अध्याय सारांश

यह खंड पूरे अध्याय 6 — विनिर्माण उद्योग — का संक्षिप्त पुनर्कथन है। बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले अंतिम समय की पुनरावृत्ति के लिए इसका उपयोग करें।

विनिर्माण कच्चे माल से बड़ी मात्रा में अधिक मूल्यवान वस्तुओं का उत्पादन है। यह आर्थिक विकास की रीढ़ है क्योंकि यह कृषि का आधुनिकीकरण करता है, रोज़गार सृजित करता है, गरीबी और क्षेत्रीय असमानता को घटाता है, और विदेशी मुद्रा अर्जित करता है।

वर्गीकरण और स्थिति

  • उद्योगों का वर्गीकरण: कच्चे माल के अनुसार (कृषि-आधारित / खनिज-आधारित); भूमिका के अनुसार (आधारभूत / उपभोक्ता); पूँजी के अनुसार (लघु-स्तरीय / वृहत-स्तरीय); स्वामित्व के अनुसार (सार्वजनिक / निजी / संयुक्त / सहकारी); भार के अनुसार (भारी / हल्का)।
  • स्थिति के कारक: कच्चा माल, श्रम, पूँजी, शक्ति, बाज़ार — जिनका लक्ष्य उत्पादन की न्यूनतम लागत होता है; उद्योग संकेंद्रण मितव्ययिता (agglomeration economies) पाने के लिए इकट्ठा होते हैं।

कृषि-आधारित उद्योग

  • सूती वस्त्र: पहली मिल मुंबई (1854) में; महाराष्ट्र और गुजरात में केंद्रित; कृषि-आधारित, खेत और कारखाने को जोड़ता है; कताई केंद्रीकृत, बुनाई विकेंद्रीकृत
  • जूट: हुगली (पश्चिम बंगाल) के किनारे केंद्रित; भारत = कच्चे जूट का सबसे बड़ा उत्पादक, बांग्लादेश = सबसे बड़ा निर्यातक
  • चीनी: भारत चीनी में दूसरे स्थान पर, गुड़ और खांडसारी में पहले स्थान पर; गन्ना भारी, वज़न घटाने वाला, शीघ्र नष्ट होने वाला है, इसलिए मिलें खेतों के पास; दक्षिण और पश्चिम की ओर स्थानांतरित हो रहा (अधिक सुक्रोज, ठंडी जलवायु, सहकारी समितियाँ)।

खनिज-आधारित उद्योग

  • लोहा और इस्पात: आधारभूत और भारी उद्योग; कच्चे माल लौह अयस्क : कोकिंग कोयला : चूना पत्थर = 4 : 2 : 1; छोटा नागपुर पठार में केंद्रित (TISCO जमशेदपुर, भिलाई, बोकारो, दुर्गापुर, राउरकेला)।
  • एल्युमिनियम प्रगलन: बॉक्साइट से; सुनिश्चित, सस्ती शक्ति की आवश्यकता; हल्का, मज़बूत, ऊष्मा का संचालन करता है।
  • रासायनिक: तेज़ी से बढ़ता; अकार्बनिक (अम्ल, क्षार) और कार्बनिक (पेट्रोरसायन)।
  • उर्वरक: नाइट्रोजनी (यूरिया), फॉस्फेटी, जटिल; पोटाश पूर्णतः आयातित
  • सीमेंट: पहला संयंत्र चेन्नई (1904); भारी चूना पत्थर की आवश्यकता; गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में चूना पत्थर के पास स्थित।

ऑटोमोबाइल, IT और प्रदूषण

  • ऑटोमोबाइल: ट्रक, कारें, दोपहिया और तिपहिया वाहन; उदारीकरण (1991) के बाद बढ़ा; केंद्र — दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, पुणे, चेन्नई, बेंगलुरु, जमशेदपुर।
  • सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स: बेंगलुरु = इलेक्ट्रॉनिक राजधानी; STPs; बड़ा रोज़गार और विदेशी-मुद्रा अर्जक।
  • औद्योगिक प्रदूषण — चार प्रकार: वायु, जल, तापीय, ध्वनि
  • नियंत्रण: पानी का पुनर्चक्रण/पुनः उपयोग, वर्षा जल संचयन, बहिःस्रावों का उपचार, स्क्रबर/अवक्षेपक और साइलेंसर लगाना, वनरोपण — NTPC एक आदर्श है।

त्वरित पुनरावृत्ति — अवश्य जानने योग्य तथ्य

  • विनिर्माण = विकास की रीढ़; खेती, रोज़गार, निर्यात को बढ़ावा देता है।
  • सूती मिल 1854 मुंबई; सीमेंट संयंत्र 1904 चेन्नई।
  • लौह अयस्क : कोकिंग कोयला : चूना पत्थर = 4 : 2 : 1।
  • जूट → हुगली (प. बंगाल); भारत सबसे बड़ा उत्पादक, बांग्लादेश सबसे बड़ा निर्यातक।
  • चीनी: भारत चीनी में दूसरे, गुड़/खांडसारी में पहले स्थान पर; दक्षिण और पश्चिम की ओर स्थानांतरित।
  • बेंगलुरु = इलेक्ट्रॉनिक राजधानी; छोटा नागपुर = लोहा और इस्पात केंद्र।

त्वरित पुनरावृत्ति — प्रायः भ्रमित करने वाले बिंदु

  • कृषि-आधारित (कपास, जूट, चीनी, तेल) बनाम खनिज-आधारित (लोहा और इस्पात, सीमेंट, एल्युमिनियम)।
  • आधारभूत उद्योग (लोहा और इस्पात — अन्य को सामग्री देता है) बनाम उपभोक्ता उद्योग (चीनी, कागज़ — सीधे उपयोग के लिए)।
  • जूट का सबसे बड़ा उत्पादक = भारत बनाम जूट की वस्तुओं का सबसे बड़ा निर्यातक = बांग्लादेश।
  • सार्वजनिक क्षेत्र (भिलाई, बोकारो) बनाम निजी क्षेत्र (TISCO)।
  • चार प्रदूषण: वायु, जल, तापीय, ध्वनि — तापीय में गर्म पानी + रेडियोधर्मी अपशिष्ट शामिल हैं।