लिंग क्या है?

संज्ञा के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि वह पुरुष जाति (पुल्लिंग) की है या स्त्री जाति (स्त्रीलिंग) की, उसे लिंग कहते हैं। हिंदी में दो लिंग होते हैं — पुल्लिंग (पुरुषवाचक) और स्त्रीलिंग (स्त्रीवाचक)। परीक्षा में 'अन्य लिंग रूप लिखिए' के अंतर्गत दिए गए शब्द का विपरीत लिंग रूप लिखना होता है (सामान्यतः तीन शब्द, 3 अंक)।

पुल्लिंग से स्त्रीलिंग बनाने के प्रमुख नियम

1. 'आ' के स्थान पर 'ई' जोड़कर:

  • लड़का → लड़की, घोड़ा → घोड़ी, बकरा → बकरी, बूढ़ा → बुढ़िया

2. शब्द के अंत में 'ई' जोड़कर:

  • मामा → मामी, नाना → नानी, चाचा → चाची, दादा → दादी

3. 'नी' जोड़कर:

  • मोर → मोरनी, शेर → शेरनी, ऊँट → ऊँटनी, हाथी → हथिनी (विशेष रूप)

4. 'आइन' जोड़कर (जातिवाचक/उपाधिवाचक शब्दों में):

  • ठाकुर → ठकुराइन, पंडित → पंडिताइन, चौधरी → चौधराइन, हलवाई → हलवाइन

5. 'इनी' जोड़कर:

  • स्वामी → स्वामिनी, तपस्वी → तपस्विनी, योगी → योगिनी, हाथी → हथिनी

अन्य महत्वपूर्ण नियम

6. पूर्णतः भिन्न शब्द (कोई निश्चित नियम नहीं, अलग-अलग शब्द):

पुल्लिंग स्त्रीलिंग
राजा रानी
पिता माता
भाई बहन
पुरुष स्त्री
बैल गाय
साँड़ गाय
नर मादा

7. अंग्रेज़ी/उर्दू मूल के शब्दों में 'आ' के स्थान पर 'ी':

पुल्लिंग स्त्रीलिंग
अध्यापक अध्यापिका
लेखक लेखिका
गायक गायिका
पाठक पाठिका
नायक नायिका
सेवक सेविका
छात्र छात्रा
शिष्य शिष्या
देव देवी
युवक युवती

और अधिक उदाहरण (अभ्यास हेतु)

पुल्लिंग स्त्रीलिंग पुल्लिंग स्त्रीलिंग
राजकुमार राजकुमारी कवि कवयित्री
सिंह सिंहनी बाघ बाघिन
बकरा बकरी कुत्ता कुतिया
मोर मोरनी हिरण हिरणी
साधु साध्वी विद्वान विदुषी
श्रीमान श्रीमती सम्राट साम्राज्ञी
मुर्गा मुर्गी बेटा बेटी
नौकर नौकरानी धोबी धोबिन
देवर देवरानी जेठ जेठानी
साला साली मामा मामी

कुछ शब्द ऐसे भी हैं जो सदैव एक ही लिंग में प्रयुक्त होते हैं (चाहे स्त्री/पुरुष किसी के लिए भी प्रयुक्त हों): व्यक्ति (पुल्लिंग), संतान (स्त्रीलिंग), दंपति आदि — ऐसे शब्दों का लिंग-परिवर्तन नहीं होता, इन्हें विशेष रूप से याद रखें।

[Exam Tip] परीक्षा में सामान्यतः प्रचलित/सरल शब्द ही पूछे जाते हैं (जैसे लेखक, अध्यापक, राजा, शेर आदि) — ऊपर दी गई तालिकाओं का बार-बार अभ्यास करें।