लोकतंत्र के परिणाम
लोकतंत्र के परिणाम अध्याय से 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र और फ़रवरी 2026 में 3-3 अंक आए, और 2025 में 5 अंक, जब राजनीति विज्ञान का 5 अंक का प्रश्न इसी से था (लोकतंत्र के परिणामों को परखने के आधार, अथवा लोकतंत्र के मूल्य)। प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र और फ़रवरी 2026, दोनों में इससे एक कार्टून वाला बहुविकल्पीय प्रश्न और एक 2 अंक का प्रश्न था (नागरिक सत्ता में भागीदार के रूप में; लोकतंत्र और तानाशाही में अंतर), और मई 2026 में वैध शासन पर एक अभिकथन-कारण प्रश्न था।
सबसे ज़्यादा अंक इन गलतियों से कटते हैं: यह लिखना कि लोकतंत्र से आर्थिक संवृद्धि तेज़ होती है, जवाबदेह और उत्तरदायी शासन को एक समझ लेना, बहुमत के शासन को बहुसंख्यक समुदाय का शासन मान लेना, और जब प्रश्न किसी दावे का मूल्यांकन माँगे तब केवल एक पक्ष लिखना।
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लोकतंत्र को कैसे परखें: पूर्ण आदर्श से नहीं, वास्तविक विकल्पों से तुलना करके। यह परिस्थितियाँ बनाता है; उपयोग नागरिक करते हैं। मूल्य: समानता, गरिमा, बेहतर फ़ैसले, टकराव का शांतिपूर्ण हल, गलतियाँ सुधारने की गुंजाइश।
कहाँ सफल, कहाँ पीछे
| परिणाम | सफल | पीछे |
|---|---|---|
| जवाबदेह, उत्तरदायी और वैध शासन | नियमित और स्वतंत्र चुनाव; बहस की स्थितियाँ; पारदर्शिता; लोगों की अपनी सरकार, व्यापक समर्थन | चुनाव हमेशा सबके लिए बराबर नहीं; हर फ़ैसले पर बहस नहीं; जानकारी छिपाई जाती है; धीमी प्रतिक्रिया; भ्रष्टाचार |
| आर्थिक संवृद्धि | बहुत पीछे नहीं; गरीब देशों में अंतर नगण्य | औसतन तानाशाही वाले देश थोड़े तेज़ |
| असमानता और गरीबी | राजनीतिक समानता: एक व्यक्ति, एक वोट | कुछ अमीरों का बढ़ता हिस्सा; गरीब मतदाताओं की उपेक्षा; कुछ गरीब देश अनाज के लिए विदेश पर निर्भर |
| सामाजिक विविधता | मतभेद शांति से सुलझते हैं | लगातार तालमेल ज़रूरी |
| गरिमा और आज़ादी | बराबर सम्मान स्वीकार; महिलाओं और वंचित जातियों के दावे मज़बूत | अन्यायपूर्ण व्यवहार जारी |
लोकतंत्र और तानाशाही
| लोकतंत्र | तानाशाही | |
|---|---|---|
| शासक | मतदाता चुनते और हटा सकते हैं | वोट से नहीं हटाए जा सकते |
| फ़ैसले | धीमे, बहस के बाद, व्यापक स्वीकृति | जल्दी, कम बहस |
| गलतियाँ, भ्रष्टाचार | उजागर होकर सुधर सकते हैं | आसानी से छिपते हैं; भ्रष्टाचार कम नहीं |
| नागरिक | बराबर वोट; आलोचना की आज़ादी | आलोचना जोखिम भरी |
संवृद्धि किन पर निर्भर: जनसंख्या, विश्व अर्थव्यवस्था, दूसरे देशों से मदद, आर्थिक प्राथमिकताएँ।
विविधता: बहुमत अल्पमत के साथ काम करे; बहुमत का शासन किसी एक समुदाय का शासन नहीं; जन्म के आधार पर कोई बाहर न रहे।
परीक्षा कभी खत्म नहीं: हर उपलब्धि उम्मीदें बढ़ाती है; शिकायतें दिखाती हैं कि लोग प्रजा नहीं, नागरिक हैं।
ध्यान दें
- कभी न लिखें कि लोकतंत्र तेज़ संवृद्धि की गारंटी देता है।
- जवाबदेह (मतदाताओं को जवाब देना) और उत्तरदायी (ज़रूरतों पर काम करना) अलग हैं।
- बराबर वोट का अर्थ बराबर आय नहीं।
- शिकायतें विफलता का प्रमाण नहीं।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (2 अंक)
अनिल लोकतंत्र को कम अंक देता है क्योंकि इसने उसके देश की सारी समस्याएँ दूर नहीं कीं। सारा इसे गैर-लोकतांत्रिक सरकारों के प्रदर्शन से तुलना करके परखती है। किसका तरीका अधिक उचित है? दो कारण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
सारा का तरीका अधिक उचित है।
- हर सरकार कुछ समस्याएँ छोड़ देती है, इसलिए लोकतंत्र को वास्तव में मौजूद दूसरी व्यवस्थाओं के मुकाबले परखना चाहिए।
- इस परख में वह जवाबदेही, गरिमा और मतभेद सँभालने में बेहतर है।
अंक योजना:
- सारा का तरीका अधिक उचित है: हर शासन व्यवस्था कुछ समस्याएँ अनसुलझी छोड़ती है, इसलिए लोकतंत्र को वास्तव में मौजूद दूसरी व्यवस्थाओं के मुकाबले परखना चाहिए। — 1 अंक
- इस तरह परखने पर लोकतंत्र जवाबदेह शासन, नागरिकों की गरिमा या मतभेदों को शांति से सँभालने में बेहतर है, भले संवृद्धि में आगे न हो। (ऐसी कोई एक तुलना मान्य।) — 1 अंक
प्रश्न 2 (2 अंक)
देश A और B दोनों लोकतंत्र हैं, जहाँ संविधान, चुनाव, दल और अधिकार हैं। फिर भी लोगों का जीवन सुधारने में A ने B से कहीं अच्छा किया है। इसे समझाने वाले दो कारण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- दोनों देशों की सामाजिक स्थिति, संस्कृति, जनसंख्या या आर्थिक प्राथमिकताएँ अलग हो सकती हैं।
- लोकतंत्र केवल परिस्थितियाँ बनाता है; शायद A के नागरिकों और सरकार ने उनका बेहतर उपयोग किया।
अंक योजना:
- दोनों देशों की सामाजिक स्थिति, संस्कृति, जनसंख्या का आकार, उनके सामने की विश्व आर्थिक स्थिति या आर्थिक प्राथमिकताएँ अलग हो सकती हैं। (कोई एक मान्य।) — 1 अंक
- लोकतंत्र केवल बेहतर जीवन की परिस्थितियाँ बनाता है; परिणाम इस पर निर्भर करते हैं कि नागरिक और सरकारें उनका कितना अच्छा उपयोग करते हैं। — 1 अंक
प्रश्न 3 (3 अंक)
तारविया एक लोकतंत्र है। उसके पड़ोसी देश ओस्त्रेल पर बीस वर्षों से एक ही व्यक्ति का शासन है। तुलना कीजिए कि दोनों देश इनसे कैसे निपटेंगे:
(a) कोई नीति जो गलत साबित हो;
(b) किसी दूर के प्रांत में फ़सलें बर्बाद कर देने वाली बाढ़;
(c) कोई बड़ा फ़ैसला, जैसे नया बंदरगाह बनाना।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) तारविया में आलोचना से नीति बदलवाई जा सकती है; ओस्त्रेल में शासक से कम सवाल होते हैं, सो गलती टिकती है।
(b) तारविया में प्रतिनिधि, अख़बार और मतदाता राहत के लिए दबाव डालते हैं; ओस्त्रेल में शासक की मर्ज़ी चलती है।
(c) तारविया बहस के बाद धीरे, पर अधिक स्वीकार्य फ़ैसला करता है; ओस्त्रेल जल्दी, पर नाराज़गी झेलता है।
अंक योजना:
- (a) तारविया में विधायिका, अख़बारों और जनसभाओं में आलोचना से नीति बदलवाई जा सकती है; ओस्त्रेल में शासक से सवाल करने के सुरक्षित रास्ते कम हैं, इसलिए गलती चलती रह सकती है। — 1 अंक
- (b) तारविया में प्रांत के प्रतिनिधि, अख़बार और मतदाता सरकार पर राहत के लिए दबाव डाल सकते हैं, और विफल दल अगला चुनाव हार सकता है; ओस्त्रेल में राहत शासक की मर्ज़ी पर निर्भर है, और कुछ भी उसे कदम उठाने पर मजबूर नहीं करता। (यह भी मान्य: गैर-लोकतांत्रिक सरकारें अधिक उत्तरदायी साबित नहीं हुई हैं।) — 1 अंक
- (c) तारविया में बहस और मोल-तोल से समय लगेगा, पर फ़ैसला अधिक स्वीकार्य और असरदार होगा; ओस्त्रेल जल्दी फ़ैसला कर सकता है, पर लोग ऐसे फ़ैसले से नाराज़ हो सकते हैं जिसमें उनकी कोई राय नहीं थी। — 1 अंक
प्रश्न 4 (3 अंक)
'सरकार को जवाबदेह रखने के कुछ तरीकों में लोकतंत्रों ने अच्छा किया है, पर दूसरों में कम।' तीन बिंदुओं से इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- अच्छा: अधिकतर लोकतंत्र नियमित और स्वतंत्र चुनाव कराते हैं, और लोग सार्वजनिक मुद्दों पर बहस कर सकते हैं।
- कम अच्छा: चुनाव हमेशा सबको बराबर मौका नहीं देते, और हर बड़े फ़ैसले पर खुली बहस नहीं होती।
- कम अच्छा: सरकारें अपने काम के बारे में नागरिकों को ज़रूरत से कम बताती हैं।
अंक योजना:
- अच्छा किया: अधिकतर लोकतंत्र नियमित और स्वतंत्र चुनाव कराते हैं, और सार्वजनिक बहस की स्थितियाँ बनाए रखते हैं। — 1 अंक
- कम अच्छा: चुनाव हमेशा हर उम्मीदवार और मतदाता को बराबर मौका नहीं देते, और हर बड़ा फ़ैसला सार्वजनिक बहस से नहीं गुज़रता। — 1 अंक
- कम अच्छा: सरकारें अपने कामकाज की जानकारी नागरिकों की ज़रूरत से कम साझा करती हैं। (यह भी मान्य: सरकारें हमेशा उत्तरदायी या भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं होतीं।) — 1 अंक
प्रश्न 5 (2 अंक)
कॉलेज का विद्यार्थी रोहन कहता है, 'राजनीति नेताओं का काम है। मेरे जैसे आम लोगों का इसमें कोई हिस्सा नहीं।' उसे यह दिखाने के लिए दो तर्क दीजिए कि लोकतंत्र में नागरिक सत्ता में भागीदार होते हैं।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- सत्ता जनता से आती है: नागरिक शासक चुनते और हटाते हैं, और रोहन का वोट भी बराबर गिना जाता है।
- चुनावों के बीच वह बहस, याचिका, सूचना के अधिकार और वार्ड बैठकों से फ़ैसले प्रभावित कर सकता है।
अंक योजना:
- सत्ता जनता से आती है: नागरिक अपने शासक चुनते हैं और उन्हें हटा सकते हैं, और रोहन के वोट का वज़न किसी और के वोट जितना ही है। — 1 अंक
- नागरिक चुनावों के बीच भी फ़ैसलों पर असर डाल सकते हैं, जैसे सार्वजनिक बहस, याचिका, सूचना का अधिकार, वार्ड या ग्राम सभा की बैठकें और शांतिपूर्ण विरोध। (यह भी मान्य: फ़ीस, नौकरी या परिवहन पर सरकार के फ़ैसले उसके अपने जीवन पर असर डालते हैं।) — 1 अंक
प्रश्न 6 (3 अंक)
ग्राफ़ चार काल्पनिक लोकतंत्रों W, X, Y और Z में राष्ट्रीय आय का वह हिस्सा दिखाता है जो सबसे अमीर 20 प्रतिशत लोगों (स्तंभ 1) और सबसे गरीब 20 प्रतिशत लोगों (स्तंभ 2) को मिलता है। आँकड़े काल्पनिक हैं। चारों देशों में हर वयस्क के पास बराबर मूल्य का एक वोट है।
एक विद्यार्थी निष्कर्ष निकालता है: 'हर वयस्क के पास बराबर वोट है, इसलिए इन लोकतंत्रों ने अपने लोगों को आर्थिक रूप से भी बराबर बना दिया है।' ग्राफ़ और अध्याय के आधार पर तीन बिंदुओं से इस निष्कर्ष का मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- निष्कर्ष गलत है: हर देश में सबसे अमीर 20% को सबसे गरीब 20% से कहीं अधिक मिलता है (W: 62% बनाम 3%)।
- चारों में वोट बराबर हैं, फिर भी अंतर 4 गुना (Z) से लगभग 20 गुना (W) तक है; राजनीतिक समानता से आर्थिक समानता नहीं आई।
- असमानता घटाना लोकतंत्र के सबसे कमज़ोर क्षेत्रों में है।
अंक योजना:
- निष्कर्ष गलत है: हर देश में सबसे अमीर 20% को सबसे गरीब 20% से कहीं अधिक मिलता है (जैसे W: 62% के मुकाबले 3%, लगभग 20 गुना)। — 1 अंक
- चारों में राजनीतिक समानता (एक व्यक्ति, एक वोट) एक जैसी है, फिर भी अंतर बहुत अलग है, Z में 4 गुना से W में लगभग 20 गुना तक, इसलिए बराबर वोट से अपने आप आर्थिक समानता नहीं आती। — 1 अंक
- आर्थिक असमानता घटाना लोकतंत्र के सबसे कमज़ोर क्षेत्रों में है: अमीरों के एक छोटे समूह के पास आय का बड़ा हिस्सा है, जबकि सबसे गरीबों के पास बहुत कम। — 1 अंक
प्रश्न 7 (2 अंक)
बहुत-से लोकतंत्रों में मतदाताओं का बड़ा हिस्सा गरीब लोगों का है। दो कारण दीजिए कि फिर भी सरकार उनकी उपेक्षा क्यों कर सकती है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- दल वोट पाने के लिए गरीबों से बहुत वादे करके चुनाव के बाद उन्हें भूल सकते हैं।
- पैसे, जान-पहचान और मीडिया के कारण अमीरों का असर अधिक होता है, जबकि गरीब कम संगठित होते हैं।
अंक योजना:
- दल चुनाव के समय वोट पाने के लिए गरीबों से बड़े वादे कर सकते हैं और सत्ता में आने के बाद उन्हें भूल सकते हैं। — 1 अंक
- चुनावों के बीच अमीरों का असर अधिक होता है, जैसे चुनाव के लिए पैसा, जान-पहचान और मीडिया, जबकि गरीब कम संगठित होते हैं। (यह भी मान्य: गरीब जाति, धर्म या क्षेत्र में बँटे हो सकते हैं, या उनके पास जानकारी कम हो सकती है।) — 1 अंक
प्रश्न 8 (2 अंक)
लोकतंत्र में 'बहुमत के शासन' और 'बहुसंख्यक समुदाय के शासन' में एक-एक उदाहरण सहित अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- बहुमत का शासन: ज़्यादा वोट वाली राय चलती है, बहुमत बदलता है, जैसे सबसे ज़्यादा सीटों वाले दल की सरकार।
- बहुसंख्यक समुदाय का शासन: एक धार्मिक या भाषायी समूह संख्याबल से सदा राज करे, जैसे अपनी भाषा थोपना।
अंक योजना:
- बहुमत का शासन: सरकार उस राय पर चलती है जिसे किसी मुद्दे या चुनाव में सबसे अधिक वोट मिले, और यह बहुमत बदलता रहता है; जैसे सबसे अधिक सीटें जीतने वाला दल पाँच साल के लिए सरकार बनाता है। — 1 अंक
- बहुसंख्यक समुदाय का शासन: कोई एक धार्मिक, नस्लीय या भाषायी समूह अपनी संख्या के बल पर हमेशा शासन करता है, जो लोकतांत्रिक नहीं है; जैसे बहुसंख्यकों की भाषा को ही एकमात्र राजभाषा बना देना। — 1 अंक
प्रश्न 9 (3 अंक)
कमला सिले-सिलाए कपड़ों की एक फ़ैक्टरी में काम करती है, जहाँ महिलाओं को समान काम के लिए पुरुषों से कम वेतन मिलता है। समझाइए कि लोकतंत्र में रहना उसे इसके विरुद्ध लड़ने में कैसे मदद करता है, और यह समस्या अब भी क्यों बनी हुई है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- लोकतंत्र में महिलाओं से बराबरी का व्यवहार स्वीकार किया जाता है, और कानून समान काम के लिए समान वेतन माँगता है।
- इसलिए कमला दूसरी कामगारों के साथ श्रम कार्यालय या न्यायालय जा सकती है, और मीडिया व वोट का सहारा ले सकती है।
- समाज लंबे समय तक पुरुष प्रधान रहा और पुरानी सोच धीरे बदलती है।
अंक योजना:
- लोकतंत्र में महिलाओं से बराबरी का व्यवहार सही माना जाता है, इसलिए समान काम के लिए कमला को कम वेतन देने का न कानून में बचाव है, न समाज में। (यह भी मान्य: कानून समान काम के लिए समान वेतन माँगता है, इसलिए वह मालिक के विरुद्ध श्रम कार्यालय या न्यायालय जा सकती है।) — 1 अंक
- वह इस पर कदम उठा सकती है: दूसरी महिला कामगारों या यूनियन से जुड़ना, अधिकारियों से शिकायत करना, और माँग के लिए मीडिया और अपने वोट का उपयोग करना। — 1 अंक
- समस्या इसलिए बनी है कि समाज बहुत लंबे समय तक पुरुष प्रधान रहा, और मालिकों तथा परिवारों की पुरानी सोच धीरे बदलती है। — 1 अंक
प्रश्न 10 (2 अंक)
एक गाँव में एक दलित परिवार को आज भी कभी-कभी अन्यायपूर्ण व्यवहार झेलना पड़ता है। लोकतंत्र में उसकी स्थिति जातिगत ऊँच-नीच वाले समाज की तुलना में किन दो तरीकों से अलग है?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- बराबर दर्जे और पढ़ाई-नौकरी में बराबर मौकों की उसकी माँग अब उचित मानी जाती है।
- अन्यायपूर्ण व्यवहार अब दंडनीय अपराध है जिसे अधिकतर लोग गलत मानते हैं, इसलिए परिवार पुलिस या न्यायालय जा सकता है।
अंक योजना:
- बराबर माने जाने और पढ़ाई तथा नौकरी में बराबर मौके पाने की उसकी माँग अब उचित मानी जाती है, और समूह इसके लिए संगठित होकर आवाज़ उठा सकते हैं। — 1 अंक
- परिवार से अन्यायपूर्ण व्यवहार अब दंडनीय अपराध है और अधिकतर लोग इसे गलत मानते हैं, इसलिए परिवार पुलिस में शिकायत कर सकता है या न्यायालय जा सकता है। — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और स्रोत आधारित प्रश्न
प्रश्न 11 (5 अंक)
काल्पनिक लोकतंत्र मेराविया में नागरिकों के एक समूह ने अपनी सरकार के बारे में पाँच तथ्य इकट्ठा किए। हर तथ्य के लिए बताइए कि वह सरकार को जवाबदेह, उत्तरदायी या वैध दिखाता है, या किसी कमी की ओर इशारा करता है, और कारण दीजिए।
(i) अस्पताल परियोजना में लंबी देरी का जवाब न दे पाने वाली एक मंत्री अगले चुनाव में अपनी सीट हार गई।
(ii) बाढ़ से प्रभावित गाँवों में दो दिन के भीतर राहत शिविर, भोजन और दवाइयाँ पहुँच गईं।
(iii) एक सर्वेक्षण में अधिकतर लोगों ने कहा कि वे अपनी चुनी हुई सरकार को किसी भी दूसरी तरह की सरकार से बेहतर मानते हैं, भले वह धीमी लगती हो।
(iv) अपने इलाके तक नहर की किसानों की माँग आठ साल से लंबित है।
(v) एक मंत्री के रिश्तेदारों को खुली बोली के बिना सड़क के तीन ठेके मिले, और कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- (i) जवाबदेह: देरी का जवाब न दे पाने वाली मंत्री को मतदाताओं ने हटा दिया।
- (ii) उत्तरदायी: सरकार ने एक ज़रूरी आवश्यकता पहचानी और उसे जल्दी पूरा किया।
- (iii) वैध: लोग धीमी होने पर भी सरकार को अपनी मानते हैं।
- (iv) कमी: सरकार प्रतिक्रिया में धीमी है और बहुत किसानों की माँग बरसों से लंबित रखे हुए है।
- (v) कमी: यह भ्रष्टाचार है, और अब तक किसी से इसका जवाब नहीं माँगा गया; लोकतंत्र ऐसी समस्याओं से मुक्त नहीं हैं।
अंक योजना:
- (i) जवाबदेह: शासकों को जनता को जवाब देना पड़ता है, और मतदाताओं ने अपने काम का जवाब न दे पाने वाली मंत्री को हटा दिया। — 1 अंक
- (ii) उत्तरदायी: सरकार ने एक ज़रूरी आवश्यकता को पहचाना और जल्दी उस पर काम किया। — 1 अंक
- (iii) वैध: लोग धीमी होने पर भी सरकार को अपनी मानते हैं। — 1 अंक
- (iv) कमी: सरकार प्रतिक्रिया में धीमी है और बरसों से बहुत लोगों की माँग की अनदेखी कर रही है। — 1 अंक
- (v) कमी: भ्रष्टाचार, और मंत्री से जवाब न माँग पाना। (यह भी मान्य: लोकतंत्र भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं, हालाँकि मतदाता, अख़बार और न्यायालय अब भी कदम उठा सकते हैं।) — 1 अंक
अथवा
एक काल्पनिक लोकतंत्र की निम्नलिखित स्थितियाँ पढ़िए। हर स्थिति के लिए बताइए कि वह लोकतंत्र की कौन-सी खूबी दिखाती है, और उसे संक्षेप में समझाइए।
(i) न्यायालय एक शक्तिशाली मंत्री को आदेश देता है कि वह भी बाकी सबकी तरह भवन निर्माण के नियम माने।
(ii) एक अधिकारी द्वारा अपमानित किया गया रेहड़ी वाला शिकायत करता है, और अधिकारी को माफ़ी माँगनी पड़ती है।
(iii) एक नया कानून महीनों की बहस के बाद ही पास होता है, और विपक्ष के सुझाए कई बदलाव मान लिए जाते हैं।
(iv) दो पड़ोसी गाँवों में इस पर मतभेद है कि नया साप्ताहिक बाज़ार कहाँ लगे, और वे अपने चुने हुए पंचायत सदस्यों की अगुवाई में बातचीत से इसे सुलझा लेते हैं।
(v) विद्यार्थियों के विरोध के बाद सरकार फ़ीस बढ़ोतरी वापस ले लेती है और मानती है कि फ़ैसला गलत था।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- (i) नागरिकों में समानता: मंत्री और आम आदमी पर एक ही कानून लागू होता है।
- (ii) व्यक्ति की गरिमा: रेहड़ी वाले को भी सम्मान का अधिकार है, और अधिकारी से माफ़ी मँगवाई जा सकती है।
- (iii) बेहतर फ़ैसले: लंबी बहस और विपक्ष के बदलावों से कानून अधिक स्वीकार्य और असरदार बनता है।
- (iv) मतभेदों का शांतिपूर्ण हल: गाँव बातचीत करके जगह पर सहमत हो जाते हैं।
- (v) गलतियाँ सुधारना: विरोध और सार्वजनिक चर्चा से सरकार गलत फ़ैसला बदल देती है।
अंक योजना:
- (i) नागरिकों में समानता: ताकतवर और आम लोगों पर एक ही कानून लागू होता है। — 1 अंक
- (ii) व्यक्ति की गरिमा: हर व्यक्ति, चाहे कितना भी गरीब हो, सम्मान से व्यवहार पाने का हकदार है। — 1 अंक
- (iii) फ़ैसलों की बेहतर गुणवत्ता: बहस और मोल-तोल में समय लगता है, पर कानून अधिक स्वीकार्य और असरदार बनता है। — 1 अंक
- (iv) मतभेदों और टकरावों से निपटने का शांतिपूर्ण तरीका। — 1 अंक
- (v) गलतियाँ सुधारने की गुंजाइश: सार्वजनिक चर्चा के बाद गलत फ़ैसला बदला जा सकता है। — 1 अंक
प्रश्न 12 (5 अंक)
काल्पनिक लोकतंत्र केस्ट्रिया का एक विपक्षी नेता कहता है, 'तीस साल के चुनावों ने हमें न अधिक अमीर बनाया, न अधिक बराबर। कोई ताकतवर शासक बेहतर करता।' पाँच बिंदुओं से इस दावे की जाँच कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
यह दावा केवल कुछ हद तक सही है।
- संवृद्धि: लंबे समय में औसतन तानाशाही वाले देश थोड़े ही तेज़ बढ़े हैं, इसलिए ताकतवर शासक से ज़्यादा उम्मीद नहीं।
- दूसरे कारण: संवृद्धि विश्व अर्थव्यवस्था, जनसंख्या, विदेशी मदद और आर्थिक प्राथमिकताओं पर भी निर्भर है।
- असमानता: यहाँ नेता की बात में दम है; अमीरों का छोटा समूह आय का बड़ा और बढ़ता हिस्सा लेता है।
- गरीबी: गरीब बड़ी संख्या में मतदाता हैं, फिर भी सरकारें अक्सर उनकी मदद में धीमी रहीं।
- जो संवृद्धि नहीं नापती: ताकतवर शासक सरकार बदलने का अधिकार, बोलने की आज़ादी और बराबर गरिमा छीन लेगा, इसीलिए लोकतंत्र फिर भी बेहतर माना जाता है।
अंक योजना:
- संवृद्धि: लंबे समय में औसतन तानाशाही वाले देश लोकतंत्रों से थोड़े ही तेज़ बढ़े हैं, इसलिए ताकतवर शासक से कोई बड़ा लाभ नहीं। (यह भी मान्य: गरीब देशों में अंतर नगण्य है।) — 1 अंक
- संवृद्धि विश्व अर्थव्यवस्था, जनसंख्या के आकार, दूसरे देशों से मदद और देश की आर्थिक प्राथमिकताओं पर भी निर्भर करती है, जिन पर कोई शासक पूरा नियंत्रण नहीं रखता। — 1 अंक
- असमानता पर दावा कुछ हद तक सही है: कई लोकतंत्रों में अमीरों का एक छोटा समूह आय का बड़ा और बढ़ता हिस्सा ले लेता है। — 1 अंक
- गरीबी पर भी यह कुछ हद तक सही है: गरीब बड़ी संख्या में मतदाता हैं, पर सरकारें अक्सर उनके लिए कदम उठाने में धीमी रही हैं। — 1 अंक
- ताकतवर शासक सरकार बदलने का अधिकार, बोलने की आज़ादी और बराबर गरिमा छीन लेगा, जिन्हें संवृद्धि के आँकड़े नहीं नापते; इसलिए लोकतंत्र फिर भी बेहतर माना जाता है। — 1 अंक
अथवा
'लोकतंत्र में लोग हमेशा अपनी सरकार की शिकायत करते रहते हैं। इससे साबित होता है कि लोकतंत्र विफल हो गया है।' पाँच बिंदुओं से इस कथन की जाँच कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
यह कथन सही नहीं है।
- नागरिक: लोग शिकायत करते हैं क्योंकि वे सरकार से अपने लिए काम की अपेक्षा रखते हैं; वे अब खुद को प्रजा नहीं मानते।
- जागरूकता: शिकायतें दिखाती हैं कि लोग सार्वजनिक मामलों पर नज़र रखते हैं और सत्ता वालों को परख सकते हैं।
- बढ़ती उम्मीदें: एक माँग पूरी होने पर लोग और माँगते हैं, इसलिए लोकतंत्र के सामने नई परीक्षाएँ आती रहती हैं।
- अगला चुनाव: लोगों को भरोसा है कि अनदेखी करने वाली सरकार को वे हटा सकते हैं, इसलिए वे पहले बोलते हैं।
- शिकायतों का रास्ता: अख़बार, न्यायालय और चुनाव शिकायतों को सरकार तक पहुँचाते हैं, और सरकार अक्सर इनसे सुधरती है।
अंक योजना:
- लोग इसलिए शिकायत करते हैं कि वे सरकार से अपने लिए काम की अपेक्षा रखते हैं; वे खुद को किसी शासक की प्रजा नहीं, अधिकारों वाले नागरिक मानते हैं। — 1 अंक
- शिकायतें दिखाती हैं कि लोग सार्वजनिक मामलों पर नज़र रखते हैं और सत्ता वालों को आलोचनात्मक ढंग से परख सकते हैं। — 1 अंक
- हर बार कोई माँग पूरी होने पर लोग अपेक्षा और ऊँची कर देते हैं, इसलिए लोकतंत्र के सामने हमेशा नई परीक्षा रहती है। — 1 अंक
- लोगों को भरोसा है कि उनकी अनदेखी करने वाली सरकार को वे अगले चुनाव में हटा सकते हैं, इसलिए वे उससे पहले ज़ोर से शिकायतें उठाते हैं। — 1 अंक
- लोकतंत्र शिकायतों को रास्ता देता है: अख़बार, न्यायालय, चुने हुए प्रतिनिधि और चुनाव, और सरकारें अक्सर इन्हीं के कारण सुधरती हैं। (यह भी मान्य: गैर-लोकतांत्रिक शासन में लोगों को शिकायत करने की आज़ादी ही नहीं होती।) — 1 अंक
प्रश्न 13 (4 अंक)
नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
सोनापुर अपना बजट तय करता है
पिछले साल फ़रवरी में सोनापुर नगर परिषद ने साल का अधिकांश पैसा एक बड़े फ़्लाईओवर पर खर्च करने की योजना बनाई। उसे तुरंत पास करने के बजाय परिषद ने बजट का मसौदा, खर्च के अनुमानों के साथ, टाउन हॉल के बाहर सूचना पट्ट पर और अपनी वेबसाइट पर लगा दिया। तीन वार्डों में खुली बैठकें हुईं। दुकानदारों ने पूछा कि हर मानसून में उफनने वाली नालियों के लिए कुछ क्यों नहीं रखा गया। निवासियों के एक समूह ने ठेके के कागज़ माँगे और कुछ ही हफ़्तों में उनकी प्रतियाँ मिल गईं।
बहस चार महीने चली। अंत में परिषद ने एक छोटा फ़्लाईओवर बनाया और बचा हुआ पैसा नालियों की मरम्मत पर लगाया। पूरा फ़्लाईओवर चाहने वाले कुछ निवासी अब भी नाखुश थे, पर उनमें से अधिकतर ने एक ही बात कही: 'हमारी बात सुनी गई, और हम देख सके कि पैसा कैसे खर्च हो रहा है।'
(a) ठेके के कागज़ माँगते समय निवासियों के समूह ने नागरिकों के किस अधिकार का उपयोग किया? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
सूचना का अधिकार; इससे नागरिक जाँच सकते हैं कि ठेका सही तरीके से दिया गया।
अंक योजना:
- सूचना का अधिकार, जिससे नागरिक जाँच सकते हैं कि फ़ैसले सही प्रक्रिया से हुए। (पारदर्शिता भी मान्य।) — 1 अंक
(b) नालियाँ हर मानसून में उफनती थीं, फिर भी पहली योजना में उनके लिए कुछ नहीं रखा गया। यह लोकतांत्रिक सरकारों की कौन-सी कमज़ोरी दिखाता है? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
लोकतांत्रिक सरकारें हमेशा उत्तरदायी नहीं होतीं; लोगों की बरसों पुरानी ज़रूरत अनदेखी रही।
अंक योजना:
- वे हमेशा उत्तरदायी नहीं होतीं: लोगों की पुरानी ज़रूरत तब तक अनदेखी रही जब तक लोगों ने उसे नहीं उठाया। — 1 अंक
(c) दो तरीके बताइए जिनसे परिषद ने दिखाया कि वह सोनापुर के लोगों के प्रति जवाबदेह थी। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- उसने योजना और खर्च जनता के सामने रखे और ठेके के कागज़ दिए।
- उसने खुली बैठकें कीं, सवालों के जवाब दिए और नालियों की मरम्मत के लिए योजना बदली।
अंक योजना:
- उसने अपनी योजना और खर्च सार्वजनिक किए और ठेके के कागज़ दिए, इसलिए उसे पैसे के खर्च का जवाब देना पड़ा। — 1 अंक
- उसने खुली बैठकें कीं, निवासियों के सवालों के जवाब दिए और योजना बदलकर नालियों को शामिल किया। (स्रोत से कोई अन्य उचित बिंदु मान्य।) — 1 अंक
प्रश्न 14 (4 अंक)
नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
संवृद्धि ही पूरी कहानी नहीं
मीरा की स्कूल परियोजना का एक पन्ना
मीरा ने पाँच काल्पनिक देशों के आँकड़े इकट्ठा किए। आँकड़े काल्पनिक हैं।
| देश | शासन का प्रकार | औसत वार्षिक संवृद्धि, 2000-2020 (%) | क्या नागरिक वोट से शासक हटा सकते हैं? |
|---|---|---|---|
| अमरना | लोकतंत्र | 6.1 | हाँ |
| बेलोर | तानाशाही | 7.0 | नहीं |
| कैसिन | लोकतंत्र | 2.4 | हाँ |
| डोरवाक | तानाशाही | 1.1 | नहीं |
| एल्मोर | लोकतंत्र | 4.2 | हाँ |
उसके सहपाठी ने तालिका पर सरसरी नज़र डालकर कहा, 'बेलोर सबसे तेज़ है। बात साफ़ है: ताकतवर शासक संवृद्धि लाते हैं।' मीरा ने हाशिये पर लिखा: 'पहले पूरी तालिका पढ़ो।'
(a) कौन-सा देश सबसे तेज़ और कौन-सा सबसे धीमे बढ़ा? दोनों में शासन का प्रकार क्या है? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
बेलोर सबसे तेज़ (7.0%) और डोरवाक सबसे धीमा (1.1%) रहा; दोनों में तानाशाही है।
अंक योजना:
- बेलोर सबसे तेज़ (7.0%) और डोरवाक सबसे धीमे (1.1%) बढ़ा; दोनों में तानाशाही है। — 1 अंक
(b) (a) का आपका उत्तर सहपाठी के दावे के बारे में क्या संकेत देता है? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
तानाशाही वाले देश तालिका के दोनों छोरों पर हैं, इसलिए केवल शासन का प्रकार संवृद्धि तय नहीं करता।
अंक योजना:
- तानाशाही वाले देश सबसे ऊपर भी हैं और सबसे नीचे भी, और लोकतंत्र भी अलग-अलग जगह हैं, इसलिए केवल शासन का प्रकार संवृद्धि तय नहीं करता। — 1 अंक
(c) बेलोर सबसे तेज़ बढ़ा है। उसके लोगों के जीवन की दो ऐसी बातें बताइए जो संवृद्धि का आँकड़ा नहीं बता सकता। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- क्या लोग अपने शासक बदल सकते हैं; तालिका बताती है कि वे वोट से उन्हें नहीं हटा सकते।
- क्या संवृद्धि के लाभ सबमें ठीक से बँटते हैं या कुछ अमीरों तक सीमित रहते हैं।
अंक योजना:
- कोई दो, 1-1 अंक: क्या वे अपने शासक बदल या उनसे सवाल कर सकते हैं (तालिका के अनुसार वे वोट से उन्हें नहीं हटा सकते); क्या वे आज़ादी से बोल और संगठित हो सकते हैं; क्या उनके साथ गरिमा से व्यवहार होता है; क्या लाभ सबमें ठीक से बँटते हैं या कुछ लोगों तक सीमित रहते हैं। — 2 अंक