संसाधनों का सावधानीपूर्वक विकास क्यों आवश्यक है
संसाधन मानव के अस्तित्व और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अत्यावश्यक हैं। लंबे समय तक लोग यह मानते रहे कि संसाधन प्रकृति के मुफ्त, असीमित उपहार हैं। परिणामस्वरूप, मनुष्यों ने उनका अंधाधुंध उपयोग किया, जिससे तीन प्रमुख समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं:
- कुछ व्यक्तियों के लालच को पूरा करने के लिए संसाधनों का ह्रास।
- संसाधनों का कुछ ही हाथों में संचय, जिससे समाज दो वर्गों में बँट जाता है — संपन्न और विपन्न (अमीर और गरीब)।
- संसाधनों का अंधाधुंध दोहन, जिससे वैश्विक तापन, ओज़ोन परत का क्षरण, पर्यावरण प्रदूषण और भूमि निम्नीकरण जैसे वैश्विक पारिस्थितिक संकट उत्पन्न होते हैं।
मुख्य बिंदु: बिना योजना के संसाधनों का उपयोग लोगों (असमानता) और धरती (पारिस्थितिक संकट) दोनों को हानि पहुँचाता है। इसीलिए विकास सतत होना चाहिए।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Club of Rome | क्लब ऑफ़ रोम |
| Small is Beautiful | स्मॉल इज़ ब्यूटीफुल |
| Brundtland Report | ब्रुंटलैंड रिपोर्ट |
| Sustainable Development | सतत विकास |
| Rio de Janeiro Earth Summit | रियो डी जेनेरो पृथ्वी सम्मेलन |
| Agenda 21 | एजेंडा 21 |
सतत विकास क्या है?
सतत विकास का अर्थ है कि विकास पर्यावरण को हानि पहुँचाए बिना होना चाहिए, और वर्तमान में हो रहे विकास से भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं के साथ समझौता नहीं होना चाहिए।
दूसरे शब्दों में, हमें अपनी आवश्यकताओं को इस प्रकार पूरा करना चाहिए कि हमारे बाद आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त संसाधन — और एक स्वस्थ पर्यावरण — शेष रहे।
याद रखने योग्य परिभाषा: सतत आर्थिक विकास = पर्यावरण को हानि पहुँचाए बिना वृद्धि, भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए।
संसाधन संरक्षण के मील के पत्थर
वैश्विक स्तर पर संसाधनों के संरक्षण का विचार चरणों में विकसित हुआ:
| वर्ष | योगदान |
|---|---|
| 1968 | क्लब ऑफ रोम (Club of Rome) ने पहली बार व्यवस्थित रूप से संसाधन संरक्षण की वकालत की। |
| 1974 | गांधीवादी दर्शन को शूमाकर (Schumacher) ने अपनी पुस्तक Small is Beautiful में पुनः प्रस्तुत किया। |
| 1987 | ब्रुंटलैंड आयोग रिपोर्ट (Brundtland Commission Report) ने 'सतत विकास' की अवधारणा प्रस्तुत की, जो बाद में Our Common Future पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुई। |
| 1992 | ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में पृथ्वी सम्मेलन (Earth Summit) — पहला अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन। |
परीक्षा सुझाव: इस क्रम को याद रखें — क्लब ऑफ रोम (1968) → शूमाकर (1974) → ब्रुंटलैंड (1987) → रियो (1992)।
रियो डी जेनेरियो पृथ्वी सम्मेलन, 1992
जून 1992 में, 100 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष पहले अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन के लिए ब्राज़ील के रियो डी जेनेरियो में एकत्र हुए। यह वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास की जरूरी समस्याओं पर विचार करने के लिए आयोजित किया गया था।
सम्मेलन में एकत्र नेताओं ने:
- वैश्विक जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए।
- वैश्विक वन सिद्धांतों (Forest Principles) का समर्थन किया।
- 21वीं सदी में सतत विकास प्राप्त करने के लिए एजेंडा 21 (Agenda 21) को अपनाया।
एजेंडा 21
एजेंडा 21 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन में विश्व नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र है। इसके उद्देश्य हैं:
- वैश्विक सतत विकास प्राप्त करना।
- साझा हितों, पारस्परिक आवश्यकताओं और जिम्मेदारियों पर आधारित वैश्विक सहयोग के माध्यम से पर्यावरणीय क्षति, गरीबी और बीमारी से लड़ना।
स्थानीय एजेंडा 21: एक महत्वपूर्ण विचार यह है कि प्रत्येक स्थानीय सरकार को अपना स्थानीय एजेंडा 21 तैयार करना चाहिए — पर्यावरणीय समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान वैश्विक सतत विकास की ओर ले जाता है।
प्रश्न और उत्तर
प्र1. सतत विकास क्या है?
उत्तर: सतत विकास का अर्थ है कि विकास पर्यावरण को हानि पहुँचाए बिना होना चाहिए, और वर्तमान में हो रहे विकास से भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं के साथ समझौता नहीं होना चाहिए। यह आर्थिक वृद्धि और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाता है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधन उपलब्ध रहें।
प्र2. संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग से उत्पन्न किन्हीं तीन समस्याओं को समझाइए।
उत्तर:
- कुछ व्यक्तियों के लालच को पूरा करने के लिए संसाधनों का ह्रास।
- संसाधनों का कुछ ही हाथों में संचय, जिससे समाज संपन्न और विपन्न (अमीर और गरीब) में बँट जाता है।
- वैश्विक पारिस्थितिक संकट जैसे वैश्विक तापन, ओज़ोन परत का क्षरण, पर्यावरण प्रदूषण और भूमि निम्नीकरण।
प्र3. रियो डी जेनेरियो पृथ्वी सम्मेलन, 1992 क्या था? इसके मुख्य परिणाम बताइए।
उत्तर: जून 1992 में 100 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष पहले अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी सम्मेलन के लिए रियो डी जेनेरियो (ब्राज़ील) में एकत्र हुए, ताकि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास पर विचार किया जा सके। इसके मुख्य परिणाम थे: वैश्विक जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता पर घोषणा-पत्र, वैश्विक वन सिद्धांतों का समर्थन, और 21वीं सदी में सतत विकास के लिए एजेंडा 21 को अपनाना।
प्र4. एजेंडा 21 क्या है? इसका एक उद्देश्य बताइए।
उत्तर: एजेंडा 21 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन में विश्व नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र है जिसका लक्ष्य 21वीं सदी में वैश्विक सतत विकास प्राप्त करना है। एक उद्देश्य: साझा हितों और पारस्परिक जिम्मेदारियों पर आधारित वैश्विक सहयोग के माध्यम से पर्यावरणीय क्षति, गरीबी और बीमारी से लड़ना। यह प्रत्येक स्थानीय सरकार को अपना स्थानीय एजेंडा 21 तैयार करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।
प्र5. निम्नलिखित को उस क्रम में व्यवस्थित कीजिए जिसमें उन्होंने संसाधन संरक्षण में योगदान दिया: ब्रुंटलैंड रिपोर्ट, क्लब ऑफ रोम, रियो पृथ्वी सम्मेलन, Small is Beautiful।
उत्तर: सही क्रम है: क्लब ऑफ रोम (1968) → शूमाकर द्वारा Small is Beautiful (1974) → ब्रुंटलैंड आयोग रिपोर्ट (1987) → रियो डी जेनेरियो पृथ्वी सम्मेलन (1992)। ब्रुंटलैंड रिपोर्ट ने 'सतत विकास' शब्द प्रस्तुत किया, जिसे रियो सम्मेलन ने आगे एजेंडा 21 में परिवर्तित किया।