अम्ल, क्षारक एवं लवण
अम्ल, क्षारक एवं लवण अध्याय से 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न पत्र और 2025 व 2026 के बोर्ड प्रश्न पत्रों में 4 से 8 अंक आए, और इन तीनों बोर्ड प्रश्न पत्रों में रसायन विज्ञान का केस आधारित प्रश्न इसी अध्याय से था (एक बार pH पर, दो बार लवणों पर)। इसमें सूचकों, pH, क्रिस्टलन के जल या क्लोर-क्षार प्रक्रम पर एक से तीन बहुविकल्पीय प्रश्न, कभी-कभी एक अभिकथन-कारण प्रश्न, और लवणों या अम्ल को तनु करने पर 2 अंक का एक प्रश्न आता है।
सबसे अधिक अंक इन जगहों पर कटते हैं: बेकिंग सोडा, धोने का सोडा, विरंजक चूर्ण और प्लास्टर ऑफ़ पेरिस के सूत्र; pH स्केल को उल्टा पढ़ना (कम pH का अर्थ है अधिक हाइड्रोजन आयन); "अम्ल में जल डालें" लिख देना; और यह मान लेना कि हर लवण उदासीन होता है।
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सूचक
| सूचक | अम्ल | क्षारक |
|---|---|---|
| लिटमस | नीला → लाल | लाल → नीला |
| मेथिल ऑरेंज | लाल | पीला |
| फ़ीनॉल्फ़्थेलिन | रंगहीन | गुलाबी |
| हल्दी | पीली | लाल-भूरी |
गंधीय: प्याज़, वनिला, लौंग का तेल क्षारकों में अपनी गंध खो देते हैं।
अभिक्रियाएँ
- अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन ('पॉप' परीक्षण)। ज़िंक, सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ भी हाइड्रोजन देता है।
- अम्ल + कार्बोनेट या हाइड्रोजनकार्बोनेट → लवण + जल + कार्बन डाइऑक्साइड। चूने का पानी दूधिया होता है () और अधिक गैस से फिर साफ़: ।
- अम्ल + क्षारक या धातु ऑक्साइड → लवण + जल (उदासीनीकरण, ऊष्माक्षेपी)। अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं ()।
- जल में अम्ल ( के रूप में) और क्षारक देते हैं; क्षार घुलनशील क्षारक हैं। इनके आयन विद्युत का चालन करते हैं; आसुत जल लगभग नहीं करता।
- तनु करना अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है: अम्ल को जल में धीरे-धीरे, हिलाते हुए डालें।
pH
- 7 से कम अम्लीय, 7 से अधिक क्षारकीय; कम pH = अधिक । प्रबल अम्ल (HCl, सल्फ़्यूरिक, नाइट्रिक) पूरे आयनित होते हैं; दुर्बल (ऐसीटिक, सिट्रिक, कार्बोनिक) नहीं।
- शरीर 7.0-7.8; अम्लीय वर्षा 5.6 से कम; दाँतों का क्षय 5.5 से कम; अम्लता के लिए प्रतिअम्ल (मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया); मधुमक्खी और चींटी के डंक पर बेकिंग सोडा।
लवण
- प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक → अम्लीय (); दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक → क्षारकीय (, ); दोनों प्रबल → उदासीन।
| रसायन | सूत्र | कैसे बनता है | उपयोग |
|---|---|---|---|
| सोडियम हाइड्रॉक्साइड | साबुन, कागज़ | ||
| विरंजक चूर्ण | जल को रोगाणुमुक्त करना | ||
| बेकिंग सोडा | प्रतिअम्ल, सोडा-अम्ल अग्निशामक | ||
| धोने का सोडा | काँच, स्थायी कठोरता | ||
| प्लास्टर ऑफ़ पेरिस | प्लास्टर, खिलौने |
- गर्म करने पर बेकिंग सोडा: । बेकिंग पाउडर = बेकिंग सोडा + टार्टरिक अम्ल।
- प्लास्टर ऑफ़ पेरिस जल से जमता है: ।
सावधानियाँ
- pH 3, pH 5 से अधिक अम्लीय है। हर लवण उदासीन नहीं होता।
- क्लोरीन ऐनोड पर, हाइड्रोजन कैथोड पर, सोडियम हाइड्रॉक्साइड कैथोड के पास।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (2 अंक)
(a) पिंकी की माँ पकौड़ों के घोल में एक चुटकी बेकिंग सोडा डालती हैं। पकौड़े नरम और स्पंजी क्यों बनते हैं? गर्म करने पर बेकिंग सोडा में होने वाले परिवर्तन का रासायनिक समीकरण लिखिए।
(b) सोडियम क्लोराइड से बेकिंग सोडा बनाने का रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) घोल को तलते समय ऊष्मा से बेकिंग सोडा टूटता है और कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है। यह गैस घोल में छोटे-छोटे बुलबुले बनाती है, इसलिए पकौड़े फूलकर नरम और स्पंजी हो जाते हैं।
(b)
अंक योजना:
- (a) गर्म करने पर बेकिंग सोडा कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ता है, जिससे घोल फूलकर स्पंजी हो जाता है (0.5) — 0.5 अंक
- — 0.5 अंक
- (b) — 1 अंक
प्रश्न 2 (2 अंक)
नेपानगर के पास एक कागज़ मिल लकड़ी की लुगदी को सफ़ेद करने के लिए विरंजक चूर्ण का उपयोग करती है।
(a) विरंजक चूर्ण का रासायनिक नाम और उसके बनाने का समीकरण लिखिए।
(b) विरंजक चूर्ण के दो अन्य उपयोग लिखिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) विरंजक चूर्ण कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड, , है। इसे शुष्क बुझे हुए चूने पर क्लोरीन गैस प्रवाहित करके बनाया जाता है:
(b)
- पीने के पानी को रोगाणुमुक्त करने, अर्थात उसके कीटाणु मारने में।
- कपड़ा मिलों में सूती और लिनेन के विरंजन में।
अंक योजना:
- (a) कैल्सियम ऑक्सीक्लोराइड, ; शुष्क बुझे हुए चूने पर क्लोरीन प्रवाहित करके: (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- (b) कोई दो: कपड़ा मिलों में सूती और लिनेन का विरंजन; धोबीघरों में धुले कपड़ों का विरंजन; उद्योगों में उपचायक के रूप में; पीने के पानी को रोगाणुमुक्त करना; प्रत्येक 0.5 — 1 अंक
प्रश्न 3 (3 अंक)
चार बिना नाम वाली परखनलियों में आसुत जल, तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, तनु सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन और सोडियम कार्बोनेट विलयन हैं। आपको केवल फ़ीनॉल्फ़्थेलिन की एक शीशी और कुछ साफ़ ड्रॉपर दिए गए हैं। आप हर परखनली के द्रव की पहचान कैसे करेंगे?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- हर द्रव का थोड़ा भाग चार साफ़ परखनलियों में लें और फ़ीनॉल्फ़्थेलिन की एक बूँद डालें। दो गुलाबी हो जाते हैं: ये दो क्षारकीय द्रव, सोडियम हाइड्रॉक्साइड और सोडियम कार्बोनेट, हैं। दो रंगहीन रहते हैं: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और आसुत जल।
- एक रंगहीन द्रव को बूँद-बूँद करके किसी गुलाबी विलयन के एक भाग में डालें। यदि गुलाबी रंग चला जाए, तो वह द्रव हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है, क्योंकि वह क्षारक को उदासीन कर देता है। दूसरा रंगहीन द्रव आसुत जल है।
- अब दोनों गुलाबी द्रवों में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बूँद-बूँद डालें, और गुलाबी रंग चले जाने के बाद भी डालते रहें। जिसमें तब बुदबुदाहट शुरू हो और कार्बन डाइऑक्साइड निकले, वह सोडियम कार्बोनेट है। जिसमें कभी बुदबुदाहट न हो, वह सोडियम हाइड्रॉक्साइड है।
अंक योजना:
- हर एक के थोड़े-से भाग में फ़ीनॉल्फ़्थेलिन डालें: दो गुलाबी होते हैं (सोडियम हाइड्रॉक्साइड और सोडियम कार्बोनेट, दोनों क्षारकीय); दो रंगहीन रहते हैं (हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और आसुत जल) — 1 अंक
- हर रंगहीन द्रव को बूँद-बूँद करके किसी गुलाबी विलयन में डालें: जो गुलाबी रंग मिटा दे वह हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है; दूसरा आसुत जल है — 1 अंक
- दोनों गुलाबी द्रवों में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल बूँद-बूँद डालें और गुलाबी रंग जाने के बाद भी डालते रहें: जिसमें तब बुदबुदाहट हो (कार्बन डाइऑक्साइड निकले) वह सोडियम कार्बोनेट है; जिसमें कभी बुदबुदाहट न हो वह सोडियम हाइड्रॉक्साइड है — 1 अंक
प्रश्न 4 (3 अंक)
सना ने चित्र में दिखाया गया उपकरण लगाया। परखनली में तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल B में ज़िंक के दाने A हैं। बनने वाली गैस को साबुन के घोल C में प्रवाहित किया जाता है, और एक जलती मोमबत्ती D को साबुन के बुलबुलों के पास लाया जाता है।
(a) गैस का नाम बताइए और लिखिए कि जलती मोमबत्ती को बुलबुले के पास लाने पर क्या होता है।
(b) परखनली में होने वाली अभिक्रिया का अवस्था-संकेतों सहित संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
(c) यदि सना ज़िंक के दानों के स्थान पर कॉपर की छीलन लेती, तो वह क्या देखती? कारण दीजिए।

उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) गैस हाइड्रोजन है। इससे भरे बुलबुले के पास जलती मोमबत्ती लाने पर बुलबुला फूटता है और गैस 'पॉप' ध्वनि के साथ जलती है।
(b)
(c) गैस के बुलबुले नहीं बनेंगे, क्योंकि कोई अभिक्रिया नहीं होगी। कॉपर, हाइड्रोजन से कम अभिक्रियाशील है, इसलिए वह अम्ल से हाइड्रोजन को बाहर नहीं कर सकता।
अंक योजना:
- (a) हाइड्रोजन; बुलबुला फूटता है और गैस 'पॉप' ध्वनि के साथ जलती है (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- (b) — 1 अंक
- (c) गैस के बुलबुले नहीं बनेंगे / कोई अभिक्रिया नहीं (0.5), क्योंकि कॉपर, हाइड्रोजन से कम अभिक्रियाशील है और अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित नहीं कर सकता (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 5 (2 अंक)
(a) पोटैशियम सल्फ़ेट और अमोनियम क्लोराइड के सूत्र लिखिए। प्रत्येक किस अम्ल और किस क्षारक से बनता है?
(b) इन लवणों को सल्फ़ेट परिवार और क्लोराइड परिवार में बाँटिए: , , , ।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) पोटैशियम सल्फ़ेट, , सल्फ़्यूरिक अम्ल और पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड से बनता है। अमोनियम क्लोराइड, , हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और अमोनियम हाइड्रॉक्साइड से बनता है।
(b) जिन लवणों का ऋणात्मक भाग एक ही हो, वे एक परिवार के होते हैं।
- सल्फ़ेट परिवार: और ।
- क्लोराइड परिवार: और ।
अंक योजना:
- (a) : सल्फ़्यूरिक अम्ल और पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड; : हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- (b) सल्फ़ेट परिवार: , ; क्लोराइड परिवार: , (0.5 + 0.5) — 1 अंक
प्रश्न 6 (3 अंक)
अवस्था-संकेतों सहित उन अभिक्रियाओं के संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए जो तब होती हैं जब:
(a) तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल में मैग्नीशियम रिबन डाला जाता है;
(b) संगमरमर के टुकड़ों पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डाला जाता है;
(c) सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन में तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल मिलाया जाता है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a)
(b) संगमरमर कैल्सियम कार्बोनेट है:
(c)
अंक योजना:
- (a) ; सूत्र और संतुलन 0.5, अवस्था-संकेत 0.5 — 1 अंक
- (b) ; सूत्र और संतुलन 0.5, अवस्था-संकेत 0.5 — 1 अंक
- (c) ; सूत्र और संतुलन 0.5, अवस्था-संकेत 0.5 — 1 अंक
प्रश्न 7 (2 अंक)
रोहित ने काँच के बीकर में रखे थोड़े-से सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल में पानी डाल दिया। मिश्रण उछलकर बाहर आया और बीकर चटक गया।
(a) ऐसा क्यों हुआ?
(b) उसे दोनों को कैसे मिलाना चाहिए था?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) सांद्र अम्ल को जल में मिलाने पर बहुत ऊष्मा निकलती है (यह अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है)। जब अम्ल में जल डाला जाता है, तो ऊष्मा थोड़े-से द्रव में बनती है, इसलिए जल तुरंत उबलकर अम्ल की बूँदें उछाल देता है। एक जगह अचानक गर्मी से काँच भी चटक सकता है।
(b) उसे अम्ल को धीरे-धीरे, लगातार हिलाते हुए, जल में मिलाना चाहिए था। तब अधिक मात्रा का जल ऊष्मा को सुरक्षित रूप से सोख लेता है।
अंक योजना:
- (a) सांद्र अम्ल को जल में मिलाना अत्यधिक ऊष्माक्षेपी है; अम्ल में जल डालने पर कम आयतन में बहुत ऊष्मा बनती है, जल उबलकर अम्ल के साथ छिटकता है, और एक जगह अधिक गर्म होने से काँच चटक जाता है — 1 अंक
- (b) अम्ल को धीरे-धीरे, लगातार हिलाते हुए, जल में मिलाना चाहिए — 1 अंक
प्रश्न 8 (3 अंक)
दो अम्ल विलयनों, X और Y, की सांद्रता समान है। X का pH 1 और Y का pH 3 है। दोनों के बराबर आयतन में साफ़ मैग्नीशियम रिबन के बराबर लंबाई के टुकड़े डाले जाते हैं।
(a) किस विलयन में बुदबुदाहट अधिक तेज़ होगी? क्यों?
(b) दोनों में से कौन-सा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और कौन-सा ऐसीटिक अम्ल हो सकता है?
(c) हर फ्लास्क का सारा अम्ल खर्च करने लायक मैग्नीशियम डाला जाता है। दोनों अभिक्रियाएँ पूरी होने पर किस फ्लास्क से अधिक हाइड्रोजन मिली होगी? कारण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) बुदबुदाहट X में अधिक तेज़ होगी। कम pH का अर्थ है विलयन में एक समय में अधिक आयन, और मैग्नीशियम इन्हीं आयनों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन देता है।
(b) X हाइड्रोक्लोरिक अम्ल और Y ऐसीटिक अम्ल हो सकता है। समान सांद्रता पर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल कहीं अधिक आयन देता है, इसलिए उसका pH कम होता है।
(c) दोनों फ्लास्कों से बराबर हाइड्रोजन मिलेगी। दोनों में अम्ल की मात्रा बराबर है। दुर्बल अम्ल एक समय में कम आयन देता है, पर जैसे-जैसे ये खर्च होते हैं वह और देता जाता है, इसलिए उसे पूरा होने में बस अधिक समय लगता है।
अंक योजना:
- (a) X में; उसके कम pH का अर्थ है कि उसमें एक समय में अधिक आयन हैं, इसलिए वह मैग्नीशियम से तेज़ी से अभिक्रिया करता है (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- (b) X: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल; Y: ऐसीटिक अम्ल (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- (c) दोनों से बराबर (0.5): दोनों फ्लास्कों में अम्ल की मात्रा बराबर है, और दुर्बल अम्ल अपने हाइड्रोजन आयन खर्च होने पर और देता जाता है, इसलिए वह केवल धीरे अभिक्रिया करता है (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 9 (2 अंक)
साधारण नमक को अनेक रसायनों का कच्चा माल कहा जाता है। इससे बनने वाले किन्हीं चार रसायनों के नाम और सूत्र लिखिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड,
- विरंजक चूर्ण,
- बेकिंग सोडा,
- धोने का सोडा,
अंक योजना:
- कोई चार, प्रत्येक 0.5: सोडियम हाइड्रॉक्साइड ; विरंजक चूर्ण ; बेकिंग सोडा ; धोने का सोडा ; हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ; क्लोरीन ; हाइड्रोजन ; सोडियम कार्बोनेट — 2 अंक
प्रश्न 10 (2 अंक)
(a) कार्बन डाइऑक्साइड की सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन से अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
(b) यह अभिक्रिया अधातुओं के ऑक्साइडों की प्रकृति के बारे में क्या दर्शाती है? इस प्रकार का एक और ऑक्साइड बताइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a)
(b) क्षारक, कार्बन डाइऑक्साइड से अभिक्रिया करके लवण और जल देता है, जैसा वह किसी अम्ल के साथ करता है। अतः अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं। सल्फ़र डाइऑक्साइड, , एक और उदाहरण है।
अंक योजना:
- (a) — 1 अंक
- (b) ये अम्लीय होते हैं: अम्लों की तरह ये क्षारक से अभिक्रिया करके लवण और जल देते हैं (0.5); जैसे सल्फ़र डाइऑक्साइड, (0.5) — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और केस आधारित प्रश्न
प्रश्न 11 (4 अंक)
पुणे के एक खेल परिसर के तरणताल का पानी हर सुबह जाँचा जाता है। इसका pH 7.2 और 7.8 के बीच रहना चाहिए। pH बहुत कम हो जाए तो कर्मचारी सोडियम कार्बोनेट डालते हैं; बहुत अधिक हो जाए तो थोड़ा तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालते हैं। एक सोमवार को pH 6.8 था। मंगलवार को, बहुत अधिक सोडियम कार्बोनेट डाल दिए जाने के बाद, यह 8.6 था।
(a) सोमवार को पानी अम्लीय था या क्षारकीय? उस दिन कर्मचारियों ने दोनों में से कौन-सा रसायन डाला? (1 अंक)
उत्तर।
- हल्का अम्लीय, क्योंकि pH 7 से कम था; सोडियम कार्बोनेट (0.5 + 0.5) — 1 अंक
(b) सोडियम कार्बोनेट पानी का pH क्यों बढ़ा देता है? (1 अंक)
उत्तर।
- यह प्रबल क्षारक (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) और दुर्बल अम्ल (कार्बोनिक अम्ल) का लवण है, इसलिए इसका विलयन क्षारकीय होता है — 1 अंक
(c) मंगलवार को कौन-सा रसायन pH को लगभग 7.4 पर वापस लाएगा? सोडियम कार्बोनेट के साथ उसकी अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
- तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, क्योंकि पानी अधिक क्षारकीय हो गया था — 1 अंक
- — 1 अंक
अथवा
(c) रात भर तेज़ वर्षा के बाद तरणताल का pH थोड़ा गिर गया। (i) वर्षा का जल विद्युत का चालन करता है, पर आसुत जल लगभग नहीं करता। क्यों? (ii) वर्षा से तरणताल का pH क्यों घटा? (2 अंक)
उत्तर।
- (i) वर्षा के जल में वायु से घुले पदार्थ (कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसों से बने अम्ल, और लवण) होते हैं जो आयन देते हैं, और ये आयन धारा ले जाते हैं; आसुत जल में लगभग कोई आयन नहीं होते — 1 अंक
- (ii) वर्षा में घुली कार्बन डाइऑक्साइड (और अन्य अम्लीय गैसें) कार्बोनिक अम्ल बनाकर उसे हल्का अम्लीय कर देती है, इसलिए वर्षा का जल मिलने से pH घटता है — 1 अंक
प्रश्न 12 (4 अंक)
भरूच के पास एक रासायनिक संयंत्र में, चित्र में दिखाए अनुसार, लवणजल B (सोडियम क्लोराइड का सांद्र विलयन) में विद्युत प्रवाहित की जाती है। धन टर्मिनल से जुड़े इलेक्ट्रोड P के ऊपर गैस X और ऋण टर्मिनल से जुड़े इलेक्ट्रोड Q के ऊपर गैस Y एकत्र होती है। Q के पास से विलयन Z निकाला जाता है।

(a) गैस X और Y के नाम बताइए। (1 अंक)
उत्तर।
- X: क्लोरीन; Y: हाइड्रोजन (0.5 + 0.5) — 1 अंक
(b) विलयन Z में उपस्थित पदार्थ का नाम बताइए। इस प्रक्रम को क्लोर-क्षार प्रक्रम क्यों कहते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड (0.5); इसके उत्पाद क्लोरीन (क्लोर) और सोडियम हाइड्रॉक्साइड, एक क्षार, हैं (0.5) — 1 अंक
(c) इस प्रक्रम का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। शुरू में लवणजल का pH 7 है। प्रक्रम चलते रहने पर Q के पास के विलयन के pH का क्या होता है, और क्यों? (2 अंक)
उत्तर।
- — 1 अंक
- pH, 7 से ऊपर बढ़ जाता है (0.5), क्योंकि Q के पास सोडियम हाइड्रॉक्साइड, एक क्षार, जमा होता है (0.5) — 1 अंक
अथवा
(c) संयंत्र अपने दो उत्पादों को मिलाकर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल भी बनाता है। कौन-से दो? समीकरण लिखिए, और हाइड्रोजन तथा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल, प्रत्येक का एक उपयोग लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
- हाइड्रोजन और क्लोरीन: — 1 अंक
- हाइड्रोजन: ईंधन के रूप में, मार्जरीन बनाने में, या उर्वरकों के लिए अमोनिया बनाने में (कोई एक); हाइड्रोक्लोरिक अम्ल: स्टील की सफ़ाई, औषधियाँ और सौंदर्य-प्रसाधन बनाने, या अमोनियम क्लोराइड बनाने में (कोई एक) (0.5 + 0.5) — 1 अंक
प्रश्न 13 (4 अंक)
अमन ने एक साफ़, सूखी क्वथन नली तौली (20.00 g), फिर कॉपर सल्फ़ेट के कुछ नीले क्रिस्टलों सहित नली तौली (25.00 g)। उसने इसे तब तक गर्म किया जब तक ठोस पूरी तरह सफ़ेद न हो गया और भाप निकलना बंद न हो गई, फिर ठंडा करके दोबारा तौला: 23.20 g। अगले पीरियड में उसकी कक्षा ने सोडियम कार्बोनेट को जल से पुनः क्रिस्टलित करके धोने के सोडे के क्रिस्टल प्राप्त किए। ये क्रिस्टल सूखे दिखते हैं, पर इनमें भी क्रिस्टलन का जल होता है।
(a) कॉपर सल्फ़ेट के क्रिस्टलों से कितने द्रव्यमान का जल निकला? इस जल को क्या कहते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
- 25.00 − 23.20 = 1.80 g; क्रिस्टलन का जल (0.5 + 0.5) — 1 अंक
(b) नीले क्रिस्टलों और सफ़ेद चूर्ण के सूत्र लिखिए। (1 अंक)
उत्तर।
- नीले क्रिस्टल: ; सफ़ेद चूर्ण: (0.5 + 0.5) — 1 अंक
(c) सोडियम कार्बोनेट से धोने के सोडे के क्रिस्टल बनने का समीकरण लिखिए। धोने के सोडे के दो उपयोग लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
- — 1 अंक
- कोई दो: काँच, साबुन और कागज़ उद्योगों में; बोरेक्स बनाने में; घरों में सफ़ाई के लिए; जल की स्थायी कठोरता हटाने में; प्रत्येक 0.5 — 1 अंक
अथवा
(c) जिप्सम, , में भी क्रिस्टलन का जल होता है। इसे 373 K पर गर्म करने पर क्या बनता है? समीकरण लिखिए, और उत्पाद का एक उपयोग लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
- प्लास्टर ऑफ़ पेरिस: (नाम 0.5, समीकरण 1) — 1.5 अंक
- कोई एक उपयोग: टूटी हड्डियों को सहारा देने वाला प्लास्टर; खिलौने, सजावट का सामान बनाने या सतहों को चिकना करने में — 0.5 अंक
प्रश्न 14 (4 अंक)
शिलांग के एक विद्यालय की प्रयोगशाला में प्रायोगिक कक्षा के समय तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की एक बोतल मेज़ पर लुढ़क गई। शिक्षक ने तुरंत फैले अम्ल पर सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट का चूर्ण तब तक छिड़का जब तक बुदबुदाहट बंद नहीं हो गई, और फिर मेज़ को गीले कपड़े से पोंछ दिया।
(a) मिश्रण में बुदबुदाहट क्यों हुई? निकलने वाली गैस का नाम बताइए। (1 अंक)
उत्तर।
- हाइड्रोजनकार्बोनेट ने अम्ल से अभिक्रिया करके गैस छोड़ी (0.5); कार्बन डाइऑक्साइड (0.5) — 1 अंक
(b) शिक्षक ने सोडियम हाइड्रॉक्साइड के स्थान पर सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट का उपयोग क्यों किया? (1 अंक)
उत्तर।
- सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट एक मृदु क्षारक है, इसे छूना सुरक्षित है, और बचा हुआ अतिरिक्त भाग कोई हानि नहीं करता; सोडियम हाइड्रॉक्साइड प्रबल क्षार है जो त्वचा को जला सकता है, इसे छूने में भी सावधानी चाहिए — 1 अंक
(c) इस अभिक्रिया का अवस्था-संकेतों सहित संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। बुदबुदाहट का रुकना यह क्यों दर्शाता है कि अम्ल समाप्त हो गया है? (2 अंक)
उत्तर।
- — 1 अंक
- कार्बन डाइऑक्साइड तभी तक बनती है जब तक अभिक्रिया के लिए अम्ल बचा हो; जब और चूर्ण डालने पर भी गैस न निकले, तब सारा अम्ल उदासीन हो चुका होता है — 1 अंक
अथवा
(c) उसी कक्षा में साहिल ने संगमरमर के टुकड़ों पर तनु अम्ल डालकर कार्बन डाइऑक्साइड बनाई और उसे चूने के पानी में प्रवाहित किया। चूने का पानी दूधिया हो गया, पर देर तक गैस प्रवाहित करते रहने पर वह फिर साफ़ हो गया। संतुलित समीकरणों की सहायता से दोनों परिवर्तन समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
- दूधिया: अविलेय सफ़ेद कैल्सियम कार्बोनेट बनता है: — 1 अंक
- फिर साफ़: अधिक कार्बन डाइऑक्साइड से कैल्सियम कार्बोनेट घुलनशील कैल्सियम हाइड्रोजनकार्बोनेट में बदल जाता है: — 1 अंक