खनिजों का वर्गीकरण क्यों करें?
खनिज अपने गुणों और उपयोगों में इतने विविध होते हैं कि, अध्ययन और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए, उन्हें व्यापक वर्गों में समूहित किया जाता है। मुख्य वर्गीकरण खनिजों को धात्विक खनिज, अधात्विक खनिज, और ऊर्जा (खनिज ईंधन) संसाधनों में विभाजित करता है।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Classification of minerals | खनिजों का वर्गीकरण |
| Minerals | खनिज |
| Metallic | धात्विक |
| Non-metallic (mica, limestone) | अधात्विक (अभ्रक, चूना-पत्थर) |
| Energy minerals (coal, petroleum, natural gas) | ऊर्जा खनिज (कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस) |
| Ferrous (iron ore, manganese) | लौह (लौह अयस्क, मैंगनीज़) |
| Non-ferrous (copper, bauxite, gold) | अलौह (कॉपर, बॉक्साइट, सोना) |
धात्विक खनिज
धात्विक खनिजों (metallic minerals) में अपने कच्चे रूप में धातुएँ होती हैं। इन्हें आगे विभाजित किया जाता है:
- लौह खनिज (ferrous minerals) — वे जिनमें लोहा होता है। उदाहरण: लौह अयस्क, मैंगनीज़, निकल और कोबाल्ट। ये धातुकर्म (धातु) उद्योगों के विकास के लिए एक मज़बूत आधार प्रदान करते हैं।
- अलौह खनिज (non-ferrous minerals) — वे जिनमें लोहा नहीं होता। उदाहरण: तांबा, बॉक्साइट, सीसा, ज़िंक और सोना। ये अनेक धातुकर्म, अभियांत्रिकी और विद्युत उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अधात्विक और ऊर्जा खनिज
- अधात्विक खनिज (non-metallic minerals) — वे खनिज जिनमें धातुएँ नहीं होतीं। उदाहरण: अभ्रक, चूना पत्थर, जिप्सम, नमक, ग्रेनाइट और संगमरमर। ये विद्युत, सीमेंट, निर्माण और रसायन जैसे उद्योगों में उपयोग होते हैं।
- ऊर्जा खनिज (खनिज ईंधन) — ऊर्जा के स्रोत के रूप में उपयोग होने वाले खनिज। उदाहरण: कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस।
परीक्षा सुझाव: शाखाएँ याद रखें — धात्विक (लौह: लोहा, मैंगनीज़; अलौह: तांबा, बॉक्साइट, सोना), अधात्विक (अभ्रक, चूना पत्थर), और ऊर्जा (कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस)।
प्रश्न और उत्तर
प्र1. खनिजों का वर्गीकरण कैसे किया जाता है?
उत्तर: खनिजों को धात्विक खनिज (जिनमें धातुएँ होती हैं), अधात्विक खनिज (जिनमें धातुएँ नहीं होतीं) और ऊर्जा खनिज (खनिज ईंधन) में वर्गीकृत किया जाता है। धात्विक खनिजों को आगे लौह (जिनमें लोहा होता है) और अलौह (जिनमें लोहा नहीं होता) में विभाजित किया जाता है।
प्र2. लौह और अलौह खनिजों में उदाहरण सहित अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लौह खनिजों में लोहा होता है — उदाहरण हैं लौह अयस्क, मैंगनीज़, निकल और कोबाल्ट — और ये धातुकर्म उद्योगों का आधार बनाते हैं। अलौह खनिजों में लोहा नहीं होता — उदाहरण हैं तांबा, बॉक्साइट, सीसा, ज़िंक और सोना।
प्र3. अधात्विक खनिजों और ऊर्जा खनिजों के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: अधात्विक खनिज: अभ्रक और चूना पत्थर (साथ ही जिप्सम, नमक, ग्रेनाइट, संगमरमर)। ऊर्जा खनिज: कोयला और पेट्रोलियम (साथ ही प्राकृतिक गैस)।