प्रश्न पत्र एक नज़र में

कक्षा 10 गणित मानक (041) का बोर्ड प्रश्न पत्र 80 अंक और 3 घंटे का होता है, जिसमें 38 प्रश्न होते हैं। सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। 100 में से बाकी 20 अंक आपके विद्यालय के आंतरिक मूल्यांकन से आते हैं।

3 घंटे शुरू होने से पहले 15 मिनट प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए मिलते हैं। 2025 और 2026 के बोर्ड प्रश्न पत्र सुबह 10:15 बजे बाँटे गए थे; 10:15 से 10:30 तक केवल पढ़ना होता है और लिखना 10:30 बजे से शुरू होता है।

खंड प्रश्न संख्या प्रश्न का प्रकार प्रति प्रश्न अंक कुल अंक
क 1 से 18 बहुविकल्पीय (MCQ) 1 18
क 19 और 20 अभिकथन-तर्क 1 2
ख 21 से 25 अति लघु-उत्तरीय (VSA) 2 10
ग 26 से 31 लघु-उत्तरीय (SA) 3 18
घ 32 से 35 दीर्घ-उत्तरीय (LA) 5 20
ङ 36 से 38 केस स्टडी, उप-भाग 1 + 1 + 2 अंक 4 12
कुल 38 80

यानी खंड क 20 अंकों का है, ठीक उतना ही जितना पूरा खंड घ। बीस छोटे 1 अंक वाले उत्तर चार लंबे उत्तरों के बराबर हैं, इसलिए बहुविकल्पीय प्रश्नों में लापरवाही बहुत महँगी पड़ती है।

प्रश्न पत्र तीन स्तरों पर बनता है: 43 अंक याद रखने और समझने के (सूत्र, परिभाषाएँ, मानक परिणाम और सीधे प्रश्न), 19 अंक उन्हें लागू करने के, और 18 अंक विश्लेषण और तर्क के। यानी आधे से अधिक अंक नियमित अभ्यास से ही मिल जाते हैं।

आंतरिक विकल्प

प्रश्न पत्र में कोई समग्र विकल्प नहीं है, पर 9 प्रश्नों में आंतरिक विकल्प ('अथवा') दिया जाता है:

  • खंड क: कोई विकल्प नहीं।
  • खंड ख: 5 में से 2 प्रश्नों में।
  • खंड ग: 6 में से 2 प्रश्नों में।
  • खंड घ: 4 में से 2 प्रश्नों में।
  • खंड ङ: सभी 3 केस स्टडी के भाग (iii) में, जो 2 अंक का है।

सैंपल पेपर और अध्ययन किए गए तीनों बोर्ड प्रश्न पत्रों में 'अथवा' वाला प्रश्न उसी अध्याय से और उतने ही अंकों का था। विकल्प से आप आसान प्रश्न चुन सकते हैं, पर कोई अध्याय छोड़ नहीं सकते।

दोनों में से केवल एक ही हल कीजिए। यदि आप दोनों लिखते हैं, तो CBSE केवल पहले किए गए प्रयास को जाँचता है, इसलिए दूसरा बेहतर हो तब भी उस पर लगा समय व्यर्थ जाता है।

सामान्य निर्देश, सरल शब्दों में

  1. 38 प्रश्न, सभी अनिवार्य। कोई प्रश्न खाली न छोड़ें। आधा उत्तर भी चरणों के अंक दिला सकता है।
  2. पाँच खंड: क, ख, ग, घ और ङ। उत्तर पुस्तिका में हर खंड के उत्तर एक साथ रखें।
  3. खंड क (प्रश्न 1-20): 18 बहुविकल्पीय और 2 अभिकथन-तर्क प्रश्न, प्रत्येक 1 अंक।
  4. खंड ख (प्रश्न 21-25): प्रत्येक 2 अंक। खंड ग (प्रश्न 26-31): प्रत्येक 3 अंक। खंड घ (प्रश्न 32-35): प्रत्येक 5 अंक।
  5. खंड ङ (प्रश्न 36-38): 4-4 अंक की केस स्टडी, उप-भाग 1 + 1 + 2 अंक के, और 2 अंक वाले भाग में 'अथवा'।
  6. आंतरिक विकल्प खंड ख, ग और घ के 2-2 प्रश्नों में और हर केस स्टडी के भाग (iii) में।
  7. "जहाँ आवश्यक हो, स्वच्छ आकृतियाँ बनाइए।" आकृति के अपने अलग अंक होते हैं (नीचे चरणबद्ध अंकन देखें)।
  8. "यदि अन्यथा न कहा गया हो, तो π=227\pi = \frac{22}{7} लीजिए।" 3.14 तभी लें जब प्रश्न में लिखा हो, और जब प्रश्न कहे तो उत्तर π\pi के पदों में ही छोड़ें।
  9. कैलकुलेटर वर्जित है। संख्याएँ ऐसी चुनी जाती हैं कि उत्तर साफ़ आए। यदि आपके हल में उलझा हुआ दशमलव आ रहा है, तो अपने चरण फिर से जाँचें।
  10. प्रश्न संख्या उत्तर पुस्तिका में ठीक वैसी ही लिखें जैसी छपी है। 'अथवा' वाले प्रश्न में यह भी लिखें कि कौन-सा विकल्प किया, जैसे 28 (b)।

चरणबद्ध अंकन कैसे होता है

बहुविकल्पीय और अभिकथन-तर्क प्रश्न 1 अंक के होते हैं और इनमें आंशिक अंक नहीं मिलते: उत्तर या तो सही है या गलत।

2, 3, 4 और 5 अंक वाले हर प्रश्न को चरण-दर-चरण जाँचा जाता है। अंक योजना में हर चरण और उसके अंक लिखे होते हैं, प्रायः आधे और एक-एक अंक में। अंतिम उत्तर गलत हो तब भी परीक्षक हर सही चरण के अंक देता है। बिना हल के केवल उत्तर लिखने पर परीक्षक के पास अंक देने के लिए कोई चरण ही नहीं होता।

3 अंक का एक प्रश्न: किसी समांतर श्रेढ़ी का चौथा पद 11 और नौवाँ पद 26 है। इसके पहले 15 पदों का योग ज्ञात कीजिए।

उत्तर का चरण अंक
दोनों समीकरण बनाना: a+3d=11a + 3d = 11 और a+8d=26a + 8d = 26 1
हल करना: 5d=155d = 15, अतः d=3d = 3, फिर a=2a = 2 1 (½ + ½)
मान रखकर सूत्र लिखना: S15=152[2×2+14×3]S_{15} = \frac{15}{2}[2 \times 2 + 14 \times 3] ½
अंतिम उत्तर: S15=152×46=345S_{15} = \frac{15}{2} \times 46 = 345 ½
कुल 3

तीन विद्यार्थियों को कितने अंक मिलेंगे:

  • रिया हर चरण लिखती है और 345 पाती है: 3 अंक।
  • अमन सब सही करता है पर आख़िरी पंक्ति में 335 लिख देता है: केवल अंतिम ½ कटता है, यानी 2½ अंक।
  • कबीर चिह्न की गलती से d=−3d = -3 ले लेता है, फिर अपने गलत मानों से सूत्र सही लगाता है: समीकरण और सूत्र वाले चरणों के अंक बचते हैं, लगभग 1½ अंक।

2026-27 की अंक योजना बताती है कि दूसरे प्रश्नों में भी अंक कहाँ होते हैं:

  • ऊँचाई और दूरी (5 अंक): केवल सही आकृति के 1 अंक।
  • 5 अंक के प्रश्न में BPT की उपपत्ति: आकृति, दिया है, सिद्ध करना है और रचना मिलाकर 1 अंक; उपपत्ति के 2 अंक।
  • वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य: xix_i और fixif_i x_i वाली सही सारणी के 1 अंक।
  • द्विघात समीकरण के शाब्दिक प्रश्न: असंभव मूल (जैसे ऋणात्मक चौड़ाई) को लिखकर अस्वीकार करना उसी चरण का हिस्सा है जिस पर अंक मिलता है।

अभिकथन-तर्क: विकल्पों का अर्थ

प्रश्न 19 और 20 में एक कथन अभिकथन (A) और दूसरा तर्क (R) होता है। चारों विकल्प हमेशा यही होते हैं:

  • (a) अभिकथन (A) और तर्क (R) दोनों सही हैं, और तर्क (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
  • (b) अभिकथन (A) और तर्क (R) दोनों सही हैं, पर तर्क (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता।
  • (c) अभिकथन (A) सही है, पर तर्क (R) गलत है।
  • (d) अभिकथन (A) गलत है, पर तर्क (R) सही है।

पहले A को अलग से जाँचें (उसे हल करके देखें; वह प्रायः कोई संख्या होती है), फिर R को अलग से (वह प्रायः कोई सामान्य नियम होता है)। दोनों सही हों, तभी सोचें कि क्या R ही A के सही होने का कारण है। यही एक प्रश्न (a) और (b) में से सही विकल्प तय करता है।