यह कोर्स आपकी तैयारी में कहाँ काम आता है
इस कोर्स के चार हिस्से हैं, और नीचे की योजना बताती है कि कौन-सा कब इस्तेमाल करना है:
- बोर्ड परीक्षा गाइड (अध्याय 0): यही गाइड। हर पूरा सैंपल पेपर लिखने से पहले इसका प्रश्न पत्र का पैटर्न और 3 घंटे की योजना एक बार फिर देख लीजिए।
- महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर (अध्याय 1): पाठ्यपुस्तक के हर अध्याय का एक पृष्ठ। हर पृष्ठ पर 5 मिनट में दोहराएँ वाली शीट, उत्तर सहित लिखित प्रश्न, और स्वयं को परखें क्विज़ है।
- सैंपल पेपर सेट 1 से 5 (अध्याय 2 से 6): हर सेट में एक प्रश्न पत्र वाला पृष्ठ है, जिसकी क्विज़ आपके 1 अंक वाले उत्तर जाँचती है, और एक विस्तृत हल वाला पृष्ठ, जिसमें हर चरण के अंक और 15 प्रश्नों की अपनी अवधारणाएँ परखें क्विज़ है।
- पिछले वर्षों के बोर्ड प्रश्न पत्र: ये आख़िरी हफ़्तों के लिए बाद में इस कोर्स में जोड़े जाएँगे।
विज्ञान की बोर्ड परीक्षा लगभग फरवरी या मार्च 2027 में होगी। CBSE की डेट शीट आने पर अपनी विज्ञान की तारीख से पीछे की ओर गिनिए और नीचे के महीने उसी हिसाब से खिसका लीजिए।
CBSE मई में एक दूसरी, वैकल्पिक बोर्ड परीक्षा भी लेता है, उन विद्यार्थियों के लिए जो अपने अंक सुधारना चाहते हैं। उसका पैटर्न भी यही है (मई 2026 के प्रश्न पत्र में हर प्रश्न संख्या पर प्रकार और अंक सैंपल पेपर जैसे ही थे)। फिर भी पहली परीक्षा की तैयारी ऐसे कीजिए जैसे वही एकमात्र अवसर हो।
महीनेवार योजना
| कब | लक्ष्य | इस कोर्स में क्या इस्तेमाल करें |
|---|---|---|
| अक्टूबर 2026 | कक्षा में बचे अध्याय पूरे कीजिए; हर अध्याय खत्म होते ही उसका अभ्यास कीजिए | महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर में उस अध्याय का पृष्ठ, फिर उसकी स्वयं को परखें क्विज़ |
| नवंबर | सभी 13 अध्याय एक बार पूरे; आरेखों की सूची और सूत्रों की शीट तैयार | हर अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्न; हर 5 मिनट में दोहराएँ शीट |
| दिसंबर | टाइमर के साथ पूरे प्रश्न पत्र, लगभग हर हफ़्ते एक | सैंपल पेपर सेट 1, 2 और 3 |
| जनवरी 2027 | विद्यालय की प्री-बोर्ड परीक्षा; कमज़ोर अध्याय सुधारिए | सैंपल पेपर सेट 4 और 5; जिन प्रश्नों में गलती हुई उन्हें दोबारा हल कीजिए |
| फरवरी से परीक्षा तक | पिछले बोर्ड प्रश्न पत्र, फिर केवल दोहराई | पिछले बोर्ड प्रश्न पत्र; 5 मिनट में दोहराएँ शीट, आरेखों की कॉपी और गलतियों की कॉपी |
अक्टूबर और नवंबर: अध्याय और महत्वपूर्ण प्रश्न
- तीनों विषय साथ-साथ पढ़िए, ताकि कोई आख़िर के लिए न बचे। एक सरल सप्ताह: जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान को दो-दो दिन, और एक दिन पिछड़ा काम पूरा करने के लिए।
- हर अध्याय के बाद उसके महत्वपूर्ण प्रश्न वाले पृष्ठ का हर प्रश्न उत्तर पढ़ने से पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर स्वयं को परखें क्विज़ दीजिए।
- एक गलतियों की कॉपी रखिए: हर गलत उत्तर के लिए लिखिए कि क्या गलत हुआ (अवधारणा, गणना, समीकरण, आरेख या प्रश्न पढ़ने में चूक) और सही रूप क्या है।
- समीकरणों का एक पृष्ठ बनाइए: अभिक्रियाओं के प्रकार, अम्ल और क्षारक, धातु, कार्बन यौगिक। हर सप्ताह एक बार हर समीकरण बिना देखे, संतुलित करके लिखिए।
आरेखों का अभ्यास कैसे करें
- "आसान अंक" वाले भाग में दिए आरेखों की सूची बनाइए और उन्हें एक ही कॉपी में रखिए।
- हर आरेख बिना देखे बनाइए, फिर किताब से मिलाइए और नामांकन दूसरे रंग से सुधारिए।
- समय देखिए: बोर्ड परीक्षा का एक आरेख लगभग 3 से 4 मिनट में बन जाना चाहिए, 10 में नहीं।
- जो आरेख गलत बने, उन्हें दो दिन बाद फिर बनाइए। परीक्षा से पहले सूची का हर आरेख बिना देखे बना लेना चाहिए।
आंकिक प्रश्नों का अभ्यास कैसे करें
- भौतिक विज्ञान के आंकिक प्रश्न कुछ ही सूत्रों से आते हैं: ओम का नियम, श्रेणीक्रम और पार्श्वक्रम, , , , लेंस और दर्पण सूत्र, आवर्धन और । इन्हें एक कार्ड पर रखिए।
- नवंबर और दिसंबर में रोज़ 4 या 5 आंकिक प्रश्न हल कीजिए, हर चरण मात्रक और चिह्न के साथ लिखते हुए, आसान प्रश्नों में भी। यही आदत चरणों के अंक दिलाती है।
- हर परिपथ को पहले दोबारा बनाइए और चिह्नित कीजिए कि कौन-से प्रतिरोधक श्रेणीक्रम में हैं और कौन-से पार्श्वक्रम में।
- जीव विज्ञान के आंकिक जल्दी मिलने वाले अंक हैं: मेंडल के संकरण चेकरबोर्ड से और 10% नियम का अभ्यास तब तक कीजिए जब तक ये दो मिनट से कम में न होने लगें।
प्रयोग आधारित प्रश्नों का अभ्यास कैसे करें
- बहुत-से प्रश्न पाठ्यपुस्तक के क्रियाकलापों और प्रयोगों पर बने होते हैं: चूने का पानी और श्वसन से निकलने वाली गैस, पुष्प के परागकोश हटाकर कली को ढकना, सूर्य के प्रकाश से लेंस की फोकस दूरी ज्ञात करना, धातु की छड़ों में ऊष्मा चालन की तुलना, और केस स्टडी का "प्रयोग बदल दिया जाए तो क्या होगा" वाला भाग।
- हर क्रियाकलाप के लिए एक कॉपी में चार पंक्तियाँ लिखिए: व्यवस्था, प्रेक्षण, निष्कर्ष, और वह चर जो मायने रखता है (क्या समान रखना है और क्या बदला जाता है)।
- फिर अपने से एक "क्या होगा यदि" पूछिए: छड़ मोटी हो, पत्ती को मंड-रहित न किया गया हो, या लेंस की जगह अवतल लेंस हो, तो क्या बदलेगा?
दिसंबर और जनवरी: टाइमर के साथ पूरे प्रश्न पत्र
- हर सैंपल पेपर एक बार में 3 घंटे बैठकर, कॉपी पर, उत्तर-पुस्तिका को तीन खंडों में बाँटकर लिखिए। शुरुआत 15 मिनट की पढ़ने वाली योजना से कीजिए।
- प्रश्न पत्र वाले पृष्ठ की क्विज़ से 1 अंक वाले प्रश्नों का स्कोर देखिए। फिर हर लिखित उत्तर को विस्तृत हल से परीक्षक की तरह जाँचिए: केवल उन्हीं बिंदुओं और चरणों के अंक दीजिए जो आपने सचमुच लिखे हैं। फिर अपनी अवधारणाएँ परखें क्विज़ दीजिए।
- हर कटे अंक को गलतियों की कॉपी में लिखिए, और अगले सेट से पहले वे प्रश्न दोबारा हल कीजिए।
- यदि एक ही अध्याय में बार-बार अंक कट रहे हैं, तो अगले सेट से पहले उसके महत्वपूर्ण प्रश्न वाले पृष्ठ पर लौटिए।
फरवरी से परीक्षा तक: पिछले प्रश्न पत्र और दोहराई
- पिछले बोर्ड प्रश्न पत्र भी इसी तरह टाइमर के साथ लिखिए।
- आख़िरी 10 दिनों में कुछ नया शुरू न कीजिए। 5 मिनट में दोहराएँ शीट, समीकरणों का पृष्ठ और गलतियों की कॉपी पढ़िए, और सूची का हर आरेख एक बार बनाइए।
- परीक्षा से एक दिन पहले: केवल हल्की दोहराई; प्रवेश पत्र, पेन, पेंसिलें, रबर, शार्पनर और रूलर जाँच लीजिए, और पूरी नींद लीजिए।
लिखा हुआ प्रश्न पत्र कैसे जाँचें
- हर प्रश्न को विस्तृत हल से बिंदु-दर-बिंदु और चरण-दर-चरण जाँचिए।
- कटे हुए अंकों को पाँच समूहों में बाँटिए: आता नहीं था, गणना या चिह्न की गलती, समीकरण असंतुलित या अधूरा, आरेख (नामांकन या तीर नहीं, गलत आकार), और प्रश्न गलत पढ़ा।
- "आता नहीं था" का अर्थ है उस अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्न वाले पृष्ठ पर लौटना। बाकी आदतें हैं: हर समीकरण संतुलित कीजिए, हर पंक्ति में मात्रक और चिह्न लिखिए, हर आरेख नामांकित कीजिए, और अंतिम उत्तर से पहले प्रश्न दोबारा पढ़िए।
- सेट 1 से 5 तक अपना कुल स्कोर और तीनों खंडों का अलग-अलग स्कोर लिखते जाइए। किसी एक स्कोर से ज़्यादा ज़रूरी है लगातार बढ़त।