त्वरित पुनरावृत्ति: प्रांत-सार सारणी
| प्रांत | प्रमुख उल्लेख |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | काशी, प्रयाग, हरिद्वार, बद्रीनाथ-केदारनाथ; जायसी, कबीर, तुलसी; कृष्ण-लीला; रावण-कंस दलन |
| पंजाब | पंजाब केसरी, हिमालय का सहारा, तेग बहादुर, गुरु नानक |
| हरियाणा | वेद-उपनिषद-गीता, सरस्वती तट, अर्जुन-भीम-युधिष्ठिर, इंद्रप्रस्थ |
| राजस्थान | महाराणा प्रताप, हल्दीघाटी, गोरा-बादल, सेनानी-जौहर |
| बिहार | गया तर्पण, जे.पी. व दस्यु-समर्पण, नालंदा-वैशाली, बुद्ध-महावीर |
| दक्षिण भारत | रत्नाकर, कम्ब (तमिलनाडु), केरल-आंध्र, शिवाजी (महाराष्ट्र) |
| कर्नाटक | टीपू सुलतान, रानी चेन्नम्मा, कावेरी, पम्प, बसवेश्वर, अक्कमहादेवी, रामानुज (मेलकोटे) |
रचयिता: डॉ. पुण्यचन्द 'मानव' | संकलन: काव्यांजलि | प्रधान रस/गुण: वीर रस, ओज गुण (देशभक्ति काव्य)
[Exam Tip] संदर्भ भाव स्पष्टीकरण हेतु सबसे अधिक पूछे जाने वाले अंश हैं — हरियाणा वाला ('वेद और उपनिषद्…') तथा कर्नाटक वाला ('परम पुनीत नीर कावेरी…') — इनकी व्याख्या अवश्य याद रखें।