PUC II · Hindi · Chapter 12
बिहारी के दोहे
'गागर में सागर' भरने वाले रीतिकाल के श्रेष्ठ कवि बिहारी लाल के इन दोहों में श्रीकृष्ण-गोपिका के प्रेम, मन की शुद्धता, दान की महत्ता, धन और अहंकार के संबंध तथा मन की दुर्बलता का अत्यंत चित्ताकर्षक एवं सूक्ष्म वर्णन किया गया है।
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