नियंत्रण एवं समन्वय
नियंत्रण एवं समन्वय को हाल के बोर्ड प्रश्न पत्रों में 4 से 8 अंक मिले हैं: 2026-27 के सैंपल पेपर में 5, फ़रवरी 2026 में 8, मई 2026 में 7 और 2025 में 4।
इससे प्रायः एक या दो बहुविकल्पीय प्रश्न (मस्तिष्क के भाग, हॉर्मोन, पौधों की गतियाँ), 2 अंक का एक प्रश्न जिसमें अक्सर अथवा होता है, और 3 अंक का एक प्रश्न आता है। फ़रवरी 2026 में अनुवर्तन पर केस अध्ययन आया, और मई 2026 में प्रतिवर्ती चाप के प्रवाह-आरेख वाला 5 अंक का प्रश्न आया।
अंक प्रायः यहाँ कटते हैं:
- प्रतिवर्ती चाप या प्रवाह-आरेख में संवेदी और प्रेरक न्यूरॉन उलट देना, या तीर न लगाना;
- अनुमस्तिष्क (संतुलन) और मेडुला (अनैच्छिक क्रियाएँ) को आपस में मिला देना;
- यह लिखना कि ऑक्सिन प्रकाश की ओर वाले भाग में इकट्ठा होता है;
- छुई-मुई की पत्तियों के मुड़ने को वृद्धि गति या अनुवर्तन कहना।
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तंत्रिका तंत्र
- ग्राही: प्रकाशग्राही (आँख, प्रकाश), ध्वनिग्राही (कान, ध्वनि), घ्राणग्राही (नाक, गंध), स्वादग्राही (जीभ, स्वाद), तापग्राही (त्वचा, ताप)।
- न्यूरॉन: द्रुमिका → कोशिकाकाय → तंत्रिकाक्ष → तंत्रिका सिरा। तंत्रिका सिरे से रसायन रिक्त स्थान (सिनेप्स) पार करके अगले न्यूरॉन में आवेग शुरू करते हैं।
- प्रतिवर्ती क्रिया: किसी उद्दीपन के प्रति अचानक, अपने-आप होने वाली अनुक्रिया, बिना सोचे।
- प्रतिवर्ती चाप: ग्राही → संवेदी न्यूरॉन → मेरुरज्जु (प्रसारण न्यूरॉन) → प्रेरक न्यूरॉन → कार्यकर (पेशी या ग्रंथि)। यह मेरुरज्जु में इसलिए है कि खतरे के समय मस्तिष्क में सोचना बहुत धीमा है। संदेश मस्तिष्क तक बाद में पहुँचता है।
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र = मस्तिष्क + मेरुरज्जु। परिधीय तंत्रिका तंत्र = कपाल तंत्रिकाएँ + मेरु तंत्रिकाएँ।
- सुरक्षा: मस्तिष्क खोपड़ी में, तरल से भरे गुब्बारे जैसी रचना में (झटका सोखने के लिए); मेरुरज्जु कशेरुक दंड में।
- पेशी कोशिकाएँ: विशेष प्रोटीन अपनी आकृति और व्यवस्था बदलते हैं, जिससे कोशिकाएँ छोटी हो जाती हैं।
| मस्तिष्क का भाग | कार्य |
|---|---|
| अग्रमस्तिष्क | सोचना, स्मृति, ऐच्छिक क्रियाएँ; देखने, सुनने, सूँघने के क्षेत्र |
| मेडुला | रक्तचाप, लार आना, वमन |
| अनुमस्तिष्क | शरीर की स्थिति, संतुलन, ऐच्छिक क्रियाओं की सटीकता |
पौधे
- छुई-मुई: वृद्धि नहीं; वैद्युत-रासायनिक संदेश; कोशिकाएँ जल लेकर या खोकर आकृति बदलती हैं।
- अनुवर्तन (वृद्धि गति, दिशा पर निर्भर): प्रकाशानुवर्तन (प्ररोह प्रकाश की ओर, जड़ दूर), गुरुत्वानुवर्तन (जड़ नीचे, प्ररोह ऊपर), जलानुवर्तन (जड़ जल की ओर), रसायनानुवर्तन (परागनलिका बीजांड की ओर)। प्रतान: आधार से दूर वाला भाग तेज़ी से बढ़ता है।
- ऑक्सिन: प्ररोह के शीर्ष पर बनता है, छाया वाली ओर जाता है। जिब्बेरेलिन: तने की वृद्धि। साइटोकाइनिन: कोशिका विभाजन (फल, बीज)। एब्सिसिक अम्ल: वृद्धि रोकता है, पत्तियों का मुरझाना।
हॉर्मोन
| ग्रंथि | हॉर्मोन | कार्य |
|---|---|---|
| हाइपोथैलेमस | मोचक हॉर्मोन | पीयूष ग्रंथि पर कार्य |
| पीयूष ग्रंथि | वृद्धि हॉर्मोन | वृद्धि (बचपन में कमी: बौनापन) |
| अवटु ग्रंथि | थायरॉक्सिन (आयोडीन आवश्यक) | उपापचय (आयोडीन की कमी: घेंघा) |
| अधिवृक्क ग्रंथि | एड्रीनलीन | आपात स्थिति: तेज़ धड़कन और साँस |
| अग्न्याशय | इंसुलिन | रुधिर शर्करा घटाता है (कमी: मधुमेह) |
| वृषण / अंडाशय | टेस्टोस्टेरॉन / एस्ट्रोजन | यौवनारंभ के परिवर्तन |
- पुनर्निवेशन: शर्करा बढ़ी → अधिक इंसुलिन; शर्करा घटी → कम इंसुलिन।
- तंत्रिका आवेग केवल तंत्रिकाओं से जुड़ी कोशिकाओं तक पहुँचते हैं और हर आवेग के बाद कोशिका को तैयार होने में समय लगता है, इसलिए हॉर्मोन भी काम में आते हैं।
सावधानियाँ
- ऑक्सिन प्रकाश से दूर वाली ओर जाता है, प्रकाश की ओर नहीं।
- छुई-मुई का मुड़ना अनुवर्तन नहीं है।
- अंतःस्रावी ग्रंथियाँ वाहिनीविहीन हैं; अग्न्याशय में पाचक रस के लिए वाहिनी भी है।
- संवेदी न्यूरॉन संदेश अंदर लाता है; प्रेरक न्यूरॉन बाहर ले जाता है।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (3 अंक)
तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) न्यूरॉन का स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए। आवेग जिस दिशा में चलता है, उसे तीर से दिखाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
चित्र नीचे दिया गया है। संकेत: A द्रुमिका, B कोशिकाकाय, C केंद्रक, D तंत्रिकाक्ष, E तंत्रिका सिरा। तीर आवेग की दिशा दिखाता है।
अंक योजना:
- सही चित्र: शाखित द्रुमिकाएँ, केंद्रक सहित कोशिकाकाय, लंबा तंत्रिकाक्ष जिसके अंत में शाखित तंत्रिका सिरे हों, और द्रुमिका से तंत्रिका सिरे की ओर तीर — 1 अंक
- कोई चार नाम सही, प्रत्येक 0.25: द्रुमिका, कोशिकाकाय, केंद्रक, तंत्रिकाक्ष, तंत्रिका सिरा — 1 अंक

(b) न्यूरॉन के किस भाग पर सूचना सबसे पहले ग्रहण की जाती है, और फिर वह तंत्रिकाक्ष में किस रूप में चलती है? (1 अंक)
उत्तर।
- द्रुमिका के सिरों पर (0.5); वहाँ एक रासायनिक क्रिया से विद्युत आवेग बनता है, जो तंत्रिकाक्ष में आगे चलता है (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 2 (3 अंक)
सलोनी गलती से बहुत गरम कड़ाही छू लेती है और तुरंत अपना हाथ हटा लेती है। दर्द उसे एक क्षण बाद महसूस होता है।
(a) इस क्रिया में शामिल प्रतिवर्ती चाप का नामांकित चित्र बनाइए। ग्राही, संवेदी न्यूरॉन, प्रसारण न्यूरॉन, प्रेरक न्यूरॉन और कार्यकर को नामांकित कीजिए और संदेश की दिशा दिखाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
चित्र नीचे दिया गया है। संकेत: A त्वचा में ग्राही, B संवेदी न्यूरॉन, C मेरुरज्जु में प्रसारण (रिले) न्यूरॉन, D प्रेरक न्यूरॉन, E कार्यकर (पेशी), F मेरुरज्जु (अनुप्रस्थ काट)। तीर संदेश का मार्ग दिखाते हैं।
अंक योजना:
- सही चित्र: त्वचा में ग्राही, मेरुरज्जु में जाता संवेदी न्यूरॉन, उसके अंदर प्रसारण न्यूरॉन, पेशी तक बाहर जाता प्रेरक न्यूरॉन, और सही दिशा में तीर — 1 अंक
- पाँचों भाग सही नामांकित (ग्राही, संवेदी न्यूरॉन, प्रसारण न्यूरॉन, प्रेरक न्यूरॉन, कार्यकर) — 1 अंक

(b) सलोनी को दर्द महसूस होने से पहले ही हाथ हट गया। क्या गरम कड़ाही का संदेश उसके मस्तिष्क तक पहुँचता भी है? समझाइए। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
हाँ। मेरुरज्जु में संवेदी तंत्रिका केवल प्रेरक तंत्रिका से ही नहीं जुड़ती; संदेश मेरुरज्जु से ऊपर मस्तिष्क तक भी जाता है। हाथ पहले इसलिए हटता है क्योंकि मेरुरज्जु में बना प्रतिवर्ती चाप तुरंत काम करता है। संदेश थोड़ी देर बाद मस्तिष्क तक पहुँचता है, और तब उसे दर्द महसूस होता है।
अंक योजना:
- हाँ: संवेदी तंत्रिका मेरुरज्जु में उन तंत्रिकाओं से भी जुड़ी होती है जो मस्तिष्क तक जाती हैं, अतः संदेश मस्तिष्क तक पहुँचता है और दर्द महसूस होता है, परंतु प्रतिवर्ती क्रिया हो जाने के बाद — 1 अंक
प्रश्न 3 (2 अंक)
प्रत्येक क्रिया को ऐच्छिक, अनैच्छिक या प्रतिवर्ती में वर्गीकृत कीजिए, और तंत्रिका तंत्र के उस भाग का नाम लिखिए जो इसे नियंत्रित करता है।
(i) विद्यालय के सूचना पट्ट पर लगी सूचना पढ़ना
(ii) बासी भोजन खाने के बाद उल्टी (वमन) होना
(iii) पिन चुभने पर पैर को झटके से हटा लेना
(iv) सुई में धागा डालना
उत्तर।
- (i) ऐच्छिक; अग्रमस्तिष्क — 0.5 अंक
- (ii) अनैच्छिक; पश्चमस्तिष्क का मेडुला (प्रतिवर्ती; मेडुला भी स्वीकार्य) — 0.5 अंक
- (iii) प्रतिवर्ती; मेरुरज्जु — 0.5 अंक
- (iv) ऐच्छिक; अग्रमस्तिष्क, और गति को सटीक बनाता है अनुमस्तिष्क (कोई भी स्वीकार्य) — 0.5 अंक
प्रश्न 4 (2 अंक)
प्रत्येक स्थिति में उद्दीपन को ग्रहण करने वाले ग्राही का प्रकार बताइए।
(i) आपको रसोई में तले जा रहे पकौड़ों की गंध आती है।
(ii) हाथ के पास मोमबत्ती की लौ की गर्मी महसूस होती है।
(iii) आप विद्यालय की घंटी सुनते हैं।
(iv) तेज़ धूप में बाहर निकलते ही आपकी आँखें सिकुड़ जाती हैं।
उत्तर।
- (i) घ्राणग्राही (नाक) — 0.5 अंक
- (ii) तापग्राही (त्वचा) — 0.5 अंक
- (iii) ध्वनिग्राही (कान) — 0.5 अंक
- (iv) प्रकाशग्राही (आँख) — 0.5 अंक
प्रश्न 5 (2 अंक)
प्रतिवर्ती क्रिया क्या है? एक उदाहरण दीजिए। ऐसी क्रिया का प्रतिवर्ती चाप मस्तिष्क के बजाय मेरुरज्जु में ही पूरा होना क्यों उपयोगी है?
उत्तर।
- किसी उद्दीपन के प्रति अचानक, अपने-आप होने वाली अनुक्रिया, जिसमें सोचना नहीं पड़ता; जैसे आग से हाथ हटाना (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- मस्तिष्क में सोचने में समय लगता है; मेरुरज्जु में संवेदी तंत्रिका सीधे प्रेरक तंत्रिका से जुड़ती है, इसलिए शरीर तुरंत अनुक्रिया करता है और हानि से बच जाता है — 1 अंक
प्रश्न 6 (2 अंक)
छूने पर मुड़ी छुई-मुई की पत्ती कुछ समय बाद फिर खुल जाती है। परंतु खिड़की की ओर मुड़ा प्ररोह, गमला घुमा देने पर सीधा नहीं होता। इस अंतर को समझाइए।
उत्तर।
- पत्ती इसलिए मुड़ती है कि उसकी कोशिकाएँ जल खोकर आकृति बदलती हैं; इसमें वृद्धि नहीं होती, इसलिए कोशिकाएँ फिर जल लेती हैं तो पत्ती खुल जाती है — 1 अंक
- प्ररोह वृद्धि के कारण मुड़ा: एक ओर की कोशिकाएँ दूसरी ओर से अधिक लंबी हो गईं; वृद्धि वापस नहीं होती, इसलिए मोड़ बना रहता है — 1 अंक
प्रश्न 7 (3 अंक)
अधिवृक्क ग्रंथियों को प्रायः आपातकालीन ग्रंथियाँ कहा जाता है।
(a) ये ग्रंथियाँ कहाँ स्थित होती हैं? इनसे निकलने वाले हॉर्मोन का नाम लिखिए और बताइए कि यह अपने लक्ष्य अंगों तक कैसे पहुँचता है।
(b) यह हॉर्मोन शरीर में जो दो परिवर्तन लाता है, वे लिखिए।
(c) ऐसे समय में पाचन तंत्र और त्वचा को कम रुधिर क्यों भेजा जाता है?
उत्तर।
- (a) वृक्कों के ऊपर (0.5); एड्रीनलीन, जो सीधे रुधिर में स्रावित होता है और रुधिर इसे लक्ष्य अंगों तक ले जाता है (0.5) — 1 अंक
- (b) कोई दो: हृदय तेज़ धड़कता है; डायाफ्राम और पसलियों की पेशियों के तेज़ संकुचन से साँस तेज़ चलती है; पाचन तंत्र और त्वचा के आसपास की छोटी धमनियाँ सिकुड़ जाती हैं — 1 अंक
- (c) ताकि अधिक रुधिर, और उसके साथ अधिक ऑक्सीजन, कंकाल पेशियों को मिले, जिन्हें भागने या सामना करने के लिए ज़ोर से काम करना होता है — 1 अंक
प्रश्न 8 (3 अंक)
चित्र में मानव शरीर में कुछ अंतःस्रावी ग्रंथियों की स्थिति दिखाई गई है।

(a) ग्रंथियों P, Q, R और S के नाम लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
- P पीयूष ग्रंथि; Q अवटु (थायरॉइड) ग्रंथि — 1 अंक
- R अधिवृक्क ग्रंथि; S अग्न्याशय — 1 अंक
(b) Q द्वारा बनाए जाने वाले हॉर्मोन का नाम लिखिए। भोजन में आयोडीन की कमी से गर्दन क्यों फूल सकती है? (1 अंक)
उत्तर।
- थायरॉक्सिन (0.5); अवटु ग्रंथि को थायरॉक्सिन बनाने के लिए आयोडीन चाहिए, पर्याप्त आयोडीन न मिलने पर थायरॉक्सिन कम बनता है और ग्रंथि फूल जाती है, जिसे घेंघा कहते हैं (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 9 (3 अंक)
रिया पीछे से किसी को अपना नाम पुकारते सुनती है। वह अपनी सहेली की आवाज़ पहचान लेती है, मुड़ती है और हाथ हिलाती है। समझाइए कि उसका अग्रमस्तिष्क यह सब कैसे संभव बनाता है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- सुनना: उसके कान के ग्राही ध्वनि को ग्रहण करते हैं। तंत्रिका आवेग इसे अग्रमस्तिष्क के सुनने वाले क्षेत्र तक ले जाते हैं।
- समझना: अग्रमस्तिष्क के साहचर्य क्षेत्रों में यह ध्वनि मस्तिष्क में पहले से संचित सूचना, जैसे सहेली की आवाज़ की स्मृति, के साथ मिलाई जाती है। इससे उसे पता चलता है कि कौन पुकार रहा है, और मुड़कर हाथ हिलाने का निर्णय लिया जाता है।
- करना: यह निर्णय अग्रमस्तिष्क के प्रेरक क्षेत्रों तक जाता है। वे प्रेरक तंत्रिकाओं द्वारा गर्दन, शरीर और भुजा की ऐच्छिक पेशियों को संदेश भेजते हैं।
अंक योजना:
- ध्वनि कान के ग्राही ग्रहण करते हैं और आवेग अग्रमस्तिष्क के उस क्षेत्र तक पहुँचते हैं जो सुनने के लिए विशिष्ट है — 1 अंक
- साहचर्य क्षेत्र इस सूचना को पहले से संचित सूचना (सहेली की आवाज़ की स्मृति) के साथ मिलाकर इसका अर्थ समझते हैं, और अनुक्रिया का निर्णय लिया जाता है — 1 अंक
- यह निर्णय प्रेरक क्षेत्रों तक पहुँचता है, जो शरीर मोड़ने और हाथ हिलाने के लिए ऐच्छिक पेशियों को संदेश भेजते हैं — 1 अंक
प्रश्न 10 (3 अंक)
निम्नलिखित के कारण दीजिए।
(a) जिस व्यक्ति की मेरुरज्जु कमर के निचले भाग में बुरी तरह घायल हो जाए, वह पैर नहीं हिला पाता, जबकि उसका मस्तिष्क ठीक है।
(b) हम केवल निर्णय करके अपनी धड़कन धीमी या अपना रक्तचाप कम नहीं कर सकते।
(c) खोपड़ी के अंदर मस्तिष्क तरल से भरे गुब्बारे जैसी रचना में रहता है।
उत्तर।
- (a) मस्तिष्क से पैरों की पेशियों तक संदेश मेरुरज्जु से होकर जाते हैं; मेरुरज्जु क्षतिग्रस्त हो तो संदेश आगे नहीं पहुँचते, इसलिए पैर नहीं हिलते — 1 अंक
- (b) ये अनैच्छिक क्रियाएँ हैं, जिन्हें पश्चमस्तिष्क (मेडुला) नियंत्रित करता है, सोचने वाला अग्रमस्तिष्क नहीं — 1 अंक
- (c) तरल झटका सोखने वाली गद्दी का काम करता है, इसलिए सिर को लगा झटका सीधे कोमल मस्तिष्क को चोट नहीं पहुँचाता — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और केस आधारित प्रश्न
प्रश्न 11 (5 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से कोई एक हल कीजिए।
(A) तंत्रिका तंत्र के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(i) मानव मस्तिष्क के पार्श्व दृश्य का चित्र बनाइए। उस पर पॉन्स और उन भागों को नामांकित कीजिए जो (I) सोचने का कार्य करते हैं, (II) शरीर की स्थिति और संतुलन बनाए रखते हैं, और (III) रक्तचाप तथा वमन को नियंत्रित करते हैं। (3 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
चित्र नीचे दिया गया है। संकेत: A अग्रमस्तिष्क (प्रमस्तिष्क), B मध्यमस्तिष्क, C पॉन्स, D अनुमस्तिष्क, E मेडुला, F मेरुरज्जु।
अंक योजना:
- प्रमस्तिष्क, मस्तिष्क स्तंभ और पीछे की ओर अनुमस्तिष्क सहित मस्तिष्क का सही चित्र — 1 अंक
- (I) अग्रमस्तिष्क (प्रमस्तिष्क) और (II) अनुमस्तिष्क सही नामांकित — 1 अंक
- (III) मेडुला और पॉन्स सही नामांकित — 1 अंक

(ii) मानव तंत्रिका तंत्र के दो मुख्य भागों के नाम लिखिए और बताइए कि प्रत्येक किससे बना है। दूसरे भाग का कार्य क्या है? (2 अंक)
उत्तर।
- केंद्रीय तंत्रिका तंत्र: मस्तिष्क और मेरुरज्जु; परिधीय तंत्रिका तंत्र: मस्तिष्क से निकलने वाली कपाल तंत्रिकाएँ और मेरुरज्जु से निकलने वाली मेरु तंत्रिकाएँ — 1 अंक
- परिधीय तंत्रिका तंत्र केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को शरीर के सभी अन्य भागों से जोड़ता है और दोनों ओर संदेश ले जाता है — 1 अंक
अथवा
(B) पौधों में समन्वय के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(i) उस पादप हॉर्मोन का नाम लिखिए जो (I) तने की वृद्धि में सहायता करता है, (II) कोशिका विभाजन को बढ़ाता है और (III) वृद्धि को रोकता है तथा पत्तियों को मुरझाता है। (II) वाला हॉर्मोन पौधे के किन भागों में अधिक मात्रा में होगा, और क्यों? (3 अंक)
उत्तर।
- (I) जिब्बेरेलिन (ऑक्सिन भी स्वीकार्य); (II) साइटोकाइनिन — 1 अंक
- (III) एब्सिसिक अम्ल — 1 अंक
- साइटोकाइनिन फलों और बीजों में अधिक मात्रा में होता है, क्योंकि वहाँ कोशिकाएँ तेज़ी से विभाजित होती हैं — 1 अंक
(ii) मटर के पौधे का प्रतान एक पतली डंडी को छूता है और अगले कुछ दिनों में उसके चारों ओर लिपट जाता है। समझाइए कि प्रतान कैसे लिपटता है। (2 अंक)
उत्तर।
- प्रतान का वह भाग जो डंडी से दूर है, डंडी के संपर्क वाले भाग की तुलना में तेज़ी से बढ़ता है — 1 अंक
- इस असमान वृद्धि से प्रतान डंडी के चारों ओर मुड़ जाता है; यह स्पर्श के प्रति एक वृद्धि गति है — 1 अंक
प्रश्न 12 (4 अंक)
श्री दास ऊपरी पेट में दर्द के कारण कानपुर के एक अस्पताल गए। जाँच में पता चला कि एक छोटी पथरी ने उनकी अग्न्याशयिक वाहिनी को बंद कर दिया है। डॉक्टर ने पाया कि वसा वाला भोजन ठीक से नहीं पच रहा, परंतु उनकी रुधिर शर्करा सामान्य है। उसी वार्ड में श्रीमती राव का भोजन ठीक से पचता है, पर हर भोजन के बाद उनकी रुधिर शर्करा घंटों तक ऊँची बनी रहती है।
(a) श्री दास वसा को ठीक से क्यों नहीं पचा पा रहे? (1 अंक)
उत्तर।
- अग्न्याशयिक रस, जिसमें वसा पचाने वाला एंज़ाइम लाइपेज़ होता है, बंद वाहिनी से होकर क्षुद्रांत्र तक नहीं पहुँच पाता — 1 अंक
(b) वाहिनी बंद होने पर भी उनकी रुधिर शर्करा सामान्य क्यों है? (1 अंक)
उत्तर।
- अग्न्याशय इंसुलिन को वाहिनी से नहीं, सीधे रुधिर में छोड़ता है, इसलिए इंसुलिन अब भी रुधिर में पहुँचता है — 1 अंक
(c) श्रीमती राव के साथ सबसे अधिक संभावित समस्या क्या है? उनके डॉक्टर उन्हें इंसुलिन के इंजेक्शन क्यों दे सकते हैं? (2 अंक)
उत्तर।
- उनका अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना रहा (0.5); यह स्थिति मधुमेह है (0.5) — 1 अंक
- इंसुलिन रुधिर में शर्करा का स्तर घटाता है; इंजेक्शन से दिया गया इंसुलिन उस कमी को पूरा करता है जो उनका अग्न्याशय नहीं बना पाता — 1 अंक
अथवा
(c) अंतःस्रावी ग्रंथि, वाहिनी में अपना रस डालने वाली ग्रंथि से किस प्रकार भिन्न है? अग्न्याशय के अलावा प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- अंतःस्रावी ग्रंथि में वाहिनी नहीं होती और यह अपना हॉर्मोन सीधे रुधिर में छोड़ती है; दूसरी प्रकार की ग्रंथि अपना रस वाहिनी में डालती है, जो उसे किसी निश्चित स्थान तक ले जाती है — 1 अंक
- अंतःस्रावी: अवटु, अधिवृक्क या पीयूष ग्रंथि (0.5); वाहिनी वाली: लार ग्रंथियाँ या यकृत (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 13 (4 अंक)
रवि ने एक चौड़ी ट्रे में सूखी रेत भरी और उसमें हर जगह चने के बीज बो दिए। एक कोने में उसने पानी से भरा एक छोटा कच्चा (बिना चमक वाला) मिट्टी का बर्तन गाड़ दिया, जिससे पानी केवल उस बर्तन के पास की रेत में धीरे-धीरे रिसता रहे। बीजों के अंकुरण के लिए उसने बस थोड़ा-सा पानी छिड़का। दस दिन बाद उसने कुछ नवोद्भिद सावधानी से निकाले। बर्तन के पास वाले नवोद्भिदों की जड़ें बगल की ओर बर्तन की तरफ़ मुड़ गई थीं, जबकि सभी प्ररोह सीधे ऊपर बढ़े थे।
(a) जड़ों द्वारा दिखाई गई गति और उसके उद्दीपन का नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर।
- जलानुवर्तन (0.5); उद्दीपन जल है (0.5) — 1 अंक
(b) पानी एक ओर होने पर भी प्ररोह सीधे ऊपर बढ़े। प्ररोह किस एक उद्दीपन के प्रति अनुक्रिया कर रहे थे? (1 अंक)
उत्तर।
- गुरुत्व: प्ररोह इससे दूर बढ़ते हैं (ऋणात्मक गुरुत्वानुवर्तन); ऊपर से आने वाला प्रकाश (प्रकाशानुवर्तन) भी स्वीकार्य — 1 अंक
(c) जड़ों की यह गति पौधे के लिए क्यों उपयोगी है? दो कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- अधिकतर मिट्टी सूखी हो तब भी जड़ें पानी तक पहुँच जाती हैं, इसलिए पौधा सूखे समय में भी बचा रहता है — 1 अंक
- पानी प्रकाश-संश्लेषण के लिए और पौधे को ताज़ा रखने के लिए चाहिए, और यह मिट्टी से घुले हुए खनिज भी लाता है — 1 अंक
अथवा
(c) यदि रवि पूरी ट्रे में बराबर पानी देता, तो जड़ें किस दिशा में बढ़तीं? कारण दीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
- सीधे नीचे रेत में — 1 अंक
- पानी बराबर फैला होने पर किसी एक ओर अधिक पानी नहीं होता, इसलिए बगल की ओर मुड़ना नहीं होता; जड़ें केवल गुरुत्व के प्रति अनुक्रिया करती हैं (धनात्मक गुरुत्वानुवर्तन) — 1 अंक
प्रश्न 14 (4 अंक)
एक कक्षा क्रियाकलाप में रोहित 30 cm का पैमाना सीधा पकड़कर सना की खुली उँगलियों के ठीक ऊपर रखता है। वह बिना बताए पैमाना छोड़ देता है और सना उसे जितनी जल्दी हो सके पकड़ती है। पकड़ने से पहले पैमाना जितनी दूरी तक गिरता है, उससे पता चलता है कि वह कितनी जल्दी अनुक्रिया करती है। पाँच प्रयासों में पैमाना 14 cm, 16 cm, 13 cm, 15 cm और 17 cm गिरा। एक सप्ताह के रोज़ के अभ्यास के बाद पैमाना पकड़े जाने से पहले केवल लगभग 9 cm गिरने लगा, और उसकी पकड़ भी सधी हुई हो गई।
(a) पैमाने के गिरने की औसत दूरी ज्ञात कीजिए। पैमाना पकड़ना ऐच्छिक क्रिया है या प्रतिवर्ती क्रिया? (1 अंक)
उत्तर।
- औसत cm (0.5); यह ऐच्छिक क्रिया है (0.5) — 1 अंक
(b) गिरते पैमाने को कौन-से ग्राही ग्रहण करते हैं, और मस्तिष्क का कौन-सा भाग उँगलियाँ बंद करने का निर्णय लेता है? (1 अंक)
उत्तर।
- आँखों के प्रकाशग्राही (0.5); अग्रमस्तिष्क (0.5) — 1 अंक
(c) अभ्यास के बाद भी पैमाना पकड़ना ऐच्छिक क्रिया ही रही। इसमें मिलकर काम करने वाले मस्तिष्क के दो भागों के नाम लिखिए, और बताइए कि प्रत्येक भाग क्या करता है। (2 अंक)
उत्तर।
- अग्रमस्तिष्क: यह आँखों से आई सूचना का अर्थ समझता है, उँगलियाँ बंद करने का निर्णय लेता है और ऐच्छिक पेशियों को आदेश भेजता है — 1 अंक
- अनुमस्तिष्क (पश्चमस्तिष्क): यह शरीर की स्थिति और संतुलन बनाए रखता है और ऐच्छिक गति को सटीक बनाता है, जिससे पकड़ सधी हुई होती है — 1 अंक
अथवा
(c) सना के गिरते पैमाने को देखने से लेकर उसकी उँगलियों के पैमाने पर बंद होने तक संदेश के मार्ग को प्रवाह-आरेख के रूप में दिखाइए। (2 अंक)
उत्तर।
- आँख (प्रकाशग्राही) संवेदी तंत्रिका (दृक् तंत्रिका) अग्रमस्तिष्क, जहाँ संदेश का अर्थ समझकर निर्णय लिया जाता है — 1 अंक
- अग्रमस्तिष्क मेरुरज्जु प्रेरक तंत्रिका उँगलियों की पेशियाँ (कार्यकर), जो संकुचित होकर पैमाने को पकड़ लेती हैं (यह भी स्वीकार्य: आँख संवेदी तंत्रिका अग्रमस्तिष्क प्रेरक तंत्रिका उँगलियों की पेशियाँ) — 1 अंक