PUC II · Hindi · Chapter 18
हो गई है पीर पर्वत-सी
'नई कविता' और गज़ल विधा के प्रसिद्ध कवि दुष्यन्त कुमार की यह मार्मिक गज़ल समाज में व्याप्त पीड़ा, अन्याय और शोषण के विरुद्ध जन-जागरण एवं क्रांतिकारी परिवर्तन का सशक्त आह्वान करती है।
4 sections · ~68 min read · Free, no login needed
Start Reading