प्रत्यय क्या है?
प्रत्यय वे शब्दांश होते हैं, जो किसी शब्द (धातु/मूल शब्द) के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं अथवा उसका अर्थ/रूप बदल देते हैं। प्रत्यय भी उपसर्ग की भाँति स्वतंत्र शब्द नहीं होते। परीक्षा में 'प्रत्यय अलग कर लिखिए' के अंतर्गत दिए गए शब्द में से मूल शब्द व प्रत्यय अलग-अलग करके लिखना होता है (सामान्यतः दो शब्द, 2 अंक)।
उदाहरण: बुद्धि + मान = बुद्धिमान, समझ + दार = समझदार, लिख + आवट = लिखावट
प्रत्यय दो प्रकार के होते हैं — कृत् प्रत्यय (जो क्रिया/धातु में जुड़ते हैं) और तद्धित प्रत्यय (जो संज्ञा/सर्वनाम/विशेषण में जुड़ते हैं)।
कृत् प्रत्यय (धातु/क्रिया में जुड़ने वाले)
| प्रत्यय | उदाहरण शब्द | मूल शब्द |
|---|---|---|
| ता | पढ़ता (पढ़+ता) | पढ़ |
| आवट | लिखावट, बनावट, सजावट | लिख, बन, सजा |
| आई | पढ़ाई, लिखाई, कमाई | पढ़, लिख, कमा |
| आन | उड़ान, मुस्कान, चढ़ान | उड़, मुस्कु, चढ़ |
| अक | पाठक, लेखक, गायक | पाठ, लेख, गा |
| ऐया | गवैया, खवैया | गा, खा |
| आवा | बुलावा, दिखावा, छलावा | बुला, दिखा, छला |
| ई | हँसी, बोली | हँस, बोल |
तद्धित प्रत्यय (संज्ञा/सर्वनाम/विशेषण में जुड़ने वाले)
| प्रत्यय | उदाहरण शब्द | मूल शब्द |
|---|---|---|
| मान | बुद्धिमान, गुणमान, श्रीमान | बुद्धि, गुण, श्री |
| वान | धनवान, बलवान, गुणवान | धन, बल, गुण |
| दार | समझदार, ईमानदार, जिम्मेदार | समझ, ईमान, जिम्मा |
| ईय | भारतीय, राष्ट्रीय, पारिवारिक (इक) | भारत, राष्ट्र, परिवार |
| पन | बचपन, लड़कपन, अपनापन | बच्चा, लड़का, अपना |
| ता | मानवता, सुंदरता, वीरता | मानव, सुंदर, वीर |
| इक | सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक | समाज, राजनीति, धर्म |
| आई | अच्छाई, बुराई, चतुराई | अच्छा, बुरा, चतुर |
| पूर्ण | गुणपूर्ण, अर्थपूर्ण | गुण, अर्थ |
| हीन | गुणहीन, बुद्धिहीन, धनहीन | गुण, बुद्धि, धन |
[Exam Tip] प्रत्यय अलग करते समय शब्द के अंत में जुड़े शब्दांश को पहचानें और शेष बचे मूल शब्द को अलग से लिखें — ध्यान रहे कि कभी-कभी मूल शब्द के अंतिम अक्षर में हल्का परिवर्तन (जैसे 'बच्चा' → 'बचपन' में 'चा' का लोप) भी होता है।