विस्तृत हल: CBSE कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान सैंपल पेपर 2027 – सेट 2
प्रश्न पत्र के सभी लिखित प्रश्न (2, 3, 4 और 5 अंक) यहाँ क्रम से हल किए गए हैं, हर चरण के अंकों के साथ, ताकि आप अपनी उत्तर पुस्तिका परीक्षक की तरह जाँच सकें। जहाँ आंतरिक विकल्प (अथवा) है, वहाँ दोनों विकल्प हल किए गए हैं। 1 अंक वाले प्रश्नों के उत्तर व्याख्या सहित प्रश्न पत्र वाले पृष्ठ की क्विज़ में हैं।
खंड क - इतिहास (20 अंक)
प्रश्न 5 (2 अंक)
'सोलहवीं सदी पूर्व-आधुनिक दुनिया के लिए एक निर्णायक मोड़ थी।' इस कथन की पुष्टि दो बिंदुओं से कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, यूरोपीय नाविक समुद्री रास्ते से हिंद महासागर के व्यापार में उतरे और उसका कुछ हिस्सा यूरोप की ओर मोड़ा। दूसरा, वे युगों से कटे अमेरिका पहुँचे, जिसकी फ़सलों और चाँदी ने हर जगह जीवन बदला।
अंक योजना:
- यूरोपीय नाविकों ने एशिया का समुद्री रास्ता खोजा और हिंद महासागर के उस व्यस्त व्यापार में प्रवेश किया जिसका केंद्र भारतीय उपमहाद्वीप था; उन्होंने इसके कुछ प्रवाह बढ़ाए और कुछ को यूरोप की ओर मोड़ दिया — 1 अंक
- उन्होंने समुद्र पार कर अमेरिका तक भी पहुँच बनाई, जो लाखों वर्षों से नियमित संपर्क से कटा था; उसकी विशाल ज़मीन, फ़सलें (आलू, मक्का) और खनिज (चाँदी) हर जगह व्यापार और जीवन बदलने लगे (मान्य: सोलहवीं सदी के मध्य तक पुर्तगाल और स्पेन ने अमेरिका के बड़े हिस्से जीत लिए थे) — 1 अंक
प्रश्न 6 (3 अंक)
समझाइए कि छपाई का ज्ञान यूरोप तक कैसे पहुँचा, और गुटेनबर्ग के प्रेस के चलन में आने से पहले वहाँ किताबें कैसे बनती थीं। तीन बिंदु दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, मार्को पोलो 1295 में चीन से लकड़ी के ब्लॉक की छपाई इटली लाए, और यह यूरोप में फैली। दूसरा, महँगे संस्करण कुलीनों और मठों के लिए वेलम पर हाथ से लिखे जाते रहे, जबकि व्यापारी और विद्यार्थी सस्ती छपी प्रतियाँ लेते थे। तीसरा, विक्रेताओं ने बहुत लिपिक रखे, पर हाथ की नकल बढ़ती माँग पूरी न कर सकी।
अंक योजना:
- यह कला चीन से आई: चीन में कई वर्ष बिताकर मार्को पोलो 1295 में लकड़ी के ब्लॉक से छपाई का ज्ञान लेकर इटली लौटे; इतालवी लोग लकड़ी के ब्लॉकों से किताबें छापने लगे और यह तरीका जल्दी ही यूरोप के दूसरे हिस्सों में फैल गया (मान्य: ग्यारहवीं सदी में कागज़ रेशम मार्ग से यूरोप पहुँच चुका था) — 1 अंक
- किताबें दो तरह के खरीदारों के लिए बनती थीं: महँगे संस्करण कुलीनों और धनी मठों के पुस्तकालयों के लिए अब भी वेलम (चर्म-पत्र) पर हाथ से लिखे जाते थे, जबकि व्यापारी और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी सस्ती छपी प्रतियाँ खरीदते थे — 1 अंक
- माँग बढ़ने पर पुस्तक-विक्रेताओं ने कई देशों को किताबें भेजीं और पांडुलिपियाँ लिखवाने के लिए बहुत-से लिपिक रखे (अक्सर एक विक्रेता के पास 50 से अधिक), पर हाथ से नकल माँग पूरी नहीं कर सकी; पंद्रहवीं सदी के आरंभ तक कपड़ों, ताश के पत्तों और छोटे पाठ वाले धार्मिक चित्रों की छपाई में लकड़ी के ब्लॉक खूब इस्तेमाल होते थे (कोई एक; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
अथवा
समझाइए कि 1450 के बाद के सौ वर्षों में छापेखाने ने यूरोप में किताबों के बनने और फैलने को किन तीन तरीकों से बदला।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, किताबें मशीन से, हाथ से कहीं तेज़ और अधिक संख्या में छपने लगीं: यह मुद्रण क्रांति थी। दूसरा, जर्मनी में सीखे छापने वालों ने दूसरे देशों में प्रेस लगाए, और 1500 तक लगभग 2 करोड़ छपी प्रतियाँ बाज़ार में थीं। तीसरा, सस्ती किताबें बहुत अधिक पाठकों तक पहुँचीं, जिससे नए विचार फैले।
अंक योजना:
- अब किताबें मशीन से, हाथ की नकल की तुलना में कहीं तेज़ी से और कहीं अधिक संख्या में बन सकती थीं; हाथ की नकल से यांत्रिक छपाई की ओर यह बदलाव मुद्रण क्रांति कहलाता है — 1 अंक
- छपाई तेज़ी से फैली: जर्मनी में सीखे छापने वाले दूसरे देशों में जाकर प्रेस लगाने लगे, जिससे लगभग सौ वर्षों में यूरोप के अधिकतर देशों में प्रेस हो गए; पंद्रहवीं सदी के अंत तक छपी किताबों की लगभग 2 करोड़ प्रतियाँ बाज़ार में थीं — 1 अंक
- किताबें सस्ती हुईं और केवल अमीरों और चर्च तक सीमित न रहकर बड़े पाठक वर्ग तक पहुँचीं, इसलिए नए विचार दूर-दूर तक फैल सके (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु, जैसे नया पाठक वर्ग; चर्च को चिंतित करने वाली बहसें) — 1 अंक
प्रश्न 7 (5 अंक)
परीक्षण कीजिए कि फ्रांसीसी क्रांति और नेपोलियन की विजयों ने पहले राष्ट्र के विचार को पूरे यूरोप में कैसे फैलाया, और फिर फ्रांसीसी शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय भावना को कैसे जगाया।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
विचार का प्रसार। यूरोप के कई शहरों में विद्यार्थियों और शिक्षित मध्यवर्ग ने जैकोबिन क्लब बनाए, और फ्रांसीसी सेनाएँ राष्ट्रवाद को बाहर ले गईं। नेपोलियन ने अपने अधीन क्षेत्रों में प्रशासन सरल किया, सामंतवाद खत्म किया, किसानों को भू-दासता से मुक्त किया और गिल्डों की पाबंदियाँ हटाईं। बड़े क्षेत्र में एक जैसे कानून, नाप-तौल और मुद्रा होने से पहले फ्रांसीसियों का स्वागत हुआ।
फ्रांस का विरोध। राजनीतिक आज़ादी न मिलने और ऊँचे कर, सेंसरशिप तथा ज़बरन सैनिक भर्ती से स्वागत विरोध में बदला। इससे राष्ट्रीय भावना तेज़ हुई: जैसे, जर्मन क्षेत्रों में ग्रिम बंधुओं ने जर्मन भाषा और लोक संस्कृति को फ्रांसीसी प्रभुत्व से बचाने का काम किया।
अंक योजना:
- यूरोप के कई शहरों में विद्यार्थियों और दूसरे शिक्षित मध्यवर्गीय लोगों ने जैकोबिन क्लब बनाए, और 1790 के दशक में फ्रांसीसी सेनाएँ राष्ट्रवाद का विचार विदेशों तक ले गईं (मान्य: वे कदम जिनसे फ्रांस के भीतर राष्ट्र की भावना बनी, जैसे ला पैट्रिए और ल सिटोयेन, तिरंगा झंडा, नेशनल असेंबली, एक जैसे कानून और एक भाषा) — 1 अंक
- डच गणराज्य, स्विट्ज़रलैंड, इटली और जर्मन क्षेत्रों में नेपोलियन ने प्रशासन को सरल बनाया, सामंती व्यवस्था खत्म की, किसानों को भू-दासता और जागीरदारी शुल्कों से मुक्त किया, और गिल्डों की पाबंदियाँ हटाईं — 1 अंक
- शुरू में बहुत-से लोगों ने फ्रांसीसी सेनाओं का स्वागत आज़ादी लाने वालों के रूप में किया, क्योंकि बड़े क्षेत्र में कानून, नाप-तौल और मुद्रा एक जैसे हो गए थे (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
- यह स्वागत जल्द ही विरोध में बदल गया: नए प्रशासन से राजनीतिक आज़ादी नहीं मिली, और लोगों पर ऊँचे कर, सेंसरशिप और फ्रांसीसी सेनाओं में ज़बरन भर्ती थोप दी गई — 1 अंक
- फ्रांसीसी शासन के विरोध ने राष्ट्रीय भावना को तेज़ किया, जैसे अपनी भाषा और लोक संस्कृति को फ्रांसीसी प्रभुत्व से बचाने के प्रयासों के ज़रिए, जैसा जर्मन क्षेत्रों में ग्रिम बंधुओं ने किया (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
अथवा
1815 के बाद यूरोप के शासकों ने आज़ादी और राष्ट्रीय एकता की हर माँग को कुचलने की कोशिश की। परीक्षण कीजिए कि इन वर्षों में उदारवादी-राष्ट्रवादियों और ज्युसेपे मेत्सिनी जैसे क्रांतिकारियों ने अपने उद्देश्य को कैसे जीवित रखा।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
खुला विरोध ख़तरनाक होने से बहुत-से उदारवादी-राष्ट्रवादी भूमिगत हो गए। कई राज्यों में गुप्त संगठनों ने क्रांतिकारी तैयार किए और विचार फैलाए। क्रांतिकारी होने का अर्थ था 1815 के बाद लौटे राजतंत्रों का विरोध और आज़ादी के लिए संघर्ष, जिसमें राष्ट्र-राज्य भी लक्ष्य थे।
कार्बोनारी के सदस्य मेत्सिनी को लिगुरिया में असफल विद्रोह के बाद 1831 में निर्वासित किया गया। फिर उन्होंने मार्सेई में 'यंग इटली' और बर्न में 'यंग यूरोप' बनाए और कहा कि राष्ट्र स्वाभाविक इकाइयाँ हैं, इसलिए इटली एक गणराज्य बने। दूसरी जगहों के गुप्त संगठनों ने उनका अनुसरण किया, और मैटरनिख ने उन्हें सामाजिक व्यवस्था का सबसे ख़तरनाक दुश्मन कहा।
अंक योजना:
- गिरफ़्तारी के डर से बहुत-से उदारवादी-राष्ट्रवादी भूमिगत हो गए: कई यूरोपीय राज्यों में क्रांतिकारियों को प्रशिक्षित करने और उनके विचार फैलाने के लिए गुप्त संगठन बने — 1 अंक
- क्रांतिकारी होने का अर्थ था 1815 के बाद स्थापित राजतंत्रों का विरोध करना और आज़ादी के लिए लड़ना; ये क्रांतिकारी राष्ट्र-राज्यों के निर्माण को इस लड़ाई का ज़रूरी हिस्सा मानते थे — 1 अंक
- 1807 में जेनोआ में जन्मे मेत्सिनी गुप्त संगठन कार्बोनारी के सदस्य बने; लिगुरिया में क्रांति की एक असफल कोशिश के बाद 1831 में उन्हें देश-निकाला दे दिया गया — 1 अंक
- निर्वासन में उन्होंने मार्सेई में 'यंग इटली' और बर्न में 'यंग यूरोप' की स्थापना की, जिसके सदस्य पोलैंड, फ्रांस, इटली और जर्मन राज्यों से थे; उनका मानना था कि राष्ट्र मानवजाति की स्वाभाविक इकाइयाँ हैं, इसलिए इटली को एक एकीकृत गणराज्य बनना चाहिए — 1 अंक
- उनके उदाहरण से जर्मनी, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड और पोलैंड में गुप्त संगठन बने, और रूढ़िवादी उनसे डरते थे: मैटरनिख ने उन्हें सामाजिक व्यवस्था का सबसे ख़तरनाक दुश्मन कहा (मान्य: 1831 और 1848 के विद्रोह असफल रहे, फिर भी उन्होंने एकता के विचार को जीवित रखा; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 8 (4 अंक)
नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
एक शिक्षक की डायरी, मार्च 1930
(समुद्र की ओर जाने वाली सड़क पर बसे एक गाँव का काल्पनिक विवरण, इस प्रश्न के लिए लिखा गया)
पूरा गाँव भोर से पहले जाग गया था। खबर थी कि गांधीजी और उनके साथ चलने वाले आज हमारी सड़क से गुज़रेंगे। वे एक हफ़्ते से भी पहले साबरमती से निकले थे, और समुद्र तक पहुँचने में अभी कई दिन और चलना है।
जब वे आए, तो चलने वाले सौ से कम थे, ज़्यादातर नौजवान, सबके कंधे पर कपड़े का छोटा थैला। गांधीजी ने बरगद के नीचे कुछ मिनट बात की। उन्होंने परिषदों या संविधानों की बात नहीं की। उन्होंने नमक की बात की: सबसे गरीब मज़दूर और सबसे अमीर सेठ, दोनों को हर भोजन में नमक चाहिए, फिर भी सरकार उस पर कर लेती है और हमें खुद नमक बनाने नहीं देती। बूढ़ी औरतों ने ऐसे सिर हिलाया मानो यह उनकी ही शिकायत हो।
अखबार कहते हैं कि उन्होंने पहले वायसराय को माँगों की एक लंबी सूची भेजी थी, जिसमें कुछ माँगें मिल-मालिकों, कुछ किसानों और कुछ सबके लिए थीं, पर वायसराय बातचीत को तैयार नहीं हुए।
सुनने वालों में हमारे गाँव के सबसे बड़े भू-स्वामी और कस्बे के एक मिल-मालिक भी थे, जो दस साल पहले कांग्रेस से दूर रहे थे।
8.1 गांधीजी ने गाँव वालों से परिषदों या संविधानों के बजाय नमक की बात क्यों की? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
अमीर-गरीब सबको नमक चाहिए था, इसलिए उस पर कर और उसे बनाने पर रोक हर घर को छूती थी और ब्रिटिश शासन की कठोरता साफ़ दिखाती थी।
अंक योजना:
- नमक अमीर-गरीब सबको चाहिए था, इसलिए उस पर कर और उसे बनाने पर रोक हर किसी को छूती थी और ब्रिटिश शासन का कठोर रूप ऐसे दिखाती थी जिसे सब समझ सकें — 1 अंक
8.2 गांधीजी ने वायसराय को लिखे पत्र में किसानों के साथ-साथ मिल-मालिकों की माँगें भी क्यों रखी होंगी? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
ताकि हर वर्ग सूची में अपनी शिकायतें देखे और एक साझा अभियान में जुड़ जाए।
अंक योजना:
- ताकि हर वर्ग के लोग सूची में अपनी शिकायतें देख सकें और एक साझा अभियान में एकजुट हो सकें — 1 अंक
8.3 भू-स्वामी और मिल-मालिक दस साल पहले कांग्रेस से दूर रहे थे। दो तरीके समझाइए जिनसे इस यात्रा से शुरू हुआ आंदोलन अपने लक्ष्यों या इसमें भाग लेने वाले समूहों के मामले में असहयोग आंदोलन से अलग था। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, यह आंदोलन कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज को लक्ष्य बनाने के बाद आया, और इसमें लोगों से केवल सहयोग न करने को नहीं, औपनिवेशिक कानून तोड़ने को कहा गया। दूसरा, पाटीदार और जाट जैसे धनी किसान इसमें सक्रिय रूप से जुड़े, और स्त्रियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
अंक योजना:
- लक्ष्य में कोई एक अंतर, जैसे यह 1929 में कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज को लक्ष्य बनाने के बाद शुरू हुआ; या लोगों से केवल सहयोग न करने को नहीं, बल्कि औपनिवेशिक कानून तोड़ने को भी कहा गया — 1 अंक
- भाग लेने वाले समूहों में कोई एक अंतर, जैसे गुजरात के पाटीदार और उत्तर प्रदेश के जाट जैसे धनी किसान समुदाय सक्रिय समर्थक बने; भारतीय उद्योगपतियों ने आंदोलन का साथ दिया; स्त्रियाँ बड़ी संख्या में जुड़ीं; मुसलमानों की भागीदारी 1921 से बहुत कम रही (कोई अन्य सही अंतर) — 1 अंक
प्रश्न 9 (2 अंक)
नीचे दिए गए भारत के रेखा-मानचित्र पर दो स्थान A और B के रूप में दिखाए गए हैं। संकेतों की सहायता से हर स्थान को पहचानिए और उसका नाम लिखिए।

A बिहार का वह स्थान जहाँ किसानों की शिकायत थी कि यूरोपीय बागान-मालिक उनकी ज़मीन पर ज़बरदस्ती नील उगवाते हैं, और जहाँ गांधीजी उनका पक्ष लेने पहुँचे। (1 अंक)
उत्तर।
- A: चंपारण (बिहार) — 1 अंक
B वह शहर जिसके सितंबर 1920 के कांग्रेस के विशेष अधिवेशन ने पहली बार खिलाफ़त के मुद्दे को स्वराज की माँग के साथ असहयोग के ज़रिए जोड़ने की गांधीजी की योजना का समर्थन किया। (1 अंक)
उत्तर।
- B: कलकत्ता, अब कोलकाता (पश्चिम बंगाल) — 1 अंक
खंड ख - भूगोल (20 अंक)
प्रश्न 16 (2 अंक)
हरीश उत्तर गुजरात के एक शुष्क ज़िले में रेतीली ज़मीन के एक छोटे टुकड़े पर खेती करता है। वर्षा कम दिनों की और अनिश्चित है, और उसके पास सिंचाई का कोई साधन नहीं है। एक मोटा अनाज और एक दाल सुझाइए जो वह उगा सके, और हर एक का कारण बताइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
बाजरा: यह कम पानी में रेतीली मृदा पर अच्छा उगता है, और गुजरात इसका प्रमुख उत्पादक है। मोठ या मूँग: दालों को कम नमी चाहिए, और फलीदार होने से वे नाइट्रोजन स्थिर कर मृदा उपजाऊ रखती हैं।
अंक योजना:
- मोटा अनाज: बाजरा, जो कम पानी में रेतीली और उथली काली मृदा पर अच्छा होता है; गुजरात बाजरे के मुख्य उत्पादक राज्यों में है (शुष्क भूमि के अनुकूल कोई भी मोटा अनाज, जैसे ज्वार या रागी, सही कारण सहित मान्य) — 1 अंक
- दाल: शुष्क रेतीली भूमि के अनुकूल कोई भी दाल (जैसे मोठ, मूँग, उड़द या चना), क्योंकि दालों को कम नमी चाहिए और वे सूखे दिनों को झेल लेती हैं; फलीदार होने से वे नाइट्रोजन स्थिर करके मृदा को उपजाऊ भी रखती हैं — 1 अंक
प्रश्न 17 (5 अंक)
उत्तर भारत के एक काल्पनिक राज्य की सरकार एक बड़े, भीड़-भरे शहर के पास नया बिजलीघर बनाना चाहती है। यह शहर कोयला क्षेत्रों और गैस क्षेत्रों, दोनों से दूर है। योजनाकारों को ईंधन के रूप में कोयले और प्राकृतिक गैस में से एक चुनना है।
(a) इस बिजलीघर के ईंधन के रूप में कोयले और प्राकृतिक गैस की किन्हीं तीन बिंदुओं पर तुलना कीजिए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, कोयला भारी है और रेल से दूर से आता है, जबकि गैस हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर पाइपलाइन से आ सकती है। दूसरा, भारत में दामोदर घाटी में कोयले के बड़े भंडार हैं, पर कृष्णा-गोदावरी बेसिन और मुंबई हाई की गैस बहुत कम है। तीसरा, गैस उर्वरकों और CNG के लिए भी चाहिए, इसलिए बिजलीघर उनसे होड़ करेगा।
अंक योजना:
- तुलना के कोई तीन बिंदु, हर एक के 1 अंक। संयंत्र तक पहुँचना: कोयला भारी-भरकम है और उसे रेल से दूर तक ढोना पड़ता है; गैस पाइप से आ सकती है, जैसे हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर अंतर्देशीय पाइपलाइन से, जो पश्चिमी तट के क्षेत्रों को उत्तर भारत से जोड़ती है — 1 अंक
- भारत के पास कितना है: भारत में कोयले के बड़े भंडार हैं, मुख्यतः दामोदर घाटी के गोंडवाना कोयला क्षेत्रों (झरिया, रानीगंज, बोकारो) में; गैस के भंडार (कृष्णा-गोदावरी बेसिन, मुंबई हाई, खंभात की खाड़ी) बहुत कम हैं, इसलिए गैस की लगातार आपूर्ति कम निश्चित है — 1 अंक
- ईंधन की दूसरी माँगें: प्राकृतिक गैस उर्वरक संयंत्रों को कच्चे माल के रूप में और वाहनों को CNG के रूप में भी चाहिए, इसलिए बिजलीघर उनसे होड़ करेगा; कोयला पहले से ही ज़्यादातर तापीय बिजली का ईंधन है (मान्य: शहर की हवा पर असर, क्योंकि कोयला धुआँ, राख और अधिक कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
(b) आप इस बिजलीघर के लिए कौन-सा ईंधन सुझाएँगे? अपने चुनाव के समर्थन में दो कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
प्राकृतिक गैस। संयंत्र भीड़-भरे शहर के पास है, और गैस कोयले से कहीं कम धुएँ और राख के साथ जलती है। साथ ही, पाइप से गैस लाने पर भारी कोयला देश भर में ढोना नहीं पड़ता।
अंक योजना:
- स्पष्ट चुनाव और पहला उचित कारण, जैसे गैस: संयंत्र भीड़-भरे शहर के पास है, और गैस कम धुएँ और राख के साथ जलती है; या कोयला: भारत के बड़े भंडार उसकी आपूर्ति को अधिक सुरक्षित बनाते हैं — 1 अंक
- उसी चुनाव के लिए दूसरा उचित कारण, जैसे गैस: पाइपलाइन से भारी कोयला देश भर में ढोने की ज़रूरत नहीं रहती और राख हटाने का झंझट नहीं होता; या कोयला: सीमित गैस उर्वरकों और CNG के लिए बचाकर रखना बेहतर है (कारण ठीक हों तो कोई भी चुनाव पूरे अंक पाएगा) — 1 अंक
अथवा
एक पहाड़ी ज़िले की पुरानी लौह अयस्क खदान को हर साल और गहरी खुदाई करनी पड़ती है; अब उससे घटिया अयस्क मिलता है और हर टन पर लागत बढ़ती जा रही है। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) इस उदाहरण की सहायता से खनिजों के संरक्षण की आवश्यकता के तीन कारण समझाइए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, खनिज लाखों वर्षों में बनते हैं, इसलिए उनकी भरपाई हमारे उपयोग से बहुत धीमी है। दूसरा, खनन जारी रहने पर अयस्क अधिक गहराई से आता है और घटिया होता है, इसलिए लागत बढ़ती है, जैसा यह खदान दिखाती है। तीसरा, उद्योग और खेती खनिजों पर टिके हैं, फिर भी काम लायक निक्षेप भूपर्पटी का लगभग एक प्रतिशत ही हैं।
अंक योजना:
- खनिज लाखों वर्षों में बनते हैं, इसलिए उनकी भरपाई हमारे उपयोग से बहुत धीमी होती है; वे सीमित और अनवीकरणीय हैं — 1 अंक
- खनन जारी रहने पर अयस्क अधिक गहराई से निकालना पड़ता है और वह घटिया होता जाता है, इसलिए लागत बढ़ती जाती है, जैसा इस खदान में हो रहा है — 1 अंक
- उद्योग और कृषि खनिजों पर बहुत निर्भर हैं, फिर भी काम लायक निक्षेप भूपर्पटी का बहुत छोटा हिस्सा (लगभग एक प्रतिशत) ही हैं (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
(b) खनिजों के संरक्षण के दो उपाय सुझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, खनिजों का सुनियोजित उपयोग करें, ऐसी बेहतर तकनीक के साथ जिससे निम्न कोटि के अयस्क सस्ते में काम आएँ। दूसरा, धातुओं का पुनर्चक्रण करें और रद्दी धातु दोबारा काम में लें।
अंक योजना:
- निम्नलिखित में से कोई दो, प्रत्येक 1 अंक: खनिजों का सुनियोजित और सतत उपयोग; ऐसी बेहतर तकनीक जिससे निम्न कोटि के अयस्क कम लागत पर काम आ सकें; धातुओं का पुनर्चक्रण; रद्दी धातु का दोबारा उपयोग; विकल्पों का प्रयोग — 2 अंक
प्रश्न 18 (4 अंक)
नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
एक कस्बा, दो तरह की सुबह
(एक काल्पनिक कस्बे की रिपोर्ट, इस प्रश्न के लिए लिखी गई)
सोनपुर एक चौड़ी नदी के किनारे बसा है और हर मानसून में वहाँ अच्छी वर्षा होती है। कस्बे का जलकल विभाग कहता है कि वह रोज़ हर निवासी के लिए पर्याप्त पानी पंप करता है। फिर भी सोनपुर की सुबह हर वार्ड में बहुत अलग दिखती है।
हाईवे के पास की नई कॉलोनियों में छत की टंकियाँ रोज़ पाइपलाइन से भर जाती हैं, और बहुत-से घर अपने लॉन सींचते हैं। पुराने बाज़ार वाले वार्डों में नल सुबह एक घंटे चलते हैं, और परिवार आपूर्ति बंद होने से पहले हर बाल्टी और ड्रम भर लेते हैं।
कस्बे के किनारे ईंट-भट्ठा मज़दूरों की बस्ती, वार्ड 9, में कोई पाइपलाइन नहीं है। औरतें और लड़कियाँ एक ही हैंडपंप पर कतार लगाती हैं। उसके पानी का स्वाद खारा है और वह बर्तनों पर पीला दाग छोड़ता है, इसलिए जो परिवार खर्च उठा सकते हैं, वे हफ़्ते में दो बार आने वाले टैंकर से पीने का पानी खरीदते हैं।
18.1 वार्ड 9 के परिवार हैंडपंप पर किस प्रकार की जल-दुर्लभता झेलते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
गुणवत्ता की कमी से दुर्लभता: पानी है, पर खारा है और पीने लायक नहीं है।
अंक योजना:
- पानी की घटिया गुणवत्ता से होने वाली दुर्लभता: पानी उपलब्ध है, पर वह खारा और दाग छोड़ने वाला है, इसलिए पीने लायक नहीं है — 1 अंक
18.2 जलकल विभाग कहता है कि वह हर निवासी के लिए पर्याप्त पानी पंप करता है। दो कारण समझाइए कि वार्ड 9 को फिर भी जल-दुर्लभता क्यों झेलनी पड़ती है। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, पहुँच असमान है: पाइपलाइन रोज़ अमीर कॉलोनियों को पानी देती है, पर वार्ड 9 में कनेक्शन ही नहीं, इसलिए दुर्लभता बँटवारे से है। दूसरा, कुछ घर ज़रूरत से कहीं ज़्यादा पानी खर्च करते हैं, जबकि गरीब कतार में समय और टैंकर पर पैसा खर्च करते हैं।
अंक योजना:
- पहुँच असमान है: पाइपलाइन रोज़ अमीर कॉलोनियों तक पहुँचती है, पर सबसे गरीब बस्ती में कोई कनेक्शन नहीं है, इसलिए दुर्लभता पानी के बँटवारे से है, उसकी मात्रा से नहीं — 1 अंक
- कुछ घर ज़रूरत से कहीं ज़्यादा पानी इस्तेमाल करते हैं (भरी टंकियाँ, सींचे गए लॉन), जबकि गरीबों को कतार में समय और सुरक्षित पानी के लिए टैंकर पर पैसा खर्च करना पड़ता है; विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच असमान पहुँच स्वयं जल-दुर्लभता का कारण है (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
18.3 वार्ड 9 में जल-दुर्लभता कम करने के लिए कस्बा क्या एक कदम उठा सकता है? सुझाइए। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
वार्ड 9 तक पाइपलाइन बढ़ाई जाए या वहाँ सार्वजनिक नल लगाए जाएँ।
अंक योजना:
- कोई एक: वार्ड 9 तक पाइपलाइन बढ़ाना या सार्वजनिक नल लगाना; हैंडपंप के पानी की जाँच और शोधन; बस्ती के लिए वर्षा जल संग्रहण टंकी बनाना; लॉन सींचने जैसी बर्बादी पर रोक (कोई अन्य प्रासंगिक कदम) — 1 अंक
प्रश्न 19 (3 अंक)
इस प्रश्न के लिए दिए गए भारत के रेखा-मानचित्र पर निम्नलिखित में से किन्हीं तीन को उपयुक्त चिह्नों से दर्शाइए और उनके नाम लिखिए।

(i) भिलाई - एक लोहा-इस्पात संयंत्र (1 अंक)
उत्तर।
- भिलाई: छत्तीसगढ़ में, दुर्ग के पास, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

(ii) राणा प्रताप सागर बाँध (1 अंक)
उत्तर।
- राणा प्रताप सागर बाँध: दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में चंबल नदी पर, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

(iii) कॉफ़ी उत्पादन में भारत का अग्रणी राज्य (1 अंक)
उत्तर।
- कर्नाटक: कॉफ़ी का अग्रणी उत्पादक राज्य, कर्नाटक के भीतर अंकित, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

(iv) राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (1 अंक)
उत्तर।
- राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: हैदराबाद, तेलंगाना में, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

खंड ग - राजनीति विज्ञान (20 अंक)
प्रश्न 24 (2 अंक)
काल्पनिक राज्य सुंदरगढ़ में बीस वर्षों से हर विधानसभा चुनाव एक ही दल जीत रहा है। एक विद्यार्थी निष्कर्ष निकालता है कि अब राज्य में सत्ता की साझेदारी नहीं होती। दो तरीके समझाइए जिनसे वहाँ सत्ता अब भी साझा होती है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका अब भी सत्ता बाँटती हैं; मंत्री विधानसभा के प्रति जवाबदेह हैं, जो उनके कानून और बजट मंज़ूर करती है। दूसरा, राज्य सरकार ऊपर संघ और नीचे पंचायतों व नगरपालिकाओं के साथ सत्ता बाँटती है।
अंक योजना:
- सरकार के अंगों के बीच (क्षैतिज): विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका सत्ता बाँटती हैं और एक-दूसरे पर अंकुश रखती हैं; जैसे, मंत्रियों को विधानसभा के प्रश्नों का उत्तर देना होता है, और उनके कानूनों और बजट को उसकी मंज़ूरी चाहिए — 1 अंक
- सरकार के स्तरों के बीच (ऊर्ध्वाधर): राज्य सरकार अपने ऊपर की संघ सरकार और नीचे की पंचायतों व नगरपालिकाओं के साथ सत्ता बाँटती है (मान्य: आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों के ज़रिए सामाजिक समूहों के साथ साझेदारी; विपक्षी दलों, दबाव समूहों और आंदोलनों का निर्णयों पर प्रभाव) — 1 अंक
प्रश्न 25 (2 अंक)
काल्पनिक लोकतंत्र सोलाविया में सीटों का बहुमत जीतने वाला कोई भी दल सरकार बना सकता है, पर एक कानून कहता है कि प्रधानमंत्री हमेशा देश के सबसे बड़े भाषाई समुदाय का ही होगा। दो कारण समझाइए कि यह कानून सोलाविया के लोकतंत्र को सामाजिक विविधता में सामंजस्य बिठाने में कम सक्षम क्यों बनाता है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, यह राजनीतिक समानता तोड़ता है: सर्वोच्च पद वोट या योग्यता पर नहीं, जन्म के भाषाई समूह पर टिका है। दूसरा, छोटे समुदाय कभी नेतृत्व नहीं कर सकते, इसलिए खुद को बराबर का साझेदार नहीं मानेंगे।
अंक योजना:
- यह राजनीतिक समानता को तोड़ता है: सर्वोच्च पद पाने का किसी नागरिक का मौका वोटों या योग्यता पर नहीं, बल्कि उस भाषाई समूह पर निर्भर करता है जिसमें वह जन्मा — 1 अंक
- छोटे समुदाय, चाहे जैसे भी वोट दें, कभी देश का नेतृत्व नहीं कर सकते, इसलिए वे खुद को बराबर का साझेदार नहीं मान सकते और समूहों के बीच अविश्वास बढ़ सकता है (मान्य: दल भाषा के आधार पर वोट माँगने की ओर धकेले जा सकते हैं; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 26 (3 अंक)
काल्पनिक कस्बे केसरपुर में लड़कियों को लड़कों की तुलना में ज़्यादा बार घर के काम में हाथ बँटाने के लिए घर पर रोका जाता है; खेतों में काम करने वाली स्त्रियों को 'मददगार' कहा जाता है और कम मज़दूरी दी जाती है; और कस्बे के व्यापारी संघ में आज तक कोई स्त्री पदाधिकारी नहीं बनी। तीन तरीके समझाइए जिनसे श्रम का लैंगिक विभाजन इन तथ्यों के पीछे है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, घर-गृहस्थी स्त्रियों का काम मानी जाती है, इसलिए लड़कियाँ घर पर रोकी जाती हैं और पढ़ाई छूटती है। दूसरा, स्त्रियों का काम कम आँका जाता है: घर का काम अवैतनिक है और खेत का काम 'मदद' कहलाकर कम मज़दूरी पाता है। तीसरा, दोहरे बोझ और पुरुष-प्रधान सोच से स्त्रियाँ सार्वजनिक निकायों से दूर रहती हैं।
अंक योजना:
- यह इस विश्वास पर टिका है कि घर का काम और बच्चों की परवरिश मुख्यतः स्त्रियों का काम है; लड़कियों को घर में हाथ बँटाने के लिए पाला जाता है, लड़कों को नहीं, इसलिए लड़कियों की पढ़ाई पर असर पड़ता है — 1 अंक
- स्त्रियों का काम, घर में हो या बाहर, अक्सर बिना मज़दूरी का या कम आँका जाता है: घर के काम को काम नहीं गिना जाता, और खेत में स्त्रियों के काम को केवल 'मदद' मानकर कम मज़दूरी दी जाती है — 1 अंक
- घर के काम और बाहर के काम के दोहरे बोझ से दबी, और इस सोच से रोकी गई कि सार्वजनिक मामले पुरुषों के हैं, स्त्रियाँ संगठनों और राजनीति जैसे सार्वजनिक जीवन में बहुत छोटी भूमिका निभा पाती हैं — 1 अंक
प्रश्न 27 (5 अंक)
भारत में निर्वाचित सदस्यों और उम्मीदवारों पर अब लागू दो सुधारों के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) दल-बदल विरोधी कानून का मूल्यांकन कीजिए: यह किस समस्या को सुलझाने के लिए बना, इसने क्या हासिल किया, और इसकी एक कमी। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहले विधायक और सांसद जीतने के बाद मंत्री बनने या पैसे के लिए अक्सर दल बदल लेते थे, जो मतदाताओं की पसंद के विरुद्ध था। अब दल बदलने वाला सदस्य सीट खो देता है, और दल-बदल घटा है। पर असहमति कठिन हुई है, क्योंकि सदस्यों को असहमत होते हुए भी नेताओं की बात माननी पड़ती है।
अंक योजना:
- समस्या: निर्वाचित विधायक और सांसद जीतने के बाद अक्सर मंत्री बनने या पैसे के लिए दल बदल लेते थे, जो मतदाताओं की पसंद के विरुद्ध था — 1 अंक
- उपलब्धि: संविधान में संशोधन हुआ कि चुनाव के बाद दल बदलने वाला सदस्य अपनी सीट खो देगा; इससे दल-बदल घटा है — 1 अंक
- कमी: असहमति जताना कठिन हो गया है, क्योंकि सदस्यों को असहमत होते हुए भी दल के नेताओं का हर फ़ैसला मानना पड़ता है — 1 अंक
(b) हर उम्मीदवार के लिए शपथपत्र देने के नियम का मूल्यांकन कीजिए: इसका उद्देश्य क्या है, और इसकी एक सीमा। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
धन और अपराध की पकड़ घटाने के लिए हर उम्मीदवार को संपत्ति और लंबित आपराधिक मामले बताने होते हैं, ताकि मतदाता जान सकें। पर ब्योरे की सच्चाई कोई नहीं जाँचता, और ऐसे उम्मीदवार अब भी चुनाव लड़ सकते हैं।
अंक योजना:
- उद्देश्य: धन और अपराधियों का प्रभाव घटाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने हर उम्मीदवार को संपत्ति और लंबित आपराधिक मामलों का ब्योरा देने का आदेश दिया, जिसे अब मतदाता देख सकते हैं — 1 अंक
- सीमा: ब्योरा सच है या नहीं, यह जाँचने की कोई व्यवस्था नहीं है, और मामलों वाले उम्मीदवार अब भी चुनाव लड़ सकते हैं, इसलिए इसका असर अभी स्पष्ट नहीं है — 1 अंक
अथवा
राजनीतिक दलों के कुछ सुधार सुझाए गए हैं, पर अभी कानून नहीं बने हैं। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) राजनीतिक दलों के आंतरिक कामकाज को नियमित करने वाले कानून का एक लाभ और एक कठिनाई बताइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
ऐसा कानून दलों से सदस्यों का रजिस्टर, संविधान का पालन और खुले चुनाव करवाएगा, जिससे साधारण सदस्यों को आवाज़ मिलेगी। पर अधिक नियंत्रण उल्टा पड़ सकता है, क्योंकि दल कानून से बचने के रास्ते ढूँढ़ सकते हैं।
अंक योजना:
- लाभ: दलों को सदस्यों का रजिस्टर रखना, अपने संविधान का पालन करना, विवाद सुलझाने के लिए स्वतंत्र प्राधिकारी रखना और शीर्ष पदों के खुले चुनाव कराना होगा, जिससे साधारण सदस्यों को असली आवाज़ मिलेगी — 1 अंक
- कठिनाई: ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण उल्टा असर कर सकता है, क्योंकि सभी दल कानून से बचने के रास्ते ढूँढ़ सकते हैं, और इससे सरकार को दलों में दखल का मौका मिल सकता है (मान्य: ऐसा कानून खुद दलों को ही पास करना होगा; कोई अन्य सही कठिनाई) — 1 अंक
(b) चुनावों के सरकारी खर्च (राजकीय वित्तपोषण) का एक लाभ और एक कठिनाई बताइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
दल अमीर दानदाताओं पर कम निर्भर होंगे, जिससे धन की ताकत घटेगी। पर पैसे का न्यायपूर्ण बँटवारा कठिन है, क्योंकि पिछले मतों के आधार पर बाँटना बड़े दलों के पक्ष में जाता है, और दल फिर भी छिपा पैसा ले सकते हैं।
अंक योजना:
- लाभ: यदि सरकार दलों को चुनाव खर्च के लिए पैसा या पेट्रोल, कागज़ और टेलीफ़ोन जैसी चीज़ें दे, तो दल अमीर दानदाताओं पर कम निर्भर रहेंगे, जिससे धन की ताकत घटेगी — 1 अंक
- कठिनाई: सरकारी पैसे का बँटवारा न्यायपूर्ण होना चाहिए, जैसे पिछले चुनाव में मिले मतों के आधार पर, जो बड़े दलों के पक्ष में जा सकता है; और दल फिर भी छिपा पैसा ले सकते हैं (कोई अन्य सही कठिनाई) — 1 अंक
(c) एक तरीका समझाइए जिससे साधारण नागरिक बिना नए कानून के राजनीतिक दलों के सुधार में मदद कर सकते हैं। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
नागरिक याचिकाओं, प्रचार और आंदोलनों से दलों पर दबाव बना सकते हैं, या दलों में शामिल होकर उन्हें भीतर से बदल सकते हैं।
अंक योजना:
- कोई एक: मीडिया, दबाव समूहों और आंदोलनों की मदद से याचिकाओं, प्रचार और आंदोलनों के ज़रिए दलों पर दबाव बनाना; या बड़ी संख्या में दलों में शामिल होकर उन्हें भीतर से बदलना — 1 अंक
प्रश्न 28 (4 अंक)
नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
देवनगर में एक वार्ड सभा
(एक काल्पनिक शहर के अखबार की रिपोर्ट, इस प्रश्न के लिए लिखी गई)
तीस साल पहले देवनगर एक छोटा कस्बा था। आज यह पंद्रह लाख लोगों का शहर है, जिसे अस्सी वार्डों वाला एक निर्वाचित नगर निगम चलाता है, और हर वार्ड अपना पार्षद चुनता है।
पिछले रविवार को वार्ड 12 की पार्षद, जो स्त्रियों के लिए आरक्षित सीट से चुनी गई एक स्कूल अध्यापिका हैं, ने सामुदायिक भवन में एक खुली सभा की। दो सौ से अधिक निवासी आए। एक घंटे के भीतर उन्होंने वार्ड की हर बंद नाली, टूटी स्ट्रीटलाइट और उफनते कूड़ा-स्थल की सूची बना दी। कुछ निवासियों ने शिकायत की कि वार्ड के पास नदी के तटबंध में दरार आ गई है; पार्षद ने बताया कि तटबंध का निर्माण और मरम्मत राज्य सरकार का एक विभाग करता है, और शिकायत आगे भेजने का वादा किया।
नगर निगम की अध्यक्षता करने वाले महापौर मंगलवार को वार्ड में आए। शुक्रवार तक नालियाँ साफ़ हो गईं, पर तटबंध की दरार वैसी ही थी।
28.1 देवनगर नगर निगम भारत की संघीय व्यवस्था में सरकार के किस स्तर से संबंधित है? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
तीसरा स्तर: स्थानीय शासन, जो संघ और राज्य के नीचे है।
अंक योजना:
- तीसरा स्तर, स्थानीय शासन (एक शहरी स्थानीय निकाय), जो संघ और राज्य सरकारों के नीचे है — 1 अंक
28.2 मान लीजिए वार्ड 12 के निवासियों को लगता है कि उनकी पार्षद उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रहीं। दो तरीके समझाइए जिनसे वे उन्हें जवाबदेह ठहरा सकते हैं। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, स्थानीय निकायों के चुनाव नियमित होने ज़रूरी हैं, इसलिए निवासी अगले चुनाव में उन्हें हरा सकते हैं। दूसरा, वे खुली वार्ड सभाओं में सवाल कर सकते हैं, या शिकायत महापौर और नगर निगम या स्थानीय अखबारों तक ले जा सकते हैं।
अंक योजना:
- संविधान के अनुसार स्थानीय निकायों के चुनाव नियमित रूप से (हर पाँच वर्ष में) होने ज़रूरी हैं, इसलिए निवासी अगले चुनाव में उन्हें हरा सकते हैं — 1 अंक
- वे खुली वार्ड सभाओं में उनसे सवाल कर सकते हैं, शिकायत महापौर और निर्वाचित नगर निगम तक ले जा सकते हैं, या ध्यान खींचने के लिए याचिकाओं और स्थानीय अखबारों का सहारा ले सकते हैं (कोई अन्य प्रासंगिक तरीका) — 1 अंक
28.3 पार्षद तटबंध की मरम्मत नालियों जितनी जल्दी क्यों नहीं करवा सकीं? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
तटबंध राज्य सरकार का काम है; नगर निगम केवल नालियों जैसे स्थानीय मामले देखता है।
अंक योजना:
- तटबंध नगर निगम का विषय नहीं है: इसे राज्य सरकार देखती है, जबकि स्थानीय निकाय केवल वे स्थानीय मामले देखते हैं जो राज्य के कानून उन्हें सौंपते हैं, जैसे नालियाँ, स्ट्रीटलाइट और कूड़ा — 1 अंक
खंड घ - अर्थशास्त्र (20 अंक)
प्रश्न 35 (3 अंक)
काल्पनिक गाँव कल्याणपुर में स्कूल का रजिस्टर दिखाता है कि 14 और 15 वर्ष के लगभग सभी बच्चों का नाम लिखा है। दौरे पर आए एक अधिकारी को पता चलता है कि ज़्यादातर दिनों में इनमें से लगभग दस में से छह बच्चे ही कक्षा में होते हैं। मौसम में बहुत-से लड़के ईंट-भट्ठे पर काम करते हैं, और बहुत-सी लड़कियाँ छोटे बच्चों की देखभाल के लिए घर पर रहती हैं।
(i) विकास की तुलना करने में इस्तेमाल होने वाला कौन-सा सूचक अधिकारी की बात को दिखाएगा? कारण दीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
निवल उपस्थिति अनुपात, क्योंकि यह 14-15 वर्ष के सचमुच स्कूल जाने वाले बच्चों को गिनता है, रजिस्टर के नाम नहीं।
अंक योजना:
- निवल उपस्थिति अनुपात: यह 14 और 15 वर्ष के उन बच्चों को गिनता है जो सचमुच स्कूल जाते हैं, उस आयु के सभी बच्चों के अनुपात के रूप में, केवल रजिस्टर में लिखे नामों को नहीं — 1 अंक
(ii) समझाइए कि परिवारों की आय बढ़ने पर भी इस आयु में कम उपस्थिति कल्याणपुर के विकास के लिए दो कारणों से क्यों मायने रखती है। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, स्कूल छोड़ने वाले बच्चे कम कौशल पाते हैं, इसलिए आगे नियमित, अच्छा काम कम मिलता है। दूसरा, विकास में शिक्षा और समान अवसर भी आते हैं; घर पर रुकी लड़कियाँ आय बढ़ने पर भी इनसे वंचित रहती हैं।
अंक योजना:
- स्कूल छोड़ने वाले बच्चों के पास कम कौशल रहता है, इसलिए आगे उन्हें नियमित और बेहतर वेतन वाला काम मिलने की संभावना कम होती है; गाँव की भावी आय और विकल्प घटते हैं — 1 अंक
- विकास में आय के अलावा शिक्षा, समान अवसर और स्वतंत्रता जैसे लक्ष्य भी आते हैं; घर पर रोकी गई लड़कियाँ परिवार की आय बढ़ने पर भी इनसे वंचित रहती हैं (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 36 (3 अंक)
एक विद्यार्थी कहता है, 'बैंक केवल एक सुरक्षित लॉकर है जिसमें लोग अपना पैसा रखते हैं।' तीन बिंदुओं से समझाइए कि यह धारणा गलत क्यों है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, बैंक अपनी जमा राशि का केवल छोटा हिस्सा, भारत में लगभग 15 प्रतिशत, रोज़ की निकासी के लिए नकद रखता है। दूसरा, वह ज़्यादातर जमा राशि ज़रूरतमंद लोगों और व्यवसायों को उधार देता है। तीसरा, वह ऋणों पर जमा से अधिक ब्याज लेता है, और यही अंतर उसकी मुख्य आय है।
अंक योजना:
- बैंक अपनी जमा राशि का केवल छोटा हिस्सा (भारत में लगभग 15 प्रतिशत) नकद रखता है, ताकि किसी भी दिन की निकासी पूरी हो सके — 1 अंक
- जमा राशि के बड़े हिस्से से वह उन लोगों और व्यवसायों को ऋण देता है जिन्हें पैसे की ज़रूरत है — 1 अंक
- वह ऋणों पर जमा राशि से ऊँची ब्याज दर लेता है; यही अंतर उसकी आय का मुख्य स्रोत है (मान्य: जमाकर्ताओं को ब्याज मिलता है और वे अपनी जमा से चेक द्वारा भुगतान कर सकते हैं) — 1 अंक
प्रश्न 37 (3 अंक)
वस्तुओं और पैसे की तरह लोग भी कभी-कभी एक देश से दूसरे देश जाते हैं।
(i) लोग प्रायः एक देश से दूसरे देश क्यों जाते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
वे प्रायः बेहतर आय, बेहतर नौकरी या बेहतर शिक्षा की तलाश में जाते हैं।
अंक योजना:
- बेहतर आय, बेहतर नौकरी या बेहतर शिक्षा की तलाश में — 1 अंक
(ii) पिछले कुछ दशकों में देशों के बीच वस्तुओं और निवेश का आवागमन लोगों की तुलना में कहीं अधिक हुआ है। कारण समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, देश वीज़ा, कार्य-अनुमति और संख्या की सीमा से बाहर से आने वालों पर रोक लगाते हैं। दूसरा, सरकारों ने, 1991 के बाद भारत ने भी, व्यापार और निवेश की बाधाएँ हटाईं, लोगों की नहीं, इसलिए वस्तुएँ और निवेश कहीं आसानी से आए-गए।
अंक योजना:
- देश अपने यहाँ आकर रहने या काम करने वालों पर कई पाबंदियाँ लगाते हैं, जैसे वीज़ा, कार्य-अनुमति और संख्या की सीमा, इसलिए लोगों का आवागमन ज़्यादा नहीं बढ़ा — 1 अंक
- सरकारों ने, जिनमें 1991 के बाद भारत भी है, विदेश व्यापार और विदेशी निवेश पर लगी बहुत-सी बाधाएँ हटाईं, इसलिए वस्तुएँ और निवेश लोगों की तुलना में कहीं अधिक आसानी से आ-जा सके (मान्य: विदेश जाना महँगा है और उसके लिए कौशल या भाषा चाहिए) — 1 अंक
प्रश्न 38 (5 अंक)
तालिका में काल्पनिक देश नंदिया के सकल घरेलू उत्पाद और श्रमिकों में हर क्षेत्रक का हिस्सा दिखाया गया है। तालिका का अध्ययन कीजिए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (आँकड़े काल्पनिक हैं, केवल अभ्यास के लिए।)
| क्षेत्रक | सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा, 2000 (%) | सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा, 2020 (%) | श्रमिकों में हिस्सा, 2000 (%) | श्रमिकों में हिस्सा, 2020 (%) |
|---|---|---|---|---|
| प्राथमिक | 32 | 16 | 64 | 54 |
| द्वितीयक | 26 | 28 | 14 | 20 |
| तृतीयक | 42 | 56 | 22 | 26 |
(i) 2000 से 2020 के बीच तृतीयक क्षेत्रक का सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा कितने प्रतिशत अंक बढ़ा, और श्रमिकों में उसका हिस्सा कितने प्रतिशत अंक बढ़ा? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
इसका सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा 14 अंक बढ़ा, पर श्रमिकों में केवल 4 अंक।
अंक योजना:
- सकल घरेलू उत्पाद में हिस्सा 14 अंक बढ़ा (42 से 56); श्रमिकों में हिस्सा केवल 4 अंक बढ़ा (22 से 26) — 1 अंक
(ii) इन दोनों बढ़ोतरियों की तुलना कीजिए। इनसे नंदिया में बढ़ी सेवा-नौकरियों के प्रकार के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं? दो बिंदु दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, वृद्धि का बड़ा हिस्सा आईटी और बैंकिंग जैसी ऊँचे मूल्य वाली सेवाओं से आया, जो कम श्रमिकों से बहुत उत्पादन करती हैं। दूसरा, ऐसी नौकरियों के लिए शिक्षित, कुशल श्रमिक चाहिए, इसलिए खेत छोड़ने वाले अधिकतर लोग इन्हें नहीं पा सके।
अंक योजना:
- वृद्धि का बड़ा हिस्सा सूचना प्रौद्योगिकी, बैंकिंग और संचार जैसी ऊँचे मूल्य वाली सेवाओं से आया, जो अपेक्षाकृत कम श्रमिकों से बहुत अधिक उत्पादन करती हैं — 1 अंक
- इन नौकरियों के लिए शिक्षित और कुशल श्रमिक चाहिए, इसलिए खेती छोड़ने वाले अधिकतर लोग इन्हें नहीं पा सके; इस क्षेत्रक ने बहुत नए श्रमिक नहीं खपाए (मान्य: बहुत-से सेवा-श्रमिक छोटी, कम वेतन वाली नौकरियों में ही रहते हैं) — 1 अंक
(iii) द्वितीयक क्षेत्रक का श्रमिकों में हिस्सा 6 अंक बढ़ा, पर सकल घरेलू उत्पाद में केवल 2 अंक। इससे इस क्षेत्रक की नई नौकरियों के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं? दो बिंदु दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, अधिकतर नई नौकरियाँ छोटी कार्यशालाओं या निर्माण स्थलों जैसे श्रम-प्रधान कामों में हैं, जहाँ हर श्रमिक कम उत्पादन जोड़ता है। दूसरा, बहुत-सी शायद असंगठित नौकरियाँ हैं, कम वेतन और कम सुरक्षा वाली, जिन्हें खेत छोड़ने वालों ने अपनाया।
अंक योजना:
- अधिकतर नई नौकरियाँ छोटी कार्यशालाओं या निर्माण स्थलों जैसे श्रम-प्रधान कामों में हैं, जहाँ हर श्रमिक उत्पादन में थोड़ा ही जोड़ता है — 1 अंक
- इनमें से बहुत-सी नौकरियाँ शायद असंगठित क्षेत्रक में हैं, कम वेतन और कम सुरक्षा वाली, जिन्हें खेती छोड़कर आए लोगों ने अपनाया (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
अथवा
उसी तालिका का अध्ययन कीजिए और निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(i) 2000 से 2020 के बीच श्रमिकों में द्वितीयक क्षेत्रक का हिस्सा कितने प्रतिशत अंक बदला? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
यह 6 प्रतिशत अंक बढ़ा, 14% से 20%।
अंक योजना:
- यह 6 प्रतिशत अंक बढ़ा, 14 से 20 प्रतिशत — 1 अंक
(ii) खेती छोड़ने वाले श्रमिकों को नंदिया के बढ़ते सेवा क्षेत्रक में काम पाने में मदद करने वाले दो कदम सुझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, कंप्यूटर, नर्सिंग या मरम्मत के काम की पढ़ाई और प्रशिक्षण से श्रमिक नई सेवा-नौकरियाँ कर सकेंगे। दूसरा, सस्ते ऋण से वे परिवहन या मरम्मत की दुकान जैसे छोटे सेवा-कारोबार शुरू कर सकेंगे।
अंक योजना:
- एक कदम, मदद के तरीके सहित, जैसे पढ़ाई और कौशल प्रशिक्षण (कंप्यूटर, नर्सिंग, मरम्मत का काम), ताकि श्रमिक नई सेवा-नौकरियाँ कर सकें — 1 अंक
- दूसरा कदम, मदद के तरीके सहित, जैसे परिवहन या मरम्मत की दुकान जैसे छोटे सेवा-कारोबार शुरू करने के लिए सस्ता ऋण; कस्बों की नौकरियों तक पहुँचने के लिए बेहतर सड़कें और बसें (कोई अन्य प्रासंगिक कदम) — 1 अंक
(iii) नंदिया में द्वितीयक क्षेत्रक की बहुत-सी नई नौकरियाँ छोटी कार्यशालाओं और निर्माण स्थलों पर हैं। खेती छोड़कर आए श्रमिकों के लिए ऐसी नौकरियों का एक लाभ और एक जोखिम समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
लाभ यह है कि उत्पादक काम से नकद आय मिलती है, जो भीड़ वाले पारिवारिक खेत पर अल्प-रोज़गार से बेहतर है। जोखिम यह है कि ऐसी नौकरियाँ प्रायः असंगठित होती हैं, कम मज़दूरी, बिना अनुबंध या सवेतन छुट्टी के, और श्रमिक कभी भी हटाए जा सकते हैं।
अंक योजना:
- लाभ: उत्पादक काम से नकद आय, जो भीड़ वाले पारिवारिक खेत पर अल्प-रोज़गार से बेहतर है — 1 अंक
- जोखिम: ऐसी नौकरियाँ प्रायः असंगठित होती हैं, कम मज़दूरी, बिना लिखित अनुबंध, बिना सवेतन छुट्टी और कम सुरक्षा वाली, और श्रमिकों को कभी भी हटाया जा सकता है — 1 अंक