भूमंडलीकृत विश्व का बनना
इस अध्याय का केवल पहला भाग, यानी आधुनिक युग से पहले की दुनिया, बोर्ड परीक्षा में आता है: सिल्क मार्ग, भोजन की यात्रा, विजय, बीमारी और व्यापार। 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र और फ़रवरी 2026 में इससे 3 अंक आए, और मई 2026 में 2 अंक। तीनों प्रश्न-पत्रों में इतिहास का 2 अंक वाला प्रश्न (प्रश्न 5) इसी अध्याय से था, और अक्सर साथ में 1 अंक का एक बहुविकल्पीय प्रश्न भी आता है (सिल्क मार्गों पर कथन, अमेरिका जाने के कारण)।
सबसे ज़्यादा अंक इन गलतियों से कटते हैं: उन्नीसवीं सदी के बारे में लिखना (जो बोर्ड पाठ्यक्रम में नहीं है), दो उदाहरण माँगे जाने पर एक ही देना, मिर्च या मूंगफली को भारत की मूल फ़सल बताना, और बिना जगह, फ़सल या तिथि के गोलमोल बिंदु लिखना।
5 मिनट में दोहराएँ
याद रखने योग्य तिथियाँ
| कब | क्या |
|---|---|
| ईसा पूर्व तीसरी सहस्राब्दी | सिंधु घाटी का पश्चिम एशिया से व्यापार |
| ईसा पूर्व से लगभग 15वीं सदी तक | सिल्क मार्ग व्यस्त, ज़मीन और समुद्र दोनों से |
| 1271-1295 | मार्को पोलो की चीन यात्रा और वापसी |
| 15वीं सदी | चीन ने विदेशी संपर्क कम किए |
| 1492 | कोलंबस कैरिबियन पहुँचा (यात्रा का खर्च स्पेन ने उठाया) |
| 1498 | वास्को द गामा अफ़्रीका का चक्कर लगाकर कालीकट पहुँचा |
| 16वीं सदी का मध्य | अमेरिका पर पुर्तगाल और स्पेन की विजय ज़ोरों पर |
| 18वीं सदी तक | भारत और चीन सबसे अमीर देशों में, एशियाई व्यापार में आगे |
| 1845 से | आयरलैंड में आलू का रोग; अकाल और बड़े पैमाने पर प्रवास |
भोजन की यात्रा
- चीन से पश्चिम की ओर (ऐसा माना जाता है): नूडल्स, जो शायद स्पैगेटी बने; या अरब व्यापारी पास्ता सिसली ले गए।
- 1492 के बाद अमेरिका से: आलू, मक्का, टमाटर, मिर्च, मूंगफली, शकरकंद।
- अमेरिका की ओर: गन्ना, जो बागानों में उगाया गया।
शब्द: सिल्क मार्ग (रेशम मार्ग), कौड़ियाँ (पैसे की तरह चलने वाली मालदीव की सीपियाँ), नख़लिस्तानी नगर, एल डोराडो, बागान, 'खोज'।
कारण और परिणाम
- सिल्क मार्ग → रेशम, मिट्टी के बर्तन और मसाले पश्चिम गए; सोना-चाँदी पूर्व आए; बौद्ध, ईसाई और इस्लाम धर्म फैले।
- आलू → यूरोप के गरीबों को बेहतर भोजन और लंबी उम्र → आयरलैंड की उस पर निर्भरता → 1845 का रोग → अकाल।
- पेरू और मेक्सिको की चाँदी → यूरोप अमीर हुआ → एशियाई सामान का भुगतान।
- अमेरिका के बागान → यूरोप के लिए चीनी और कपास, अफ़्रीकी दासों की मेहनत से।
- गरीबी और भूख, जानलेवा बीमारियों वाले भीड़ भरे शहर, और धार्मिक अत्याचार → हज़ारों यूरोपीय अमेरिका गए।
- अमेरिका की विजय: यूरोपीय लोग अनजाने में चेचक जैसी बीमारियाँ साथ ले आए; वहाँ के लोगों में इनसे लड़ने की क्षमता नहीं थी, इसलिए महामारियों ने बहुत बड़ी संख्या में लोगों की जान ली और प्रतिरोध कमज़ोर पड़ा, जिससे विजय आसान हो गई।
- चीन अपने में सिमटा + अमेरिका का महत्व बढ़ा → विश्व व्यापार का केंद्र यूरोप बना।
ध्यान दें
- 1815 से पहले रुकें: उन्नीसवीं सदी की विश्व अर्थव्यवस्था से कुछ नहीं पूछा जाता। 1840 के दशक का आयरलैंड का अकाल ही बोर्ड वाले भाग में रखी गई एकमात्र बाद की घटना है, जो आलू पर यूरोप की निर्भरता का परिणाम थी।
- मिर्च, मूंगफली, टमाटर और आलू अमेरिका की फ़सलें हैं, भारत या यूरोप की मूल फ़सलें नहीं।
- कोलंबस एशिया का समुद्री रास्ता खोज रहा था; उसकी यात्रा का खर्च पुर्तगाल ने नहीं, स्पेन ने उठाया।
- एल डोराडो एक किंवदंती था; असली चाँदी पेरू और मेक्सिको की खानों से आई।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (2 अंक)
मालदीव में इकट्ठा की गई कौड़ियाँ चीन और अफ़्रीका के पूर्वी तट पर मिली हैं। इससे आधुनिक युग से पहले की दुनिया के बारे में कौन-सी दो बातें पता चलती हैं?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- आधुनिक युग से बहुत पहले हिंद महासागर का समुद्री व्यापार मालदीव को हज़ारों किलोमीटर दूर के देशों से जोड़ता था।
- कौड़ियाँ कई क्षेत्रों में पैसे की तरह चलती थीं, यानी दूर के लोगों के बीच भुगतान का एक साझा तरीका था।
अंक योजना:
- हिंद महासागर के समुद्री व्यापार ने आधुनिक युग से बहुत पहले छोटे द्वीपों को हज़ारों किलोमीटर दूर के देशों से जोड़ रखा था। — 1 अंक
- कौड़ियाँ कई क्षेत्रों में पैसे की तरह चलती थीं, यानी दूर-दूर के लोगों के बीच भुगतान का एक साझा तरीका था। — 1 अंक
प्रश्न 2 (2 अंक)
एशिया के ज़मीनी रास्तों पर नख़लिस्तानी नगर व्यस्त केंद्र क्यों बन गए? दो कारण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- रेगिस्तान में पानी, खाना और आराम केवल नख़लिस्तानों में मिलता था, इसलिए हर कारवाँ वहाँ रुकता था।
- कई देशों के व्यापारी वहाँ खरीद-बिक्री के लिए मिलते थे, इसलिए ये नगर बड़े बाज़ार बने जहाँ विचार भी घुले-मिले।
अंक योजना:
- रेगिस्तान में पानी, खाना और आराम केवल नख़लिस्तानों में मिलता था, इसलिए हर कारवाँ को वहाँ रुकना पड़ता था। — 1 अंक
- कई देशों के व्यापारी वहाँ खरीद-बिक्री और सामान की अदला-बदली के लिए मिलते थे, इसलिए ये नगर बड़े बाज़ार बने जहाँ विचार और भाषाएँ भी घुले-मिले। — 1 अंक
प्रश्न 3 (3 अंक)
आधुनिक युग से पहले यात्राएँ धीमी और जोखिम भरी थीं, फिर भी लोग बहुत दूर तक जाते थे। वे किन तीन कारणों से यात्रा करते थे? हर कारण का एक उदाहरण देते हुए समझाइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- व्यापार: व्यापारी मुनाफ़े के लिए दूर जाते थे, जैसे सिल्क मार्गों पर रेशम और मसाले ले जाने वाले कारवाँ।
- ज्ञान: चीनी भिक्षु ह्वेनसांग सातवीं सदी में बौद्ध ग्रंथ पढ़ने भारत आया।
- आस्था: तीर्थयात्री पवित्र स्थानों तक जाते थे, जैसे हज के लिए मक्का जाने वाले मुसलमान।
अंक योजना:
- व्यापार और काम: व्यापारी मुनाफ़े के लिए दूर तक जाते थे, जैसे सिल्क मार्गों पर रेशम और मसाले ले जाने वाले कारवाँ। — 1 अंक
- ज्ञान: चीनी भिक्षु ह्वेनसांग सातवीं सदी में बौद्ध ग्रंथ पढ़ने भारत आया। — 1 अंक
- आस्था: तीर्थयात्री पवित्र स्थानों तक जाते थे, जैसे हज के लिए मक्का जाने वाले मुसलमान। (यह भी स्वीकार करें: अत्याचार से बचना या काम की तलाश, सही उदाहरण के साथ। कोई तीन कारण।) — 1 अंक
प्रश्न 4 (3 अंक)
उन्नीसवीं सदी तक हज़ारों यूरोपीय लोग अपना घर छोड़कर अमेरिका गए। यूरोप की उन तीन परिस्थितियों को समझाइए जिन्होंने उन्हें जाने पर मजबूर किया।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- गरीबी और भूख: बहुत से परिवारों के पास पेट भरने लायक ज़मीन या काम नहीं था।
- भीड़ भरे शहर: शहरों में बहुत भीड़ थी और वहाँ जानलेवा बीमारियाँ फैली रहती थीं।
- धार्मिक अत्याचार: सरकारी चर्च से असहमत लोगों को सज़ा मिलती थी, इसलिए वे ऐसी जगह चाहते थे जहाँ खुलकर पूजा कर सकें।
अंक योजना:
- गरीबी और भूख: बहुत से परिवारों के पास पेट भरने लायक ज़मीन या काम नहीं था। — 1 अंक
- भीड़ भरे शहर: शहरों में बहुत भीड़ थी और उनमें जानलेवा बीमारियाँ फैली रहती थीं। — 1 अंक
- धार्मिक अत्याचार: सरकारी चर्च से असहमत लोगों को सज़ा मिलती थी, इसलिए वे ऐसी जगह चाहते थे जहाँ खुलकर पूजा कर सकें। (यह भी स्वीकार करें: ज़मीन और बेहतर जीवन की उम्मीद।) — 1 अंक
प्रश्न 5 (2 अंक)
अठारहवीं सदी तक यूरोपीय व्यापारी एशिया में अपनी ज़्यादातर खरीद का दाम सोने-चाँदी में चुकाते थे। इससे उस समय के भारत और चीन के बारे में क्या पता चलता है? दो बिंदु दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- भारत और चीन रेशम, चीनी मिट्टी के बर्तन, सूती कपड़ा और मसाले जैसी चीज़ें बनाते थे जो दुनिया चाहती थी, इसलिए वे सबसे अमीर देशों में थे।
- उन्हें यूरोप की बनाई चीज़ों की ज़्यादा ज़रूरत नहीं थी, इसलिए यूरोप को सोने-चाँदी में दाम चुकाना पड़ता था।
अंक योजना:
- वे ऐसी चीज़ें बनाते थे जो दुनिया चाहती थी, जैसे रेशम, चीनी मिट्टी के बर्तन, बढ़िया सूती कपड़ा और मसाले, इसलिए वे सबसे अमीर देशों में थे और एशियाई व्यापार में आगे थे। — 1 अंक
- उन्हें यूरोप में बनी चीज़ों की ज़्यादा ज़रूरत नहीं थी, इसलिए यूरोप को अपने सामान के बजाय कीमती धातुओं में दाम चुकाना पड़ता था। — 1 अंक
प्रश्न 6 (2 अंक)
आधुनिक युग से पहले के व्यापार तंत्र में भारतीय उपमहाद्वीप एक महत्वपूर्ण मिलन-स्थल क्यों था? दो कारण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- भारत हिंद महासागर के रास्तों पर पूर्वी एशिया और पश्चिम एशिया व अफ़्रीका के बीच में है, इसलिए जहाज़ इसके बंदरगाहों पर रुकते थे।
- इसके बढ़िया सूती कपड़े और काली मिर्च की दूर देशों में माँग थी।
अंक योजना:
- स्थिति: यह हिंद महासागर के रास्तों पर पूर्वी एशिया और पश्चिम एशिया व पूर्वी अफ़्रीका के बीच में है, इसलिए जहाज़ इसके बंदरगाहों पर रुकते थे। — 1 अंक
- सामान: इसका बढ़िया सूती कपड़ा और काली मिर्च जैसे मसाले दूर देशों में माँगे जाते थे। (यह भी स्वीकार करें: बहुत पुराने संबंध, जैसे सिंधु घाटी का पश्चिम एशिया से व्यापार।) — 1 अंक
प्रश्न 7 (2 अंक)
एल डोराडो कभी था ही नहीं, फिर भी उसकी कहानियों ने दक्षिण अमेरिका के इतिहास पर असर डाला। दो बिंदुओं में समझाइए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- सोने का शहर पाने की उम्मीद में एक के बाद एक यूरोपीय दल दक्षिण अमेरिका के भीतर तक गए।
- इन यात्राओं से महाद्वीप का और हिस्सा यूरोपीय कब्ज़े में आया और बसने वालों के लिए खुल गया।
अंक योजना:
- सोने का शहर पाने की उम्मीद ने एक के बाद एक यूरोपीय दलों को दक्षिण अमेरिका के भीतर तक पहुँचाया। — 1 अंक
- इन यात्राओं से महाद्वीप का ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सा यूरोपीय कब्ज़े में आया और बसने के लिए खुल गया। — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और स्रोत आधारित प्रश्न
प्रश्न 8 (4 अंक)
नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
दीर्घा 4: सफ़र करने वाली चीज़ें (संग्रहालय का परिचय-पट, शैक्षिक उपयोग के लिए तैयार)
इस शोकेस की चार वस्तुओं को ध्यान से देखिए। इनमें से कोई भी वहाँ नहीं मिली जहाँ वह बनी थी।
बाईं ओर का काँच का कटोरा रोमन दुनिया की किसी कार्यशाला में बना था, पर वह चीन की एक कब्र की खुदाई में मिला। उसके पास चीनी रेशम का एक टुकड़ा रखा है, जो सीरिया के रेगिस्तान में पालमायरा के खंडहरों से मिला। काली मिर्च के दानों की छोटी ढेरी भारत के मालाबार तट पर उगी थी; पुरातत्वविदों को ये मिस्र के लाल सागर तट के एक पुराने बंदरगाह पर मिले, जहाँ ये जहाज़ से पहुँचे थे। आखिर में गांधार की पत्थर की बुद्ध प्रतिमा है, जो उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम में बनी थी। उनके वस्त्र की गहरी सिलवटें यूनानी मूर्तियों के कपड़ों जैसी हैं।
इनमें से किसी भी चीज़ को कोई एक व्यापारी पूरे रास्ते नहीं ले गया। हर चीज़ कारवाँ के रास्तों और समुद्री मार्गों पर महीनों या बरसों में कई हाथों से होकर गुज़री। ये सब मिलकर दिखाती हैं कि इन रास्तों पर सामान की तरह विचार और शैलियाँ भी चलती थीं।
(a) काली मिर्च के दाने मिस्र के तट तक कैसे पहुँचे? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
जहाज़ से, भारत के मालाबार तट से समुद्र पार करके।
अंक योजना:
- जहाज़ से, भारत के मालाबार तट से समुद्र पार करके। — 1 अंक
(b) गांधार की प्रतिमा किस धर्म के फैलाव को दिखाती है? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
बौद्ध धर्म।
अंक योजना:
- बौद्ध धर्म। — 1 अंक
(c) मूल्यांकन कीजिए कि ऐसी वस्तुएँ इतिहासकारों को सिल्क मार्गों का अध्ययन करने में कैसे मदद करती हैं। दो बिंदु दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- जहाँ बनी थी उससे दूर मिली वस्तु साबित करती है कि सामान सफ़र करता था, और बताती है कि वह किस ओर गया।
- गांधार की बुद्ध प्रतिमा जैसी वस्तुएँ विचारों और कला-शैलियों का मेल दिखाती हैं, वहाँ भी जहाँ कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं बचा।
अंक योजना:
- जहाँ बनी थी उससे बहुत दूर मिली वस्तु साबित करती है कि सामान सचमुच सफ़र करता था, और उसकी दिशा व रास्ता भी बताती है। — 1 अंक
- गांधार की बुद्ध प्रतिमा जैसी वस्तुएँ विचारों और कला-शैलियों के मेल को दिखाती हैं, जिससे वहाँ की कमी पूरी होती है जहाँ कोई लिखित रिकॉर्ड नहीं बचा। (कोई भी उचित बिंदु स्वीकार करें।) — 1 अंक
अथवा
(c) काली मिर्च समुद्र के रास्ते गई। ज़मीनी रास्तों की तुलना में समुद्री मार्गों के दो लाभ समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- जहाज़ ऊँटों के कारवाँ से कहीं ज़्यादा और भारी माल ले जाता था, इसलिए हर चीज़ को ढोने का खर्च कम पड़ता था।
- जहाज़ रेगिस्तानों, पहाड़ी दर्रों और ज़मीन पर लगने वाली चुंगी से बच जाते थे, और मानसूनी हवाएँ यात्राओं को नियमित बनाती थीं।
अंक योजना:
- एक जहाज़ ऊँटों के कारवाँ से कहीं ज़्यादा और भारी माल ले जा सकता था, इसलिए हर चीज़ को ढोने का खर्च कम पड़ता था। — 1 अंक
- जहाज़ रेगिस्तानों, पहाड़ी दर्रों और ज़मीन पर मिलने वाले कई चुंगी वसूलने वालों से बच जाते थे, और मानसूनी हवाएँ यात्राओं को नियमित बनाती थीं। (कोई दो।) — 1 अंक
प्रश्न 9 (4 अंक)
नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
एंडीज़ से आई फ़सल
आलू सबसे पहले दक्षिण अमेरिका में एंडीज़ पर्वतों के ऊँचे इलाकों के किसानों ने उगाया था। सोलहवीं सदी में स्पेनी लोगों के वहाँ पहुँचने के बाद नाविक इसे अटलांटिक के पार ले गए। शुरू में बहुत से यूरोपीय लोगों को यह अजीब दिखने वाला भोजन भरोसे लायक नहीं लगा, फिर भी दो सदियों के भीतर यह उनमें से लाखों का पेट भरने लगा।
इस पर सबसे ज़्यादा निर्भरता आयरलैंड में थी। वहाँ के ज़्यादातर गरीब परिवार ज़मीन के छोटे-छोटे टुकड़े किराए पर लेते थे। वे खाने के लिए आलू उगाते थे और बाकी लगभग सारी उपज किराया चुकाने के लिए बेच देते थे। 1845 में आयरलैंड के खेतों में एक पौधा-रोग फैला, जो ज़मीन के अंदर ही आलू सड़ा देता था, और अगले कुछ वर्षों में यह बार-बार लौटा। अकाल खत्म होने तक लगभग दस लाख लोग भूख और बीमारी से मर चुके थे, और कम से कम इतने ही लोग द्वीप छोड़कर जा चुके थे, जिनमें से ज़्यादातर अमेरिका गए।
(a) आलू का रोग आयरलैंड में पहली बार किस वर्ष दिखाई दिया? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
1845 में।
अंक योजना:
- वर्ष 1845 में। — 1 अंक
(b) आयरलैंड के गरीब परिवार आलू पर इतने ज़्यादा निर्भर क्यों थे? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
उनके पास किराए की ज़मीन के छोटे टुकड़े ही थे। आलू से परिवार का पेट भरता था और बाकी सब किराया चुकाने के लिए बेचना पड़ता था।
अंक योजना:
- उनके पास किराए की ज़मीन के छोटे टुकड़े ही थे; आलू से परिवार का पेट भरता था और बाकी उपज किराया चुकाने के लिए बेचनी पड़ती थी। — 1 अंक
(c) आयरलैंड का अकाल एक ही खाद्य फ़सल पर निर्भर रहने के बारे में क्या सिखाता है? दो सबक समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- अगर एक फ़सल रोग या खराब मौसम से बर्बाद हो जाए, तो लोगों के पास खाने को कुछ नहीं बचता, इसलिए कई फ़सलें उगाना सुरक्षित है।
- जिन गरीबों के पास न ज़मीन है न बचत, उन्हें सबसे ज़्यादा नुकसान होता है, इसलिए फ़सल बर्बाद होने पर अनाज के भंडार और तुरंत राहत चाहिए।
अंक योजना:
- अगर वह एक फ़सल रोग या खराब मौसम से नष्ट हो जाए, तो लोगों के पास खाने को कुछ नहीं बचता, इसलिए किसानों को कई तरह की फ़सलें उगानी चाहिए। — 1 अंक
- सबसे ज़्यादा नुकसान उन गरीबों का होता है जिनके पास न ज़मीन है न बचत, इसलिए फ़सल बर्बाद होने पर अनाज के भंडार और गरीबों को तुरंत राहत ज़रूरी है। (कोई भी उचित सबक स्वीकार करें।) — 1 अंक
अथवा
(c) भूख से हुई मौतों के अलावा, आयरलैंड के लोगों पर अकाल के दो प्रभाव समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- भूख से बचने के लिए बहुत से लोग आयरलैंड छोड़कर चले गए, ज़्यादातर अमेरिका।
- आयरलैंड की आबादी तेज़ी से घटी और बहुत से गाँव और परिवार उजड़ गए।
अंक योजना:
- बड़े पैमाने पर प्रवास: बहुत बड़ी संख्या में लोग आयरलैंड छोड़कर गए, ज़्यादातर अमेरिका। — 1 अंक
- आयरलैंड की आबादी तेज़ी से घटी और बहुत से गाँव और परिवार उजड़ गए। (यह भी स्वीकार करें: भूखे लोगों में फैली बीमारियों से भी बहुत मौतें हुईं।) — 1 अंक
प्रश्न 10 (4 अंक)
नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
कुछ लोगों के लिए नई दुनिया
1492 में स्पेन के शासकों की ओर से निकले क्रिस्टोफ़र कोलंबस के तीन छोटे जहाज़ कैरिबियन के द्वीपों पर पहुँचे। कोलंबस को लगा कि उसने एशिया जाने का पश्चिमी रास्ता खोज लिया है। असल में वह ऐसे देशों में पहुँचा था जिनके लोगों का बहुत लंबे समय से एशिया, अफ़्रीका या यूरोप से नियमित संपर्क नहीं था।
अगले सौ वर्षों में स्पेन और पुर्तगाल ने इन देशों के विशाल हिस्सों पर दावा कर लिया। सैनिकों और बसने वालों ने ज़मीन पर कब्ज़ा किया, और आज के पेरू और मेक्सिको की खानों की चाँदी से यूरोपीय जहाज़ भर गए। बसने वालों को जल्द ही मुनाफ़े का एक और ज़रिया मिला। कैरिबियन द्वीपों और ब्राज़ील की गर्म, बरसात वाली ज़मीन गन्ने के लिए, और बाद में कपास के लिए, उपयुक्त थी। ये फ़सलें बागान कहलाने वाली बड़ी जागीरों पर उगाई जाती थीं, और खेतों में कड़ी मेहनत अफ़्रीका से ज़ंजीरों में बाँधकर अटलांटिक पार लाए गए दास करते थे। चीनी और कपास यूरोप के बाज़ारों में बिकती थीं।
(a) स्रोत में बताए गए बागानों में उगाई जाने वाली दो फ़सलों के नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
गन्ना और कपास।
अंक योजना:
- गन्ना और कपास। — 1 अंक
(b) (अपने ज्ञान के आधार पर) सेनाओं की ताकत के अलावा, किस बात ने अमेरिका पर यूरोपीय विजय को आसान बनाया? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
यूरोपीय लोग अनजाने में चेचक जैसी बीमारियाँ साथ ले आए। अमेरिका के लोगों में इनसे लड़ने की क्षमता नहीं थी, इसलिए महामारियों ने बहुत बड़ी संख्या में लोगों की जान ली और उनका प्रतिरोध कमज़ोर पड़ गया, जिससे विजय आसान हो गई।
अंक योजना:
- यूरोपीय लोग अनजाने में चेचक जैसी बीमारियाँ साथ ले आए; अमेरिका के लोगों में इनसे लड़ने की क्षमता (प्रतिरक्षा) नहीं थी, इसलिए महामारियों ने बहुत बड़ी संख्या में लोगों की जान ली और उनका प्रतिरोध कमज़ोर पड़ गया। — 1 अंक
(c) मूल्यांकन कीजिए कि बागान मालिकों ने बागानों में काम के लिए अफ़्रीकी दासों का उपयोग क्यों किया। दो बिंदु दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- गन्ने और कपास के लिए खेतों में कड़ी मेहनत करने वाले बहुत सारे मज़दूर चाहिए थे, और आज़ाद मज़दूर ऐसा काम कम ही करते थे।
- दासों को मज़दूरी नहीं मिलती थी और उनसे ज़बरदस्ती काम कराया जा सकता था, इसलिए खर्च कम और मुनाफ़ा ज़्यादा रहता था।
अंक योजना:
- गन्ने और कपास के लिए खेतों में कड़ी मेहनत करने वाले बहुत सारे मज़दूर चाहिए थे, और आज़ाद मज़दूर ऐसा काम करने को कम ही तैयार थे। — 1 अंक
- दासों को मज़दूरी नहीं दी जाती थी और उनसे ज़बरदस्ती काम कराया जा सकता था, इसलिए बागान मालिकों का खर्च कम और मुनाफ़ा ज़्यादा रहता था। — 1 अंक
अथवा
(c) यूरोपीय लोगों ने गन्ना और कपास यूरोप में उगाने के बजाय अमेरिका के बागानों में क्यों उगाए? दो कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- गन्ने और कपास को गर्म, नम जलवायु चाहिए, जो कैरिबियन और ब्राज़ील में थी पर ज़्यादातर यूरोप में नहीं।
- अमेरिका में उपजाऊ ज़मीन के विशाल इलाके थे जिन पर यूरोपीय लोगों ने कब्ज़ा किया था, जबकि यूरोप में ज़मीन कम थी और पहले से जोती जा रही थी।
अंक योजना:
- इन फ़सलों को गर्म और नम जलवायु चाहिए, जो कैरिबियन और ब्राज़ील में थी पर ज़्यादातर यूरोप में नहीं। — 1 अंक
- अमेरिका में उपजाऊ ज़मीन के विशाल इलाके थे जिन पर यूरोपीय लोगों ने कब्ज़ा कर लिया था, जबकि यूरोप में ज़मीन कम थी और पहले से जोती जा रही थी। — 1 अंक