PUC II · Hindi · Chapter 2
कर्त्तव्य और सत्यता
डॉ. श्यामसुंदर दास द्वारा रचित यह निबंध कर्त्तव्य-पालन और सत्यता के घनिष्ठ संबंध को स्पष्ट करता है। लेखक बताते हैं कि मनुष्य का जीवन घर और समाज में अनेक कर्त्तव्यों से भरा है, और सत्य बोलना ही सच्चे कर्त्तव्य-पालन की पहचान है। डूबते जहाज़ के दृष्टांत से लेखक कर्त्तव्य-पालन के सर्वोच्च आदर्श को उजागर करते हैं।
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