त्वरित पुनरावृत्ति: कथासार सारणी

घटक विवरण
एकांकीकार डॉ. रामकुमार वर्मा (1905-1990)
प्रमुख पात्र भारवि, श्रीधर (पिता), सुशीला (माता), भारती, आभा
संघर्ष का कारण शास्त्रार्थ-विजय से भारवि का अहंकारी होना; पिता द्वारा सार्वजनिक भर्त्सना
प्रतिशोध अपमानित भारवि तलवार से पिता वध का विचार करता है
परिणति प्रायश्चित, 6 माह ससुराल-सेवा का दंड, अहंकार-नाश
अंतिम परिणाम 'किरातार्जुनीयम्' महाकाव्य की रचना, 'महाकवि भारवि' बनना

सम्मान: पद्मभूषण, नागरी काव्य पुरस्कार, देव पुरस्कार, भारत-भारती पुरस्कार

[Exam Tip] श्रीधर के 'प्रेम-अनुशासन' संबंधी कथन तथा शीर्षक 'प्रतिशोध' की सार्थकता पर आधारित प्रश्न परीक्षा में सर्वाधिक पूछे जाते हैं। यह अपठित/एकांकी खंड (ch 19-20) का अंतिम पाठ है।