त्वरित पुनरावृत्ति: काल परिवर्तन

इस पाठ के अभ्यास में विशेष रूप से भूतकाल-वर्तमान-भविष्यत् के बीच रूपांतरण पर बल दिया गया है — आत्मकथा शैली में विभिन्न कालों का मिश्रित प्रयोग होता है, इसलिए यह अभ्यास महत्वपूर्ण है।

मूल वाक्य परिवर्तित रूप
…आ गए थे (भूतकाल) …आ जाते हैं (वर्तमान)
…माँगते नहीं हैं (वर्तमान) …माँगती नहीं थीं (भूतकाल)
…बधाई देता हूँ (वर्तमान) …बधाई दूँगा (भविष्यत्)

त्वरित पुनरावृत्ति: उपसर्ग एवं विलोम शब्द

उपसर्ग के उदाहरण (इस पाठ के शब्दों से): प्रतिष्ठित→अप्रतिष्ठित, हद→बेहद, यश→अपयश/सुयश, क्रिया→प्रतिक्रिया।

विलोम शब्द: पाप↔पुण्य, नैतिक↔अनैतिक, सही↔गलत, सम्भव↔असम्भव, सुरक्षित↔असुरक्षित, सक्रिय↔निष्क्रिय, व्यवस्थित↔अव्यवस्थित।

[Exam Tip] 'व्यवस्थित/अव्यवस्थित' का जोड़ा इस पाठ में पिता के कमरे के वर्णन ('निहायत अव्यवस्थित ढंग से फैली-बिखरी पुस्तकें') से सीधे जुड़ा है — संदर्भ के साथ याद रखना आसान होगा।