पेट्रोलियम — खनिज तेल

पेट्रोलियम (खनिज तेल) कोयले के बाद भारत का अगला प्रमुख ऊर्जा स्रोत है। यह ताप और प्रकाश के लिए ईंधन, मशीनरी के लिए स्नेहक (lubricants), और अनेक विनिर्माण उद्योगों के लिए कच्चा माल प्रदान करता है। पेट्रोलियम रिफ़ाइनरियाँ कृत्रिम वस्त्र, उर्वरक और पेट्रोरसायन उद्योग के लिए 'नोडल उद्योगों' के रूप में कार्य करती हैं।

भारत में अधिकांश पेट्रोलियम तृतीयक युग (tertiary age) की शैल संरचनाओं में, अभिनतियों (anticlines) और भ्रंश ट्रैपों (fault traps) में पाया जाता है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं:

  • मुंबई हाई (पश्चिमी तट से दूर — सबसे बड़ा उत्पादक),
  • गुजरात (अंकलेश्वर), और
  • असमसबसे पुराना तेल उत्पादक राज्य, जिसके क्षेत्र डिगबोई, नहरकटिया और मोरान में हैं।

Petroleum trap, natural gas and electricity generation

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Petroleum and natural gas पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस
Natural gas प्राकृतिक गैस
Petroleum (oil) पेट्रोलियम (तेल)
Water जल
Anticline rock trap अपनति चट्टान जाल
Mumbai High, Gujarat, Assam मुंबई हाई, गुजरात, असम
Electricity विद्युत
Hydel power (running water, renewable) जल विद्युत (बहता जल, नवीकरणीय)
Thermal power (burning coal/oil/gas, non-renewable) तापीय विद्युत (कोयला/तेल/गैस दहन, अनवीकरणीय)

प्राकृतिक गैस

प्राकृतिक गैस एक महत्वपूर्ण स्वच्छ ऊर्जा संसाधन है जो पेट्रोलियम भंडारों के साथ तथा स्वतंत्र रूप से भी पाई जाती है।

  • कृष्णा-गोदावरी बेसिन में प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार खोजे गए हैं।
  • गैस को देश भर में पाइपलाइनों द्वारा पहुँचाया जाता है, जैसे हज़ीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) पाइपलाइन।
  • संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) का उपयोग वाहनों के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में बढ़ता जा रहा है, जिससे प्रदूषण कम होता है।

मुख्य बिंदु: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस प्रायद्वीप के किनारों (गुजरात, असम) पर तथा अपतटीय (मुंबई हाई) में तृतीयक अवसादी शैलों में पाई जाती हैं।

विद्युत — जल विद्युत और तापीय विद्युत

विद्युत ऊर्जा का सबसे सुविधाजनक और व्यापक रूप से प्रयुक्त रूप है। यह मुख्यतः दो तरीकों से उत्पन्न की जाती है:

  • जल विद्युत (hydel)तीव्र गति से बहते (प्रवाहित) जल द्वारा उत्पन्न की जाती है, जो टरबाइनों को घुमाता है। यह एक नवीकरणीय स्रोत है। उदाहरण: भाखड़ा-नांगल और दामोदर घाटी परियोजनाओं से प्राप्त विद्युत।
  • तापीय विद्युतकोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे ईंधनों को जलाकर उत्पन्न की जाती है। भारत में अनेक तापीय विद्युत संयंत्र हैं। तापीय विद्युत अनवीकरणीय ईंधनों का उपयोग करती है।

परीक्षा सुझाव: जल विद्युत = बहता जल (नवीकरणीय); तापीय = कोयला/तेल/गैस जलाना (अनवीकरणीय)। यह अंतर बार-बार पूछा जाता है।

प्रश्न और उत्तर

प्र1. पेट्रोलियम क्यों महत्वपूर्ण है, और भारत में यह मुख्यतः कहाँ उत्पादित होता है?

उत्तर: पेट्रोलियम अनेक उद्योगों के लिए ईंधन, स्नेहक और कच्चा माल प्रदान करता है, और रिफ़ाइनरियाँ कृत्रिम वस्त्र, उर्वरक और पेट्रोरसायन के लिए नोडल उद्योग हैं। यह तृतीयक शैलों में अभिनतियों और भ्रंश ट्रैपों में पाया जाता है। प्रमुख उत्पादक क्षेत्र मुंबई हाई, गुजरात और असम (डिगबोई, सबसे पुराना क्षेत्र) हैं।

प्र2. प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार कहाँ खोजे गए हैं, और गैस को कैसे पहुँचाया जाता है?

उत्तर: प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार कृष्णा-गोदावरी बेसिन में खोजे गए हैं। गैस को देश भर में हज़ीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) जैसी पाइपलाइनों के माध्यम से पहुँचाया जाता है। CNG (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) का उपयोग वाहनों के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में किया जाता है।

प्र3. जल विद्युत और तापीय विद्युत में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: जल विद्युत तीव्र गति से बहते जल से उत्पन्न होती है जो टरबाइनों को घुमाता है — यह नवीकरणीय है। तापीय विद्युत कोयला, पेट्रोलियम या प्राकृतिक गैस को जलाकर उत्पन्न होती है — यह अनवीकरणीय ईंधनों का उपयोग करती है। दोनों विद्युत के परंपरागत स्रोत हैं।

प्र4. पेट्रोलियम के लिए असम क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर: असम भारत का सबसे पुराना तेल उत्पादक राज्य है, जिसके महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र डिगबोई, नहरकटिया और मोरान में हैं। इसका पेट्रोलियम तृतीयक शैल संरचनाओं में पाया जाता है, और डिगबोई देश के सबसे प्रारंभिक तेल क्षेत्रों में से एक है।