रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण अध्याय से 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न पत्र और 2025 व 2026 के बोर्ड प्रश्न पत्रों में 4 से 7 अंक आए। इसमें एक से तीन बहुविकल्पीय प्रश्न, प्रायः ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी परिवर्तनों पर एक अभिकथन-कारण प्रश्न, और समीकरण लिखने या प्रेक्षण समझाने पर 2 या 3 अंक का एक प्रश्न आता है। 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न पत्र में रसायन विज्ञान का 5 अंक वाला दीर्घ उत्तरीय प्रश्न भी इसी अध्याय से था।
सबसे अधिक अंक इन जगहों पर कटते हैं: असंतुलित समीकरण; या जैसे गलत सूत्र; छूटे हुए या गलत अवस्था-संकेत (अवक्षेप (s) होता है, (aq) नहीं); ऊष्मा या सूर्य का प्रकाश जैसी परिस्थितियाँ न लिखना; विस्थापन और द्विविस्थापन को आपस में मिला देना; और उपचयित होने वाले पदार्थ का गलत नाम लिखना।
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समीकरण लिखना
- शब्द समीकरण → कंकाली समीकरण → संतुलित समीकरण। केवल आगे की संख्याएँ बदलिए, सूत्र कभी नहीं। दोनों ओर प्रत्येक तत्व के परमाणु बराबर हों (द्रव्यमान संरक्षण का नियम)।
- अवस्था-संकेत (s), (l), (g), (aq); अवक्षेप (s) होता है। परिस्थितियाँ तीर के ऊपर: heat = ऊष्मा, sunlight = सूर्य का प्रकाश, electric current = विद्युत धारा।
- अभिक्रिया के संकेत: गैस, अवक्षेप, रंग, ताप या गंध में परिवर्तन।
प्रकार
| प्रकार | पैटर्न | उदाहरण |
|---|---|---|
| संयोजन | A + B → AB | |
| वियोजन | AB → A + B | |
| विस्थापन | A + BC → AC + B | |
| द्विविस्थापन | AB + CD → AD + CB |
याद रखने योग्य वियोजन
- ऊष्मा: (हरा → लाल-भूरा, जलते सल्फ़र की गंध); (भूरा धुआँ)।
- प्रकाश: ; सिल्वर ब्रोमाइड भी (फ़ोटोग्राफ़ी)।
- विद्युत धारा: ; हाइड्रोजन कैथोड पर, आयतन 2 : 1।
ऊर्जा
- ऊष्माक्षेपी: जलना, + ऊर्जा, बिना बुझा चूना + जल, कंपोस्ट बनना, अम्ल को तनु करना।
- ऊष्माशोषी: अधिकतर वियोजन, प्रकाश-संश्लेषण।
उपचयन और अपचयन
- उपचयन: ऑक्सीजन का ग्रहण या हाइड्रोजन का ह्रास। अपचयन: इसका उल्टा। दोनों साथ होते हैं (रेडॉक्स)।
- उपचायक ऑक्सीजन देता है और स्वयं अपचयित होता है: में CuO का अपचयन, हाइड्रोजन का उपचयन।
- संक्षारण: लोहे पर जंग (लाल-भूरी), कॉपर पर हरी परत, सिल्वर पर काली। विकृतगंधिता: वसा और तेल का उपचयन; वायुरुद्ध पैकिंग, नाइट्रोजन, ठंडक और प्रतिऑक्सीकारकों से धीमी होती है।
सावधानियाँ
- , ; गैसें , , हैं।
- अम्ल + क्षारक द्विविस्थापन है, पर अवक्षेप नहीं बनता।
- जिस अभिक्रिया को शुरू करने के लिए लौ चाहिए, वह भी ऊष्माक्षेपी हो सकती है।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (2 अंक)
निम्नलिखित में से प्रत्येक का अवस्था-संकेतों सहित संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए, और प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए।
(a) मैग्नीशियम कार्बोनेट को तेज़ गर्म किया जाता है; मैग्नीशियम ऑक्साइड शेष रहता है और कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है।
(b) ऐलुमिनियम चूर्ण ऑक्सीजन में जलकर ऐलुमिनियम ऑक्साइड बनाता है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) । एक यौगिक टूटकर दो सरल पदार्थ बनाता है, इसलिए यह वियोजन अभिक्रिया है।
(b) । दो पदार्थ मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं, इसलिए यह संयोजन अभिक्रिया है।
अंक योजना:
- (a) — 0.5 अंक
- वियोजन (ऊष्मीय वियोजन) — 0.5 अंक
- (b) — 0.5 अंक
- संयोजन (उपचयन, रेडॉक्स या ऊष्माक्षेपी भी स्वीकार्य) — 0.5 अंक
प्रश्न 2 (2 अंक)
समीर ने 100 mL तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल वाला एक शंक्वाकार फ्लास्क तुला पर रखा और उसमें 3.25 g ज़िंक के दाने डाले। ज़िंक डालते ही तुला ने 180.25 g दिखाया, और बुदबुदाहट रुकने तथा सारा ज़िंक घुल जाने पर 180.15 g।
(a) पाठ्यांक क्यों घटा? क्या यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम के विरुद्ध है?
(b) अवस्था-संकेतों सहित इस अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) अभिक्रिया में हाइड्रोजन गैस बनती है, जो खुले फ्लास्क से बुलबुलों के रूप में निकल जाती है। अतः 180.25 − 180.15 = 0.10 g हाइड्रोजन फ्लास्क से बाहर चली गई और तौली नहीं गई। यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम के विरुद्ध नहीं है: यदि गैस को भी एकत्र करके तौला जाए, तो कुल द्रव्यमान पहले जितना ही होगा।
(b)
अंक योजना:
- (a) अभिक्रिया में बनी हाइड्रोजन गैस (0.1 g) खुले फ्लास्क से निकल गई, इसलिए तुला ने उसे नहीं तौला (0.5); यह नियम के विरुद्ध नहीं है, क्योंकि गैस सहित उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के बराबर है (0.5) — 1 अंक
- (b) : सही सूत्र और संतुलन 0.5, अवस्था-संकेत 0.5 — 1 अंक
प्रश्न 3 (3 अंक)
नेहा ने चित्र में दिखाए अनुसार, बर्नर R से एक क्वथन नली में कॉपर के एक हरे यौगिक P को गर्म किया। हरा चूर्ण धीरे-धीरे काला हो गया, और निकलने वाली गैस ने चूने के पानी Q को दूधिया कर दिया।
(a) चूने के पानी को दूधिया करने वाली गैस और नली में बचे काले पदार्थ के नाम लिखिए।
(b) क्वथन नली में हुए परिवर्तन का अवस्था-संकेतों सहित संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए, और अभिक्रिया का प्रकार बताइए।
(c) बर्नर R बंद करने से पहले नेहा की शिक्षिका ने उससे निकास नली को चूने के पानी से बाहर निकालने को कहा। क्यों?

उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) गैस कार्बन डाइऑक्साइड है। काला पदार्थ कॉपर(II) ऑक्साइड, , है।
(b)
गर्म करने पर एक यौगिक टूटकर दो सरल पदार्थ बनाता है, इसलिए यह ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया है।
(c) बर्नर बंद होने पर नली ठंडी होती है और उसके अंदर की गैस सिकुड़ती है। यदि निकास नली तब भी चूने के पानी में डूबी हो, तो चूने का पानी वापस गर्म क्वथन नली में खिंच सकता है, और ठंडा द्रव गर्म काँच को तोड़ सकता है।
अंक योजना:
- (a) कार्बन डाइऑक्साइड; कॉपर(II) ऑक्साइड (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- (b) ( भी स्वीकार्य), 0.5; ऊष्मीय वियोजन, 0.5 — 1 अंक
- (c) गर्म नली ठंडी होने पर अंदर की गैस सिकुड़ती है और चूने का पानी वापस गर्म क्वथन नली में खिंचकर उसे तोड़ सकता है; पहले नली बाहर निकालने से ऐसा नहीं होता — 1 अंक
प्रश्न 4 (3 अंक)
(a) जल के विद्युत अपघटन के लिए प्रयुक्त व्यवस्था का नामांकित चित्र बनाइए। प्रत्येक इलेक्ट्रोड के ऊपर एकत्र होने वाली गैस दर्शाइए।
(b) धारा चालू करने से पहले जल में तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें क्यों मिलाई जाती हैं?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) चित्र देखिए। संकेत: A, हाइड्रोजन गैस (B से लगभग दोगुना आयतन); B, ऑक्सीजन गैस; C, तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें मिला जल; D, ऋण टर्मिनल से जुड़ा ग्रेफ़ाइट इलेक्ट्रोड (कैथोड); E, बैटरी; F, स्विच।
अभिक्रिया है।
(b) शुद्ध जल विद्युत का बहुत कम चालन करता है। तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल जल में आयन देता है, जिससे धारा उसमें से प्रवाहित होती है और जल टूट जाता है।
अंक योजना:
- सही व्यवस्था: पात्र में दो ग्रेफ़ाइट इलेक्ट्रोडों के ऊपर जल से भरी दो उल्टी परखनलियाँ, जो एक स्विच द्वारा बैटरी से जुड़ी हों — 1 अंक
- नामांकन: ऋण इलेक्ट्रोड (कैथोड) के ऊपर हाइड्रोजन और धन इलेक्ट्रोड (ऐनोड) के ऊपर ऑक्सीजन, हाइड्रोजन का आयतन लगभग दोगुना, 0.5; कोई दो अन्य भाग सही नामांकित (अम्लीकृत जल, इलेक्ट्रोड, बैटरी, स्विच), 0.5 — 1 अंक
- (b) शुद्ध जल विद्युत का बहुत कम चालन करता है; अम्ल जल में आयन देता है, जिससे धारा प्रवाहित हो पाती है और जल का वियोजन होता है — 1 अंक

प्रश्न 5 (2 अंक)
विद्यार्थियों के तीन समूहों ने नीचे दिए परिवर्तन किए और पहले तथा बाद का ताप लिखा।
| समूह | क्या किया गया | पहले का ताप (°C) | बाद का ताप (°C) |
|---|---|---|---|
| P | मैग्नीशियम रिबन और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल | 27 | 40 |
| Q | ठोस बेरियम हाइड्रॉक्साइड और ठोस अमोनियम क्लोराइड | 27 | 12 |
| R | 50 mL जल में 5 mL सांद्र सल्फ़्यूरिक अम्ल धीरे-धीरे मिलाया गया | 27 | 45 |
(a) P, Q और R के परिवर्तनों को ऊष्माक्षेपी या ऊष्माशोषी में वर्गीकृत कीजिए।
(b) समूह Q में अमोनिया की गंध भी आई। पूजा कहती है, "Q रासायनिक अभिक्रिया हो ही नहीं सकती, क्योंकि रासायनिक अभिक्रियाओं में सदा ऊष्मा निकलती है।" क्या वह सही है? कारण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) P और R ऊष्माक्षेपी हैं, क्योंकि ताप बढ़ा: ऊष्मा निकली। (अम्ल को तनु करने पर बहुत ऊष्मा निकलती है, इसीलिए अम्ल को जल में धीरे-धीरे मिलाया जाता है।) Q ऊष्माशोषी है, क्योंकि ताप घटा: परिवेश से ऊष्मा ली गई।
(b) पूजा सही नहीं है। अमोनिया की गंध बताती है कि नया पदार्थ बना है, इसलिए Q रासायनिक अभिक्रिया है। सभी अभिक्रियाओं में ऊष्मा नहीं निकलती; Q जैसी ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ ऊष्मा लेती हैं।
अंक योजना:
- (a) P और R ऊष्माक्षेपी (ताप बढ़ता है); Q ऊष्माशोषी (ताप घटता है) — 1 अंक
- (b) नहीं; अमोनिया की गंध बताती है कि नया पदार्थ बना है, अतः Q रासायनिक अभिक्रिया है; कुछ अभिक्रियाएँ परिवेश से ऊष्मा लेती हैं (ऊष्माशोषी) — 1 अंक
प्रश्न 6 (3 अंक)
कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग आग बुझाने में होता है। फिर भी जब कुणाल ने जलता हुआ मैग्नीशियम रिबन कार्बन डाइऑक्साइड से भरे गैस जार में डाला, तो रिबन जलता रहा। जार में काले कार्बन के कणों वाला एक सफ़ेद चूर्ण बच गया।
(a) इस अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
(b) किस पदार्थ का उपचयन और किसका अपचयन होता है? प्रत्येक का कारण दीजिए।
(c) यह संयोजन, वियोजन या विस्थापन में से कौन-सी अभिक्रिया है? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a)
(b) मैग्नीशियम का उपचयन होता है, क्योंकि वह ऑक्सीजन ग्रहण करके मैग्नीशियम ऑक्साइड (सफ़ेद चूर्ण) बनाता है। कार्बन डाइऑक्साइड का अपचयन होता है, क्योंकि वह अपनी ऑक्सीजन खो देती है और कार्बन (काले कण) बच जाता है।
(c) यह विस्थापन अभिक्रिया है। मैग्नीशियम, कार्बन से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए वह ऑक्सीजन ले लेता है और कार्बन को उसके यौगिक से बाहर कर देता है। यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया भी है।
अंक योजना:
- (a) — 1 अंक
- (b) मैग्नीशियम का उपचयन होता है, क्योंकि वह ऑक्सीजन ग्रहण करके मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाता है; कार्बन डाइऑक्साइड का अपचयन होता है, क्योंकि वह ऑक्सीजन खोकर कार्बन बनाती है (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- (c) विस्थापन: अधिक अभिक्रियाशील मैग्नीशियम, कार्बन का स्थान लेकर उसे उसके ऑक्साइड से बाहर कर देता है (रेडॉक्स अभिक्रिया भी स्वीकार्य) — 1 अंक
प्रश्न 7 (3 अंक)
कारण दीजिए:
(a) बुझे हुए चूने से सफ़ेदी की गई दीवारों पर दो-तीन दिन बाद चमक आ जाती है।
(b) खाना पकाने के तेल के कई ब्रांड उसमें थोड़ा विटामिन E मिलाते हैं, जो प्रतिऑक्सीकारक का कार्य करता है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) वायु की कार्बन डाइऑक्साइड से धीरे-धीरे अभिक्रिया करके कैल्सियम कार्बोनेट की पतली परत बनाता है, जिससे दीवारें चमकने लगती हैं:
(b) तेल वायु की ऑक्सीजन से धीरे-धीरे अभिक्रिया करके विकृतगंधी हो जाता है, जिससे उसकी गंध और स्वाद बिगड़ने लगते हैं। विटामिन E जैसा प्रतिऑक्सीकारक इस उपचयन को धीमा करता है, इसलिए तेल अधिक समय तक ताज़ा रहता है।
अंक योजना:
- (a) बुझा हुआ चूना वायु की कार्बन डाइऑक्साइड से धीरे-धीरे अभिक्रिया करके कैल्सियम कार्बोनेट की पतली, चमकदार परत बनाता है — 1 अंक
- — 0.5 अंक
- (b) तेल और वसा वायु की ऑक्सीजन से धीरे-धीरे उपचयित होकर विकृतगंधी हो जाते हैं, जिससे उनकी गंध और स्वाद बिगड़ जाते हैं — 1 अंक
- प्रतिऑक्सीकारक इस उपचयन को धीमा करता है, जिससे तेल अधिक समय तक ताज़ा रहता है — 0.5 अंक
प्रश्न 8 (2 अंक)
मोमबत्ती जलने पर कुछ मोम पिघलता है और कुछ मोम जलता है। इन दोनों में से कौन-सा परिवर्तन भौतिक है और कौन-सा रासायनिक? प्रत्येक का एक कारण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- मोम का पिघलना भौतिक परिवर्तन है। केवल अवस्था ठोस से द्रव में बदलती है। कोई नया पदार्थ नहीं बनता, और पिघला हुआ मोम ठंडा होने पर फिर ठोस मोम बन जाता है।
- मोम का जलना रासायनिक परिवर्तन है। मोम ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके नए पदार्थ, कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प, बनाता है और ऊष्मा तथा प्रकाश देता है। जला हुआ मोम वापस नहीं मिल सकता।
अंक योजना:
- मोम का पिघलना भौतिक परिवर्तन है: कोई नया पदार्थ नहीं बनता, और पिघला मोम ठंडा होने पर फिर ठोस मोम बन जाता है — 1 अंक
- मोम का जलना रासायनिक परिवर्तन है: ऊष्मा और प्रकाश के साथ नए पदार्थ (कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प) बनते हैं, और मोम वापस नहीं मिल सकता — 1 अंक
प्रश्न 9 (3 अंक)
नीरज ने चार धातुओं P, Q, R और S की साफ़ पट्टियों को बाकी तीन धातुओं के सल्फ़ेटों के विलयनों में डुबोया। जहाँ पट्टी पर परत जमी वहाँ उसने ✓ और जहाँ कुछ नहीं हुआ वहाँ ✗ लगाया।
| धातु की पट्टी | P का सल्फ़ेट | Q का सल्फ़ेट | R का सल्फ़ेट | S का सल्फ़ेट |
|---|---|---|---|---|
| P | – | ✗ | ✗ | ✓ |
| Q | ✓ | – | ✓ | ✓ |
| R | ✓ | ✗ | – | ✓ |
| S | ✗ | ✗ | ✗ | – |
(a) चारों धातुओं को अभिक्रियाशीलता के घटते क्रम में लिखिए।
(b) ये चार धातुएँ मैग्नीशियम, ज़िंक, आयरन और कॉपर हैं। P, Q, R और S में से प्रत्येक को पहचानिए।
(c) R की P के सल्फ़ेट से अभिक्रिया का अवस्था-संकेतों सहित संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) कोई धातु केवल अपने से कम अभिक्रियाशील धातु के विलयन में ही परत बनाती है। Q ऐसा तीनों विलयनों में करती है, R दो में, P एक में और S किसी में नहीं। अतः क्रम Q > R > P > S है।
(b) मैग्नीशियम सबसे अधिक और कॉपर सबसे कम अभिक्रियाशील है, इसलिए Q मैग्नीशियम, R ज़िंक, P आयरन और S कॉपर है।
(c) R (ज़िंक), आयरन सल्फ़ेट से P (आयरन) को विस्थापित करता है:
अंक योजना:
- (a) Q > R > P > S (Q तीनों को विस्थापित करती है; S किसी को नहीं) — 1 अंक
- (b) Q मैग्नीशियम, R ज़िंक, P आयरन, S कॉपर (कोई दो सही 0.5, चारों 1) — 1 अंक
- (c) — 1 अंक
प्रश्न 10 (2 अंक)
रवि ने आयरन(II) सल्फ़ेट, , के कुछ हरे क्रिस्टल एक सूखी क्वथन नली में गर्म किए। पहले नली के ठंडे भाग पर जल की बूँदें बनीं और क्रिस्टल सफ़ेद हो गए। और तेज़ गर्म करने पर सफ़ेद ठोस लाल-भूरा हो गया और जलते सल्फ़र जैसी गंध आई।
(a) पहले जल की बूँदें क्यों दिखीं और क्रिस्टल सफ़ेद क्यों हुए?
(b) तेज़ गर्म करने पर हुए परिवर्तन का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए, और अभिक्रिया का प्रकार बताइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) हरे क्रिस्टलों में क्रिस्टलन का जल होता है। हल्का गर्म करने पर यह जल भाप बनकर निकलता है, जो नली के ठंडे भाग पर बूँदों के रूप में जम जाती है, और क्रिस्टल अपना रंग खोकर सफ़ेद हो जाते हैं।
(b)
लाल-भूरा ठोस आयरन(III) ऑक्साइड है, और सल्फ़र डाइऑक्साइड तथा सल्फ़र ट्राइऑक्साइड से गंध आती है। गर्म करने पर एक यौगिक टूटकर सरल पदार्थ बनाता है, इसलिए यह ऊष्मीय वियोजन है।
अंक योजना:
- (a) क्रिस्टलों में क्रिस्टलन का जल होता है; हल्का गर्म करने पर यह जल निकल जाता है (और ठंडे भाग पर संघनित होता है), और सफ़ेद निर्जल आयरन(II) सल्फ़ेट बचता है — 1 अंक
- (b) (0.5); ऊष्मीय वियोजन (0.5) — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और केस आधारित प्रश्न
प्रश्न 11 (5 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।
(A)
(i) दो सफ़ेद ठोस, X और Y, अलग-अलग सूखी क्वथन नलियों में गर्म किए जाते हैं। X, लेड का एक लवण है और Y, ज़िंक का एक लवण है।
- X चटकने की आवाज़ करता है, भूरा धुआँ छोड़ता है और एक पीला-सा ठोस छोड़ता है।
- Y एक रंगहीन गैस छोड़ता है जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है, और ऐसा ठोस छोड़ता है जो गर्म रहने पर पीला और ठंडा होने पर सफ़ेद होता है।
(I) X और Y को पहचानिए।
(II) प्रत्येक नली में हुए परिवर्तन का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
(III) भूरी गैस का नाम बताइए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(I) X से भूरा धुआँ निकलता है, इसलिए वह लेड नाइट्रेट है। Y से कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है, जो चूने के पानी को दूधिया करती है, इसलिए वह ज़िंक कार्बोनेट है; बचा हुआ ज़िंक ऑक्साइड गर्म रहने पर पीला और ठंडा होने पर सफ़ेद होता है।
(II)
(III) भूरी गैस नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, , है।
अंक योजना:
- (I) X: लेड नाइट्रेट; Y: ज़िंक कार्बोनेट (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- (II) (1); (0.5) — 1.5 अंक
- (III) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, — 0.5 अंक
(ii) संतुलित समीकरण इस अभिक्रिया के बारे में जो दो बातें बताता है, उन्हें लिखिए। साथ ही अभिक्रिया के बारे में एक ऐसी बात बताइए जो यह समीकरण नहीं बताता। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
यह बताता है:
- हाइड्रोजन गैस और ऑक्सीजन गैस अभिक्रिया करके द्रव जल बनाती हैं।
- हाइड्रोजन के दो अणु ऑक्सीजन के एक अणु से अभिक्रिया करके जल के दो अणु देते हैं, और प्रत्येक तत्व के परमाणु दोनों ओर बराबर हैं।
यह नहीं बताता कि अभिक्रिया शुरू करने के लिए चिंगारी या लौ चाहिए, या कितनी ऊष्मा निकलती है।
अंक योजना:
- कोई दो: अभिकारक और उत्पाद (हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से जल); उनकी भौतिक अवस्थाएँ; हाइड्रोजन के 2 अणु ऑक्सीजन के 1 अणु से अभिक्रिया करके जल के 2 अणु देते हैं; प्रत्येक तत्व के परमाणु संरक्षित रहते हैं; प्रत्येक 0.5 — 1 अंक
- कोई एक जो नहीं बताता: आवश्यक परिस्थितियाँ (शुरू करने के लिए चिंगारी या लौ); निकलने वाली ऊष्मा; अभिक्रिया कितनी तेज़ी से होती है — 1 अंक
अथवा
(B)
(i) (I) हमारी कोशिकाओं में ग्लूकोज़ के श्वसन का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
(II) प्रकाश-संश्लेषण का, उसकी परिस्थितियों सहित, संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
(III) दोनों में से कौन ऊष्माक्षेपी और कौन ऊष्माशोषी है? प्रत्येक का कारण दीजिए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(I) + ऊर्जा
(II)
(III) श्वसन ऊष्माक्षेपी है, क्योंकि कोशिकाओं में ग्लूकोज़ के टूटने पर ऊर्जा मुक्त होती है; इसी से हमारा शरीर गर्म रहता है। प्रकाश-संश्लेषण ऊष्माशोषी है, क्योंकि पौधे ग्लूकोज़ बनाने के लिए सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेते हैं।
अंक योजना:
- (I) + ऊर्जा — 1 अंक
- (II) — 1 अंक
- (III) श्वसन ऊष्माक्षेपी है, क्योंकि इसमें ऊर्जा निकलती है; प्रकाश-संश्लेषण ऊष्माशोषी है, क्योंकि यह सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा लेता है (0.5 + 0.5) — 1 अंक
(ii) बल्ब के तंतु में लगने वाला टंगस्टन, टंगस्टन ऑक्साइड को हाइड्रोजन में गर्म करके बनाया जाता है: । उपचायक और अपचायक के नाम बताइए। इसे रेडॉक्स अभिक्रिया क्यों कहते हैं? (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
टंगस्टन ऑक्साइड अपनी ऑक्सीजन हाइड्रोजन को देता है, इसलिए वह उपचायक है। हाइड्रोजन ऑक्सीजन छीन लेती है, इसलिए वह अपचायक है।
यह रेडॉक्स अभिक्रिया है क्योंकि उपचयन और अपचयन साथ-साथ होते हैं: हाइड्रोजन ऑक्सीजन ग्रहण करके उपचयित होती है, जबकि टंगस्टन ऑक्साइड ऑक्सीजन खोकर अपचयित होता है।
अंक योजना:
- उपचायक: टंगस्टन ऑक्साइड; अपचायक: हाइड्रोजन (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- एक ही अभिक्रिया में हाइड्रोजन का उपचयन (ऑक्सीजन ग्रहण) और टंगस्टन ऑक्साइड का अपचयन (ऑक्सीजन का ह्रास) होता है — 1 अंक
प्रश्न 12 (4 अंक)
दीवाली से पहले राकेश वाराणसी में अपने घर पर सफ़ेदी का घोल तैयार कर रहा है। वह तीन बाल्टियाँ P, Q और R लेता है, हर एक में 25 °C का 10 लीटर पानी है। वह P में 0.5 kg और Q में 1 kg बिना बुझे चूने के ढेले डालता है। गलती से वह R में 1 kg चूना-पत्थर का चूर्ण डाल देता है। वह हर बाल्टी को हिलाता है और उसमें पहुँचा सबसे अधिक ताप लिखता है।
| बाल्टी | क्या डाला गया | सबसे अधिक ताप (°C) |
|---|---|---|
| P | 0.5 kg बिना बुझा चूना | 39 |
| Q | 1 kg बिना बुझा चूना | 53 |
| R | 1 kg चूना-पत्थर का चूर्ण | 25 |
(a) बाल्टी P और Q में होने वाली अभिक्रिया का प्रकार बताइए। इसमें ऊष्मा निकलती है या ली जाती है? (1 अंक)
उत्तर।
- संयोजन अभिक्रिया (0.5); ऊष्मा निकलती है, इसलिए ऊष्माक्षेपी (0.5) — 1 अंक
(b) Q का पानी P के पानी से अधिक गर्म क्यों हुआ? (1 अंक)
उत्तर।
- Q में उतने ही पानी के साथ दोगुना बिना बुझा चूना अभिक्रिया कर रहा था, इसलिए लगभग दोगुनी ऊष्मा निकली — 1 अंक
(c) R का ताप बिल्कुल क्यों नहीं बदला? चूना-पत्थर से बिना बुझा चूना कैसे बनाया जाता है? इसका संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
- चूना-पत्थर (कैल्सियम कार्बोनेट) जल से अभिक्रिया नहीं करता, इसलिए कोई ऊष्मा नहीं निकलती — 1 अंक
- चूना-पत्थर को तेज़ गर्म करके बिना बुझा चूना बनाया जाता है: — 1 अंक
अथवा
(c) बाल्टी Q की अभिक्रिया का अवस्था-संकेतों सहित संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए। राकेश का पड़ोसी उसे बाल्टी Q में हाथ न डालने की चेतावनी देता है। दो कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- — 1 अंक
- पानी बहुत गर्म है और त्वचा जला सकता है; बनने वाला कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड एक क्षारक (क्षार) है जो त्वचा को हानि पहुँचा सकता है (0.5 + 0.5) — 1 अंक
प्रश्न 13 (4 अंक)
भोपाल नगर निगम की जल-परीक्षण प्रयोगशाला में नंदिनी कुओं के पानी के नमूनों में दो प्रकार के घुले लवणों की जाँच करती है। नमूने के एक भाग में वह बेरियम क्लोराइड विलयन मिलाती है; सफ़ेद अवक्षेप बताता है कि सल्फ़ेट उपस्थित है। दूसरे भाग में वह सिल्वर नाइट्रेट विलयन मिलाती है; सफ़ेद अवक्षेप बताता है कि क्लोराइड उपस्थित है।
(a) एक नमूने में सल्फ़ेट, सोडियम सल्फ़ेट के रूप में है। बेरियम क्लोराइड के साथ बनने वाले सफ़ेद अवक्षेप का नाम और अभिक्रिया का प्रकार बताइए। (1 अंक)
उत्तर।
- बेरियम सल्फ़ेट; द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया (0.5 + 0.5) — 1 अंक
(b) एक दूसरा नमूना सिल्वर नाइट्रेट के साथ सफ़ेद अवक्षेप देता है। एक प्रशिक्षु कहता है, "इससे सिद्ध होता है कि पानी में सोडियम क्लोराइड है।" क्या वह सही है? कारण दीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- नहीं (0.5); यह परीक्षण केवल यह बताता है कि कोई क्लोराइड उपस्थित है; कोई भी घुला क्लोराइड, जैसे कैल्सियम या मैग्नीशियम क्लोराइड, वही सफ़ेद सिल्वर क्लोराइड अवक्षेप देता है (0.5) — 1 अंक
(c) नमूना X, बेरियम क्लोराइड के साथ सफ़ेद अवक्षेप देता है पर सिल्वर नाइट्रेट के साथ नहीं। इनमें से कौन-से लवण इसमें घुले हो सकते हैं: मैग्नीशियम सल्फ़ेट, कैल्सियम क्लोराइड, पोटैशियम सल्फ़ेट, सोडियम क्लोराइड? समझाइए, और इनमें से किसी एक की बेरियम क्लोराइड से अभिक्रिया का संतुलित समीकरण लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
- मैग्नीशियम सल्फ़ेट और पोटैशियम सल्फ़ेट: ये सल्फ़ेट हैं, जो बेरियम क्लोराइड के साथ अवक्षेप देते हैं; कैल्सियम क्लोराइड और सोडियम क्लोराइड नहीं हो सकते, क्योंकि क्लोराइड सिल्वर नाइट्रेट के साथ अवक्षेप देता — 1 अंक
- (या ) — 1 अंक
अथवा
(c) नंदिनी देखती है कि परखनली को धूप वाली खिड़की के पास छोड़ देने पर सिल्वर क्लोराइड का सफ़ेद अवक्षेप धीरे-धीरे धूसर हो जाता है। संतुलित समीकरण की सहायता से इसे समझाइए, और अभिक्रिया का प्रकार बताइए। (2 अंक)
उत्तर।
- सूर्य के प्रकाश में सिल्वर क्लोराइड टूटकर सिल्वर बनाता है, जो धूसर होता है — 0.5 अंक
- — 1 अंक
- प्रकाश द्वारा होने वाली वियोजन अभिक्रिया — 0.5 अंक
प्रश्न 14 (4 अंक)
तेल शोधनशालाओं में विषैली हाइड्रोजन सल्फ़ाइड गैस को सल्फ़र डाइऑक्साइड से अभिक्रिया कराकर हटाया जाता है। ठोस सल्फ़र प्राप्त करके बेचा जाता है:
(a) दर्शाइए कि यह समीकरण संतुलित है। (1 अंक)
उत्तर।
- S: बाईं ओर 2 + 1 = 3 और दाईं ओर 3 (0.5); H: 4 और 4, O: 2 और 2 (0.5) — 1 अंक
(b) किस पदार्थ का उपचयन और किसका अपचयन होता है? हाइड्रोजन या ऑक्सीजन के ग्रहण या ह्रास के आधार पर समझाइए। (1 अंक)
उत्तर।
- हाइड्रोजन सल्फ़ाइड का उपचयन होता है, क्योंकि वह हाइड्रोजन खोती है; सल्फ़र डाइऑक्साइड का अपचयन होता है, क्योंकि वह ऑक्सीजन खोती है (0.5 + 0.5) — 1 अंक
(c) उपचायक और अपचायक के नाम बताइए। प्रत्येक का कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- उपचायक: सल्फ़र डाइऑक्साइड, क्योंकि वह ऑक्सीजन देती है, जो हाइड्रोजन सल्फ़ाइड से हाइड्रोजन हटा देती है — 1 अंक
- अपचायक: हाइड्रोजन सल्फ़ाइड, क्योंकि उसकी हाइड्रोजन सल्फ़र डाइऑक्साइड से ऑक्सीजन छीन लेती है — 1 अंक
अथवा
(c) वायु में हाइड्रोजन सल्फ़ाइड की थोड़ी-सी मात्रा चाँदी के गहनों को धीरे-धीरे काला कर देती है: । (i) धातु की इस धीमी क्षति को क्या कहते हैं, और काला पदार्थ क्या है? (ii) चाँदी को बचाने का एक उपाय सुझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
- (i) संक्षारण (0.5); सिल्वर सल्फ़ाइड (0.5) — 1 अंक
- (ii) कोई एक: वायुरुद्ध डिब्बे या थैली में रखना; कागज़ या कपड़े में लपेटकर रखना; वायु, नमी और अंडे जैसी सल्फ़र वाली चीज़ों से दूर रखना — 1 अंक