त्वरित पुनरावृत्ति: पद-सार सारणी
| पद | विषय | प्रमुख भाव |
|---|---|---|
| पद 1 | गोपिकाओं का सौभाग्य | कृष्ण-दर्शन से विरह-व्यथा का अंत |
| पद 2 | यमुना तट पर रूप-सौंदर्य | मोर-मुकुट, मकराकृत-कुंडल, पीत-वस्त्र |
| पद 3 | माखन-चोरी लीला | गोपी का क्रोध, कृष्ण की चतुराई, वात्सल्य-माधुर्य |
[Exam Tip] पद 2 के रूप-वर्णन में हर अंग-प्रत्यंग (मुकुट, कुंडल, वस्त्र) का क्रम याद रखें — परीक्षा में प्रायः इनमें से किसी एक विशेषता पर सीधा प्रश्न पूछा जाता है।