पढ़ने के 15 मिनट

10:15 से 10:30 तक आप लिख नहीं सकते, पर पूरे प्रश्न पत्र की योजना बना सकते हैं।

मिनट क्या करें
1-2 देखिए कि प्रश्न पत्र में पूरे 39 प्रश्न हैं और कोई पृष्ठ कम नहीं है।
3-7 खंड क (जीव विज्ञान) पढ़िए। हर 'अथवा' में अपना विकल्प चुनिए। ध्यान दीजिए कि कौन-से बहुविकल्पीय प्रश्न जल्दी हो जाएँगे।
8-11 खंड ख (रसायन विज्ञान) इसी तरह पढ़िए। देख लीजिए कि कौन-से समीकरण लिखने होंगे।
12-15 खंड ग (भौतिक विज्ञान) पढ़िए। आंकिक और आरेख वाले प्रश्न पहचानिए और 'अथवा' में विकल्प चुनिए।

10:30 तक हर विकल्प तय हो चुका होता है और आप जानते हैं कि लंबे प्रश्न कहाँ हैं।

3 घंटे की योजना

समय खंड अंक मिनट
10:30 से 11:30 क: जीव विज्ञान, प्र. 1-16 30 60
11:30 से 12:15 ख: रसायन विज्ञान, प्र. 17-29 25 45
12:15 से 1:05 ग: भौतिक विज्ञान, प्र. 30-39 25 50
1:05 से 1:30 छोड़े गए प्रश्न, फिर जाँच 25

बराबर अंक होते हुए भी भौतिक विज्ञान को रसायन विज्ञान से कुछ मिनट ज़्यादा मिलते हैं, क्योंकि उसमें आंकिक प्रश्न और किरण आरेख हैं। यदि 12:15 पर आप पीछे चल रहे हैं, तो भौतिक विज्ञान में जल्दबाज़ी न कीजिए; समय जाँच वाले हिस्से से लीजिए। हर चरण वाला आंकिक हल, बहुविकल्पीय उत्तरों पर सरसरी नज़र से ज़्यादा कीमती है।

प्रश्न किस क्रम में करें

  1. पहले उत्तर-पुस्तिका बाँटिए। कोई भी उत्तर लिखने से पहले पहले पृष्ठ पर "खंड क: जीव विज्ञान" लिखिए। खंड ख और खंड ग को अपने-अपने शीर्षक के साथ नए पृष्ठ से शुरू कीजिए। किसी उत्तर को दूसरे विषय के खंड में कभी न लिखिए।
  2. प्रश्न पत्र के क्रम में ही उत्तर लिखिए: क, फिर ख, फिर ग। इससे खंड बिना किसी मेहनत के अलग रहते हैं। सबसे मज़बूत विषय से शुरू करके बाकी के लिए खाली पृष्ठ छोड़ना जोखिम भरा है: छोड़ी गई जगह कम पड़ गई, तो उत्तर गलत खंड में चले जाते हैं। क-ख-ग का क्रम ही अपनाइए।
  3. हर खंड में पहले 1 अंक वाले प्रश्न कीजिए, हर एक पर लगभग एक मिनट। जिसमें ज़्यादा समय लगे, उसे प्रश्न पत्र पर चिह्नित कीजिए, एक पंक्ति छोड़िए और बाद में लौटिए।
  4. फिर लिखित प्रश्न, पहले वे जिनमें आप आश्वस्त हैं, बाकी के लिए जगह छोड़ते हुए। हर प्रश्न संख्या हाशिये में साफ़ लिखिए।
  5. कोई प्रश्न खाली न छोड़िए। आख़िरी 25 मिनट में छोड़े गए प्रश्नों पर लौटिए और जो लिख सकें लिखिए: सूत्र, आरेख, संतुलित समीकरण। हर एक पर अपने अलग अंक हैं।

1 अंक वाले प्रश्न

  • ऋणात्मक अंकन नहीं है (2025 के प्रश्न पत्र के निर्देशों में यह लिखा है), इसलिए हर बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न का उत्तर दीजिए, भले ही सबसे अच्छा अनुमान लगाना पड़े।
  • कथन-संयोजन वाले बहुविकल्पीय प्रश्नों में तीन या चार कथन देकर पूछा जाता है कि कौन-से सही हैं, और विकल्प "केवल (i) और (iii)" जैसे होते हैं। पहले हर कथन को अलग से सही या गलत आँकिए और प्रश्न पत्र पर चिह्नित कीजिए। फिर हर वह विकल्प काटिए जिसमें कोई गलत कथन हो या कोई सही कथन छूट गया हो; प्रायः एक ही विकल्प बचता है।
  • प्रश्न का हर शब्द पढ़िए: "गलत", "नहीं", "सबसे कम" और "क्रमशः" जैसे शब्द ही उत्तर तय करते हैं।

छोटी बातें, जो मायने रखती हैं

  • प्रश्न पत्र पर छपा प्रश्न पत्र कोड (Q.P. Code) उत्तर-पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर लिखिए। प्रश्न पत्र का पहला पृष्ठ इसे लिखने को कहता है।
  • कितना लिखें (एक अनुमान, नियम नहीं): 2 अंक के उत्तर में लगभग 30-50 शब्द, 3 अंक में 50-80 और 5 अंक में 80-120 शब्द, साथ में माँगा गया आरेख या समीकरण। लंबे उत्तर पर ज़्यादा अंक नहीं मिलते; अंक मूल्य-बिंदुओं पर मिलते हैं।
  • हिंदी माध्यम के विद्यार्थी: प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों में छपा होता है। कोई हिंदी शब्द स्पष्ट न हो, तो वही पंक्ति अंग्रेज़ी में पढ़िए।

प्रस्तुति, जिससे अंक मिलते हैं

  • रासायनिक समीकरण: हमेशा संतुलित। जहाँ इनसे मदद मिले, वहाँ अवस्था संकेत लिखिए, ख़ासकर विस्थापन और अवक्षेपण अभिक्रियाओं में: Fe(s)+CuSO4(aq)→FeSO4(aq)+Cu(s)\mathrm{Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)}। ऊष्मा, सांद्र H2SO4\mathrm{H_2SO_4} या उत्प्रेरक जैसी शर्तें तीर के ऊपर लिखिए। शब्द समीकरण रासायनिक समीकरण नहीं है।
  • आंकिक प्रश्न: दिए गए मान मात्रक सहित, सूत्र, मान रखना और मात्रक सहित उत्तर, हर एक अलग पंक्ति में। हर बार चिह्न परिपाटी अपनाइए: सभी दूरियाँ ध्रुव या प्रकाशिक केंद्र से मापी जाती हैं, और आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई दूरियाँ धनात्मक होती हैं, इसलिए अवतल लेंस और अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक होती है।
  • मात्रक: Ω, V, A, W, kWh, J, cm, D (डाइऑप्टर)। बिना मात्रक की फोकस दूरी, या cm में फोकस दूरी लेकर निकाली गई लेंस की क्षमता पर अंक कटते हैं।
  • किरण आरेख: पेंसिल और रूलर, हर किरण पर तीर, मुख्य अक्ष, F और 2F (या F और C) अंकित, प्रतिबिंब बना और नामांकित।
  • जीव विज्ञान के आरेख: साफ़ रेखाएँ, माँगे गए नामांकन, एक-दूसरे को न काटने वाली सीधी नामांकन रेखाएँ, और शीर्षक। प्रवाह आरेखों (प्रतिवर्ती चाप, खाद्य श्रृंखला) में सही दिशा में तीर ज़रूरी हैं।
  • बिंदुवार उत्तर: 3 अंक का उत्तर प्रायः तीन बिंदु होता है। उन्हें क्रमांक दीजिए। "कारण दीजिए" में हर भाग के लिए एक साफ़ कारण लिखिए, प्रश्न को ही दोहराइए नहीं।
  • हर आंकिक प्रश्न के अंतिम उत्तर के चारों ओर बॉक्स बनाइए या रेखांकित कीजिए।

विद्यार्थी आम तौर पर अंक कहाँ खोते हैं

  1. असंतुलित समीकरण। H2+O2→H2O\mathrm{H_2 + O_2 \rightarrow H_2O} पर 2H2+O2→2H2O\mathrm{2H_2 + O_2 \rightarrow 2H_2O} से कम अंक मिलते हैं। आगे बढ़ने से पहले दोनों ओर का हर परमाणु गिनिए।
  2. लेंस सूत्र में चिह्न। 20 cm फोकस दूरी वाले अवतल लेंस के लिए f=−20f = -20 cm है। +20 लेने से प्रतिबिंब दूरी गलत आती है, और उसके बाद का हर चरण भी गलत हो जाता है।
  3. cm में f लेकर लेंस की क्षमता। P=1fP = \frac{1}{f} में ff मीटर में होनी चाहिए: f=50f = 50 cm वाले उत्तल लेंस की क्षमता P=10.5=+2P = \frac{1}{0.5} = +2 D है, 0.02 D नहीं।
  4. बिना तीर की किरणें, या लेंस पर गलत दिशा में मुड़ती किरण। दोनों मानक किरणें खींचिए और देखिए कि प्रतिबिंब बिंब की स्थिति से मेल खाता है।
  5. ऊर्जा के मात्रक। 1 kWh=3.6×106 J1\ \mathrm{kWh} = 3.6 \times 10^6\ \mathrm{J}। बिजली का खर्च kWh ("यूनिट") में निकलता है, जूल में नहीं।
  6. श्रेणीक्रम और पार्श्वक्रम में गड़बड़। पार्श्वक्रम में तुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है। उत्तर बड़ा आए, तो फिर से जाँचिए।
  7. मेंडल के अनुपात। एकसंकर संकरण की F2 पीढ़ी में लक्षणप्ररूप अनुपात 3 : 1 पर जीनप्ररूप अनुपात 1 : 2 : 1 होता है। प्रश्न में जो माँगा है, वही लिखिए।
  8. 10% नियम गलत चरण पर लगाना। यदि उत्पादकों के पास 10,000 J हैं, तो तीसरे पोषी स्तर को 100 J मिलते हैं (दो बार 10%), 1,000 J नहीं।
  9. बिना नामांकन या गलत नामांकन वाले आरेख। ठीक वही भाग नामांकित कीजिए जो प्रश्न में माँगे गए हैं; अतिरिक्त नामांकनों पर अंक नहीं मिलते।
  10. गलत खंड में उत्तर। रसायन विज्ञान के भाग में लिखा भौतिक विज्ञान का उत्तर छूट सकता है।
  11. अभिकथन-कारण में बिना सोचे उत्तर। दोनों कथन जाने-पहचाने लगें तो हर बार (a) चुन लेना। जाँचिए कि क्या R सचमुच A की व्याख्या करता है।
  12. "कारण दीजिए" का उत्तर केवल एक तथ्य। "ऐलुमिनियम का संक्षारण आसानी से नहीं होता" कारण नहीं है। "इसकी सतह पर ऐलुमिनियम ऑक्साइड की पतली परत बन जाती है जो इसकी रक्षा करती है" कारण है।

प्रकरण आधारित प्रश्न और 'अथवा' वाले प्रश्न

प्रकरण आधारित प्रश्न (प्र. 15, 28 और 38, प्रत्येक 4 अंक)

  • प्रकरण प्रायः कोई प्रयोग, किसी विद्यार्थी के प्रेक्षण, कोई वास्तविक युक्ति या छोटा गद्यांश होता है, कभी-कभी सारणी या ग्राफ़ के साथ।
  • भाग (a) और (b) 1-1 अंक के होते हैं और प्रायः एक तथ्य या एक चरण माँगते हैं। दो-तीन पंक्तियों में उत्तर दीजिए।
  • अंतिम भाग 2 अंक का है और उसमें आंतरिक विकल्प होता है। सैंपल पेपर में यह "C या D में से कोई एक" के रूप में छपा है; बोर्ड प्रश्न पत्रों में (c) अथवा (c) के रूप में। केवल एक हल कीजिए: CBSE केवल पहले प्रयास को जाँचता है।
  • 2 अंक वाला भाग प्रायः पूछता है "प्रयोग बदल दिया जाए तो क्या होगा" या "क्या निष्कर्ष अब भी सही है"। पहले उत्तर दीजिए (हाँ या नहीं, बढ़ेगा या घटेगा), फिर कारण; ज़्यादातर अंक कारण पर होते हैं।
  • प्रकरण में दी गई संख्याएँ ध्यान से पढ़िए। ज़रूरी आँकड़े अक्सर किसी सारणी या ग्राफ़ में छिपे होते हैं।

दीर्घ-उत्तरीय और छोटे प्रश्नों में 'अथवा'

  • फ़ैसला पढ़ने के समय में ही कीजिए। वह विकल्प चुनिए जिसके हर भाग का उत्तर आपको आता हो, और यदि आरेख माँगा गया है तो वह भी।
  • 5 अंक के 'अथवा' में दोनों विकल्प पूरे प्रश्न हैं। (A) और (B) के भागों को आपस में न मिलाइए।
  • यदि बीच में विचार बदलें, तो छोड़े गए हल को एक सीधी रेखा से काटिए और नए विकल्प का नाम साफ़ लिखिए। काटा हुआ प्रयास जाँचा नहीं जाता; यदि दोनों छोड़ दिए गए हों, तो केवल पहला जाँचा जाता है।