विद्युत
विद्युत अध्याय 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न पत्र तथा 2025 और 2026 के बोर्ड प्रश्न पत्रों में 6 से 9 अंक का रहा। एक बहुविकल्पीय प्रश्न (प्रायः या प्रतिरोधकों के संयोजन पर), 2 अंक का एक प्रश्न (जूल का तापन नियम, प्रतिरोधकता, वोल्ट, या प्रतिरोधकों को जोड़कर दिया गया मान पाना), 3 अंक का परिपथ आंकिक प्रश्न, और प्रायः भौतिकी का 5 अंक का प्रश्न (फरवरी और मई 2026) आता है।
अंक प्रायः यहाँ कटते हैं:
- मान रखने से पहले मात्रक न बदलना: mm² को m², मिनट को सेकंड, W को kW;
- मिश्रित परिपथ के श्रेणीक्रम भाग को पार्श्वक्रम मान लेना, या इसका उल्टा;
- केवल अंतिम संख्या लिखना: हर आंकिक प्रश्न में सूत्र, मान रखने और मात्रक के अलग अंक होते हैं;
- प्रतिरोध (तार के आकार पर निर्भर) और प्रतिरोधकता (केवल पदार्थ और ताप पर निर्भर) में गड़बड़ी।
5 मिनट में दोहराएँ
राशियाँ और मात्रक
| राशि | संबंध | मात्रक |
|---|---|---|
| विद्युत धारा | 1 A = प्रति सेकंड 1 C आवेश | |
| विभवांतर | 1 V: 1 C ले जाने में 1 J कार्य | |
| प्रतिरोध | 1 Ω: 1 V से 1 A धारा | |
| प्रतिरोधकता | Ω m | |
| विद्युत शक्ति | 1 W: 1 V पर 1 A धारा |
- एक इलेक्ट्रॉन पर C आवेश; 1 C लगभग इलेक्ट्रॉनों का आवेश है।
- बाहरी परिपथ में धारा + से − की ओर बहती है; इलेक्ट्रॉन उल्टी दिशा में चलते हैं।
- ऐमीटर श्रेणीक्रम में (बहुत कम प्रतिरोध); वोल्टमीटर पार्श्वक्रम में (बहुत अधिक प्रतिरोध); + टर्मिनल सेल के + की ओर।
ओम का नियम: नियत ताप पर । V-I ग्राफ़ (V, y-अक्ष पर) मूल बिंदु से गुज़रती सीधी रेखा है, और इसकी ढाल है।
प्रतिरोध: , ; केवल पदार्थ और उसके ताप पर निर्भर करती है। मिश्रातुओं की शुद्ध धातुओं से अधिक होती है।
संयोजन
- श्रेणीक्रम: ; धारा एक ही, वोल्टता प्रतिरोधों के अनुपात में बँटती है।
- पार्श्वक्रम: ; वोल्टता एक ही, छोटे प्रतिरोधक में अधिक धारा; सबसे छोटे से भी कम।
- मान के समान प्रतिरोधक: श्रेणीक्रम में , पार्श्वक्रम में ।
जूल का तापन नियम: उत्पन्न ऊष्मा , और : । उपयोग: इस्त्री, टोस्टर, हीटर (नाइक्रोम), बल्ब (टंगस्टन, गलनांक 3380 °C, नाइट्रोजन और आर्गन भरी), फ्यूज़ (कम गलनांक, श्रेणीक्रम में)।
ऊर्जा: 1 kWh = 1 यूनिट = J।
आम गलतियाँ
- तार को खींचने, मोड़ने या काटने से बदलता है, कभी नहीं।
- रेटिंग केवल अंकित वोल्टता पर सही है: पहले निकालिए।
- श्रेणीक्रम में बड़ा प्रतिरोधक अधिक गर्म होता है; पार्श्वक्रम में छोटा।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (2 अंक)
मीरा ने अपनी कॉपी में लिखा: "सेल से जुड़े कॉपर के तार में इलेक्ट्रॉन तार में से होकर सेल के धन टर्मिनल से ऋण टर्मिनल की ओर बहते हैं। विद्युत धारा भी इलेक्ट्रॉनों की दिशा में ही बहती है।" दोनों गलतियाँ बताइए और उन्हें ठीक कीजिए।
उत्तर।
- गलती 1: तार में इलेक्ट्रॉन सेल के ऋण टर्मिनल से धन टर्मिनल की ओर बहते हैं — 1 अंक
- गलती 2: विद्युत धारा की दिशा इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह के विपरीत मानी जाती है, यानी बाहरी परिपथ में धन टर्मिनल से ऋण टर्मिनल की ओर — 1 अंक
प्रश्न 2 (2 अंक)
(a) 1 वोल्ट की परिभाषा दीजिए।
(b) कार की 12 V की बैटरी एक हेडलैंप में से आवेश भेजती है। लैंप को 720 J ऊर्जा मिले, इसके लिए उसमें से कितना आवेश प्रवाहित होना चाहिए? यदि यह आवेश 20 s में प्रवाहित हो, तो धारा कितनी है?
उत्तर।
- (a) दो बिंदुओं के बीच विभवांतर 1 वोल्ट होता है जब 1 कूलॉम आवेश को एक बिंदु से दूसरे तक ले जाने में 1 जूल कार्य किया जाता है — 1 अंक
- (b) C; A (0.5 + 0.5) — 1 अंक
प्रश्न 3 (3 अंक)
किसी धातु के तार के प्रतिरोध के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) एकसमान धातु के तार का प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है? दिखाइए कि ये मिलकर कैसे देते हैं, और बताइए कि क्या है। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
लंबाई: लंबे तार का प्रतिरोध अधिक होता है, ।
अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल: मोटे तार का प्रतिरोध कम होता है, ।
पदार्थ: समान आकार पर अलग-अलग धातुओं के तारों का प्रतिरोध अलग होता है।
1 और 2 को मिलाने पर । इसे समीकरण बनाने वाला नियतांक पदार्थ पर निर्भर करता है और प्रतिरोधकता कहलाता है: ।
अंक योजना:
- तार की लंबाई, उसके अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल और उसका पदार्थ (ताप भी स्वीकार्य) — 1 अंक
- और , इसलिए , यानी ; नियतांक पदार्थ की प्रतिरोधकता है — 1 अंक
(b) कॉपर के एक तार और नाइक्रोम के एक तार की लंबाई और अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल समान है। कॉपर की प्रतिरोधकता और नाइक्रोम की है। किस तार का प्रतिरोध अधिक है, और लगभग कितने गुना? (1 अंक)
उत्तर।
- समान और , इसलिए : नाइक्रोम, लगभग गुना (0.5 + 0.5) — 1 अंक
प्रश्न 4 (3 अंक)
तीन प्रतिरोधक , और , विभवांतर वाली एक बैटरी से श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। दर्शाइए कि उनका तुल्य प्रतिरोध है। जिस परिपथ का उपयोग करें उसका आरेख खींचिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
परिपथ चित्र में दिखाया गया है।
- श्रेणीक्रम परिपथ में धारा का केवल एक ही रास्ता होता है, इसलिए , और में एक ही धारा बहती है।
- बैटरी का विभवांतर इनमें बँट जाता है: ।
- ओम के नियम से, , और ।
- मान लीजिए एक प्रतिरोधक तीनों की जगह लगाने पर बैटरी से वही धारा लेता है। तब ।
इन्हें मिलाने पर । से भाग देने पर ।
अंक योजना:
- तीनों प्रतिरोधकों, बैटरी, कुंजी और ऐमीटर वाला श्रेणीक्रम परिपथ (चित्र देखें) — 1 अंक
- तीनों में एक ही धारा , और (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- , , तथा , इसलिए , जिससे — 1 अंक

प्रश्न 5 (2 अंक)
आपके पास 4 Ω के तीन प्रतिरोधक हैं।
(a) तीनों को किस प्रकार जोड़ेंगे कि (I) 6 Ω और (II) Ω मिले? गणना दिखाइए।
(b) तीनों का उपयोग करके अधिकतम और न्यूनतम कितना प्रतिरोध प्राप्त किया जा सकता है?
उत्तर।
- (a)(I) दो पार्श्वक्रम में देते हैं; इसके साथ तीसरा श्रेणीक्रम में: — 0.5 अंक
- (a)(II) दो श्रेणीक्रम में 8 Ω देते हैं; इसके साथ तीसरा पार्श्वक्रम में: — 0.5 अंक
- (b) अधिकतम: सभी श्रेणीक्रम में, ; न्यूनतम: सभी पार्श्वक्रम में, (0.5 + 0.5) — 1 अंक
प्रश्न 6 (3 अंक)
दिखाए गए परिपथ में कुंजी K बंद है और ऐमीटर A1 का पाठ्यांक 0.5 A है। बैटरी और ऐमीटर का प्रतिरोध नगण्य है।

(a) 24 Ω और 3 Ω के प्रतिरोधकों के सिरों के बीच विभवांतर ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- 24 Ω के सिरों पर: V — 0.5 अंक
- 3 Ω के सिरों पर: V — 0.5 अंक
(b) बैटरी से ली गई धारा ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- बैटरी की पूरी धारा 3 Ω में से जाती है: A — 1 अंक
(c) R का मान ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- R में धारा A; पार्श्वक्रम होने से R के सिरों पर भी 12 V — 0.5 अंक
- (जाँच: और A) — 0.5 अंक
प्रश्न 7 (2 अंक)
सजावटी रोशनी की एक लड़ी में 44 एक जैसे छोटे बल्ब श्रेणीक्रम में जुड़े हैं, और इसे 220 V की मेन्स से जोड़ा गया है।
(a) हर बल्ब को कितना विभवांतर मिलता है?
(b) एक बल्ब का तंतु टूट जाता है। बाकी बल्बों का क्या होगा, और क्यों? एक कारण दीजिए कि घर की बत्तियाँ और पंखे कभी इस तरह क्यों नहीं जोड़े जाते।
उत्तर।
- (a) 220 V बराबर बँटता है: हर बल्ब को V — 0.5 अंक
- (b) सभी बल्ब बुझ जाते हैं, क्योंकि श्रेणीक्रम परिपथ में धारा का एक ही रास्ता होता है; कहीं भी टूटने पर पूरी धारा रुक जाती है — 0.5 अंक
- घर में हर उपकरण को पूरे 220 V मिलने चाहिए और वह अपने स्विच से अलग चल सके; श्रेणीक्रम में वोल्टता बँट जाती, और एक खराबी या एक स्विच बंद होने पर सब बंद हो जाते (कोई एक कारण) — 1 अंक
प्रश्न 8 (3 अंक)
ग्राफ़ दर्शाता है कि दो तारों, A और B, के सिरों के बीच विभवांतर V उनमें बहने वाली धारा I के साथ कैसे बदलता है। दोनों तारों की लंबाई और मोटाई समान है, पर वे अलग-अलग पदार्थों के बने हैं।

(a) ग्राफ़ से हर तार का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- ; (हर रेखा का कोई भी बिंदु) (0.5 + 0.5) — 1 अंक
(b) किस पदार्थ की प्रतिरोधकता अधिक है? टोस्टर के तापन अवयव के लिए कौन-सा तार बेहतर है, और संयोजक तारों के लिए कौन-सा? (1 अंक)
उत्तर।
- A: समान आकार पर अधिक प्रतिरोध का अर्थ अधिक प्रतिरोधकता है (0.5); तापन अवयव के लिए A, संयोजक तारों के लिए B (0.5) — 1 अंक
(c) दोनों तार श्रेणीक्रम में एक बैटरी से जोड़े जाते हैं। किस तार में प्रति सेकंड अधिक ऊष्मा उत्पन्न होती है? क्यों? (1 अंक)
उत्तर।
- A में (0.5): दोनों में एक ही धारा है, और प्रति सेकंड ऊष्मा, , वहाँ अधिक है जहाँ अधिक है (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 9 (3 अंक)
30 दिन के एक महीने की शुरुआत में खान परिवार के बिजली मीटर का पाठ्यांक 4527.6 यूनिट था; महीने के अंत में यह 4752.6 यूनिट था। परिवार हर दिन एक रेफ्रिजरेटर (पूरे 24 घंटे में औसतन 150 W), 60 W के तीन पंखे 10 घंटे और 20 W के पाँच LED बल्ब 6 घंटे चलाता है। इनके अलावा केवल 1 kW का एक पानी का पंप है।
(a) परिवार ने हर दिन कितनी विद्युत ऊर्जा ली?
(b) पंप हर दिन कितनी देर चलता है?
(c) ₹ 6.50 प्रति यूनिट की दर से महीने का बिल ज्ञात कीजिए।
उत्तर।
- (a) महीना: यूनिट; प्रतिदिन kWh (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- (b) बाकी उपकरण प्रतिदिन: kWh — 0.5 अंक
- पंप: 1 kW पर kWh, इसलिए वह प्रतिदिन घंटे चलता है — 0.5 अंक
- (c) बिल , अर्थात ₹ 1462.50 — 1 अंक
प्रश्न 10 (3 अंक)
अर्जुन ने एक पतले तार में अलग-अलग विभवांतरों पर धारा मापी और ये पाठ्यांक लिखे:
| V (वोल्ट) | 0.5 | 1.0 | 1.5 | 2.0 | 2.5 | 3.0 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| I (ऐम्पियर) | 0.10 | 0.20 | 0.30 | 0.38 | 0.45 | 0.50 |
(a) पहले तीन पाठ्यांकों से तार का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- — 1 अंक
(b) अंतिम पाठ्यांक के लिए ज्ञात कीजिए। यह (a) के उत्तर से अलग क्यों है? (1 अंक)
उत्तर।
- — 0.5 अंक
- अधिक धारा पर पतला तार गर्म हो जाता है, और धातु के तार का प्रतिरोध ताप बढ़ने पर बढ़ता है — 0.5 अंक
(c) एक सावधानी बताइए जिससे अर्जुन के पाठ्यांक ओम के नियम का पालन करें। (1 अंक)
उत्तर।
- धारा कम रखें, या कुंजी केवल पाठ्यांक लेते समय बंद करें, ताकि तार गर्म न हो (यह भी स्वीकार्य: मोटा तार लें) — 1 अंक
प्रश्न 11 (2 अंक)
किसी प्रतिरोधक R में धारा उसके सिरों के बीच विभवांतर के साथ कैसे बदलती है, यह अध्ययन करने के लिए परिपथ आरेख खींचिए। बैटरी, प्लग कुंजी, ऐमीटर, वोल्टमीटर और धारा नियंत्रक का उपयोग कीजिए। इस परिपथ में धारा नियंत्रक का क्या काम है?
उत्तर।
- सही आरेख: ऐमीटर R के साथ श्रेणीक्रम में, वोल्टमीटर R के सिरों के बीच, धारा नियंत्रक और कुंजी श्रेणीक्रम में, मीटरों के + टर्मिनल बैटरी के + की ओर (चित्र देखें) — 1 अंक
- धारा नियंत्रक परिपथ का प्रतिरोध बदलकर धारा (और R के सिरों का विभवांतर) बदलता है, बिना बैटरी बदले — 1 अंक

प्रश्न 12 (2 अंक)
(a) जूल का तापन नियम लिखिए।
(b) एक तापन कुंडली में धारा आधी कर दी जाती है, और कुंडली को पहले से दोगुने समय तक चालू रखा जाता है। अब उत्पन्न ऊष्मा पहले की तुलना में कितनी है?
उत्तर।
- (a) किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और धारा बहने के समय के अनुक्रमानुपाती होती है: — 1 अंक
- (b) , इसलिए ऊष्मा पहले की आधी रह जाती है — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और केस आधारित प्रश्न
प्रश्न 13 (5 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।
(A)
(i) तीन प्रतिरोधक , और एक बैटरी से पार्श्वक्रम में जुड़े हैं। परिपथ खींचिए और उनके तुल्य प्रतिरोध का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
परिपथ चित्र में दिखाया गया है।
- हर प्रतिरोधक सीधे X और Y के बीच जुड़ा है, इसलिए हर एक के सिरों पर विभवांतर एक ही, , है।
- बैटरी से आने वाली धारा बिंदु X पर बँट जाती है: ।
- ओम के नियम से, , और ।
- यदि X और Y के बीच एक ही प्रतिरोधक उतनी ही धारा ले, तो ।
इसलिए । से भाग देने पर ।
अंक योजना:
- तीनों प्रतिरोधक एक ही दो बिंदुओं X और Y के बीच जुड़े हुए परिपथ (चित्र देखें) — 1 अंक
- हर एक के सिरों पर एक ही विभवांतर ; (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- , , तथा , इसलिए — 1 अंक

(ii) 6 Ω, 12 Ω और R के तीन प्रतिरोधक पार्श्वक्रम में जुड़े हैं, और उनका तुल्य प्रतिरोध 2 Ω है। R ज्ञात कीजिए। तीनों में से किसमें सबसे अधिक धारा बहती है? (2 अंक)
उत्तर।
- , इसलिए — 1 अंक
- 4 Ω वाला प्रतिरोधक (0.5): तीनों पर एक ही विभवांतर है, और सबसे छोटे के लिए सबसे अधिक है (0.5) — 1 अंक
अथवा
(B)
(i) एक प्रतिरोधक में समय तक स्थिर धारा बहती है, और उसके सिरों के बीच विभवांतर है। विभवांतर की परिभाषा से प्रारंभ करके दर्शाइए कि प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा है। दी गई ऊर्जा के बारे में आपको क्या मानना पड़ता है? (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
परिभाषा से, विभवांतर में आवेश ले जाने में किया गया कार्य है।
समय में धारा आवेश ले जाती है, इसलिए ।
ओम के नियम से , इसलिए ।
यदि प्रतिरोधक केवल गर्म होता है और कोई और काम नहीं करता, तो यह पूरी ऊर्जा ऊष्मा के रूप में निकलती है: ।
अंक योजना:
- विभवांतर में आवेश ले जाने में कार्य है, और , इसलिए — 1 अंक
- रखने पर — 1 अंक
- मान्यता: दी गई पूरी ऊर्जा प्रतिरोधक में ऊष्मा में बदलती है (वह कोई और काम, जैसे मोटर चलाना, नहीं करती), इसलिए — 1 अंक
(ii) 4 Ω का एक प्रतिरोधक और एक अज्ञात प्रतिरोधक R, 12 V की बैटरी से श्रेणीक्रम में जुड़े हैं। 4 Ω के प्रतिरोधक में 16 W की दर से ऊष्मा उत्पन्न होती है। धारा, R का मान और R में प्रयुक्त शक्ति ज्ञात कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- , इसलिए A — 0.5 अंक
- कुल प्रतिरोध , इसलिए (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- R में शक्ति W — 0.5 अंक
प्रश्न 14 (5 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से किसी एक का उत्तर दीजिए।
(A) रवि 3 V, 0.5 A अंकित एक टॉर्च बल्ब को 9 V की बैटरी से चलाना चाहता है। बल्ब का प्रतिरोध नियत मानिए।
(i) बैटरी, कुंजी, ऐमीटर, बल्ब और एक ऐसे प्रतिरोधक R वाला परिपथ आरेख खींचिए जिससे बल्ब अपनी रेटिंग पर चले। R का मान और R में व्यर्थ होने वाली शक्ति ज्ञात कीजिए। (3 अंक)
उत्तर।
- परिपथ: बैटरी, कुंजी, ऐमीटर, R और बल्ब सभी श्रेणीक्रम में (चित्र देखें) — 1 अंक
- बल्ब 3 V लेता है, इसलिए R पर 0.5 A पर V: (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- R में व्यर्थ शक्ति W — 1 अंक

(ii) अब वह पहले बल्ब के साथ पार्श्वक्रम में एक दूसरा, वैसा ही बल्ब जोड़ता है, और R वही रखता है। बैटरी से धारा और बल्बों के सिरों के बीच विभवांतर ज्ञात कीजिए। R का कौन-सा मान दोनों बल्बों को उनकी रेटिंग पर चलाएगा? (2 अंक)
उत्तर।
- हर बल्ब , पार्श्वक्रम में दो ; A और V, इसलिए बल्ब मंद जलते हैं (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- दोनों बल्बों को 3 V पर A चाहिए, इसलिए R पर 1 A पर 6 V गिरना चाहिए: — 1 अंक
अथवा
(B) रोहन अध्ययन करता है कि किसी तार का प्रतिरोध उसके आकार पर कैसे निर्भर करता है। वह एक ही मिश्रातु के तीन तार लेता है, हर एक को बारी-बारी से उसी 3.0 V की बैटरी से जोड़ता है और धारा लिखता है। (बैटरी और ऐमीटर का प्रतिरोध नगण्य मानिए।)
| तार | लंबाई | अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल | धारा |
|---|---|---|---|
| A | 1 m | 0.2 mm² | 0.6 A |
| B | 2 m | 0.2 mm² | 0.3 A |
| C | 2 m | 0.4 mm² | 0.6 A |
(i) हर तार का प्रतिरोध ज्ञात कीजिए। तार A और B, तथा तार B और C, किसी तार के प्रतिरोध के बारे में क्या दर्शाते हैं? (3 अंक)
उत्तर।
- : , , — 1 अंक
- A और B (समान क्षेत्रफल): लंबाई दोगुनी करने पर प्रतिरोध दोगुना होता है, इसलिए प्रतिरोध लंबाई के अनुक्रमानुपाती है — 1 अंक
- B और C (समान लंबाई): अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल दोगुना करने पर प्रतिरोध आधा होता है, इसलिए प्रतिरोध क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती है — 1 अंक
(ii) मिश्रातु की प्रतिरोधकता ज्ञात कीजिए। उसी मिश्रातु के 1.5 m लंबे और 0.3 mm² अनुप्रस्थ काट वाले तार को उसी बैटरी से जोड़ने पर कितनी धारा बहेगी? (2 अंक)
उत्तर।
- — 1 अंक
- , इसलिए A (0.5 + 0.5) — 1 अंक
प्रश्न 15 (4 अंक)
जयपुर के एक विद्यालय की कक्षाओं में 60 W के 40 तंतु वाले बल्ब थे। उनकी जगह 9 W के 40 LED बल्ब लगाए गए हैं, जो उतना ही प्रकाश देते हैं। सभी बल्ब 220 V की आपूर्ति पर चलते हैं और महीने के 25 विद्यालय दिवसों में प्रतिदिन 6 घंटे जलते हैं। तंतु वाला बल्ब अपनी अधिकतर ऊर्जा ऊष्मा के रूप में और थोड़ी-सी ही प्रकाश के रूप में देता है, जबकि LED बल्ब लगभग ठंडा रहता है।
(a) धारा बहने पर बल्ब का तंतु गर्म क्यों हो जाता है? (1 अंक)
उत्तर।
- तंतु के प्रतिरोध में धारा बनाए रखने के लिए स्रोत ऊर्जा खर्च करता है; यह ऊर्जा ऊष्मा () के रूप में निकलती है, यही धारा का तापीय प्रभाव है (यह भी स्वीकार्य: चलते इलेक्ट्रॉन धातु के आयनों से बार-बार टकराकर अपनी ऊर्जा उन्हें ऊष्मा के रूप में दे देते हैं) — 1 अंक
(b) तंतु वाला बल्ब और LED बल्ब समान प्रकाश देते हैं। दोनों में से कौन अपनी ली गई विद्युत ऊर्जा का अधिक भाग प्रकाश में बदलता है? आँकड़ों से समझाइए। (1 अंक)
उत्तर।
- LED बल्ब (0.5): वह 60 W के बजाय केवल 9 W लेकर उतना ही प्रकाश देता है, इसलिए उसमें बहुत कम ऊर्जा ऊष्मा के रूप में व्यर्थ होती है (0.5) — 1 अंक
(c) विद्यालय एक महीने में kWh में कितनी विद्युत ऊर्जा बचाता है? ₹ 8 प्रति यूनिट की दर से कितने रुपये बचते हैं? (2 अंक)
उत्तर।
- बचाई गई शक्ति W kW; महीने में घंटे h (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- बचाई गई ऊर्जा kWh; बचत , अर्थात ₹ 2448 (0.5 + 0.5) — 1 अंक
अथवा
(c) बदलाव से पहले और बाद में 40 बल्बों द्वारा आपूर्ति से ली गई कुल धारा ज्ञात कीजिए। कम धारा का अर्थ यह भी क्यों है कि विद्यालय की वायरिंग बहुत कम गर्म होती है? (2 अंक)
उत्तर।
- पहले: A; बाद में: A (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- तारों में ऊष्मा है; धारा गुनी रह जाती है, इसलिए उन्हीं तारों में ऊष्मा गुनी (लगभग ) रह जाती है (यह भी स्वीकार्य: ऊष्मा धारा के वर्ग पर निर्भर करती है) — 1 अंक
प्रश्न 16 (4 अंक)
अनेक रिचार्ज होने वाली टॉर्चों में लिथियम सेल होता है। तेनज़िन की टॉर्च के सेल पर "3.7 V, 3000 mAh" अंकित है। 3000 mAh का अर्थ है कि दोबारा चार्ज करने से पहले सेल एक घंटे तक 3000 mA (3 A) की धारा, या अधिक समय तक कम धारा, दे सकता है। सामान्य सेटिंग पर टॉर्च 0.6 A धारा लेती है।
(a) पूरा चार्ज सेल कितना आवेश, कूलॉम में, दे सकता है? (1 अंक)
उत्तर।
- C — 1 अंक
(b) एक बार पूरा चार्ज होने पर टॉर्च सामान्य सेटिंग पर कितनी देर चल सकती है? (1 अंक)
उत्तर।
- s घंटे — 1 अंक
(c) पूरे चार्ज सेल में कितनी ऊर्जा संचित है? सामान्य सेटिंग पर टॉर्च की शक्ति कितनी है? (2 अंक)
उत्तर।
- J, लगभग J — 1 अंक
- W — 1 अंक
अथवा
(c) सामान्य सेटिंग पर एक सेकंड में टॉर्च में से कितने इलेक्ट्रॉन गुज़रते हैं? (एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश = C) तेज़ सेटिंग पर पूरे चार्ज से टॉर्च केवल 2 घंटे चलती है। तब वह कितनी धारा लेती है? (2 अंक)
उत्तर।
- इलेक्ट्रॉन प्रति सेकंड — 1 अंक
- A (यह भी स्वीकार्य: mA) — 1 अंक
प्रश्न 17 (4 अंक)
श्रीमती राव के कमरे के हीटर, जिस पर 1100 W, 220 V अंकित है, की तापन कुंडली एक सिरे के पास टूट गई। कुंडली 2.2 m लंबी थी और उसका प्रतिरोध 44 Ω था। बिजली मिस्त्री ने टूटा हुआ 20 cm का टुकड़ा काट दिया और उसी कुंडली का बचा हुआ 2.0 m भाग हीटर में दोबारा लगा दिया।
(a) मरम्मत की गई कुंडली का प्रतिरोध पहले से अधिक है या कम? कारण दीजिए। (1 अंक)
उत्तर।
- कम (0.5), क्योंकि तार का प्रतिरोध उसकी लंबाई के अनुक्रमानुपाती होता है और कुंडली अब छोटी है (0.5) — 1 अंक
(b) उसी आपूर्ति पर, मरम्मत किया गया हीटर पहले से प्रति सेकंड अधिक ऊष्मा देगा या कम? क्यों? (1 अंक)
उत्तर।
- अधिक (0.5): वोल्टता वही है और , इसलिए कम प्रतिरोध से अधिक शक्ति मिलती है (0.5) — 1 अंक
(c) मरम्मत की गई कुंडली का प्रतिरोध, तथा अब हीटर की शक्ति और धारा ज्ञात कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- — 0.5 अंक
- W — 1 अंक
- A — 0.5 अंक
अथवा
(c) हीटर के प्लग में 5 A का फ्यूज़ लगा है। क्या मरम्मत किया गया हीटर इसे उड़ा देगा? 220 V की आपूर्ति पर फ्यूज़ उड़ाए बिना इस कुंडली की कम से कम कितनी लंबाई उपयोग की जा सकती है? (2 अंक)
उत्तर।
- हाँ (0.5): यह A लेता है, जो 5 A से अधिक है (0.5) — 1 अंक
- चाहिए; कुंडली का प्रतिरोध प्रति मीटर है, इसलिए कम से कम m, यानी मूल लंबाई (0.5 + 0.5) — 1 अंक