हल किए गए उदाहरण
यह खंड पूर्ण हल किए गए प्रश्नों का संग्रह है। बार-बार प्रयुक्त सूत्र:
- लेंस सूत्र:
- लेंस की क्षमता: ( मीटर में, डाइऑप्टर, D में)
- निकट-दृष्टि दोष: संशोधक अवतल लेंस अनंत का प्रतिबिंब दूर बिंदु पर बनाता है; ऋणात्मक।
- दूर-दृष्टि दोष: संशोधक उत्तल लेंस सामान्य निकट बिंदु (25 cm) का प्रतिबिंब वास्तविक निकट बिंदु पर बनाता है; धनात्मक।
उदाहरण 1: दूर दृष्टि हेतु फोकस दूरी (NCERT प्र.5 i) किसी व्यक्ति को दूर दृष्टि हेतु -5.5 D क्षमता का लेंस चाहिए। फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: m cm। यह अवतल लेंस है (निकट-दृष्टि दोष)।
उदाहरण 2: निकट दृष्टि हेतु फोकस दूरी (NCERT प्र.5 ii) उसी व्यक्ति को निकट दृष्टि हेतु +1.5 D चाहिए। फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: m cm। यह उत्तल लेंस है (निकट-दृष्टि/दूर-दृष्टि दोष संशोधन)।
उदाहरण 3: निकट-दृष्टि दूर बिंदु 80 cm (NCERT प्र.6) किसी निकट-दृष्टि व्यक्ति का दूर बिंदु नेत्र से 80 cm सामने है। संशोधक लेंस की प्रकृति व क्षमता ज्ञात कीजिए।
हल: अनंत पर वस्तु, दूर बिंदु पर प्रतिबिंब: cm m, । -1.25 D क्षमता का अवतल लेंस।
उदाहरण 4: दूर-दृष्टि निकट बिंदु 1 m (NCERT प्र.7) किसी दूर-दृष्टि नेत्र का निकट बिंदु 1 m है। संशोधक लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए (सामान्य निकट बिंदु 25 cm)।
हल: cm m, cm m। +3.0 D क्षमता का उत्तल लेंस (f = +0.33 m)।
उदाहरण 5: फोकस दूरी से क्षमता किसी संशोधक चश्मे के लेंस की फोकस दूरी -40 cm है। इसकी क्षमता व प्रकृति ज्ञात कीजिए।
हल: m। D। अवतल लेंस, -2.5 D (निकट-दृष्टि दोष सुधारता है)।
उदाहरण 6: क्षमता से फोकस दूरी +2.5 D क्षमता वाले लेंस की फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: m cm। एक उत्तल लेंस जिसकी फोकस दूरी 40 cm है।
उदाहरण 7: निकट-दृष्टि दूर बिंदु 2.5 m कोई निकट-दृष्टि व्यक्ति केवल 2.5 m तक स्पष्ट देख सकता है। आवश्यक लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए।
हल: m, । D। अवतल लेंस, -0.4 D।
उदाहरण 8: दूर-दृष्टि निकट बिंदु 40 cm किसी दूर-दृष्टि नेत्र का निकट बिंदु 40 cm है। संशोधक लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए (सामान्य निकट बिंदु 25 cm)।
हल: m, m।
उदाहरण 9: संपर्क में दो लेंस +3 D तथा -1 D क्षमता के दो पतले लेंस संपर्क में रखे हैं। संयोजन की क्षमता व फोकस दूरी ज्ञात कीजिए।
हल: D। m cm। संयोजन उत्तल लेंस की भाँति 50 cm का व्यवहार करता है।
उदाहरण 10: लेंस-युग्म का संयोजन किसी परीक्षण के लिए -2 D तथा +5 D लेंस संपर्क में प्रयुक्त हैं। कुल क्षमता ज्ञात कीजिए।
हल: D। कुल फोकस दूरी m (उत्तल)। (वास्तविक द्विफोकसी में दोनों क्षमताएँ भिन्न भागों में कार्य करती हैं, परंतु संपर्क में लेंसों की क्षमताएँ सरलता से जुड़ती हैं।)
उदाहरण 11: दोष की पहचान (श्यामपट्ट) एक विद्यार्थी अंतिम पंक्ति से श्यामपट्ट नहीं पढ़ पाता पर पुस्तक आसानी से पढ़ लेता है। दोष व लेंस बताइए।
हल: दूर दृष्टि खराब, निकट दृष्टि ठीक → निकट-दृष्टि दोष। अवतल (अपसारी) लेंस से ठीक होता है।
उदाहरण 12: दोष की पहचान (पढ़ना) एक वृद्ध व्यक्ति समाचार-पत्र दूर रखकर पढ़ता है। संभावित दोष व लेंस बताइए।
हल: निकट दृष्टि खराब → दूर-दृष्टि दोष (या आयु के साथ जरा-दूरदृष्टिता)। उत्तल (अभिसारी) लेंस से ठीक होता है।
उदाहरण 13: दृष्टि का परास किसी सामान्य नेत्र का निकट बिंदु 25 cm व दूर बिंदु अनंत है। क्या यह 20 cm पर रखी वस्तु स्पष्ट देख सकता है? समझाइए।
हल: नहीं। 20 cm निकट बिंदु (25 cm) से पास है। नेत्र लेंस अपनी फोकस दूरी इतनी कम नहीं कर सकता कि प्रतिबिंब रेटिना पर बने, अतः वस्तु तनाव के साथ धुंधली दिखती है।
उदाहरण 14: विचलन कोण का कारण प्रिज़्म से निर्गत किरण काँच के स्लैब के विपरीत आपतित किरण के समांतर क्यों नहीं रहती?
हल: स्लैब की अपवर्तक सतहें समांतर होती हैं, अतः दोनों फलकों पर मुड़ाव बराबर व विपरीत होता है → निर्गत किरण आपतित के समांतर (केवल विस्थापित)। प्रिज़्म की सतहें झुकी होती हैं, अतः मुड़ाव निरस्त नहीं होते और निर्गत किरण विचलन कोण से विचलित होती है।
उदाहरण 15: कौन-सा रंग अधिक विचलित लाल व बैंगनी प्रकाश एक ही प्रिज़्म से गुजरते हैं। कौन अधिक विचलित होता है व क्यों?
हल: बैंगनी अधिक विचलित होता है। इसका तरंगदैर्घ्य सबसे छोटा है, जिसके लिए प्रिज़्म का अपवर्तनांक अधिक होता है, अतः यह सबसे अधिक मुड़ता है। लाल (सबसे बड़ा तरंगदैर्घ्य) सबसे कम मुड़ता है।
उदाहरण 16: वर्णक्रम का पुनः संयोजन VIBGYOR वर्णक्रम को पुनः श्वेत प्रकाश में कैसे संयोजित किया जा सकता है?
हल: पहले प्रिज़्म के बाद दूसरा समरूप प्रिज़्म उल्टा रखकर (जैसा न्यूटन ने किया)। दूसरा प्रिज़्म रंगों को विपरीत दिशा में विचलित करके पुनः संयोजित कर देता है जिससे श्वेत प्रकाश निकलता है।
उदाहरण 17: इंद्रधनुष के आवश्यक तत्व इंद्रधनुष बनने के लिए सूर्य की स्थिति व तीन प्रक्रियाएँ बताइए।
हल: सूर्य प्रेक्षक के पीछे होना चाहिए (इंद्रधनुष सूर्य के विपरीत दिखता है)। प्रत्येक जल बूँद में: अपवर्तन + वर्ण-विक्षेपण → आंतरिक परावर्तन → अपवर्तन अलग हुए रंगों को आँख तक भेजते हैं।
उदाहरण 18: टिमटिमाना बनाम स्थिर एक तारे व पास के ग्रह में कौन टिमटिमाता है व कौन नहीं?
हल: तारा टिमटिमाता है (दूर बिंदु स्रोत; वायुमंडलीय अपवर्तन से प्रकाश उतार-चढ़ाव करता है)। ग्रह नहीं (पास का विस्तृत स्रोत; इसके कई बिंदुओं के उतार-चढ़ाव औसतन शून्य हो जाते हैं)।
उदाहरण 19: अतिरिक्त दिन-प्रकाश वायुमंडलीय अपवर्तन सूर्योदय को कितना पहले कर देता है, व इसका कारण क्या है?
हल: लगभग 2 मिनट। वायुमंडल सूर्य (जो अभी क्षितिज के नीचे है) के प्रकाश को इस प्रकार मोड़ देता है कि उसकी आभासी स्थिति क्षितिज से ऊपर उठ जाती है, जिससे हम उसे वास्तव में क्षितिज पार करने से पहले देख लेते हैं।
उदाहरण 20: वायु रहित आकाश का रंग चंद्रमा पर आकाश का रंग बताइए व समझाइए।
हल: चंद्रमा पर वायुमंडल नहीं है, अतः सूर्य के प्रकाश का कोई प्रकीर्णन नहीं होता। कोई प्रकीर्णित प्रकाश आँख तक न पहुँचने से चंद्रमा पर आकाश दिन में भी काला दिखता है।
उदाहरण 21: खतरे के लिए लाल क्यों खतरे व रुको संकेतों के लिए लाल क्यों चुना जाता है, प्रकाशीय कारण दीजिए।
हल: लाल प्रकाश का तरंगदैर्घ्य सबसे बड़ा है व यह कोहरे व धुएँ से सबसे कम प्रकीर्णित होता है। अतः यह बिना अधिक प्रकीर्णित हुए दूर तक जाता है और दूर से स्पष्ट व एक ही रंग का दिखता है।
उदाहरण 22: सूर्यास्त पर लाल होना अस्त होता सूर्य लाल क्यों दिखता है, समझाइए।
हल: सूर्यास्त पर सूर्य का प्रकाश वायुमंडल की अधिक मोटाई से गुजरता है। लंबे मार्ग में अधिकांश छोटे (नीले) तरंगदैर्घ्य प्रकीर्णित हो जाते हैं, और मुख्यतः लंबे (लाल) तरंगदैर्घ्य प्रेक्षक तक पहुँचते हैं, अतः सूर्य लाल दिखता है।
उदाहरण 23: नेत्र में प्रतिबिंब दूरी बनाम वस्तु दूरी वस्तु के दूर जाने पर नेत्र में प्रतिबिंब दूरी का क्या होता है?
हल: प्रतिबिंब सदैव रेटिना पर बनता है, अतः नेत्र में प्रतिबिंब दूरी लगभग स्थिर रहती है। नेत्र प्रतिबिंब को रेटिना पर रखने के लिए लेंस की फोकस दूरी बदलता है (समंजन), रेटिना को नहीं हिलाता।
उदाहरण 24: समंजन क्षमता की परिभाषा समंजन क्षमता को परिभाषित कीजिए व उत्तरदायी पेशियों का नाम बताइए।
हल: समंजन क्षमता नेत्र लेंस की अपनी फोकस दूरी समायोजित करके भिन्न दूरियों की वस्तुओं को रेटिना पर फोकस करने की क्षमता है। यह पक्ष्माभी पेशियों द्वारा नियंत्रित होती है, जो लेंस की वक्रता बदलती हैं।
उदाहरण 25: मोतियाबिंद बनाम अपवर्तक दोष मोतियाबिंद निकट-दृष्टि जैसे अपवर्तक दोष से कैसे भिन्न है, व प्रत्येक का उपचार क्या है?
हल: मोतियाबिंद नेत्र लेंस का धुंधलापन है जो प्रकाश रोक देता है; इसका उपचार शल्यक्रिया है। निकट/दूर-दृष्टि दोष अपवर्तक दोष हैं जहाँ प्रतिबिंब गलत स्थान पर बनता है; ये चश्मे के लेंसों (अवतल/उत्तल) से ठीक होते हैं।
उदाहरण 26: द्विफोकसी लेंस अभिकल्प किसी व्यक्ति में निकट-दृष्टि व दूर-दृष्टि दोनों दोष हैं। उसे किस प्रकार का लेंस चाहिए, वर्णन कीजिए।
हल: उसे द्विफोकसी लेंस चाहिए: ऊपरी भाग अवतल (दूर दृष्टि हेतु, निकट-दृष्टि दोष सुधारता है) तथा निचला भाग उत्तल (निकट दृष्टि हेतु, दूर-दृष्टि दोष सुधारता है)।
उदाहरण 27: निकट-दृष्टि दूर बिंदु 100 cm किसी निकट-दृष्टि नेत्र का दूर बिंदु 100 cm है। संशोधक लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए।
हल: m, । D। अवतल लेंस, -1.0 D।
उदाहरण 28: दूर-दृष्टि निकट बिंदु 75 cm 75 cm निकट बिंदु वाले दूर-दृष्टि नेत्र को सुधारने हेतु लेंस की क्षमता ज्ञात कीजिए (सामान्य 25 cm)।
हल: m, m।
उदाहरण 29: स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी से क्या तात्पर्य है, व सामान्य युवा के लिए इसका मान क्या है?
हल: यह वह न्यूनतम दूरी है जिस पर वस्तु बिना तनाव सबसे स्पष्ट दिखे - निकट बिंदु। सामान्य युवा के लिए यह लगभग 25 cm है।
उदाहरण 30: ऊँचाई पर आकाश का अँधेरा ऊँचाई पर उड़ते जेट में यात्री को आकाश भूमि की तुलना में अधिक काला क्यों दिखता है?
हल: ऊँचाई पर वायु विरल होती है, अतः सूर्य के प्रकाश को प्रकीर्णित करने वाले कण बहुत कम होते हैं। कम प्रकीर्णन से आकाश से कम नीला प्रकाश आँख तक पहुँचता है, अतः आकाश भूमि की तुलना में अधिक काला दिखता है।
उदाहरण 31: दोष निदान व संशोधन एक बालक पास की वस्तुएँ स्पष्ट देखता है पर दूर के वृक्ष धुंधले दिखते हैं; उसका दूर बिंदु 5 m है। निदान व संशोधन कीजिए।
हल: वह निकट-दृष्टि दोषी है (दूर बिंदु 5 m, अनंत से कम)। संशोधक लेंस: m, → , अतः D, एक -0.2 D का अवतल लेंस।
उदाहरण 32: सामान्य नेत्र 25 cm से पास क्यों नहीं देख सकता सामान्य नेत्र लगभग 25 cm से पास रखी वस्तुएँ स्पष्ट क्यों नहीं देख सकता, समझाइए।
हल: 25 cm से पास वस्तु फोकस करने के लिए नेत्र लेंस को अपनी न्यूनतम सीमा से कम फोकस दूरी चाहिए। पक्ष्माभी पेशियाँ लेंस को इतना नहीं दबा सकतीं, अतः प्रतिबिंब रेटिना पर नहीं बनता और वस्तु धुंधली दिखती है।