कार्बन एवं उसके यौगिक

कार्बन एवं उसके यौगिक अध्याय 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न पत्र तथा 2025 और 2026 के बोर्ड प्रश्न पत्रों में 5 से 7 अंक का रहा। प्रकार्यात्मक समूहों, समावयवियों, समजातीय श्रेणी और साबुनों पर दो-तीन बहुविकल्पीय प्रश्न, कभी-कभी एक अभिकथन-कारण प्रश्न, आबंधन या एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल की अभिक्रियाओं पर 2 या 3 अंक का एक प्रश्न, और प्रायः रसायन का 5 अंक का प्रश्न (2025 और फरवरी 2026) आता है।

अंक प्रायः यहाँ कटते हैं:

  • इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना में साझा युग्मों की गलत संख्या, या O और Cl पर असाझा युग्म न दिखाना;
  • समीकरण बिना परिस्थितियों के लिखना (443 K पर सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल, निकैल उत्प्रेरक, सूर्य का प्रकाश, अम्ल उत्प्रेरक);
  • नामकरण: -अल (ऐल्डिहाइड) और -ओन (कीटोन) में गड़बड़ी, या कार्बन परमाणुओं की गलत गिनती;
  • हाइड्रोजनीकरण को प्रतिस्थापन, या मेथेन के क्लोरीनीकरण को संकलन अभिक्रिया लिखना।

5 मिनट में दोहराएँ

आबंधन: कार्बन (2, 4) इलेक्ट्रॉन साझा करता है: सहसंयोजी आबंध। C4+\mathrm{C^{4+}} नहीं (बहुत ऊर्जा) और C4−\mathrm{C^{4-}} नहीं (6 प्रोटॉन 10 इलेक्ट्रॉन नहीं थाम सकते)। एकल, द्वि, त्रि आबंध में 1, 2, 3 युग्म साझा (CH4\mathrm{CH_4}; O2\mathrm{O_2}, CO2\mathrm{CO_2}; N2\mathrm{N_2})। सहसंयोजी यौगिकों के गलनांक और क्वथनांक निम्न होते हैं और ये विद्युत चालन नहीं करते (आयन नहीं)।

कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति: श्रृंखलन और चतुःसंयोजकता। संतृप्त = केवल एकल C–C आबंध; असंतृप्त = द्वि या त्रि आबंध। वलय: साइक्लोहेक्सेन C6H12\mathrm{C_6H_{12}}, बेंजीन C6H6\mathrm{C_6H_6}। समावयवी: सूत्र एक, संरचना भिन्न।

श्रेणी या समूह सूत्र या समूह नाम का अंत उदाहरण
ऐल्केन / ऐल्कीन / ऐल्काइन CnH2n+2\mathrm{C_nH_{2n+2}} / CnH2n\mathrm{C_nH_{2n}} / CnH2n−2\mathrm{C_nH_{2n-2}} -एन / -ईन / -आइन प्रोपेन / प्रोपीन / प्रोपाइन
हैलो Cl, Br क्लोरो-, ब्रोमो- क्लोरोप्रोपेन
ऐल्कोहॉल −OH\mathrm{-OH} -ऑल प्रोपेनॉल
ऐल्डिहाइड −CHO\mathrm{-CHO} -अल प्रोपेनल
कीटोन श्रृंखला में C=O\mathrm{C{=}O} -ओन प्रोपेनोन
कार्बोक्सिलिक अम्ल −COOH\mathrm{-COOH} -ऑइक अम्ल प्रोपेनॉइक अम्ल

समजातीय श्रेणी: −CH2−\mathrm{-CH_2-} (14 u) का अंतर; रासायनिक गुण समान, भौतिक गुणों में क्रमिक परिवर्तन।

अभिक्रियाएँ (Δ = ऊष्मा)

  • दहन: CH3CH2OH+3O2→2CO2+3H2O\mathrm{CH_3CH_2OH + 3O_2 \rightarrow 2CO_2 + 3H_2O}; संतृप्त → साफ़ नीली लौ, असंतृप्त → कालिख वाली पीली लौ।
  • उपचयन: CH3CH2OH→alk. KMnO4, ΔCH3COOH\mathrm{CH_3CH_2OH \xrightarrow{alk.\ KMnO_4,\ \Delta} CH_3COOH} (या अम्लीकृत K2Cr2O7\mathrm{K_2Cr_2O_7})।
  • संकलन: CH2=CH2+H2→Ni, ΔCH3CH3\mathrm{CH_2{=}CH_2 + H_2 \xrightarrow{Ni,\ \Delta} CH_3CH_3}; तेल → वनस्पति घी।
  • प्रतिस्थापन (सूर्य का प्रकाश): CH4+Cl2→CH3Cl+HCl\mathrm{CH_4 + Cl_2 \rightarrow CH_3Cl + HCl}।
  • एथेनॉल + सोडियम: 2CH3CH2OH+2Na→2CH3CH2ONa+H2\mathrm{2CH_3CH_2OH + 2Na \rightarrow 2CH_3CH_2ONa + H_2}।
  • निर्जलीकरण: CH3CH2OH→conc. H2SO4, 443 KCH2=CH2+H2O\mathrm{CH_3CH_2OH \xrightarrow{conc.\ H_2SO_4,\ 443\ K} CH_2{=}CH_2 + H_2O}।
  • एस्टरीकरण: CH3COOH+C2H5OH→conc. H2SO4, ΔCH3COOC2H5+H2O\mathrm{CH_3COOH + C_2H_5OH \xrightarrow{conc.\ H_2SO_4,\ \Delta} CH_3COOC_2H_5 + H_2O} (मीठी गंध)।
  • साबुनीकरण: CH3COOC2H5+NaOH→ΔCH3COONa+C2H5OH\mathrm{CH_3COOC_2H_5 + NaOH \xrightarrow{\Delta} CH_3COONa + C_2H_5OH}।
  • एथेनॉइक अम्ल: दुर्बल अम्ल; सिरका जल में 5-8%; NaHCO3\mathrm{NaHCO_3} या Na2CO3\mathrm{Na_2CO_3} से लवण, जल और CO2\mathrm{CO_2}।

साबुन और अपमार्जक: साबुन = लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्ल का Na/K लवण; पूँछ तेल में, आयनिक सिरा जल में → मिसेल। कठोर जल (Ca2+\mathrm{Ca^{2+}}, Mg2+\mathrm{Mg^{2+}}) साबुन के साथ स्कम देता है; अपमार्जक फिर भी झाग देते हैं।

सावधानियाँ: हाइड्रोजनीकरण संकलन है, प्रतिस्थापन नहीं; कीटोन 3 कार्बन से शुरू होते हैं; C6H12\mathrm{C_6H_{12}} वलय भी हो सकता है।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।

लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)

प्रश्न 1 (2 अंक)

मेथेनॉल, CH3OH\mathrm{CH_3OH}, की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए। (परमाणु क्रमांक: C = 6, O = 8) ऑक्सीजन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनों के कितने असाझा युग्म हैं, और पूरे अणु में कितने युग्म साझा होते हैं?

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

संरचना चित्र में दिखाई गई है।

ऑक्सीजन (2, 6) एक युग्म कार्बन के साथ और एक हाइड्रोजन के साथ साझा करती है, इसलिए उस पर 2 असाझा युग्म बचते हैं।

साझा युग्म: 3 (C-H) + 1 (C-O) + 1 (O-H) = 5 युग्म।

अंक योजना:

  1. सही संरचना: C तीन H परमाणुओं में से प्रत्येक के साथ और O के साथ एक-एक युग्म साझा करता है; O, H के साथ एक युग्म साझा करता है (चित्र देखें) — 1 अंक
  2. ऑक्सीजन पर दो असाझा युग्म — 0.5 अंक
  3. 5 साझा युग्म (10 साझा इलेक्ट्रॉन भी स्वीकार्य) — 0.5 अंक

C, O और चार H परमाणुओं वाले अणु की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना

प्रश्न 2 (3 अंक)

रोहित ने छह यौगिकों के नाम इस प्रकार लिखे। बताइए कि कौन-से नाम गलत हैं, और सही नाम लिखिए।

(i) CH3CH2CHO\mathrm{CH_3CH_2CHO}: प्रोपेनोन

(ii) CH3COCH3\mathrm{CH_3COCH_3}: प्रोपेनल

(iii) CH3CH2CH2CH2OH\mathrm{CH_3CH_2CH_2CH_2OH}: ब्यूटेनॉल

(iv) HCOOH\mathrm{HCOOH}: मेथेनल

(v) CH3CH2Cl\mathrm{CH_3CH_2Cl}: क्लोरोएथेन

(vi) CH3CH=CH2\mathrm{CH_3CH{=}CH_2}: प्रोपाइन

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(i) गलत। श्रृंखला के सिरे पर -CHO समूह होने से यह ऐल्डिहाइड है: प्रोपेनल।

(ii) गलत। C=O समूह श्रृंखला के बीच में है, इसलिए यह कीटोन है: प्रोपेनोन।

(iii) सही: ब्यूटेनॉल।

(iv) गलत। -COOH कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह है: मेथेनॉइक अम्ल।

(v) सही: क्लोरोएथेन।

(vi) गलत। द्विआबंध होने से यह ऐल्कीन है: प्रोपीन।

अंक योजना:

  1. (i) गलत: प्रोपेनल (-CHO समूह श्रृंखला के सिरे पर है) — 0.5 अंक
  2. (ii) गलत: प्रोपेनोन (C=O श्रृंखला के बीच में है) — 0.5 अंक
  3. (iii) सही (ब्यूटेन-1-ऑल भी स्वीकार्य) — 0.5 अंक
  4. (iv) गलत: मेथेनॉइक अम्ल (इसमें -COOH समूह है) — 0.5 अंक
  5. (v) सही — 0.5 अंक
  6. (vi) गलत: प्रोपीन (इसमें द्विआबंध है, त्रिआबंध नहीं) — 0.5 अंक

प्रश्न 3 (3 अंक)

चित्र में तीन यौगिकों A, B और C के संरचना सूत्र दिखाए गए हैं।

(a) A, B और C के नाम लिखिए।

(b) इनमें से कौन-से दो आपस में समावयवी हैं? कारण दीजिए।

तीन यौगिकों के संरचना सूत्र, A, B और C अंकित

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(a) A प्रोपेनल है (श्रृंखला के सिरे पर ऐल्डिहाइड समूह), B प्रोपेनोन है (बीच में C=O, कीटोन) और C प्रोपेनॉल है (-OH समूह)।

(b) A और B समावयवी हैं। दोनों का सूत्र C3H6O\mathrm{C_3H_6O} है, पर इनके परमाणु अलग ढंग से जुड़े हैं। C में दो हाइड्रोजन परमाणु अधिक हैं, C3H8O\mathrm{C_3H_8O}, इसलिए यह किसी का समावयवी नहीं है।

अंक योजना:

  1. A: प्रोपेनल — 0.5 अंक
  2. B: प्रोपेनोन — 0.5 अंक
  3. C: प्रोपेनॉल (प्रोपेन-1-ऑल भी स्वीकार्य) — 0.5 अंक
  4. A और B: दोनों का अणुसूत्र C3H6O\mathrm{C_3H_6O} है — 1 अंक
  5. पर संरचनाएँ भिन्न हैं (A में C=O सिरे पर और B में बीच में); C, C3H8O\mathrm{C_3H_8O} है — 0.5 अंक

प्रश्न 4 (2 अंक)

तालिका का अध्ययन कीजिए।

पदार्थ गलनांक (K) क्वथनांक (K)
पोटैशियम क्लोराइड 1044 1693
प्रोपेनोन 178 329
हेक्सेन 178 342

(a) प्रोपेनोन और हेक्सेन के गलनांक और क्वथनांक पोटैशियम क्लोराइड की तुलना में इतने कम क्यों हैं?

(b) हेक्सेन विद्युत का चालन क्यों नहीं करता?

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(a) प्रोपेनोन और हेक्सेन अलग-अलग अणुओं से बने सहसंयोजी यौगिक हैं। इन अणुओं के बीच आकर्षण बल दुर्बल होते हैं, इसलिए इन्हें पिघलाने या उबालने में थोड़ी ऊष्मा ही लगती है। पोटैशियम क्लोराइड आयनिक है, और इसके आयनों के बीच प्रबल आकर्षण को तोड़ने में कहीं अधिक ऊष्मा लगती है।

(b) हेक्सेन में परमाणु साझा इलेक्ट्रॉनों से जुड़े रहते हैं, और आयन नहीं बनते। गति करने वाले आवेशित कण न होने के कारण यह विद्युत धारा का चालन नहीं कर सकता।

अंक योजना:

  1. प्रोपेनोन और हेक्सेन अणुओं से बने सहसंयोजी यौगिक हैं; इनके अणुओं के बीच बल दुर्बल होते हैं, इसलिए इन्हें पिघलाने या उबालने में कम ऊर्जा लगती है — 0.5 अंक
  2. पोटैशियम क्लोराइड आयनिक है; इसके आयनों के बीच प्रबल आकर्षण को तोड़ने में कहीं अधिक ऊर्जा लगती है — 0.5 अंक
  3. हेक्सेन सहसंयोजी है; इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी से आयन नहीं बनते, इसलिए धारा ले जाने वाले आवेशित कण नहीं होते — 1 अंक

प्रश्न 5 (3 अंक)

(a) प्रोपीन की हाइड्रोजन से अभिक्रिया का समीकरण परिस्थिति सहित लिखिए, और अभिक्रिया का प्रकार बताइए।

(b) मेथेन की क्लोरीन से अभिक्रिया के पहले चरण का समीकरण परिस्थिति सहित लिखिए, और अभिक्रिया का प्रकार बताइए।

(c) एथेन के साथ भी ये दोनों प्रयोग किए जाते हैं। एथेन इन दोनों में से कौन-सी अभिक्रिया कर सकती है? कारण दीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(a) CH3CH=CH2+H2→Ni, ΔCH3CH2CH3\mathrm{CH_3CH{=}CH_2 + H_2 \xrightarrow{Ni,\ \Delta} CH_3CH_2CH_3}

निकैल उत्प्रेरक की उपस्थिति में द्विआबंध पर हाइड्रोजन जुड़ जाती है: संकलन अभिक्रिया (हाइड्रोजनीकरण)।

(b) CH4+Cl2→CH3Cl+HCl\mathrm{CH_4 + Cl_2 \rightarrow CH_3Cl + HCl}, सूर्य के प्रकाश में।

क्लोरीन का एक परमाणु हाइड्रोजन के एक परमाणु का स्थान लेता है: प्रतिस्थापन अभिक्रिया।

(c) एथेन केवल प्रतिस्थापन अभिक्रिया कर सकती है। इसमें केवल एकल आबंध हैं, इसलिए हाइड्रोजन के जुड़ने के लिए कोई द्विआबंध नहीं है।

अंक योजना:

  1. CH3CH=CH2+H2→Ni, ΔCH3CH2CH3\mathrm{CH_3CH{=}CH_2 + H_2 \xrightarrow{Ni,\ \Delta} CH_3CH_2CH_3}; निकैल उत्प्रेरक (गर्म करके); संकलन (हाइड्रोजनीकरण) — 1 अंक
  2. CH4+Cl2→CH3Cl+HCl\mathrm{CH_4 + Cl_2 \rightarrow CH_3Cl + HCl}; सूर्य के प्रकाश में; प्रतिस्थापन — 1 अंक
  3. केवल क्लोरीन के साथ प्रतिस्थापन: एथेन संतृप्त है (केवल एकल आबंध), इसलिए उसमें हाइड्रोजन नहीं जुड़ सकती — 1 अंक

प्रश्न 6 (3 अंक)

चित्र में वह गुच्छ दिखाया गया है जो तेल की एक बूँद वाले जल में साबुन को हिलाने पर बनता है।

(a) भाग P, Q, R और S के नाम लिखिए।

(b) केवल जल से कपड़े का तैलीय मैल क्यों नहीं छूटता? यह गुच्छ उसे हटाने में कैसे सहायता करता है?

जल में साबुन के अणुओं से घिरी तेल की बूँद, भाग P से S

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(a) P तैलीय मैल (तेल की बूँद) है, Q साबुन के अणु की हाइड्रोकार्बन पूँछ है, R उसका आयनिक सिरा है और S जल है।

(b) तेल जल में नहीं घुलता, इसलिए केवल जल तैलीय मैल के ऊपर से बह जाता है। साबुन वाले जल में हाइड्रोकार्बन पूँछें तेल में घुल जाती हैं और आयनिक सिरे जल में रहते हैं। साबुन के अणु तेल के चारों ओर मिसेल बना लेते हैं, जिसके भीतर तेल फँस जाता है, और मिसेल जल में फैले रहते हैं, इसलिए कपड़ा धोने पर मैल बह जाता है।

अंक योजना:

  1. P: तैलीय मैल (तेल की बूँद) — 0.5 अंक
  2. Q: हाइड्रोकार्बन पूँछ (जलविरागी) — 0.5 अंक
  3. R: आयनिक सिरा (जलरागी शीर्ष) — 0.5 अंक
  4. S: जल — 0.5 अंक
  5. तेल जल में नहीं घुलता; पूँछें तेल में घुलती हैं और आयनिक सिरे जल की ओर रहते हैं, इसलिए तेल को भीतर फँसाए मिसेल बनता है, जो जल के साथ धुल जाता है — 1 अंक

प्रश्न 7 (2 अंक)

अपमार्जक सामान्यतः सल्फ़ोनिक अम्लों के सोडियम लवण या अमोनियम लवण होते हैं।

(a) अपमार्जक कठोर जल में भी अच्छा झाग क्यों देता है, जबकि साबुन स्कम (मैल) बनाता है?

(b) साबुन के अणु की तरह अपमार्जक के अणु में भी एक लंबा हाइड्रोकार्बन भाग और एक आवेशित सिरा होता है। तैलीय मैल में कौन-सा भाग घुलता है? क्यों?

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(a) कठोर जल में कैल्सियम और मैग्नीशियम के लवण होते हैं। साबुन इनसे अभिक्रिया करके स्कम नामक अविलेय पदार्थ बनाता है, इसलिए झाग बनने से पहले बहुत-सा साबुन व्यर्थ हो जाता है। अपमार्जक अणुओं के आवेशित सिरे कैल्सियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ अविलेय अवक्षेप नहीं बनाते, इसलिए अपमार्जक कठोर जल में भी अच्छा झाग देते हैं।

(b) लंबा हाइड्रोकार्बन भाग तैलीय मैल में घुलता है, क्योंकि वह स्वयं तेल जैसा है। आवेशित सिरा जल में रहता है, इसलिए अपमार्जक के अणु भी साबुन की तरह ही सफ़ाई करते हैं।

अंक योजना:

  1. कठोर जल में कैल्सियम और मैग्नीशियम के लवण होते हैं; साबुन इनसे अभिक्रिया करके अविलेय पदार्थ (स्कम) बनाता है, इसलिए साबुन व्यर्थ जाता है और झाग कम बनता है — 0.5 अंक
  2. अपमार्जकों के आवेशित सिरे कैल्सियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ अविलेय अवक्षेप नहीं बनाते, इसलिए ये अच्छा झाग देते हैं — 0.5 अंक
  3. लंबा हाइड्रोकार्बन भाग, क्योंकि वह स्वयं तेल जैसा (जलविरागी) है; आवेशित सिरा जल में रहता है — 1 अंक

प्रश्न 8 (3 अंक)

एस्टर CH3CH2COOCH2CH3\mathrm{CH_3CH_2COOCH_2CH_3} की गंध फलों जैसी है।

(a) उस कार्बोक्सिलिक अम्ल और ऐल्कोहॉल के नाम लिखिए जिनसे यह बनता है।

(b) इसके बनने का रासायनिक समीकरण लिखिए, और आवश्यक परिस्थिति बताइए।

(c) एस्टरों के दो उपयोग लिखिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(a) एस्टर को −COO−\mathrm{-COO-} समूह पर बाँटिए। C=O\mathrm{C{=}O} वाला भाग, CH3CH2CO−\mathrm{CH_3CH_2CO-}, प्रोपेनॉइक अम्ल से आता है, और −CH2CH3\mathrm{-CH_2CH_3} भाग एथेनॉल से।

(b) CH3CH2COOH+CH3CH2OH→conc. H2SO4, ΔCH3CH2COOCH2CH3+H2O\mathrm{CH_3CH_2COOH + CH_3CH_2OH \xrightarrow{conc.\ H_2SO_4,\ \Delta} CH_3CH_2COOCH_2CH_3 + H_2O}

तीर पर लिखा सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल उत्प्रेरक का कार्य करता है, और मिश्रण को गर्म किया जाता है। इस अभिक्रिया को एस्टरीकरण कहते हैं।

(c) एस्टर मीठी गंध वाले पदार्थ हैं, इसलिए इनका उपयोग इत्र बनाने में और स्वाद देने वाले (सुरस) कारकों के रूप में होता है।

अंक योजना:

  1. अम्ल: प्रोपेनॉइक अम्ल, CH3CH2COOH\mathrm{CH_3CH_2COOH} — 0.5 अंक
  2. ऐल्कोहॉल: एथेनॉल, CH3CH2OH\mathrm{CH_3CH_2OH} — 0.5 अंक
  3. CH3CH2COOH+CH3CH2OH→conc. H2SO4, ΔCH3CH2COOCH2CH3+H2O\mathrm{CH_3CH_2COOH + CH_3CH_2OH \xrightarrow{conc.\ H_2SO_4,\ \Delta} CH_3CH_2COOCH_2CH_3 + H_2O} — 0.5 अंक
  4. परिस्थिति: अम्ल उत्प्रेरक (सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें) और गर्म करना — 0.5 अंक
  5. उपयोग: इत्र बनाने में; स्वाद देने वाले (सुरस) कारकों के रूप में (प्रत्येक 0.5) — 1 अंक

प्रश्न 9 (2 अंक)

एथेनॉल वायु में जलकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल देता है। इसे क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट के साथ गर्म करने पर यह एथेनॉइक अम्ल में बदल जाता है।

(a) एथेनॉल के एथेनॉइक अम्ल में बदलने को परिस्थितियों सहित लिखिए।

(b) इन दोनों परिवर्तनों को उपचयन क्यों कहते हैं? पोटैशियम परमैंगनेट की क्या भूमिका है?

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(a) CH3CH2OH→alk. KMnO4, ΔCH3COOH\mathrm{CH_3CH_2OH \xrightarrow{alk.\ KMnO_4,\ \Delta} CH_3COOH}

अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट से भी यह होता है। ऑक्सीजन को [O] से दिखाकर इसे CH3CH2OH+2[O]→CH3COOH+H2O\mathrm{CH_3CH_2OH + 2[O] \rightarrow CH_3COOH + H_2O} भी लिखा जा सकता है।

(b) दोनों परिवर्तनों में एथेनॉल में ऑक्सीजन जुड़ती है। जलने में वायु की ऑक्सीजन इसे पूरी तरह कार्बन डाइऑक्साइड और जल में बदल देती है; पोटैशियम परमैंगनेट के साथ अणु के केवल एक भाग में ऑक्सीजन जुड़ती है और एथेनॉइक अम्ल बनता है। ऑक्सीजन का जुड़ना उपचयन है। पोटैशियम परमैंगनेट ऑक्सीजन देता है, इसलिए यह उपचायक है।

अंक योजना:

  1. CH3CH2OH→alk. KMnO4, ΔCH3COOH\mathrm{CH_3CH_2OH \xrightarrow{alk.\ KMnO_4,\ \Delta} CH_3COOH} (क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट या अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट, गर्म करके); यह भी स्वीकार्य: CH3CH2OH+2[O]→CH3COOH+H2O\mathrm{CH_3CH_2OH + 2[O] \rightarrow CH_3COOH + H_2O} — 1 अंक
  2. दोनों में एथेनॉल में ऑक्सीजन जुड़ती है; जलने से कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनते हैं, दूसरे से एथेनॉइक अम्ल — 0.5 अंक
  3. पोटैशियम परमैंगनेट उपचायक है: यह ऑक्सीजन देता है — 0.5 अंक

प्रश्न 10 (2 अंक)

साइक्लोहेक्सेन और बेंजीन की संरचनाएँ सभी परमाणु दिखाते हुए बनाइए। दोनों यौगिकों में कार्बन परमाणुओं के बीच आबंधन में क्या अंतर है?

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

संरचनाएँ चित्र में दिखाई गई हैं (A साइक्लोहेक्सेन, B बेंजीन)। दोनों में छह कार्बन परमाणु एक वलय में जुड़े हैं।

साइक्लोहेक्सेन, C6H12\mathrm{C_6H_{12}}, में हर कार्बन-कार्बन आबंध एकल है और हर कार्बन पर दो हाइड्रोजन परमाणु भी हैं, इसलिए यह संतृप्त है। बेंजीन, C6H6\mathrm{C_6H_6}, में वलय पर एकल और द्विआबंध बारी-बारी से आते हैं, और हर कार्बन पर केवल एक हाइड्रोजन परमाणु है, इसलिए यह असंतृप्त है।

अंक योजना:

  1. साइक्लोहेक्सेन: एकल आबंधों वाला छह कार्बन का वलय, हर कार्बन पर दो H परमाणु (C6H12\mathrm{C_6H_{12}}) (चित्र में A) — 0.5 अंक
  2. बेंजीन: एकांतर एकल और द्विआबंधों वाला छह कार्बन का वलय, हर कार्बन पर एक H परमाणु (C6H6\mathrm{C_6H_6}) (चित्र में B) — 0.5 अंक
  3. साइक्लोहेक्सेन में केवल एकल कार्बन-कार्बन आबंध हैं (संतृप्त); बेंजीन के वलय में तीन द्विआबंध हैं (असंतृप्त) — 1 अंक

सभी हाइड्रोजन परमाणुओं सहित छह कार्बन वाले दो वलय, A और B अंकित

दीर्घ उत्तरीय और केस आधारित प्रश्न

प्रश्न 11 (5 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) कार्बन यौगिकों में आबंधन

(i) मेघा कहती है, "कार्बन लाखों यौगिक केवल इसलिए बनाता है क्योंकि वह द्विआबंध और त्रिआबंध बना सकता है।" क्या वह सही है? कार्बन के उन दो गुणों के नाम लिखकर उन्हें स्पष्ट कीजिए जो वास्तव में इसके यौगिकों की विशाल संख्या का कारण हैं। (2 अंक)

उत्तर।

  1. नहीं (बहु-आबंध विविधता बढ़ाते हैं, पर मुख्य कारण नहीं हैं)। श्रृंखलन: कार्बन परमाणु अन्य कार्बन परमाणुओं से प्रबल सहसंयोजी आबंधों द्वारा जुड़कर लंबी श्रृंखलाएँ, शाखित श्रृंखलाएँ और वलय बनाते हैं — 1 अंक
  2. चतुःसंयोजकता: कार्बन की संयोजकता चार है, इसलिए हर कार्बन कार्बन के या अन्य तत्वों (H, O, N, S, Cl) के चार परमाणुओं से जुड़ सकता है — 1 अंक

(ii) क्लोरोमेथेन, CH3Cl\mathrm{CH_3Cl}, की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाइए। (परमाणु क्रमांक: C = 6, Cl = 17) असाझा इलेक्ट्रॉन युग्म भी दिखाइए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. सही संरचना: C तीन H परमाणुओं में से प्रत्येक के साथ और Cl के साथ एक-एक युग्म साझा करता है (चार एकल सहसंयोजी आबंध) — 1.5 अंक
  2. क्लोरीन परमाणु पर तीन असाझा युग्म दिखाए गए — 0.5 अंक

C, तीन H और एक Cl वाले अणु की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना

(iii) कार्बन चार इलेक्ट्रॉन खोकर या ग्रहण करके आयन क्यों नहीं बनाता? (1 अंक)

उत्तर।

  1. चार इलेक्ट्रॉन खोकर C4+\mathrm{C^{4+}} बनने में बहुत अधिक ऊर्जा लगेगी — 0.5 अंक
  2. चार इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके C4−\mathrm{C^{4-}} बनना कठिन है, क्योंकि छह प्रोटॉन वाला नाभिक दस इलेक्ट्रॉनों को नहीं थाम सकता — 0.5 अंक

अथवा

(B) एथेनॉल की अभिक्रियाएँ। किरण को एथेनॉल देकर तीन परिवर्तन करने को कहा जाता है।

(i) उसे इससे एथीन बनानी है। उसे क्या करना चाहिए? परिस्थितियों सहित समीकरण लिखिए, और अभिकर्मक की भूमिका बताइए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. एथेनॉल को सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल की अधिकता के साथ 443 K पर गर्म करें: CH3CH2OH→conc. H2SO4, 443 KCH2=CH2+H2O\mathrm{CH_3CH_2OH \xrightarrow{conc.\ H_2SO_4,\ 443\ K} CH_2{=}CH_2 + H_2O} — 1.5 अंक
  2. सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल निर्जलीकारक है: यह एथेनॉल से जल हटा देता है — 0.5 अंक

(ii) वह स्पिरिट लैंप में थोड़ा एथेनॉल जलाती है। इसके पूर्ण दहन का संतुलित समीकरण लिखिए। लौ का कौन-सा रंग बताता है कि दहन पूर्ण है? (2 अंक)

उत्तर।

  1. CH3CH2OH+3O2→2CO2+3H2O\mathrm{CH_3CH_2OH + 3O_2 \rightarrow 2CO_2 + 3H_2O} (ऊष्मा और प्रकाश निकलते हैं) — 1.5 अंक
  2. साफ़ नीली लौ, बिना कालिख के — 0.5 अंक

(iii) वह एथेनॉल में सोडियम का एक छोटा टुकड़ा डालती है। दोनों उत्पादों के नाम लिखिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. सोडियम एथॉक्साइड — 0.5 अंक
  2. हाइड्रोजन गैस — 0.5 अंक

प्रश्न 12 (4 अंक)

एक कक्षा ने ऐल्केन परिवार के पहले चार सदस्यों की यह तालिका बनाई।

नाम सूत्र क्वथनांक (°C)
मेथेन CH4\mathrm{CH_4} −162
एथेन C2H6\mathrm{C_2H_6} −89
प्रोपेन C3H8\mathrm{C_3H_8} −42
ब्यूटेन C4H10\mathrm{C_4H_{10}} −1

ये चारों गैसें वायु में जलकर कार्बन डाइऑक्साइड और जल देती हैं, और खाना पकाने की गैस, LPG, में मुख्यतः ब्यूटेन होती है।

(a) दो क्रमागत सदस्यों के सूत्र और आण्विक द्रव्यमान में कितना अंतर है? (C = 12 u, H = 1 u) (1 अंक)

उत्तर।

  1. सूत्र में −CH2−\mathrm{-CH_2-} इकाई का — 0.5 अंक
  2. आण्विक द्रव्यमान में 14 u का — 0.5 अंक

(b) अगला सदस्य पेन्टेन, C5H12\mathrm{C_5H_{12}}, है। 25 °C पर यह गैस होगा या द्रव? तालिका की प्रवृत्ति से स्पष्ट कीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. हर चरण पर वृद्धि घटती जाती है (73, 47, 41 °C), इसलिए अगली वृद्धि लगभग 35-40 °C होगी; पेन्टेन लगभग 35-40 °C पर उबलना चाहिए (वास्तविक 36 °C) — 0.5 अंक
  2. यह 25 °C से अधिक है, इसलिए 25 °C पर पेन्टेन द्रव है — 0.5 अंक

(c) इन चारों यौगिकों के क्वथनांक बहुत भिन्न हैं, फिर भी ये सब एक ही तरह से अभिक्रिया करते हैं, जैसे जलने पर। दोनों तथ्यों को स्पष्ट कीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. ये एक समजातीय श्रेणी के सदस्य हैं: सामान्य सूत्र एक और आबंधन का प्रकार एक (सभी एकल आबंध), इसलिए इनके रासायनिक गुण समान हैं — 1 अंक
  2. क्वथनांक जैसे भौतिक गुण आण्विक द्रव्यमान (अणु का आकार) बढ़ने के साथ धीरे-धीरे बदलते हैं — 1 अंक

अथवा

(c) ऐल्केनों का सामान्य सूत्र CnH2n+2\mathrm{C_nH_{2n+2}} है। ऐल्कीनों और ऐल्काइनों के सामान्य सूत्र लिखिए, तथा चार कार्बन परमाणु वाली ऐल्कीन और तीन कार्बन परमाणु वाली ऐल्काइन के सूत्र और नाम लिखिए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. ऐल्कीन CnH2n\mathrm{C_nH_{2n}}; ऐल्काइन CnH2n−2\mathrm{C_nH_{2n-2}} — 1 अंक
  2. ब्यूटीन, C4H8\mathrm{C_4H_8} — 0.5 अंक
  3. प्रोपाइन, C3H4\mathrm{C_3H_4} — 0.5 अंक

प्रश्न 13 (4 अंक)

एक प्रायोगिक परीक्षा में तन्वी की शिक्षिका उसे तीन रंगहीन द्रव X, Y और Z देती हैं। उसे बताया जाता है कि ये किसी क्रम में एथेनॉल, एथेनॉइक अम्ल और एथिल एथेनॉएट हैं, और वह ये परिणाम लिखती है।

परीक्षण X Y Z
नीला लिटमस पत्र लाल हो जाता है कोई परिवर्तन नहीं कोई परिवर्तन नहीं
मैग्नीशियम का साफ़ रिबन गैस के बुलबुले कोई परिवर्तन नहीं कोई परिवर्तन नहीं
गंध तीखी, सिरके जैसी मीठी, फलों जैसी स्पिरिट जैसी

(a) X, Y और Z को पहचानिए। (1 अंक)

उत्तर।

  1. X एथेनॉइक अम्ल; Y एथिल एथेनॉएट; Z एथेनॉल (एक सही पर 0.5, तीनों सही पर 1) — 1 अंक

(b) X की मैग्नीशियम से अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। तन्वी निकलने वाली गैस का परीक्षण कैसे कर सकती है? (1 अंक)

उत्तर।

  1. Mg+2CH3COOH→(CH3COO)2Mg+H2\mathrm{Mg + 2CH_3COOH \rightarrow (CH_3COO)_2Mg + H_2} (मैग्नीशियम एथेनॉएट और हाइड्रोजन) — 0.5 अंक
  2. गैस के पास जलती तीली लाएँ: वह 'पॉप' ध्वनि के साथ जलती है, अतः वह हाइड्रोजन है — 0.5 अंक

(c) Y, X और Z से बनता है। Y बनाने का रासायनिक समीकरण परिस्थितियों सहित लिखिए। Y अम्ल से बनता है, फिर भी वह नीले लिटमस को लाल क्यों नहीं करता और मैग्नीशियम से अभिक्रिया क्यों नहीं करता? (2 अंक)

उत्तर।

  1. CH3COOH+CH3CH2OH→conc. H2SO4, ΔCH3COOCH2CH3+H2O\mathrm{CH_3COOH + CH_3CH_2OH \xrightarrow{conc.\ H_2SO_4,\ \Delta} CH_3COOCH_2CH_3 + H_2O} — 1 अंक
  2. अम्ल का -COOH समूह ऐल्कोहॉल के -OH समूह से अभिक्रिया करके एस्टर समूह बना चुका है; कोई मुक्त -COOH समूह न बचने से Y हाइड्रोजन आयन नहीं देता और अम्लीय गुण नहीं दिखाता — 1 अंक

अथवा

(c) तन्वी Z की थोड़ी मात्रा में सोडियम का एक छोटा टुकड़ा डालती है। संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए, कार्बनिक उत्पाद का नाम बताइए, और निकलने वाली गैस का एक परीक्षण बताइए। (2 अंक)

उत्तर।

  1. 2CH3CH2OH+2Na→2CH3CH2ONa+H2\mathrm{2CH_3CH_2OH + 2Na \rightarrow 2CH_3CH_2ONa + H_2} — 1 अंक
  2. कार्बनिक उत्पाद: सोडियम एथॉक्साइड — 0.5 अंक
  3. जलती तीली पास लाने पर गैस 'पॉप' ध्वनि के साथ जलती है: हाइड्रोजन — 0.5 अंक

प्रश्न 14 (5 अंक)

विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।

(A) घर के कार्बन यौगिक

(i) घर में मिलने वाले चार कार्बन यौगिक नीचे दिए गए हैं।

उत्पाद मुख्य कार्बन यौगिक
सिरका CH3COOH\mathrm{CH_3COOH}
नेल-पॉलिश रिमूवर CH3COCH3\mathrm{CH_3COCH_3}
हैंड सैनिटाइज़र CH3CH2OH\mathrm{CH_3CH_2OH}
ड्राई-क्लीनिंग का एक पुराना द्रव CCl4\mathrm{CCl_4}

प्रत्येक यौगिक में उपस्थित प्रकार्यात्मक समूह का नाम लिखिए। चारों में से कौन नीले लिटमस को लाल करेगा? कारण दीजिए। (3 अंक)

उत्तर।

  1. सिरका: कार्बोक्सिलिक अम्ल (-COOH) — 0.5 अंक
  2. नेल-पॉलिश रिमूवर: कीटोन (श्रृंखला में C=O) — 0.5 अंक
  3. सैनिटाइज़र: ऐल्कोहॉल (-OH) — 0.5 अंक
  4. ड्राई-क्लीनिंग द्रव: हैलो (क्लोरो) समूह — 0.5 अंक
  5. सिरका (एथेनॉइक अम्ल), क्योंकि इसका -COOH समूह जल में हाइड्रोजन आयन देता है — 1 अंक

(ii) कुछ सैनिटाइज़रों में एथेनॉल के स्थान पर प्रोपेनॉल, C3H7OH\mathrm{C_3H_7OH}, होता है। क्या एथेनॉल और प्रोपेनॉल एक ही समजातीय श्रेणी के हैं? दो कारण दीजिए, और बताइए कि दोनों में किसका क्वथनांक अधिक है। (2 अंक)

उत्तर।

  1. हाँ: दोनों में एक ही प्रकार्यात्मक समूह, -OH, है — 0.5 अंक
  2. इनमें एक -CH2- इकाई (14 u) का अंतर है (यह भी स्वीकार्य: सामान्य सूत्र एक, रासायनिक गुण समान) — 0.5 अंक
  3. प्रोपेनॉल का क्वथनांक अधिक है, क्योंकि समजातीय श्रेणी में आण्विक द्रव्यमान बढ़ने के साथ क्वथनांक बढ़ता है — 1 अंक

अथवा

(B) तेल और वसा

(i) कारख़ाने में वनस्पति तेलों को वनस्पति घी में बदला जाता है। तेल से किसकी अभिक्रिया कराई जाती है, उत्प्रेरक क्या है, और यह किस प्रकार की अभिक्रिया है? इसी प्रकार की अभिक्रिया का एथीन के साथ समीकरण परिस्थितियों सहित लिखिए। (3 अंक)

उत्तर।

  1. तेल में हाइड्रोजन जोड़ी जाती है — 0.5 अंक
  2. निकैल उत्प्रेरक है (पैलेडियम भी स्वीकार्य) — 0.5 अंक
  3. संकलन अभिक्रिया (हाइड्रोजनीकरण) — 0.5 अंक
  4. CH2=CH2+H2→Ni, ΔCH3CH3\mathrm{CH_2{=}CH_2 + H_2 \xrightarrow{Ni,\ \Delta} CH_3CH_3} — 1.5 अंक

(ii) घी ठोस और तेल द्रव क्यों होता है? खाना पकाने के लिए असंतृप्त वसा अम्लों वाले तेलों की सलाह क्यों दी जाती है? (2 अंक)

उत्तर।

  1. हाइड्रोजन जुड़ने से द्विआबंध हट जाते हैं, इसलिए घी संतृप्त हो जाता है, और संतृप्त वसा कमरे के ताप पर ठोस होती है — 1 अंक
  2. संतृप्त वसा अम्लों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, इसलिए असंतृप्त वसा अम्लों वाले तेल बेहतर माने जाते हैं — 1 अंक