सत्ता की साझेदारी
सत्ता की साझेदारी अध्याय से 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र में 4 अंक और 2026 के दोनों बोर्ड प्रश्न-पत्रों में 5-5 अंक आए, पर 2025 में केवल 1 अंक। हाल के हर प्रश्न-पत्र में इससे एक बहुविकल्पीय या अभिकथन-कारण प्रश्न था (बेल्जियम, श्रीलंका, युक्तिपरक कारण, सत्ता की साझेदारी के रूप)। प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र और मई 2026 में 2 अंक का प्रश्न आया, और फ़रवरी 2026 में स्रोत आधारित प्रश्न इसी पर था। इन प्रश्न-पत्रों में 5 अंक का प्रश्न इससे नहीं आया, पर इस पर दीर्घ उत्तरीय प्रश्न आ सकता है।
सबसे ज़्यादा अंक इन गलतियों से कटते हैं: ब्रसेल्स के आँकड़े उलट देना (80 प्रतिशत फ्रेंच, 20 प्रतिशत डच), यह लिखना कि श्रीलंका की तरजीही नीतियों से तमिलों को फ़ायदा हुआ, क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर साझेदारी को मिला देना, और युक्तिपरक कारण पूछे जाने पर नैतिक कारण लिख देना (या इसका उल्टा)।
5 मिनट में दोहराएँ
बेल्जियम
- डच 59% (फ्लेमिश क्षेत्र), फ्रेंच 40% (वेलोनिया), जर्मन लगभग 1%। ब्रसेल्स: फ्रेंच 80%, डच 20%।
- फ्रेंच-भाषी अल्पसंख्यक ज़्यादा अमीर और ताकतवर थे; 1950-60 के दशकों में तनाव बढ़ा, सबसे तीखा ब्रसेल्स में।
- 1970-1993 में चार संविधान संशोधन:
- केंद्र में डच और फ्रेंच मंत्री बराबर; कुछ विशेष कानूनों के लिए हर भाषा-समूह का बहुमत
- बहुत-सी शक्तियाँ क्षेत्रीय सरकारों को, जो केंद्र के अधीन नहीं
- ब्रसेल्स: अलग सरकार, बराबर प्रतिनिधित्व
- सामुदायिक सरकार: हर भाषा-समूह के लोग चुनते हैं, चाहे कहीं रहें; संस्कृति, शिक्षा, भाषा
- नतीजा: न नागरिक संघर्ष, न बँटवारा; ब्रसेल्स यूरोपीय संघ का मुख्यालय।
श्रीलंका
- सिंहली 74%, तमिल 18% (श्रीलंकाई तमिल 13%, उत्तर और पूर्व; भारतीय तमिल (हिंदुस्तानी तमिल), बागान मज़दूरों के वंशज)। ज़्यादातर सिंहली बौद्ध; ज़्यादातर तमिल हिंदू या मुसलमान।
- बहुसंख्यकवाद (बहुसंख्यक समुदाय अल्पसंख्यकों की अनदेखी कर मनमाना शासन करे), 1948 की स्वतंत्रता के बाद: 1956 का कानून, सिंहली अकेली राजभाषा; विश्वविद्यालयों और नौकरियों में सिंहली आवेदकों को तरजीह; शासन बौद्ध धर्म का संरक्षण और पोषण करेगा।
- तमिल माँगें: राजभाषा, क्षेत्रीय स्वायत्तता, बराबर अवसर; 1980 के दशक तक तमिल ईलम। गृहयुद्ध, 2009 में खत्म।
सत्ता क्यों बाँटें
| युक्तिपरक (नतीजे) | नैतिक (अपने आप में मूल्य) |
|---|---|
| कम टकराव, स्थिर व्यवस्था; बहुसंख्यकों की मर्ज़ी थोपने से लंबे समय में एकता टूटती है | लोकतंत्र की मूल भावना; सलाह लिए जाने का अधिकार; वैधता |
चार रूप
| रूप | उदाहरण |
|---|---|
| क्षैतिज वितरण: विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका; नियंत्रण और संतुलन | अदालतें कानून परखती हैं; मंत्री विधायिका के प्रति जवाबदेह |
| ऊर्ध्वाधर वितरण: सरकार के स्तर | केंद्र, राज्य, पंचायतें, नगरपालिकाएँ |
| सामाजिक समूह | सामुदायिक सरकार; आरक्षित चुनाव क्षेत्र |
| दल, दबाव समूह, आंदोलन | गठबंधन सरकार; समितियों में किसान संगठन |
ध्यान दें
- ब्रसेल्स में 80% फ्रेंच, 20% डच।
- श्रीलंका की तरजीह सिंहली आवेदकों को थी, तमिलों को नहीं।
- सामुदायिक सरकार भाषा-समूह चुनता है, क्षेत्र नहीं।
- युक्तिपरक = नतीजे; नैतिक = अपने आप में मूल्यवान।
इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)
प्रश्न 1 (2 अंक)
श्रीलंका के गृहयुद्ध से केवल तमिलों को नहीं, दोनों समुदायों को नुकसान हुआ। दो बिंदुओं में स्पष्ट कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- दोनों समुदायों, सिंहली और तमिल, के हज़ारों लोगों की जान गई।
- बहुत-से परिवार विदेश भाग गए और बहुतों की कमाई छिन गई, इसलिए पूरा देश पिछड़ गया।
अंक योजना:
- दोनों समुदायों, सिंहली और तमिल, के हज़ारों लोगों की जान गई। — 1 अंक
- बहुत-से परिवार भागकर विदेश चले गए और बहुतों की कमाई का ज़रिया छिन गया, इसलिए पूरा देश रोज़मर्रा के जीवन और अर्थव्यवस्था में पिछड़ गया। — 1 अंक
प्रश्न 2 (3 अंक)
काल्पनिक देश तारसिया में सबसे बड़ा समुदाय हर चुनाव जीतता आया है। उसकी सरकार अब तीन प्रस्ताव रखती है:
(i) राजमार्ग का एक नया कानून पूरी बहस के बाद संसद में बहुमत के वोट से पास होगा।
(ii) राजधानी में केवल सबसे बड़े समुदाय के लोग ही ज़मीन खरीद सकेंगे।
(iii) अल्पसंख्यक समुदायों के चलाए स्कूलों को मिलने वाला सारा सरकारी अनुदान बंद होगा।
हर प्रस्ताव के बारे में बताइए कि वह साधारण बहुमत का शासन है या बहुसंख्यकवाद, और कारण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(i) बहुमत का शासन: फ़ैसला बहस के बाद बहुमत से होता है और किसी समूह के अधिकार नहीं छीनता।
(ii) बहुसंख्यकवाद: बहुसंख्यक समुदाय अपनी सत्ता से दूसरे समूहों को बाहर करता है।
(iii) बहुसंख्यकवाद: यह अल्पसंख्यकों की ज़रूरतों की अनदेखी करता है और उनके बच्चों की पढ़ाई बिगाड़ता है।
अंक योजना:
- (i) बहुमत का शासन: बहस के बाद बहुमत के वोट से लिया गया फ़ैसला, जो किसी समूह के अधिकार नहीं छीनता। — 1 अंक
- (ii) बहुसंख्यकवाद: बहुसंख्यक समुदाय अपनी सत्ता से दूसरे समूहों को बाहर करता है। — 1 अंक
- (iii) बहुसंख्यकवाद: यह अल्पसंख्यकों की ज़रूरतों की अनदेखी करता है और उनके बच्चों की पढ़ाई को नुकसान पहुँचाता है। — 1 अंक
प्रश्न 3 (3 अंक)
बेल्जियम और श्रीलंका की सामाजिक स्थिति की तुलना तीन बिंदुओं पर कीजिए: बहुमत का आकार, अल्पसंख्यक समूह का स्वरूप, और अल्पसंख्यक कहाँ रहते थे।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- बहुमत: बेल्जियम में डच-भाषी लगभग 59 प्रतिशत थे; श्रीलंका में सिंहली-भाषी लगभग 74 प्रतिशत।
- अल्पसंख्यक: बेल्जियम के फ्रेंच-भाषी बड़े (40 प्रतिशत) और ज़्यादा अमीर थे; श्रीलंका के तमिल छोटे (18 प्रतिशत) और श्रीलंकाई तथा भारतीय तमिलों में बँटे थे।
- कहाँ: फ्रेंच-भाषी मुख्यतः वेलोनिया में; श्रीलंकाई तमिल उत्तर और पूर्व में।
अंक योजना:
- बहुमत: बेल्जियम में डच-भाषी लगभग 59 प्रतिशत थे; श्रीलंका में सिंहली-भाषी लगभग 74 प्रतिशत। — 1 अंक
- अल्पसंख्यक: बेल्जियम के फ्रेंच-भाषी बड़े अल्पसंख्यक (लगभग 40 प्रतिशत) और ज़्यादा अमीर समूह थे; श्रीलंका के तमिल छोटे अल्पसंख्यक (लगभग 18 प्रतिशत) थे, जो खुद श्रीलंकाई तमिलों और भारतीय तमिलों में बँटे थे। — 1 अंक
- कहाँ: फ्रेंच-भाषी मुख्यतः वेलोनिया में रहते थे; श्रीलंकाई तमिल मुख्यतः उत्तर और पूर्व में। — 1 अंक
प्रश्न 4 (2 अंक)
बेल्जियम में कुछ विशेष कानूनों के लिए केवल सभी सदस्यों के बहुमत की नहीं, बल्कि हर भाषा-समूह के सदस्यों के बहुमत की ज़रूरत होती है। यह नियम क्यों बनाया गया?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- बेल्जियम में डच-भाषी बहुमत में हैं; साधारण बहुमत से वे ऐसे कानून अकेले पास कर सकते थे।
- इस नियम से कोई समुदाय अकेले फ़ैसला नहीं कर सकता; दोनों की सहमति ज़रूरी है, इसलिए कोई समूह दबा हुआ महसूस नहीं करता।
अंक योजना:
- बेल्जियम में डच-भाषी बहुमत में हैं, इसलिए साधारण बहुमत से वे ऐसे कानून अकेले पास कर सकते थे। — 1 अंक
- इस नियम से कोई भी समुदाय इन मामलों में अकेले फ़ैसला नहीं कर सकता; दोनों की सहमति ज़रूरी है, इसलिए कोई समूह खुद को दबा हुआ महसूस नहीं करता। (यह भी मान्य: इससे कोई समुदाय एकतरफ़ा फ़ैसले नहीं ले सकता।) — 1 अंक
प्रश्न 5 (2 अंक)
लंबे समय तक लोग मानते थे कि सरकार की सारी सत्ता एक ही हाथ में रहनी चाहिए। वे ऐसा क्यों सोचते थे, और लोकतंत्र सत्ता को किस अलग नज़र से देखता है?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- उन्हें डर था कि सत्ता बँटी तो जल्दी फ़ैसले लेना और लागू करना संभव नहीं होगा।
- लोकतंत्र में जनता ही सत्ता का स्रोत है, इसलिए सत्ता कई संस्थाओं और समूहों में बँटती है और लोग खुद अपना शासन चलाते हैं।
अंक योजना:
- उन्हें डर था कि सत्ता बँट गई तो जल्दी फ़ैसले लेना और उन्हें लागू करना संभव नहीं होगा। — 1 अंक
- लोकतंत्र में जनता ही सारी सत्ता का स्रोत है, इसलिए सत्ता कई संस्थाओं और समूहों में बँटती है और लोग खुद अपना शासन चलाते हैं। — 1 अंक
प्रश्न 6 (2 अंक)
बेल्जियम की सत्ता की साझेदारी की व्यवस्था को अक्सर जटिल कहा जाता है। फिर भी उसे सफल क्यों माना जाता है? दो कारण दीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- इससे भाषायी समुदायों के बीच नागरिक संघर्ष टल गया और बेल्जियम भाषा के आधार पर टूटने से बच गया।
- देश स्थिर और एकजुट रहा, और ब्रसेल्स को यूरोपीय संघ का मुख्यालय चुना गया।
अंक योजना:
- इससे भाषायी समुदायों के बीच नागरिक संघर्ष टल गया और बेल्जियम भाषा के आधार पर टूटने से बच गया। — 1 अंक
- देश स्थिर और एकजुट रहा; जब यूरोप के देशों ने यूरोपीय संघ बनाया, तो ब्रसेल्स को उसका मुख्यालय चुना गया। — 1 अंक
प्रश्न 7 (3 अंक)
सत्ता बाँटने से सरकार वैध कैसे बनती है? तीन बिंदुओं में स्पष्ट कीजिए।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- जिन कानूनों में राय ली गई हो, उन्हें लोग ज़्यादा खुशी से मानते हैं और सरकार को अपना मानते हैं।
- सत्ता बँटने पर नागरिक और समूह फ़ैसलों में भाग लेते हैं, इसलिए व्यवस्था में उनकी हिस्सेदारी बनती है।
- सत्ता से बाहर रखे गए समूह सरकार को अपना नहीं मानते; साझेदारी हर समूह को व्यवस्था के भीतर रखती है।
अंक योजना:
- जिन कानूनों को बनाने में लोगों की राय ली गई हो, उन्हें लोग ज़्यादा खुशी से मानते हैं, इसलिए वे सरकार को सही मायने में अपनी मानते हैं। — 1 अंक
- सत्ता बँटने पर नागरिक और समूह फ़ैसलों में भाग लेते हैं, इसलिए व्यवस्था में उनकी हिस्सेदारी बनती है। — 1 अंक
- सत्ता से बाहर रखे गए समूहों को लगता है कि सरकार उनकी नहीं है; सत्ता की साझेदारी हर समूह को व्यवस्था के भीतर रखती है। (पूरे अंक के लिए यह भी मान्य: लोगों को यह अधिकार है कि उन पर कैसे शासन हो, इस पर उनसे सलाह ली जाए।) — 1 अंक
प्रश्न 8 (2 अंक)
पूरे बेल्जियम में बहुमत में होते हुए भी डच-भाषी समुदाय ब्रसेल्स में असुरक्षित क्यों महसूस करता था?
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- ब्रसेल्स में लगभग 80 प्रतिशत लोग फ्रेंच और केवल 20 प्रतिशत डच बोलते हैं।
- इसलिए देश में बहुमत वाले डच-भाषी राजधानी में छोटे अल्पसंख्यक थे और उन्हें वहाँ दबा दिए जाने का डर था।
अंक योजना:
- ब्रसेल्स में लगभग 80 प्रतिशत लोग फ्रेंच और केवल लगभग 20 प्रतिशत लोग डच बोलते हैं। — 1 अंक
- इसलिए देश में बहुमत वाले डच-भाषी राजधानी में छोटे अल्पसंख्यक थे और उन्हें वहाँ दबा दिए जाने का डर था। — 1 अंक
दीर्घ उत्तरीय और स्रोत आधारित प्रश्न
प्रश्न 9 (5 अंक)
काल्पनिक गणराज्य सोरवानिया के एक सप्ताह के बारे में पढ़िए।
(a) संसद की एक समिति एक असफल पुल ठेके की फ़ाइलें माँगती है, और सड़क मंत्री को उसके सामने नुकसान का जवाब देना पड़ता है।
(b) संसद सड़कों के बजट में सरकार द्वारा माँगी गई राशि घटा देती है।
(c) सर्वोच्च न्यायालय सरकार के बनाए एक नियम को रद्द कर देता है, क्योंकि वह संविधान के विरुद्ध है।
(d) सर्वोच्च न्यायालय संसद के पास किए एक नए कानून के एक हिस्से को अमान्य घोषित करता है।
हर घटना के लिए बताइए कि सरकार का कौन-सा अंग किस अंग पर अंकुश लगा रहा है। फिर स्पष्ट कीजिए कि ऐसे अंकुशों से सरकार कमज़ोर क्यों नहीं होती।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
(a) विधायिका कार्यपालिका पर अंकुश लगाती है: मंत्रियों को संसद को जवाब देना होता है।
(b) विधायिका कार्यपालिका पर अंकुश लगाती है: संसद की मंज़ूरी के बिना सरकार खर्च नहीं कर सकती।
(c) न्यायपालिका कार्यपालिका पर अंकुश लगाती है।
(d) न्यायपालिका संविधान की कसौटी पर कानूनों को परखकर विधायिका पर अंकुश लगाती है।
कमज़ोर क्यों नहीं: हर अंग अपना काम करता है, पर कोई असीमित सत्ता का प्रयोग नहीं कर सकता। सत्ता का यह संतुलन फ़ैसलों को लोगों के लिए ज़्यादा स्वीकार्य बनाता है।
अंक योजना:
- (a) विधायिका कार्यपालिका पर अंकुश लगाती है: मंत्रियों को संसद के प्रति जवाब देना होता है। — 1 अंक
- (b) विधायिका कार्यपालिका पर अंकुश लगाती है: संसद की मंज़ूरी के बिना सरकार खर्च नहीं कर सकती। — 1 अंक
- (c) न्यायपालिका कार्यपालिका पर अंकुश लगाती है। — 1 अंक
- (d) न्यायपालिका संविधान की कसौटी पर कानूनों को परखकर विधायिका पर अंकुश लगाती है। — 1 अंक
- हर अंग अपना काम करता रहता है, पर कोई भी असीमित सत्ता का प्रयोग नहीं कर सकता; नतीजा सत्ता का संतुलन है, और इन अंकुशों से गुज़रे फ़ैसले लोगों को ज़्यादा स्वीकार होते हैं। (कोई भी उचित व्याख्या मान्य।) — 1 अंक
अथवा
काल्पनिक राज्य रूपनगर के बारे में पढ़िए।
बारह साल तक रूपनगर में एक दल का शासन रहा। पिछले चुनाव में वह हार गया। किसी दल को बहुमत नहीं मिला, इसलिए तीन दलों ने, जिनमें से एक पश्चिम के किसानों में, एक शहर के व्यापारियों में और एक पहाड़ी जनजातियों में मज़बूत है, एक साझा कार्यक्रम पर सहमत होकर मिलकर सरकार बनाई। हर साझेदार दल के मंत्री मंत्रिमंडल में हैं, और तीनों की सहमति के बिना कोई बड़ा फ़ैसला नहीं होता। बारह साल राज करने वाला दल अब विपक्ष का नेतृत्व करता है और अगला चुनाव जीतने की उम्मीद रखता है।
उन पाँच तरीकों को स्पष्ट कीजिए जिनसे रूपनगर में राजनीतिक दलों के बीच सत्ता बँट रही है।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- मुकाबला: सत्ता हमेशा एक दल के पास नहीं रही; बारह साल बाद चुनाव ने उसे दूसरों को सौंपा।
- गठबंधन: तीन दल एक सरकार में सत्ता बाँटते हैं।
- साझेदार दल अलग सामाजिक समूहों और क्षेत्रों के हैं, इसलिए ये समूह अपने दलों के ज़रिए सत्ता में हिस्सेदार हैं।
- हर साझेदार के मंत्री हैं, और बड़े फ़ैसलों में तीनों की सहमति चाहिए, इसलिए कोई दल अकेले कुछ नहीं कर सकता।
- हारा हुआ दल विपक्ष में है और फिर जीत सकता है, इसलिए सत्ता वाले जानते हैं कि उनकी सत्ता स्थायी नहीं।
अंक योजना:
- दलों में मुकाबला: सत्ता हमेशा एक दल के पास नहीं रही; बारह साल बाद चुनाव से दूसरों के पास गई। — 1 अंक
- गठबंधन सरकार: तीन दल एक ही सरकार में सत्ता बाँटते हैं। — 1 अंक
- साझेदार दल अलग-अलग सामाजिक समूहों और क्षेत्रों के हैं, इसलिए ये समूह अपने दलों के ज़रिए सत्ता में हिस्सेदार हैं। — 1 अंक
- हर साझेदार के मंत्री हैं, और बड़े फ़ैसलों के लिए तीनों की सहमति चाहिए, इसलिए कोई एक दल अकेले कुछ नहीं कर सकता। — 1 अंक
- हारा हुआ दल विपक्ष का नेतृत्व करता है और फिर जीत सकता है, इसलिए सत्ता वाले दल जानते हैं कि उनकी सत्ता स्थायी नहीं है। — 1 अंक
प्रश्न 10 (5 अंक)
काल्पनिक देश वर्णिया में दो भाषा-समूह हैं। रवि-भाषी लगभग 60 प्रतिशत हैं; सेलन-भाषी कम हैं पर ज़्यादा अमीर हैं, और राजधानी के ज़्यादातर लोग सेलन बोलते हैं। सरकार की योजना के मसौदे में तीन कदम हैं:
(i) राष्ट्रीय मंत्रिमंडल में रवि और सेलन मंत्रियों की संख्या बराबर होगी।
(ii) रवि एकमात्र राजभाषा होगी, और सरकार की सभी परीक्षाएँ रवि में होंगी।
(iii) राजधानी की अपनी सरकार होगी, जिसमें दोनों समूहों की बराबर सीटें होंगी।
बेल्जियम और श्रीलंका के अनुभव के आधार पर हर कदम का मूल्यांकन कीजिए (3 अंक), और जो कदम मुसीबत पैदा कर सकता है, उसमें दो बदलाव सुझाइए (2 अंक)।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- (i) ठीक है: बेल्जियम में केंद्र में डच और फ्रेंच मंत्रियों की बराबर संख्या से कोई समूह अकेले फ़ैसले नहीं ले पाया।
- (ii) खतरनाक है: यह श्रीलंका के 1956 के कानून जैसा है जिसने सिंहली को एकमात्र राजभाषा बनाया; इससे तमिल खुद को बाहर महसूस करने लगे और टकराव बढ़ा।
- (iii) ठीक है: ब्रसेल्स की तरह यह राजधानी में अल्पसंख्यक रवि-भाषियों की रक्षा करता है।
- रवि और सेलन, दोनों को राजभाषा बनाया जाए।
- उम्मीदवार सरकारी परीक्षाएँ किसी भी भाषा में दे सकें।
अंक योजना:
- (i) ठीक है: बेल्जियम में केंद्र में डच और फ्रेंच मंत्रियों की बराबर संख्या से कोई समूह अकेले फ़ैसले नहीं ले पाया। — 1 अंक
- (ii) खतरनाक है: यह श्रीलंका के 1956 के उस कानून जैसा है जिसने सिंहली को एकमात्र राजभाषा बनाया, जिससे तमिल खुद को बाहर महसूस करने लगे और टकराव बढ़ा। — 1 अंक
- (iii) ठीक है: ब्रसेल्स की अलग सरकार की तरह यह राजधानी में अल्पसंख्यक रवि-भाषियों की रक्षा करता है। — 1 अंक
- बदलाव 1: रवि और सेलन, दोनों को राजभाषा बनाया जाए। — 1 अंक
- बदलाव 2: उम्मीदवार सरकारी परीक्षाएँ दोनों में से किसी भी भाषा में दे सकें। (दोनों भाषाओं से बराबर बर्ताव करने वाला कोई भी बदलाव मान्य, जैसे हर समूह अपने स्कूल खुद चलाए।) — 1 अंक
अथवा
स्वतंत्रता के बाद श्रीलंका सरकार के ऐसे तीन कदम स्पष्ट कीजिए जिनसे श्रीलंकाई तमिल खुद को बाहर महसूस करने लगे (3 अंक), और तमिलों ने किन दो तरीकों से इसका जवाब दिया (2 अंक)।
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- 1956 में एक कानून ने सिंहली को अकेली राजभाषा बनाया; तमिल को छोड़ दिया गया।
- विश्वविद्यालय की सीटों और सरकारी नौकरियों पर पहला दावा सिंहली-भाषियों को मिला।
- संविधान ने बौद्ध धर्म, ज़्यादातर सिंहली-भाषियों के धर्म, की रक्षा और बढ़ावे को शासन का कर्तव्य बनाया।
- तमिल दलों ने तमिल को राजभाषा, तमिल इलाकों में स्वशासन और शिक्षा तथा नौकरियों में बराबर मौके के लिए अभियान चलाया।
- बार-बार ठुकराए जाने पर 1980 के दशक तक कुछ संगठन उत्तर और पूर्व में अलग तमिल ईलम माँगने लगे।
अंक योजना:
- 1956 में एक कानून ने सिंहली को अकेली राजभाषा बना दिया; तमिल को छोड़ दिया गया। — 1 अंक
- विश्वविद्यालय की सीटों और सरकारी नौकरियों पर पहला दावा सिंहली-भाषियों को दिया गया। — 1 अंक
- संविधान ने बौद्ध धर्म, जो ज़्यादातर सिंहली-भाषियों का धर्म है, की रक्षा और बढ़ावे को शासन का कर्तव्य बना दिया। — 1 अंक
- तमिल दलों ने तमिल को राजभाषा बनाने, तमिल इलाकों में स्वशासन, और शिक्षा तथा नौकरियों में बराबर मौके के लिए अभियान चलाया। — 1 अंक
- जब ये माँगें बार-बार ठुकराई गईं, तो 1980 के दशक तक कुछ संगठन उत्तर और पूर्व में अलग तमिल ईलम की माँग करने लगे। — 1 अंक
प्रश्न 11 (4 अंक)
नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
प्याज़ उत्पादकों की सुनवाई
काल्पनिक राज्य निर्मलपुर के प्याज़ उत्पादकों ने पिछले साल के विधानसभा चुनाव में एक भी उम्मीदवार खड़ा नहीं किया। फिर भी इस साल मार्च में उनके संगठन ने सरकार का एक फ़ैसला बदलवा दिया।
जब राज्य सरकार ने दूसरे राज्यों को भेजी जाने वाली सब्ज़ियों पर नया कर घोषित किया, तो संगठन ने तीन जिलों की मंडियों के बाहर शांतिपूर्ण धरने दिए और कृषि मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा। इसके बाद सरकार ने खेती पर लगने वाले करों की समीक्षा के लिए जो समिति बनाई थी, उसमें संगठन के दो सदस्यों को शामिल होने का न्योता मिला। चार बैठकों के बाद समिति ने सलाह दी कि छोटे उत्पादकों के लिए कर आधा कर दिया जाए, और सरकार ने यह सलाह मान ली। एक व्यापारी संगठन और एक मज़दूर संगठन ने भी इसी समिति को अपने विचार भेजे थे।
प्याज़ उत्पादक संगठन के अध्यक्ष ने कहा, "हम शासन नहीं करना चाहते। हम चाहते हैं कि शासन करने वाले हमारी बात सुनें।"
(a) रिपोर्ट में से किसी एक और समूह का नाम लिखिए जिसने इसी फ़ैसले को प्रभावित करने की कोशिश की। (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
व्यापारी संगठन (या मज़दूर संगठन)।
अंक योजना:
- व्यापारी संगठन या मज़दूर संगठन (कोई एक)। — 1 अंक
(b) रिपोर्ट के आधार पर उन दो तरीकों को स्पष्ट कीजिए जिनसे संगठन ने सत्ता में साझेदारी की। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- उसके दो सदस्य खेती के करों की सरकारी समिति में बैठे और उसकी सलाह बनाने में मदद की।
- उसके शांतिपूर्ण धरनों और मंत्री को भेजे ज्ञापन ने सरकार पर फ़ैसला बदलने का दबाव बनाया।
अंक योजना:
- उसके दो सदस्य खेती के करों पर बनी सरकारी समिति में बैठे और उसकी सलाह बनाने में भाग लिया। — 1 अंक
- उसने शांतिपूर्ण धरने दिए और मंत्री को ज्ञापन भेजा, जिससे सरकार पर फ़ैसला बदलने का दबाव बना। — 1 अंक
(c) उत्पादकों के पास कोई पद नहीं है और उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा। फिर भी यह सत्ता की साझेदारी का मामला क्यों है? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
सत्ता केवल पदों पर बैठे लोगों में नहीं बँटती; सत्ता में बैठे लोगों को प्रभावित करने वाले समूह भी उसमें हिस्सेदार होते हैं।
अंक योजना:
- लोकतंत्र में सत्ता केवल पदों पर बैठे लोगों में नहीं बँटती: सत्ता में बैठे लोगों को प्रभावित करने वाले समूह भी उसमें हिस्सेदार होते हैं। (यह भी मान्य: यह राजनीतिक दलों, दबाव समूहों और आंदोलनों के बीच सत्ता की साझेदारी है।) — 1 अंक
प्रश्न 12 (4 अंक)
नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
पूर्वी बेल्जियम से एक पत्र
प्रिय मीरा,
पुणे के अपने स्कूल के बारे में पत्र लिखने के लिए धन्यवाद। तुमने पूछा था कि मेरे स्कूल में क्या और किस भाषा में पढ़ाया जाए, यह कौन तय करता है।
हम बेल्जियम के पूर्व में, जर्मनी की सीमा के पास एक छोटे शहर में रहते हैं। देश के हमारे हिस्से में ज़्यादातर लोग फ्रेंच बोलते हैं, पर मेरा परिवार, हमारे बहुत-से पड़ोसियों की तरह, घर में जर्मन बोलता है। बेल्जियम के जर्मन-भाषियों की अपनी एक सरकार है, जो हमारे स्कूलों, हमारी संस्कृति और हमारी भाषा के मामले देखती है। हम उसके लिए वोट देते हैं, जबकि हमारे क्षेत्र की सरकार ज़्यादातर फ्रेंच-भाषी चलाते हैं। डच और फ्रेंच-भाषियों की भी अपनी-अपनी सामुदायिक सरकारें हैं। मेरा चचेरा भाई ब्रसेल्स में डच माध्यम के स्कूल में पढ़ता है, और उसकी देखरेख डच-भाषी समुदाय की सरकार करती है।
पापा कहते हैं कि यह व्यवस्था जटिल है, पर वे यह भी कहते हैं कि अब बेल्जियम में कोई भी समूह दूसरे समूह को यह नहीं बता सकता कि वह अपने स्कूल कैसे चलाए।
जल्दी लिखना,
लेना
(a) लेना के स्कूल और जर्मन की पढ़ाई की देखरेख कौन-सी सरकार करती है? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
जर्मन-भाषी समुदाय की सामुदायिक सरकार।
अंक योजना:
- जर्मन-भाषी समुदाय की सामुदायिक सरकार। — 1 अंक
(b) लेना का परिवार मुख्यतः फ्रेंच-भाषी क्षेत्र में रहता है। इससे यह तय क्यों नहीं होता कि परिवार किस सामुदायिक सरकार के लिए वोट देगा? (1 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
सामुदायिक सरकार को एक भाषा-समूह के लोग चुनते हैं, वे चाहे कहीं भी रहते हों।
अंक योजना:
- सामुदायिक सरकार को एक भाषा-समूह के लोग चुनते हैं, वे चाहे कहीं भी रहते हों। — 1 अंक
(c) दो बिंदुओं में समझाइए कि यह व्यवस्था सामाजिक समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी क्यों है। (2 अंक)
उत्तर।
आदर्श उत्तर:
- हर भाषा-समूह को अपनी सरकार मिलती है, जिसके पास उसकी संस्कृति, शिक्षा और भाषा की शक्ति है।
- कोई समूह दूसरे के लिए ये फ़ैसले नहीं कर सकता, इसलिए जर्मन-भाषियों जैसा छोटा समूह भी सुरक्षित महसूस करता है।
अंक योजना:
- हर भाषा-समूह को अपनी सरकार मिलती है, जिसके पास उसकी संस्कृति, शिक्षा और भाषा से जुड़े मामलों की शक्ति है। — 1 अंक
- कोई समूह दूसरे के लिए ये फ़ैसले नहीं कर सकता, इसलिए जर्मन-भाषियों (लगभग 1 प्रतिशत) जैसा बहुत छोटा समूह भी सुरक्षित महसूस करता है। (यह भी मान्य: इससे समुदायों के बीच टकराव घटता है।) — 1 अंक