त्वरित पुनरावृत्ति: कथासार सारणी

घटक विवरण
एकांकीकार उपेन्द्रनाथ 'अश्क' (जन्म 1910, जालंधर)
प्रमुख पात्र दादा, परेश, बेला (छोटी बहू), इन्दु, रजवा
केंद्रीय प्रतीक संयुक्त परिवार = वट वृक्ष; असंतुष्ट सदस्य = सूखी डाली
संघर्ष शिक्षित छोटी बहू बनाम परंपरागत संयुक्त परिवार
समाधान दादा जी की समझ-बूझ व स्नेह से पारिवारिक सामंजस्य
शैली यथार्थवादी, मनोवैज्ञानिक विश्लेषण-प्रधान

सम्मान: केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी (1965), सोवियतलैंड नेहरू पुरस्कार (1972)

[Exam Tip] शीर्षक 'सूखी डाली' की सार्थकता तथा दादा जी व बेला के चरित्र-चित्रण पर आधारित प्रश्न परीक्षा में सर्वाधिक पूछे जाते हैं — इन्हें विशेष रूप से तैयार करें।