लघु-उत्तरीय प्रश्न (आदर्श उत्तर)

प्रश्न 1: विश्वेश्वरय्या के बाल्य जीवन के बारे में लिखिए।

उत्तर: मोक्षगुंडम् विश्वेश्वरय्या का जन्म १५ सितंबर १८६१ को मैसूर राज्य (अब कर्नाटक) के कोलार जिले के मुद्देनहल्ली नामक छोटे-से गाँव में एक अत्यंत गरीब परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता के पास उन्हें पढ़ाने-लिखाने की आर्थिक शक्ति नहीं थी, फिर भी बालक विश्वेश्वरय्या के मन में पढ़ने की गहरी लगन थी और वे दिल लगाकर पढ़ते थे। गाँव में प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने के बाद वे हाईस्कूली शिक्षा के लिए बेंगलूर गए, जहाँ खर्च चलाने के लिए उन्हें ट्यूशन पढ़ाना पड़ा।

प्रश्न 2: विश्वेश्वरय्या की शिक्षा के बारे में लिखिए।

उत्तर: बेंगलूर में मैट्रिक पास करने के बाद विश्वेश्वरय्या सेंट्रल कॉलेज में भर्ती हुए और वहीं से उन्नीस वर्ष की आयु में बी.ए. उत्तीर्ण किया। कॉलेज के अंग्रेज प्रिंसिपल उनकी योग्यता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पूना के साइंस कॉलेज के प्रिंसिपल को सिफारिशी पत्र लिखा, जिससे विश्वेश्वरय्या को वहाँ इंजीनियरिंग में प्रवेश और छात्रवृत्ति दोनों मिल गई। समय के पाबंद और अथक परिश्रमी होने के कारण उन्होंने निर्धारित समय से पहले ही इंजीनियरिंग शिक्षा पूरी की और बम्बई विश्वविद्यालय भर में प्रथम श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

प्रश्न 3: विश्वेश्वरय्या की प्रसिद्धि तथा पदोन्नति देख कुछ इंजीनियर क्यों जलते थे?

उत्तर: विश्वेश्वरय्या से कुछ इंजीनियर दो कारणों से ईर्ष्या करने लगे थे — पहला, उस समय उनकी आयु मात्र सैंतालीस वर्ष ही थी; और दूसरा, वे अनेक पुराने तथा सीनियर इंजीनियरों से वेतन और पद दोनों में आगे निकल गए थे। वे पहले ही सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर बन चुके थे और हर बड़ी योजना में उनकी सलाह ली जाती थी। अपने ही पेशे के लोगों में यह असंतोष देखकर विश्वेश्वरय्या ने एक दिन अचानक नौकरी से इस्तीफा दे दिया।

प्रश्न 4: हैदराबाद नवाब के सामने कौन-सी मुसीबत थी? उसका समाधान विश्वेश्वरय्या ने कैसे किया?

उत्तर: हैदराबाद नवाब के सामने सबसे बड़ी मुसीबत मूसी नदी की भयंकर बाढ़ थी, जो हर वर्ष आती थी और भारी तबाही मचाती थी — बाढ़ का पानी हैदराबाद नगर में घुस आता था, जिससे सारा कामकाज ठप हो जाता था। विश्वेश्वरय्या ने इंजीनियरिंग सलाहकार बनकर मूसी नदी पर नियंत्रण की योजना बनाई और बाँध बनवाया। साथ ही उन्होंने हैदराबाद नगर के लिए पानी और नालियों की उत्तम व्यवस्था की तथा नगर को सुंदर बनाने के लिए 'बाग-ए-आम' नामक पब्लिक गार्डन की योजना बनाई।

प्रश्न 5: मैसूर राज्य के विकास में विश्वेश्वरय्या के योगदान के बारे में लिखिए।

उत्तर: मैसूर के महाराजा कृष्णराज ओडेयर के निमंत्रण पर विश्वेश्वरय्या पहले चीफ इंजीनियर और तीन वर्ष बाद दीवान नियुक्त हुए। नौ वर्षों के इस कार्यकाल में उन्होंने राज्य के हर विभाग में सुधार किए — नई नहरों से डेढ़ लाख एकड़ भूमि की सिंचाई की व्यवस्था की, शिवसमुद्र जलप्रपात पर बिजलीघर स्थापित कराया, चंदन का तेल, सीमेंट, साबुन, इस्पात और कागज के कारखाने खुलवाए (भद्रावती का इस्पात कारखाना विशेष उल्लेखनीय है), कावेरी नदी पर कृष्णराज सागर बाँध बनवाया, मैसूर के लिए अलग विश्वविद्यालय स्थापित किया, पंचायत व्यवस्था लागू की, राज्य के लिए एक बैंक बनवाया और वृंदावन उद्यान की योजना बनाई। इस तरह उन्होंने मैसूर राज्य का नक्शा ही बदल डाला।

प्रश्न 6: विश्वेश्वरय्या के गुण-स्वभाव का परिचय दीजिए।

उत्तर: विश्वेश्वरय्या समय के अत्यंत पाबंद थे और एक भी मिनट व्यर्थ नहीं होने देते थे। वे अत्यंत परिश्रमी, कर्मयोगी तथा अनुशासनप्रिय थे और नियमित व्यायाम करते थे। असाधारण प्रतिभा के धनी होते हुए भी उनमें कभी अभिमान नहीं आया — वे विनयशील तथा साधु प्रकृति के थे। ईमानदारी उनके चरित्र का अटूट अंग थी, और सेवा-भाव को वे अत्यंत पवित्र आचरण मानते थे। जीवन भर वे देश तथा मानव-समाज की सेवा में लगे रहे।

गद्यांश-आधारित बोध प्रश्न

गद्यांश: "विश्वेश्वरय्या मैसूर राज्य के निवासी थे। उन्हें अपनी मातृभूमि की सेवा करने में आनंद का अनुभव हुआ। वे मैसूर के चीफ़ इंजीनियर के पद पर नियुक्त हुए। इस पद पर उन्होंने तीन वर्षों तक कार्य किया। विश्वेश्वरय्या की कार्यकुशलता एवं शासन पटुता पर महाराज मुग्ध हुए। उन्होंने तीन साल बाद विश्वेश्वरय्या जी को अपना दीवान नियुक्त किया। इस पद पर वे छह साल तक कार्य करते रहे। इन नौ वर्षों की अवधि में विश्वेश्वरय्या ने अपनी योजनाओं पर अमल करके मैसूर राज्य का नक्शा ही बदल डाला।"

प्रश्न 1: विश्वेश्वरय्या किस राज्य के निवासी थे? — उत्तर: मैसूर राज्य के।

प्रश्न 2: विश्वेश्वरय्या ने मैसूर राज्य के चीफ़ इंजीनियर के पद पर कितने वर्षों तक कार्य किया? — उत्तर: तीन वर्षों तक।

प्रश्न 3: महाराज विश्वेश्वरय्या के किन गुणों पर मुग्ध हुए? — उत्तर: उनकी कार्यकुशलता तथा शासन पटुता पर।

प्रश्न 4: महाराज ने विश्वेश्वरय्या को किस पद पर नियुक्त किया? — उत्तर: दीवान के पद पर।

प्रश्न 5: विश्वेश्वरय्या ने अपनी योजनाओं के द्वारा किस राज्य का नक्शा बदल डाला? — उत्तर: मैसूर राज्य का।