त्वरित पुनरावृत्ति: वाक्य शुद्धि एवं कारक
इस पाठ के अभ्यास में विशेष रूप से 'चरण' (पुल्लिंग बहुवचन), 'पास' (सम्बन्ध कारक के साथ 'मेरे'), और स्त्रीलिंग शब्दों ('पाशविकता') के साथ क्रिया-मेल पर ध्यान देना है।
| सामान्य त्रुटि | शुद्ध रूप |
|---|---|
| माँ की चरण छुए | माँ के चरण छुए |
| मेरा पास आया | मेरे पास आया |
| किसी की डर नहीं | किसी का डर नहीं |
| पाशविकता बढ़ता है | पाशविकता बढ़ती है |
| भेदभाव नहीं की | भेदभाव नहीं किया |
त्वरित पुनरावृत्ति: लिंग, उपसर्ग एवं विलोम
लिंग-रूपांतरण: सचिव→सचिवा, वत्स→वत्सा, शिष्य→शिष्या, उपदेशक→उपदेशिका, राज्यपाल→राज्यपाल (स्त्रीलिंग रूप भी प्रायः यही रहता है, संदर्भ से स्पष्ट होता है)।
उपसर्ग के उदाहरण: मान→सम्मान/अपमान, दूषण→प्रदूषण, भय→निर्भय/सभय, पुत्र→सुपुत्र/कुपुत्र, कीर्ति→अपकीर्ति/सुकीर्ति, कर्म→सुकर्म/कुकर्म।
विलोम शब्द: पवित्र↔अपवित्र, सस्ता↔महँगा, ज्ञान↔अज्ञान, दुःख↔सुख, उत्थान↔पतन।
[Exam Tip] 'उत्थान/पतन' का जोड़ा इस पाठ के केंद्रीय भाव (पतन के बाद उत्थान) से भी जुड़ा है — विलोम याद रखने के साथ-साथ भाव भी समझें।