हाइड्रोकार्बन — सरलतम कार्बन यौगिक

'हाइड्रोकार्बन' = केवल हाइड्रोजन और कार्बन परमाणुओं से बना यौगिक।

ये सरलतम कार्बन यौगिक हैं।

हाइड्रोकार्बनों के उदाहरण

  • CH4CH_4 (मेथेन — प्राकृतिक गैस)
  • C2H6C_2H_6 (एथेन)
  • C3H8C_3H_8 (प्रोपेन — LPG)
  • C4H10C_4H_{10} (ब्यूटेन — LPG)
  • C8H18C_8H_{18} (ओक्टेन — पेट्रोल)
  • C16H34C_{16}H_{34} (सेटेन — डीज़ल)
  • …लंबे बहुलक जैसे पॉलीएथिलीन

दो मुख्य प्रकार

1. संतृप्त हाइड्रोकार्बन: कार्बनों के बीच केवल एकल बंध 'संतृप्त' = हाइड्रोजनों से भरा। अधिक H परमाणु स्वीकार नहीं कर सकते।

उदाहरण: मेथेन, एथेन, प्रोपेन। श्रेणी: एल्केन

2. असंतृप्त हाइड्रोकार्बन: कार्बनों के बीच द्विक या त्रिक बंध 'असंतृप्त' = अधिक H परमाणु स्वीकार कर सकते। समान C वाले संतृप्त संस्करण से कम H।

उप-प्रकार:

  • एल्कीन — द्विक बंध हैं।
  • एल्काइन — त्रिक बंध हैं।

यह भेद क्यों महत्वपूर्ण?

संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बनों के गुण बहुत भिन्न:

  • संतृप्त: कम क्रियाशील (एकल बंध — प्रबल, तोड़ना कठिन)।
  • असंतृप्त: अधिक क्रियाशील (द्विक/त्रिक बंध — परमाणु जोड़ने के लिए 'खोले' जा सकते)।

यह प्रभावित करता:

  • वे कैसे जलते।
  • वे अन्य रसायनों से कैसे क्रिया करते।
  • उनके उपयोग (ईंधन, प्लास्टिक के लिए कच्चा माल, आदि)।

संतृप्त vs असंतृप्त — त्वरित तुलना

गुण संतृप्त असंतृप्त
बंध सब एकल (C-C) कुछ द्विक (C=C) या त्रिक (C≡C)
श्रेणी एल्केन एल्कीन, एल्काइन
क्रियाशीलता कम अधिक
परीक्षण ब्रोमीन जल से कोई क्रिया नहीं ब्रोमीन जल को रंगहीन करते

एक सामान्य उदाहरण

रसोई गैस (LPG) अधिकतर ब्यूटेन (C4H10C_4H_{10}) — संतृप्त। नीली ज्वाला से स्वच्छ रूप से जलती।

औद्योगिक प्लास्टिक का कच्चा माल एथीन (C2H4C_2H_4) — असंतृप्त। अभिक्रिया कर के पॉलीएथीन (प्लास्टिक) बनाती।

संतृप्त और असंतृप्त कार्बन यौगिक: एथेन, एथीन और एथाइन

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Ethane - single bond (saturated) एथेन - एकल आबंध (संतृप्त)
Ethene - double bond (unsaturated) एथीन - द्वि-आबंध (असंतृप्त)
Ethyne - triple bond (unsaturated) एथाइन - त्रि-आबंध (असंतृप्त)
Saturated संतृप्त
Unsaturated असंतृप्त

एल्केन — संतृप्त हाइड्रोकार्बन

'एल्केन' परिवार — C परमाणुओं के बीच केवल एकल बंध।

सामान्य सूत्र

CnH2n+2C_nH_{2n+2}

जहाँ n = कार्बन परमाणुओं की संख्या।

H परमाणुओं की गणना

यदि 1 C: H = 2(1)+2 = 4 → CH₄ यदि 2 C: H = 2(2)+2 = 6 → C₂H₆ यदि 3 C: H = 2(3)+2 = 8 → C₃H₈ यदि 10 C: H = 2(10)+2 = 22 → C₁₀H₂₂

पहले कुछ एल्केन

n सूत्र नाम सामान्य उपयोग
1 CH₄ मेथेन प्राकृतिक गैस, बायोगैस
2 C₂H₆ एथेन LPG मिश्रण में
3 C₃H₈ प्रोपेन LPG
4 C₄H₁₀ ब्यूटेन LPG
5 C₅H₁₂ पेन्टेन पेट्रोल घटक
6 C₆H₁₄ हेक्सेन पेट्रोल घटक
7 C₇H₁₆ हेप्टेन पेट्रोल घटक
8 C₈H₁₈ ओक्टेन पेट्रोल
9 C₉H₂₀ नोनेन
10 C₁₀H₂₂ डेकेन डीज़ल घटक

नामकरण पैटर्न

पहले 4: meth-, eth-, prop-, but- (ऐतिहासिक नाम) 5+: pent-, hex-, hept-, oct-, non-, dec- (ग्रीक संख्याएँ)

एल्केन के लिए प्रत्यय: -ane (एन)

एल्केनों की संरचना

मेथेन (CH4CH_4)

        H
        |
    H — C — H
        |
        H

4 H के साथ 1 C। चतुष्फलकीय।

एथेन (C2H6C_2H_6)

    H   H
    |   |
H — C — C — H
    |   |
    H   H

एकल बंध से जुड़े 2 C। कुल 6 H परमाणु (प्रत्येक C पर 3)।

प्रोपेन (C3H8C_3H_8)

    H   H   H
    |   |   |
H — C — C — C — H
    |   |   |
    H   H   H

एक पंक्ति में 3 C। 8 H परमाणु।

एल्केनों के गुण

1. कमरे के तापमान पर अवस्था:

  • C₁ से C₄: गैसें।
  • C₅ से C₁₇: द्रव।
  • C₁₈ और ऊपर: ठोस।

2. ज्वलनशीलता:

  • सब प्रचुर O₂ में स्वच्छ नीली ज्वाला से जलते।
  • ईंधनों के रूप में उपयोग (प्राकृतिक गैस, LPG, पेट्रोल, डीज़ल)।
  • अभिक्रिया: CH4+2O2CO2+2H2O+ऊष्माCH_4 + 2O_2 \rightarrow CO_2 + 2H_2O + \text{ऊष्मा}

3. स्थायित्व:

  • एकल C-C बंध — प्रबल और स्थिर।
  • आसानी से अभिक्रिया नहीं करते।
  • 'पैराफिन' कहलाते (लैटिन: 'parum affinis' = थोड़ी आत्मीयता)।

4. जल में अविलेयता:

  • अध्रुवीय अणु।
  • अध्रुवीय विलायकों (केरोसिन, बेन्ज़ीन) में विलेय।

एल्कीन — द्विक बंध वाले हाइड्रोकार्बन

'एल्कीन' परिवार — कम से कम एक C=C द्विक बंध

सामान्य सूत्र

CnH2nC_nH_{2n}

जहाँ n = कार्बन परमाणुओं की संख्या (n ≥ 2)।

ध्यान दें: समान n वाले एल्केन से 2 H परमाणु कम।

H परमाणुओं की गणना

यदि 2 C: H = 2(2) = 4 → C₂H₄ यदि 3 C: H = 2(3) = 6 → C₃H₆ यदि 4 C: H = 2(4) = 8 → C₄H₈

पहले कुछ एल्कीन

n सूत्र नाम
2 C₂H₄ एथीन (एथिलीन)
3 C₃H₆ प्रोपीन (प्रोपिलीन)
4 C₄H₈ ब्यूटीन
5 C₅H₁₀ पेन्टीन

एल्कीन के लिए प्रत्यय: -ene (ईन)

एल्कीनों की संरचना

एथीन (C2H4C_2H_4) — सबसे सरल

    H       H
     \     /
      C = C
     /     \
    H       H

2 C के बीच 1 द्विक बंध। 4 H परमाणु (प्रति C पर 2)।

प्रत्येक C पर केवल 2 H (एथेन में 3 की तुलना में) — क्योंकि द्विक बंध 4 बंधों में से 2 का उपयोग।

प्रोपीन (C3H6C_3H_6)

    H       H   H
     \     /   |
      C = C — C — H
     /         |
    H          H

C₁ और C₂ के बीच 1 द्विक बंध। C₂ और C₃ के बीच 1 एकल बंध। 6 H परमाणु।

एल्कीनों के गुण

1. क्रियाशीलता:

  • एल्केनों से अधिक क्रियाशील
  • द्विक बंध परमाणु जोड़ने के लिए टूट सकता।
  • योगात्मक अभिक्रियाएँ विशेषता।

2. कमरे के तापमान पर अवस्था:

  • C₂ से C₄: गैसें।
  • C₅ से C₁₅: द्रव।
  • उच्चतर: ठोस।

3. ज्वलनशीलता:

  • जलते — परंतु थोड़ी पीली ज्वाला से (प्रति H अधिक C के कारण अधिक कालिख)।

4. ब्रोमीन जल परीक्षण:

  • एल्कीन भूरे ब्रोमीन जल को रंगहीन करते (नारंगी → रंगहीन)।
  • यह असंतृप्तता (द्विक बंध की उपस्थिति) के लिए मानक परीक्षण

अभिक्रिया: C2H4+Br2C2H4Br2C_2H_4 + Br_2 \rightarrow C_2H_4Br_2 (1,2-डाइब्रोमोएथेन — रंगहीन)

महत्व — एल्कीन क्यों मायने रखते

एल्कीन इन के लिए कच्चा माल हैं:

  • प्लास्टिक (एथीन से पॉलीएथीन)।
  • संश्लेषित रेशे (एथिलीन ग्लाइकोल से पॉलिएस्टर)।
  • एंटीफ़्रीज़
  • दवाएँ और रसायन

केवल एथीन — विश्वव्यापी हर साल 130+ मिलियन टन उत्पादित!

एक सामान्य उपयोग

एथीन एक पादप हार्मोन भी है! यह फलों को पकाता। केले, आम, टमाटर — पकते समय एथीन छोड़ते। यही कारण एक पका फल अन्यों को तेज़ी से पकाता — एथीन गैस फैलती।

एल्काइन — त्रिक बंध वाले हाइड्रोकार्बन

'एल्काइन' परिवार — कम से कम एक C≡C त्रिक बंध

सामान्य सूत्र

CnH2n2C_nH_{2n-2}

जहाँ n = कार्बन परमाणुओं की संख्या (n ≥ 2)।

ध्यान दें: समान n वाले एल्केन से 4 H परमाणु कम।

H परमाणुओं की गणना

यदि 2 C: H = 2(2)-2 = 2 → C₂H₂ यदि 3 C: H = 2(3)-2 = 4 → C₃H₄ यदि 4 C: H = 2(4)-2 = 6 → C₄H₆

पहले कुछ एल्काइन

n सूत्र नाम
2 C₂H₂ एथाइन (एसिटिलीन)
3 C₃H₄ प्रोपाइन
4 C₄H₆ ब्यूटाइन

एल्काइन के लिए प्रत्यय: -yne (आइन)

एल्काइनों की संरचना

एथाइन (C2H2C_2H_2) — एसिटिलीन

    H — C ≡ C — H

2 C परमाणुओं के बीच 1 त्रिक बंध। केवल 2 H परमाणु (प्रति C पर 1)। रैखिक अणु।

प्रत्येक C पर केवल 1 H (एथेन में 3, एथीन में 2 की तुलना में) — क्योंकि त्रिक बंध 4 बंधों में से 3 का उपयोग।

प्रोपाइन (C3H4C_3H_4)

H — C ≡ C — C — H
            |
            H
            |
            H

त्रिक बंध + 1 एकल बंध।

एल्काइनों के गुण

1. उच्चतम क्रियाशीलता:

  • हाइड्रोकार्बनों में सबसे अधिक क्रियाशील
  • त्रिक बंध इलेक्ट्रॉनों से समृद्ध।
  • कई योगात्मक अभिक्रियाएँ संभव।

2. अवस्था:

  • C₂ से C₄: गैसें।
  • उच्चतर: द्रव/ठोस।

3. ज्वलनशीलता:

  • धुँआदार ज्वाला से जलते (प्रति H अधिक C)।
  • उच्च ऊष्मा उत्पादन → वेल्डिंग में उपयोग।

4. ब्रोमीन जल परीक्षण:

  • एल्काइन ब्रोमीन जल को रंगहीन करते — एल्कीन जैसा।
  • असंतृप्तता का परीक्षण।

एथाइन (एसिटिलीन) का महत्व

C2H2C_2H_2 औद्योगिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण:

1. ऑक्सीएसिटिलीन वेल्डिंग:

  • C₂H₂ + O₂ जलाने → तापमान ~3000°C।
  • धातुओं को वेल्ड और काटने के लिए उपयोग।

2. विनिर्माण:

  • विनाइल क्लोराइड (PVC प्लास्टिक के लिए)।
  • एक्रिलोनाइट्राइल (संश्लेषित रेशों के लिए)।
  • एसिटिक अम्ल (सिरका घटक)।

3. संश्लेषित रबर का स्रोत।

तुलना — एल्केन, एल्कीन, एल्काइन

विशेषता एल्केन एल्कीन एल्काइन
बंध सब एकल कम से कम 1 द्विक कम से कम 1 त्रिक
सूत्र CnH2n+2C_nH_{2n+2} CnH2nC_nH_{2n} CnH2n2C_nH_{2n-2}
प्रत्यय -ane -ene -yne
2-C उदाहरण एथेन (C₂H₆) एथीन (C₂H₄) एथाइन (C₂H₂)
क्रियाशीलता कम उच्च उच्चतम
H : C अनुपात अधिक मध्यम कम
ब्रोमीन जल कोई अभिक्रिया नहीं रंगहीन रंगहीन
ज्वाला स्वच्छ नीली थोड़ी पीली धुँआदार

परीक्षण और पहचान

संतृप्त को असंतृप्त से कैसे अलग बताएँ?

तीन त्वरित परीक्षण:

1. ब्रोमीन जल परीक्षण (सबसे प्रसिद्ध)

ब्रोमीन जल लाल-भूरा है (जल में घुला Br2Br_2)।

हाइड्रोकार्बन में जोड़ें:

संतृप्त (एल्केन):

  • कोई अभिक्रिया नहीं।
  • ब्रोमीन जल भूरा बना रहता।

असंतृप्त (एल्कीन/एल्काइन):

  • तुरंत अभिक्रिया।
  • ब्रोमीन जल रंगहीन हो जाता।

क्यों? Br₂ द्विक/त्रिक बंध में जुड़ता।

उदाहरण: CH2=CH2+Br2CH2BrCH2BrCH_2=CH_2 + Br_2 \rightarrow CH_2Br-CH_2Br (1,2-डाइब्रोमोएथेन, रंगहीन)

2. दहन परीक्षण (ज्वाला रंग)

हाइड्रोकार्बन को हवा में जलाएँ:

प्रकार ज्वाला
एल्केन स्वच्छ नीली, थोड़ी कालिख
एल्कीन थोड़ी पीली, कुछ कालिख
एल्काइन पीली/धुँआदार, बहुत धुआँ

क्यों? C:H अनुपात बढ़ने पर, प्रति कार्बन कम ऑक्सीजन चाहिए। अपूर्ण दहन → कालिख।

संतृप्त में प्रति C अधिक H → स्वच्छ जलना। असंतृप्त में प्रति C कम H → कालिख-दार जलना।

3. KMnO₄ परीक्षण (वैकल्पिक, उन्नत)

तनु पोटैशियम परमैंगनेट विलयन (बैंगनी) जोड़ा जाता।

संतृप्त: कोई परिवर्तन नहीं। विलयन बैंगनी रहता। असंतृप्त: रंगहीन (बैंगनी → रंगहीन)।

कारण: KMnO₄ द्विक/त्रिक बंध को ऑक्सीकृत करता।

नामकरण परंपराओं की त्वरित संदर्भ

सीधी-श्रृंखला हाइड्रोकार्बनों के लिए:

C परमाणु उपसर्ग एल्केन एल्कीन एल्काइन
1 meth- मेथेन (कोई नहीं) (कोई नहीं)
2 eth- एथेन एथीन एथाइन
3 prop- प्रोपेन प्रोपीन प्रोपाइन
4 but- ब्यूटेन ब्यूटीन ब्यूटाइन
5 pent- पेन्टेन पेन्टीन पेन्टाइन
6 hex- हेक्सेन हेक्सीन हेक्साइन

प्रत्यय:

  • -ane = एल्केन (संतृप्त)
  • -ene = एल्कीन (1 द्विक बंध)
  • -yne = एल्काइन (1 त्रिक बंध)

इतने अधिक हाइड्रोकार्बन क्यों?

कार्बन का कैटेनेशन + चतुष्संयोजकता:

  • भिन्न श्रृंखला लंबाइयाँ।
  • भिन्न बंध प्रकार।
  • भिन्न व्यवस्थाएँ।

परिणाम: हज़ारों हाइड्रोकार्बन ज्ञात। और हम और बना सकते हैं!

एक त्वरित क्विज़

प्रत्येक की पहचान करें:

  • CH4CH_4 → एल्केन (1 C, सब एकल बंध)
  • C3H6C_3H_6 → एल्कीन (CnH2nC_nH_{2n} से मेल)
  • C2H2C_2H_2 → एल्काइन (CnH2n2C_nH_{2n-2} से मेल)
  • C5H12C_5H_{12} → एल्केन (CnH2n+2C_nH_{2n+2} से मेल)

🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)

बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में।

1. हाइड्रोकार्बन — परिभाषा

केवल C और H के यौगिक।

2. दो मुख्य प्रकार

संतृप्त (केवल एकल बंध) vs असंतृप्त (द्विक/त्रिक बंध)।

3. तीन श्रेणियाँ

श्रेणी बंध प्रकार सूत्र
एल्केन एकल CnH2n+2C_nH_{2n+2}
एल्कीन द्विक CnH2nC_nH_{2n}
एल्काइन त्रिक CnH2n2C_nH_{2n-2}

4. पहले सदस्य

एल्केन:

  • CH₄ (मेथेन), C₂H₆ (एथेन), C₃H₈ (प्रोपेन), C₄H₁₀ (ब्यूटेन)

एल्कीन:

  • C₂H₄ (एथीन), C₃H₆ (प्रोपीन), C₄H₈ (ब्यूटीन)

एल्काइन:

  • C₂H₂ (एथाइन), C₃H₄ (प्रोपाइन), C₄H₆ (ब्यूटाइन)

5. प्रत्यय

  • -ane = एल्केन
  • -ene = एल्कीन
  • -yne = एल्काइन

6. असंतृप्तता के परीक्षण

  • ब्रोमीन जल परीक्षण: रंगहीन (भूरा → रंगहीन)।
  • KMnO₄ परीक्षण: रंगहीन (बैंगनी → रंगहीन)।
  • संतृप्त: रंग में कोई परिवर्तन नहीं।

7. दहन

  • एल्केन: स्वच्छ नीली ज्वाला
  • एल्कीन: थोड़ी पीली।
  • एल्काइन: धुँआदार/पीली।

8. क्रियाशीलता क्रम

एल्काइन > एल्कीन > एल्केन

9. महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन

  • मेथेन: प्राकृतिक गैस, बायोगैस, मार्श गैस।
  • ब्यूटेन, प्रोपेन: LPG (रसोई गैस)।
  • ओक्टेन: पेट्रोल।
  • एथीन: प्लास्टिक कच्चा माल; पादप हार्मोन।
  • एथाइन (एसिटिलीन): वेल्डिंग।

10. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न

  1. संतृप्त vs असंतृप्त — अंतर।
  2. अंतर का परीक्षण (ब्रोमीन जल)।
  3. एथीन ब्रोमीन जल को रंगहीन क्यों करता?
  4. तीन श्रेणियों के सामान्य सूत्र।
  5. एल्केन/एल्कीन/एल्काइन के लिए C5H?C_5H_{?} में H गणना।

अंतिम सूत्र: संतृप्त = H से भरा = अक्रियाशील; असंतृप्त = कम H = क्रियाशील।

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — संतृप्त और असंतृप्त

संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन क्या हैं? उदाहरण दें।

हल:

हाइड्रोकार्बन — पुनरावलोकन

केवल C और H परमाणुओं वाले यौगिक।

संतृप्त हाइड्रोकार्बन

परिभाषा: हाइड्रोकार्बन जिनमें C परमाणुओं के बीच सब बंध एकल बंध हैं।

'संतृप्त' = अधिकतम H परमाणुओं से भरे। अधिक H स्वीकार नहीं कर सकते।

सामान्य सूत्र: CnH2n+2C_nH_{2n+2}

श्रेणी का नाम: एल्केन

उदाहरण:

  • मेथेन (CH4CH_4)
  • एथेन (C2H6C_2H_6)
  • प्रोपेन (C3H8C_3H_8)
  • ब्यूटेन (C4H10C_4H_{10})
  • ओक्टेन (C8H18C_8H_{18})

गुण:

  • कम क्रियाशील (एकल बंध — प्रबल, स्थिर)।
  • ब्रोमीन जल को रंगहीन नहीं करते।
  • स्वच्छ नीली ज्वाला से जलते।

असंतृप्त हाइड्रोकार्बन

परिभाषा: हाइड्रोकार्बन जिनमें C परमाणुओं के बीच द्विक या त्रिक बंध हैं।

'असंतृप्त' = अधिक H परमाणु स्वीकार कर सकते।

दो प्रकार:

A. एल्कीन (1 द्विक बंध)

  • सामान्य सूत्र: CnH2nC_nH_{2n}
  • उदाहरण: एथीन (C2H4C_2H_4), प्रोपीन (C3H6C_3H_6)

B. एल्काइन (1 त्रिक बंध)

  • सामान्य सूत्र: CnH2n2C_nH_{2n-2}
  • उदाहरण: एथाइन (C2H2C_2H_2), प्रोपाइन (C3H4C_3H_4)

गुण:

  • अधिक क्रियाशील (बहुगुण बंध टूट सकते)।
  • ब्रोमीन जल को रंगहीन करते (असंतृप्तता का परीक्षण)।
  • अधिक कालिख-दार (पीली) ज्वाला से जलते।

तुलना तालिका

गुण संतृप्त असंतृप्त
बंध सब एकल द्विक या त्रिक
सूत्र CnH2n+2C_nH_{2n+2} CnH2nC_nH_{2n} या CnH2n2C_nH_{2n-2}
क्रियाशीलता कम अधिक
ब्रोमीन जल कोई अभिक्रिया नहीं रंगहीन
ज्वाला स्वच्छ नीली पीली, कालिख-दार

[NCERT — हर साल]

उदाहरण 2: NCERT — ब्रोमीन जल परीक्षण

ब्रोमीन जल का उपयोग करके आप संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बनों को कैसे अलग कर सकते?

हल:

ब्रोमीन जल परीक्षण

'ब्रोमीन जल' = जल में घुला Br2Br_2 रंग: लाल-भूरा (या नारंगी)।

प्रक्रिया

हाइड्रोकार्बन में ब्रोमीन जल जोड़ें (परखनली में):

प्रेक्षण 1: संतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे, मेथेन, एथेन)

ब्रोमीन जल भूरा/नारंगी रहता।

कमरे के तापमान पर कोई अभिक्रिया नहीं। एकल C-C बंध — प्रबल, Br₂ से कोई अभिक्रिया नहीं।

UV प्रकाश के संपर्क में, धीमा प्रतिस्थापन हो सकता — परंतु अंधेरे में कमरे के तापमान पर, कोई परिवर्तन नहीं।

प्रेक्षण 2: असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (जैसे, एथीन, एथाइन)

ब्रोमीन जल रंगहीन हो जाता।

Br₂ द्विक/त्रिक बंध में जुड़ता।

एथीन के साथ अभिक्रिया: CH2=CH2+Br2CH2BrCH2BrCH_2=CH_2 + Br_2 \rightarrow CH_2Br-CH_2Br (1,2-डाइब्रोमोएथेन, रंगहीन)

Br₂ खपत हो जाता → कोई रंग नहीं।

एथाइन के साथ अभिक्रिया: HCCH+2Br2CHBr2CHBr2HC≡CH + 2Br_2 \rightarrow CHBr_2-CHBr_2 (1,1,2,2-टेट्राब्रोमोएथेन, रंगहीन)

त्रिक बंध 2 Br₂ अणु अवशोषित कर सकता।

यह परीक्षण क्यों काम करता?

Br₂ की इलेक्ट्रॉनी संरचना के कारण भूरा रंग। जब Br₂ बहुगुण बंध में जुड़ता, यह 2 Br परमाणुओं में टूटता, प्रत्येक एकल बंध बनाता। नया अणु (Br परमाणु जुड़े) रंगहीन।

महत्वपूर्ण नोट्स

1. दोनों एल्कीन और एल्काइन ब्रोमीन जल को रंगहीन करते। 2. परीक्षण एल्कीन और एल्काइन के बीच अंतर नहीं करता — केवल असंतृप्तता की पुष्टि करता। 3. प्रकार जानने के लिए: देखें कितना Br₂ खपत होता।

  • एल्कीन: प्रति द्विक बंध 1 Br₂।
  • एल्काइन: प्रति त्रिक बंध 2 Br₂।

एक व्यावहारिक प्रदर्शन

3 परखनलियाँ लें:

  • A: ब्रोमीन जल + मेथेन → भूरा बना रहता।
  • B: ब्रोमीन जल + एथीन → जल्दी रंगहीन।
  • C: ब्रोमीन जल + एथाइन → जल्दी रंगहीन।

परिणाम:

  • A: संतृप्त (एल्केन)।
  • B, C: असंतृप्त।

व्यावहारिक महत्व

उद्योग में उपयोग:

  • हाइड्रोकार्बन संतृप्त है या नहीं, निर्धारित करने।
  • कार्बनिक यौगिकों के लिए गुणवत्ता परीक्षण।
  • नए यौगिकों की पहचान।

[NCERT — महत्वपूर्ण, हर साल]

उदाहरण 3: NCERT — सूत्र की गणना

निम्न का आण्विक सूत्र निकालें: (a) 5 C परमाणुओं वाला एल्केन (b) 4 C परमाणुओं वाला एल्कीन (c) 3 C परमाणुओं वाला एल्काइन (d) 8 C परमाणुओं वाला एल्केन

हल:

सामान्य सूत्र उपयोग करें

  • एल्केन: CnH2n+2C_nH_{2n+2}
  • एल्कीन: CnH2nC_nH_{2n}
  • एल्काइन: CnH2n2C_nH_{2n-2}

(a) 5 C परमाणुओं वाला एल्केन

n = 5 H = 2(5) + 2 = 12

सूत्र: C5H12C_5H_{12} (पेन्टेन)

(b) 4 C परमाणुओं वाला एल्कीन

n = 4 H = 2(4) = 8

सूत्र: C4H8C_4H_8 (ब्यूटीन)

(c) 3 C परमाणुओं वाला एल्काइन

n = 3 H = 2(3) - 2 = 4

सूत्र: C3H4C_3H_4 (प्रोपाइन)

(d) 8 C परमाणुओं वाला एल्केन

n = 8 H = 2(8) + 2 = 18

सूत्र: C8H18C_8H_{18} (ओक्टेन)

सारांश तालिका

यौगिक n सूत्र नाम
(a) एल्केन 5 C5H12C_5H_{12} पेन्टेन
(b) एल्कीन 4 C4H8C_4H_8 ब्यूटीन
(c) एल्काइन 3 C3H4C_3H_4 प्रोपाइन
(d) एल्केन 8 C8H18C_8H_{18} ओक्टेन

सत्यापन — चतुष्संयोजकता जाँच

प्रत्येक C के 4 बंध:

पेन्टेन (C₅H₁₂):

  • श्रृंखला में 5 C।
  • C-C एकल बंध: 4।
  • प्रति C C-H बंध: 3, 2, 2, 2, 3 (कुल 12 H)।
  • प्रत्येक C के 4 बंध ✓

ब्यूटीन (C₄H₈):

  • श्रृंखला में 4 C, 1 द्विक बंध।
  • C=C: 2 बंधों के रूप में गिनी।
  • 8 H परमाणु जुड़े।
  • प्रत्येक C के 4 बंध ✓

प्रोपाइन (C₃H₄):

  • 3 C, 1 त्रिक बंध।
  • C≡C: 3 बंधों के रूप में गिनी।
  • 4 H परमाणु।
  • प्रत्येक C के 4 बंध ✓

ओक्टेन (C₈H₁₈):

  • श्रृंखला में 8 C।
  • 18 H परमाणु।
  • प्रत्येक C के 4 बंध ✓

व्यावहारिक अनुप्रयोग

ये गणनाएँ:

  • यौगिक प्रकार पहचानने में मदद।
  • रसायन और औषधविज्ञान में उपयोगी।
  • कार्बनिक रसायन की नींव।

[बोर्ड: 3-अंक संख्यात्मक]

उदाहरण 4: NCERT — हाइड्रोकार्बनों का दहन

मेथेन और एथाइन के दहन की संतुलित समीकरण लिखें।

हल:

मेथेन (CH4CH_4) का दहन

अभिकारक: मेथेन + ऑक्सीजन उत्पाद: कार्बन डाइऑक्साइड + जल + ऊष्मा

असंतुलित: CH4+O2CO2+H2OCH_4 + O_2 \rightarrow CO_2 + H_2O

संतुलन: कार्बन: 1 = 1 ✓ हाइड्रोजन: 4 = 2 — 2 H₂O चाहिए।* ऑक्सीजन: 4 = 4 — 2 O₂ चाहिए।*

संतुलित: CH4+2O2CO2+2H2O+ऊष्माCH_4 + 2O_2 \rightarrow CO_2 + 2H_2O + \text{ऊष्मा}

यह ऊष्माक्षेपी — ऊष्मा छोड़ती। यही कारण मेथेन LPG और प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक (ईंधन के रूप में उपयोग)।

एथाइन (C2H2C_2H_2) का दहन

असंतुलित: C2H2+O2CO2+H2OC_2H_2 + O_2 \rightarrow CO_2 + H_2O

संतुलन: कार्बन: 2 = 2 — 2 CO₂ चाहिए।* हाइड्रोजन: 2 = 2 — 1 H₂O चाहिए।* ऑक्सीजन: 2(2) + 1 = 5 — 5/2 O₂ चाहिए।*

संतुलित (भिन्न हटाने के लिए 2 से गुणा): 2C2H2+5O24CO2+2H2O+ऊष्मा2C_2H_2 + 5O_2 \rightarrow 4CO_2 + 2H_2O + \text{ऊष्मा}

या प्रति अणु सरलीकृत: C2H2+52O22CO2+H2OC_2H_2 + \frac{5}{2}O_2 \rightarrow 2CO_2 + H_2O

दहन की ऊष्मा

मेथेन: 891 kJ/mol एथाइन: 1300 kJ/mol

एथाइन प्रति मोल अधिक ऊष्मा छोड़ता — त्रिक बंध टूटने के कारण। अतः एथाइन (एसिटिलीन) वेल्डिंग में उपयोग — उच्च तापमान ~3000°C।

तुलना — भिन्न ज्वालाएँ क्यों?

मेथेन (CH₄): C:H अनुपात = 1:4 → पर्याप्त O₂ उपलब्ध → स्वच्छ नीली ज्वाला। एथाइन (C₂H₂): C:H अनुपात = 1:1 → अधिक O₂ चाहिए → यदि अपर्याप्त, कालिख बनती (पीली/कालिख-दार ज्वाला)।

यही कारण कि:

  • शुद्ध O₂ + C₂H₂ → बहुत गर्म, स्वच्छ वेल्डिंग ज्वाला।
  • हवा + C₂H₂ → धुँआदार, कालिख-दार।

व्यावहारिक महत्व

मेथेन:

  • प्राकृतिक गैस (घर, कारखाने)।
  • LPG घटक।
  • बायोगैस (पशु अपशिष्ट से)।

एथाइन:

  • वेल्डिंग (ऑक्सीएसिटिलीन टॉर्च)।
  • धातु काटना।
  • औद्योगिक रसायन।

[NCERT — महत्वपूर्ण]

उदाहरण 5: NCERT — संरचनाएँ बनाना

निम्न की संरचनाएँ बनाएँ: (a) एथेन (b) एथीन (c) एथाइन

प्रत्येक में C-H और C-C बंधों की संख्या गिनें।

हल:

(a) एथेन (C2H6C_2H_6)

    H   H
    |   |
H — C — C — H
    |   |
    H   H

बंध:

  • C-C एकल बंध: 1
  • C-H बंध: 6
  • कुल बंध: 7

सब एकल बंध (संतृप्त)। प्रत्येक C के 4 बंध: 1 अन्य C से + 3 H से।

(b) एथीन (C2H4C_2H_4)

    H       H
     \     /
      C = C
     /     \
    H       H

बंध:

  • C=C द्विक बंध: 1 (2 साझा युग्म)
  • C-H बंध: 4
  • कुल बंध: 5 (बंध संख्या के संदर्भ में) या 6 (द्विक को 2 के रूप में गिनना)

1 द्विक बंध (असंतृप्त एल्कीन)। प्रत्येक C के 4 बंध: 2 द्विक बंध में + 2 H से।

(c) एथाइन (C2H2C_2H_2)

    H — C ≡ C — H

बंध:

  • C≡C त्रिक बंध: 1 (3 साझा युग्म)
  • C-H बंध: 2
  • कुल बंध: 3 (बंध संख्या के संदर्भ में) या 5 (त्रिक को 3 के रूप में गिनना)

1 त्रिक बंध (असंतृप्त एल्काइन)। प्रत्येक C के 4 बंध: 3 त्रिक बंध में + 1 H से।

तुलना तालिका

यौगिक C-C बंध C=C बंध C≡C बंध C-H बंध
एथेन 1 (एकल) 0 0 6
एथीन 0 1 0 4
एथाइन 0 0 1 2

कुल साझा इलेक्ट्रॉन

एथेन:

  • 1 C-C एकल = 2 e⁻
  • 6 C-H = 12 e⁻
  • कुल: 14 e⁻

एथीन:

  • 1 C=C द्विक = 4 e⁻
  • 4 C-H = 8 e⁻
  • कुल: 12 e⁻

एथाइन:

  • 1 C≡C त्रिक = 6 e⁻
  • 2 C-H = 4 e⁻
  • कुल: 10 e⁻

चतुष्संयोजकता सत्यापन

प्रत्येक C के पास ठीक 4 बंध होने चाहिए:

एथेन: प्रत्येक C: 1 (अन्य C से) + 3 (H से) = 4 ✓ एथीन: प्रत्येक C: 2 (C=C में) + 2 (H से) = 4 ✓ एथाइन: प्रत्येक C: 3 (C≡C में) + 1 (H से) = 4 ✓

पैटर्न

जब हम एथेन → एथीन → एथाइन जाते:

  • C-C बंध की बहुलता बढ़ती (एकल → द्विक → त्रिक)।
  • H परमाणु घटते (6 → 4 → 2)।
  • क्रियाशीलता बढ़ती।
  • बंध लंबाई घटती।
  • बंध शक्ति बढ़ती।

[NCERT — मूलभूत]

उदाहरण 6: NCERT — हाइड्रोकार्बन प्रकार पहचानें

निम्न का प्रकार (एल्केन/एल्कीन/एल्काइन) पहचानें: (a) C4H10C_4H_{10} (b) C5H10C_5H_{10} (c) C2H2C_2H_2 (d) C3H8C_3H_8 (e) C6H12C_6H_{12} (f) C4H6C_4H_6

हल:

सामान्य सूत्र उपयोग करें

  • एल्केन: CnH2n+2C_nH_{2n+2}
  • एल्कीन: CnH2nC_nH_{2n}
  • एल्काइन: CnH2n2C_nH_{2n-2}

(a) C4H10C_4H_{10}

n = 4

एल्केन जाँच: 2(4)+2 = 10 ✓

प्रकार: एल्केन (ब्यूटेन)

(b) C5H10C_5H_{10}

n = 5

एल्केन जाँच: 2(5)+2 = 12 ≠ 10 ✗ एल्कीन जाँच: 2(5) = 10 ✓

प्रकार: एल्कीन (पेन्टीन)

(c) C2H2C_2H_2

n = 2

एल्केन जाँच: 2(2)+2 = 6 ≠ 2 ✗ एल्कीन जाँच: 2(2) = 4 ≠ 2 ✗ एल्काइन जाँच: 2(2)-2 = 2 ✓

प्रकार: एल्काइन (एथाइन)

(d) C3H8C_3H_8

n = 3

एल्केन जाँच: 2(3)+2 = 8 ✓

प्रकार: एल्केन (प्रोपेन)

(e) C6H12C_6H_{12}

n = 6

एल्केन जाँच: 2(6)+2 = 14 ≠ 12 ✗ एल्कीन जाँच: 2(6) = 12 ✓

प्रकार: एल्कीन (हेक्सीन)

ध्यान दें: साइक्लोहेक्सेन (एकल बंधों के साथ 6 C वलय) भी हो सकता, जिसका सूत्र समान! वलय अनुभाग 4 में सीखेंगे।

(f) C4H6C_4H_6

n = 4

एल्केन जाँच: 2(4)+2 = 10 ≠ 6 ✗ एल्कीन जाँच: 2(4) = 8 ≠ 6 ✗ एल्काइन जाँच: 2(4)-2 = 6 ✓

प्रकार: एल्काइन (ब्यूटाइन)

सारांश तालिका

सूत्र n सत्यापन प्रकार नाम
C4H10C_4H_{10} 4 एल्केन (10) एल्केन ब्यूटेन
C5H10C_5H_{10} 5 एल्कीन (10) एल्कीन पेन्टीन
C2H2C_2H_2 2 एल्काइन (2) एल्काइन एथाइन
C3H8C_3H_8 3 एल्केन (8) एल्केन प्रोपेन
C6H12C_6H_{12} 6 एल्कीन (12) एल्कीन हेक्सीन
C4H6C_4H_6 4 एल्काइन (6) एल्काइन ब्यूटाइन

त्वरित युक्ति

सूत्र CnHxC_nH_x से प्रकार पहचानने:

  • यदि x=2n+2x = 2n+2: एल्केन।
  • यदि x=2nx = 2n: एल्कीन।
  • यदि x=2n2x = 2n-2: एल्काइन।

प्रत्येक सूत्र में अनुक्रमिक प्रकारों के बीच 2 H परमाणुओं का 'अंतराल'।

[बोर्ड: 3-अंक]

उदाहरण 7: NCERT — एल्केन कम क्रियाशील क्यों

एल्केन सामान्यतः एल्कीन और एल्काइन की तुलना में कम क्रियाशील क्यों?

हल:

मूल कारण

एल्केनों में केवल एकल बंध (C-C और C-H)।

सब इलेक्ट्रॉन स्थिर एकल बंधों में उपयोग। अभिक्रियाओं के लिए कोई 'अतिरिक्त' इलेक्ट्रॉन नहीं।

एल्कीन और एल्काइन से तुलना

एल्कीन:

  • C=C द्विक बंध है।
  • समान 2 C परमाणुओं के बीच 2 इलेक्ट्रॉन युग्म।
  • 1 युग्म (σ बंध कहलाता) प्रबल।
  • दूसरा युग्म (π बंध) कमज़ोर और उजागर।
  • π इलेक्ट्रॉन अभिकारकों पर हमला कर सकते → अभिक्रियाएँ।

एल्काइन:

  • C≡C त्रिक बंध है।
  • समान 2 C के बीच 3 युग्म।
  • 1 σ बंध + 2 π बंध।
  • 2 π बंध → बहुत क्रियाशील।
  • एल्कीन से भी अधिक क्रियाशील।

π इलेक्ट्रॉन 'बाहर निकले' जैसे — अभिकारकों के लिए आसान लक्ष्य।

मुख्य विचार — क्रियाशीलता बहुगुण बंधों से आती

बहुगुण बंध 'क्रियाशीलता के स्थल'। ये टूट सकते (π भाग), और परमाणु पार में जुड़ सकते। यह योगात्मक अभिक्रिया कहलाती।

अभिक्रियाएँ अंतर दिखातीं

एल्केन + ब्रोमीन

अंधेरे में कमरे के तापमान पर कोई अभिक्रिया नहीं। UV प्रकाश के संपर्क में धीमा प्रतिस्थापन: CH4+Br2UVCH3Br+HBrCH_4 + Br_2 \xrightarrow{\text{UV}} CH_3Br + HBr

एल्कीन + ब्रोमीन (योग — तेज़!)

CH2=CH2+Br2CH2BrCH2BrCH_2=CH_2 + Br_2 \rightarrow CH_2Br-CH_2Br

Br₂ द्विक बंध में जुड़ता। कमरे के तापमान पर ब्रोमीन जल को रंगहीन करता।

एल्काइन + ब्रोमीन

HCCH+2Br2CHBr2CHBr2HC≡CH + 2Br_2 \rightarrow CHBr_2-CHBr_2

2 Br₂ अणु त्रिक बंध में जुड़ते। कमरे के तापमान पर ब्रोमीन जल को रंगहीन करता।

एकल बंध स्थिर क्यों

एकल बंध:

  • प्रबल σ अतिव्यापन।
  • सममित।
  • सब इलेक्ट्रॉन घनत्व बंध में।
  • तोड़ना कठिन।

द्विक बंध:

  • σ + π।
  • π बंध रेखा के ऊपर और नीचे।
  • कमज़ोर → तोड़ना आसान।

त्रिक बंध:

  • σ + 2π।
  • और भी अधिक इलेक्ट्रॉन घनत्व उजागर।

वास्तविक-जगत निहितार्थ

एल्केन अच्छे ईंधन क्यों?

  • भंडारण में स्थिर।
  • हवा में स्वच्छ रूप से जलते।
  • अच्छी ऊर्जा प्रदान करते।
  • LPG, पेट्रोल, डीज़ल — सब एल्केन।

एल्कीन/एल्काइन उद्योग के लिए अच्छे क्यों?

  • क्रियाशील स्वभाव → बहुलक, प्लास्टिक बनाने में उपयोग।
  • H₂, Cl₂, Br₂, जल से क्रिया।
  • योग से श्रृंखलाएँ बनाते (बहुलकीकरण)।

अतः:

  • एल्केन: अच्छे ईंधन (स्थिर)।
  • एल्कीन/एल्काइन: अच्छे कच्चे माल (क्रियाशील)।

सारांश

एकल बंध = स्थिर + कम क्रियाशील (एल्केन)। बहुगुण बंध = क्रियाशील + रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए अच्छे (एल्कीन, एल्काइन)।

यही कारण कि हाइड्रोकार्बनों के दैनिक जीवन में इतने विविध अनुप्रयोग।

[NCERT — महत्वपूर्ण]

उदाहरण 8: संख्यात्मक — मेथेन का दहन

जब 16 g मेथेन पूर्ण रूप से जलता, तो कितनी CO₂ और जल बनते? (C=12, H=1, O=16)

हल:

अभिक्रिया

CH4+2O2CO2+2H2OCH_4 + 2O_2 \rightarrow CO_2 + 2H_2O

अणुभार

  • CH4CH_4 = 12 + 4(1) = 16 g/mol
  • CO2CO_2 = 12 + 2(16) = 44 g/mol
  • H2OH_2O = 2(1) + 16 = 18 g/mol

CH₄ के मोल

16 g ÷ 16 g/mol = 1 mol

बने CO₂ के मोल

समीकरण से: 1 mol CH₄ → 1 mol CO₂ अतः 1 mol CH₄ → 1 mol CO₂ = 44 g

बने H₂O के मोल

समीकरण से: 1 mol CH₄ → 2 mol H₂O अतः 1 mol CH₄ → 2 mol H₂O = 36 g

उत्तर

बना CO₂: 44 g बना H₂O: 36 g

सत्यापन (द्रव्यमान संरक्षण)

अभिकारक कुल द्रव्यमान:

  • CH₄: 16 g
  • O₂ उपयोग: 2 × 32 = 64 g
  • कुल = 80 g

उत्पाद कुल द्रव्यमान:

  • CO₂: 44 g
  • H₂O: 36 g
  • कुल = 80 g

द्रव्यमान संतुलित — भौतिकी कहती कि रासायनिक अभिक्रियाओं में कोई परमाणु लुप्त नहीं।

निकली ऊष्मा

1 mol CH₄ का दहन ~891 kJ ऊष्मा छोड़ता।

1 mol = 16 g। अतः 16 g CH₄ ~891 kJ ऊष्मा छोड़ता।

यह ऊष्मा पर्याप्त:

  • सैकड़ों भोजनों के लिए खाना पकाने।
  • एक छोटे कमरे को घंटों तक गर्म करने।
  • एक छोटे जनरेटर को चलाने।

NTP पर CO₂ का आयतन (बोनस)

NTP पर 1 mol CO₂ = 22.4 L। अतः 1 mol CH₄ → NTP पर 22.4 L CO₂।

NTP पर H₂O का आयतन

NTP पर 1 mol H₂O द्रव, नगण्य स्थान लेता।

वास्तविक-जगत अर्थ

जब आप 16 g (~1 घन फुट) प्राकृतिक गैस जलाते:

  • आपको 44 g CO₂ मिलती (हरितगृह गैस)।
  • आपको 36 g जल मिलता (भाप)।
  • आपको 891 kJ ऊष्मा मिलती (उपयोगी ऊर्जा)।

यही कारण मेथेन (प्राकृतिक गैस) सबसे स्वच्छ जीवाश्म ईंधनों में से एक:

  • केवल CO₂ + H₂O में स्वच्छ रूप से जलती।
  • कोई SO₂, NOₓ नहीं उत्पन्न (कोयले की तुलना में)।
  • कोयले/तेल की तुलना में ऊर्जा प्रति इकाई कम CO₂।

परंतु CO₂ अभी भी हरितगृह गैस — जलवायु परिवर्तन में योगदान।

[बोर्ड: 3-अंक संख्यात्मक]

उदाहरण 9: NCERT — हाइड्रोकार्बन महत्वपूर्ण ईंधन क्यों?

हाइड्रोकार्बन ईंधनों के रूप में क्यों उपयोग होते? उदाहरण दें।

हल:

हाइड्रोकार्बन ईंधनों के रूप में क्यों?

1. आसानी से जलते:

  • वायु में O₂ से क्रिया।
  • दहन ऊष्माक्षेपी — ऊष्मा छोड़ती।

2. उच्च ऊर्जा उत्पादन:

  • प्रति ग्राम, हाइड्रोकार्बन बहुत ऊष्मा छोड़ते।
  • मेथेन: 55 kJ/g।
  • ओक्टेन (पेट्रोल): 47 kJ/g।

3. परिवहन और भंडारण आसान:

  • द्रव (पेट्रोल, डीज़ल) — पाइपों से पंप।
  • गैस (प्राकृतिक गैस) — सिलेंडरों में दबाव।
  • ठोस (कोक) — सुविधाजनक।

4. अपेक्षाकृत स्वच्छ रूप से जलते:

  • उत्पाद: CO₂ + H₂O (अधिकतर)।
  • कोयले से कम हानिकारक उत्सर्जन।

5. प्राकृतिक रूप से उपलब्ध:

  • पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, कोयले में मिलते।
  • आसान निष्कर्षण।

हाइड्रोकार्बन ईंधनों के उदाहरण

1. प्राकृतिक गैस

अधिकतर मेथेन (CH₄) + एथेन (C₂H₆) + प्रोपेन (C₃H₈) + ब्यूटेन (C₄H₁₀)। उपयोग: घर (LPG), कारखाने, बिजली संयंत्र, वाहन (CNG)।

अभिक्रिया: CH4+2O2CO2+2H2O+ऊष्माCH_4 + 2O_2 \rightarrow CO_2 + 2H_2O + \text{ऊष्मा}

2. LPG (तरल पेट्रोलियम गैस)

मुख्यतः ब्यूटेन (C₄H₁₀) + प्रोपेन (C₃H₈)। उपयोग: रसोई गैस सिलेंडर।

अभिक्रिया: 2C4H10+13O28CO2+10H2O2C_4H_{10} + 13O_2 \rightarrow 8CO_2 + 10H_2O

3. पेट्रोल

अधिकतर C₅H₁₂ से C₁₀H₂₂। उपयोग: कार, मोटरबाइक, जनरेटर।

4. डीज़ल

अधिकतर C₁₀H₂₂ से C₁₆H₃₄। उपयोग: ट्रक, बस, जनरेटर, कृषि मशीनें।

5. केरोसिन

अधिकतर C₁₀H₂₂ से C₁₅H₃₂। उपयोग: लैम्प, चूल्हे (ग्रामीण क्षेत्रों में), विमान ईंधन।

6. कोयला/कोक

अधिकतर कार्बन, हाइड्रोकार्बन के साथ। उपयोग: बिजली संयंत्र, उद्योग।

7. CNG (संपीडित प्राकृतिक गैस)

अधिकतर मेथेन। उपयोग: वाहन (पेट्रोल/डीज़ल से स्वच्छ)।

ईंधनों की तुलना

ईंधन मुख्य हाइड्रोकार्बन ऊर्जा (kJ/g) उपयोग
प्राकृतिक गैस/CNG CH₄ 55 घर, वाहन
LPG C₄H₁₀ 50 रसोई
पेट्रोल C₈H₁₈ (औसत) 47 कार
डीज़ल C₁₂H₂₆ (औसत) 45 ट्रक
केरोसिन C₁₂H₂₆ (औसत) 43 लैम्प
कोयला C + अन्य 25-35 बिजली संयंत्र

सही ईंधन चुनना

भिन्न आवश्यकताओं के लिए भिन्न ईंधन:

  • रसोई: LPG (स्वच्छ, नियंत्रणीय)।
  • वाहन: पेट्रोल/डीज़ल/CNG (कॉम्पैक्ट, ऊर्जा-घना)।
  • बिजली संयंत्र: कोयला/प्राकृतिक गैस (सस्ता, बड़ी मात्रा)।
  • विमान: जेट ईंधन (उच्च ऊर्जा, विशेष गुण)।

लाभ और हानियाँ

लाभ:

  • उच्च ऊर्जा।
  • सुविधाजनक।
  • स्थापित बुनियादी ढाँचा।

हानियाँ:

  • अनवीकरणीय (तेल/गैस भंडार सीमित)।
  • दहन से CO₂ → हरितगृह प्रभाव।
  • प्रदूषक उत्पन्न कर सकते (SO₂, NOₓ, CO अधूरे जलने पर)।

भविष्य

हाइड्रोकार्बन अभी भी प्रमुख ईंधन हैं। परंतु इनकी ओर बढ़ रहे:

  • विद्युत वाहन।
  • सौर, पवन ऊर्जा।
  • हाइड्रोजन ईंधन।

हाइड्रोकार्बन अगले दशकों में स्वच्छ विकल्पों को रास्ता दे सकते।

[NCERT — महत्वपूर्ण]

उदाहरण 10: एक रोचक — ओक्टेन संख्या

ओक्टेन संख्या क्या? प्रीमियम पेट्रोल की ओक्टेन अधिक क्यों?

हल:

पेट्रोल की समस्या — 'नॉकिंग'

कार के इंजन में, पेट्रोल+वायु मिश्रण सिलेंडर में संपीडित होता, फिर एक चिंगारी से प्रज्वलित

यदि ईंधन चिंगारी से पहले ही प्रज्वलित (उच्च दाब के कारण), तो होता:

  • नॉकिंग ध्वनि।
  • दक्षता हानि।
  • इंजन को नुकसान।

यह 'नॉकिंग' कहलाता।

नॉकिंग किसके कारण?

शाखित एल्केन नॉकिंग का प्रतिरोध करते। सीधी-श्रृंखला एल्केन अधिक आसानी से नॉक करते।

अतः हम चाहते हैं ईंधन जो नॉक न करें।

ओक्टेन संख्या — एक रेटिंग

ओक्टेन संख्या ईंधन के नॉकिंग प्रतिरोध को रेट करती।

संदर्भ: isoiso-ओक्टेन (2,2,4-ट्राइमेथिलपेन्टेन, एक शाखित C₈H₁₈) — रेटेड 100 n-हेप्टेन (सीधी श्रृंखला C₇H₁₆) — रेटेड 0

ओक्टेन रेटिंग 87 का पेट्रोल = 87% iso-ओक्टेन + 13% n-हेप्टेन के मिश्रण की तरह व्यवहार।

वास्तविक पेट्रोल में ओक्टेन संख्याएँ

प्रकार ओक्टेन संख्या
नियमित पेट्रोल 87
मध्यम-ग्रेड 89
प्रीमियम पेट्रोल 91-93
विमानन ईंधन 100+

उच्च ओक्टेन = बेहतर?

उच्च ओक्टेन:

  • नॉकिंग का अधिक प्रतिरोध।
  • अधिक संपीडन अनुपात की अनुमति।
  • अधिक दक्ष इंजन।
  • उच्च-प्रदर्शन कारों में उपयोग।

नियमित कारों को प्रीमियम नहीं चाहिए — 87 के लिए डिज़ाइन इंजन 87 पर ठीक चलेगा। नियमित कार में उच्च ओक्टेन = बर्बादी (कोई लाभ नहीं)।

उच्च ओक्टेन कैसे बनती?

पेट्रोलियम रिफाइनरियाँ 'क्रैकिंग' और 'रिफॉर्मिंग' करतीं:

क्रैकिंग:

  • लंबे एल्केन छोटे में टूटते।
  • कुछ छोटों के कई समावयवी।
  • शाखित समावयवी पसंदीदा।

रिफॉर्मिंग:

  • सीधी-श्रृंखला एल्केन शाखित में परिवर्तित।
  • या सुगंधित यौगिकों (बेन्ज़ीन, टॉल्यूईन) में।
  • इनकी ओक्टेन उच्च।

ओक्टेन बूस्टर

ओक्टेन बढ़ाने के लिए कुछ रसायन जोड़े:

  • टेट्राएथिल लेड (अब प्रतिबंधित — विषाक्त)।
  • MTBE (मेथिल tert-ब्यूटिल ईथर) — विवादित।
  • एथेनॉल (कुछ देशों में उपयोग)।
  • सुगंधित यौगिक (बेन्ज़ीन, टॉल्यूईन, ज़ाइलीन)।

रसायन में एक पाठ

एक ही रासायनिक सूत्र (C₈H₁₈ के कई समावयवी):

  • सीधी श्रृंखला: खराब ईंधन।
  • शाखित श्रृंखला: उत्कृष्ट ईंधन।

यही एक कारण है कि संरचना समावयवी उद्योग में मायने रखती।

(समावयवियों पर अधिक अनुभाग 4 में!)

सेटेन संख्या — डीज़ल के लिए

डीज़ल सेटेन संख्या उपयोग करता (समान अवधारणा)। सेटेन (n-हेक्साडेकेन, C₁₆H₃₄) — रेटेड 100। उच्च सेटेन = बेहतर डीज़ल ईंधन।

विशिष्ट डीज़ल: 40-50 सेटेन संख्या।

[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]

उदाहरण 11: गुणों से पहचान

एक यौगिक स्वच्छ नीली ज्वाला से जलता, ब्रोमीन जल को रंगहीन नहीं करता, और सूत्र C3HxC_3H_x है। x ज्ञात करें और यौगिक का नाम बताएँ।

हल:

चरण-दर-चरण विश्लेषण

सुराग 1: स्वच्छ नीली ज्वाला

यह एल्केन (संतृप्त हाइड्रोकार्बन) इंगित करता। एल्केन का उच्च C:H अनुपात → पर्याप्त O₂ → स्वच्छ जलना।

सुराग 2: ब्रोमीन जल को रंगहीन नहीं करता

संतृप्त की पुष्टि। एल्केन ब्रोमीन जल से क्रिया नहीं करते।

यदि रंगहीन करता → एल्कीन या एल्काइन।

निष्कर्ष

यौगिक एल्केन है।

सूत्र सत्यापन

सामान्य एल्केन सूत्र: CnH2n+2C_nH_{2n+2}

दिया गया: C3HxC_3H_x (3 C परमाणु)

3 C वाले एल्केन के लिए: x = 2(3)+2 = 8

उत्तर

x = 8, अतः यौगिक C3H8C_3H_8 (प्रोपेन) है।

सत्यापन

प्रोपेन:

  • सूत्र: C₃H₈ ✓ (एल्केन सूत्र से मेल)।
  • गुण: स्वच्छ नीली ज्वाला ✓ (एल्केन, संतृप्त)।
  • ब्रोमीन जल से कोई अभिक्रिया नहीं ✓ (कोई द्विक/त्रिक बंध नहीं)।

प्रोपेन की संरचना

    H   H   H
    |   |   |
H — C — C — C — H
    |   |   |
    H   H   H

श्रृंखला में 3 C परमाणु। कुल 8 H परमाणु। सब एकल बंध — संतृप्त।

व्यावहारिक उपयोग

प्रोपेन:

  • LPG (रसोई गैस) का प्रमुख घटक।
  • हीटर, जनरेटरों में उपयोग।
  • सिलेंडरों में द्रव, छोड़ने पर कमरे के तापमान पर गैस।
  • स्वच्छ जलने वाला ईंधन।

भारतीय घरों के लिए मानक LPG सिलेंडरों में ब्यूटेन (C₄H₁₀) के साथ मिश्रित।

वैकल्पिक यौगिक — अन्य क्यों नहीं?

यदि C3H6C_3H_6:

  • एल्कीन सूत्र से मेल (2n=6 ✓)।
  • ब्रोमीन जल को रंगहीन करता (सुराग 2 का खंडन)।
  • ✗ यह नहीं।

यदि C3H4C_3H_4:

  • एल्काइन सूत्र से मेल (2n-2=4 ✓)।
  • ब्रोमीन जल को रंगहीन करता (खंडन)।
  • कालिख-दार ज्वाला से जलता (सुराग 1 का खंडन)।
  • ✗ यह नहीं।

केवल C3H8C_3H_8 सब सुरागों से मेल — प्रोपेन।

एक जासूसी दृष्टिकोण

यह कैसे कार्बनिक रसायनशास्त्री अज्ञात यौगिकों की पहचान करते:

  1. भौतिक गुणों की जाँच (अवस्था, गंध, रंग)।
  2. विभिन्न अभिकर्मकों से परीक्षण (ब्रोमीन जल, KMnO₄, आदि)।
  3. जलाएँ और ज्वाला देखें।
  4. आण्विक सूत्र निर्धारित करें।
  5. संरचना का अनुमान।

[बोर्ड: 3-अंक व्यावहारिक]

उदाहरण 12: NCERT — एथीन का महत्व

एथीन (C2H4C_2H_4) उद्योग और जीवविज्ञान में क्यों महत्वपूर्ण?

हल:

औद्योगिक महत्व

एथीन विश्व में सबसे अधिक उत्पादित कार्बनिक रसायन प्रति वर्ष ~140 मिलियन टन एथीन उत्पादित।

1. पॉलीएथीन (पॉलिथीन) — प्लास्टिक

बहुलकीकरण: nCH2=CH2(CH2CH2)nnCH_2=CH_2 \rightarrow (-CH_2-CH_2-)_n

कई एथीन अणु द्विक बंध से जुड़ते → लंबी बहुलक श्रृंखला।

पॉलीएथीन के उपयोग:

  • प्लास्टिक बैग।
  • बोतलें।
  • कंटेनर।
  • पाइप।
  • विद्युत-रोधी।
  • खिलौने।

विश्व का सबसे अधिक उत्पादित प्लास्टिक।

2. एथिलीन ग्लाइकोल — एंटीफ़्रीज़

एथीन → एथिलीन ऑक्साइड → एथिलीन ग्लाइकोल

उपयोग:

  • कार रेडिएटरों में एंटीफ़्रीज़ (हिमांक कम करता)।
  • पॉलिएस्टर उत्पादन (कपड़े)।
  • कुछ अनुप्रयोगों में शीतलक।

3. एथेनॉल

एथीन + जल → एथेनॉल CH2=CH2+H2Oअम्ल उत्प्रेरकCH3CH2OHCH_2=CH_2 + H_2O \xrightarrow{\text{अम्ल उत्प्रेरक}} CH_3CH_2OH

औद्योगिक एथेनॉल का उपयोग:

  • विलायक।
  • ईंधन योजक।
  • कीटाणुनाशक।
  • दवा निर्माण।

4. विनाइल क्लोराइड → PVC

एथीन + क्लोरीन → विनाइल क्लोराइड → PVC प्लास्टिक।

PVC के उपयोग:

  • पाइप (जल, जल निकासी)।
  • तार विद्युत-रोधन।
  • फ्लोरिंग।

5. अन्य उत्पाद

एथीन → कई अन्य रसायन:

  • एसिटिक अम्ल।
  • डिटर्जेंट।
  • संश्लेषित रेशे।
  • दवाएँ।

जैविक महत्व

पादप हार्मोन — पकाना

एथीन एक प्राकृतिक पादप हार्मोन पकते फलों द्वारा छोड़ा जाता। कारण:

  • फलों का नरम होना।
  • स्टार्च का शर्करा में परिवर्तन।
  • रंग परिवर्तन (हरा → पका रंग)।
  • सुगंध विकास।

यही कारण कि:

  • एक पका फल पास के अन्यों को पकाता (एथीन गैस फैलती)।
  • 'पके केले हरे केलों के साथ न रखें' — वे बहुत तेज़ी से पकेंगे।
  • सेब एथीन छोड़ते → टमाटर पकाने के लिए उपयोग।

कृषि में व्यावसायिक उपयोग

किसान एथीन-छोड़ने वाले रसायन उपयोग करते:

  • फलों को कृत्रिम रूप से पकाने (परिवहन के दौरान)।
  • फूल खुलने को ट्रिगर करने।
  • कटाई को समकालिक करने।

कैल्शियम कार्बाइड (CaC2CaC_2) + जल → एसिटिलीन (एथीन के समान) — कुछ बाज़ारों में अवैध रूप से फलों को पकाने के लिए उपयोग।

यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक — टाला जाना चाहिए।

एक रोचक प्रेक्षण

यदि आप एक पके केले को कागज़ी थैले में हरे टमाटरों के साथ रखें:

  • केला एथीन छोड़ता।
  • एथीन थैले में फँस जाता।
  • टमाटर तेज़ी से पकते।

घर पर आज़माएँ — यह काम करता!

औद्योगिक उत्पादन विधियाँ

एथीन उत्पादित होता:

  • पेट्रोलियम के क्रैकिंग से (सबसे आम)।
  • एथेन के क्रैकिंग से।
  • एथेनॉल के निर्जलीकरण से।

उत्पादन: विश्वव्यापी प्रति वर्ष ~140 मिलियन टन। प्रमुख उत्पादक: USA, चीन, सऊदी अरब, भारत।

सारांश — एथीन क्यों मायने रखता

औद्योगिक:

  • प्लास्टिक कच्चा माल।
  • एंटीफ़्रीज़।
  • एथेनॉल उत्पादन।
  • कई रसायन।

जैविक:

  • पादप हार्मोन।
  • फल पकाना।
  • कृषि।

एथीन — एक सरल 2-C एल्कीन, परंतु आधुनिक उद्योग और कृषि में सबसे महत्वपूर्ण अणुओं में से एक।

[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]

उदाहरण 13: NCERT — एथाइन (एसिटिलीन) का महत्व

एथाइन (C2H2C_2H_2) के उपयोग क्या?

हल:

एथाइन — एसिटिलीन

C2H2C_2H_2 — सरलतम एल्काइन। 2 C परमाणुओं के बीच त्रिक बंध। सरल हाइड्रोकार्बनों में सबसे क्रियाशील।

उपयोग 1: ऑक्सीएसिटिलीन वेल्डिंग/काटना

सबसे प्रसिद्ध उपयोग!

जब एथाइन O₂ में जलता: 2C2H2+5O24CO2+2H2O+ऊष्मा2C_2H_2 + 5O_2 \rightarrow 4CO_2 + 2H_2O + \text{ऊष्मा}

प्राप्त तापमान: ~3000°C — सबसे गर्म ज्वालाओं में।

उपयोग होता:

  • धातुओं की वेल्डिंग (लोहे के टुकड़े, स्टील जोड़ना)।
  • धातुओं को काटना (बड़ी स्टील प्लेटें)।
  • लोहार में फोर्ज

हाथ की टॉर्च:

  • एसिटिलीन का एक सिलेंडर।
  • O₂ का एक सिलेंडर।
  • नोज़ल पर मिश्रित।
  • जलाया → नीली ज्वाला।

उद्योगों में उपयोग: जहाज़ निर्माण, निर्माण, ऑटोमोटिव।

उपयोग 2: विनाइल क्लोराइड का विनिर्माण → PVC

एथाइन + HCl → विनाइल क्लोराइड HCCH+HClCH2=CHClHC≡CH + HCl \rightarrow CH_2=CHCl

विनाइल क्लोराइड बहुलकीकृत होकर PVC प्लास्टिक बनाता।

PVC के उपयोग:

  • पाइप (जल, जल निकासी, विद्युत)।
  • तार विद्युत-रोधन।
  • फ़्लोर टाइल।
  • क्रेडिट कार्ड।
  • फुलाने वाले उत्पाद।

उपयोग 3: एक्रिलोनाइट्राइल का विनिर्माण

एथाइन + HCN → एक्रिलोनाइट्राइल HCCH+HCNCH2=CHCNHC≡CH + HCN \rightarrow CH_2=CHCN

एक्रिलोनाइट्राइल बहुलकीकृत होकर बनाता:

  • संश्लेषित रेशे (एक्रिलिक)।
  • प्लास्टिक (ABS)।
  • कपड़े, कालीनों में उपयोग।

उपयोग 4: एसिटिक अम्ल का विनिर्माण

एथाइन + जल → एसीटैल्डिहाइड → एसिटिक अम्ल HCCH+H2OCH3CHOCH3COOHHC≡CH + H_2O \rightarrow CH_3CHO \rightarrow CH_3COOH

एसिटिक अम्ल के उपयोग:

  • सिरका (भोजन)।
  • विलायक।
  • दवा निर्माण।

उपयोग 5: संश्लेषित रबर का स्रोत

एथाइन + 2H₂ + क्लोरीन → क्लोरोप्रीन क्लोरोप्रीन बहुलकीकृत → नियोप्रीन रबर।

उपयोग होता: टायर, गास्केट, मैट।

उपयोग 6: प्रकाश (ऐतिहासिक)

कैल्शियम कार्बाइड (CaC2CaC_2) + जल → एथाइन: CaC2+2H2OCa(OH)2+C2H2CaC_2 + 2H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + C_2H_2

19-20वीं शताब्दी में पुराने खान-कर्मियों के लैंप और स्ट्रीट लाइटों ने इस 'कार्बाइड लाइट' का उपयोग किया। जलते एसिटिलीन से चमकदार पीला-सफ़ेद प्रकाश।

उपयोग 7: फलों को पकाना (कुछ क्षेत्रों में अवैध)

कैल्शियम कार्बाइड + नमी → एसिटिलीन गैस (एथीन के समान)। फलों को कृत्रिम रूप से पकाने के लिए उपयोग। हानिकारक दुष्प्रभावों के कारण कई देशों में प्रतिबंधित।

एथाइन का उत्पादन

दो मुख्य विधियाँ:

1. कैल्शियम कार्बाइड से (प्रयोगशाला): CaC2+2H2OCa(OH)2+C2H2CaC_2 + 2H_2O \rightarrow Ca(OH)_2 + C_2H_2\uparrow

2. मेथेन से (उद्योग): मेथेन का बहुत उच्च तापमान पर क्रैकिंग (~1500°C): 2CH4ΔC2H2+3H22CH_4 \xrightarrow{\Delta} C_2H_2 + 3H_2

गुण सारांश

  • रंगहीन गैस।
  • हल्की लहसुन-जैसी गंध (शुद्ध रूप में, गंधहीन)।
  • अति-क्रियाशील।
  • हवा में धुँआदार ज्वाला से जलता।
  • शुद्ध O₂ में गर्म, स्वच्छ ज्वाला से जलता।
  • जल में थोड़ा विलेय।

सुरक्षा पर एक नोट

एसिटिलीन अति-विस्फोटक जब संपीडित। संपीडित गैस के रूप में संग्रहित नहीं किया जा सकता। सिलेंडरों में, सुरक्षा के लिए एसीटोन में घुला (छिद्रपूर्ण सामग्री में सील)।

सारांश

एथाइन (C2H2C_2H_2):

  • धातुओं की वेल्डिंग/काटना (ऑक्सीएसिटिलीन)।
  • PVC प्लास्टिक।
  • संश्लेषित रेशे।
  • एसिटिक अम्ल।
  • संश्लेषित रबर।
  • (ऐतिहासिक) प्रकाश।

एक छोटा अणु, विशाल औद्योगिक प्रभाव के साथ।

[NCERT — महत्वपूर्ण]

उदाहरण 14: एक समापन प्रश्न

(a) संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन परिभाषित करें। (b) तीन श्रेणियों के सामान्य सूत्र दें। (c) ब्रोमीन जल परीक्षण कैसे काम करता? (d) मेथेन अच्छा ईंधन क्यों?

हल:

(a) संतृप्त और असंतृप्त

संतृप्त: हाइड्रोकार्बन जिनमें C परमाणुओं के बीच सब बंध एकल बंध हैं। अधिक H स्वीकार नहीं कर सकते। कम क्रियाशील। श्रेणी: एल्केन। उदाहरण: मेथेन (CH₄)।

असंतृप्त: हाइड्रोकार्बन जिनमें C परमाणुओं के बीच द्विक या त्रिक बंध हैं। अधिक H स्वीकार कर सकते। अधिक क्रियाशील। श्रेणी: एल्कीन (1 द्विक), एल्काइन (1 त्रिक)। उदाहरण: एथीन (C₂H₄), एथाइन (C₂H₂)।

(b) सामान्य सूत्र

श्रेणी सामान्य सूत्र बंध प्रकार
एल्केन CnH2n+2C_nH_{2n+2} सब एकल
एल्कीन CnH2nC_nH_{2n} कम से कम 1 द्विक
एल्काइन CnH2n2C_nH_{2n-2} कम से कम 1 त्रिक

ध्यान दें: हर बार जब हम द्विक या त्रिक बंध जोड़ते हैं, तो 2 H कम।

(c) ब्रोमीन जल परीक्षण

प्रक्रिया: हाइड्रोकार्बन में ब्रोमीन जल (नारंगी-भूरा Br2Br_2 जल में) जोड़ें।

संतृप्त (एल्केन):

  • कमरे के तापमान पर कोई अभिक्रिया नहीं।
  • ब्रोमीन जल नारंगी-भूरा बना रहता।

असंतृप्त (एल्कीन/एल्काइन):

  • ब्रोमीन जल रंगहीन हो जाता।
  • Br₂ द्विक/त्रिक बंध में जुड़ता।

अभिक्रिया (एल्कीन उदाहरण): CH2=CH2+Br2CH2BrCH2BrCH_2=CH_2 + Br_2 \rightarrow CH_2Br-CH_2Br

निष्कर्ष: ब्रोमीन जल रंगहीन → असंतृप्त हाइड्रोकार्बन। ब्रोमीन जल अपरिवर्तित → संतृप्त हाइड्रोकार्बन।

यह असंतृप्तता का मानक परीक्षण

(d) मेथेन अच्छा ईंधन क्यों

मेथेन (CH₄) के ईंधन के रूप में कई लाभ:

1. उच्च ऊर्जा:

  • प्रति मोल जलने पर 891 kJ निकलता।
  • 55 kJ प्रति ग्राम (हाइड्रोकार्बनों में सबसे अधिक में से एक)।

2. स्वच्छ दहन:

  • केवल CO₂ + H₂O में जलता।
  • कोई SO₂, NOₓ, कण पदार्थ नहीं (कोयले/तेल के विपरीत)।
  • ऊर्जा इकाई प्रति कम हरितगृह गैस।

3. आसान संभालना:

  • गैस — पाइप करना आसान।
  • प्रज्वलित करना आसान।
  • स्वच्छ नीली ज्वाला से जलती।

4. प्राकृतिक रूप से उपलब्ध:

  • प्राकृतिक गैस भंडार में मिलती।
  • विघटित कार्बनिक पदार्थ से उत्पादित (बायोगैस, मार्श गैस)।
  • प्रचुर आपूर्ति।

5. बहुउपयोगी:

  • रसोई गैस (LPG के माध्यम से घरों में)।
  • बिजली संयंत्र (बड़े पैमाने पर)।
  • वाहन (CNG)।
  • औद्योगिक तापन।
  • हाइड्रोजन उत्पादन (औद्योगिक)।

अभिक्रिया: CH4+2O2CO2+2H2O+891 kJCH_4 + 2O_2 \rightarrow CO_2 + 2H_2O + 891 \text{ kJ}

अन्य ईंधनों से तुलना:

  • कोयला: 25-35 kJ/g।
  • तेल: 40-45 kJ/g।
  • मेथेन: 55 kJ/g (सर्वोत्तम!)।

यही कारण कि कई बिजली संयंत्रों में प्राकृतिक गैस कोयले की जगह ले रही — स्वच्छ और अधिक दक्ष।

अंतिम अंतर्दृष्टि

हाइड्रोकार्बन — सरल यौगिक, परंतु आधुनिक जीवन के लिए शक्तिशाली ईंधन और कच्चे माल।

आपकी रसोई की गैस से आपके फ़ोन के केस के प्लास्टिक तक — हाइड्रोकार्बन हर जगह।

[बोर्ड: 5-अंक मिश्र]

उदाहरण 15: एक अनुप्रयोग — भारत में हाइड्रोकार्बन

भारतीय अर्थव्यवस्था और दैनिक जीवन में हाइड्रोकार्बनों के महत्व पर चर्चा करें।

हल:

भारत में प्रमुख हाइड्रोकार्बन उद्योग

1. पेट्रोलियम (कच्चा तेल) उद्योग

प्रमुख कंपनियाँ:

  • ONGC (Oil and Natural Gas Corporation)।
  • Reliance Industries Ltd.।
  • Indian Oil Corporation (IOC)।
  • Bharat Petroleum (BPCL)।
  • Hindustan Petroleum (HPCL)।

प्रमुख रिफाइनरियाँ:

  • जामनगर (Reliance) — विश्व की सबसे बड़ी रिफाइनरी।
  • मथुरा (IOC)।
  • विशाखापत्तनम (HPCL)।

भारत अपनी तेल आवश्यकताओं का लगभग 30% उत्पादित करता। शेष सऊदी अरब, इराक, UAE, आदि से आयात करता।

2. दैनिक उपयोग होने वाले पेट्रोलियम उत्पाद

कच्चे तेल से, रिफाइनरियाँ बनातीं:

  • LPG (रसोई पकाने)।
  • पेट्रोल (कार, मोटरबाइक)।
  • डीज़ल (ट्रक, बस, जनरेटर)।
  • केरोसिन (लैम्प, जेट ईंधन)।
  • नेफ्था (प्लास्टिक के लिए कच्चा माल)।
  • बिटुमेन (सड़कें)।

3. प्राकृतिक गैस

भारत में प्रमुख क्षेत्र:

  • कृष्णा-गोदावरी बेसिन (KG बेसिन)।
  • मुंबई हाई।
  • त्रिपुरा।

उपयोग होता:

  • PNG (पाइप्ड प्राकृतिक गैस) घरों के लिए।
  • CNG (संपीडित प्राकृतिक गैस) वाहनों के लिए।
  • बिजली संयंत्र
  • उर्वरक उद्योग (यूरिया उत्पादन)।

4. पेट्रोरसायन उद्योग

हाइड्रोकार्बन → कई उत्पाद:

  • प्लास्टिक (PE, PVC, PP)।
  • संश्लेषित रेशे (पॉलिएस्टर, नायलॉन)।
  • रबर।
  • डिटर्जेंट।
  • कीटनाशक।
  • दवाएँ।

प्रमुख केंद्र:

  • जामनगर (Reliance)।
  • वडोदरा (IOC)।
  • हजीरा (Reliance)।

दैनिक जीवन के उदाहरण

पकाना: 95%+ भारतीय घरों में LPG सिलेंडर (PMUY योजना)। परिवहन: वाहनों के लिए पेट्रोल/डीज़ल; दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में CNG। प्लास्टिक: प्लास्टिक बैग, बोतलें, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े। सड़कें: बिटुमेन (डामर) — अधिकांश भारतीय सड़कों को कवर करता। प्रकाश (ग्रामीण): दूर-दराज क्षेत्रों में केरोसिन लैम्प। उर्वरक: यूरिया (प्राकृतिक गैस से बनी) — कृषि में उपयोग।

ऊर्जा खपत

भारत का ऊर्जा मिश्रण (~2024):

  • कोयला: 50%
  • तेल: 30%
  • प्राकृतिक गैस: 6%
  • नवीकरणीय: 14%

हाइड्रोकार्बनों पर प्रमुख निर्भरता।

भारतीय उपलब्धियाँ

1. जामनगर में विश्व की सबसे बड़ी रिफाइनरी। 2. प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) — गरीब परिवारों को मुफ्त LPG सिलेंडर प्रदान। 3. दिल्ली सार्वजनिक परिवहन का सफल CNG रूपांतरण4. पॉलिएस्टर राजधानी — बड़ा कपड़ा उद्योग हाइड्रोकार्बनों से संश्लेषित रेशों का उपयोग करता।

चुनौतियाँ

1. आयात निर्भरता — तेल कीमत उतार-चढ़ाव अर्थव्यवस्था को प्रभावित। 2. प्रदूषण — शहरों में वाहन उत्सर्जन एक बड़ी समस्या। 3. जलवायु परिवर्तन — हाइड्रोकार्बनों से CO₂ उत्सर्जन। 4. प्लास्टिक अपशिष्ट — गैर-जैव-निम्नीकरणीय।

भविष्य की दिशा

भारत इस ओर बढ़ रहा:

  • विद्युत वाहन (Tata, Mahindra, Maruti)।
  • जैव-ईंधन (पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण)।
  • CNG बुनियादी ढाँचा
  • सौर/पवन ऊर्जा
  • हाइड्रोजन ईंधन अनुसंधान

एक पाठ

हाइड्रोकार्बन:

  • आधुनिक अर्थव्यवस्था को आधार।
  • भारत के विकास को सक्षम बनाया।
  • अब सतत प्रबंधन की आवश्यकता।

भविष्य का भारत: हाइड्रोकार्बन + नवीकरणीय का संतुलन।

[बोर्ड + सामान्य ज्ञान]

उदाहरण 16: संख्यात्मक — एथाइन का दहन

यदि 26 g एथाइन (C2H2C_2H_2) पूर्ण रूप से जलता, गणना करें: (a) आवश्यक O2O_2 का द्रव्यमान। (b) उत्पन्न CO2CO_2 का द्रव्यमान। (c) उत्पन्न H2OH_2O का द्रव्यमान। (C=12, H=1, O=16)

हल:

अभिक्रिया

2C2H2+5O24CO2+2H2O2C_2H_2 + 5O_2 \rightarrow 4CO_2 + 2H_2O

मोलर द्रव्यमान

  • C2H2C_2H_2 = 2(12) + 2(1) = 26 g/mol
  • O2O_2 = 2(16) = 32 g/mol
  • CO2CO_2 = 12 + 2(16) = 44 g/mol
  • H2OH_2O = 2(1) + 16 = 18 g/mol

C2H2C_2H_2 के मोल

26 g ÷ 26 g/mol = 1 mol

अभिक्रिया स्टॉइकिओमेट्री से

से: 2 C2H2C_2H_2 → 5 O₂ → 4 CO₂ → 2 H₂O

1 mol C2H2C_2H_2 के लिए:

  • O₂ उपयोग: 52\frac{5}{2} mol = 2.5 mol
  • CO₂ उत्पन्न: 42\frac{4}{2} mol = 2 mol
  • H₂O उत्पन्न: 22\frac{2}{2} mol = 1 mol

(a) O2O_2 का द्रव्यमान

2.5 mol × 32 g/mol = 80 g

(b) CO2CO_2 का द्रव्यमान

2 mol × 44 g/mol = 88 g

(c) H2OH_2O का द्रव्यमान

1 mol × 18 g/mol = 18 g

अंतिम उत्तर

आवश्यक O₂: 80 g उत्पन्न CO₂: 88 g उत्पन्न H₂O: 18 g

सत्यापन (द्रव्यमान संरक्षण)

अभिकारक:

  • 26 g (C₂H₂) + 80 g (O₂) = 106 g

उत्पाद:

  • 88 g (CO₂) + 18 g (H₂O) = 106 g

द्रव्यमान संतुलित ✓

निकली ऊष्मा

1 mol C₂H₂ ~1300 kJ छोड़ता। अतः 26 g C₂H₂ → 1300 kJ ऊष्मा।

मेथेन से तुलना (16 g → 891 kJ):

  • प्रति ग्राम: एथाइन 50 kJ/g, मेथेन 55 kJ/g।
  • प्रति मोल: एथाइन 1300 kJ/mol, मेथेन 891 kJ/mol।

एथाइन प्रति अणु अधिक ऊष्मा छोड़ता (त्रिक बंध टूटने के कारण)।

वेल्डिंग में एथाइन क्यों?

दहन तापमान: शुद्ध O₂ में ~3300°C! सबसे गर्म व्यावहारिक ज्वाला। स्टील पाइपों को वेल्ड करने, धातुओं को काटने के लिए उपयोग।

तुलना तालिका

हाइड्रोकार्बन M (g/mol) ऊष्मा (kJ/mol) ऊष्मा (kJ/g)
CH₄ (मेथेन) 16 891 55.7
C₂H₆ (एथेन) 30 1560 52
C₂H₄ (एथीन) 28 1410 50.4
C₂H₂ (एथाइन) 26 1300 50

मेथेन की प्रति ग्राम सबसे अधिक ऊष्मा — सर्वोत्तम घरेलू ईंधन। एथाइन की सबसे अधिक ज्वाला तापमान — वेल्डिंग के लिए सर्वोत्तम।

व्यावहारिक महत्व

इस तरह की गणना:

  • O₂ आपूर्ति की योजना के लिए उद्योग में उपयोग।
  • भंडारण टैंकों के आकार के लिए उपयोग।
  • CO₂ उत्सर्जन की गणना के लिए उपयोग।
  • सुरक्षा योजना के लिए उपयोग।

रसायन — आधुनिक उद्योग की रीढ़।

[बोर्ड: 3-5 अंक संख्यात्मक]