जल — प्रचुर फिर भी दुर्लभ

पृथ्वी की सतह का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, परंतु इसका केवल बहुत छोटा भाग ही मीठा जल (freshwater) है जिसे हम वास्तव में उपयोग कर सकते हैं। यह उपयोग योग्य मीठा जल मुख्यतः धरातलीय अपवाह (surface run-off) और भौमजल (groundwater) से प्राप्त होता है, जो निरंतर नवीकृत और पुनर्भरित होते रहते हैं।

क्योंकि जल निरंतर गतिशील रहता है और स्वयं को नवीकृत करता रहता है, यह एक नवीकरणीय संसाधन (renewable resource) है — फिर भी, आश्चर्यजनक रूप से, विश्व के अनेक क्षेत्र आज भी इसकी कमी का सामना करते हैं।

Labelled water cycle from evaporation to infiltration

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
The hydrological cycle जलीय चक्र
Evaporation वाष्पीकरण
Condensation संघनन
Precipitation वर्षण
Surface run-off धरातलीय अपवाह
Infiltration अंतःस्रवण
Groundwater भूजल
Ocean महासागर
Water is renewed through this cycle इस चक्र से जल का नवीनीकरण होता है

जलीय चक्र (हाइड्रोलॉजिकल चक्र)

समस्त जल जलीय चक्र (hydrological cycle) के भीतर गति करता है। जल महासागरों, नदियों और झीलों से वाष्पित होता है, बादल बनाता है, वर्षण (precipitation) (वर्षा और हिम) के रूप में वापस गिरता है, भूमि पर धरातलीय अपवाह (surface run-off) के रूप में बहता है या रिसकर भौमजल (groundwater) बन जाता है, और अंततः समुद्र में लौट जाता है — केवल फिर से आरंभ होने के लिए।

मुख्य बिंदु: यह जलीय चक्र ही है जो मीठे जल को निरंतर नवीकृत और पुनर्भरित करता है, इसीलिए जल को नवीकरणीय संसाधन कहा जाता है।

जल दुर्लभता का विरोधाभास

यह देखते हुए कि पृथ्वी का इतना बड़ा भाग जल से ढका है, और जल स्वयं को नवीकृत करता रहता है, यह विश्वास करना कठिन लगता है कि हमें कभी इसकी कमी हो सकती है। फिर भी यह अनुमान लगाया गया है कि 2025 तक, लगभग दो अरब लोग पूर्ण जल दुर्लभता की स्थिति में रहेंगे।

जल की उपलब्धता स्थान और समय के अनुसार भिन्न होती है, जो मुख्यतः मौसमी और वार्षिक वर्षण (precipitation) में भिन्नताओं के कारण होती है। परंतु अधिकांश मामलों में, जल दुर्लभता केवल कम वर्षा का प्रश्न नहीं है — यह विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच जल के अति-दोहन, अत्यधिक उपयोग और असमान पहुँच के कारण होती है।

परीक्षा सुझाव: याद रखें — प्रचुर वर्षा वाला क्षेत्र भी जल दुर्लभता से पीड़ित हो सकता है। दुर्लभता इस बात से जुड़ी है कि जल का उपयोग और बँटवारा कैसे होता है, न कि केवल इससे कि कितनी वर्षा होती है।

प्रश्न और उत्तर

प्र1. जल को नवीकरणीय संसाधन क्यों माना जाता है?

उत्तर: जल को नवीकरणीय संसाधन इसलिए माना जाता है क्योंकि यह जलीय चक्र के माध्यम से निरंतर नवीकृत और पुनर्भरित होता रहता है। जल वाष्पित होता है, बादल बनाता है, वर्षण के रूप में गिरता है, धरातलीय अपवाह और भौमजल के रूप में बहता है, और समुद्र में लौट जाता है, यह क्रम अनवरत दोहराता रहता है। यह निरंतर चक्रण सुनिश्चित करता है कि मीठा जल पुनः पूरित होता रहे।

प्र2. यदि पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, तो भी हम जल दुर्लभता का सामना क्यों करते हैं?

उत्तर: यद्यपि पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, केवल एक छोटा भाग ही उपयोग योग्य मीठा जल है। इसके अतिरिक्त, जल दुर्लभता प्रायः वर्षा की कमी के कारण नहीं बल्कि जल के अति-दोहन और अत्यधिक उपयोग तथा विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच इसकी असमान पहुँच के कारण होती है। इसीलिए जल की प्रचुरता के बावजूद दुर्लभता बनी रहती है।

प्र3. जलीय चक्र क्या है, और यह महत्वपूर्ण क्यों है?

उत्तर: जलीय चक्र जल की निरंतर गति है — जलाशयों से वाष्पीकरण, बादलों में संघनन, वर्षा और हिम के रूप में वर्षण, तथा धरातलीय अपवाह और भौमजल के रूप में समुद्र की ओर बहाव। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मीठे जल को नवीकृत और पुनर्भरित करता है, जिससे जल एक नवीकरणीय संसाधन बनता है।