सारांश तथा त्वरित पुनरावृत्ति
मानव नेत्र
- नेत्र कैमरे की भाँति कार्य करता है; रेटिना प्रकाश-संवेदी परदा है जहाँ वास्तविक, उल्टा प्रतिबिंब बनता है।
- प्रकाश मार्ग: कॉर्निया → पुतली (आइरिस नियंत्रित) → नेत्र लेंस → रेटिना → दृक् तंत्रिका → मस्तिष्क।
- अधिकांश अपवर्तन कॉर्निया पर होता है; लेंस सूक्ष्म फोकस-दूरी समायोजन करता है। नेत्रगोलक व्यास ≈ 2.3 cm।
समंजन, निकट व दूर बिंदु
- समंजन = नेत्र लेंस की फोकस दूरी बदलने की क्षमता (पक्ष्माभी पेशियों द्वारा)।
- शिथिल पेशियाँ → पतला लेंस → बड़ी f → दूर वस्तुएँ। संकुचित पेशियाँ → मोटा लेंस → छोटी f → पास वस्तुएँ।
- निकट बिंदु (स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी) ≈ 25 cm; दूर बिंदु = सामान्य नेत्र हेतु अनंत।
- मोतियाबिंद: धुंधला लेंस; शल्यक्रिया से ठीक।
दृष्टि दोष
| दोष | स्पष्ट देखता है | प्रतिबिंब बनता है | संशोधक लेंस |
|---|---|---|---|
| निकट-दृष्टि | पास, दूर नहीं | रेटिना के सामने | अवतल (−P) |
| दूर-दृष्टि | दूर, पास नहीं | रेटिना के पीछे | उत्तल (+P) |
| जरा-दूरदृष्टिता (आयु) | समंजन खोता है | निकट बिंदु दूर हटता | प्रायः द्विफोकसी |
- निकट-दृष्टि कारण: लेंस अत्यधिक वक्र या नेत्रगोलक दीर्घ। दूर-दृष्टि कारण: फोकस दूरी बहुत अधिक या नेत्रगोलक छोटा।
- द्विफोकसी लेंस: ऊपरी अवतल (दूर दृष्टि), निचला उत्तल (निकट दृष्टि)।
- लेंस सूत्र ; क्षमता (f मीटर में, मात्रक डाइऑप्टर, D)।
प्रिज़्म, वर्ण-विक्षेपण व इंद्रधनुष
- प्रिज़्म कोण: प्रिज़्म कोण , आपतन , अपवर्तन , निर्गत , विचलन । प्रकाश आधार की ओर मुड़ता है।
- वर्ण-विक्षेपण: श्वेत प्रकाश का VIBGYOR में विभाजन। बैंगनी सबसे अधिक, लाल सबसे कम मुड़ता है। रंगों की पट्टी वर्णक्रम है।
- न्यूटन: दूसरा उल्टा प्रिज़्म रंगों को पुनः श्वेत प्रकाश में संयोजित करता है।
- इंद्रधनुष: जल बूँदों में अपवर्तन + वर्ण-विक्षेपण → आंतरिक परावर्तन → अपवर्तन; सूर्य के विपरीत दिखता है।
वायुमंडलीय अपवर्तन
- वायुमंडल के धीरे-धीरे बदलते अपवर्तनांक के कारण।
- तारों का टिमटिमाना: तारे बिंदु स्रोत हैं; अपवर्तन से प्रकाश उतार-चढ़ाव करता है। तारा क्षितिज के पास ऊँचा दिखता है।
- ग्रह नहीं टिमटिमाते: विस्तृत स्रोत; उतार-चढ़ाव औसतन शून्य।
- सूर्योदय से पहले/सूर्यास्त के बाद: सूर्य लगभग 2 मिनट पहले व बाद दिखता है; सूर्य की चकती चपटी दिखती है।
प्रकाश का प्रकीर्णन
- टिंडल प्रभाव: सूक्ष्म कोलॉइडी कणों द्वारा प्रकीर्णन प्रकाश किरण का मार्ग दिखाता है।
- नीला आकाश: वायु अणु (प्रकाश तरंगदैर्घ्य से छोटे) छोटे (नीले) तरंगदैर्घ्य को अधिक प्रकीर्णित करते हैं। लाल तरंगदैर्घ्य ≈ 1.8× नीला।
- वायुमंडल नहीं → प्रकीर्णन नहीं → काला आकाश (अंतरिक्ष यात्री, ऊँचाई)।
- लाल खतरे के संकेत व सूर्योदय/सूर्यास्त पर लाल सूर्य: लाल सबसे कम प्रकीर्णित होता है व सबसे दूर जाता है।
एक-पंक्ति सूत्र स्मरण
- (डाइऑप्टर); निकट-दृष्टि लेंस क्षमता ऋणात्मक, दूर-दृष्टि लेंस क्षमता धनात्मक।
- निकट-दृष्टि संशोधन: ।
- दूर-दृष्टि संशोधन: ।