PUC II · Hindi · Chapter 11
रहीम के दोहे
कवि रहीम के इन नीतिपरक दोहों में मनुष्य-जन्म की सार्थकता, कर्मयोग, मनुष्य की प्रतिष्ठा, अहंकार-त्याग, वाणी की संयमित मधुरता तथा सांसारिक वस्तुओं की नश्वरता जैसे गूढ़ जीवन-दर्शन को अत्यंत सरल एवं प्रभावी भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
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