्रश्न 34 (2 अंक)

एक क्रियाकलाप में स्नेहा ने एक नाइक्रोम तार को बैटरी और ऐमीटर के साथ परिपथ में जोड़ा और तार के सिरों के बीच एक वोल्टमीटर लगाया। उसने सेलों की संख्या बदलकर ये पाठ्यांक लिखे:

विभवांतर V (वोल्ट) धारा I (ऐम्पियर)
1.0 0.2
2.0 0.4
3.0 0.6
4.0 0.8

(a) उसके पाठ्यांकों से दर्शाइए कि तार ओम के नियम का पालन करता है, और उसका प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. VI=1.00.2=2.00.4=3.00.6=4.00.8=5\frac{V}{I} = \frac{1.0}{0.2} = \frac{2.0}{0.4} = \frac{3.0}{0.6} = \frac{4.0}{0.8} = 5 हर पाठ्यांक के लिए, अतः V, I के अनुक्रमानुपाती है — 0.5 अंक
  2. प्रतिरोध R = 5 Ω — 0.5 अंक

(b) V (y-अक्ष पर) और I (x-अक्ष पर) के बीच ग्राफ़ का आकार कैसा होगा? उसकी सहेली के किसी दूसरे तार के पाठ्यांकों से ऐसा ही ग्राफ़ मिला, पर उसकी प्रवणता कम थी। किस तार का प्रतिरोध कम है? एक तरीका बताइए जिसमें सहेली का तार स्नेहा के तार से भिन्न हो सकता है। (1 अंक)

उत्तर।

  1. मूल बिंदु से गुज़रती एक सीधी रेखा — 0.5 अंक
  2. इस ग्राफ़ की प्रवणता V/I = R है, अतः सहेली के तार का प्रतिरोध कम है; वह छोटा, या मोटा, या कम प्रतिरोधकता वाले पदार्थ का बना हो सकता है (कोई एक) — 0.5 अंक

प्रश्न 35 (3 अंक)

शिलांग में एक धूप वाली सुबह, बारिश की बौछार के ठीक बाद, डफ़िरा ने आकाश में इंद्रधनुष देखा।

(a) उसने इंद्रधनुष आकाश के किस भाग में, पूर्व या पश्चिम, देखा? कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. पश्चिमी आकाश में — 0.5 अंक
  2. इंद्रधनुष सदा सूर्य की विपरीत दिशा में दिखता है; सुबह सूर्य पूर्व में, उसकी पीठ की ओर, होता है — 0.5 अंक

(b) डफ़िरा देखती है कि इंद्रधनुष के बाहरी (ऊपरी) किनारे पर सदा लाल और भीतरी किनारे पर बैंगनी रंग होता है। वर्षा की एक बूँद से होकर सूर्य के प्रकाश के पथ का नामांकित चित्र बनाइए, जिसमें बूँद से निकलने वाला लाल और बैंगनी प्रकाश दिखाया गया हो, और अपने चित्र की सहायता से उसके प्रेक्षण की व्याख्या कीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. सही चित्र: बूँद में प्रवेश करते समय सूर्य के प्रकाश का अपवर्तन और विभाजन, पिछले भाग पर आंतरिक परावर्तन, और निकलते समय फिर से अपवर्तन, लाल और बैंगनी अंकित (आकृति में: 1 सूर्य का प्रकाश, 2 अपवर्तन और विक्षेपण, 3 आंतरिक परावर्तन, 4 लाल, 5 बैंगनी) — 1 अंक
  2. लाल प्रकाश प्रत्येक बूँद से आने वाले सूर्य के प्रकाश के साथ बैंगनी (लगभग 40 डिग्री) की तुलना में बड़ा कोण (लगभग 42 डिग्री) बनाकर निकलता है; इसलिए उसकी आँख तक लाल प्रकाश भेजने वाली बूँदें बैंगनी भेजने वाली बूँदों से आकाश में ऊँची होती हैं, और लाल बाहरी किनारा बनाता है — 1 अंक

वर्षा की बूँद से गुज़रता प्रकाश, 1 से 5 तक क्रमांकित

प्रश्न 36 (3 अंक)

हृतिक ने ताँबे के एक मोटे तार को एक क्षैतिज गत्ते के केंद्र से ऊर्ध्वाधर रूप से गुज़ारा और गत्ते पर लौह-चूर्ण समान रूप से छिड़का। उसने तार में ऊपर की ओर बहने वाली धारा चालू की और गत्ते को धीरे-से थपथपाया।

(a) ऊपर से देखने पर लौह-चूर्ण से बने पैटर्न का चित्र बनाइए, और चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा दर्शाइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. तार को केंद्र मानकर संकेंद्री वृत्त — 0.5 अंक
  2. ऊपर की ओर धारा के लिए, ऊपर से देखने पर वामावर्त दिशा दर्शाते तीर — 0.5 अंक

ऊपर से देखने पर तार के चारों ओर संकेंद्री वृत्त

(b) क्षेत्र रेखाओं की दिशा ज्ञात करने के लिए आपने जिस नियम का उपयोग किया, उसका नाम और कथन लिखिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम — 0.5 अंक
  2. तार को दाहिने हाथ में इस प्रकार पकड़िए कि अँगूठा धारा की दिशा में हो; तब तार के चारों ओर लिपटी अँगुलियाँ चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा बताती हैं — 0.5 अंक

(c) P गत्ते पर तार से 4 cm दूर एक बिंदु है। P पर चुंबकीय क्षेत्र कैसे बदलेगा यदि (I) धारा दोगुनी कर दी जाए, (II) उसी धारा के साथ बिंदु को तार से 8 cm दूर ले जाया जाए? (1 अंक)

उत्तर।

  1. (I) यह प्रबल (लगभग दोगुना) हो जाएगा — 0.5 अंक
  2. (II) यह दुर्बल हो जाएगा, क्योंकि तार से दूरी बढ़ने पर क्षेत्र घटता है — 0.5 अंक

प्रश्न 37 (3 अंक)

आकृति में एक छड़ चुंबक के चारों ओर की चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ दिखाई गई हैं, जिसके सिरों पर X और Y अंकित हैं। P, Q और R चुंबक के पास के तीन बिंदु हैं।

छड़ चुंबक की क्षेत्र रेखाएँ, सिरे X, Y और बिंदु P, Q, R

(a) बिंदुओं P, Q और R में से किस पर चुंबकीय क्षेत्र सबसे प्रबल है? आकृति से यह कैसे पता चलता है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. P पर — 0.5 अंक
  2. P के पास क्षेत्र रेखाएँ सबसे पास-पास (सबसे घनी) हैं — 0.5 अंक

(b) चुंबक का कौन-सा सिरा, X या Y, उसका उत्तरी ध्रुव है? आकृति की सहायता से समझाइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. X उत्तरी ध्रुव है — 0.5 अंक
  2. चुंबक के बाहर क्षेत्र रेखाएँ उत्तरी ध्रुव से निकलकर दक्षिणी ध्रुव में प्रवेश करती हैं; आकृति में वे X से निकलकर Y में जाती हैं — 0.5 अंक

(c) एक विद्यार्थी किसी चुंबक की दो क्षेत्र रेखाओं को एक बिंदु पर एक-दूसरे को काटते हुए बनाता है। समझाइए कि ऐसा कभी क्यों नहीं हो सकता। (1 अंक)

उत्तर।

  1. किसी बिंदु पर क्षेत्र की दिशा वहाँ क्षेत्र रेखा पर खींची स्पर्श रेखा से मिलती है; यदि दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटें, तो उस बिंदु पर रखी दिक्सूचक सुई को एक साथ दो दिशाओं में संकेत करना पड़ेगा, जो असंभव है — 1 अंक

प्रश्न 38 (4 अंक)

अपनी वार्षिक प्रदर्शनी के लिए कोच्चि के एक विद्यालय के विज्ञान क्लब ने एक सरल स्लाइड प्रोजेक्टर बनाया। एक तेज़ लैंप एक छोटी पारदर्शी स्लाइड को प्रकाशित करता है, और 20 cm फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस स्लाइड का प्रतिबिंब एक सफ़ेद पर्दे पर बनाता है। क्लब की सचिव ऐना स्लाइड को उल्टा लगाती है, उसे लेंस से 25 cm पर रखती है और पर्दे को तब तक खिसकाती है जब तक चित्र स्पष्ट न हो जाए।

(a) पर्दे पर बनने वाले प्रतिबिंब की प्रकृति बताइए। ऐना स्लाइड को उल्टा क्यों लगाती है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. वास्तविक, उल्टा और बड़ा (0.5); प्रतिबिंब उल्टा (ऊपर-नीचे और बाएँ-दाएँ दोनों ओर से पलटा) होता है, इसलिए उल्टी लगाई गई स्लाइड से सीधा चित्र मिलता है (0.5) — 1 अंक

(b) लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. P=1fP = \frac{1}{f}, f मीटर में =10.20=+5= \frac{1}{0.20} = +5 D — 1 अंक

(c) पर्दा लेंस से कितनी दूर होना चाहिए? चित्र स्लाइड से कितने गुना बड़ा है? (2 अंक)

उत्तर।

  1. u=−25u = -25 cm, f=+20f = +20 cm; 1v=1f+1u=120−125=1100\frac{1}{v} = \frac{1}{f} + \frac{1}{u} = \frac{1}{20} - \frac{1}{25} = \frac{1}{100}, अतः v=100v = 100 cm — 1 अंक
  2. m=vu=100−25=−4m = \frac{v}{u} = \frac{100}{-25} = -4: चित्र स्लाइड से 4 गुना बड़ा (और उल्टा) है — 1 अंक

अथवा

(c) F1 और 2F1 के बीच रखी स्लाइड का प्रतिबिंब लेंस द्वारा कैसे बनता है, यह दर्शाने के लिए किरण आरेख खींचिए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. मुख्य अक्ष के समांतर किरण अपवर्तन के बाद F2 से गुज़रती है, और प्रकाशिक केंद्र से जाने वाली किरण बिना मुड़े सीधी निकलती है (प्रत्येक 0.5) — 1 अंक
  2. किरणें 2F2 से आगे मिलकर वास्तविक, उल्टा और बड़ा प्रतिबिंब बनाती हैं — 1 अंक

2F2 से आगे प्रतिबिंब बनाते उत्तल लेंस का किरण आरेख

प्रश्न 39 (5 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) दिखाए गए परिपथ का अध्ययन कीजिए। बैटरी 6 V देती है, और कुंजी K बंद है।

बैटरी, कुंजी, ऐमीटर, वोल्टमीटर और तीन प्रतिरोधकों वाला परिपथ

(i) पूरे परिपथ का तुल्य प्रतिरोध और उससे ऐमीटर का पाठ्यांक ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. पार्श्व भाग: Rp=20×2020+20=10R_p = \frac{20 \times 20}{20 + 20} = 10 Ω; कुल =10+10=20= 10 + 10 = 20 Ω — 0.5 अंक
  2. I=VR=620=0.3I = \frac{V}{R} = \frac{6}{20} = 0.3 A — 0.5 अंक

(ii) वोल्टमीटर का पाठ्यांक और प्रत्येक 20 Ω प्रतिरोधक से प्रवाहित धारा ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. VMN=IRp=0.3×10=3V_{MN} = I R_p = 0.3 \times 10 = 3 V — 0.5 अंक
  2. प्रत्येक 20 Ω प्रतिरोधक में धारा =320=0.15= \frac{3}{20} = 0.15 A — 0.5 अंक

(iii) 10 Ω प्रतिरोधक में व्यय होने वाली शक्ति ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. P=I2R=0.32×10=0.9P = I^2 R = 0.3^2 \times 10 = 0.9 W — 1 अंक

(iv) 20 Ω का एक प्रतिरोधक जलकर टूट जाता है। ऐमीटर और वोल्टमीटर के नए पाठ्यांक ज्ञात कीजिए। क्या 10 Ω प्रतिरोधक अब अधिक शक्ति व्यय करता है या कम? (2 अंक)

उत्तर।

  1. कुल प्रतिरोध =10+20=30= 10 + 20 = 30 Ω, अतः I=630=0.2I = \frac{6}{30} = 0.2 A — 1 अंक
  2. VMN=0.2×20=4V_{MN} = 0.2 \times 20 = 4 V (0.5); 10 Ω प्रतिरोधक में शक्ति =0.22×10=0.4= 0.2^2 \times 10 = 0.4 W, अर्थात् कम (0.5) — 1 अंक

अथवा

(B) एक कमरा-हीटर में 110 Ω की नाइक्रोम की दो सर्वसम कुंडलियाँ हैं। एक स्विच दोनों कुंडलियों को 220 V मेन्स से या तो श्रेणीक्रम में या पार्श्वक्रम में जोड़ता है।

(i) कुंडलियाँ श्रेणीक्रम में होने पर हीटर की शक्ति ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. R=110+110=220R = 110 + 110 = 220 Ω; P=V2R=220×220220=220P = \frac{V^2}{R} = \frac{220 \times 220}{220} = 220 W — 1 अंक

(ii) कुंडलियाँ पार्श्वक्रम में होने पर हीटर की शक्ति ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. R=1102=55R = \frac{110}{2} = 55 Ω; P=V2R=220×22055=880P = \frac{V^2}{R} = \frac{220 \times 220}{55} = 880 W — 1 अंक

(iii) कौन-सी व्यवस्था कमरे को जल्दी गर्म करती है? उस व्यवस्था में मेन्स से ली जाने वाली धारा ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. पार्श्वक्रम वाली व्यवस्था, क्योंकि यह प्रति सेकंड अधिक ऊष्मा देती है (0.5); I=PV=880220=4I = \frac{P}{V} = \frac{880}{220} = 4 A (0.5) — 1 अंक

(iv) श्रेणीक्रम वाली व्यवस्था में दोनों कुंडलियाँ काम करती हैं, फिर भी हीटर पार्श्वक्रम की तुलना में केवल एक-चौथाई शक्ति देता है। दोनों व्यवस्थाओं में प्रत्येक कुंडली के सिरों के बीच विभवांतर और प्रत्येक कुंडली में व्यय शक्ति ज्ञात करके इसका कारण समझाइए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

श्रेणीक्रम वाली व्यवस्था में कुल प्रतिरोध 220 Ω है, इसलिए धारा 220220=1\frac{220}{220} = 1 A है। आपूर्ति का विभवांतर बराबर बँट जाता है, इसलिए प्रत्येक कुंडली के सिरों के बीच केवल 110 V होते हैं और वह 110×1=110110 \times 1 = 110 W व्यय करती है; दोनों मिलकर 220 W व्यय करती हैं। पार्श्वक्रम वाली व्यवस्था में प्रत्येक कुंडली सीधे 220 V मेन्स से जुड़ी होती है, उसमें 2 A धारा बहती है और वह 220×2=440220 \times 2 = 440 W व्यय करती है, इसलिए दोनों मिलकर 880 W व्यय करती हैं। दोनों व्यवस्थाओं में दोनों कुंडलियाँ काम करती हैं, पर श्रेणीक्रम में प्रत्येक कुंडली को आधा विभवांतर और इसलिए आधी धारा मिलती है। चूँकि P=V2RP = \frac{V^2}{R}, प्रत्येक कुंडली केवल एक-चौथाई शक्ति देती है।

अंक योजना:

  1. श्रेणीक्रम: धारा 220220=1\frac{220}{220} = 1 A है, इसलिए प्रत्येक कुंडली के सिरों के बीच केवल 110 V है और वह 110×1=110110 \times 1 = 110 W व्यय करती है (0.5); पार्श्वक्रम: प्रत्येक कुंडली के सिरों के बीच पूरे 220 V हैं, उसमें 2 A धारा है और वह 220×2=440220 \times 2 = 440 W व्यय करती है (0.5) — 1 अंक
  2. कुंडली के सिरों के बीच विभवांतर आधा होने से उसमें धारा भी आधी हो जाती है, इसलिए उसकी शक्ति P=V2RP = \frac{V^2}{R} एक-चौथाई रह जाती है; अतः कुल 880 W के स्थान पर 220 W — 1 अंक