PUC II · Hindi · Chapter 4
एक कहानी यह भी
प्रसिद्ध कथाकार मन्नू भंडारी के इस आत्मकथात्मक अंश में लेखिका अपने बचपन, अंतर्विरोधी व्यक्तित्व वाले पिता, त्यागमयी माँ, बहन सुशीला के साथ के खेल, प्राध्यापिका शीला अग्रवाल के प्रभाव और 1946-47 के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी का सजीव वर्णन करती हैं। व्यक्तित्व-निर्माण में परिवार और गुरुजनों की भूमिका इस पाठ का केंद्रीय विषय है।
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