संघवाद

संघवाद अध्याय (विकेंद्रीकरण सहित) से 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र में राजनीति विज्ञान का 5 अंक वाला प्रश्न आया (1992 के संशोधनों के प्रावधान अथवा भारत को संघीय देश क्या बनाता है)। फ़रवरी 2026 में संविधान द्वारा केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के बँटवारे पर 3 अंक का प्रश्न और पंचायती राज पर कथनों वाला बहुविकल्पीय प्रश्न था; 2025 में संघीय और एकात्मक देशों पर सही युग्म वाला बहुविकल्पीय प्रश्न और स्थानीय लोकतंत्र पर एक स्रोत आधारित प्रश्न आया। इससे 4 या 5 अंक की उम्मीद रखिए, अक्सर दीर्घ उत्तरीय या स्रोत आधारित प्रश्न के रूप में।

सबसे ज़्यादा अंक इन गलतियों से कटते हैं: तीन सूचियाँ और बाकी बचे विषय, संशोधन का नियम (दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत और कम से कम आधे राज्यों की पुष्टि), स्थानीय निकायों के प्रमुख (सरपंच, अध्यक्ष, महापौर), यह लिखना कि पंचायत चुनाव भारत निर्वाचन आयोग कराता है, और हिंदी को राष्ट्रभाषा कहना।

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संघीय बनाम एकात्मक

संघीय एकात्मक
स्तर दो या अधिक, शक्तियाँ संविधान में तय एक, या निचली इकाइयाँ केंद्र के अधीन
क्या केंद्र राज्य को आदेश दे सकता है? नहीं हाँ
उदाहरण भारत; बेल्जियम (1993 से) श्रीलंका (व्यवहार में)

रास्ते: 'साथ आकर संघ बनाना' (अमेरिका, स्विट्ज़रलैंड, ऑस्ट्रेलिया: इकाइयाँ बराबर, मज़बूत); 'साथ रहकर संघ बनाना' (भारत, स्पेन, बेल्जियम: केंद्र ज़्यादा ताकतवर, इकाइयाँ असमान हो सकती हैं, जैसे कुछ भारतीय राज्यों के विशेष प्रावधान)।

भारत की सूचियाँ

सूची उदाहरण
संघ सूची रक्षा, विदेशी मामले, बैंकिंग, संचार, मुद्रा
राज्य सूची पुलिस, व्यापार, वाणिज्य, कृषि, सिंचाई
समवर्ती सूची शिक्षा, वन, मज़दूर संघ, विवाह, गोद लेना, उत्तराधिकार (टकराव पर केंद्र का कानून)
बाकी बचे (अवशिष्ट) विषय जैसे कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर: केंद्र
  • केंद्र शासित प्रदेश (चंडीगढ़, लक्षद्वीप, दिल्ली): राज्य जैसी शक्तियाँ नहीं; केंद्र की विशेष शक्तियाँ।
  • बँटवारा बदलना: दोनों सदनों में दो-तिहाई और कम से कम आधे राज्य। विवाद अदालतें सुलझाती हैं। दोनों स्तर कर लगाते हैं।
  • व्यवहार में: भाषायी राज्य; कोई राष्ट्रभाषा नहीं (हिंदी राजभाषा, 22 अनुसूचित भाषाएँ, 1965 के बाद अंग्रेज़ी जारी); 1990 के बाद क्षेत्रीय दल, गठबंधन, और राज्य सरकारें हटाने पर सर्वोच्च न्यायालय की रोक।

स्थानीय सरकार

  • पहले दो स्तर; तीसरा स्तर 1992 में मज़बूत (73वाँ और 74वाँ संशोधन)। 1992 से पहले: राज्य का नियंत्रण, अनियमित चुनाव, न शक्ति न पैसा।
  • 1992: नियमित चुनाव; अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सीटें और प्रमुख पद आरक्षित; कम से कम एक-तिहाई महिलाओं के लिए; राज्य चुनाव आयोग; राज्य शक्तियाँ और राजस्व बाँटें।
संस्था सदस्य प्रमुख
ग्राम सभा गाँव के सभी मतदाता; बजट पास, पंचायत की समीक्षा -
ग्राम पंचायत पंच, सीधे चुने हुए सरपंच
पंचायत समिति पंचायत सदस्य चुनते हैं -
जिला परिषद ज़्यादातर चुने हुए; ज़िले के सांसद, विधायक भी अध्यक्ष
नगरपालिका / नगर निगम चुने हुए अध्यक्ष / महापौर

ध्यान दें

  • स्थानीय चुनाव: राज्य चुनाव आयोग, भारत निर्वाचन आयोग नहीं।
  • हिंदी राष्ट्रभाषा नहीं है।
  • महिलाओं का एक-तिहाई आरक्षण स्थानीय निकायों में लागू है।
  • महापौर नगर निगम (बड़ा शहर) का प्रमुख है; नगरपालिका (कस्बा) का प्रमुख अध्यक्ष।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।

लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)

प्रश्न 1 (2 अंक)

भारत जैसे बड़े देश में सत्ता का विकेंद्रीकरण क्यों उपयोगी है? दो कारण दीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. बहुत-सी समस्याएँ स्थानीय स्तर पर अच्छी तरह सुलझती हैं, क्योंकि स्थानीय लोग अपने इलाके की समस्याएँ और पैसा कहाँ लगे, यह बेहतर जानते हैं।
  2. लोग स्थानीय फ़ैसलों में सीधे भाग लेते हैं, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी की आदत बनती है।

अंक योजना:

  1. बहुत-सी समस्याएँ स्थानीय स्तर पर ही अच्छी तरह सुलझती हैं, क्योंकि स्थानीय लोग अपने इलाके की समस्याएँ, पैसा कहाँ खर्च हो और काम कैसे अच्छी तरह चले, यह बेहतर जानते हैं। — 1 अंक
  2. लोग स्थानीय फ़ैसलों में सीधे भाग ले सकते हैं, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी की आदत बनती है। (यह भी मान्य: इससे स्थानीय स्वशासन का सिद्धांत साकार होता है।) — 1 अंक

प्रश्न 2 (3 अंक)

स्वतंत्रता के बाद के वर्षों में कुछ राष्ट्रीय नेता राज्यों की सीमाएँ फिर से खींचने को लेकर चिंतित थे। स्पष्ट कीजिए कि उन्हें किस बात की चिंता थी, नए राज्य किन आधारों पर बने, और अनुभव ने क्या दिखाया।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. चिंता: नेताओं को लगा कि भाषा पर बने राज्य देश को तोड़ सकते हैं, इसलिए केंद्र ने कुछ समय इनका विरोध किया।
  2. आधार: ज़्यादातर राज्यों में एक भाषा बोलने वाले साथ आए; नगालैंड, उत्तराखंड और झारखंड संस्कृति, जातीयता या भूगोल के अंतर के आधार पर बने।
  3. अनुभव: देश अधिक एकजुट हुआ और प्रशासन आसान हुआ।

अंक योजना:

  1. चिंता: भाषा के आधार पर राज्य बनाने से देश टूट सकता है; इसलिए केंद्र सरकार ने कुछ समय तक भाषायी राज्यों का विरोध किया। — 1 अंक
  2. आधार: ज़्यादातर राज्य इस तरह बने कि एक भाषा बोलने वाले साथ रहें; कुछ, जैसे नगालैंड, उत्तराखंड और झारखंड, संस्कृति, जातीयता या भूगोल के अंतर को मान्यता देने के लिए बने। — 1 अंक
  3. अनुभव: देश और अधिक एकजुट हुआ, और प्रशासन आसान हुआ। — 1 अंक

प्रश्न 3 (3 अंक)

काल्पनिक देश बहुदेश के तोलारा प्रांत के ज़्यादातर लोग तोल भाषा बोलते हैं। तोलारा तोल को अपनी राजभाषा बनाना चाहता है, पर राष्ट्रीय सरकार ज़िद करती है कि हर प्रांत के दफ़्तरों और अदालतों में केवल राष्ट्रीय भाषा चलेगी। भारत के अनुभव के आधार पर तीन कारण दीजिए कि बहुदेश को तोलारा की माँग क्यों मान लेनी चाहिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. भारत में राज्यों की अपनी राजभाषाएँ हैं, इसलिए लोग अपनी जानी हुई भाषा में सरकार से काम करवाते हैं।
  2. भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं; हिंदी के अलावा 21 और भाषाएँ अनुसूचित भाषाएँ हैं।
  3. लचीलापन, जैसे 1965 के विरोध के बाद हिंदी के साथ अंग्रेज़ी रखना, भारत को एक रखता है और श्रीलंका जैसे टकराव से बचाता है।

अंक योजना:

  1. भारत में राज्यों की अपनी राजभाषाएँ हैं, इसलिए लोग अपनी जानी-पहचानी भाषा में सरकार से काम करवा सकते हैं। — 1 अंक
  2. भारत ने किसी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं दिया; हिंदी के अलावा 21 और भाषाएँ अनुसूचित भाषाएँ हैं, इसलिए कई भाषाओं को सम्मान मिलता है। (यह भी मान्य: केंद्र सरकार की परीक्षाएँ किसी भी अनुसूचित भाषा में दी जा सकती हैं।) — 1 अंक
  3. भाषा के मामले में लचीलापन, जैसे 1965 के विरोध के बाद भारत ने हिंदी के साथ अंग्रेज़ी जारी रखी, देश को एक रखता है और श्रीलंका जैसे टकराव से बचाता है। — 1 अंक

प्रश्न 4 (3 अंक)

तीन कारण स्पष्ट कीजिए कि भारत के राज्यों को आज 1950 के बाद के शुरुआती दशकों की तुलना में ज़्यादा वास्तविक स्वायत्तता क्यों मिली हुई है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. 1990 के बाद बहुत-से राज्यों में क्षेत्रीय दल सत्ता में आए।
  2. लोकसभा में किसी एक दल को बहुमत न मिलने से राष्ट्रीय दलों को क्षेत्रीय दलों से गठबंधन करना पड़ा, इसलिए राज्यों की स्वायत्तता का सम्मान होने लगा।
  3. सर्वोच्च न्यायालय के एक फ़ैसले से केंद्र के लिए राज्य सरकारों को मनमाने ढंग से हटाना कठिन हो गया।

अंक योजना:

  1. 1990 के बाद बहुत-से राज्यों में क्षेत्रीय राजनीतिक दल सत्ता में आए। — 1 अंक
  2. केंद्र में गठबंधन सरकारों का दौर शुरू हुआ: लोकसभा में किसी एक दल को बहुमत न मिलने से राष्ट्रीय दलों को क्षेत्रीय दलों से गठबंधन करना पड़ा, जिससे राज्य सरकारों की स्वायत्तता का सम्मान बढ़ा। — 1 अंक
  3. सर्वोच्च न्यायालय के फ़ैसले के बाद केंद्र अपनी मर्ज़ी से जब चाहे राज्य सरकारें नहीं हटा सकता। — 1 अंक

प्रश्न 5 (2 अंक)

पंचायत समिति क्या है, और उसके सदस्य कैसे चुने जाते हैं?

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. कुछ ग्राम पंचायतों को मिलाकर पंचायत समिति बनती है; इसे ब्लॉक या मंडल भी कहते हैं।
  2. इसके सदस्यों को उस क्षेत्र के सभी पंचायत सदस्य चुनते हैं।

अंक योजना:

  1. कुछ ग्राम पंचायतों को मिलाकर पंचायत समिति बनती है, जिसे ब्लॉक या मंडल भी कहते हैं। — 1 अंक
  2. इसके सदस्यों को उस क्षेत्र के सभी पंचायत सदस्य चुनते हैं। — 1 अंक

प्रश्न 6 (2 अंक)

नगर निगम नगरपालिका से कैसे अलग है? दो अंतर बताइए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. नगरपालिकाएँ कस्बों और शहरों में बनती हैं, जबकि नगर निगम बड़े शहरों में।
  2. नगरपालिका का प्रमुख उसका अध्यक्ष होता है; नगर निगम का प्रमुख महापौर होता है।

अंक योजना:

  1. क्षेत्र: नगरपालिकाएँ कस्बों और शहरों में बनती हैं; नगर निगम बड़े शहरों में बनते हैं। — 1 अंक
  2. प्रमुख: नगरपालिका का राजनीतिक प्रमुख उसका अध्यक्ष होता है; नगर निगम का राजनीतिक प्रमुख महापौर होता है। — 1 अंक

प्रश्न 7 (2 अंक)

संघ में एक ही नागरिकों पर सरकार के दो स्तर शासन करते हैं। दोनों स्तरों के बीच काम कैसे बँटा होता है? हर स्तर का एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. पूरे देश की सरकार साझा राष्ट्रीय हित के विषय देखती है, जैसे विदेशी मामले।
  2. राज्य सरकारें अपने राज्य का रोज़मर्रा का शासन देखती हैं, जैसे पुलिस।

अंक योजना:

  1. पूरे देश की सरकार साझा राष्ट्रीय हित के विषय देखती है, जैसे विदेशी मामले। — 1 अंक
  2. राज्यों की सरकारें अपने राज्य के रोज़मर्रा के शासन का बड़ा हिस्सा देखती हैं, जैसे पुलिस। (कोई भी सही उदाहरण मान्य।) — 1 अंक

प्रश्न 8 (3 अंक)

संघवाद के दो उद्देश्य हैं। उन्हें स्पष्ट कीजिए, और बताइए कि संघवाद के सफल होने के लिए सरकार के स्तरों का एक-दूसरे पर भरोसा करना क्यों ज़रूरी है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. पहला उद्देश्य देश की एकता की रक्षा करना और उसे बढ़ाना है।
  2. दूसरा उद्देश्य क्षेत्रीय विविधता को जगह देना है, ताकि क्षेत्र अपने मामले खुद चला सकें।
  3. स्तरों में आपसी भरोसा और साथ रहने की सहमति ज़रूरी है; अगर एक स्तर दूसरे की शक्तियाँ हड़पे, तो व्यवस्था टूट जाती है।

अंक योजना:

  1. पहला उद्देश्य: देश की एकता की रक्षा करना और उसे बढ़ावा देना। — 1 अंक
  2. दूसरा उद्देश्य: क्षेत्रीय विविधता को जगह देना, ताकि अलग-अलग क्षेत्र अपने मामले खुद चला सकें। — 1 अंक
  3. आपसी भरोसा और साथ रहने की सहमति ज़रूरी है; अगर एक स्तर दूसरे की शक्तियाँ हड़पने लगे, तो व्यवस्था टूट जाती है। — 1 अंक

प्रश्न 9 (2 अंक)

भारत में 1992 से पहले भी स्थानीय सरकारें थीं, पर वे ज़्यादा कुछ नहीं कर पाती थीं। वे कमज़ोर क्यों थीं? दो कारण दीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. वे सीधे राज्य सरकारों के नियंत्रण में थीं, और उनके चुनाव अक्सर नियमित नहीं होते थे।
  2. उनके पास अपनी कोई शक्तियाँ या संसाधन नहीं थे।

अंक योजना:

  1. वे सीधे राज्य सरकारों के नियंत्रण में थीं, और उनके चुनाव अक्सर नियमित रूप से नहीं होते थे। — 1 अंक
  2. उनके पास अपनी कोई शक्तियाँ या संसाधन नहीं थे। — 1 अंक

दीर्घ उत्तरीय और स्रोत आधारित प्रश्न

प्रश्न 10 (5 अंक)

नीचे दी गई पाँच स्थितियाँ पढ़िए। हर स्थिति में बताइए कि कार्य करने की शक्ति सरकार के किस स्तर के पास है, या मामला कौन सुलझाएगा, और कारण दीजिए।

(a) एक राज्य सरकार और अधिक पुलिस सिपाही भर्ती करना और नए थाने खोलना चाहती है।

(b) एक राज्य सरकार अपने करेंसी नोट छापना चाहती है।

(c) एक ऐसे नए विषय पर कानून चाहिए जो संविधान बनते समय था ही नहीं और तीनों सूचियों में से किसी में नहीं है।

(d) केंद्र सरकार कृषि को राज्य सूची से हटाकर संघ सूची में डालना चाहती है।

(e) एक राज्य का कहना है कि केंद्र का एक नया कानून राज्य सूची के विषय में दखल देता है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

(a) राज्य सरकार, क्योंकि पुलिस राज्य सूची में है।

(b) केवल केंद्र सरकार, क्योंकि मुद्रा संघ सूची में है और देश में इस पर एक ही नीति चाहिए।

(c) केंद्र सरकार, क्योंकि किसी सूची में न आने वाला विषय बाकी बचा (अवशिष्ट) विषय है, जैसे कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर।

(d) केंद्र यह अकेले नहीं कर सकता। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत और कम से कम आधे राज्यों की पुष्टि चाहिए।

(e) शक्तियों के बँटवारे के ऐसे विवाद उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय सुलझाते हैं।

अंक योजना:

  1. (a) राज्य सरकार: पुलिस राज्य सूची का विषय है, जो राज्य और स्थानीय महत्त्व का है। — 1 अंक
  2. (b) केवल केंद्र सरकार: मुद्रा संघ सूची में है, क्योंकि पूरे देश में इस पर एक नीति चाहिए। — 1 अंक
  3. (c) केंद्र सरकार: किसी सूची में न आने वाले विषय बाकी बचे (अवशिष्ट) विषय हैं, जिन पर केंद्र कानून बनाता है (जैसे कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर)। — 1 अंक
  4. (d) केंद्र यह अकेले नहीं कर सकता: इस बदलाव के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत और कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों की पुष्टि चाहिए। — 1 अंक
  5. (e) अदालतें: शक्तियों के बँटवारे के विवाद उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में जाते हैं, जो निर्णायक (अंपायर) की भूमिका निभाते हैं। — 1 अंक

अथवा

काल्पनिक देश एकराज में हमेशा से एकात्मक शासन रहा है। अब उसके नेता उसे संघ बनाना चाहते हैं। उन पाँच बदलावों को स्पष्ट कीजिए जो एकराज को अपनी शासन व्यवस्था में करने होंगे।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. सरकार के कम से कम दो स्तर बनें, राष्ट्रीय और प्रांतीय, जिनकी अपनी शक्तियाँ हों।
  2. हर स्तर के कानून, कर और प्रशासन के विषय संविधान में लिखे जाएँ, ताकि केंद्र प्रांतों को उनके विषयों पर आदेश न दे सके।
  3. राष्ट्रीय सरकार को साझा राष्ट्रीय हित के मामले और प्रांतों को अपने क्षेत्र का रोज़मर्रा का शासन मिले।
  4. हर स्तर को जनता अलग-अलग चुने और वह जनता के प्रति जवाबदेह हो।
  5. स्वतंत्र अदालतें संविधान की व्याख्या करें और स्तरों के विवाद सुलझाएँ।

अंक योजना:

  1. सरकार के कम से कम दो स्तर बनाए जाएँ, राष्ट्रीय सरकार और प्रांतीय सरकारें, जिनकी अपनी-अपनी शक्तियाँ हों। — 1 अंक
  2. हर स्तर के कानून, कर और प्रशासन के विषय संविधान में लिखे जाएँ, ताकि केंद्र प्रांतों को उनके विषयों पर आदेश न दे सके। — 1 अंक
  3. राष्ट्रीय सरकार को साझा राष्ट्रीय हित के विषय मिलें, और प्रांतों को अपने क्षेत्र का रोज़मर्रा का शासन। — 1 अंक
  4. हर स्तर को जनता अलग-अलग चुने और वह जनता के प्रति जवाबदेह हो, दूसरे स्तर के प्रति नहीं। — 1 अंक
  5. स्वतंत्र अदालतें संविधान की व्याख्या करें और स्तरों के बीच विवाद सुलझाएँ। (यह भी मान्य: हर स्तर के राजस्व के अलग स्रोत; बुनियादी बदलाव केवल दोनों स्तरों की सहमति से।) — 1 अंक

प्रश्न 11 (5 अंक)

1992 के संशोधनों से बनी स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था का मूल्यांकन कीजिए। उन तीन तरीकों को स्पष्ट कीजिए जिनसे इसने भारत में लोकतंत्र को मज़बूत किया है, और दो तरीके बताइए जिनमें यह अब भी पीछे है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

मज़बूतियाँ:

  1. स्थानीय सरकार को संवैधानिक दर्जा मिला, जिससे लोकतंत्र गहरा हुआ। लाखों चुने हुए सदस्यों के साथ यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा प्रयोग है।
  2. कम से कम एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिससे उनका प्रतिनिधित्व और आवाज़ बढ़ी है।
  3. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सीटें आरक्षित हैं, इसलिए ये समूह स्थानीय फ़ैसलों में भागीदार हैं।

कमियाँ:

  1. ज़्यादातर राज्य सरकारों ने स्थानीय निकायों को महत्त्वपूर्ण शक्तियाँ नहीं सौंपीं।
  2. स्थानीय निकायों को पर्याप्त संसाधन नहीं मिलते, इसलिए वे अपने दम पर ज़्यादा कुछ नहीं कर पाते।

अंक योजना:

  1. स्थानीय सरकार को संवैधानिक दर्जा मिला, जिससे लोकतंत्र गहरा हुआ; लाखों चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ यह दुनिया में लोकतंत्र का सबसे बड़ा प्रयोग है। — 1 अंक
  2. कम से कम एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिससे राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व और उनकी आवाज़ बढ़ी है। — 1 अंक
  3. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सीटें आरक्षित हैं, इसलिए ये समूह स्थानीय फ़ैसलों में भागीदार हैं। — 1 अंक
  4. कमी: ज़्यादातर राज्य सरकारों ने स्थानीय सरकारों को महत्त्वपूर्ण शक्तियाँ नहीं सौंपी हैं। — 1 अंक
  5. कमी: स्थानीय सरकारों को पर्याप्त संसाधन नहीं दिए गए हैं। (यह भी मान्य: ग्राम सभाओं की बैठकें नियमित नहीं होतीं।) — 1 अंक

अथवा

काल्पनिक राज्य हरिगढ़ में आठ साल से पंचायत चुनाव नहीं हुए हैं। जब आखिरकार चुनाव होते हैं, तो उन्हें राज्य सरकार के अधिकारी कराते हैं। पंचायतों को न अपना पैसा मिलता है, न अपनी शक्तियाँ। मुख्यमंत्री कहते हैं, 'हमारे गाँव अपना शासन खुद चलाने को तैयार नहीं हैं।' 1992 के संशोधनों के ऐसे तीन प्रावधान स्पष्ट कीजिए जिनका हरिगढ़ पालन नहीं कर रहा, और दो कारण दीजिए कि मुख्यमंत्री का विचार गलत क्यों है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. स्थानीय निकायों के चुनाव नियमित होने चाहिए; आठ साल तक चुनाव न होना इस नियम को तोड़ता है।
  2. पंचायत चुनाव स्वतंत्र राज्य चुनाव आयोग को कराने होते हैं, राज्य के अधिकारियों को नहीं।
  3. राज्य को स्थानीय निकायों के साथ कुछ शक्तियाँ और राजस्व बाँटना होता है।
  4. विचार गलत है, क्योंकि गाँव के लोग अपनी समस्याएँ सबसे अच्छी तरह जानते हैं और यह भी कि पैसा कहाँ लगे।
  5. स्थानीय सरकार में लोग फ़ैसलों में सीधे भाग लेते हैं; इससे लोकतांत्रिक भागीदारी की आदत बनती है, और गाँव इसी तरह 'तैयार' होते हैं।

अंक योजना:

  1. स्थानीय सरकार के निकायों के नियमित चुनाव कराना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है; आठ साल तक चुनाव न होना इसका उल्लंघन है। — 1 अंक
  2. पंचायत और नगरपालिका चुनाव एक स्वतंत्र राज्य चुनाव आयोग को कराने होते हैं, राज्य सरकार के अधिकारियों को नहीं। — 1 अंक
  3. राज्य सरकारों को स्थानीय सरकार के निकायों के साथ कुछ शक्तियाँ और राजस्व बाँटना ज़रूरी है। — 1 अंक
  4. गाँव के लोग अपनी समस्याएँ सबसे अच्छी तरह जानते हैं, और यह भी कि पैसा कहाँ खर्च हो और काम कुशलता से कैसे चले। — 1 अंक
  5. स्थानीय सरकार लोगों को फ़ैसलों में सीधे भाग लेने देती है, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी की आदत बनती है; लोग इसी तरह 'तैयार' होते हैं। — 1 अंक

प्रश्न 12 (4 अंक)

नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

महादेश की संविधान सभा

जब काल्पनिक देश महादेश आज़ाद हुआ, तब वह पहले से ही एक बड़ा देश था, जिसमें पश्चिम की मरुस्थलीय जनजातियों से लेकर पूर्वी डेल्टाओं के धान किसानों तक दर्जनों भाषा-समूह थे। उसके संविधान निर्माताओं को किसी को साथ जुड़ने के लिए मनाना नहीं था। उनकी चिंता दूसरी थी: इतने सारे क्षेत्र एक देश में रहते हुए अपने मामले खुद कैसे चलाएँ?

उन्होंने राष्ट्रीय सरकार की सत्ता को उसके और नई प्रांतीय सरकारों के बीच बाँटने का फ़ैसला किया। राष्ट्रीय सरकार नए प्रांत बना सकती थी या उनकी सीमाएँ बदल सकती थी। सूचियों में न आने वाला हर विषय उसी का होता, और जिन विषयों पर दोनों स्तर कानून बना सकते थे, उन पर उसी का कानून मान्य होता। अपने लंबे अलग इतिहास और रीति-रिवाजों वाले दो सीमावर्ती प्रांतों को कुछ ऐसे विशेष अधिकार दिए गए जो बाकी प्रांतों को नहीं मिले। सभा के एक सदस्य ने कहा, "हम अलग-अलग देशों को नहीं जोड़ रहे। हम अपने भीतर सत्ता बाँटकर एक देश को साथ रख रहे हैं।"

(a) महादेश ने किस प्रकार का संघ बनाया? स्रोत से एक कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

'साथ रहकर बना' संघ: एक बड़े देश ने अपनी सत्ता राष्ट्रीय सरकार और प्रांतों के बीच बाँटी।

अंक योजना:

  1. 'साथ रहकर बना' संघ (½): एक बड़े देश ने अपनी सत्ता राष्ट्रीय सरकार और प्रांतों के बीच बाँटी (½)। — 1 अंक

(b) स्रोत से एक ऐसी विशेषता बताइए जो दिखाती है कि महादेश की राष्ट्रीय सरकार उसके प्रांतों से ज़्यादा ताकतवर है। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

वह नए प्रांत बना सकती है या उनकी सीमाएँ बदल सकती है।

अंक योजना:

  1. कोई एक: वह प्रांत बना सकती है या उनकी सीमाएँ बदल सकती है; सूचियों से बाहर के विषय उसके हैं; जहाँ दोनों स्तर कानून बना सकते हैं, वहाँ उसका कानून मान्य होता है। — 1 अंक

(c) आपके विचार में दो सीमावर्ती प्रांतों को विशेष अधिकार क्यों दिए गए? दो कारण दीजिए। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. उनके अपने इतिहास, रीति-रिवाजों और जीवन-शैली की रक्षा के लिए, ताकि लोग सुरक्षित महसूस करें।
  2. उन्हें अपनी इच्छा से देश में बनाए रखने के लिए; 'साथ रहकर बना' संघ कुछ इकाइयों को विशेष अधिकार दे सकता है, जैसे भारत में कुछ राज्यों को।

अंक योजना:

  1. उनके अपने इतिहास, रीति-रिवाजों और जीवन-शैली की रक्षा के लिए, ताकि वहाँ के लोग सुरक्षित महसूस करें। — 1 अंक
  2. उन्हें अपनी इच्छा से देश के भीतर बनाए रखने के लिए: 'साथ रहकर बना' संघ विविधता को जगह देने के लिए कुछ इकाइयों को विशेष अधिकार दे सकता है, जैसे भारत में कुछ राज्यों के लिए विशेष प्रावधान। (कोई भी उचित कारण मान्य।) — 1 अंक

प्रश्न 13 (4 अंक)

नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

नीम के पेड़ के नीचे एक रविवार

पिछले रविवार काल्पनिक गाँव भद्रपुर के चार सौ से ज़्यादा मतदाता ग्राम सभा की बैठक के लिए बड़े नीम के पेड़ के नीचे जमा हुए। सरपंच कमला देवी ने अगले साल के लिए ग्राम पंचायत की योजनाएँ पढ़कर सुनाईं: मुख्य गली के किनारे ढकी हुई नाली, स्कूल की छत की मरम्मत, और बुनकरों की बस्ती के पास एक नया हैंडपंप।

कई मतदाताओं ने पूछा कि पिछले साल बनी सड़क कुछ ही महीनों में क्यों टूट गई। वार्ड 4 के पंच ने वादा किया कि ठेकेदार के बिल पंचायत के सूचना-पट्ट पर लगाए जाएँगे। दो घंटे की चर्चा के बाद सभा ने बजट मंज़ूर किया, पर तभी जब नए पंचायत भवन के लिए रखा पैसा घटाया गया और हैंडपंप के लिए पैसा बढ़ाया गया।

किसान रामदीन ने कहा, "यही एक बैठक है जहाँ मैं अपने चुने हुए लोगों से सवाल पूछ सकता हूँ। विधानसभा चुनाव में तो मैं लाखों में एक आवाज़ हूँ।"

(a) ग्राम सभा के सदस्य कौन होते हैं? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

गाँव के सभी मतदाता इसके सदस्य होते हैं।

अंक योजना:

  1. गाँव के सभी मतदाता। — 1 अंक

(b) भद्रपुर की ग्राम पंचायत का प्रमुख कौन है, और उसे कैसे चुना जाता है? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

सरपंच कमला देवी। सरपंच को गाँव के सभी वयस्क मतदाता सीधे चुनते हैं।

अंक योजना:

  1. सरपंच कमला देवी (½); सरपंच को गाँव के सभी वयस्क मतदाता सीधे चुनते हैं (½)। — 1 अंक

(c) स्रोत के आधार पर उन दो तरीकों को स्पष्ट कीजिए जिनसे ग्राम सभा ने ग्राम पंचायत पर नियंत्रण रखा। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. उसने बजट बदलाव के बाद ही मंज़ूर किया: नए भवन का पैसा घटाया और हैंडपंप का पैसा बढ़ाया।
  2. उसने टूटी सड़क पर पंचायत से सवाल पूछे और ठेकेदार के बिल सार्वजनिक करने का वादा लिया।

अंक योजना:

  1. उसने पंचायत का बजट उसमें बदलाव के बाद ही मंज़ूर किया: नए भवन का पैसा घटाया और हैंडपंप का पैसा बढ़ाया। — 1 अंक
  2. उसने टूटी सड़क पर सवाल पूछकर पंचायत के काम की समीक्षा की, और ठेकेदार के बिल सार्वजनिक करने का वादा लिया। — 1 अंक