जीव जनन कैसे करते हैं?
जीव जनन कैसे करते हैं? को हाल के बोर्ड प्रश्न पत्रों में 4 से 8 अंक मिले हैं: 2026-27 के सैंपल पेपर और 2026 के दोनों प्रश्न पत्रों में 4-4 अंक, और 2025 में 8 अंक, जब इससे 5 अंक का प्रश्न आया था।
इससे प्रायः एक या दो बहुविकल्पीय प्रश्न (फूल के भाग, गर्भनिरोधक विधियाँ, यौन संचारित रोग), अक्सर एक अभिकथन-कारण प्रश्न, और 2 अंक का एक प्रश्न आता है, जैसे विखंडन या मुकुलन पहचानना, हाइड्रा में मुकुलन का चित्र बनाना, या आरोपण के बाद गर्भाशय में होने वाले परिवर्तन। 2025 के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न में मादा जनन अंगों के कार्य और पुरुषों की गर्भनिरोधक विधियाँ, अथवा फूल के चित्र सहित स्वपरागण और परपरागण पूछे गए थे।
अंक प्रायः यहाँ कटते हैं:
- परागण और निषेचन को एक समझ लेना;
- यह लिखना कि निषेचन गर्भाशय में होता है (यह अंडवाहिका में होता है);
- यह कहना कि वैसेक्टॉमी से वृषण शुक्राणु बनाना बंद कर देते हैं;
- मुकुलन को दो बराबर भागों में बँटना दिखाना, या चित्रों को नामांकित न करना।
5 मिनट में दोहराएँ
जनन क्यों, और विविधता
- DNA की प्रतिकृति कभी पूर्ण नहीं होती, इसलिए थोड़ी भिन्नताएँ आती हैं; भारी परिवर्तन में ये स्पीशीज़ को बचाती हैं (जैसे पानी गरम होने पर ताप सहने वाले जीवाणु)।
अलैंगिक जनन (एक जनक)
| विधि | उदाहरण | क्या होता है |
|---|---|---|
| द्विखंडन | अमीबा, लेस्मानिया | दो भागों में बँटना (लेस्मानिया में निश्चित तल में) |
| बहुखंडन | प्लाज़्मोडियम | एक साथ कई संतति कोशिकाएँ |
| खंडन | स्पाइरोगाइरा | टुकड़ों में टूटना; हर टुकड़ा बढ़ता है |
| पुनरुद्भवन | प्लेनेरिया, हाइड्रा | विशिष्ट कोशिकाएँ टुकड़े से पूरा शरीर बनाती हैं |
| मुकुलन | हाइड्रा | एक स्थान पर बार-बार विभाजन से उभार; मुकुल अलग होता है |
| बीजाणु समासंघ | राइज़ोपस | बीजाणुधानियों से मोटी भित्ति वाले बीजाणु |
| कायिक प्रवर्धन | ब्रायोफ़िलम (पत्ती की कलिकाएँ), आलू, केला | जड़, तने या पत्ती से नया पौधा |
कायिक प्रवर्धन: संतान जनक जैसी, जल्दी फूल-फल, बीज न बनाने वाले पौधों के लिए भी संभव।
लैंगिक जनन
- युग्मकों में गुणसूत्र आधे; संलयन से संख्या पूरी (मनुष्य: 23 + 23 = 46)। शुक्राणु छोटा और गतिशील; अंड बड़ा, भोजन सहित।
- फूल: पुंकेसर (परागकोश, तंतु) = नर; स्त्रीकेसर (वर्तिकाग्र, वर्तिका, बीजांडों सहित अंडाशय) = मादा। एकलिंगी: पपीता, तरबूज। उभयलिंगी: गुड़हल, सरसों।
- स्वपरागण: पराग उसी फूल या पौधे के वर्तिकाग्र तक पहुँचता है। परपरागण: पराग दूसरे पौधे के फूल तक पहुँचता है (हवा, जल या जंतुओं द्वारा)।
- परागण → परागनलिका → निषेचन → युग्मनज → भ्रूण। बीजांड → बीज; अंडाशय → फल; दल, बाह्यदल, पुंकेसर गिर जाते हैं।
- बीज: मूलांकुर → जड़, प्रांकुर → प्ररोह, बीजपत्र में भोजन।
मनुष्य
- यौवनारंभ (दोनों में): काँख और जननांग क्षेत्र में बाल, तैलीय त्वचा। लड़के: दाढ़ी-मूँछ, आवाज़ फटना। लड़कियाँ: स्तनों का बढ़ना, रजोधर्म।
- नर: वृषण (शुक्राणु, टेस्टोस्टेरॉन; वृषण कोष, कम ताप) → शुक्रवाहिका → मूत्रमार्ग; प्रोस्टेट और शुक्राशय तरल मिलाते हैं।
- मादा: अंडाशय (हर महीने एक अंड; एस्ट्रोजन) → अंडवाहिका (निषेचन) → गर्भाशय (आरोपण) → ग्रीवा → योनि। निषेचन न हो → रजोधर्म (2-8 दिन)।
- आरोपण के बाद: गर्भाशय की भित्ति मोटी होकर अधिक रुधिर पाती है; प्लैसेंटा बनता है, जिसके दीर्घरोम ग्लूकोज़ और ऑक्सीजन भ्रूण तक और अपशिष्ट वापस पहुँचाते हैं। लगभग नौ महीने बाद गर्भाशय के संकुचन से जन्म।
- गर्भनिरोध: कंडोम (अवरोधक, यौन रोगों का खतरा भी घटाता है); गोलियाँ (हॉर्मोन); गर्भाशय में कॉपर-T; शल्यक्रिया: शुक्रवाहिका या अंडवाहिका अवरुद्ध। यौन संचारित रोग: जीवाणुजनित (सुजाक, सिफ़लिस), विषाणुजनित (मस्सा, HIV-AIDS)। जन्म से पूर्व लिंग निर्धारण प्रतिबंधित है।
आने वाले चित्र: अमीबा का विखंडन, हाइड्रा का मुकुलन, राइज़ोपस, फूल की काट, परागनलिका, मादा जनन तंत्र।
सावधानियाँ
- परागण, निषेचन नहीं है।
- वैसेक्टॉमी में शुक्रवाहिका अवरुद्ध होती है; शुक्राणु और टेस्टोस्टेरॉन बनते रहते हैं।
- ब्रायोफ़िलम की पत्ती की कलिकाएँ = कायिक प्रवर्धन, मुकुलन नहीं।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (3 अंक)
एककोशिक जीवों में विखंडन के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) अमीबा में द्विखंडन की अवस्थाएँ दिखाने के लिए चित्र बनाइए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
चित्र नीचे दिया गया है। अवस्था 1: केंद्रक (N) सहित जनक अमीबा। अवस्था 2: केंद्रक दो भागों में बँटता है। अवस्था 3: कोशिकाद्रव्य बीच से सिकुड़कर बँटने लगता है, दोनों ओर एक-एक केंद्रक रहता है। अवस्था 4: दो संतति अमीबा बन जाते हैं।
अंक योजना:
- अवस्थाओं के चित्र सही क्रम में: जनक कोशिका, केंद्रक का विभाजन, कोशिकाद्रव्य का विभाजन, दो संतति कोशिकाएँ — 1.5 अंक
- केंद्रक नामांकित और अवस्थाएँ क्रम से (तीर सहित) दिखाई गईं — 0.5 अंक

(b) बहुखंडन, द्विखंडन से किस प्रकार भिन्न है? इसे दिखाने वाले एक जीव का नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर।
- बहुखंडन में जनक कोशिका दो के बजाय एक साथ कई संतति कोशिकाओं में बँट जाती है (0.5); प्लाज़्मोडियम (मलेरिया परजीवी) (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 2 (2 अंक)
नामांकित चित्रों की सहायता से दिखाइए कि मुकुलन द्वारा जनक हाइड्रा से नया हाइड्रा कैसे बनता है। जनक पर मुकुल कहाँ और कैसे बनता है?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
चित्र नीचे दिए गए हैं। संकेत: T स्पर्शक, B मुकुल; 1 से 4 तक अवस्थाएँ हैं।
हाइड्रा में शरीर के एक निश्चित स्थान की कोशिकाएँ बार-बार विभाजित होती रहती हैं। इससे एक छोटा उभार, मुकुल, बनता है (अवस्था 2)। मुकुल बढ़ता है और उसमें अपना मुख और स्पर्शक बन जाते हैं (अवस्था 3)। पूरा विकसित होने पर वह जनक से अलग होकर नए हाइड्रा के रूप में रहने लगता है (अवस्था 4)।
अंक योजना:
- कम से कम तीन अवस्थाओं के चित्र: छोटे मुकुल सहित जनक, स्पर्शकों सहित मुकुल, अलग होकर नया हाइड्रा बना मुकुल — 1 अंक
- मुकुल और स्पर्शक नामांकित — 0.5 अंक
- मुकुल शरीर के एक निश्चित स्थान पर बार-बार कोशिका विभाजन (पुनरुद्भवी कोशिकाओं) से बने उभार के रूप में बनता है — 0.5 अंक

प्रश्न 3 (2 अंक)
चित्र को ध्यान से देखिए, जिसमें दो अलग-अलग तरीकों, P और Q, से नए जीव बनते दिखाए गए हैं।

(i) P और Q में दिखाई गई प्रक्रियाओं के नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर।
- P: खंडन (स्पाइरोगाइरा में) (0.5); Q: पुनरुद्भवन (हाइड्रा में) (0.5) — 1 अंक
(ii) इन दोनों में से कौन-सी जीव के जनन की सामान्य विधि है? दूसरी को प्रायः जनन क्यों नहीं माना जाता? (1 अंक)
उत्तर।
- P: स्पाइरोगाइरा परिपक्व होने पर सामान्य रूप से टुकड़ों में टूट जाता है (0.5); जीव जनन के लिए कटने पर निर्भर नहीं रहते, और हाइड्रा सामान्यतः मुकुलन से जनन करता है (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 4 (3 अंक)
बंद और नम टिफ़िन में चार दिन तक रखी एक रोटी सफ़ेद धागों और छोटे काले बिंदुओं से ढक गई। यह कवक राइज़ोपस था।
(a) राइज़ोपस में बीजाणु समासंघ (बीजाणु बनना) दिखाने के लिए नामांकित चित्र बनाइए। कवक तंतु, बीजाणुधानी और बीजाणुओं को नामांकित कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
चित्र नीचे दिया गया है। संकेत: A बीजाणु, B बीजाणुधानी, C कवक तंतु।
अंक योजना:
- सही चित्र: भोजन पर धागे जैसे कवक तंतु, जिनसे सीधे वृंत निकलें और उन पर गोल बीजाणुधानियाँ हों — 1 अंक
- कवक तंतु, बीजाणुधानी और बीजाणु नामांकित — 1 अंक

(b) इस कवक के बीजाणु हर समय हवा में तैरते रहते हैं। फिर कवक नम रोटी पर क्यों उगा, पास के डिब्बे में रखे सूखे भुने चनों पर क्यों नहीं? (1 अंक)
उत्तर।
- बीजाणुओं पर मोटी रक्षात्मक भित्ति होती है और वे तब तक निष्क्रिय रहते हैं जब तक भोजन वाली किसी नम सतह पर न पहुँचें; तभी वे वृद्धि करना शुरू करते हैं — 1 अंक
प्रश्न 5 (2 अंक)
जीवाणु और अमीबा केवल दो भागों में बँटकर जनन करते हैं। कुत्ते जैसा कोई जटिल बहुकोशिक जंतु केवल कोशिका-दर-कोशिका विभाजित होकर जनन क्यों नहीं कर सकता?
उत्तर।
- इसका शरीर कोशिकाओं का बेतरतीब समूह नहीं है: विशिष्ट कोशिकाएँ ऊतक बनाती हैं और ऊतक अंग, जो निश्चित स्थानों पर होते हैं, इसलिए कोशिका-दर-कोशिका विभाजन व्यावहारिक नहीं है — 1 अंक
- इसलिए ऐसे जीव अधिक जटिल विधियाँ अपनाते हैं, जिनमें जनन एक विशेष प्रकार की कोशिकाओं (जनन कोशिकाओं) का काम है, जो जनन अंगों में बनती हैं — 1 अंक
प्रश्न 6 (3 अंक)
लखनऊ के पास एक बागवान के पास आम का एक पेड़ है जिसके फल बहुत मीठे हैं। वह ऐसे और कई पेड़ चाहता है जिन पर बिल्कुल वैसे ही फल लगें, और वे जल्दी फल देने लगें। उसे पेड़ बीजों से उगाने चाहिए या कायिक प्रवर्धन से? आपकी सुझाई विधि के तीन लाभ लिखिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
उसे कायिक प्रवर्धन अपनाना चाहिए, जैसे दाब/परतन (लेयरिंग) या रोपण (ग्राफ़्टिंग), जिसमें नया पौधा जनक पौधे के किसी भाग से उगाया जाता है।
- वैसे ही फल: नए पौधे आनुवंशिक रूप से जनक के समान होते हैं, इसलिए उनमें जनक के सभी लक्षण, मीठे फल सहित, होते हैं। बीज लैंगिक जनन से बनते हैं और उनसे उगे पेड़ों के फल अलग हो सकते हैं।
- जल्दी फल: कायिक प्रवर्धन से उगाए गए पौधों पर बीज से उगे पौधों की तुलना में पहले फूल और फल आते हैं।
- कम समय में कई पौधे: एक अच्छे पेड़ से बहुत-से पौधे जल्दी और कम खर्च में तैयार हो जाते हैं।
अंक योजना:
- कायिक प्रवर्धन (जैसे दाब/परतन (लेयरिंग) या रोपण (ग्राफ़्टिंग) द्वारा); नए पौधे आनुवंशिक रूप से जनक के समान होते हैं, इसलिए उनमें जनक के सभी लक्षण, मीठे फल सहित, होते हैं — 1 अंक
- इस प्रकार उगाए गए पौधों पर बीज से उगे पौधों की तुलना में पहले फूल और फल आते हैं — 1 अंक
- एक ही जनक पौधे से कई पौधे जल्दी और कम खर्च में तैयार किए जा सकते हैं — 1 अंक
प्रश्न 7 (3 अंक)
जनन के समय DNA की प्रतिकृति बनने के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) विभाजन से पहले कोशिका को अपने DNA की प्रतिकृति क्यों बनानी पड़ती है?
(b) दोनों प्रतिकृतियाँ सदा बिल्कुल एक जैसी क्यों नहीं होतीं?
(c) इस प्रकार आई छोटी भिन्नताएँ किसी स्पीशीज़ को जीवित रहने में कैसे सहायता कर सकती हैं? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) DNA में प्रोटीन बनाने की सूचना होती है, और इसी से शरीर की अभिकल्पना तय होती है। हर नई कोशिका को काम करने के लिए DNA की अपनी प्रति और अपना कोशिकीय उपकरण चाहिए। इसलिए पहले DNA की प्रतिकृति बनती है, फिर दोनों प्रतियाँ दो नई कोशिकाओं में अलग हो जाती हैं।
(b) प्रतिकृति जैव-रासायनिक अभिक्रियाओं से बनती है, और कोई भी ऐसी अभिक्रिया पूरी तरह विश्वसनीय नहीं होती। इसलिए थोड़ी भिन्नताएँ आ जाती हैं, और प्रतियाँ मिलती-जुलती तो होती हैं पर सदा हूबहू एक जैसी नहीं।
(c) यदि पर्यावरण में बहुत परिवर्तन हो जाए, तो अधिकतर जीव मर सकते हैं, परंतु उपयुक्त भिन्नता वाले कुछ जीव बचकर स्पीशीज़ को आगे बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी पानी में रहने वाले जीवाणुओं का पानी बहुत गरम हो जाए, तो अधिकतर जीवाणु मर जाते हैं, पर ताप सह सकने वाले कुछ जीवाणु बच जाते हैं और संख्या में बढ़ते हैं।
अंक योजना:
- (a) DNA में प्रोटीन बनाने की, और इसलिए शरीर की अभिकल्पना की, सूचना होती है; हर नई कोशिका को काम करने के लिए DNA की अपनी प्रति (और अपना कोशिकीय उपकरण) चाहिए — 1 अंक
- (b) प्रतिकृति जैव-रासायनिक अभिक्रियाओं से बनती है, जो कभी पूरी तरह विश्वसनीय नहीं होतीं, इसलिए थोड़ी भिन्नताएँ आ जाती हैं — 1 अंक
- (c) यदि पर्यावरण में भारी परिवर्तन हो, तो उपयुक्त भिन्नता वाले कुछ जीव जीवित रहकर स्पीशीज़ को बनाए रख सकते हैं; जैसे किसी झील का पानी बहुत गरम हो जाए, तो ताप सह सकने वाले जीवाणु बच जाते हैं — 1 अंक
प्रश्न 8 (3 अंक)
परागण के बाद होने वाली घटनाओं के बारे में निम्नलिखित के उत्तर दीजिए।
(a) वर्तिकाग्र पर परागकण का अंकुरण दिखाने के लिए नामांकित चित्र बनाइए। परागकण, परागनलिका, वर्तिका, अंडाशय और मादा युग्मक को नामांकित कीजिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
चित्र नीचे दिया गया है। संकेत: A परागकण, B वर्तिकाग्र, C परागनलिका, D वर्तिका, E अंडाशय, F बीजांड, G मादा युग्मक (मादा जनन कोशिका)।
अंक योजना:
- सही चित्र: वर्तिकाग्र पर परागकण, जिससे निकली नलिका वर्तिका से होकर अंडाशय में बीजांड तक पहुँचे — 1 अंक
- पाँच नाम सही: परागकण, परागनलिका, वर्तिका, अंडाशय, मादा युग्मक — 1 अंक

(b) जब परागनलिका बीजांड तक पहुँचती है तो क्या होता है? (1 अंक)
उत्तर।
- नलिका द्वारा लाया गया नर युग्मक बीजांड में मादा युग्मक से संलयित होता है (निषेचन) और युग्मनज बनता है — 1 अंक
प्रश्न 9 (2 अंक)
स्वपरागण और परपरागण से क्या अभिप्राय है? पपीते के फूल में स्वपरागण क्यों नहीं हो सकता?
उत्तर।
- स्वपरागण: पराग उसी फूल (या उसी पौधे के दूसरे फूल) के वर्तिकाग्र तक पहुँचता है; परपरागण: पराग एक फूल से दूसरे पौधे के फूल तक पहुँचता है (0.5 + 0.5) — 1 अंक
- पपीते के फूल एकलिंगी होते हैं, और नर तथा मादा फूल प्रायः अलग-अलग पौधों पर होते हैं; इसलिए मादा फूल के वर्तिकाग्र को पराग दूसरे पौधे से ही मिलना चाहिए — 1 अंक
प्रश्न 10 (2 अंक)
यौवनारंभ के परिवर्तन किशोरावस्था के शुरुआती वर्षों में शुरू हो जाते हैं, फिर भी डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस आयु की लड़की को गर्भधारण नहीं करना चाहिए। दो कारण दीजिए।
उत्तर।
- लैंगिक परिपक्वता धीरे-धीरे आती है और उसी समय शरीर की सामान्य वृद्धि भी चल रही होती है, इसलिए शरीर अभी बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार नहीं होता — 1 अंक
- मन भी बच्चे को जन्म देने और पालने के लिए तैयार नहीं होता; गर्भावस्था माँ के शरीर और स्वास्थ्य पर बहुत बोझ डालती है — 1 अंक
प्रश्न 11 (3 अंक)
अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन में तीन अंतर लिखिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
| आधार | अलैंगिक जनन | लैंगिक जनन |
|---|---|---|
| जनक | केवल एक जनक | प्रायः दो जनक, नर और मादा |
| युग्मक | युग्मक नहीं बनते, कोई संलयन नहीं | नर और मादा युग्मकों का संलयन (निषेचन) होता है |
| विविधता | संतान जनक के बहुत समान होती है | दो जनकों का DNA मिलता है, इसलिए संतान में अधिक विविधता होती है |
अंक योजना:
- जनकों की संख्या: अलैंगिक में केवल एक जनक; लैंगिक में प्रायः दो (नर और मादा) — 1 अंक
- युग्मक: अलैंगिक में युग्मक नहीं बनते, संलयन नहीं; लैंगिक में नर और मादा युग्मकों का संलयन (निषेचन) होता है — 1 अंक
- विविधता: अलैंगिक से संतान जनक जैसी ही होती है; लैंगिक में दो जनकों का DNA मिलता है, इसलिए संतान में अधिक विविधता होती है — 1 अंक
प्रश्न 12 (2 अंक)
शुक्राणुओं के बनने वाले अंग से लेकर पुरुष के शरीर से बाहर निकलने तक उनका मार्ग बताइए। रास्ते में शुक्राणुओं में क्या मिलाया जाता है, और क्यों?
उत्तर।
- वृषण शुक्रवाहिका मूत्रमार्ग (शुक्राणुओं और मूत्र का साझा मार्ग) बाहर — 1 अंक
- प्रोस्टेट ग्रंथि और शुक्राशय अपने स्राव मिलाते हैं, जिससे शुक्राणु एक तरल में रहते हैं; इससे उनका स्थानांतरण आसान होता है और उन्हें पोषण भी मिलता है — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और केस आधारित प्रश्न
प्रश्न 13 (5 अंक)
विकल्प (A) या (B) में से कोई एक हल कीजिए।
(A) चित्र में एक फूल की अनुदैर्ध्य काट दिखाई गई है।

(i) A, C, D और E से अंकित भागों के नाम लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
संकेत: A वर्तिकाग्र, B वर्तिका, C अंडाशय, D बीजांड, E परागकोश, F तंतु, G दल (पंखुड़ी), H बाह्यदल।
अंक योजना:
- A वर्तिकाग्र; C अंडाशय — 1 अंक
- D बीजांड; E परागकोश — 1 अंक
(ii) यह फूल एकलिंगी है या उभयलिंगी? कारण दीजिए, और ऐसे फूलों वाले एक पौधे का नाम लिखिए। (1 अंक)
उत्तर।
- उभयलिंगी, क्योंकि इसमें पुंकेसर (E, F) और स्त्रीकेसर (A, B, C) दोनों हैं (0.5); गुड़हल या सरसों (0.5) — 1 अंक
(iii) भाग E से भाग D में स्थित मादा युग्मक तक नर युग्मक की यात्रा बताइए, और रास्ते के हर भाग का नाम (अक्षर सहित) लिखिए। निषेचन कहाँ होता है? (2 अंक)
उत्तर।
- परागकोश (E) से पराग परागण द्वारा वर्तिकाग्र (A) तक पहुँचता है; परागकण से परागनलिका निकलकर वर्तिका (B) से होती हुई अंडाशय (C) में पहुँचती है — 1 अंक
- नलिका बीजांड (D) तक पहुँचती है और वहाँ नर युग्मक मादा युग्मक से संलयित होता है; निषेचन बीजांड के अंदर होता है — 1 अंक
अथवा
(B) चित्र में मानव मादा जनन तंत्र दिखाया गया है।

(i) P, Q, R और T से अंकित भागों के नाम लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
संकेत: P अंडाशय, Q अंडवाहिका (फैलोपियन नलिका), R गर्भाशय, S गर्भाशय ग्रीवा, T योनि।
अंक योजना:
- P अंडाशय; Q अंडवाहिका (फैलोपियन नलिका) — 1 अंक
- R गर्भाशय; T योनि — 1 अंक
(ii) P और R का एक-एक कार्य लिखिए। (2 अंक)
उत्तर।
- P (अंडाशय): अंड बनाता है, हर महीने किसी एक अंडाशय से एक अंड निकलता है; यह एस्ट्रोजन जैसे हॉर्मोन भी बनाता है — 1 अंक
- R (गर्भाशय): भ्रूण इसकी मोटी भित्ति में आरोपित होकर वहीं वृद्धि करता है, और प्लैसेंटा द्वारा माँ से पोषण पाता है — 1 अंक
(iii) स्त्री नसबंदी (ट्यूबेक्टॉमी) में दिखाए गए भागों में से कौन-सा अवरुद्ध किया जाता है? इससे गर्भधारण कैसे रुकता है? (1 अंक)
उत्तर।
- Q, अंडवाहिका (0.5); अंड इससे नीचे नहीं आ पाता और शुक्राणु अंड तक नहीं पहुँच पाते, इसलिए निषेचन नहीं हो पाता (0.5) — 1 अंक
प्रश्न 14 (4 अंक)
पटना के एक विद्यालय के विद्यार्थियों ने कुछ चने के बीजों को रात भर पानी में भिगोया। अगली सुबह उन्होंने एक बीज को खोलकर देखा तो उसमें दो मोटे भाग मिले, जिनके बीच एक सिरे पर एक नन्ही-सी रचना जुड़ी थी। बाकी भीगे बीजों को उन्होंने गीली रुई पर रख दिया। दो दिन बाद हर बीज से एक छोटी जड़ निकली, और चौथे दिन तक नन्ही पत्तियों वाला एक छोटा प्ररोह निकल आया। नवोद्भिदों के बढ़ने के साथ दोनों मोटे भाग छोटे होकर सिकुड़ गए।
(a) उस नन्ही रचना के उन भागों के नाम लिखिए जो जड़ और प्ररोह में विकसित होते हैं। (1 अंक)
उत्तर।
- मूलांकुर जड़ में विकसित होता है (0.5); प्रांकुर प्ररोह में विकसित होता है (0.5) — 1 अंक
(b) नवोद्भिदों के बढ़ने के साथ दोनों मोटे भाग छोटे क्यों हो गए? (1 अंक)
उत्तर।
- ये बीजपत्र हैं, जिनमें भोजन संचित होता है; बढ़ता हुआ नवोद्भिद अपना भोजन बनाने लायक होने तक इसी भोजन का उपयोग करता है — 1 अंक
(c) चने का हर बीज चने के पौधे के फूल के एक बीजांड से बना था। निषेचन से शुरू करके समझाइए कि बीजांड यह बीज कैसे बना। (2 अंक)
उत्तर।
- बीजांड में नर युग्मक का मादा युग्मक से संलयन हुआ और युग्मनज बना; युग्मनज ने कई बार विभाजित होकर बीजांड के अंदर भ्रूण बनाया — 1 अंक
- बीजांड पर कठोर आवरण बना और वह बीज बन गया, जिसमें भ्रूण और बीजपत्रों में संचित भोजन था; अंडाशय बढ़कर फल (फली) बन गया — 1 अंक
अथवा
(c) बीज लैंगिक जनन का परिणाम है या अलैंगिक जनन का? क्या इन बीजों से उगे सभी पौधे जनक पौधे के बिल्कुल समान होंगे? समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
- लैंगिक: बीज नर और मादा युग्मकों के संलयन (निषेचन) के बाद ही बनता है — 1 अंक
- नहीं: भ्रूण को दो युग्मकों से DNA मिलता है, जो दो अलग पौधों से भी आ सकते हैं, इसलिए नए संयोजन बनते हैं और पौधों में विविधता होती है — 1 अंक
प्रश्न 15 (4 अंक)
भोपाल के एक स्वास्थ्य केंद्र में एक डॉक्टर ने गर्भवती महिलाओं के एक समूह को समझाया कि शिशु का विकास कैसे होता है। उन्होंने बताया कि निषेचन के बाद युग्मनज लगातार विभाजित होता रहता है और लगभग एक सप्ताह में कोशिकाओं की एक नन्ही गेंद, यानी भ्रूण, के रूप में गर्भाशय तक पहुँचता है। फिर भ्रूण गर्भाशय की मोटी भित्ति में धँस जाता है। शिशु प्रायः निषेचन के लगभग नौ महीने बाद जन्म लेता है।
(a) मादा जनन तंत्र के किस भाग में निषेचन होता है? भ्रूण के गर्भाशय की भित्ति में धँसने को क्या कहते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
- अंडवाहिका (फैलोपियन नलिका) में (0.5); आरोपण (0.5) — 1 अंक
(b) आरोपण के बाद गर्भाशय में होने वाले दो परिवर्तन लिखिए। (1 अंक)
उत्तर।
- गर्भाशय की भित्ति मोटी हो जाती है और उसमें रुधिर की भरपूर आपूर्ति होती है (0.5); प्लैसेंटा बनता है, जो भ्रूण को गर्भाशय की भित्ति से जोड़ता है (0.5) — 1 अंक
(c) गर्भावस्था के दौरान रजोधर्म नहीं होता। कारण समझाइए। (2 अंक)
उत्तर।
- रजोधर्म गर्भाशय की मोटी भित्ति का टूटकर बाहर निकलना है, जो तभी होता है जब अंड निषेचित न हो — 1 अंक
- गर्भावस्था में यही भित्ति भ्रूण को थामे रहती है और प्लैसेंटा के द्वारा उसे भोजन और ऑक्सीजन देती है, इसलिए यह बनी रहती है, बाहर नहीं निकलती — 1 अंक
अथवा
(c) लगभग नौ महीने पूरे होने पर शिशु का जन्म कैसे होता है? तब तक भ्रूण, जो खा नहीं सकता, अपना भोजन कैसे पाता है? (2 अंक)
उत्तर।
- गर्भाशय की पेशियों के लयबद्ध संकुचन के परिणामस्वरूप शिशु का जन्म होता है — 1 अंक
- भोजन (ग्लूकोज़) और ऑक्सीजन माँ के रुधिर से प्लैसेंटा के द्वारा भ्रूण तक पहुँचते हैं, जिसके दीर्घरोम बड़ा पृष्ठ देते हैं — 1 अंक
प्रश्न 16 (4 अंक)
जयपुर के एक सामुदायिक भवन में परिवार नियोजन सत्र में एक डॉक्टर ने गर्भधारण रोकने के अलग-अलग तरीके समझाए। कुछ विधियाँ स्त्री के शरीर का हॉर्मोन संतुलन बदलती हैं, कुछ छोटी युक्तियाँ शरीर के अंदर रखी जाती हैं, और कुछ में छोटी शल्यक्रिया से कोई नलिका अवरुद्ध की जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि कानून अजन्मे बच्चे का लिंग पता करने वाली जाँच की अनुमति क्यों नहीं देता।
(a) मुख से ली जाने वाली गोलियाँ गर्भधारण कैसे रोकती हैं? इनके दुष्प्रभाव क्यों हो सकते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
- ये शरीर का हॉर्मोन संतुलन बदल देती हैं, जिससे अंड नहीं निकलते (0.5); क्योंकि ये हॉर्मोन संतुलन बदलती हैं, इनके दुष्प्रभाव हो सकते हैं (0.5) — 1 अंक
(b) कॉपर-T कहाँ रखा जाता है, और इसके दुष्प्रभाव क्यों हो सकते हैं? (1 अंक)
उत्तर।
- गर्भाशय में (0.5); यह गर्भाशय में जलन (उत्तेजना) पैदा कर सकता है (0.5) — 1 अंक
(c) जन्म से पूर्व लिंग निर्धारण पर रोक लगाने के लिए कानून की आवश्यकता क्यों पड़ी, और स्त्री-पुरुष अनुपात संतुलित रखना क्यों आवश्यक है? (2 अंक)
उत्तर।
- कुछ लोग अजन्मे बच्चे का लिंग जानने के लिए जाँच का दुरुपयोग करके मादा भ्रूण का अवैध गर्भपात करवाते थे (मादा भ्रूण हत्या); कानून इस दुरुपयोग को रोकता है — 1 अंक
- इससे लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या घट जाती है; स्वस्थ समाज के लिए संतुलित स्त्री-पुरुष लिंग अनुपात आवश्यक है — 1 अंक
अथवा
(c) पुरुष नसबंदी (वैसेक्टॉमी) में कौन-सी नलिका अवरुद्ध की जाती है? इसके बाद निषेचन क्यों नहीं हो सकता? (2 अंक)
उत्तर।
- शुक्रवाहिका अवरुद्ध की जाती है (या काटकर बाँध दी जाती है) — 1 अंक
- वृषण में बने शुक्राणु शरीर से बाहर नहीं जा पाते, इसलिए वे कभी अंड तक नहीं पहुँचते — 1 अंक