विस्तृत हल: CBSE कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान सैंपल पेपर 2027 – सेट 3
प्रश्न पत्र के सभी लिखित प्रश्न (2, 3, 4 और 5 अंक) यहाँ क्रम से हल किए गए हैं, हर चरण के अंकों के साथ, ताकि आप अपनी उत्तर पुस्तिका परीक्षक की तरह जाँच सकें। जहाँ आंतरिक विकल्प (अथवा) है, वहाँ दोनों विकल्प हल किए गए हैं। 1 अंक वाले प्रश्नों के उत्तर व्याख्या सहित प्रश्न पत्र वाले पृष्ठ की क्विज़ में हैं।
खंड क - इतिहास (20 अंक)
प्रश्न 5 (2 अंक)
नूडल्स और पास्ता जैसे रोज़ के कई खाद्य पदार्थ सबसे पहले कहाँ बने, इस पर इतिहासकार आज भी एकमत नहीं हैं। ऐसी बहसें हमें पूर्व-आधुनिक विश्व के बारे में क्या बताती हैं? दो बिंदु दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, ऐसी समानताएँ बताती हैं कि व्यापारी और यात्री सामान के साथ पकाने के तरीके भी दूर ले गए, और संस्कृतियाँ आपस में घुलीं-मिलीं। दूसरा, मिलते-जुलते भोजन कई देशों में थे, इसलिए कई 'स्थानीय' भोजनों का मूल अनिश्चित है।
अंक योजना:
- लंबी दूरी के संपर्क: ऐसी समानताएँ संकेत देती हैं कि ज़मीन और समुद्र पार करने वाले व्यापारी और यात्री केवल सामान ही नहीं, खाने की आदतें, पकाने के तरीके और फ़सलें भी एक क्षेत्र से दूसरे में ले जाते थे; ये सांस्कृतिक आदान-प्रदान की ओर इशारा करती हैं — 1 अंक
- मिले-जुले मूल: मिलते-जुलते भोजन कई देशों (चीन, इटली, भारत, जापान) में जाने जाते थे, इसलिए बहुत-से 'स्थानीय' भोजनों की जड़ें साझी या मिली-जुली हैं, जिन्हें हमेशा एक जगह तक नहीं खोजा जा सकता (मान्य: मूल अनिश्चित है, क्योंकि मिलते-जुलते भोजन कई देशों में जाने जाते थे; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 6 (3 अंक)
उन्नीसवीं सदी के यूरोप में उभरा राष्ट्र-राज्य उन राजवंशीय साम्राज्यों से किन तीन तरीकों से अलग था, जिनका पहले महाद्वीप के बड़े भाग पर शासन था? समझाइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, राजवंशीय साम्राज्य शासक परिवार के प्रति निष्ठा से जुड़ा था; राष्ट्र-राज्य के नागरिकों की साझी पहचान और इतिहास होता है। दूसरा, साम्राज्य में अनेक भाषाएँ और संस्कृतियाँ थीं, जबकि राष्ट्र-राज्य एक जन-समूह और संस्कृति पर टिका है। तीसरा, साम्राज्य की सीमाएँ शाही विवाहों और युद्धों से बनती थीं; राष्ट्र-राज्य अपनी भूमि को एक जनता की मातृभूमि मानता है।
अंक योजना:
- लोगों को जोड़ने वाला बंधन: राजवंशीय साम्राज्य के अनेक लोगों के बीच एकमात्र साझा बंधन शासक परिवार या सम्राट के प्रति निष्ठा था; राष्ट्र-राज्य में केवल शासक ही नहीं, नागरिक भी एक साझी पहचान और इतिहास की भावना रखते हैं — 1 अंक
- लोग और संस्कृति: राजवंशीय साम्राज्य में अनेक भाषाओं और संस्कृतियों के लोग थे, जो खुद को एक समुदाय नहीं मानते थे; राष्ट्र-राज्य एक तय भू-भाग में साझी भाषा और संस्कृति का दावा करने वाले एक जन-समूह के चारों ओर बनता है — 1 अंक
- भू-भाग: राजवंशीय साम्राज्य की सीमाएँ शाही विवाहों, विरासत और शासक घरानों के युद्धों से तय होती थीं; राष्ट्र-राज्य अपने भू-भाग को एक राष्ट्र की मातृभूमि मानकर उस पर दावा करता है (मान्य: राष्ट्र-राज्य राष्ट्र की ओर से बोलने का दावा करता था, जिसके लोग खुद को शासक की प्रजा नहीं, नागरिक मानते थे; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
अथवा
'उन्नीसवीं सदी के मध्य में बहुत-सी स्त्रियों ने यूरोप के उदारवादी और राष्ट्रीय आंदोलनों में सक्रिय भाग लिया, फिर भी उन्हें राजनीतिक अधिकार नहीं दिए गए।' तीन बिंदुओं से इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, स्त्रियों ने अपने राजनीतिक संगठन बनाए और अखबार शुरू किए। दूसरा, वे राजनीतिक सभाओं और प्रदर्शनों में शामिल हुईं और वोट समेत अधिकारों की माँग की। तीसरा, अधिकतर उदारवादियों ने राजनीतिक अधिकार केवल पुरुषों को, प्रायः संपत्ति वाले पुरुषों को, दिए, इसलिए 1848 की निर्वाचित सभा के लिए भी स्त्रियों को वोट नहीं मिला।
अंक योजना:
- संगठन: स्त्रियों ने अपने राजनीतिक संगठन बनाए और अपने विचार फैलाने के लिए अखबार शुरू किए — 1 अंक
- सार्वजनिक भागीदारी: उन्होंने राजनीतिक सभाओं और प्रदर्शनों में भाग लिया, और अपने लिए अधिकारों, जिनमें वोट का अधिकार भी था, की माँग की — 1 अंक
- अधिकारों से इनकार: अधिकतर उदारवादी-राष्ट्रवादियों ने राजनीतिक अधिकार केवल पुरुषों को, प्रायः केवल संपत्ति वाले पुरुषों को, दिए; 1848 में जर्मन क्षेत्रों की निर्वाचित सभा चुनते समय स्त्रियों को वोट से बाहर रखा गया (मान्य: कानून स्त्रियों को पिता और पति के अधीन नाबालिग मानते थे; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 7 (5 अंक)
अप्रैल 1919 में पंजाब के एक कस्बे के तीन लोगों की कल्पना कीजिए: एक कपड़ा व्यापारी, रेलवे वर्कशॉप का एक मज़दूर, और एक वकील जो इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल की बहसों पर नज़र रखता था। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) समझाइए कि अप्रैल 1919 में गांधीजी के बुलाए विरोध में शामिल होने के लिए इनमें से हर एक के पास क्या कारण था। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
व्यापारी पर युद्ध का खर्च बढ़े सीमा शुल्क और नए आयकर के रूप में पड़ा, जिससे व्यापार घटा।
मज़दूर के लिए 1913 से 1918 के बीच कीमतें लगभग दोगुनी हुईं पर मज़दूरी पीछे रही, इसलिए कमाई से बहुत कम आता था।
वकील ने देखा कि रॉलट एक्ट भारतीय सदस्यों के विरोध के बावजूद पारित हुआ। इससे बिना मुकदमे कैद संभव थी, जो कानून के शासन पर चोट थी।
अंक योजना:
- व्यापारी: युद्ध का खर्च ऋणों और भारी करों से चलाया गया; सीमा शुल्क बढ़ाए गए और आयकर लगाया गया, जिससे उसके व्यापार और मुनाफ़े पर चोट पड़ी — 1 अंक
- मज़दूर: 1913 से 1918 के बीच कीमतें लगभग दोगुनी हो गईं, पर मज़दूरी उतनी नहीं बढ़ी, इसलिए उसके परिवार की कमाई से पहले से बहुत कम चीज़ें आ पाती थीं — 1 अंक
- वकील: रॉलट एक्ट काउंसिल के भारतीय सदस्यों के एकजुट विरोध के बावजूद पारित कराया गया; इससे राजनीतिक कैदियों को बिना मुकदमे दो साल तक बंद रखा जा सकता था, जो उस कानून के शासन पर चोट थी जिस पर उसका पेशा टिका था (मान्य: हर कोई अपने ढंग से जुड़ सकता था, व्यापारी हड़ताल में दुकान बंद करके, मज़दूर काम रोककर, वकील सभाओं में बोलकर) — 1 अंक
(b) अप्रैल 1919 का विरोध इनके जैसे कस्बों में तो ज़ोरदार था, पर बहुत कम गाँवों तक पहुँचा। इसके दो कारण बताइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, एक्ट गिरफ़्तारी और मुकदमों से जुड़ा था, जिन पर पढ़े-लिखे शहरी लोग नज़र रखते थे, जबकि आह्वान में किसानों की लगान और किराए जैसी चिंताएँ नहीं थीं। दूसरा, विरोध शहरी अखबारों, सभाओं, दुकानों और वर्कशॉप से फैला, और गाँवों तक इसे ले जाने वाला संगठन अभी नहीं था।
अंक योजना:
- मुद्दा मुख्यतः शहरी लोगों से जुड़ा था: रॉलट एक्ट गिरफ़्तारी, मुकदमे और राजनीतिक अधिकारों के बारे में था, जिन पर पढ़े-लिखे शहरी लोग नज़र रखते थे, जबकि इस आह्वान में किसानों की अपनी शिकायतें, जैसे लगान और किराया, शामिल नहीं थीं — 1 अंक
- गाँवों तक पहुँचने का साधन नहीं था: विरोध अखबारों, सभाओं, दुकानों और वर्कशॉप जैसे शहरी जालों से फैला, और गाँवों तक इसे ले जाने वाला कोई संगठन तब तक नहीं बना था (मान्य: पंजाब में हिंसा और दमन के बाद कुछ ही दिनों में आंदोलन वापस ले लिया गया, इसलिए इसे फैलने का समय नहीं मिला; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
अथवा
सत्याग्रह अपने भागीदारों से बहुत कुछ माँगता था। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) सत्याग्रह अपने अनुयायियों से जो तीन बातें माँगता था, उन्हें समझाइए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, अनुयायियों को पीटे या अपमानित किए जाने पर भी अहिंसक रहकर विरोधी को हराने के बजाय मनाना था। दूसरा, उन्हें अन्यायपूर्ण कानून खुलेआम तोड़कर गिरफ़्तारी, जुर्माना, जेल या संपत्ति का नुकसान सहना था। तीसरा, उद्देश्य न्यायपूर्ण और काम खुला व अनुशासित होना था, जो हिंसा होने पर रुक जाए।
अंक योजना:
- उकसावे में भी अहिंसा: अनुयायी पीटे जाने या अपमानित होने पर भी पलटकर वार या बदला नहीं ले सकते थे; उन्हें विरोधी को बल से हराना नहीं, मनाना था — 1 अंक
- कष्ट सहने की तैयारी: उन्हें अन्यायपूर्ण कानून खुलेआम तोड़ना और बिना झुके गिरफ़्तारी, जुर्माना, जेल या संपत्ति का नुकसान सहना होता था — 1 अंक
- सत्य और अनुशासन: उद्देश्य न्यायपूर्ण और काम खुला होना चाहिए था, छिपा नहीं; अनुयायियों को नेता के आह्वान पर मिलकर चलना और संघर्ष हिंसक होने पर रुक जाना होता था (मान्य: विरोधी के प्रति घृणा छोड़ना; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
(b) 1917-18 के सत्याग्रहों से दो उदाहरण देकर दिखाइए कि व्यवहार में इन माँगों का आम लोगों के लिए क्या अर्थ था। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
1917 में चंपारन में नील किसानों को उन्हीं बागान मालिकों के सामने बिना हिंसा के खुलकर खड़ा होना पड़ा जिन पर वे निर्भर थे। 1918 में अहमदाबाद में बेहतर मज़दूरी के लिए काम रोकने वाले मिल मज़दूरों को बिना वेतन शांति से डटे रहना पड़ा।
अंक योजना:
- अहमदाबाद (1918): बेहतर मज़दूरी के लिए काम रोकने वाले सूती मिल मज़दूरों को समझौता होने तक बिना वेतन के शांति से डटे रहना पड़ा — 1 अंक
- चंपारन (1917): नील किसानों को ताकतवर बागान व्यवस्था और उसके अधिकारियों के सामने खुलकर और बिना हिंसा के खड़ा होना पड़ा, जबकि ज़मीन और काम के लिए वे उसी पर निर्भर थे (कोई अन्य प्रासंगिक उदाहरण) — 1 अंक
प्रश्न 8 (4 अंक)
नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
दो पर्चे और एक छापेखाने वाला
1830 के दशक में बंगाल के एक कस्बे, जिसे हम नबग्राम कहेंगे, के नदी घाट के पास एक छोटा छापाखाना था। उसका मालिक हरिपद पंचांग, स्कूली प्राइमर और दुकानों के बिल छापता था। एक वसंत में कुछ युवा सुधारक उसके पास सीधी-सादी, बोलचाल की बांग्ला में लिखा एक छोटा पर्चा लाए। उसमें तर्क दिया गया था कि एक पुरानी प्रथा का पुराने धर्मग्रंथों में कोई आधार नहीं है और उसे छोड़ देना चाहिए। दो हफ़्ते बाद प्रथा को बनाए रखना चाहने वाले कुछ बुज़ुर्ग उतनी ही तीखी भाषा में लिखा जवाब लेकर आए। हरिपद ने दोनों छापे, और दोनों हाथों-हाथ बिक गए।
नबग्राम के ज़्यादातर लोग पढ़ नहीं सकते थे, फिर भी महीने के अंत तक सबकी कोई न कोई राय बन गई थी। स्कूल के मास्टरजी हर शाम घाट पर पर्चे पढ़कर सुनाते थे, और सुनने वाले देर रात तक बहस करते थे। व्यापारी उनकी प्रतियाँ नदी के ऊपर के गाँवों तक ले गए। उसी सदी में आगे चलकर उत्तर के शहरों के छापेखाने धर्मग्रंथों को हिंदी और उर्दू में ऐसे छोटे, सस्ते संस्करणों में छाप रहे थे, जिन्हें कोई तीर्थयात्री कपड़े के थैले में रखकर ले जा सकता था। (नबग्राम और हरिपद काल्पनिक हैं।)
8.1 पर्चों के तर्क नबग्राम के उन लोगों तक कैसे पहुँचे जो पढ़ नहीं सकते थे? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
मास्टरजी हर शाम घाट पर उन्हें पढ़कर सुनाते थे, और सुनने वाले उन पर बहस करते थे।
अंक योजना:
- स्कूल के मास्टरजी हर शाम घाट पर पर्चे पढ़कर सुनाते थे, और सुनने वाले उन पर चर्चा करते थे — 1 अंक
8.2 हरिपद दोनों पक्षों के पर्चे छापने को क्यों तैयार था? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
छपाई उसका धंधा था: दोनों पर्चों को खरीदार मिले और उनसे उसे कमाई हुई, चाहे वह उनसे सहमत हो या नहीं।
अंक योजना:
- छपाई उसका धंधा था: ग्राहक जो भी छपवाने के पैसे देते, वह छापता था, और दोनों पर्चे खूब बिके, इसलिए दोनों से उसे कमाई हुई; उसे किसी भी पक्ष से सहमत होना ज़रूरी नहीं था — 1 अंक
8.3 समझाइए कि भारतीय भाषाओं में छपे सस्ते पर्चों और धार्मिक ग्रंथों ने उन्नीसवीं सदी के भारत में धार्मिक जीवन और बहस को किन दो तरीकों से बदला। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, ग्रंथ और तर्क लोगों की अपनी भाषा में कहीं अधिक लोगों तक पहुँचे, उन तक भी जो पढ़ नहीं सकते थे और सुनकर जानते थे। दूसरा, धार्मिक समूहों के भीतर और बीच बहसें तीखी हुईं, क्योंकि हर पक्ष समर्थन पाने के लिए अपने विचार छापता था, और इन टकरावों से नए विचार निकले।
अंक योजना:
- धार्मिक ग्रंथ और तर्क लोगों की अपनी भाषा में बहुत बड़े दायरे तक पहुँचे, पढ़ न सकने वालों तक भी (पढ़कर सुनाने से), और आम आस्थावान केवल विद्वानों के ज़रिए नहीं, खुद भी ग्रंथ पढ़ या सुन सकते थे — 1 अंक
- धर्मों के भीतर और उनके बीच बहसें अधिक व्यापक और तीखी हुईं: अलग-अलग समूहों ने समर्थक जुटाने और विरोधियों को जवाब देने के लिए अपने विचार छापे, और इन टकरावों से नए विचार निकले (मान्य: दूर-दूर के क्षेत्रों के लोग एक ही ग्रंथ पढ़ने लगे, जिससे वे आपस में जुड़े) — 1 अंक
प्रश्न 9 (2 अंक)
इस प्रश्न के लिए दिए गए भारत के राजनीतिक रेखा-मानचित्र पर दो स्थान A और B के रूप में अंकित हैं। नीचे दी गई जानकारी की सहायता से इन्हें पहचानिए और इनके सही नाम लिखिए।

A वह शहर जहाँ दिसंबर 1927 के अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत की शासन व्यवस्था के कामकाज की समीक्षा के लिए भेजे गए, केवल अंग्रेज़ सदस्यों वाले आयोग के बहिष्कार का निर्णय लिया। (1 अंक)
उत्तर।
- A: मद्रास, अब चेन्नई (तमिलनाडु) — 1 अंक
B समुद्र किनारे का वह गाँव जहाँ अप्रैल 1930 में सरकार का नमक कानून खुलेआम तोड़े जाने के साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ। (1 अंक)
उत्तर।
- B: दांडी (गुजरात) — 1 अंक
खंड ख - भूगोल (20 अंक)
प्रश्न 16 (2 अंक)
आपके स्कूल ने LED बल्ब लगवा लिए हैं और ध्यान रखता है कि खाली कमरों में पंखे और कंप्यूटर बंद रहें। ऐसे कदमों से केवल स्कूल का बिजली बिल ही नहीं घटता; इनसे देश को होने वाले दो लाभ समझाइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, हमारी अधिकतर बिजली कोयले से बनती है, जो दोबारा नहीं बनता; बिजली बचाने से यह सीमित भंडार अधिक चलता है। दूसरा, कम कोयला जलने से धुआँ, राख और ग्रीनहाउस गैस कम निकलती है, इसलिए हवा साफ़ रहती है।
अंक योजना:
- भारत की अधिकतर बिजली कोयला जलाने वाले ताप विद्युत गृहों से आती है, और कोयला अनवीकरणीय संसाधन है; बिजली बचाने से कम कोयला जलता है, इसलिए सीमित भंडार अधिक समय तक चलता है (मान्य: कम नए बिजलीघरों या कम आयातित ईंधन की ज़रूरत) — 1 अंक
- कम कोयला जलने से धुआँ, राख और ग्रीनहाउस गैसें कम निकलती हैं, इसलिए वायु प्रदूषण और पर्यावरण को नुकसान कम होता है (मान्य: बची बिजली उन घरों और गाँवों तक पहुँच सकती है जिनके पास नहीं है; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 17 (5 अंक)
एक राज्य सरकार चाहती है कि उसके एक पिछड़े ज़िले में एक बड़ा सीमेंट संयंत्र लगे। ज़िले में चूना पत्थर की पहाड़ियाँ हैं। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) ऐसे संयंत्र के लिए ज़रूरी तीन दशाएँ समझाइए, जो ज़िले को या तो पहले से देनी होंगी या जुटानी होंगी। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, सीमेंट के लिए चूना पत्थर, सिलिका और जिप्सम जैसा भारी कच्चा माल चाहिए, इसलिए संयंत्र उसके पास होना चाहिए; ज़िले का चूना पत्थर मदद करता है। दूसरा, कोयला और नियमित बिजली चाहिए, जिसकी व्यवस्था ज़िले को करनी होगी। तीसरा, कोयला लाने और भारी सीमेंट बाज़ारों तक भेजने के लिए अच्छे रेल और सड़क संपर्क चाहिए।
अंक योजना:
- चूना पत्थर, सिलिका और जिप्सम जैसा भारी और अधिक मात्रा वाला कच्चा माल: संयंत्र उसके पास होना चाहिए, और ज़िले का चूना पत्थर इस ज़रूरत का एक भाग पूरा करता है — 1 अंक
- भट्ठियों और मशीनों को चलाने के लिए कोयला और बिजली की नियमित आपूर्ति, जिसकी व्यवस्था ज़िले को करनी होगी — 1 अंक
- अच्छे रेल और सड़क संपर्क, ताकि कोयला और अन्य आगत लाए जा सकें और भारी सीमेंट बाज़ारों तक पहुँचाया जा सके (मान्य: पानी, श्रमिक, पास का बाज़ार; कोई अन्य प्रासंगिक दशा) — 1 अंक
(b) समझाइए कि यह संयंत्र ज़िले की किन दो तरीकों से मदद कर सकता है। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, यह स्थानीय लोगों को रोज़गार और नियमित आय देता है, जिससे पिछड़े और विकसित क्षेत्रों का अंतर घटता है। दूसरा, इसके आस-पास परिवहन, मरम्मत की दुकानें, व्यापार और छोटे उद्योग बढ़ते हैं, और पास का कस्बा भी बढ़ता है।
अंक योजना:
- यह स्थानीय लोगों को रोज़गार और नियमित आय देता है, जिससे पिछड़े और विकसित क्षेत्रों के बीच का अंतर कम करने में मदद मिलती है — 1 अंक
- इसके आस-पास परिवहन, मरम्मत की दुकानें, व्यापार और छोटे उद्योग जैसे दूसरे काम बढ़ते हैं और आस-पास का कस्बा बढ़ता है: उद्योग और नगरीकरण साथ-साथ चलते हैं (मान्य: स्थानीय निर्माण कार्य के लिए सीमेंट; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
अथवा
कोयले से चलने वाला एक ताप विद्युत गृह एक नदी और एक खेतिहर गाँव के पास है। गाँव वाले शिकायत करते हैं कि हवा में धुआँ और धूल है, गर्म और गंदा पानी नदी में बहता है, और राख के ढेर आस-पास के खेतों पर फैल रहे हैं। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) समझाइए कि यह बिजलीघर अपने आस-पास की हवा, पानी और भूमि को कैसे प्रदूषित कर रहा है। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
कोयला जलने से निकलने वाले धुएँ, धूल, फ़्लाई ऐश और हानिकारक गैसों से हवा प्रदूषित होती है। संयंत्र का गर्म पानी और अपशिष्ट नदी का तापमान बढ़ाकर मछलियों को नुकसान पहुँचाते हैं। फेंकी गई राख भूमि को खराब करती है, मृदा की उर्वरता घटाती है और भूमिगत जल तक रिस सकती है।
अंक योजना:
- हवा: कोयला जलने से धुआँ, धूल, फ़्लाई ऐश जैसे महीन कण और हानिकारक गैसें निकलती हैं — 1 अंक
- पानी: संयंत्र का गर्म पानी और अपशिष्ट नदी का तापमान बढ़ाते हैं और उसे गंदा करते हैं, जिससे मछलियों और पानी के अन्य जीवों को नुकसान होता है (तापीय प्रदूषण) — 1 अंक
- भूमि: खुले में फेंकी गई राख और अन्य अपशिष्ट मृदा की उर्वरता घटाते हैं और रिसकर भूमिगत जल तक पहुँच सकते हैं — 1 अंक
(b) ऐसे दो उपाय सुझाइए, जैसे NTPC ने अपने बिजलीघरों पर अपनाए हैं, जिनसे यह नुकसान घटे। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, राख को फेंकने के बजाय ईंटों, सीमेंट या सड़क बनाने में काम में लिया जाए, और राख के तालाब व राख वाले पानी का पुनर्चक्रण हो। दूसरा, इलेक्ट्रोस्टैटिक अवक्षेपक और फ़िल्टर धूल रोकें, और बिजलीघर के चारों ओर पेड़ों की हरित पट्टी लगाई जाए।
अंक योजना:
- एक उपाय, जैसे राख को फेंकने के बजाय ईंटों, सीमेंट या सड़क बनाने में अधिक से अधिक काम में लेना; राख के तालाब और राख वाले पानी का पुनर्चक्रण — 1 अंक
- दूसरा उपाय, जैसे धूल रोकने के लिए इलेक्ट्रोस्टैटिक अवक्षेपक, कपड़े के फ़िल्टर या स्क्रबर लगाना; अपशिष्ट जल को नदी में जाने से पहले ठंडा और साफ़ करना; हरित पट्टियाँ लगाना; आस-पास के पर्यावरण की नियमित निगरानी (कोई अन्य प्रासंगिक उपाय) — 1 अंक
प्रश्न 18 (4 अंक)
नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
एक पहाड़ी कस्बा अपनी योजना खुद लिखता है
विश्व के नेताओं के रियो डी जेनेरो में मिलने के तीस साल बाद, छोटे पहाड़ी कस्बे देवपुर की नगरपालिका ने अपने भविष्य के लिए अपनी योजना लिखने का काम शुरू किया। उसकी टीम ने पहले गिना कि कस्बे के पास क्या-क्या है: झरनों से भरने वाली एक झील, बाँज (ओक) के जंगल के टुकड़े, ढलानों पर सीढ़ीदार खेत और घाटी के नीचे का भूमिगत जल।
इस गिनती से बुरी खबर मिली। होटलों ने अपनी इमारतें झील के ठीक किनारे तक बढ़ा ली थीं, और नई बस्तियों का गंदा पानी उसमें बह रहा था। बाँज के जंगल को भीमनगर बस्ती के परिवार जलावन के लिए काट रहे थे, जिनके पास न गैस कनेक्शन थे और न नियमित काम।
नगरपालिका की योजना ने दोनों समस्याओं को आपस में जोड़ा। बस्ती के परिवारों को पौधशाला और कचरा छँटाई केंद्र चलाने का प्रशिक्षण मिलेगा, और खाना पकाने की गैस कम दाम पर मिलेगी; बदले में जंगल की कटाई बंद होगी। योजना अपनाने से पहले अधिकारियों ने उसे जंगल, आवास और जल आपूर्ति की राज्य की योजनाओं से मिलाकर जाँचा। (देवपुर एक काल्पनिक कस्बा है।)
18.1 देवपुर के किसी एक ऐसे संसाधन का नाम बताइए जिसका, स्रोत के अनुसार, ऐसा उपयोग हो रहा है जो लंबे समय तक नहीं चल सकता। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
बाँज का जंगल, जिसे जलावन के लिए काटा जा रहा है।
अंक योजना:
- कोई एक: झील (किनारे तक निर्माण और गंदे पानी से प्रदूषण) या बाँज का जंगल (जलावन के लिए कटाई) — 1 अंक
18.2 योजना जंगल बचाने को बस्ती के परिवारों के लिए काम और सस्ते ईंधन से जोड़ती है। समझाइए कि इसमें 1992 के पृथ्वी सम्मेलन में तय हुए लक्ष्य कैसे दिखाई देते हैं। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पृथ्वी सम्मेलन में अपनाया गया एजेंडा 21 पर्यावरण की क्षति और गरीबी से एक साथ लड़ना चाहता है, जैसा देवपुर जंगल और बस्ती के साथ करता है। उसने हर स्थानीय सरकार से सतत पोषणीय विकास की अपनी योजना बनाने को भी कहा, जो भविष्य को नुकसान पहुँचाए बिना आज की ज़रूरतें पूरी करे।
अंक योजना:
- पृथ्वी सम्मेलन में अपनाया गया एजेंडा 21 पर्यावरण की क्षति के साथ-साथ गरीबी और बीमारी से भी लड़ना चाहता है, साझी ज़रूरतों और ज़िम्मेदारियों पर सहयोग के ज़रिए; देवपुर जंगल के नुकसान और बस्ती की गरीबी से एक साथ निपटता है — 1 अंक
- यह स्थानीय स्तर पर सतत पोषणीय विकास है: भावी पीढ़ियों के लिए ज़रूरी संसाधनों को नुकसान पहुँचाए बिना लोगों की आज की ज़रूरतें पूरी करना; एजेंडा 21 ने हर स्थानीय सरकार से अपना स्थानीय एजेंडा 21 बनाने को कहा था, जैसा देवपुर ने किया — 1 अंक
18.3 कस्बे की योजना अपनाने से पहले अधिकारियों ने उसे राज्य की योजनाओं से मिलाकर क्यों जाँचा? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
स्थानीय संसाधन योजना को राज्य और देश की बड़ी विकास योजनाओं से मेल खाना होता है, ताकि वे एक-दूसरे को सहारा दें।
अंक योजना:
- संसाधन नियोजन में स्थानीय योजना को समग्र (राज्य और राष्ट्रीय) विकास योजनाओं से मिलाना पड़ता है, ताकि दोनों आपस में मेल खाएँ और एक-दूसरे को सहारा दें (मान्य: धन पाने और टकराव से बचने के लिए) — 1 अंक
प्रश्न 19 (3 अंक)
निम्नलिखित में से किन्हीं तीन को कीजिए। इस प्रश्न के लिए दिए गए भारत के रेखा-मानचित्र पर हर स्थान को उपयुक्त चिह्न से दर्शाइए और उसके पास उसका नाम लिखिए।

(i) नागार्जुन सागर बाँध (1 अंक)
उत्तर।
- नागार्जुन सागर बाँध: कृष्णा नदी पर, तेलंगाना-आंध्र प्रदेश सीमा पर, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

(ii) नरोरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र (1 अंक)
उत्तर।
- नरोरा: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गंगा के किनारे, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

(iii) दुर्गापुर - एक लोहा-इस्पात संयंत्र (1 अंक)
उत्तर।
- दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल में, दामोदर घाटी में, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

(iv) छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (1 अंक)
उत्तर।
- छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा: मुंबई, महाराष्ट्र में, सही स्थान पर चिह्न सहित दर्शाया और नाम लिखा — 1 अंक

खंड ग - राजनीति विज्ञान (20 अंक)
प्रश्न 24 (2 अंक)
भारतीय संविधान में शिक्षा समवर्ती सूची में है। इस पर संघ सरकार और राज्य सरकारों, दोनों को कानून बनाने का अधिकार देने के दो कारण समझाइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, देश को साझे मानक चाहिए, ताकि एक राज्य का प्रमाणपत्र हर जगह मान्य हो; संघ इन्हें तय कर सकता है। दूसरा, हर राज्य पढ़ाई की भाषा जैसी अपनी ज़रूरतें जानता है और उनके अनुसार कानून बना सकता है।
अंक योजना:
- पूरे देश का हित जुड़ा है: कुछ बातें हर जगह एक जैसी होनी चाहिए, जैसे बुनियादी मानक, ताकि एक राज्य में मिला प्रमाणपत्र या डिग्री बाकी सभी राज्यों में मान्य हो, और हर बच्चे की पढ़ाई जैसे राष्ट्रीय लक्ष्य पूरे हों; संघ ये तय कर सकता है — 1 अंक
- हर राज्य अपने लोगों को जानता है: पढ़ाई की भाषा, स्थानीय विषय, और पहाड़ी, जनजातीय या घनी आबादी वाले क्षेत्रों में ज़रूरी स्कूलों की संख्या और प्रकार हर राज्य में अलग हैं, इसलिए हर राज्य इनके अनुसार कानून बना सकता है (मान्य: दोनों कानूनों में टकराव होने पर संघ का कानून लागू होता है, इसलिए देश में परस्पर विरोधी नियम नहीं रहते; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 25 (2 अंक)
कई लोकतंत्रों में मुख्य राजनीतिक दलों की नीतियों में अब एक-दूसरे से बहुत कम अंतर रह गया है। चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होने पर भी इसके लोकतंत्र के लिए चुनौती होने के दो कारण समझाइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, मतदाताओं के पास असली विकल्प नहीं रहता: अलग नीति चाहने वालों के लिए कोई दल नहीं, इसलिए चुनाव से सरकार की दिशा नहीं बदलती। दूसरा, वही नेता दलों में आते-जाते हैं, इसलिए वोट से नए नेता नहीं आते।
अंक योजना:
- मतदाताओं के पास असली विकल्प नहीं रहता: यदि मुख्य दल लगभग एक जैसी नीतियाँ रखें, तो बहुत अलग नीति चाहने वालों के पास वोट देने को कोई दल नहीं होता, इसलिए चुनाव सरकार की दिशा नहीं बदल पाता — 1 अंक
- नेता भी मुश्किल से बदलते हैं, क्योंकि वही नेता एक दल से दूसरे दल में आते-जाते रहते हैं; इसलिए दलों पर मतदाताओं की बात सुनने का दबाव कम रहता है और लोगों का चुनावों पर भरोसा घटता है (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 26 (3 अंक)
भारतीय राजनीति में जाति किन तीन रूपों में दिखाई देती है? समझाइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, दल निर्वाचन क्षेत्र की जातिगत बनावट देखकर ऐसी जातियों के उम्मीदवार खड़े करते हैं जो समर्थन जुटा सकें। दूसरा, सरकार बनते समय दल ध्यान रखते हैं कि अलग-अलग जातियों और जनजातियों के लोगों को उसमें जगह मिले। तीसरा, उम्मीदवार प्रचार में जातिगत भावना उभारते हैं, और कुछ दलों को खास जातियों का प्रतिनिधि माना जाता है।
अंक योजना:
- उम्मीदवार चुनना: दल किसी निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं की जातिगत बनावट को ध्यान में रखते हैं और ऐसी जातियों के उम्मीदवार खड़े करते हैं जो समर्थन जुटा सकें — 1 अंक
- सरकार बनाना: दल ध्यान रखते हैं कि अलग-अलग जातियों और जनजातियों के प्रतिनिधियों को सरकार में जगह मिले — 1 अंक
- चुनाव प्रचार: दल और उम्मीदवार वोट पाने के लिए जातिगत भावना को उभारते हैं, और कुछ दलों को कुछ खास जातियों का पक्षधर या प्रतिनिधि माना जाता है (मान्य: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के कारण नेताओं ने हर जाति को जोड़ने की कोशिश की; कभी नीची मानी गई जातियों को नई राजनीतिक आवाज़ मिली; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 27 (5 अंक)
काल्पनिक लोकतंत्र अनवारा में तीन भाषायी समुदाय और दो बड़े धार्मिक समूह हैं। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) यदि अनवारा का लोकतंत्र इस सामाजिक विविधता को समायोजित करना चाहता है, तो उसे किन तीन शर्तों को पूरा करना होगा? समझाइए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, बहुमत को अल्पसंख्यकों के साथ काम करना होगा, ताकि सरकार सबकी बात करे, केवल सबसे बड़े समूह की नहीं। दूसरा, बहुमत का शासन किसी एक धार्मिक या भाषायी समुदाय का शासन न बने; बहुमत मुद्दों के साथ बदलना चाहिए। तीसरा, हर नागरिक को, चाहे वह किसी भी समूह में जन्मा हो, कभी न कभी बहुमत में होने का मौका मिले।
अंक योजना:
- बहुमत को हमेशा अल्पसंख्यकों के साथ मिलकर काम करना होगा, ताकि सरकार केवल सबसे बड़े समूह की नहीं, बल्कि सबकी साझी राय की प्रतिनिधि हो — 1 अंक
- बहुमत का शासन किसी एक समुदाय का शासन नहीं बनना चाहिए: बहुमत मुद्दे-दर-मुद्दे और चुनाव-दर-चुनाव बदलना चाहिए, और धर्म या भाषा से तय नहीं होना चाहिए — 1 अंक
- हर नागरिक को कभी न कभी बहुमत में होने का मौका मिलना चाहिए; किसी को उस समूह के कारण सत्ता या पद से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए, जिसमें वह पैदा हुआ (मान्य: समुदायों के बीच सत्ता की साझेदारी की व्यवस्था; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
(b) कोई लोकतंत्र ऐसे सामाजिक भेदों को किसी अलोकतांत्रिक सरकार की तुलना में प्रायः बेहतर ढंग से सँभालता है। इसके दो कारण समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, लोकतंत्र में समूह चुनाव, दल, न्यायालय और बहस के ज़रिए अपनी माँगें रख सकते हैं, इसलिए टकराव शांतिपूर्ण रहते हैं। दूसरा, अलोकतांत्रिक शासक भेदों को तब तक दबाते हैं जब तक वे फूट न पड़ें, जबकि लोकतंत्र उन्हें स्वीकार करके बातचीत करना सीखते हैं।
अंक योजना:
- लोकतंत्र समूहों को अपनी माँगें रखने और मोल-भाव करने के शांतिपूर्ण रास्ते देता है, जैसे चुनाव, दल, न्यायालय और खुली बहस, इसलिए तनावों के हिंसक होने की संभावना कम रहती है — 1 अंक
- अलोकतांत्रिक शासन प्रायः सामाजिक भेदों को अनदेखा करते हैं या दबा देते हैं, जिससे शिकायतें जमा होती जाती हैं; लोकतंत्र भेदों को स्वाभाविक मानते हैं और उन पर बातचीत के तरीके धीरे-धीरे विकसित करते हैं (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
अथवा
काल्पनिक देश वर्सा में पहाड़ी लोगों को लंबे समय तक हीन माना गया: अधिकारी उनसे रूखा व्यवहार करते थे, और उनकी भाषाएँ स्कूलों या सरकारी दफ़्तरों में इस्तेमाल नहीं होती थीं। वर्सा को लोकतंत्र बने अब बीस वर्ष हो गए हैं। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) लोकतंत्र से पहाड़ी लोगों की गरिमा और स्वतंत्रता में संभावित रूप से आए तीन सुधार समझाइए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, उनका वोट किसी के भी वोट जितना गिना जाता है, इसलिए नेताओं को उनका समर्थन माँगना पड़ता है। दूसरा, वे संगठन बनाकर शांति से स्कूलों और दफ़्तरों में अपनी भाषाओं की माँग कर सकते हैं। तीसरा, अधिकारी चुने हुए प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह हैं, और रूखे या अनुचित व्यवहार का मामला प्रेस, विधायिका या न्यायालय में उठाया जा सकता है।
अंक योजना:
- बराबर वोट: हर पहाड़ी व्यक्ति का वोट किसी दूसरे के वोट जितना ही गिना जाता है, इसलिए दलों और नेताओं को उनका समर्थन माँगना और उनकी बात सुननी पड़ती है — 1 अंक
- अपनी पहचान बनाए रखने और उसके लिए माँग करने की स्वतंत्रता: वे संगठन बना सकते हैं और शांति से माँग कर सकते हैं कि उनकी भाषाएँ स्कूलों और दफ़्तरों में इस्तेमाल हों, और लोकतंत्र ऐसी माँगों को खतरा माने बिना पूरा कर सकता है — 1 अंक
- सत्ता में बैठे लोगों से सम्मान: अधिकारी चुने हुए प्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह हैं, और रूखे या अनुचित व्यवहार का मामला प्रेस, विधायिका या न्यायालय में उठाया जा सकता है (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
(b) पहाड़ी लोगों के साथ अब भी कभी-कभी असमान व्यवहार होने के दो कारण समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, पुरानी सोच धीरे बदलती है, इसलिए कुछ लोग और अधिकारी अब भी उन्हें नीचा मान सकते हैं। दूसरा, गरीबी, दूरी और कम पढ़ाई के कारण बहुत-से लोग अपने अधिकार नहीं जानते या उनके लिए लड़ नहीं पाते।
अंक योजना:
- पुरानी सोच धीरे बदलती है: जो लोग और अधिकारी लंबे समय से उन्हें नीचा मानते आए हैं, वे कानून के सबको बराबर मानने के बावजूद अब भी ऐसा कर सकते हैं — 1 अंक
- अधिकारों का उपयोग बहुतों के लिए कठिन है: गरीबी, कस्बों से दूरी और कम पढ़ाई के कारण बहुत-से लोग अपने अधिकार नहीं जानते, या उनके लिए लड़ने का समय और खर्च नहीं उठा पाते (कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 28 (4 अंक)
नीचे दिया गया स्रोत पढ़िए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
'टूटने से धीमा भला'
बेल्जियम की सेवानिवृत्त शिक्षिका अन्ना अपने नाती-पोतों को अक्सर उस देश के बारे में बताती हैं जिसमें वे बड़ी हुईं। वे कहती हैं, 'मेरी जवानी में हमारे दो बड़े भाषायी समूह एक-दूसरे पर मुश्किल से भरोसा करते थे। मेरे डच भाषी पड़ोसियों को लगता था कि फ्रेंच भाषी संख्या में कम होकर भी लंबे समय से अच्छी नौकरियाँ और बड़ी आवाज़ अपने पास रखे हुए हैं। फ्रेंच भाषियों को डर था कि बड़ा समूह जल्द ही हर बात पर उन्हें वोट से हरा देगा। स्कूल या सड़क के नामपट्ट का झगड़ा इस लड़ाई में बदल सकता था कि देश किसका है।
'इसलिए हमारे नेताओं ने बरसों मोल-भाव किया, और आखिर में किसी को सब कुछ नहीं मिला। बड़े समूह ने राष्ट्रीय मंत्रिमंडल की ज़्यादातर सीटें भरने का हक छोड़ा: अब दोनों समूहों से बराबर संख्या में मंत्री आते हैं। छोटे समूह ने देश के ऊँचे पदों पर अपनी पुरानी पकड़ छोड़ी। हर समूह अपने दलों को वोट देता है, और हर क्षेत्र अपने बहुत-से काम खुद चलाता है।
'हाँ, यह धीमा है। राष्ट्रीय सरकार बनने में कई महीने लग सकते हैं। पर टूटने से धीमा भला। हम आज भी एक देश हैं, और अब कोई किसी से डरता नहीं।' (अन्ना एक काल्पनिक व्यक्ति हैं।)
28.1 अन्ना कहती हैं कि 'किसी को सब कुछ नहीं मिला'। स्रोत से एक उदाहरण दीजिए कि किसी एक समूह ने क्या छोड़ा। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
बड़े, डच भाषी समूह ने मंत्रिमंडल की ज़्यादातर सीटें भरने का हक छोड़ा; अब दोनों समूहों से बराबर मंत्री आते हैं।
अंक योजना:
- कोई एक: बड़े (डच भाषी) समूह ने राष्ट्रीय मंत्रिमंडल की ज़्यादातर सीटें भरने का हक छोड़ा, जिसमें अब दोनों समूहों के बराबर मंत्री हैं; या छोटे (फ्रेंच भाषी) समूह ने देश के ऊँचे पदों पर अपनी पुरानी पकड़ छोड़ी — 1 अंक
28.2 यह व्यवस्था सबके लिए धीमी है। समझाइए कि छोटा, फ्रेंच भाषी समूह फिर भी इसे क्यों स्वीकार करेगा; दो कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, अब उसे वोट से हराया नहीं जा सकता: बराबर मंत्रियों के कारण निर्णयों के लिए उसकी सहमति चाहिए, और देरी इस सुरक्षा की कीमत है। दूसरा, दूसरे रास्ते और बुरे थे: स्थायी अल्पसंख्यक के रूप में उसकी आवाज़ खो सकती थी, और अंतहीन झगड़े देश को तोड़ सकते थे।
अंक योजना:
- अब उसे अपने से जुड़े मामलों में वोट से हराया नहीं जा सकता: मंत्रियों की संख्या बराबर होने से निर्णयों के लिए उसकी सहमति चाहिए, इसलिए देरी इस सुरक्षा की कीमत है — 1 अंक
- दूसरे रास्ते और बुरे थे: साधारण बहुमत के शासन में स्थायी अल्पसंख्यक बनकर वह अपनी आवाज़ खो सकता था, और लगातार झगड़े नागरिक संघर्ष या देश के बँटवारे तक ले जा सकते थे; शांति और सुरक्षा के लिए कुछ देरी ठीक है (मान्य: उसका अपना क्षेत्र अपने बहुत-से काम खुद चलाता है; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
28.3 स्रोत के आधार पर समझाइए कि बेल्जियम में राष्ट्रीय सरकार बनने में कई महीने क्यों लग सकते हैं। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
हर समूह के अपने दल हैं और मंत्रिमंडल में दोनों के बराबर मंत्री चाहिए, इसलिए पहले दोनों समूहों के दलों को मोल-भाव करके सहमत होना पड़ता है।
अंक योजना:
- हर भाषायी समूह के अपने दल हैं, और मंत्रिमंडल में डच भाषी और फ्रेंच भाषी मंत्री बराबर संख्या में होने चाहिए, इसलिए सरकार बनने से पहले दोनों समूहों के दलों को मोल-भाव करके सहमत होना पड़ता है — 1 अंक
खंड घ - अर्थशास्त्र (20 अंक)
प्रश्न 35 (3 अंक)
आज के एक धनी काल्पनिक देश में 1850 में अधिकतर लोग खेतों में काम करते थे, और 1950 तक कारखानों में काम करने वाले लोग किसी भी दूसरे क्षेत्रक से अधिक हो गए। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(i) 1950 में इस देश में कौन-सा क्षेत्रक सबसे महत्त्वपूर्ण था? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
द्वितीयक क्षेत्रक।
अंक योजना:
- द्वितीयक क्षेत्रक (विनिर्माण) — 1 अंक
(ii) कारखानों के बढ़ने से इस देश के खेतों को भी होने वाले दो लाभ समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, कारखानों ने कपास, गन्ना और अनाज कच्चे माल के रूप में खरीदे, इसलिए किसानों को बड़े बाज़ार मिले। दूसरा, कारखानों ने औज़ार, पंप, मशीनें और उर्वरक बनाए, जिनसे खेतों की उपज बढ़ी।
अंक योजना:
- कारखानों ने कपास, गन्ना और अनाज जैसी खेती की उपज कच्चे माल के रूप में खरीदी, इसलिए किसानों को बड़े बाज़ार मिले और उनकी कमाई बढ़ी — 1 अंक
- कारखानों ने औज़ार, मशीनें, पंप और उर्वरक बनाए, जिनसे खेतों की उपज बढ़ी (मान्य: उद्योगों के लिए बनी सड़कें और रेलें खेती की उपज को दूर के बाज़ारों तक ले गईं; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 36 (3 अंक)
पाँच साल पहले काल्पनिक ज़िले रतनपुर के मुख्य कस्बे में एक बड़ा आधुनिक अस्पताल खुला। फिर भी ज़िले की जन्म के समय जीवन प्रत्याशा में लगभग कोई बदलाव नहीं आया है। इसके तीन संभावित कारण समझाइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, कस्बे का अस्पताल गाँवों और गरीबों के लिए दूर या महँगा हो सकता है, इसलिए ज़िले का औसत मुश्किल से बदलता है। दूसरा, असुरक्षित पानी और खराब स्वच्छता से बीमारियाँ होती रहती हैं, जिनका अस्पताल बाद में केवल इलाज करता है। तीसरा, कम भोजन पाने वाले लोग, खासकर बच्चे, बार-बार बीमार पड़ते हैं।
अंक योजना:
- पहुँच और खर्च: जीवन प्रत्याशा ज़िले में जन्मे सभी लोगों का औसत है; कस्बे का एक अस्पताल दूर के गाँवों के परिवारों और गरीबों के लिए बहुत दूर या बहुत महँगा हो सकता है, इसलिए अधिकतर लोगों की स्थिति नहीं बदलती — 1 अंक
- रोकथाम: बहुत-सी बीमारियाँ असुरक्षित पेयजल, खराब स्वच्छता और गंदे परिवेश से होती हैं; अस्पताल बीमार पड़ने के बाद इलाज करता है, पर इन कारणों को दूर नहीं करता — 1 अंक
- भोजन: यदि बहुत-से लोगों, खासकर बच्चों, को पर्याप्त भोजन नहीं मिलता, तो वे बार-बार बीमार पड़ते हैं और धीरे ठीक होते हैं, कस्बे में इलाज चाहे जैसा हो (मान्य: गाँवों में स्वास्थ्यकर्मी या टीकाकरण कम होना; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 37 (3 अंक)
सलमा एक दूर के पहाड़ी ज़िले में ऊन की बढ़िया शॉलें बुनती हैं। एक नया राजमार्ग और पास का हवाई अड्डा अब इस ज़िले को कुछ ही घंटों में बड़े शहरों से जोड़ देते हैं। निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(i) राजमार्ग और हवाई अड्डा वैश्वीकरण के किस कारक के उदाहरण हैं? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
परिवहन प्रौद्योगिकी में सुधार।
अंक योजना:
- परिवहन प्रौद्योगिकी में सुधार — 1 अंक
(ii) सलमा के अब भी दूसरे देशों के खरीदारों को अपनी शॉलें न बेच पाने के दो कारण समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, विदेशी खरीदारों को उसकी शॉलों का पता होना और ऑर्डर व भुगतान कर पाना ज़रूरी है; फ़ोन, इंटरनेट या निर्यातक के बिना वह उन तक नहीं पहुँच सकती। दूसरा, खरीदार का या उसका अपना देश आयात पर कर या सीमा लगाकर ऐसा व्यापार रोक सकता है।
अंक योजना:
- जानकारी और संपर्क: विदेश के खरीदारों को पहले उसकी शॉलों के बारे में पता चलना, उसके डिज़ाइन देखना, ऑर्डर देना और उसे भुगतान करना ज़रूरी है; फ़ोन, इंटरनेट या किसी निर्यातक से जुड़ाव के बिना वह उन तक नहीं पहुँच सकती — 1 अंक
- व्यापार अवरोधक: खरीदार के देश की, या उसके अपने देश की, सरकार अब भी ऐसे व्यापार को सीमित कर सकती है, जैसे आयात पर कर लगाकर या आने वाली मात्रा पर सीमा लगाकर, इसलिए उसकी शॉलें खुलकर नहीं पहुँच पातीं (मान्य: बड़े खरीदार ऐसे बड़े, नियमित ऑर्डर चाहते हैं जिन्हें ऋण के बिना अकेली बुनकर पूरा नहीं कर सकती; कोई अन्य प्रासंगिक बिंदु) — 1 अंक
प्रश्न 38 (5 अंक)
तालिका में एक काल्पनिक ग्रामीण ब्लॉक अमरपुर के परिवारों द्वारा एक वर्ष में लिए गए ऋण दिखाए गए हैं। तालिका का अध्ययन कीजिए और उसके बाद के प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (आँकड़े काल्पनिक हैं, केवल अभ्यास के लिए।)
| परिवारों का समूह | वर्ष में ऋण लेने वाले परिवार (%) | उनके ऋणों में बैंकों और सहकारी समितियों का हिस्सा (%) | उनके ऋणों में साहूकारों, व्यापारियों और भूस्वामियों का हिस्सा (%) | ब्याज की औसत दर (% प्रति वर्ष) |
|---|---|---|---|---|
| भूमिहीन मज़दूर | 62 | 15 | 85 | 42 |
| छोटे किसान | 55 | 45 | 55 | 24 |
| बड़े किसान | 40 | 90 | 10 | 9 |
(i) कौन-सा परिवार समूह अनौपचारिक ऋणदाताओं पर सबसे अधिक निर्भर है? इसे दिखाने वाला आँकड़ा बताइए। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
भूमिहीन मज़दूर, जिनके 85% ऋण अनौपचारिक स्रोतों से हैं।
अंक योजना:
- भूमिहीन मज़दूर: उनके 85% ऋण साहूकारों, व्यापारियों और भूस्वामियों से आते हैं — 1 अंक
(ii) तालिका के आँकड़ों का उपयोग करते हुए समझाइए कि यह निर्भरता इन परिवारों को किन दो तरीकों से नुकसान पहुँचाती है। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, वे लगभग 42% सालाना ब्याज देते हैं, बड़े किसान 9%, इसलिए आय का बड़ा भाग ऋण चुकाने में जाता है और भोजन व पढ़ाई के लिए कम बचता है। दूसरा, इतना ऊँचा ब्याज उन्हें कर्ज़ के जाल में फँसा सकता है, जहाँ पुराना ऋण चुकाने को फिर उधार लेना पड़ता है।
अंक योजना:
- अधिक लागत: वे लगभग 42% सालाना ब्याज देते हैं, जबकि बड़े किसान 9%, इसलिए उनकी कमाई का कहीं बड़ा भाग ऋण चुकाने में जाता है और भोजन, पढ़ाई या काम के लिए कम बचता है — 1 अंक
- कर्ज़ का जाल: इतनी ऊँची दर पर ऋण चुकाना कठिन है, इसलिए चुकाने के लिए उन्हें फिर उधार लेना पड़ सकता है और कर्ज़ बढ़ता जाता है; अनौपचारिक ऋणदाता अनुचित शर्तें भी थोप सकते हैं, जैसे ऋणदाता के यहाँ काम करना या उसे सस्ते में उपज बेचना — 1 अंक
(iii) ऐसे दो तरीके सुझाइए जिनसे औपचारिक ऋण इनमें से अधिक परिवारों तक पहुँच सके, और हर तरीके का कारण बताइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, स्वयं सहायता समूह: सदस्य बचत जोड़ते हैं, और बाद में बैंक समूह को बिना समर्थक ऋणाधार के ऋण देते हैं, क्योंकि चुकाने की ज़िम्मेदारी समूह की है। दूसरा, बैंक और सहकारी समितियाँ गाँवों में शाखाएँ खोलकर गरीब परिवारों को अधिक ऋण दें, क्योंकि ये ऋण सस्ते हैं और रिज़र्व बैंक की निगरानी में हैं।
अंक योजना:
- स्वयं सहायता समूह: सदस्य छोटी-छोटी बचत जोड़कर आपस में उधार देते हैं; कुछ समय बाद बैंक समूह को बिना समर्थक ऋणाधार के ऋण देते हैं, क्योंकि ऋण चुकाने की ज़िम्मेदारी समूह लेता है — 1 अंक
- बैंकों और सहकारी समितियों को गरीब ग्रामीण परिवारों को अधिक ऋण देना चाहिए, जैसे गाँवों में शाखाओं और अपने सदस्यों को ऋण देने वाली सहकारी समितियों के ज़रिए, क्योंकि औपचारिक ऋण सस्ते होते हैं और उनके ऋणदाताओं की निगरानी भारतीय रिज़र्व बैंक करता है (कोई अन्य प्रासंगिक तरीका) — 1 अंक
अथवा
उसी तालिका का अध्ययन कीजिए और निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(i) वर्ष में किस समूह ने सबसे अधिक बार और किस समूह ने सबसे कम बार ऋण लिए? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
भूमिहीन मज़दूरों ने सबसे अधिक (62%) और बड़े किसानों ने सबसे कम (40%) ऋण लिए।
अंक योजना:
- सबसे अधिक: भूमिहीन मज़दूर (62%); सबसे कम: बड़े किसान (40%) — 1 अंक
(ii) तालिका के अनुसार भूमिहीन मज़दूर अनौपचारिक ऋणों पर कहीं अधिक ब्याज चुकाते हैं, फिर भी वे इन्हीं ऋणदाताओं से उधार लेते रहते हैं। इसके दो कारण समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, उन्हें भोजन, बीमारी या पारिवारिक मौके के लिए तुरंत छोटी रकम चाहिए, जो बैंक और सहकारी समितियाँ शायद ही जल्दी देती हैं। दूसरा, अनौपचारिक ऋणदाता, अक्सर वही भूस्वामी जिसके यहाँ वे काम करते हैं, बिना कागज़ात तुरंत ऋण देते हैं और कुछ वसूली मज़दूरी से करते हैं।
अंक योजना:
- उनकी ज़रूरतें छोटी और तुरंत की होती हैं, अक्सर भोजन, बीमारी या किसी पारिवारिक मौके के लिए, और बैंक व सहकारी समितियाँ ऐसी रकम शायद ही जल्दी देती हैं; पास में कोई शाखा भी न हो सकती है — 1 अंक
- अनौपचारिक ऋणदाता उन्हें निजी तौर पर जानते हैं और बिना कागज़ात तुरंत ऋण दे देते हैं; अक्सर ऋणदाता वही भूस्वामी होता है जिसके यहाँ वे काम करते हैं और जो कुछ वसूली मज़दूरी के रूप में लेता है, इसलिए वे आसानी से उससे अलग नहीं हो पाते (मान्य: उनके पास समर्थक ऋणाधार के लिए ज़मीन या दूसरी संपत्ति नहीं है; कोई अन्य प्रासंगिक कारण) — 1 अंक
(iii) छोटे किसानों को लगभग आधे ऋण औपचारिक स्रोतों से मिलते हैं। ब्याज की दर के अलावा, समझाइए कि बैंक ऋण की शर्तें साहूकार से लिए गए ऋण की शर्तों से किन दो तरीकों से अलग होने की संभावना है। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
पहला, बैंक ज़मीन के कागज़ जैसा समर्थक ऋणाधार और दस्तावेज़ माँगता है, जबकि साहूकार सोना रख सकता है या अपने यहाँ काम करवा सकता है। दूसरा, बैंक रिज़र्व बैंक की निगरानी में नियमित किस्तें और लिखित शर्तें रखता है, जबकि साहूकार फ़सल पर पूरी रकम माँग सकता है और शर्तें बदल सकता है।
अंक योजना:
- समर्थक ऋणाधार और कागज़ात: बैंक प्रायः ज़मीन के कागज़ जैसा समर्थक ऋणाधार और दस्तावेज़ माँगता है; साहूकार कुछ न माँगे, या सोना रख ले, या किसान से अपने यहाँ काम करवाए या उसकी फ़सल खरीदने की शर्त रखे — 1 अंक
- चुकाने का तरीका और नियम: बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक की निगरानी में नियमित किस्तें और लिखित शर्तें तय करता है; साहूकार फ़सल के समय पूरी रकम एक साथ माँग सकता है, और शर्तें अपनी मर्ज़ी से बदल सकता है (कोई अन्य प्रासंगिक अंतर) — 1 अंक