भूमिका: वाक्य शुद्धि क्या है?

जब किसी वाक्य में व्याकरण के नियमों (लिंग, वचन, कारक, काल, शब्द-क्रम आदि) का उल्लंघन हो जाता है, तो वाक्य 'अशुद्ध' कहलाता है। परीक्षा में दिए गए अशुद्ध वाक्य को नियमानुसार सुधारकर शुद्ध रूप में लिखना 'वाक्य शुद्धि' कहलाता है। यह भाग परीक्षा में 3 अंकों का होता है, जिसमें सामान्यतः चार वाक्य दिए जाते हैं।

वाक्य-अशुद्धि के प्रमुख प्रकार:

  1. लिंग संबंधी अशुद्धि
  2. वचन संबंधी अशुद्धि
  3. कारक संबंधी अशुद्धि
  4. काल संबंधी अशुद्धि
  5. पुनरुक्ति (अनावश्यक शब्द-प्रयोग) दोष
  6. शब्द-क्रम (वाक्य-रचना) दोष
  7. सर्वनाम व मुहावरा प्रयोग दोष

नीचे प्रत्येक प्रकार को नियम एवं उदाहरण (अशुद्ध → शुद्ध) सहित समझाया गया है।

1. लिंग संबंधी अशुद्धि

नियम: संज्ञा और उसके विशेषण, क्रिया का लिंग (पुल्लिंग/स्त्रीलिंग) परस्पर मेल खाना चाहिए।

अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य कारण
वह अच्छी लड़का है वह अच्छा लड़का है 'लड़का' पुल्लिंग है, अतः विशेषण भी पुल्लिंग होगा
मेरी किताब अच्छा है मेरी किताब अच्छी है 'किताब' स्त्रीलिंग शब्द है
सीता घर गया सीता घर गई 'सीता' स्त्रीलिंग है, क्रिया भी स्त्रीलिंग होगी
दही खट्टी है दही खट्टा है 'दही' हिंदी में पुल्लिंग शब्द है

2. वचन संबंधी अशुद्धि

नियम: कर्ता के वचन (एकवचन/बहुवचन) के अनुसार ही क्रिया व विशेषण का रूप होना चाहिए।

अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य कारण
सब लड़का आया सब लड़के आए 'सब' के साथ बहुवचन प्रयोग होगा
मेरे दो भाई है मेरे दो भाई हैं बहुवचन कर्ता के साथ 'हैं' आएगा
बच्चे खेल रहा है बच्चे खेल रहे हैं 'बच्चे' बहुवचन है

3. कारक संबंधी अशुद्धि

नियम: वाक्य में उचित कारक-चिह्न (ने, को, से, के लिए, में, पर आदि) का सही प्रयोग आवश्यक है — अनावश्यक अथवा गलत कारक-चिह्न वाक्य को अशुद्ध बना देते हैं।

अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य कारण
राम ने घर को गया राम घर गया अकर्मक क्रिया 'गया' के साथ 'ने' व 'को' दोनों अनावश्यक
मोहन ने विद्यालय को जाता है मोहन विद्यालय जाता है गमन-सूचक क्रिया के साथ 'ने' नहीं लगता
उसने कहा कि वह नहीं आएगा उसने कहा कि वह नहीं आएगी (लिंग की दृष्टि से संगति आवश्यक, प्रसंगानुसार)
श्याम रोटी को खाया श्याम ने रोटी खाई सकर्मक भूतकालिक क्रिया के साथ कर्ता में 'ने' अनिवार्य है

4. काल संबंधी अशुद्धि

नियम: वाक्य में प्रयुक्त कालवाचक शब्द (कल, आज, अभी, तब आदि) तथा क्रिया का काल परस्पर संगत होना चाहिए।

अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य कारण
कल मैं बाज़ार जाता हूँ कल मैं बाज़ार जाऊँगा 'कल' भविष्यत् है, अतः क्रिया भी भविष्यत्काल में होगी
पिछले वर्ष वह यहाँ आएगा पिछले वर्ष वह यहाँ आया था 'पिछले वर्ष' भूतकाल का सूचक है
अभी वह पढ़ा अभी वह पढ़ रहा है 'अभी' वर्तमानकालिक क्रिया चाहता है

5. पुनरुक्ति (अनावश्यक शब्द-प्रयोग) दोष

नियम: जब वाक्य में एक ही अर्थ वाले दो शब्दों का प्रयोग हो जाए, तो वह पुनरुक्ति दोष कहलाता है — इसमें से एक शब्द हटा देना चाहिए।

अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य कारण
वह वापस लौट आया वह लौट आया 'वापस' व 'लौटना' दोनों का भाव समान है
सभा की अध्यक्षता सभापति ने की सभा की अध्यक्षता अध्यक्ष ने की 'सभापति' शब्द में ही अध्यक्षता का भाव निहित है
मुझे प्यास लगी है, पानी पी लूँ मुझे प्यास लगी है, पानी पीऊँ 'लूँ' अनावश्यक पुनरुक्ति
मैंने अपने निजी स्वार्थ के लिए किया मैंने अपने स्वार्थ के लिए किया 'निजी' व 'स्वार्थ' में पुनरुक्ति भाव

6. शब्द-क्रम (वाक्य-रचना) दोष

नियम: हिंदी वाक्य में शब्दों का सामान्य क्रम होता है — कर्ता + कर्म + क्रिया (तथा विशेषण संज्ञा से पहले)। इस क्रम के बिगड़ने से वाक्य अशुद्ध हो जाता है।

अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य कारण
पीता है दूध बालक बालक दूध पीता है कर्ता-कर्म-क्रिया क्रम बिगड़ा हुआ है
लाल एक कमीज़ पहनी है उसने उसने एक लाल कमीज़ पहनी है विशेषण 'लाल' संज्ञा 'कमीज़' के ठीक पहले आना चाहिए

7. सर्वनाम एवं मुहावरा प्रयोग दोष

नियम: सर्वनाम का प्रयोग स्पष्ट संदर्भ के साथ हो, तथा मुहावरों का प्रयोग उनके सही रूप व अर्थ में हो।

अशुद्ध वाक्य शुद्ध वाक्य कारण
उसने अपनी आँखें दिखाई उसने आँखें दिखाईं क्रिया का सही रूप बहुवचन में
उसने दाँतों तले उँगली दबाई उसने दाँतों तले उँगली दबा ली मुहावरे का सही व्याकरणिक रूप

[Exam Tip] परीक्षा में प्रायः लिंग, वचन, कारक व पुनरुक्ति दोष से संबंधित वाक्य ही सर्वाधिक पूछे जाते हैं — इन चार प्रकारों पर विशेष अभ्यास करें।