वन एवं वन्य जीव संसाधन

वन एवं वन्य जीव संसाधन अध्याय से 2026-27 के प्रतिदर्श प्रश्न-पत्र में 4 अंक (भूगोल का स्रोत आधारित प्रश्न, सामुदायिक संरक्षण और चिपको आंदोलन पर), फ़रवरी 2026 में 2 और मई 2026 में 1 अंक आया। बाकी समय इससे बहुविकल्पीय प्रश्न आते हैं: राष्ट्रीय उद्यान और उनके राज्य, बीज बचाओ आंदोलन, वनों की भूमिका पर अभिकथन-कारण, और क्षेत्रफल के अनुसार वनों की श्रेणियाँ। किसी बोर्ड प्रश्न-पत्र में इससे 5 अंक का प्रश्न नहीं आया, इसलिए इस पृष्ठ पर स्रोत आधारित और केस आधारित प्रश्न अधिक हैं।

सबसे ज़्यादा अंक इन गलतियों से कटते हैं: आरक्षित और रक्षित वनों को मिला देना, बाघ रिज़र्व को गलत राज्य में रखना, तिथियाँ भूल जाना (1972, 1973, 1988), और जहाँ प्रश्न किसी नामित सामुदायिक प्रयास को माँगे, वहाँ "सरकार वनों की रक्षा करती है" लिख देना।

5 मिनट में दोहराएँ

वन और जैव विविधता क्यों ज़रूरी हैं

  • वन प्राथमिक उत्पादक हैं; अन्य सभी जीव इन पर निर्भर हैं।
  • भारत जैव विविधता में सबसे समृद्ध देशों में है, पर इसके वनस्पतिजात और प्राणिजात भारी दबाव में हैं, मुख्य रूप से पर्यावरण के प्रति हमारी असंवेदनशीलता से।
  • संरक्षण हमारे जीवन-सहायक तंत्र (जल, वायु, मृदा) और नस्ल सुधार के लिए आनुवंशिक विविधता बचाता है; खेती पारंपरिक फ़सल किस्मों पर और मत्स्य पालन जलीय जैव विविधता पर निर्भर है।

सरकार के कदम

वर्ष कदम
1972 भारतीय वन्य जीवन (रक्षण) अधिनियम: संरक्षित प्रजातियों की अखिल भारतीय सूची, शिकार पर रोक, आवासों को कानूनी सुरक्षा, व्यापार पर रोक
1973 बाघ परियोजना (बाघ: लगभग 1900 में 55,000, 1973 में 1,827)
1980, 1986 तितलियाँ, पतंगे, भृंग और एक ड्रैगनफ़्लाई सूची में जोड़े गए
1991 पहली बार पौधे जोड़े गए (छह प्रजातियाँ)
  • साथ ही: राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव पशुविहार; बाघ, एक सींग वाले गैंडे, हंगुल, तीन तरह के मगरमच्छों, एशियाई शेर के लिए परियोजनाएँ; भारतीय हाथी, काले हिरण, गोडावन, हिम तेंदुए को कानूनी सुरक्षा।
  • बाघों के खतरे: खाल और हड्डियों के लिए अवैध शिकार, सिकुड़ते आवास, घटते शिकार-जीव, बढ़ती जनसंख्या। दुनिया के लगभग दो-तिहाई बाघ भारत और नेपाल में।
  • बाघ रिज़र्व: कॉर्बेट (उत्तराखंड), सुंदरबन (पश्चिम बंगाल), बांधवगढ़ (मध्य प्रदेश), सरिस्का (राजस्थान), मानस (असम), पेरियार (केरल)।

वनों की श्रेणियाँ: आरक्षित (आधे से अधिक; सबसे मूल्यवान), रक्षित (लगभग एक-तिहाई), अवर्गीकृत (सरकारी, निजी और सामुदायिक भूमि)। आरक्षित + रक्षित = स्थायी वन क्षेत्र; सबसे बड़ा क्षेत्र मध्य प्रदेश में (उसके वनों का 75%)। अवर्गीकृत वन पूर्वोत्तर और गुजरात के कुछ भागों में अधिक।

समुदाय: सरिस्का के गाँव वालों ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के सहारे खनन का विरोध किया; भैरोंदेव डाकव 'सोंचुरी' (अलवर, 1,200 हेक्टेयर, अपने नियम); चिपको (हिमालय); बीज बचाओ आंदोलन (टिहरी) और नवदान्य; संयुक्त वन प्रबंधन (ओडिशा, 1988: निम्नीकृत भूमि, गैर-इमारती वन उपज और लकड़ी में हिस्सा); पवित्र झुरमुट; बिश्नोई।

ध्यान दें

  • रक्षित वन लगभग एक-तिहाई हैं; आरक्षित वन आधे से अधिक।
  • बांधवगढ़ मध्य प्रदेश में है, राजस्थान में नहीं; पेरियार केरल में है।
  • संयुक्त वन प्रबंधन वन विभाग के साथ चलता है; 'सोंचुरी' उसे दूर रखती है।

इस पृष्ठ का उपयोग कैसे करें: हर प्रश्न पहले कॉपी पर हल कीजिए, फिर उत्तर पढ़िए। हर चरण के सामने लिखे अंक बताते हैं कि परीक्षक क्या देखता है। 1 अंक वाले बहुविकल्पीय और अभिकथन-कारण प्रश्न अंत की क्विज़ में हैं, साथ में ऐसे प्रश्न भी जो जाँचते हैं कि आपने अध्याय कितनी गहराई से समझा है; क्विज़ के हर उत्तर के साथ उसकी व्याख्या दी गई है।

लघु उत्तरीय प्रश्न (2 और 3 अंक)

प्रश्न 1 (3 अंक)

1973 तक भारत में बाघ विलुप्त होने के करीब पहुँच गए थे। उन्हें इस हालत तक पहुँचाने वाले दो खतरे समझाइए, और बताइए कि भारत और नेपाल शिकारियों के मुख्य निशाने क्यों बने।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. व्यापार के लिए शिकार: बाघ की खाल बिकती थी और हड्डियाँ पारंपरिक दवाओं में, ज़्यादातर एशियाई देशों में, काम आती थीं।
  2. मानव जनसंख्या बढ़ने से आवास सिकुड़े और बाघों के शिकार-जीव कम हुए।
  3. भारत और नेपाल में दुनिया के लगभग दो-तिहाई बाघ हैं, इसलिए शिकारियों ने इन्हीं को निशाना बनाया।

अंक योजना:

  1. व्यापार के लिए अवैध शिकार: बाघ की खाल का व्यापार होता था और उसकी हड्डियाँ पारंपरिक दवाओं में, खासकर एशियाई देशों में, इस्तेमाल होती थीं। — 1 अंक
  2. सिकुड़ते आवास और घटते शिकार-जीव (प्रे बेस), क्योंकि मानव जनसंख्या बढ़ती गई। (कोई दो खतरे; केवल नाम लिखने पर ½ + ½।) — 1 अंक
  3. भारत और नेपाल मिलकर दुनिया के बचे हुए बाघों में से लगभग दो-तिहाई को आवास देते हैं, इसलिए शिकारी और अवैध व्यापारी इन्हीं दो देशों की ओर मुड़े। — 1 अंक

प्रश्न 2 (2 अंक)

पारिस्थितिक तंत्र में वनों का स्थान इतना महत्वपूर्ण क्यों है? दो कारण दीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. वन प्राथमिक उत्पादक हैं; अन्य सभी जीव भोजन के लिए इन पर निर्भर हैं।
  2. वे असंख्य प्रकार के पौधों और जानवरों का घर हैं, जो एक-दूसरे पर निर्भर हैं।

अंक योजना:

  1. वन प्राथमिक उत्पादक हैं, जिन पर अन्य सभी जीव निर्भर हैं। — 1 अंक
  2. वे असंख्य प्रकार के पौधों और जानवरों का घर हैं, इसलिए वे वह जैव विविधता सँभालते हैं जिससे पारिस्थितिक तंत्र चलता है। (मृदा और जल की रक्षा भी मान्य।) — 1 अंक

प्रश्न 3 (3 अंक)

वनों और वन्य जीवों का संरक्षण लोगों की किस तरह मदद करता है? तीन तरीके समझाइए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. यह हमारे जीवन-सहायक तंत्रों, जल, वायु और मृदा, को स्वस्थ रखता है।
  2. यह पौधों और जानवरों की आनुवंशिक विविधता बचाता है, जो बेहतर फ़सलें और पशु तैयार करने के लिए ज़रूरी है।
  3. खेती आज भी पारंपरिक फ़सल किस्मों का उपयोग करती है, और मछली पकड़ना जल में जीवन की विविधता पर टिका है।

अंक योजना:

  1. यह पारिस्थितिक विविधता और हमारे जीवन-सहायक तंत्रों, यानी जल, वायु और मृदा को बचाता है। — 1 अंक
  2. यह पौधों और जानवरों की आनुवंशिक विविधता बचाता है, जो प्रजातियों की बेहतर बढ़त और प्रजनन (नस्ल सुधार) के लिए ज़रूरी है। — 1 अंक
  3. हमारी आजीविका इस पर टिकी है: खेती आज भी पारंपरिक फ़सल किस्मों पर निर्भर है, और मत्स्य पालन जलीय जैव विविधता पर बहुत अधिक निर्भर है। — 1 अंक

प्रश्न 4 (3 अंक)

भारत में संरक्षण के सामुदायिक प्रयास प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के बारे में क्या सीख देते हैं? एक उदाहरण के साथ अपना उत्तर पुष्ट कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. वनों के प्रबंधन में स्थानीय लोगों को शामिल करना होगा और निर्णयों में उनकी सच्ची भागीदारी होनी चाहिए।
  2. केवल वही विकास स्वीकार हो जो जन-केंद्रित, पर्यावरण के अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभकारी हो।
  3. उदाहरण: सरिस्का क्षेत्र के गाँव वालों ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के सहारे बाघ रिज़र्व में खनन का विरोध किया।

अंक योजना:

  1. हर जगह स्थानीय समुदायों को प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में शामिल करना होगा, और निर्णय लेने में उन्हें केंद्र में रखना होगा। — 1 अंक
  2. केवल वही आर्थिक या विकास गतिविधियाँ स्वीकार की जानी चाहिए जो जन-केंद्रित, पर्यावरण के अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभकारी हों। — 1 अंक
  3. उदाहरण: चिपको आंदोलन ने वनों की कटाई रोकी, या सरिस्का क्षेत्र के गाँव वालों ने खनन का विरोध किया, या भैरोंदेव डाकव 'सोंचुरी' के गाँव अपने वन की रक्षा करते हैं। (कोई एक।) — 1 अंक

प्रश्न 5 (2 अंक)

भारतीय वन्य जीवन (रक्षण) अधिनियम पारित करने के अलावा केंद्र और राज्य सरकारों ने वन्य जीवों की रक्षा के लिए कौन-से दो कदम उठाए?

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. उन्होंने राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव पशुविहार बनाए।
  2. केंद्र ने बाघ, एक सींग वाले गैंडे और एशियाई शेर जैसे जानवरों के लिए विशेष परियोजनाएँ शुरू कीं।

अंक योजना:

  1. उन्होंने राष्ट्रीय उद्यान और वन्य जीव पशुविहार स्थापित किए। — 1 अंक
  2. केंद्र सरकार ने कुछ खास जानवरों के लिए परियोजनाएँ घोषित कीं (बाघ, एक सींग वाला गैंडा, हंगुल, तीन प्रकार के मगरमच्छ, एशियाई शेर); बाद में भारतीय हाथी, काला हिरण, गोडावन (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) और हिम तेंदुए को शिकार और व्यापार के विरुद्ध पूरी या आंशिक कानूनी सुरक्षा मिली। — 1 अंक

प्रश्न 6 (3 अंक)

जैव विविधता क्या है? भारत जैव विविधता में सबसे समृद्ध देशों में है, फिर भी इसके वनस्पतिजात और प्राणिजात भारी दबाव में हैं। स्पष्ट कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. जैव विविधता वन्य और उगाई जाने वाली प्रजातियों की विविधता है, जो रूप और काम में अलग होकर भी आपस में जुड़ी हैं।
  2. भारत इसमें सबसे समृद्ध देशों में है, और बहुत-सी प्रजातियाँ अभी खोजी जानी बाकी हैं।
  3. फिर भी इसके पौधे और जानवर दबाव में हैं, मुख्य रूप से पर्यावरण के प्रति हमारी असंवेदनशीलता के कारण।

अंक योजना:

  1. जैव विविधता वन्य जीवों और कृषि की जाने वाली प्रजातियों की समृद्ध विविधता है, जो रूप और कार्य में अलग-अलग होते हुए भी आपसी निर्भरता के कई संबंधों से एक तंत्र में जुड़ी है। — 1 अंक
  2. भारत जैव विविधता में दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में से एक है; शायद इससे दो-तीन गुना प्रजातियाँ अभी खोजी जानी बाकी हैं। — 1 अंक
  3. ये संसाधन भारी दबाव में हैं, मुख्य रूप से पर्यावरण के प्रति हमारी असंवेदनशीलता के कारण। — 1 अंक

प्रश्न 7 (2 अंक)

एक किसान कहता है, 'रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बिना न पर्याप्त फ़सल उगाई जा सकती है, न उससे पैसा कमाया जा सकता है।' बीज बचाओ आंदोलन और नवदान्य उसे क्या उत्तर देते हैं?

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. उन्होंने दिखाया है कि कृत्रिम रसायनों के बिना भी कई तरह की फ़सलों की अच्छी उपज संभव है।
  2. उन्होंने दिखाया है कि ऐसी खेती में कमाई भी होती है, यानी यह आर्थिक रूप से लाभदायक है।

अंक योजना:

  1. इन किसान और नागरिक समूहों (बीज बचाओ आंदोलन टिहरी में शुरू हुआ) ने दिखाया है कि कृत्रिम रसायनों के बिना भी विविध फ़सलों का पर्याप्त उत्पादन संभव है। — 1 अंक
  2. ऐसी खेती आर्थिक रूप से भी लाभदायक है, इसलिए किसान इससे कमा सकता है। — 1 अंक

दीर्घ उत्तरीय और स्रोत आधारित प्रश्न

प्रश्न 8 (4 अंक)

नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

'ना' कहने के दो तरीके

राजस्थान के अलवर ज़िले में वनों में और उनके आसपास रहने वाले लोगों ने उनकी रक्षा के अपने-अपने तरीके खोजे हैं।

सरिस्का बाघ रिज़र्व के पास खनन कंपनियाँ पहाड़ियाँ खोदना चाहती थीं। गाँव वालों ने सिर्फ़ विरोध नहीं किया। वे कानून के पास गए और बताया कि वन्य जीवों और उनके आवासों की रक्षा करने वाला एक राष्ट्रीय कानून ऐसे खनन के विरुद्ध खड़ा है।

पास ही, पाँच गाँवों के लोगों ने दूसरा रास्ता चुना। उन्होंने 1,200 हेक्टेयर वन को अलग करके उसका नाम भैरोंदेव डाकव 'सोंचुरी' रखा। इसके नियम किसी अधिकारी ने नहीं बनाए; गाँव वालों ने खुद लिखे। वहाँ शिकार की अनुमति नहीं है, और बाहरी लोगों को ज़मीन पर कब्ज़ा करने से गाँव वाले खुद रोकते हैं। ऐसी कई जगहों पर गाँव वालों ने खुलकर कहा है कि वे नहीं चाहते कि सरकार उनके वन को उनकी जगह चलाए।

(a) भैरोंदेव डाकव 'सोंचुरी' सरकार द्वारा प्रबंधित वन से कैसे अलग है? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

गाँव वालों ने इसे घोषित किया, शिकार पर रोक जैसे अपने नियम बनाए और सरकार के बिना खुद इसकी रक्षा करते हैं।

अंक योजना:

  1. गाँव वालों ने इसे खुद घोषित किया, अपने नियम बनाए (शिकार पर रोक) और सरकार के दखल के बिना इसकी रक्षा करते हैं। — 1 अंक

(b) सरिस्का के पास के गाँव वालों ने खनन के विरुद्ध किस कानून का हवाला दिया? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

भारतीय वन्य जीवन (रक्षण) अधिनियम, 1972।

अंक योजना:

  1. वन्य जीव संरक्षण अधिनियम (भारतीय वन्य जीवन (रक्षण) अधिनियम, 1972)। — 1 अंक

(c) सुझाइए कि सरकार गाँव वालों से नियंत्रण छीने बिना 'सोंचुरी' जैसे ग्रामीण प्रयासों की दो तरह से कैसे मदद कर सकती है। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. गाँव के नियमों को कानूनी मान्यता देना, ताकि शिकारियों और कब्ज़ा करने वालों को सज़ा मिले।
  2. गाँव वालों के माँगने पर प्रशिक्षण और धन देना, पर निर्णय उन्हीं पर छोड़ना।

अंक योजना:

  1. गाँव के नियमों को कानूनी मान्यता देना, ताकि शिकार या कब्ज़ा करने वाले बाहरी लोगों को सज़ा मिल सके। — 1 अंक
  2. गाँव वालों के माँगने पर प्रशिक्षण, धन या वन कर्मचारियों से सहायता देना, जबकि निर्णय गाँव ही ले। (कोई भी उचित तरीका मान्य, जिसमें निर्णय गाँव के हाथ में रहे।) — 1 अंक

प्रश्न 9 (4 अंक)

दंड आरेख दिखाता है कि तीन राज्यों P, Q और R का वन क्षेत्र वनों की तीन श्रेणियों में कैसे बँटा है (काल्पनिक आँकड़े, हर राज्य के वन क्षेत्र के प्रतिशत में)। दंड 1 आरक्षित वन, दंड 2 रक्षित वन और दंड 3 अवर्गीकृत वन दर्शाता है। इसका अध्ययन करके प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

राज्य P, Q और R में वन श्रेणियों का समूहित दंड आरेख

(a) कौन-सा राज्य सबसे अधिक संभावना से पूर्वोत्तर का राज्य है? कारण दीजिए। (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

P संभवतः पूर्वोत्तर का राज्य है, क्योंकि इसके 75 प्रतिशत वन अवर्गीकृत हैं, जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में, जहाँ ऐसे वनों का प्रबंधन स्थानीय समुदाय करते हैं।

अंक योजना:

  1. P, क्योंकि इसके तीन-चौथाई वन अवर्गीकृत हैं; पूर्वोत्तर राज्यों में स्थानीय समुदायों द्वारा प्रबंधित अवर्गीकृत वनों का हिस्सा बहुत अधिक है। — 1 अंक

(b) किस राज्य में स्थायी वन क्षेत्र वन क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा है, और वह हिस्सा कितना है? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

R, 70 + 22 = 92 प्रतिशत के साथ, क्योंकि आरक्षित और रक्षित वन मिलकर स्थायी वन क्षेत्र बनाते हैं।

अंक योजना:

  1. R: स्थायी वन क्षेत्र = आरक्षित + रक्षित वन = 70 + 22 = 92 प्रतिशत (Q में 85 और P में केवल 25)। — 1 अंक

(c) राज्य Q अपने स्थायी वन क्षेत्र का हिस्सा R के बराबर करना चाहता है। यह हिस्सा कितने प्रतिशत अंक बढ़ाना होगा, और Q के वनों की किस श्रेणी से यह अतिरिक्त भूमि आ सकती है? (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. Q में 25 + 60 = 85 प्रतिशत और R में 92 प्रतिशत है, इसलिए 7 प्रतिशत अंक बढ़ाने होंगे।
  2. यह Q के अवर्गीकृत वनों (15 प्रतिशत) से आएगा, उनके कुछ भाग को आरक्षित या रक्षित घोषित करके।

अंक योजना:

  1. Q का स्थायी वन क्षेत्र 25 + 60 = 85 प्रतिशत और R का 92 प्रतिशत है, इसलिए हिस्सा 7 प्रतिशत अंक बढ़ाना होगा। — 1 अंक
  2. यह भूमि केवल Q के अवर्गीकृत वनों (15 प्रतिशत) से आ सकती है, जिन्हें वन विभाग आरक्षित या रक्षित घोषित कर सकता है। — 1 अंक

प्रश्न 10 (5 अंक)

एक वन कार्यालय में आया व्यक्ति कहता है, 'वनों को बचाने का सबसे अच्छा तरीका लोगों को उनसे दूर रखना है।' क्या आप सहमत हैं? भारत के अनुभव से पाँच बिंदु देकर अपना उत्तर पुष्ट कीजिए।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

मैं सहमत नहीं हूँ। भारत में लोग अक्सर वनों के सबसे अच्छे रक्षक रहे हैं।

  1. संयुक्त वन प्रबंधन: ग्राम समितियाँ वन विभाग के साथ निम्नीकृत वनों की रखवाली करती हैं और बदले में वन उपज पाती हैं।
  2. सरिस्का: गाँव वालों ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम से बाघ रिज़र्व के पास खनन रुकवाया।
  3. सोंचुरी: अलवर के पाँच गाँवों ने 1,200 हेक्टेयर वन अलग किया, शिकार रोका और बाहरी लोगों को दूर रखा।
  4. बीज बचाओ आंदोलन और नवदान्य: इन्होंने दिखाया कि कृत्रिम रसायनों के बिना खेती सफल है, जिससे भूमि और वनों पर दबाव घटता है।
  5. सीख: निर्णयों के केंद्र में स्थानीय लोग हों, और विकास जन-केंद्रित, पर्यावरण के अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभकारी हो।

अंक योजना:

  1. असहमत। संयुक्त वन प्रबंधन: ग्राम संस्थाएँ वन विभाग के साथ मिलकर निम्नीकृत वन भूमि की रक्षा करती हैं और उसे फिर से पनपने में मदद करती हैं; बदले में सदस्यों को वन उपज मिलती है। — 1 अंक
  2. सरिस्का: बाघ रिज़र्व के पास के गाँव वालों ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम का हवाला देकर खनन का विरोध किया। — 1 अंक
  3. भैरोंदेव डाकव 'सोंचुरी': अलवर के पाँच गाँवों ने 1,200 हेक्टेयर वन घोषित किया, शिकार के विरुद्ध अपने नियम बनाए और बाहरी लोगों को दूर रखते हैं। — 1 अंक
  4. बीज बचाओ आंदोलन (टिहरी) और नवदान्य ने दिखाया कि कृत्रिम रसायनों के बिना भी विविध फ़सलें उगाई जा सकती हैं, जिससे भूमि और वनों पर दबाव घटता है। (यह भी मान्य: चिपको आंदोलन, पवित्र झुरमुट, या काले हिरण, नीलगाय और मोरों की रक्षा करने वाले बिश्नोई गाँव।) — 1 अंक
  5. सीख: निर्णय लेने में स्थानीय समुदायों को केंद्र में रखना होगा, और केवल जन-केंद्रित, पर्यावरण के अनुकूल और आर्थिक रूप से लाभकारी गतिविधियाँ स्वीकार होनी चाहिए। — 1 अंक

अथवा

भारत के वन जिन तीन श्रेणियों में बाँटे गए हैं, उनका वर्णन कीजिए, और बताइए कि हर श्रेणी कहाँ अधिक पाई जाती है।

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. आरक्षित वन: कुल वन भूमि के आधे से अधिक और संरक्षण के लिए सबसे मूल्यवान।
  2. कहाँ: केरल, तमिलनाडु, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में बड़ा हिस्सा।
  3. रक्षित वन: वन क्षेत्र का लगभग एक-तिहाई, वन विभाग द्वारा घोषित और आगे घटने से बचाए गए।
  4. कहाँ: पंजाब, हरियाणा, बिहार, ओडिशा और राजस्थान के अधिकांश वन।
  5. अवर्गीकृत वन: सरकार, निजी लोगों और समुदायों के अन्य वन और बंजर भूमि; पूर्वोत्तर राज्यों और गुजरात के कुछ भागों में बहुत अधिक।

अंक योजना:

  1. आरक्षित वन: कुल वन भूमि के आधे से अधिक, वन और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए सबसे मूल्यवान माने जाते हैं। — 1 अंक
  2. आरक्षित वनों का बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में है (कोई दो)। — 1 अंक
  3. रक्षित वन: वन क्षेत्र का लगभग एक-तिहाई, वन विभाग द्वारा घोषित और आगे कम होने से बचाए गए। — 1 अंक
  4. रक्षित वन बिहार, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और राजस्थान में अधिकांश हैं (कोई दो)। — 1 अंक
  5. अवर्गीकृत वन: सरकार, निजी व्यक्तियों और समुदायों के अन्य वन और बंजर भूमि; सभी पूर्वोत्तर राज्यों और गुजरात के कुछ भागों में बहुत अधिक, जहाँ स्थानीय समुदाय इनका प्रबंधन करते हैं। — 1 अंक

प्रश्न 11 (4 अंक)

नीचे दिए गए स्रोत को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

वन रक्षक की डायरी से

मार्च। गाँव के पीछे का साल वन बुरी हालत में है। हर तरफ़ ठूँठ, नए पेड़ बहुत कम। मैं अकेले गश्त करता हूँ, और पेड़ काटने वाले बस मेरे निकल जाने का इंतज़ार करते हैं।

अगस्त। गाँव ने हमारे विभाग के साथ नई योजना के तहत एक वन सुरक्षा समिति बना ली है। युवक बारी-बारी से रात में वन में गश्त करते हैं। अब पूरे गाँव को पता चले बिना कोई पेड़ नहीं काट सकता।

दो साल बाद। पुराने ठूँठों से हरी कोंपलें फूट रही हैं। महिलाएँ गिरी पत्तियाँ और जंगली फल इकट्ठा करती हैं, क्योंकि योजना उन्हें लकड़ी के अलावा दूसरी वन उपज लेने देती है। समिति को यह भी बताया गया है कि पेड़ तैयार होने पर गाँव को उसके द्वारा बचाए गए वन की लकड़ी में से हिस्सा मिलेगा।

(a) स्रोत में बताए गए कार्यक्रम का नाम लिखिए। इसके लिए सबसे पहले किस राज्य ने प्रस्ताव पारित किया, और किस वर्ष? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

संयुक्त वन प्रबंधन; ओडिशा ने 1988 में पहला प्रस्ताव पारित किया।

अंक योजना:

  1. संयुक्त वन प्रबंधन; ओडिशा, 1988 (½ + ½)। — 1 अंक

(b) यह कार्यक्रम मुख्य रूप से किस प्रकार की भूमि पर काम करता है? (1 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

मुख्य रूप से वन विभाग द्वारा प्रबंधित निम्नीकृत वन भूमि पर।

अंक योजना:

  1. मुख्य रूप से वन विभाग द्वारा प्रबंधित निम्नीकृत वन भूमि पर। — 1 अंक

(c) स्रोत की सहायता से दो कारण समझाइए कि गाँव वालों के जुड़ने पर वन फिर से क्यों पनपने लगा। (2 अंक)

उत्तर।

आदर्श उत्तर:

  1. गाँव वालों को अब वन से लाभ मिलने लगा: अभी पत्तियाँ और फल, बाद में लकड़ी में हिस्सा। इसलिए इसकी रक्षा उनके अपने हित में थी।
  2. पूरा गाँव बारी-बारी से वन पर नज़र रखता था, जो अकेला रक्षक कभी नहीं कर सकता था, इसलिए अवैध कटाई रुक गई।

अंक योजना:

  1. गाँव वालों को वन से लाभ मिला (अभी लकड़ी के अलावा वन उपज, बाद में लकड़ी में हिस्सा), इसलिए उनके पास इसकी रक्षा का कारण था; उनकी लंबी आजीविका इसी पर टिकी थी। — 1 अंक
  2. वन के पास रहने वाला और बारी-बारी से गश्त करने वाला पूरा गाँव अकेले रक्षक से कहीं बेहतर निगरानी कर सकता था, इसलिए अवैध कटाई रुक गई। — 1 अंक