विस्तृत हल: CBSE कक्षा 10 विज्ञान सैंपल पेपर 2027 – सेट 4

प्रश्न पत्र के सभी लिखित प्रश्न (2, 3, 4 और 5 अंक) यहाँ क्रम से हल किए गए हैं, हर चरण के अंकों के साथ, ताकि आप अपनी उत्तर पुस्तिका परीक्षक की तरह जाँच सकें। जहाँ आंतरिक विकल्प (अथवा) है, वहाँ दोनों विकल्प हल किए गए हैं। 1 अंक वाले प्रश्नों के उत्तर व्याख्या सहित प्रश्न पत्र वाले पृष्ठ की क्विज़ में हैं।

खण्ड क – जीव विज्ञान (30 अंक)

प्रश्न 10 (2 अंक)

निम्नलिखित के उत्तर दीजिए:

(a) शरीर के एक पूरे चक्कर में मछली का रुधिर हृदय से केवल एक बार गुज़रता है, परंतु मनुष्य का रुधिर दो बार। हृदय से शुरू करके दोनों में रुधिर का पथ बताइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. मछली: हृदय → क्लोम (जहाँ यह ऑक्सीजन लेता है) → शरीर के शेष भाग → वापस हृदय — 0.5 अंक
  2. मनुष्य: हृदय (दायाँ भाग) → फुफ्फुस → हृदय (बायाँ भाग) → शरीर के शेष भाग → वापस हृदय — 0.5 अंक

(b) महक कहती है, "मछली के हृदय में केवल दो कोष्ठ होते हैं, इसलिए उसमें ऑक्सीजन-युक्त और ऑक्सीजन-रहित रुधिर अवश्य मिश्रित होता होगा।" क्या वह सही है? समझाइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. नहीं — 0.5 अंक
  2. मछली का हृदय शरीर से केवल ऑक्सीजन-रहित रुधिर लेता है और उसे क्लोम तक पंप करता है; क्लोम से ऑक्सीजन-युक्त रुधिर हृदय में लौटे बिना सीधे शरीर में जाता है, इसलिए दोनों प्रकार के रुधिर हृदय में कभी नहीं मिलते — 0.5 अंक

प्रश्न 11 (2 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) श्री गिल की रुधिर जाँच से पता चलता है कि भोजन के बहुत देर बाद तक भी उनके रुधिर में शर्करा का स्तर ऊँचा रहता है, और डॉक्टर बताते हैं कि उन्हें मधुमेह है। उस हॉर्मोन का नाम बताइए जिसकी कमी से ऐसा होता है, और उस ग्रंथि का नाम जो उसे बनाती है। शरीर सामान्यतः पुनर्भरण क्रियाविधि द्वारा इस हॉर्मोन की मात्रा को ठीक कैसे रखता है?

उत्तर।

  1. इंसुलिन (0.5), जिसे अग्न्याशय बनाता है (0.5) — 1 अंक
  2. रुधिर में शर्करा का स्तर बढ़ने पर अग्न्याशय की कोशिकाएँ इसे पहचानकर अधिक इंसुलिन स्रावित करती हैं; शर्करा का स्तर घटने पर इंसुलिन का स्राव कम हो जाता है — 1 अंक

अथवा

(B) नौ वर्ष के एक लड़के की वृद्धि बहुत धीमी है। जाँच से पता चलता है कि उसकी पीयूष ग्रंथि स्वस्थ है, पर मस्तिष्क का वह भाग ठीक से काम नहीं कर रहा जो पीयूष ग्रंथि को वृद्धि हॉर्मोन स्रावित करने का संकेत देता है। मस्तिष्क के इस भाग का नाम बताइए। सामान्यतः यह पीयूष ग्रंथि से वृद्धि हॉर्मोन कैसे स्रावित करवाता है?

उत्तर।

  1. हाइपोथैलेमस — 1 अंक
  2. जब शरीर में वृद्धि हॉर्मोन का स्तर कम होता है, तो हाइपोथैलेमस वृद्धि हॉर्मोन मोचक कारक स्रावित करता है, जो पीयूष ग्रंथि को वृद्धि हॉर्मोन स्रावित करने के लिए उद्दीपित करता है — 1 अंक

प्रश्न 12 (2 अंक)

मनुष्य की कायिक कोशिकाओं में 46 गुणसूत्र होते हैं, जिनमें लिंग गुणसूत्रों का एक जोड़ा शामिल है।

(a) 'अलिंग गुणसूत्र + लिंग गुणसूत्र' के रूप में (I) पुरुष की यकृत कोशिका और (II) अंड कोशिका की गुणसूत्र संरचना लिखिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. (I) 44 + XY — 0.5 अंक
  2. (II) 22 + X — 0.5 अंक

(b) एक युग्मनज की संरचना 44 + XX है। अंड को निषेचित करने वाले शुक्राणु की संरचना क्या थी? संतान लड़का होगी या लड़की? (1 अंक)

उत्तर।

  1. शुक्राणु 22 + X था — 0.5 अंक
  2. संतान लड़की होगी — 0.5 अंक

प्रश्न 13 (3 अंक)

बागवानी करते समय तारा की उँगली में गुलाब का काँटा चुभ गया, और दर्द महसूस होने से पहले ही उसने तुरंत अपना हाथ पीछे खींच लिया।

(a) क्रमांकित खानों वाले प्रवाह आरेख के रूप में दर्शाइए कि काँटा चुभने से लेकर हाथ पीछे खींचने तक तारा के शरीर में संदेश किस मार्ग से जाता है। यह क्रिया मस्तिष्क पर छोड़ने के बजाय मेरुरज्जु द्वारा क्यों संचालित होती है? (2 अंक)

उत्तर।

  1. सही क्रम में प्रवाह आरेख (आकृति में: 1 त्वचा के ग्राही, 2 संवेदी तंत्रिका कोशिका, 3 मेरुरज्जु में प्रसारण तंत्रिका कोशिका, 4 प्रेरक तंत्रिका कोशिका, 5 कार्यकर: बाँह की पेशियाँ) — 1 अंक
  2. मेरुरज्जु संवेदी तंत्रिका से संदेश सीधे प्रेरक तंत्रिका को दे देता है; मस्तिष्क में सोचने में अधिक समय लगता है, जबकि हानि से बचने के लिए हाथ तुरंत हटाना ज़रूरी है — 1 अंक

तीरों से जुड़े पाँच क्रमांकित खानों वाला प्रवाह आरेख

(b) मान लीजिए कि तारा के मेरुरज्जु से उस बाँह की पेशियों तक संदेश ले जाने वाली प्रेरक तंत्रिका क्षतिग्रस्त है, पर संवेदी तंत्रिका ठीक काम कर रही है। क्या उसे चुभन फिर भी महसूस होगी? क्या वह अपना हाथ पीछे खींचेगी? कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. हाँ, उसे चुभन महसूस होगी, क्योंकि संदेश अब भी मेरुरज्जु तक और आगे मस्तिष्क तक पहुँचता है — 0.5 अंक
  2. नहीं, वह हाथ पीछे नहीं खींचेगी, क्योंकि बाँह की पेशियों तक कोई संदेश नहीं पहुँच सकता — 0.5 अंक

प्रश्न 14 (3 अंक)

आकृति में एक वन की खाद्य श्रृंखला का ऊर्जा पिरामिड दिखाया गया है: P घास है, Q हिरण है और R बाघ है।

तीन स्तरों P, Q और R का ऊपर की ओर संकरा होता पिरामिड

(a) पिरामिड का प्रत्येक स्तर अपने नीचे वाले स्तर से संकरा क्यों है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. प्रत्येक पोषी स्तर पर ग्रहण की गई ऊर्जा का बड़ा भाग जीव अपने जैव प्रक्रमों में खर्च कर देते हैं और वह ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है — 0.5 अंक
  2. केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा उनके शरीर में संचित होकर अगले स्तर तक पहुँचती है — 0.5 अंक

(b) इस क्षेत्र की घास 50,000 kJ ऊर्जा ग्रहण करती है। 10 प्रतिशत के नियम का उपयोग करके R तक पहुँचने वाली ऊर्जा ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. हिरण (Q): 50,000 kJ का 10 प्रतिशत = 5,000 kJ — 0.5 अंक
  2. बाघ (R): 5,000 kJ का 10 प्रतिशत = 500 kJ — 0.5 अंक

(c) शिकारी इस वन के अधिकांश हिरणों को मार डालते हैं। (I) घास और (II) बाघों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? प्रत्येक का कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. (I) घास अधिक उगेगी (बढ़ेगी), क्योंकि उसे खाने वाले हिरण बहुत कम बचे हैं — 0.5 अंक
  2. (II) बाघ घटेंगे, क्योंकि उनका भोजन छिन जाता है; अनेक भूखे मर सकते हैं या कहीं और चले जा सकते हैं — 0.5 अंक

प्रश्न 15 (4 अंक)

वाराणसी में कक्षा 10 की छात्रा अनन्या ने जलीय पौधे हाइड्रिला की कुछ टहनियाँ पानी से भरे एक बीकर में उल्टी रखी काँच की कीप के नीचे रखीं, और कीप की नली पर पानी से भरी एक परखनली उल्टी रखी। उसने बीकर से अलग-अलग दूरियों पर एक लैंप रखा और हर बार दो मिनट रुकने के बाद एक मिनट में टहनियों के कटे सिरों से निकलने वाले गैस के बुलबुले गिने। उसके परिणाम नीचे दिए गए हैं।

लैंप की दूरी (cm) 10 20 30 40
प्रति मिनट बुलबुले 40 24 14 8

(a) परखनली में कौन-सी गैस एकत्र होती है? अनन्या इसकी जाँच कैसे कर सकती है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. ऑक्सीजन — 0.5 अंक
  2. परखनली के मुँह के पास लाई गई सुलगती तीली जल उठती है — 0.5 अंक

(b) यदि वह लैंप बंद कर दे और बीकर को काले कपड़े से ढक दे, तो बुलबुले निकलने पर क्या प्रभाव पड़ेगा? कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. बुलबुले निकलना लगभग बंद हो जाएगा — 0.5 अंक
  2. क्योंकि प्रकाशसंश्लेषण के लिए प्रकाश ऊर्जा आवश्यक है, इसलिए अंधेरे में ऑक्सीजन नहीं बनती — 0.5 अंक

(c) उसके परिणाम प्रकाशसंश्लेषण की दर पर प्रकाश की तीव्रता के प्रभाव के बारे में क्या दर्शाते हैं? समझाइए कि लैंप को दूर ले जाने पर बुलबुलों की संख्या क्यों घटती है। (2 अंक)

उत्तर।

  1. प्रकाश जितना तेज़ (लैंप जितना पास), प्रकाशसंश्लेषण की दर उतनी अधिक; लैंप दूर ले जाने पर पौधे तक पहुँचने वाला प्रकाश कमज़ोर हो जाता है — 1 अंक
  2. क्लोरोफिल द्वारा कम प्रकाश ऊर्जा अवशोषित होने से कम कार्बन डाइऑक्साइड और जल कार्बोहाइड्रेट में बदलते हैं, इसलिए कम ऑक्सीजन निकलती है और कम बुलबुले बनते हैं — 1 अंक

अथवा

(c) लैंप को 30 cm पर रखे हुए, अनन्या ने पानी में चुटकी भर सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट (बेकिंग सोडा) घोला, और बुलबुलों की संख्या 14 से बढ़कर लगभग 22 प्रति मिनट हो गई। इस परिणाम को समझाइए, और प्रकाशसंश्लेषण का संतुलित समीकरण लिखिए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट पानी में अधिक घुली हुई कार्बन डाइऑक्साइड देता है, जो प्रकाशसंश्लेषण का कच्चा माल है; अधिक कार्बन डाइऑक्साइड मिलने पर पौधा तेज़ी से प्रकाशसंश्लेषण करता है और अधिक ऑक्सीजन छोड़ता है — 1 अंक
  2. 6CO2+12H2O→C6H12O6+6O2+6H2O\mathrm{6CO_2 + 12H_2O \rightarrow C_6H_{12}O_6 + 6O_2 + 6H_2O}, क्लोरोफिल और सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में (इन परिस्थितियों सहित शब्द समीकरण, कार्बन डाइऑक्साइड + जल → ग्लूकोज़ + ऑक्सीजन, को भी पूरे अंक) — 1 अंक

प्रश्न 16 (5 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) कोयंबटूर के पास अपने विद्यालय के बगीचे में मीना ने द्विलिंगी फूलों वाले एक पौधे पर, खिलने से ठीक पहले, कलियों के तीन समूह चुने। समूह P की कलियों को उसने कागज़ की थैलियों से ढक दिया। समूह Q की कलियों से उसने सारे पुंकेसर हटा दिए और फिर उन्हें थैलियों से ढक दिया। समूह R की कलियों से उसने वर्तिकाग्र और वर्तिका काट दिए और उन्हें खुला छोड़ दिया।

(i) किस समूह के फूलों में बीज बनने की संभावना है? प्रत्येक समूह के लिए कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. केवल समूह P में: फूल द्विलिंगी हैं, इसलिए थैली के अंदर उनके अपने पुंकेसरों के परागकण वर्तिकाग्र पर गिर सकते हैं (स्वपरागण) — 0.5 अंक
  2. Q में पुंकेसर नहीं हैं, और थैली दूसरे फूलों के परागकणों को रोक देती है; R में परागकणों के गिरने के लिए वर्तिकाग्र नहीं है और परागनलिका के बढ़ने के लिए वर्तिका नहीं है — 0.5 अंक

(ii) समूह Q के फूलों से बीज प्राप्त करने के लिए मीना को क्या करना चाहिए? यह किस प्रकार का परागण होगा? (1 अंक)

उत्तर।

  1. थैलियाँ खोलकर उसी प्रकार के दूसरे पौधे के फूलों के परागकण वर्तिकाग्रों पर छिड़के, और फिर उन्हें ढक दे — 0.5 अंक
  2. पर-परागण — 0.5 अंक

(iii) निषेचन के बाद (I) अंडाशय और (II) बीजांड किसमें विकसित होते हैं? (1 अंक)

उत्तर।

  1. (I) अंडाशय बढ़कर पकता है और फल बन जाता है — 0.5 अंक
  2. (II) बीजांड बीजों में विकसित होते हैं — 0.5 अंक

(iv) बीजांड तक पहुँची हुई परागनलिका को दर्शाते हुए स्त्रीकेसर की अनुदैर्ध्य काट का चित्र बनाइए। इनमें से कोई चार भाग नामांकित कीजिए: वर्तिकाग्र, वर्तिका, परागनलिका, अंडाशय, बीजांड। (2 अंक)

उत्तर।

  1. स्त्रीकेसर का सही चित्र, जिसमें परागनलिका वर्तिकाग्र से वर्तिका होते हुए बीजांड तक जाती है — 1 अंक
  2. कोई चार भाग सही नामांकित, प्रत्येक 0.25 (आकृति में: 1 वर्तिकाग्र, 2 परागनलिका, 3 वर्तिका, 4 अंडाशय, 5 मादा युग्मक सहित बीजांड) — 1 अंक

परागनलिका सहित स्त्रीकेसर, 1 से 5 तक क्रमांकित नामांकन

अथवा

(B) कक्षा 10 के लिए एक स्वास्थ्य वार्ता में विद्यालय की डॉक्टर ने मानव नर जनन तंत्र और गर्भधारण से बचने के लिए दंपतियों द्वारा अपनाई जाने वाली विधियों के बारे में समझाया।

(i) (I) वृषण उदर गुहा के बाहर, वृषण कोष में क्यों स्थित होते हैं? (II) शुक्रवाहिका की क्या भूमिका है? (III) उन दो ग्रंथियों के नाम बताइए जो शुक्राणुओं में अपने स्राव मिलाती हैं, और बताइए कि ये स्राव कैसे सहायता करते हैं। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(I) वृषण शुक्राणु बनाते हैं, और शुक्राणु बनने के लिए शरीर के सामान्य ताप से कम ताप की आवश्यकता होती है। इसलिए वृषण उदर गुहा के बाहर, वृषण कोष में स्थित होते हैं, जहाँ ताप थोड़ा कम रहता है। (II) शुक्रवाहिका शुक्राणुओं को वृषण से आगे ले जाती है। यह मूत्राशय से आने वाली नली से मिल जाती है, इसलिए मूत्रमार्ग शुक्राणुओं और मूत्र दोनों का सामान्य मार्ग है। (III) रास्ते में प्रोस्टेट ग्रंथि और शुक्राशय अपने स्राव मिलाते हैं। अब शुक्राणु एक तरल में होते हैं, जिससे उनका स्थानांतरण सरल हो जाता है और उन्हें पोषण भी मिलता है।

अंक योजना:

  1. (I) शुक्राणु बनने के लिए शरीर के सामान्य ताप से कम ताप की आवश्यकता होती है — 1 अंक
  2. (II) यह वृषण से शुक्राणुओं को ले जाती है; यह मूत्राशय से आने वाली नली से मिल जाती है, इसलिए मूत्रमार्ग शुक्राणुओं और मूत्र दोनों का सामान्य मार्ग है — 1 अंक
  3. (III) प्रोस्टेट ग्रंथि और शुक्राशय (0.5); इनके स्राव शुक्राणुओं को एक तरल माध्यम देते हैं, जिससे उनका स्थानांतरण सरल होता है और उन्हें पोषण भी मिलता है (0.5) — 1 अंक

(ii) (I) गर्भनिरोधन के महत्वपूर्ण होने के दो कारण दीजिए। (II) कौन-सी गर्भनिरोधक विधि गर्भधारण भी रोकती है और यौन संचारित संक्रमणों से भी बचाती है? मुख से ली जाने वाली गोलियाँ दूसरे प्रकार की सुरक्षा क्यों नहीं देतीं? (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(I) बार-बार गर्भधारण से माँ के शरीर और स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है। गर्भनिरोधन से दंपति यह भी तय कर पाते हैं कि बच्चे कब और कितने हों, जिससे देश की जनसंख्या को नियंत्रण में रखने में सहायता मिलती है। (II) कंडोम दोनों काम करता है। यह एक यांत्रिक अवरोध है, इसलिए शुक्राणु अंड तक नहीं पहुँच पाते, और साथी के वे शारीरिक तरल, जिनसे HIV-AIDS जैसे संक्रमण फैल सकते हैं, संपर्क में नहीं आते। मुख से ली जाने वाली गोलियाँ केवल हॉर्मोन संतुलन बदलकर अंडों का मोचन रोकती हैं; वे साथियों के बीच कोई अवरोध नहीं बनातीं, इसलिए संक्रमणों से कोई सुरक्षा नहीं देतीं।

अंक योजना:

  1. (I) कोई दो: बार-बार गर्भधारण से माँ के स्वास्थ्य को हानि पहुँचती है; इससे दंपति अपने परिवार का आकार नियोजित कर पाते हैं और जनसंख्या नियंत्रण में सहायता मिलती है; अवरोधक विधियाँ यौन संचारित रोगों का फैलाव भी रोकती हैं (प्रत्येक 0.5) — 1 अंक
  2. (II) कंडोम (0.5); गोलियाँ केवल हॉर्मोन संतुलन बदलती हैं ताकि अंड मुक्त न हों, पर वे संक्रमण फैलाने वाले शारीरिक तरलों के संपर्क को नहीं रोकतीं (0.5) — 1 अंक

खण्ड ख – रसायन विज्ञान (25 अंक)

प्रश्न 25 (2 अंक)

करण जानता है कि सोडियम, पोटैशियम और कैल्सियम उनके ऑक्साइडों को कार्बन के साथ गर्म करके प्राप्त नहीं किए जा सकते, इसलिए इनका निष्कर्षण विद्युत अपघटन से किया जाता है। वह सुझाव देता है कि सोडियम पाने के लिए सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन में विद्युत धारा प्रवाहित की जाए।

(a) करण की विधि से सोडियम धातु क्यों नहीं मिलेगी? (1 अंक)

उत्तर।

  1. सोडियम इतना अभिक्रियाशील है कि बनने वाला कोई भी सोडियम तुरंत जल से अभिक्रिया कर लेगा (सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन बनाते हुए); इसलिए सोडियम क्लोराइड का विद्युत अपघटन जल के बिना, गलित अवस्था में करना पड़ता है — 1 अंक

(b) गलित सोडियम क्लोराइड के विद्युत अपघटन में कैथोड पर होने वाले परिवर्तन का समीकरण लिखिए, और ऐनोड पर बनने वाले उत्पाद का नाम बताइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. Na++e−→Na\mathrm{Na^+ + e^- \rightarrow Na} — 0.5 अंक
  2. ऐनोड पर क्लोरीन गैस बनती है — 0.5 अंक

प्रश्न 26 (3 अंक)

नेहा अपनी कॉपी से वियोजन अभिक्रियाओं का पुनरावलोकन कर रही है।

(a) उसने लेड नाइट्रेट को गर्म करने का समीकरण Pb(NO3)2→PbO+NO2+O2\mathrm{Pb(NO_3)_2 \rightarrow PbO + NO_2 + O_2} लिखा है। इसमें क्या गलती है? सही संतुलित समीकरण लिखिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. समीकरण संतुलित नहीं है: दोनों ओर नाइट्रोजन और ऑक्सीजन के परमाणु बराबर नहीं हैं — 0.5 अंक
  2. 2Pb(NO3)2→2PbO+4NO2+O2\mathrm{2Pb(NO_3)_2 \rightarrow 2PbO + 4NO_2 + O_2} — 0.5 अंक

(b) श्वेत-श्याम फ़ोटोग्राफ़िक फ़िल्म पर हल्के पीले रंग के सिल्वर ब्रोमाइड की परत होती है, और वह काले पैकेटों में बेची जाती है। क्यों? पैकेट जिस परिवर्तन को रोकता है, उसका संतुलित समीकरण लिखिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. प्रकाश सिल्वर ब्रोमाइड को सिल्वर और ब्रोमीन में वियोजित कर देता है, जिससे फ़िल्म खराब हो जाएगी; काला पैकेट प्रकाश को अंदर नहीं आने देता — 0.5 अंक
  2. 2AgBr→2Ag+Br2\mathrm{2AgBr \rightarrow 2Ag + Br_2} — 0.5 अंक

(c) तीन वियोजनों पर विचार कीजिए: (I) सिल्वर ब्रोमाइड का सिल्वर और ब्रोमीन में, (II) गर्म करने पर लेड नाइट्रेट का, और (III) जल का हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में। ऐसे अंधेरे कमरे में, जहाँ बर्नर तो है पर बैटरी या बिजली की कोई आपूर्ति नहीं है, नेहा इनमें से कौन-सा वियोजन कर सकती है? समझाइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. केवल (II) — 0.5 अंक
  2. तीनों ऊर्जा अवशोषित करती हैं (ऊष्माशोषी हैं), पर अलग-अलग रूपों में: (I) के लिए प्रकाश और (III) के लिए विद्युत चाहिए, जो उपलब्ध नहीं हैं; (II) के लिए केवल ऊष्मा चाहिए, जो बर्नर देता है — 0.5 अंक

प्रश्न 27 (3 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) मैसूरु के पास विद्यालय की पिकनिक के दौरान फ़राह को मधुमक्खी ने डंक मार दिया। उसकी शिक्षिका ने उस स्थान को धोकर उस पर बेकिंग सोडा का लेप लगाया।

(i) मधुमक्खी का डंक कौन-सा अम्ल छोड़ता है? बेकिंग सोडा के लेप से आराम क्यों मिलता है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. मेथेनॉइक अम्ल — 0.5 अंक
  2. बेकिंग सोडा (सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट) क्षारीय है, इसलिए वह अम्ल को उदासीन कर देता है — 0.5 अंक

(ii) इस अम्ल और बेकिंग सोडा के बीच होने वाली अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. HCOOH+NaHCO3→HCOONa+H2O+CO2\mathrm{HCOOH + NaHCO_3 \rightarrow HCOONa + H_2O + CO_2} — 1 अंक

(iii) एक सहपाठी डंक पर थोड़ा सिरका लगाने का सुझाव देता है, और दूसरा धावन सोडा का लेप लगाने का। कौन-सा सुझाव सहायक हो सकता है? प्रत्येक का कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. सिरका सहायक नहीं होगा: उसमें ऐसीटिक अम्ल होता है, और अम्ल किसी अम्ल को उदासीन नहीं कर सकता — 0.5 अंक
  2. धावन सोडा (सोडियम कार्बोनेट) सहायक हो सकता है, क्योंकि वह क्षारीय है और मेथेनॉइक अम्ल को उदासीन कर देगा — 0.5 अंक

अथवा

(B) रेखा की दादी ने इमली की चटनी पीतल के एक पुराने, मटमैले बर्तन में रख दी। दो दिन बाद चटनी का स्वाद अजीब लगा, और बर्तन का भीतरी भाग जगह-जगह चमकीला दिखने लगा।

(i) बर्तन का भीतरी भाग जगह-जगह चमकीला क्यों हो गया? चटनी का स्वाद अजीब क्यों लगा? (1 अंक)

उत्तर।

  1. इमली के अम्लों ने बर्तन पर जमी मटमैली परत (क्षारीय ऑक्साइड और कार्बोनेट) से और पीतल के ज़िंक से अभिक्रिया करके उन्हें घोल दिया, जिससे नीचे की ताज़ी, चमकीली धातु दिखने लगी — 0.5 अंक
  2. बने हुए लवण चटनी में घुल गए, जिससे उसका स्वाद अजीब हो गया और वह खाने के लिए असुरक्षित हो गई — 0.5 अंक

(ii) पीतल में ज़िंक होता है। तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ ज़िंक की अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए, और बनने वाली गैस की एक जाँच बताइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. Zn+2HCl→ZnCl2+H2\mathrm{Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2} — 0.5 अंक
  2. जलती तीली पास लाने पर हाइड्रोजन 'पॉप' ध्वनि के साथ जलती है — 0.5 अंक

(iii) पड़ोसन इसके बजाय ऐलुमिनियम का डिब्बा लेने का सुझाव देती है। क्या चटनी के लिए यह सुरक्षित विकल्प होगा? कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. नहीं — 0.5 अंक
  2. ऐलुमिनियम भी अभिक्रियाशील धातु है और उसकी ऑक्साइड परत उभयधर्मी है, इसलिए चटनी का अम्ल उससे अभिक्रिया करेगा; काँच या चीनी मिट्टी का मर्तबान सुरक्षित रहेगा — 0.5 अंक

प्रश्न 28 (4 अंक)

विशाखापत्तनम के छात्र जोसेफ़ ने यह पता लगाने के लिए कि लोहे पर जंग किन परिस्थितियों में लगता है, तीन परखनलियाँ व्यवस्थित कीं, जैसा दिखाया गया है। A में उसने साफ़ लोहे की कीलें साधारण नल के पानी में डालीं और परखनली पर कॉर्क लगा दिया। B में उसने कीलें उबाले हुए पानी में डालीं, उस पर तेल की एक परत डाली और कॉर्क लगा दिया। C में उसने कुछ निर्जल कैल्सियम क्लोराइड के ऊपर कीलें रखीं और कॉर्क लगा दिया। उसने परखनलियों को एक सप्ताह के लिए छोड़ दिया।

लोहे की कीलों वाली कॉर्क लगी तीन परखनलियाँ A, B और C

(a) किस परखनली (या किन परखनलियों) में कीलों पर जंग लगेगा? कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. केवल A में — 0.5 अंक
  2. क्योंकि केवल उसी में वायु और जल दोनों उपस्थित हैं — 0.5 अंक

(b) (I) B में तेल की परत और (II) C में निर्जल कैल्सियम क्लोराइड की क्या भूमिका है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. (I) तेल उबले हुए पानी में, जिसमें घुली हुई वायु नहीं है, वायु को फिर से घुलने से रोकता है — 0.5 अंक
  2. (II) निर्जल कैल्सियम क्लोराइड नमी को सोख लेता है और परखनली की वायु को शुष्क रखता है — 0.5 अंक

(c) कारण देते हुए, इनमें से प्रत्येक को जंग से बचाने का एक उपयुक्त तरीका सुझाइए: (I) साइकिल की चेन; (II) किसी शेड की छत के लिए लोहे की चादरें। (2 अंक)

उत्तर।

  1. (I) तेल या ग्रीज़ लगाना: चेन गतिशील भाग है, और तेल या ग्रीज़ की परत वायु और नमी को दूर रखती है, पेंट की तरह चटकती या घिसकर उतरती नहीं — 1 अंक
  2. (II) यशदलेपन: चादरों पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाना, जो वायु और नमी को लोहे से दूर रखती है (पेंट करना, इस कारण के साथ कि परत वायु और नमी को रोकती है, भी पूरे अंक पाता है) — 1 अंक

अथवा

(c) जोसेफ़ के पिता रसोई के लिए स्टेनलेस स्टील का सिंक लाए हैं। (I) स्टेनलेस स्टील कैसे बनाया जाता है? (II) इस उपयोग के लिए यह शुद्ध लोहे से किन दो बातों में बेहतर है? (2 अंक)

उत्तर।

  1. (I) लोहे में निकेल और क्रोमियम मिलाकर (मिश्रातु बनाकर) — 1 अंक
  2. (II) इस पर जंग नहीं लगता (0.5), और यह नरम शुद्ध लोहे से अधिक कठोर और मज़बूत है (0.5) — 1 अंक

प्रश्न 29 (5 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A)

(i) तीन विद्यार्थी ये कथन कहते हैं।

अनिल: "जब वनस्पति तेल को निकेल की उपस्थिति में हाइड्रोजन के साथ गर्म किया जाता है, तो हाइड्रोजन परमाणु तेल के कुछ परमाणुओं का स्थान ले लेते हैं, इसलिए यह प्रतिस्थापन अभिक्रिया है।"
भावना: "अंधेरे में मेथेन और क्लोरीन अभिक्रिया नहीं करते, पर सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन परमाणु मेथेन के हाइड्रोजन परमाणुओं का एक-एक करके स्थान ले लेते हैं।"
चेतन: "एथीन जैसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ नीली ज्वाला के साथ जलते हैं, जबकि मेथेन जैसे संतृप्त हाइड्रोकार्बन कज्जली ज्वाला देते हैं।"

कौन सही है और कौन नहीं? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए, और भावना द्वारा बताई गई अभिक्रिया के पहले चरण का रासायनिक समीकरण लिखिए। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

अनिल सही नहीं है। हाइड्रोजनीकरण में निकेल उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन असंतृप्त वनस्पति तेल के द्वि-आबंधों पर जुड़ जाता है, और तेल संतृप्त वसा बन जाता है। किसी का स्थान नहीं लिया जाता, इसलिए यह योगात्मक अभिक्रिया है। भावना सही है। सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन मेथेन के हाइड्रोजन परमाणुओं का एक-एक करके स्थान लेता है, जो प्रतिस्थापन अभिक्रिया है। पहला चरण है CH4+Cl2→CH3Cl+HCl\mathrm{CH_4 + Cl_2 \rightarrow CH_3Cl + HCl}। चेतन ने बात उलटी कह दी है। मेथेन जैसे संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ नीली ज्वाला के साथ जलते हैं, पर एथीन जैसे असंतृप्त हाइड्रोकार्बन पीली ज्वाला और बहुत काले धुएँ के साथ जलते हैं, क्योंकि उनका बहुत-सा कार्बन बिना जले रह जाता है।

अंक योजना:

  1. अनिल सही नहीं है: हाइड्रोजन असंतृप्त तेल के द्वि-आबंधों पर जुड़ जाता है और उसे संतृप्त वसा में बदल देता है; यह योगात्मक अभिक्रिया (हाइड्रोजनीकरण) है, प्रतिस्थापन नहीं — 1 अंक
  2. भावना सही है: यह प्रतिस्थापन अभिक्रिया है (0.5); CH4+Cl2→CH3Cl+HCl\mathrm{CH_4 + Cl_2 \rightarrow CH_3Cl + HCl}, सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में (0.5) — 1 अंक
  3. चेतन सही नहीं है: बात उलटी है; असंतृप्त यौगिक पीली, कज्जली ज्वाला के साथ जलते हैं क्योंकि उनका कार्बन पूरी तरह नहीं जलता, जबकि संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ ज्वाला देते हैं — 1 अंक

(ii) एथीन, C2H4\mathrm{C_2H_4}, की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए। एक अणु में कुल कितने इलेक्ट्रॉन युग्म साझा होते हैं? (2 अंक)

उत्तर।

  1. दोनों कार्बन परमाणुओं के बीच दो साझा इलेक्ट्रॉन युग्म (द्वि-आबंध) — 1 अंक
  2. प्रत्येक कार्बन परमाणु और उसके दोनों हाइड्रोजन परमाणुओं के बीच एक-एक साझा युग्म (0.25); कुल छह साझा युग्म (0.25) — 0.5 अंक
  3. संरचना साफ़ बनी हो, और प्रत्येक कार्बन परमाणु के चारों ओर आठ इलेक्ट्रॉन हों — 0.5 अंक

चार हाइड्रोजन वाले दो-कार्बन अणु की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना

अथवा

(B)

(i) दो बोतलों X और Y के लेबल निकल गए हैं। एक में एथेनॉल है और दूसरी में एथेनॉइक अम्ल। (I) प्रेक्षणों सहित दो परीक्षण बताइए जिनसे अर्जुन पता लगा सके कि कौन-सा द्रव कौन-सा है। (II) उसका मित्र दोनों द्रवों में सोडियम का एक छोटा टुकड़ा डालने का सुझाव देता है। दोनों को पहचानने का यह अच्छा तरीका क्यों नहीं है? अपने उत्तर के समर्थन में एक रासायनिक समीकरण लिखिए। (3 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(I) अर्जुन दोनों द्रवों की थोड़ी-थोड़ी मात्रा में नीला लिटमस पत्र डुबो सकता है। जो द्रव उसे लाल कर दे, वह एथेनॉइक अम्ल है; एथेनॉल में वह नीला ही रहता है। वह दोनों में चुटकी भर सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट भी डाल सकता है। एथेनॉइक अम्ल में कार्बन डाइऑक्साइड की तेज़ बुदबुदाहट होती है, जबकि एथेनॉल में कोई बुदबुदाहट नहीं होती। (II) सोडियम यहाँ उपयोगी नहीं है, क्योंकि वह दोनों द्रवों से अभिक्रिया करता है और दोनों में हाइड्रोजन निकलती है, उदाहरण के लिए 2Na+2CH3CH2OH→2CH3CH2ONa+H2\mathrm{2Na + 2CH_3CH_2OH \rightarrow 2CH_3CH_2ONa + H_2}। एथेनॉइक अम्ल भी, किसी भी अम्ल की तरह, सोडियम के साथ हाइड्रोजन देता है। दोनों परखनलियों में बुदबुदाहट होने से यह परीक्षण उन्हें अलग नहीं पहचान सकता।

अंक योजना:

  1. (I) कोई दो मान्य परीक्षण, प्रत्येक 1 अंक (परीक्षण 0.5, प्रेक्षण 0.5), उदाहरण के लिए: नीला लिटमस एथेनॉइक अम्ल में लाल हो जाता है, एथेनॉल में नहीं; सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट एथेनॉइक अम्ल के साथ कार्बन डाइऑक्साइड की तेज़ बुदबुदाहट देता है, एथेनॉल के साथ नहीं; एथेनॉइक अम्ल में सिरके जैसी गंध होती है — 2 अंक
  2. (II) दोनों द्रव सोडियम से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन देते हैं, इसलिए दोनों में बुदबुदाहट होती है (0.5); उदाहरण के लिए 2Na+2CH3CH2OH→2CH3CH2ONa+H2\mathrm{2Na + 2CH_3CH_2OH \rightarrow 2CH_3CH_2ONa + H_2} (0.5) — 1 अंक

(ii) (I) कार्बन के बहुत बड़ी संख्या में यौगिक बनाने के दो कारण दीजिए। (II) ब्यूटेन, C4H10\mathrm{C_4H_{10}}, के दोनों समावयवियों के संरचना सूत्र लिखिए, और समझाइए कि वे इनमें से एक कारण को कैसे दर्शाते हैं। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(I) कार्बन चतुःसंयोजी है, इसलिए प्रत्येक कार्बन परमाणु चार अन्य परमाणुओं से आबंध बना सकता है, जो कार्बन के हो सकते हैं या हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन या क्लोरीन जैसे अन्य तत्वों के। कार्बन श्रृंखलन भी दर्शाता है: इसके परमाणु आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएँ, शाखित शृंखलाएँ और वलय बनाते हैं, क्योंकि कार्बन-कार्बन आबंध बहुत प्रबल और स्थायी होता है। (II) ब्यूटेन के दो समावयवी हैं CH3−CH2−CH2−CH3\mathrm{CH_3-CH_2-CH_2-CH_3}, एक सीधी शृंखला, और CH3−CH(CH3)−CH3\mathrm{CH_3-CH(CH_3)-CH_3}, एक शाखित शृंखला। दोनों का सूत्र C4H10\mathrm{C_4H_{10}} है, पर कार्बन परमाणु अलग-अलग ढंग से जुड़े हैं। कार्बन शृंखलाओं के इस प्रकार शाखित हो सकने से एक ही सूत्र कई यौगिकों को दर्शा सकता है, जिससे कार्बन यौगिकों की संख्या बहुत बढ़ जाती है।

अंक योजना:

  1. (I) चतुःसंयोजकता: कार्बन परमाणु चार अन्य परमाणुओं से आबंध बना सकता है, चाहे वे कार्बन के हों या हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और क्लोरीन जैसे अन्य तत्वों के (0.5); श्रृंखलन: कार्बन परमाणु आपस में जुड़कर लंबी शृंखलाएँ, शाखित शृंखलाएँ और वलय बनाते हैं, क्योंकि कार्बन-कार्बन आबंध बहुत प्रबल और स्थायी होता है (0.5) — 1 अंक
  2. (II) CH3−CH2−CH2−CH3\mathrm{CH_3-CH_2-CH_2-CH_3} और CH3−CH(CH3)−CH3\mathrm{CH_3-CH(CH_3)-CH_3} (0.5); वही चार कार्बन परमाणु सीधी शृंखला या शाखित शृंखला में जुड़ सकते हैं, इसलिए एक सूत्र से दो यौगिक (समावयवी) बनते हैं, जो श्रृंखलन का परिणाम है (0.5) — 1 अंक

खण्ड ग – भौतिक विज्ञान (25 अंक)

प्रश्न 33 (2 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) एक बस का पश्च-दृश्य दर्पण 1 m फोकस दूरी का उत्तल दर्पण है। एक कार दर्पण से 4 m पीछे है।

(a) इस दर्पण में कार AB के प्रतिबिंब का बनना दर्शाने के लिए किरण आरेख बनाइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. अक्ष के समांतर किरण ऐसे परावर्तित होती है मानो F से आ रही हो, और C की ओर जाती किरण उसी पथ पर वापस लौटती है (0.25 + 0.25) — 0.5 अंक
  2. प्रतिबिंब A′B′ दर्पण के पीछे, P और F के बीच, सीधा और छोटा दिखाया गया हो, और पीछे की ओर के विस्तार टूटी रेखाओं से हों — 0.5 अंक

उत्तल दर्पण का किरण आरेख, वस्तु AB और प्रतिबिंब

(b) प्रतिबिंब की स्थिति और आवर्धन ज्ञात कीजिए। आवर्धन का मान चालक को क्या बताता है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. u=−4u = -4 m, f=+1f = +1 m; 1v=1f−1u=1+14=54\frac{1}{v} = \frac{1}{f} - \frac{1}{u} = 1 + \frac{1}{4} = \frac{5}{4}, अतः v=+0.8v = +0.8 m, दर्पण के पीछे — 0.5 अंक
  2. m=−vu=−0.8−4=+0.2m = -\frac{v}{u} = -\frac{0.8}{-4} = +0.2: प्रतिबिंब सीधा और कार का पाँचवाँ भाग है, इसलिए छोटे दर्पण में बड़ा क्षेत्र दिख जाता है — 0.5 अंक

अथवा

(B) एक वस्तु AB को अवतल दर्पण के मुख्य फोकस F पर रखा गया है। किरण आरेख बनाकर दर्शाइए कि उसका प्रतिबिंब कहाँ बनता है। प्रतिबिंब की स्थिति और प्रकृति बताइए, और अवतल दर्पण के फोकस पर प्रकाश स्रोत रखने का एक उपयोग बताइए।

उत्तर।

  1. किरण आरेख: अक्ष के समांतर किरण परावर्तन के बाद F से होकर जाती है, और C की दिशा से आती किरण उसी पथ पर वापस लौटती है; दोनों परावर्तित किरणें समांतर हैं — 1 अंक
  2. प्रतिबिंब अनंत पर बनता है; यह वास्तविक, उल्टा और अत्यधिक आवर्धित है — 0.5 अंक
  3. अवतल परावर्तक के फोकस पर रखा बल्ब प्रकाश का समांतर किरण-पुंज देता है, जैसे टॉर्च, वाहनों की हेडलाइट और सर्चलाइट में — 0.5 अंक

अवतल दर्पण का किरण आरेख, वस्तु मुख्य फोकस पर

प्रश्न 34 (2 अंक)

यह अध्ययन करने के लिए कि किसी प्रतिरोधक R में धारा उसके सिरों के बीच विभवांतर के साथ कैसे बदलती है, वरुण ने दिखाया गया परिपथ आरेख बनाया। उसके शिक्षक ने कहा कि उसने दोनों मीटर गलत जोड़े हैं।

बैटरी, कुंजी, प्रतिरोधक R और दो मीटर A तथा V वाला परिपथ

(a) प्रत्येक मीटर को जोड़ने के तरीके में क्या गलती है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. ऐमीटर R के साथ पार्श्वक्रम में जुड़ा है — 0.5 अंक
  2. वोल्टमीटर मुख्य परिपथ में श्रेणीक्रम में जुड़ा है — 0.5 अंक

(b) प्रत्येक मीटर को कैसे जोड़ना चाहिए, और क्यों? (1 अंक)

उत्तर।

  1. ऐमीटर R के साथ श्रेणीक्रम में होना चाहिए, ताकि R में बहने वाली पूरी धारा उससे होकर जाए — 0.5 अंक
  2. वोल्टमीटर R के सिरों पर पार्श्वक्रम में होना चाहिए, ताकि वह R के सिरों के बीच विभवांतर माप सके — 0.5 अंक

प्रश्न 35 (3 अंक)

रिया 20 cm फोकस दूरी का एक अवतल लेंस 4 cm ऊँची मोमबत्ती की लौ से 20 cm की दूरी पर पकड़े हुए है। उसका मित्र देव कहता है, "लौ लेंस के फोकस पर है, इसलिए प्रतिबिंब अनंत पर बनेगा, ठीक वैसे ही जैसे उत्तल लेंस से बनता।"

(a) लेंस सूत्र का उपयोग करके प्रतिबिंब की स्थिति ज्ञात कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. u=−20u = -20 cm, f=−20f = -20 cm; 1v=1f+1u=−120−120=−110\frac{1}{v} = \frac{1}{f} + \frac{1}{u} = -\frac{1}{20} - \frac{1}{20} = -\frac{1}{10}, अतः v=−10v = -10 cm: प्रतिबिंब लेंस से 10 cm दूर, लौ की ही ओर बनता है — 1 अंक

(b) आवर्धन और प्रतिबिंब की ऊँचाई ज्ञात कीजिए, और उसकी प्रकृति बताइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. m=vu=−10−20=+0.5m = \frac{v}{u} = \frac{-10}{-20} = +0.5, अतः प्रतिबिंब 0.5×4=20.5 \times 4 = 2 cm ऊँचा है — 0.5 अंक
  2. आभासी, सीधा और छोटा — 0.5 अंक

(c) क्या देव सही है? समझाइए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. नहीं: उत्तल लेंस अपने फोकस से आने वाली किरणों को समांतर कर देता है, पर अवतल लेंस किरणों को सदा फैलाता है, इसलिए वस्तु कहीं भी हो, वह अपने फोकस और प्रकाशिक केंद्र के बीच आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब बनाता है — 1 अंक

प्रश्न 36 (3 अंक)

प्रिया ने गत्ते की एक शीट से होकर गुज़रने वाले तार के एक वृत्ताकार पाश में धारा प्रवाहित की, और शीट पर लौह-चूर्ण छिड़का।

(a) शीट पर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का पैटर्न बनाइए, जिसमें पाश में धारा की दिशा और क्षेत्र रेखाओं की दिशा दिखाई गई हो। (2 अंक)

उत्तर।

  1. जहाँ-जहाँ तार शीट से गुज़रता है, उन बिंदुओं के चारों ओर संकेंद्री वृत्त, जो तार से दूर जाने पर बड़े होते जाते हैं — 1 अंक
  2. पाश के केंद्र के पास रेखाएँ लगभग सीधी हों; धारा और क्षेत्र रेखाओं की दिशाएँ दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम के अनुसार हों — 1 अंक

शीट को पार करते पाश के दो बिंदुओं के चारों ओर क्षेत्र रेखाएँ

(b) अब प्रिया बैटरी के संयोजन उलट देती है। क्षेत्र में उसे क्या परिवर्तन दिखेगा? यदि वह एक पाश के स्थान पर समान धारा वाली 10 फेरों की कुंडली ले, तो क्या बदलेगा? (1 अंक)

उत्तर।

  1. हर क्षेत्र रेखा की दिशा उलट जाती है; पैटर्न वैसा ही रहता है — 0.5 अंक
  2. क्षेत्र लगभग 10 गुना प्रबल हो जाता है, क्योंकि सभी फेरों के क्षेत्र जुड़ जाते हैं — 0.5 अंक

प्रश्न 37 (3 अंक)

बोस परिवार के घर की वायरिंग में एक विद्युन्मय तार, एक उदासीन तार और एक भूसंपर्क तार है, और हर परिपथ एक MCB (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) या फ़्यूज़ से सुरक्षित है।

(a) प्रत्येक स्थिति में सबसे संभावित दोष का नाम बताइए। (I) शयनकक्ष का MCB एक अकेला लैंप चालू करते ही ट्रिप हो जाता है, और स्विचबोर्ड पर चिंगारी दिखती है। (II) स्नानघर के परिपथ का MCB केवल तब ट्रिप होता है जब उस परिपथ में हीटर और इस्त्री पहले से चलते हुए गीज़र चालू किया जाता है। (1 अंक)

उत्तर।

  1. (I) लघुपथन — 0.5 अंक
  2. (II) अतिभारण — 0.5 अंक

(b) समझाइए कि इनमें से प्रत्येक दोष में धारा बहुत अधिक क्यों हो जाती है। (1 अंक)

उत्तर।

  1. लघुपथन: विद्युन्मय और उदासीन तार सीधे संपर्क में आ जाते हैं, इसलिए परिपथ का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है — 0.5 अंक
  2. अतिभारण: उपकरण पार्श्वक्रम में हैं, हर उपकरण अपनी धारा लेता है, और कुल धारा परिपथ की क्षमता से अधिक हो जाती है — 0.5 अंक

(c) फ़्यूज़ को विद्युन्मय तार में ही क्यों जोड़ा जाना चाहिए? यदि बिजली मिस्त्री उसे उदासीन तार में लगा दे, तो क्या खतरा होगा? (1 अंक)

उत्तर।

  1. विद्युन्मय तार में लगा फ़्यूज़ उड़ने पर उपकरण आपूर्ति के उच्च विभव से कट जाता है — 0.5 अंक
  2. यदि फ़्यूज़ उदासीन तार में हो, तो उसके उड़ने पर धारा तो रुक जाएगी, पर उपकरण विद्युन्मय तार से जुड़ा रहेगा; उसके भाग उच्च विभव पर बने रहेंगे, और उन्हें छूने पर झटका लग सकता है — 0.5 अंक

प्रश्न 38 (4 अंक)

ओडिशा में पुरी के पास एक गाँव में लगे निःशुल्क नेत्र शिविर में डॉ. मोहंती ने सभी आयु के लोगों की आँखों की जाँच की। दस वर्ष की लिपि आँखों से 25 cm दूर रखे छोटे अक्षर पढ़ सकती थी, और सड़क पर बहुत दूर लगे साइनबोर्ड को भी पढ़ सकती थी। उसके दादाजी दूर की मछली पकड़ने वाली नावों को साफ़ देख सकते थे, पर अख़बार पढ़ने के लिए उन्हें उसे हाथ भर की दूरी पर रखना पड़ता था। डॉक्टर ने समझाया कि अलग-अलग दूरी की वस्तुओं को फोकस करने के लिए नेत्र लेंस अपनी फोकस दूरी बदलता है, और आयु के साथ यह क्षमता कमज़ोर हो जाती है।

(a) नेत्र लेंस की इस क्षमता को क्या कहते हैं? आँख का कौन-सा भाग इसे संभव बनाता है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. समंजन क्षमता — 0.5 अंक
  2. पक्ष्माभी पेशियाँ, जो नेत्र लेंस की वक्रता बदलती हैं — 0.5 अंक

(b) दादाजी दूर की नावें तो अब भी साफ़ देख लेते हैं, पर पास रखा अख़बार क्यों नहीं? उनके दृष्टि दोष को क्या कहते हैं? (1 अंक)

उत्तर।

  1. दूर देखने के लिए नेत्र लेंस को, पक्ष्माभी पेशियों के शिथिल रहते, केवल पतला रहना होता है; पास देखने के लिए उसे मोटा होना पड़ता है, पर आयु के साथ पक्ष्माभी पेशियाँ दुर्बल हो गई हैं और लेंस का लचीलापन घट गया है, इसलिए वह ऐसा नहीं कर पाता — 0.5 अंक
  2. जरा-दूरदृष्टिता (0.5); 'दूर-दृष्टि दोष' लिखने पर 0.25, क्योंकि प्रभाव वही है पर यह आयु से जुड़े दोष का नाम नहीं है — 0.5 अंक

(c) डॉक्टर दादाजी के लिए +2 D क्षमता का पढ़ने का चश्मा लिखते हैं, जिससे वे आँखों से 25 cm दूर रखा अख़बार पढ़ सकते हैं। लेंस की फोकस दूरी और उनकी आँख का निकट बिंदु ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. f=1P=12f = \frac{1}{P} = \frac{1}{2} m =+50= +50 cm, एक उत्तल लेंस — 1 अंक
  2. लेंस अक्षरों का प्रतिबिंब उनके निकट बिंदु पर बनाता है: 1v=1f+1u=150−125=−150\frac{1}{v} = \frac{1}{f} + \frac{1}{u} = \frac{1}{50} - \frac{1}{25} = -\frac{1}{50}, अतः v=−50v = -50 cm; उनका निकट बिंदु आँख से 50 cm पर है — 1 अंक

अथवा

(c) शिविर में आई 62 वर्ष की एक महिला न पास की और न दूर की वस्तुएँ साफ़ देख पाती थीं। डॉक्टर ने उन्हें द्विफोकसी लेंस दिए, जिनके ऊपरी भाग की क्षमता -0.4 D है। उन्हें द्विफोकसी लेंसों की आवश्यकता क्यों है, और प्रत्येक भाग किस प्रकार का लेंस है? उनकी आँख का दूर बिंदु ज्ञात कीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. उन्हें निकट-दृष्टि और दूर-दृष्टि दोनों दोष हैं; ऊपरी भाग अवतल लेंस है, दूर देखने के लिए, और निचला भाग उत्तल लेंस है, पढ़ने के लिए (0.5 + 0.5) — 1 अंक
  2. f=1P=1−0.4=−2.5f = \frac{1}{P} = \frac{1}{-0.4} = -2.5 m; ऊपरी लेंस दूर से आने वाली किरणों को ऐसे फैलाता है मानो वे उसके फोकस से आ रही हों, अतः उनका दूर बिंदु आँख से 2.5 m पर है — 1 अंक

प्रश्न 39 (5 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) दिखाए गए परिपथ में कुंजी K बंद है। ऐमीटर और वोल्टमीटर को आदर्श मीटर मानिए।

6 V बैटरी, ऐमीटर, वोल्टमीटर और तीन प्रतिरोधकों वाला परिपथ

(i) ज्ञात कीजिए (I) X और Y के बीच कुल प्रतिरोध, (II) ऐमीटर का पाठ्यांक और (III) वोल्टमीटर का पाठ्यांक। (3 अंक)

उत्तर।

  1. (I) निचली शाखा: 2+4=62 + 4 = 6 Ω; 6 Ω वाली शाखा के साथ पार्श्वक्रम में, 1R=16+16=13\frac{1}{R} = \frac{1}{6} + \frac{1}{6} = \frac{1}{3}, अतः R=3R = 3 Ω — 1 अंक
  2. (II) ऐमीटर का पाठ्यांक I=VR=63=2I = \frac{V}{R} = \frac{6}{3} = 2 A — 1 अंक
  3. (III) निचली शाखा में धारा =66=1= \frac{6}{6} = 1 A; वोल्टमीटर का पाठ्यांक =1×4=4= 1 \times 4 = 4 V — 1 अंक

(ii) (I) 2 Ω प्रतिरोधक में व्यय होने वाली शक्ति ज्ञात कीजिए। (II) 6 Ω प्रतिरोधक जलकर टूट जाता है। अब ऐमीटर और वोल्टमीटर क्या पढ़ेंगे? कारण दीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. (I) P=I2R=12×2=2P = I^2 R = 1^2 \times 2 = 2 W — 1 अंक
  2. (II) केवल निचली शाखा बचती है, जिसके सिरों पर 6 V है: ऐमीटर 1 A पढ़ेगा (0.5); वोल्टमीटर अब भी 4 V पढ़ेगा, क्योंकि निचली शाखा में धारा नहीं बदली (0.5) — 1 अंक

अथवा

(B) अय्यर परिवार प्रतिदिन ये उपकरण चलाता है: 1.5 kW का एयर कंडीशनर 6 घंटे, 50 W के चार पंखे 10 घंटे, और 20 W के पाँच LED बल्ब 10 घंटे। बिजली की दर ₹ 7 प्रति kWh है।

(i) एक दिन में व्यय होने वाली विद्युत ऊर्जा, 30 दिन के महीने का बिल, और एयर कंडीशनर को प्रतिदिन 2 घंटे कम चलाने पर उस महीने में होने वाली बचत ज्ञात कीजिए। (3 अंक)

उत्तर।

  1. प्रतिदिन ऊर्जा =1.5×6+4×50×101000+5×20×101000=9+2+1=12= 1.5 \times 6 + \frac{4 \times 50 \times 10}{1000} + \frac{5 \times 20 \times 10}{1000} = 9 + 2 + 1 = 12 kWh — 1 अंक
  2. 30 दिन में: 12 × 30 = 360 kWh; बिल = 360 × ₹ 7 = ₹ 2520 — 1 अंक
  3. बचत =1.5×2×30=90= 1.5 \times 2 \times 30 = 90 kWh, यानी 90 × ₹ 7 = ₹ 630 — 1 अंक

(ii) उनकी विद्युत इस्त्री का अनुमतांक 1100 W, 220 V है। इस्त्री द्वारा ली गई धारा और उसके तापन अवयव का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। जब वे इसे ऐसे स्थान पर ले जाते हैं जहाँ आपूर्ति केवल 110 V है, तो यह कितनी शक्ति व्यय करेगी? (तापन अवयव का प्रतिरोध अपरिवर्तित मानिए।) (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

इस्त्री I=PV=1100220=5I = \frac{P}{V} = \frac{1100}{220} = 5 A धारा लेती है, और उसके तापन अवयव का प्रतिरोध R=VI=2205=44R = \frac{V}{I} = \frac{220}{5} = 44 Ω है। 110 V आपूर्ति पर भी प्रतिरोध 44 Ω ही रहता है, इसलिए शक्ति P=V2R=110×11044=275P = \frac{V^2}{R} = \frac{110 \times 110}{44} = 275 W होगी। वोल्टता आधी होने पर धारा भी आधी हो जाती है, इसलिए शक्ति एक-चौथाई रह जाती है, और इस्त्री बहुत धीरे गर्म होती है।

अंक योजना:

  1. I=PV=1100220=5I = \frac{P}{V} = \frac{1100}{220} = 5 A (0.5); R=VI=2205=44R = \frac{V}{I} = \frac{220}{5} = 44 Ω (0.5) — 1 अंक
  2. 110 V पर: P=V2R=110×11044=275P = \frac{V^2}{R} = \frac{110 \times 110}{44} = 275 W, अनुमत शक्ति का एक-चौथाई, क्योंकि वोल्टता आधी होने पर धारा भी आधी हो जाती है — 1 अंक