बाँध क्या है?

बाँध एक ऐसा अवरोध होता है जो बहते जल के आर-पार बनाया जाता है जो प्रवाह को रोकता है, दिशा देता है या धीमा करता है, और आमतौर पर एक जलाशय, झील या जल-संग्रह (impoundment) बनाता है। वस्तुतः, "बाँध" शब्द अक्सर केवल दीवार की बजाय संचित जल के जलाशय को संदर्भित करता है।

अधिकांश बाँधों में एक भाग होता है जिसे उत्प्लव मार्ग (spillway) या वियर (weir) कहते हैं, जिसके ऊपर से या जिससे होकर जल को बहने दिया जाता है। बाँधों का वर्गीकरण संरचना (लकड़ी, तटबंध या चिनाई वाले बाँध) और ऊँचाई (निम्न, मध्यम और उच्च बाँध) के आधार पर किया जाता है।

बाँध परंपरागत रूप से नदियों और वर्षा जल को रोकने के लिए बनाए जाते थे ताकि जल का उपयोग बाद में खेतों की सिंचाई के लिए किया जा सके।

Cross-section of a dam showing reservoir, spillway and powerhouse

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Multi-purpose project (dam) बहुउद्देशीय परियोजना (बाँध)
Reservoir (stored water) जलाशय (संग्रहित जल)
Dam wall बाँध की दीवार
Spillway उत्प्लव मार्ग
Canal for irrigation सिंचाई नहर
Powerhouse विद्युत गृह
Hydel power (electricity) जल विद्युत (बिजली)

बाँधों से बहुउद्देशीय परियोजनाओं तक

आज, बाँध केवल सिंचाई के लिए ही नहीं बल्कि एक साथ अनेक उद्देश्यों के लिए बनाए जाते हैं — बिजली उत्पादन, घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए जल आपूर्ति, बाढ़ नियंत्रण, मनोरंजन, अंतर्देशीय नौसंचालन और मत्स्य प्रजनन।

चूँकि संचित जल के अनेक उपयोग एक-दूसरे के साथ समेकित होते हैं, ऐसे बाँधों को बहुउद्देशीय परियोजनाएँ कहा जाता है। दो सुप्रसिद्ध उदाहरण:

  • भाखड़ा-नांगल परियोजना (सतलुज-ब्यास द्रोणी) — इसके जल का उपयोग जल विद्युत (hydel power) और सिंचाई दोनों के लिए होता है।
  • हीराकुड परियोजना (महानदी द्रोणी) — यह जल संरक्षण को बाढ़ नियंत्रण के साथ समेकित करती है।

"आधुनिक भारत के मंदिर"

बहुउद्देशीय परियोजनाएँ स्वतंत्रता के बाद एक समेकित जल संसाधन प्रबंधन दृष्टिकोण के साथ आरंभ की गईं। इन्हें उस साधन के रूप में देखा गया जो औपनिवेशिक अतीत की बाधा को पार करते हुए राष्ट्र को विकास और प्रगति की ओर ले जाएगा।

जवाहरलाल नेहरू ने गर्व से बाँधों को "आधुनिक भारत के मंदिर" घोषित किया — क्योंकि ये कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को तीव्र औद्योगीकरण और नगरीय अर्थव्यवस्था के विकास के साथ समेकित करते।

परीक्षा टिप: दोनों उदाहरण (भाखड़ा-नांगल, हीराकुड) और नेहरू का वाक्यांश याद रखें — ये बोर्ड में बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न हैं।

प्रश्न और उत्तर

प्र1. बाँध क्या है? बहुउद्देशीय नदी परियोजना क्या है?

उत्तर: बाँध बहते जल के आर-पार बनाया गया एक अवरोध है जो प्रवाह को रोकता है, दिशा देता है या धीमा करता है, और आमतौर पर एक जलाशय बनाता है। बहुउद्देशीय नदी परियोजना एक ऐसा बाँध है जो एक साथ अनेक समेकित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए बनाया जाता है — जैसे सिंचाई, बिजली उत्पादन, जल आपूर्ति, बाढ़ नियंत्रण, नौसंचालन और मत्स्य प्रजनन — जहाँ संचित जल के अनेक उपयोग एक-दूसरे के साथ समेकित होते हैं।

प्र2. बहुउद्देशीय परियोजनाओं के दो उदाहरण और उन नदियों के नाम दीजिए जिन पर वे बनी हैं।

उत्तर: भाखड़ा-नांगल परियोजना सतलुज-ब्यास नदी द्रोणी में बनी है और जल विद्युत तथा सिंचाई दोनों प्रदान करती है। हीराकुड परियोजना महानदी द्रोणी में बनी है और जल संरक्षण को बाढ़ नियंत्रण के साथ समेकित करती है।

प्र3. जवाहरलाल नेहरू ने बाँधों को 'आधुनिक भारत के मंदिर' क्यों कहा?

उत्तर: नेहरू ने बाँधों को 'आधुनिक भारत के मंदिर' इसलिए कहा क्योंकि उन्होंने इन्हें नवस्वतंत्र राष्ट्र को विकास और प्रगति की ओर ले जाने के साधन के रूप में देखा। बहुउद्देशीय परियोजनाएँ औपनिवेशिक अतीत की बाधा को पार करते हुए कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास को तीव्र औद्योगीकरण और नगरीय अर्थव्यवस्था के विकास के साथ समेकित करतीं।