भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक
भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक अध्याय से 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र में 5, फ़रवरी 2026 में 6 और मई 2026 में लगभग 6 अंक आए; मई 2026 का 5 अंक का प्रश्न इसी अध्याय का माना गया है। प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र और मई 2026 में क्षेत्रकवार सकल घरेलू उत्पाद का हिसाब पूछा गया; फ़रवरी 2026 में 5 अंक का प्रश्न (प्राथमिक बनाम द्वितीयक अथवा संगठित बनाम असंगठित) आया; प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र में प्रच्छन्न बेरोज़गारी पर और 2025 में सार्वजनिक तथा निजी क्षेत्रक पर 3 अंक का प्रश्न आया। किसी गतिविधि का क्षेत्रक बताना, काम के चित्र को पहचानना और संकेतों से क्षेत्रक पहचानना आम बहुविकल्पीय प्रश्न हैं।
सबसे ज़्यादा अंक इन गलतियों से कटते हैं: मध्यवर्ती वस्तुओं को सकल घरेलू उत्पाद में जोड़ देना, यह मान लेना कि जो क्षेत्रक सबसे अधिक उत्पादन करता है वही सबसे अधिक रोज़गार भी देता है, सार्वजनिक (स्वामित्व) और संगठित (काम की शर्तें) को आपस में मिला देना, और प्रच्छन्न बेरोज़गारी के ऐसे उपाय लिखना जिनसे कोई नया काम पैदा ही नहीं होता।
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वर्गीकरण के तीन आधार: गतिविधि (प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक); रोज़गार की शर्तें (संगठित, असंगठित); स्वामित्व (सार्वजनिक, निजी)।
| क्षेत्रक | क्या करता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्राथमिक | प्राकृतिक संसाधनों का सीधा उपयोग | खेती, डेयरी, मछली पकड़ना, वन, खनन |
| द्वितीयक | प्राकृतिक उत्पादों को दूसरी वस्तुओं में बदलना | गुड़, मिट्टी के बर्तन, कपड़ा, ईंटें |
| तृतीयक (सेवा) | सेवाएँ देना | परिवहन, भंडारण, व्यापार, बैंकिंग, आईटी, शिक्षण |
- क्षेत्रक एक-दूसरे पर निर्भर हैं: परिवहन हड़ताल या सूखा तीनों को प्रभावित करता है।
सकल घरेलू उत्पाद (GDP)
- एक साल में देश के भीतर बनी सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य।
- अंतिम या मध्यवर्ती, यह उपयोग से तय होता है: घर का दूध अंतिम, मिठाई की दुकान का मध्यवर्ती।
- मूल्यवर्धन = बेचे गए माल का मूल्य − खरीदी गई वस्तुओं का मूल्य।
भारत
- तृतीयक अब सबसे बड़ा उत्पादक है: सरकार की बुनियादी सेवाएँ, खेती और उद्योग का विकास, बढ़ती आय, आईटी; पर बहुत-से सेवा कार्य छोटे और कम वेतन वाले हैं।
- रोज़गार उतना नहीं बदला: सबसे अधिक श्रमिक अब भी प्राथमिक क्षेत्रक में हैं।
- प्रच्छन्न बेरोज़गारी: खेत पर ज़रूरत से अधिक लोग। शहरों में अस्थायी श्रमिक अल्प बेरोज़गार हैं।
- गाँवों में काम बढ़ाना: सिंचाई, सड़क और परिवहन, भंडारण, छोटी प्रसंस्करण इकाइयाँ, पर्यटन और शिल्प, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र।
- मनरेगा 2005: ग्रामीण क्षेत्रों में काम का अधिकार; साल में 100 दिन; काम न मिले तो बेरोज़गारी भत्ता; ज़मीन से उत्पादन बढ़ाने वाले काम को प्राथमिकता।
| संगठित | असंगठित |
|---|---|
| पंजीकृत; नियम-कानून मानता है | छोटी, बिखरी इकाइयाँ, ज़्यादातर सरकारी नियंत्रण से बाहर |
| नौकरी की सुरक्षा, तय घंटे, अतिरिक्त समय का भुगतान | कम, अनियमित वेतन; कभी भी निकाला जा सकता है |
| सवेतन छुट्टी, भविष्य निधि, चिकित्सा सुविधा | न छुट्टी, न सुविधाएँ |
सार्वजनिक बनाम निजी: सार्वजनिक का मालिक सरकार, लक्ष्य जन कल्याण; निजी का लक्ष्य मुनाफ़ा। जो निजी कंपनियाँ बना नहीं सकतीं या सस्ते में नहीं देंगी, वह सरकार देती है: सड़कें, बाँध, सस्ती बिजली, राशन, स्कूल, अस्पताल।
ध्यान दें
- सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्रक सबसे बड़ा रोज़गार देने वाला नहीं है।
- सार्वजनिक का अर्थ संगठित नहीं; फेरीवाला तृतीयक है, पर असंगठित।
- गाँव की गतिविधि भी द्वितीयक हो सकती है।
- मध्यवर्ती वस्तुएँ या आयात सकल घरेलू उत्पाद में कभी न जोड़ें।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (3 अंक)
एक काल्पनिक कस्बे में मनोज चमड़े के सामान की एक बढ़ती हुई कार्यशाला चलाता है, जिसमें 25 श्रमिक हैं, पर उसने इसे सरकार के पास पंजीकृत नहीं कराया है। उसके श्रमिकों को नग के हिसाब से पैसे मिलते हैं और कोई सवेतन छुट्टी नहीं मिलती।
(i) दो कारण बताइए कि वह कार्यशाला को पंजीकृत क्यों नहीं करा रहा होगा। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- कर चुकाने से बचने के लिए।
- न्यूनतम मज़दूरी, काम के घंटे, छुट्टी और भविष्य निधि के कानूनों से बचने के लिए, जिनसे उसकी लागत बढ़ती।
अंक योजना:
- कर (टैक्स) चुकाने से बचने के लिए। — 1 अंक
- न्यूनतम मज़दूरी, काम के घंटे, छुट्टी और भविष्य निधि वाले कानूनों से बचने के लिए, जिनसे उसकी लागत बढ़ेगी; वह जब चाहे श्रमिकों को निकाल भी सकता है। — 1 अंक
(ii) उसके श्रमिक ये शर्तें क्यों सह लेते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
नियमित नौकरियाँ कम हैं और बहुत-से लोग काम चाहते हैं, इसलिए वे यह काम भी खोने से डरते हैं।
अंक योजना:
- नियमित नौकरियाँ कम हैं और बहुत-से लोग काम के इंतज़ार में हैं, इसलिए शिकायत करने पर वे यह काम भी खोने से डरते हैं। (यह भी स्वीकार्य: उन्हें हर दिन की कमाई चाहिए और उनके पास दूसरा काम नहीं।) — 1 अंक
प्रश्न 2 (3 अंक)
एक काल्पनिक गाँव की डेयरी ₹6 लाख का दूध घरों को और ₹4 लाख का दूध एक मिठाई की दुकान को बेचती है। दुकान इस दूध से मिठाइयाँ बनाकर ₹9 लाख में बेचती है। यह मानते हुए कि और कोई वस्तु नहीं लगी, इन गतिविधियों से सकल घरेलू उत्पाद में कितना जुड़ता है? अपने उत्तर का कारण समझाइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- घरों को बेचा दूध अंतिम वस्तु है, इसलिए ₹6 लाख गिना जाएगा।
- दुकान को बेचा दूध मध्यवर्ती वस्तु है; उसका मूल्य मिठाइयों के दाम में पहले से है, इसलिए दोबारा नहीं जुड़ेगा।
- सकल घरेलू उत्पाद में ₹6 लाख + ₹9 लाख = ₹15 लाख जुड़ेगा।
अंक योजना:
- घरों को बेचा गया दूध वहीं उपयोग हो जाता है, इसलिए यह अंतिम वस्तु है: ₹6 लाख गिना जाएगा। — 1 अंक
- मिठाई की दुकान को बेचा गया दूध मध्यवर्ती वस्तु है; इसका मूल्य ₹9 लाख की मिठाइयों में पहले से शामिल है, इसलिए इसे दोबारा नहीं गिना जाएगा। — 1 अंक
- सकल घरेलू उत्पाद में जुड़ाव = ₹6 लाख + ₹9 लाख = ₹15 लाख। (मूल्यवर्धन विधि भी स्वीकार्य: डेयरी ₹10 लाख + मिठाई की दुकान ₹5 लाख = ₹15 लाख।) — 1 अंक
प्रश्न 3 (2 अंक)
एक बड़े शहर का पुताई करने वाला बबलू कुछ दिन काम पाता है; बाकी दिन वह मज़दूर मंडी में इंतज़ार करके बिना काम के घर लौट जाता है। उसके सामने रोज़गार की कौन-सी समस्या है? इसकी दो विशेषताएँ बताइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- अल्प बेरोज़गारी: उसके पास कुछ काम है, पर जितना वह कर सकता और करना चाहता है उससे कम।
- उसे काम रोज़ ढूँढना पड़ता है, और उसकी आय कम और अनिश्चित है।
अंक योजना:
- अल्प बेरोज़गारी: उसके पास काम है, पर जितना वह कर सकता है और करना चाहता है उससे कम। (शहरों में प्रच्छन्न बेरोज़गारी भी स्वीकार्य।) — 1 अंक
- कोई दो विशेषताएँ: काम अस्थायी है और रोज़-रोज़ ढूँढना पड़ता है; आय कम और अनिश्चित है; नौकरी की कोई सुरक्षा या सुविधा नहीं। — 1 अंक
प्रश्न 4 (3 अंक)
अनीता एक बड़े, पंजीकृत निजी अस्पताल में नर्स है। बीना एक घर से चलने वाले छोटे, अपंजीकृत दवाखाने में सहायक के रूप में वैसा ही काम करती है। संगठित और असंगठित क्षेत्रक की नौकरी के रूप में दोनों की नौकरियों में तीन आधारों पर अंतर बताइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- नियम: अनीता का अस्पताल पंजीकृत है और श्रम कानून मानता है; बीना का दवाखाना नहीं।
- सुरक्षा: अनीता के घंटे तय हैं, अधिक समय का पैसा मिलता है, उसे मनमर्ज़ी से नहीं निकाला जा सकता; बीना को कभी भी निकाला जा सकता है।
- सुविधाएँ: अनीता को सवेतन छुट्टी, भविष्य निधि और इलाज की सुविधा मिलती है; बीना को कुछ नहीं।
अंक योजना:
- पंजीकरण और नियम: अनीता का अस्पताल पंजीकृत है और उसे श्रम कानून मानने पड़ते हैं; बीना का दवाखाना पंजीकृत नहीं है, और वहाँ नियमों का पालन नहीं होता। — 1 अंक
- सुरक्षा और घंटे: अनीता के घंटे तय हैं, अधिक समय का भुगतान मिलता है और उसे मनमर्ज़ी से नहीं निकाला जा सकता; बीना के घंटे मालिक पर निर्भर हैं, और उसे किसी भी दिन निकाला जा सकता है। — 1 अंक
- सुविधाएँ: अनीता को सवेतन छुट्टी, भविष्य निधि और चिकित्सा सुविधा मिलती है; बीना को इनमें से कुछ नहीं। (यह भी स्वीकार्य: नियमित बनाम कम और अनियमित वेतन।) — 1 अंक
प्रश्न 5 (3 अंक)
भारत का तृतीयक क्षेत्रक सॉफ़्टवेयर इंजीनियरों और बैंक अधिकारियों को काम देता है, और बहुत बड़ी संख्या में छोटे दुकानदारों, मरम्मत करने वालों और ठेला खींचने वालों को भी। स्पष्ट कीजिए कि इससे तृतीयक क्षेत्रक के विकास के बारे में कौन-सी तीन बातें पता चलती हैं।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- आईटी और बैंकिंग जैसी कुछ सेवाएँ ही तेज़ी से बढ़ी हैं और कुशल लोगों को अच्छा वेतन देती हैं।
- बहुत-से सेवा कर्मी कम कमाते हैं और असुरक्षित हैं; वे असंगठित क्षेत्रक में हैं।
- बहुत-से लोग यह काम इसलिए करते हैं कि और कुछ नहीं मिलता, और उन्हें कुछ ही दिन काम मिलता है।
अंक योजना:
- सभी सेवाएँ बराबर नहीं बढ़ीं: आईटी, बैंकिंग और संचार जैसी कुछ सेवाएँ तेज़ी से बढ़ीं और कुशल, अच्छे वेतन वाले लोगों को काम देती हैं। — 1 अंक
- सेवा क्षेत्रक के बहुत-से श्रमिक कम कमाते हैं और उनके काम की कोई सुरक्षा नहीं; वे ज़्यादातर असंगठित क्षेत्रक में हैं। — 1 अंक
- बहुत-से लोग ऐसा सेवा कार्य इसलिए करते हैं क्योंकि और कोई काम नहीं मिलता; उन्हें अक्सर कुछ ही दिन काम मिलता है, यानी वे अल्प बेरोज़गार हैं। (यह भी स्वीकार्य: अच्छे वेतन वाली सेवाओं के लिए पढ़ाई और कौशल चाहिए, जो ज़्यादातर श्रमिकों के पास नहीं।) — 1 अंक
प्रश्न 6 (2 अंक)
एक काल्पनिक ब्लॉक के छोटे किसान फ़सल कटते ही उसे बहुत कम दाम पर बेच देते हैं, क्योंकि उनके पास रखने की जगह नहीं है और गाँव में केवल व्यापारी ही खरीदने आते हैं। सरकार उनकी मदद किन दो तरीकों से कर सकती है?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- गाँवों के पास सरकारी गोदाम, ताकि दाम सुधरने तक फ़सल रखी जा सके।
- पास में सरकारी खरीद केंद्र, जो उचित दाम पर फ़सल खरीदे।
अंक योजना:
- भंडारण: गाँवों के पास सरकारी गोदाम या शीत भंडार, ताकि अच्छे दाम मिलने तक फ़सल रखी जा सके। — 1 अंक
- बिक्री: पास में सरकारी खरीद केंद्र या नियमित मंडी, जहाँ उचित दाम पर फ़सल खरीदी जाए। (यह भी स्वीकार्य: बीज और खाद समय पर देना; बड़ी मंडी तक सड़क।) — 1 अंक
प्रश्न 7 (3 अंक)
एक काल्पनिक ज़िले में राज्य परिवहन निगम ऐसे दूर-दराज़ के गाँवों तक बसें चलाता है जहाँ कम लोग सफ़र करते हैं और किराये से खर्च नहीं निकलता। एक निजी बस कंपनी केवल भीड़ वाले रास्तों पर बसें चलाती है। निगम ऐसी बसें क्यों चलाता है? तीन बिंदुओं में स्पष्ट कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- निगम सार्वजनिक क्षेत्रक का है; उसका लक्ष्य जन कल्याण है, जबकि निजी कंपनी मुनाफ़े के लिए चलती है।
- गाँव वालों को स्कूल, अस्पताल और बाज़ार तक बस चाहिए, जो निजी कंपनियाँ सस्ते में नहीं देंगी।
- सरकार घाटा करों से पूरा करती है और गरीबों के लिए किराया कम रखती है।
अंक योजना:
- निगम सार्वजनिक क्षेत्रक में है, जिसका मुख्य लक्ष्य जन कल्याण है; निजी कंपनी का लक्ष्य मुनाफ़ा है, इसलिए वह घाटे वाले रास्तों से बचती है। — 1 अंक
- गाँव वालों को स्कूल, अस्पताल, बाज़ार और काम तक पहुँचने के लिए परिवहन चाहिए; ऐसी सेवाएँ सरकार को देनी पड़ती हैं, क्योंकि निजी कंपनियाँ इन्हें कम दाम पर नहीं देंगी। — 1 अंक
- सरकार घाटा करों से पूरा कर सकती है और किराया कम रख सकती है, ताकि गरीब लोग भी सफ़र कर सकें। — 1 अंक
प्रश्न 8 (2 अंक)
कविता अपने खेत में कपास उगाती है। उसका पड़ोसी एक छोटी ओटाई इकाई चलाता है, जो कच्ची कपास से बीज अलग करके उसकी गाँठें बाँधती है। प्राथमिक और द्वितीयक गतिविधियों के रूप में दोनों के काम में दो अंतर बताइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- कविता की खेती प्राथमिक है: वह प्राकृतिक संसाधनों का सीधा उपयोग करके कपास पैदा करती है।
- ओटाई द्वितीयक है: यह विनिर्माण प्रक्रिया से कच्ची कपास को गाँठों में बदलती है, और उसकी कपास ही कच्चा माल है।
अंक योजना:
- कविता का काम प्राथमिक है: वह मिट्टी, पानी और धूप जैसे प्राकृतिक संसाधनों का सीधा उपयोग करके कपास पैदा करती है। — 1 अंक
- ओटाई इकाई का काम द्वितीयक है: यह एक प्राकृतिक उत्पाद लेकर विनिर्माण प्रक्रिया से उसे दूसरे रूप में बदलती है, और कच्चे माल के लिए प्राथमिक क्षेत्रक पर निर्भर है। — 1 अंक
प्रश्न 9 (2 अंक)
काल्पनिक राज्य गिरिनगर को अपने सूखे ज़िलों की सिंचाई के लिए एक बड़ा बाँध और नहरों का जाल चाहिए। इस परियोजना पर हज़ारों करोड़ रुपये लगेंगे और इसे पूरा होने में लगभग पंद्रह साल लगेंगे। किसी निजी कंपनी ने इसे बनाने की पेशकश नहीं की है। दो कारण बताइए कि इसे निजी कंपनी के बजाय सरकार ही क्यों बनाएगी।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- इसके लिए एक साथ बहुत बड़ी रकम चाहिए, जितनी कोई निजी कंपनी नहीं लगाएगी; सरकार इसे करों और उधार से जुटा सकती है।
- पंद्रह साल तक इससे कोई कमाई नहीं होगी, जबकि निजी कंपनी जल्दी मुनाफ़ा चाहती है।
अंक योजना:
- इसके लिए एक साथ बहुत बड़ी रकम चाहिए, जितनी निजी कंपनियाँ किसी एक परियोजना में न लगा सकती हैं, न लगाना चाहती हैं; सरकार यह पैसा करों और उधार से जुटा सकती है। — 1 अंक
- इससे लगभग पंद्रह साल तक कोई कमाई नहीं होगी, जबकि मुनाफ़े के लिए काम करने वाली कंपनी जल्दी लाभ चाहती है। (यह भी स्वीकार्य: हज़ारों किसानों से पानी का शुल्क वसूलना कठिन है, और निजी कंपनी ऐसी दर लेगी जो छोटे किसान नहीं दे पाएँगे।) — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और स्रोत आधारित प्रश्न
प्रश्न 10 (5 अंक)
काल्पनिक देश देशपुर के नीचे दिए गए काल्पनिक आँकड़े देखिए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए (1 करोड़ = 100 लाख)।
| क्षेत्रक | श्रमिक (लाख) | उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| प्राथमिक | 180 | 36,000 |
| द्वितीयक | 60 | 48,000 |
| तृतीयक | 80 | 1,16,000 |
| कुल | 320 | 2,00,000 |
(a) कौन-सा क्षेत्रक सबसे अधिक श्रमिकों को काम देता है, और कौन-सा सबसे अधिक उत्पादन करता है? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
सबसे अधिक श्रमिक प्राथमिक क्षेत्रक में (180 लाख) और सबसे अधिक उत्पादन तृतीयक क्षेत्रक का (₹1,16,000 करोड़) है।
अंक योजना:
- सबसे अधिक श्रमिक प्राथमिक क्षेत्रक में हैं (180 लाख); सबसे अधिक उत्पादन तृतीयक क्षेत्रक का है (₹1,16,000 करोड़)। — 1 अंक
(b) प्राथमिक और तृतीयक क्षेत्रक में प्रति श्रमिक उत्पादन निकालिए। यह अंतर प्राथमिक क्षेत्रक के बारे में क्या बताता है? (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- प्राथमिक: ₹36,000 करोड़ ÷ 180 लाख = ₹20,000; तृतीयक: ₹1,16,000 करोड़ ÷ 80 लाख = ₹1,45,000 प्रति श्रमिक।
- प्राथमिक क्षेत्रक पर ज़रूरत से अधिक लोग निर्भर हैं; बहुत-से प्रच्छन्न बेरोज़गार हैं और उत्पादन में कम जोड़ते हैं।
अंक योजना:
- प्राथमिक: ₹36,000 करोड़ ÷ 180 लाख = ₹20,000 प्रति श्रमिक; तृतीयक: ₹1,16,000 करोड़ ÷ 80 लाख = ₹1,45,000 प्रति श्रमिक। — 1 अंक
- प्राथमिक क्षेत्रक में ज़रूरत से अधिक लोग लगे हैं; बहुत-से प्रच्छन्न बेरोज़गारी में हैं, इसलिए हर व्यक्ति उत्पादन में बहुत कम जोड़ता है। (यह भी स्वीकार्य: खेतिहर श्रमिकों के पास मशीनें और सिंचाई कम है और वे वर्षा पर निर्भर हैं, इसलिए हर एक कम पैदा करता है; खेती में आय बहुत कम है।) — 1 अंक
(c) मान लीजिए प्राथमिक क्षेत्रक के एक-तिहाई श्रमिक नई दाल मिलों और शीत भंडारों में काम पा जाते हैं, और खेती का उत्पादन नहीं घटता। स्पष्ट कीजिए कि (i) प्राथमिक क्षेत्रक में प्रति श्रमिक उत्पादन और (ii) देशपुर के सकल घरेलू उत्पाद का क्या होगा। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- 120 लाख श्रमिक बचते हैं, इसलिए प्रति श्रमिक उत्पादन ₹20,000 से बढ़कर ₹30,000 हो जाता है।
- सकल घरेलू उत्पाद बढ़ता है, क्योंकि खेती का उत्पादन वही है और नई इकाइयाँ अपने काम का मूल्य जोड़ती हैं।
अंक योजना:
- (i) 60 लाख श्रमिक जाते हैं और 120 लाख बचते हैं, इसलिए प्रति श्रमिक उत्पादन बढ़कर ₹36,000 करोड़ ÷ 120 लाख = ₹30,000 हो जाता है। — 1 अंक
- (ii) सकल घरेलू उत्पाद बढ़ता है: खेती का उत्पादन वही रहता है, और नई मिलें तथा शीत भंडार अपने काम का मूल्य (मूल्यवर्धन) जोड़ते हैं। — 1 अंक
अथवा
उसी तालिका को देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(a) पूरे देशपुर के लिए प्रति श्रमिक औसत उत्पादन निकालिए। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
₹2,00,000 करोड़ ÷ 320 लाख = ₹62,500 प्रति श्रमिक।
अंक योजना:
- ₹2,00,000 करोड़ ÷ 320 लाख श्रमिक = ₹62,500 प्रति श्रमिक। — 1 अंक
(b) दो कारण स्पष्ट कीजिए कि तृतीयक क्षेत्रक सबसे बड़ा उत्पादक क्षेत्रक क्यों बना होगा। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- सरकार हर जगह अस्पताल, स्कूल, डाकघर और बैंक जैसी बुनियादी सेवाएँ देती है।
- आय बढ़ने से बाहर खाने, घूमने और निजी स्कूलों जैसी सेवाओं की माँग बढ़ती है।
अंक योजना:
- अस्पताल, स्कूल, डाकघर, पुलिस और बैंक जैसी बुनियादी सेवाएँ सरकार हर क्षेत्र में देती है। — 1 अंक
- खेती और उद्योग बढ़ने से अधिक परिवहन, भंडारण और व्यापार चाहिए; आय बढ़ने से बाहर खाने, घूमने और निजी स्कूलों तथा अस्पतालों जैसी सेवाओं की माँग बढ़ती है; आईटी आधारित सेवाएँ तेज़ी से बढ़ी हैं। (कोई दो कारण।) — 1 अंक
(c) प्रति श्रमिक उत्पादन के आधार पर देशपुर की नई नौकरियाँ मुख्य रूप से किन क्षेत्रकों से आनी चाहिए? तालिका से कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक से, जहाँ प्रति श्रमिक उत्पादन ₹80,000 और ₹1,45,000 है, जबकि खेती में ₹20,000।
- खेती में पहले से 180 लाख श्रमिक हैं जो कम जोड़ते हैं; उन्हें हटाने से उत्पादन बढ़ता है।
अंक योजना:
- द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक से: वहाँ प्रति श्रमिक उत्पादन ₹80,000 और ₹1,45,000 है, जबकि प्राथमिक क्षेत्रक में केवल ₹20,000। — 1 अंक
- प्राथमिक क्षेत्रक में पहले से 180 लाख श्रमिक हैं, जिनमें से बहुत-से कम जोड़ते हैं; उन्हें ऐसे क्षेत्रकों में ले जाने से, जहाँ हर श्रमिक अधिक पैदा करता है, उत्पादन और आय बढ़ती है। (तालिका से कारण के साथ केवल द्वितीयक या केवल तृतीयक भी स्वीकार्य।) — 1 अंक
प्रश्न 11 (5 अंक)
काल्पनिक गाँव खेड़ीपुर की ये समस्याएँ हैं:
- खेत वर्षा पर निर्भर हैं और साल में केवल एक फ़सल देते हैं;
- कस्बे तक की सड़क हर मानसून में टूट जाती है;
- रखने की जगह न होने से सब्ज़ियाँ सड़ जाती हैं;
- पास के जंगल में बाँस बहुत है, पर गाँव में किसी को इससे चीज़ें बनाने का प्रशिक्षण नहीं मिला है;
- गाँव के स्कूल में शिक्षक बहुत कम हैं।
खेड़ीपुर में अधिक काम पैदा करने के पाँच उपाय सुझाइए, और हर उपाय को ऊपर की किसी एक समस्या से जोड़िए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- सिंचाई: कुएँ या तालाब बनाने में मदद, ताकि दूसरी फ़सल हो और खेती का काम अधिक दिन चले।
- सड़क: हर मौसम की सड़क से किसान कस्बे में बेच सकेंगे, और परिवहन व व्यापार में काम बनेगा।
- भंडारण: शीत भंडार से सब्ज़ियाँ बचेंगी और उन्हें रखने-बेचने में रोज़गार मिलेगा।
- शिल्प: प्रशिक्षण और बाँस के सामान की छोटी इकाई से स्थानीय संसाधन से सामान और रोज़गार बनेगा।
- स्कूल: अधिक शिक्षकों से पढ़े-लिखे स्थानीय युवाओं को काम और बच्चों को अच्छी पढ़ाई मिलेगी।
अंक योजना:
- सिंचाई: कुएँ, तालाब या नहर बनाने में सरकारी मदद, ताकि दूसरी फ़सल उगे और खेती का काम अधिक दिन चले। — 1 अंक
- सड़क: हर मौसम में चलने वाली सड़क से किसान सालभर कस्बे में बेच सकेंगे, और परिवहन तथा व्यापार में काम मिलेगा। — 1 अंक
- भंडारण: गाँव के पास शीत भंडार से सब्ज़ियाँ बचेंगी और भंडारण तथा बिक्री में रोज़गार मिलेगा। — 1 अंक
- शिल्प: प्रशिक्षण और बाँस की टोकरियाँ तथा फ़र्नीचर बनाने की छोटी इकाई से स्थानीय संसाधन से सामान बनेगा और गाँव के परिवारों को काम मिलेगा। — 1 अंक
- स्कूल: अधिक शिक्षकों की नियुक्ति से गाँव के पढ़े-लिखे युवाओं को काम मिलेगा और पढ़ाई सुधरेगी। (यह भी स्वीकार्य: स्वास्थ्य केंद्र, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण की छोटी इकाई, अगर किसी समस्या से जुड़ा हो।) — 1 अंक
अथवा
असंगठित क्षेत्रक के इन श्रमिकों में से हर एक की रक्षा के लिए सरकार का एक-एक उपाय स्पष्ट कीजिए: एक बटाईदार, एक हथकरघा बुनकर, एक फेरीवाला, दूसरे की नाव पर काम करने वाला एक मछुआरा, और एक छोटी सिलाई इकाई का सहायक।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- बटाईदार: ब्लॉक कार्यालय से समय पर बीज-खाद, और फ़सल में उसके हिस्से का लिखित रिकॉर्ड।
- हथकरघा बुनकर: उचित दाम पर धागा और कपड़ा बेचने के लिए सरकारी केंद्र, ताकि व्यापारी न ठगें।
- फेरीवाला: लाइसेंस और बेचने की तय जगह, ताकि उसे हटाया न जाए।
- मछुआरा: नाव पर काम करने वालों के लिए दुर्घटना बीमा और मौसम की समय पर चेतावनी।
- सिलाई इकाई का सहायक: श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण, जिसके पहचान पत्र से इलाज की सुविधा और बुढ़ापे में पेंशन मिले।
अंक योजना:
- बटाईदार: ब्लॉक कार्यालय से उचित दाम पर और समय पर बीज-खाद, और फ़सल में उसके हिस्से का लिखित रिकॉर्ड, ताकि ज़मींदार उसे मनमर्ज़ी से न बदले। — 1 अंक
- हथकरघा बुनकर: उचित दाम पर धागा खरीदने और सरकारी बिक्री केंद्रों से कपड़ा बेचने में मदद, ताकि व्यापारी उसे न ठगें। — 1 अंक
- फेरीवाला: लाइसेंस और बेचने की तय जगह, ताकि उसे बेवजह हटाया या जुर्माना न किया जाए। — 1 अंक
- मछुआरा: नाव पर काम करने वालों के लिए दुर्घटना बीमा और मौसम की समय पर चेतावनी, ताकि समुद्र में तूफ़ान या चोट से उसका परिवार बेसहारा न हो। — 1 अंक
- सिलाई इकाई का सहायक: श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण, जिससे पहचान पत्र मिले और उसके सहारे इलाज की सुविधा तथा बुढ़ापे में छोटी पेंशन मिले। (हर श्रमिक के लिए कोई भी उचित उपाय स्वीकार्य।) — 1 अंक
प्रश्न 12 (4 अंक)
नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
मंडी में सूरज निकलने से पहले
हर सुबह चार बजे, काल्पनिक कस्बे सुल्तानगंज की थोक सब्ज़ी मंडी के गेट पर लगभग दो सौ आदमी जमा होते हैं। व्यापारी उस दिन जितने आदमी चाहिए, उन्हें चुन लेते हैं, और ये लोग ट्रकों से बोरियाँ उठाकर दुकानों तक पहुँचाते हैं। इन्हें हर बोझ के हिसाब से पैसे मिलते हैं। किसी के पास लिखित अनुबंध नहीं है, और जो बीमार पड़ जाए, उसकी उस दिन की मज़दूरी बस चली जाती है।
पिछले महीने प्याज़ की बोरी उठाते हुए कालू की कमर में चोट लग गई। व्यापारी ने एक बार डॉक्टर को दिखाने का खर्च दिया और अगले दिन किसी और को रख लिया। इनमें से ज़्यादातर लोग आसपास के गाँवों के भूमिहीन परिवारों से आते हैं, और बहुत-से कहते हैं कि नियमित मज़दूरी वाला कोई भी काम मिले तो वे ले लेंगे।
(a) इन श्रमिकों को (i) गतिविधि के प्रकार और (ii) रोज़गार की शर्तों के आधार पर वर्गीकृत कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(i) तृतीयक, क्योंकि माल ढोना सेवा है। (ii) असंगठित।
अंक योजना:
- (i) तृतीयक क्षेत्रक: वे माल ढोते हैं, जो एक सेवा है। — 0.5 अंक
- (ii) असंगठित क्षेत्रक। — 0.5 अंक
(b) स्रोत से एक ऐसा तथ्य बताइए जो दिखाता है कि वे असंगठित क्षेत्रक में हैं। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
किसी के पास लिखित अनुबंध नहीं है, और बीमार पड़ने पर मज़दूरी चली जाती है।
अंक योजना:
- कोई एक: लिखित अनुबंध नहीं; बोझ के हिसाब से भुगतान; बीमार होने पर मज़दूरी नहीं; अगले ही दिन किसी और को रखा जा सकता है; चोट पर एक बार डॉक्टर के खर्च के अलावा कोई मदद नहीं। — 1 अंक
(c) बहुत-से लोग कहते हैं कि नियमित मज़दूरी वाला कोई भी काम मिले तो वे ले लेंगे। दो कारण स्पष्ट कीजिए कि नियमित काम उनके लिए इतना ज़रूरी क्यों है। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- उनकी आय रोज़ चुने जाने पर निर्भर है, इसलिए कम और अनिश्चित है; नियमित मज़दूरी से वे योजना बना सकेंगे।
- बीमारी या चोट में उनकी कोई सुरक्षा नहीं, जैसा कालू के साथ हुआ; नियमित नौकरी सुरक्षा और छुट्टी देगी।
अंक योजना:
- अभी उनकी आय इस पर निर्भर है कि उन्हें रोज़ चुना जाए और कितने बोझ मिलें, इसलिए यह कम और अनिश्चित है; नियमित मज़दूरी से वे भोजन, किराये और पढ़ाई की योजना बना सकेंगे। — 1 अंक
- बीमार पड़ने या चोट लगने पर उनकी कोई सुरक्षा नहीं, जैसा कालू के साथ हुआ; संगठित क्षेत्रक की नियमित नौकरी से सुरक्षा, सवेतन छुट्टी और इलाज की मदद मिलेगी। (यह भी स्वीकार्य: वे भूमिहीन परिवारों से हैं जिनकी और कोई आय नहीं।) — 1 अंक
प्रश्न 13 (4 अंक)
नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
ग्राम पंचायत का एक पत्र
सेवा में, खंड विकास अधिकारी, केशवपुर ब्लॉक (काल्पनिक)
महोदय/महोदया,
हमारे गाँव के बयालीस परिवारों ने अप्रैल में ग्रामीण रोज़गार गारंटी कानून के तहत काम के लिए आवेदन किया। अब तक केवल अठारह परिवारों को काम मिला है, एक तालाब खोदने का, जिसमें हमारे खेतों के लिए वर्षा का पानी जमा होगा। बाकी से इंतज़ार करने को कहा गया है। बहुत-से परिवारों के पास अगली बुआई तक कोई काम नहीं है, और कुछ लोग शहर जा भी चुके हैं।
हमारा निवेदन है कि सभी आवेदकों को जल्द से जल्द काम दिया जाए, या कानून के अनुसार उन्हें मिलने वाला भत्ता दिया जाए।
भवदीय,
सरपंच, ग्राम पंचायत बेलिया
(a) उस कानून का नाम लिखिए जिसके तहत परिवारों ने काम के लिए आवेदन किया। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम 2005।
अंक योजना:
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम 2005 (मनरेगा)। — 1 अंक
(b) 'कानून के अनुसार उन्हें मिलने वाला भत्ता' क्या है? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
बेरोज़गारी भत्ता, जो गारंटी वाला काम न दे पाने पर सरकार देती है।
अंक योजना:
- बेरोज़गारी भत्ता, जो सरकार को देना होता है अगर वह गारंटी वाला काम नहीं दे पाती। — 1 अंक
(c) तालाब खोदने जैसा काम मज़दूरी के अलावा गाँव की किन दो तरह से मदद करता है? स्पष्ट कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- तालाब में सिंचाई के लिए वर्षा का पानी जमा होगा, जिससे ज़मीन पर अधिक फ़सल हो सकेगी।
- गाँव में अधिक काम होने से कम लोगों को शहर जाना पड़ेगा।
अंक योजना:
- तालाब में सिंचाई के लिए वर्षा का पानी जमा होता है, जिससे अधिक ज़मीन पर खेती या दूसरी फ़सल हो सकती है और ज़मीन से उत्पादन बढ़ता है। (यह भी स्वीकार्य: इससे भूजल भी भरता है।) — 1 अंक
- खेती में अधिक काम और गाँव में ही आय होने से कम लोगों को काम की तलाश में शहर जाना पड़ता है। — 1 अंक