लवण क्या है?
हम बहुत-सी अभिक्रियाएँ देख चुके हैं जिनमें लवण (Salt) बनते हैं — विशेष रूप से उदासीनीकरण में। आइए अब लवणों का गहराई से अध्ययन करें।
परिभाषा: अम्ल और क्षारक की उदासीनीकरण अभिक्रिया से बना यौगिक — जिसमें अम्ल का धनायन (cation) क्षारक से, और ऋणायन (anion) अम्ल से आता है — लवण कहलाता है।
सामान्य रूप
उदाहरण:
यहाँ — ही लवण है।
- (धनायन) — क्षारक से
- (ऋणायन) — अम्ल से
लवण के कुछ सामान्य उदाहरण
| लवण | सूत्र | किस अम्ल से | किस क्षारक से |
|---|---|---|---|
| सोडियम क्लोराइड | |||
| पोटैशियम सल्फ़ेट | |||
| कैल्शियम क्लोराइड | |||
| अमोनियम क्लोराइड | |||
| सोडियम नाइट्रेट | |||
| कॉपर सल्फ़ेट |
लवण के सामान्य गुण
- ठोस अवस्था (अधिकांशतः, सामान्य ताप पर)।
- क्रिस्टलीय — एक नियमित संरचना।
- उच्च गलनांक — आयनिक यौगिक होने के कारण।
- विद्युत-संचालक — पिघली अवस्था या जलीय विलयन में।
- जल में घुलनशील (अधिकांश)।
दैनिक जीवन में लवण के उदाहरण
- साधारण नमक — — रसोई में
- धोने का सोडा —
- खाने का सोडा —
- पट्टी पाउडर (प्लास्टर ऑफ़ पेरिस) —
- विरंजक चूर्ण —
(इन सभी का विस्तृत अध्ययन अनुभाग 8 में।)
[बोर्ड महत्वपूर्ण] लवण की परिभाषा और 5 उदाहरण — 2-3 अंक का प्रश्न।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Neutral salt | उदासीन लवण |
| Acidic salt | अम्लीय लवण |
| Basic salt | क्षारीय लवण |
| Parent acid | जनक अम्ल |
| Parent base | जनक क्षार |
| Nature | प्रकृति |
लवणों का परिवार (Family of Salts)
जिन लवणों में एक ही अम्ल या क्षारक से कुछ-कुछ साझा हो — वे एक परिवार के सदस्य कहलाते हैं।
क्लोराइड परिवार (Chloride Family)
सभी लवण जिनमें ऋणायन है — सब से आते हैं।
सदस्य:
- — सोडियम क्लोराइड
- — पोटैशियम क्लोराइड
- — कैल्शियम क्लोराइड
- — मैग्नीशियम क्लोराइड
- — अमोनियम क्लोराइड
सल्फ़ेट परिवार (Sulphate Family)
सभी लवण जिनमें ऋणायन — सब से आते हैं।
सदस्य:
- — सोडियम सल्फ़ेट
- — पोटैशियम सल्फ़ेट
- — कैल्शियम सल्फ़ेट (जिप्सम)
- — कॉपर सल्फ़ेट
- — फ़ेरस सल्फ़ेट
सोडियम परिवार (Sodium Family)
सभी लवण जिनमें धनायन — सब से आते हैं।
सदस्य:
- — सोडियम क्लोराइड
- — सोडियम सल्फ़ेट
- — सोडियम नाइट्रेट
- — सोडियम कार्बोनेट
- — सोडियम बाइकार्बोनेट
पोटैशियम परिवार (Potassium Family)
सभी लवण जिनमें धनायन — सब से।
सदस्य:
- , , , ,
एक रोचक तालिका
एक धनायन-ऋणायन मैट्रिक्स से कई लवण बनते हैं:
[बोर्ड टिप] पाँच क्लोराइड परिवार के लवणों के नाम बताइए।
लवणों का pH
क्या सभी लवण तटस्थ होते हैं? नहीं!
लवण का pH उनके जनक अम्ल और क्षारक की प्रबलता पर निर्भर करता है।
चार प्रकार के लवण
1. प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक → तटस्थ लवण (pH = 7)
उदाहरण:
- अम्ल: (प्रबल)
- क्षारक: (प्रबल)
- pH: 7 (तटस्थ)
अधिक उदाहरण: ।
2. प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक → अम्लीय लवण (pH < 7)
उदाहरण:
- अम्ल: (प्रबल)
- क्षारक: (दुर्बल)
- pH: < 7 (अम्लीय, ~ 5)
अधिक उदाहरण: ।
3. दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक → क्षारकीय लवण (pH > 7)
उदाहरण: (सोडियम एसीटेट)
- अम्ल: (दुर्बल)
- क्षारक: (प्रबल)
- pH: > 7 (क्षारकीय, ~ 9)
अधिक उदाहरण: ।
4. दुर्बल अम्ल + दुर्बल क्षारक → मिश्र लवण
उदाहरण: (अमोनियम एसीटेट)
- दोनों जनक दुर्बल
- pH: निर्भर करता है — आम तौर पर 7 के निकट
क्यों होता है यह?
लवण का जलीय अपघटन (Hydrolysis): जब लवण जल में घुलते हैं, तो उनके आयन जल से क्रिया कर सकते हैं।
उदाहरण — :
यहाँ — कार्बोनेट आयन जल से खींच लेता है, जिससे विलयन में अधिक हो जाता है — विलयन क्षारकीय हो जाता है।
तालिका — लवण और उनके pH
| लवण | जनक अम्ल | जनक क्षारक | pH | प्रकृति |
|---|---|---|---|---|
| प्रबल () | प्रबल () | 7 | तटस्थ | |
| प्रबल | दुर्बल | < 7 | अम्लीय | |
| दुर्बल | प्रबल | > 7 | क्षारकीय | |
| दुर्बल () | प्रबल () | > 7 | क्षारकीय | |
| प्रबल | प्रबल | 7 | तटस्थ | |
| प्रबल | दुर्बल | < 7 | अम्लीय |
[बोर्ड महत्वपूर्ण] लवण के pH का वर्गीकरण — हर वर्ष पूछा जाता है।
साधारण नमक — सोडियम क्लोराइड ()
यह सबसे सामान्य और महत्वपूर्ण लवण है।
निर्माण
(प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक → तटस्थ लवण; pH = 7)
स्रोत
1. समुद्री जल: सबसे बड़ा स्रोत। समुद्री जल का वाष्पन — समुद्री नमक।
2. भू-गर्भ: पत्थर का नमक (Rock salt) — पुराने सूखे समुद्रों के क्रिस्टल। भारत में राजस्थान, हिमाचल में।
3. नमक की झीलें: सांभर झील (राजस्थान) — एक प्रसिद्ध स्रोत।
भौतिक गुण
- रंग: श्वेत (शुद्ध रूप में), थोड़ा भूरा (अशुद्धियों के साथ)।
- स्वाद: नमकीन।
- क्रिस्टलीय।
- गलनांक: 801°C।
- जल में अति-घुलनशील।
दैनिक जीवन में उपयोग
1. खाद्य पदार्थ: स्वाद बढ़ाने में, खाने में।
2. खाद्य संरक्षण: अचार, मछली, मांस — नमक से जीवाणु नियंत्रण।
3. रासायनिक उद्योग का कच्चा माल:
- बनाने में (क्लोर-क्षार प्रक्रिया)।
- (धोने का सोडा) में।
- (बेकिंग सोडा) में।
- गैस बनाने में।
4. साबुन उद्योग में।
5. बर्फ़ हटाने में: सर्दियों में सड़क पर डालकर बर्फ़ पिघलाते हैं (हिमांक कम हो जाता है)।
6. शरीर में: हमारे शरीर में का संतुलन ज़रूरी है (इलेक्ट्रोलाइट)।
भारत में नमक उत्पादन
- गुजरात — सबसे बड़ा उत्पादक (देश का ~ 75%)।
- तमिलनाडु, राजस्थान, ओडिशा, आंध्र प्रदेश — अन्य उत्पादक राज्य।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में 'नमक सत्याग्रह' (1930) — नमक का ऐतिहासिक महत्व।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] सोडियम क्लोराइड का निर्माण, स्रोत, और उपयोग।
क्या लवण के क्रिस्टल वास्तव में सूखे हैं?
यह एक रोचक प्रश्न है जो NCERT में पूछा गया है।
क्रिस्टलीय लवणों में जल
कई लवणों के क्रिस्टलों में रासायनिक रूप से बँधा जल होता है — इसे क्रिस्टल जल (Water of Crystallisation) कहते हैं।
क्रियाकलाप — कॉपर सल्फ़ेट का गर्म करना
एक परखनली में थोड़े से नीले क्रिस्टल लें। गर्म करें।
प्रेक्षण:
- नीले क्रिस्टल सफ़ेद हो जाते हैं।
- परखनली की दीवार पर जल की बूँदें दिखाई देती हैं।
अभिक्रिया:
(नीला) (श्वेत)
ठंडा करने पर श्वेत पाउडर में जल मिलाने पर — फिर से नीला हो जाता है। यह जल की उपस्थिति का प्रसिद्ध परीक्षण है।
कुछ प्रसिद्ध जलीय (हाइड्रेटेड) लवण
| लवण | सूत्र | जल अणु | रंग |
|---|---|---|---|
| कॉपर सल्फ़ेट | 5 | नीला | |
| सोडियम कार्बोनेट | 10 | श्वेत | |
| जिप्सम | 2 | श्वेत | |
| फ़ेरस सल्फ़ेट | 7 | हरा | |
| एल्यूम (फिटकरी) | 24 | श्वेत |
क्रिस्टल जल का महत्व
- रंग: अधिकांश हाइड्रेटेड लवणों का रंग जल के कारण होता है। निर्जलीकरण से रंग बदल जाता है।
- क्रिस्टल संरचना: जल अणु क्रिस्टल की ज्यामिति में महत्वपूर्ण भूमिका।
- औद्योगिक उपयोग: जिप्सम से प्लास्टर ऑफ़ पेरिस (अनुभाग 8)।
- जल का परीक्षण: अनहाइड्रस (श्वेत) से गीले पदार्थ की पहचान।
एक रोचक नाम-धारणा
जल अणुओं की संख्या भिन्नात्मक भी हो सकती है:
- प्लास्टर ऑफ़ पेरिस: — आधा जल अणु!
- (कैसे आधा जल अणु?) — दो आणविक एकाइयों (formula units) में एक जल अणु। आधा प्रति-इकाई।
[बोर्ड में बार-बार] क्रिस्टल जल क्या है? तीन उदाहरण।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए।
1. लवण की परिभाषा
अम्ल और क्षारक की उदासीनीकरण से बना यौगिक।
2. लवणों के परिवार
- क्लोराइड परिवार: सब से ()
- सल्फ़ेट परिवार: सब से ()
- सोडियम परिवार: सब से ()
- पोटैशियम परिवार: सब से ()
3. लवण के pH के चार प्रकार
| जनक | लवण की प्रकृति | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक | तटस्थ (pH = 7) | |
| प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक | अम्लीय (pH < 7) | |
| दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक | क्षारकीय (pH > 7) | |
| दुर्बल + दुर्बल | मिश्र |
4. साधारण नमक () — अनिवार्य तथ्य
- निर्माण:
- स्रोत: समुद्री जल, पत्थर का नमक, झीलें।
- उपयोग: भोजन, संरक्षण, रासायनिक उद्योग का कच्चा माल।
- उद्योग: बनाना।
5. क्रिस्टल जल (Water of Crystallisation)
लवण के क्रिस्टल में रासायनिक रूप से बँधा जल।
अनिवार्य उदाहरण:
- (नीला विट्रिऑल)
- (धोने का सोडा)
- (जिप्सम)
- (प्लास्टर ऑफ़ पेरिस)
- (हरा विट्रिऑल)
6. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न
- लवण क्या है? पाँच उदाहरण।
- क्लोराइड/सल्फ़ेट/सोडियम परिवार के तीन-तीन सदस्य।
- लवण के pH के चार प्रकार और उदाहरण।
- क्रिस्टल जल क्या है?
- कॉपर सल्फ़ेट को गर्म करने पर रंग क्यों बदलता है?
- का निर्माण, स्रोत, और उपयोग।
अंतिम सूत्र: अम्ल + क्षारक = लवण + जल। लवण का pH जनकों की प्रबलता पर निर्भर है।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: लवण की परिभाषा
लवण क्या है? पाँच उदाहरण और उनके जनक अम्ल/क्षारक बताइए।
हल:
परिभाषा: अम्ल और क्षारक की उदासीनीकरण अभिक्रिया से बना आयनिक यौगिक — जिसमें अम्ल का धनायन क्षारक से, और ऋणायन अम्ल से आता है।
पाँच उदाहरण:
| क्रम | लवण | सूत्र | जनक अम्ल | जनक क्षारक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सोडियम क्लोराइड | |||
| 2 | पोटैशियम सल्फ़ेट | |||
| 3 | कैल्शियम क्लोराइड | |||
| 4 | सोडियम नाइट्रेट | |||
| 5 | अमोनियम क्लोराइड |
मुख्य गुण:
- ठोस, क्रिस्टलीय।
- आयनिक यौगिक।
- जल में घुलनशील।
- विद्युत-संचालक (जल में या पिघले रूप में)।
[बोर्ड में 3-अंक प्रश्न]
उदाहरण 2: लवणों के परिवार
क्लोराइड परिवार के पाँच सदस्य लिखिए। सोडियम परिवार के पाँच सदस्य लिखिए।
हल:
क्लोराइड परिवार (सभी में ऋणायन — सब से):
- सोडियम क्लोराइड —
- पोटैशियम क्लोराइड —
- कैल्शियम क्लोराइड —
- मैग्नीशियम क्लोराइड —
- अमोनियम क्लोराइड —
सोडियम परिवार (सभी में धनायन — सब से):
- सोडियम क्लोराइड —
- सोडियम सल्फ़ेट —
- सोडियम नाइट्रेट —
- सोडियम कार्बोनेट —
- सोडियम बाइकार्बोनेट —
विशेष टिप्पणी: सोडियम क्लोराइड () — दोनों परिवारों का सदस्य है (सोडियम भी, क्लोराइड भी)।
[बोर्ड में 2-3 अंक]
उदाहरण 3: NCERT — सोडियम क्लोराइड का निर्माण
सोडियम क्लोराइड कैसे बनता है? इसके स्रोत और तीन उपयोग बताइए।
हल:
निर्माण:
यह उदासीनीकरण अभिक्रिया है — प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक।
लवण की प्रकृति: तटस्थ (pH = 7)।
स्रोत:
- समुद्री जल — सबसे बड़ा स्रोत।
- समुद्री जल को विशाल खुले बेसिनों में सूर्य-प्रकाश में रखकर वाष्पन कराते हैं।
- बचा हुआ नमक एकत्र किया जाता है।
- पत्थर का नमक (Rock Salt) — भू-गर्भ में पाया जाता है।
- लाखों वर्ष पहले के सूखे समुद्रों के अवशेष।
- खनन से निकाला जाता है।
- भारत में: हिमाचल प्रदेश का मण्डी जिला।
- नमक की झीलें — जैसे सांभर झील (राजस्थान)।
तीन उपयोग:
- खाद्य उद्योग: भोजन में नमकीन स्वाद, खाद्य संरक्षण।
- रासायनिक उद्योग का कच्चा माल: , , , बनाने में।
- दैनिक उपयोग: साबुन उद्योग, सर्दियों में बर्फ़ हटाने में।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 4: NCERT — लवणों का pH
निम्न लवणों के pH (अम्लीय/क्षारकीय/तटस्थ) बताइए —
हल:
सिद्धांत: लवण का pH उनके जनक अम्ल और क्षारक की प्रबलता पर निर्भर करता है।
| लवण | जनक अम्ल | जनक क्षारक | pH | प्रकृति |
|---|---|---|---|---|
| (प्रबल) | (प्रबल) | 7 | तटस्थ | |
| (प्रबल) | (दुर्बल) | < 7 | अम्लीय | |
| (दुर्बल) | (प्रबल) | > 7 | क्षारकीय | |
| (प्रबल) | (प्रबल) | 7 | तटस्थ | |
| (दुर्बल) | (प्रबल) | > 7 | क्षारकीय | |
| (प्रबल) | (प्रबल) | 7 | तटस्थ |
सरल नियम (याद रखें):
- दोनों प्रबल → तटस्थ
- एक प्रबल, एक दुर्बल → कमज़ोर वाले की प्रकृति
- प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक = अम्लीय
- दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक = क्षारकीय
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न — बार-बार]
उदाहरण 5: NCERT — कॉपर सल्फ़ेट का प्रयोग
नीले कॉपर सल्फ़ेट के क्रिस्टल को गर्म करने पर क्या प्रेक्षण होते हैं? अभिक्रिया लिखिए। इसका क्या व्याख्या है?
हल:
प्रेक्षण:
- नीले रंग के क्रिस्टल का रंग सफ़ेद हो जाता है।
- परखनली की दीवार पर जल की बूँदें दिखाई देती हैं।
- ठंडा होने और जल मिलाने पर — वापस नीला हो जाता है।
अभिक्रिया:
(नीला) (श्वेत — अनहाइड्रस)
व्याख्या:
नीला रंग — जल अणुओं के कारण:
- कॉपर सल्फ़ेट के क्रिस्टल में 5 अणु जल रासायनिक रूप से बँधे हैं — इसी को क्रिस्टल जल कहते हैं।
- यही जल कॉपर के लिए विशेष नीला रंग देता है।
गर्म करने पर:
- ऊष्मा से जल अणु निकल जाते हैं (वाष्पीकरण)।
- अनहाइड्रस — सफ़ेद।
ठंडा करने और जल मिलाने पर:
- अनहाइड्रस + जल → हाइड्रेटेड
- रंग वापस नीला।
व्यावहारिक उपयोग:
- जल की उपस्थिति की पहचान: अनहाइड्रस (श्वेत) सफ़ेद है, परंतु यदि जल की एक बूँद भी मिले, तो यह नीला हो जाता है। अति-संवेदनशील जल-परीक्षण।
यह लवण के क्रिस्टल जल का प्रसिद्ध उदाहरण है।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न — महत्वपूर्ण]
उदाहरण 6: क्रिस्टल जल — पाँच उदाहरण
क्रिस्टल जल (Water of Crystallisation) क्या है? पाँच उदाहरण लिखें।
हल:
परिभाषा: लवण के क्रिस्टल में रासायनिक रूप से बँधी हुई जल अणुओं की निश्चित संख्या को क्रिस्टल जल कहते हैं।
यह जल केवल लवण के क्रिस्टल के अंदर 'फँसा' नहीं है — यह क्रिस्टल की संरचना का अनिवार्य भाग है।
पाँच उदाहरण:
| क्रम | लवण | सूत्र | जल अणु | रंग |
|---|---|---|---|---|
| 1 | कॉपर सल्फ़ेट (नीला विट्रिऑल) | 5 | नीला | |
| 2 | धोने का सोडा | 10 | श्वेत | |
| 3 | जिप्सम | 2 | श्वेत | |
| 4 | फ़ेरस सल्फ़ेट (हरा विट्रिऑल) | 7 | हरा | |
| 5 | प्लास्टर ऑफ़ पेरिस | 1/2 | श्वेत |
विशेष टिप्पणी — प्लास्टर ऑफ़ पेरिस:
- '' का अर्थ — दो इकाइयों में एक जल अणु।
- भी लिखा जा सकता है।
- गर्म करने से जिप्सम से बनाया जाता है:
(अनुभाग 8 में विस्तृत)
[बोर्ड में 3-5 अंक]
उदाहरण 7: का pH क्षारकीय क्यों?
सोडियम कार्बोनेट का जलीय विलयन क्षारकीय क्यों होता है? यह कैसे सिद्ध करेंगे?
हल:
विश्लेषण:
के जनक:
- जनक अम्ल: कार्बोनिक अम्ल () — दुर्बल अम्ल (अति आंशिक आयनीकरण)।
- जनक क्षारक: सोडियम हाइड्रॉक्साइड () — प्रबल क्षारक।
नियम: दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक → क्षारकीय लवण
इसलिए का जलीय विलयन क्षारकीय होता है।
जल में जलीय अपघटन (Hydrolysis):
जब जल में घुलता है:
फिर जल से खींचता है:
(दुर्बल अम्ल का आयन — जल से खींचकर अधिक छोड़ता है)
परिणाम: विलयन में की अधिकता → क्षारकीय।
सिद्ध कैसे करें?
सूचक से:
- का जलीय विलयन लें।
- लाल लिटमस पत्र डालें — नीला हो जाता है ✓ (क्षारक का प्रमाण)।
- फ़ीनॉल्फ़थेलीन डालें — गुलाबी हो जाता है ✓।
- pH मीटर से — pH ~ 11 आता है।
व्यावहारिक उपयोग:
- क्षारकीय होने के कारण कपड़े धोने में अच्छा है (मैल हटाता है)।
- 'धोने का सोडा' इसी कारण।
[बोर्ड में 5-अंक प्रश्न]
उदाहरण 8: का pH अम्लीय क्यों?
अमोनियम क्लोराइड का जलीय विलयन अम्लीय क्यों होता है?
हल:
विश्लेषण:
के जनक:
- जनक अम्ल: — प्रबल अम्ल।
- जनक क्षारक: — दुर्बल क्षारक।
नियम: प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक → अम्लीय लवण
इसलिए का विलयन अम्लीय है।
जल में जलीय अपघटन:
फिर जल से क्रिया करता है:
(दुर्बल क्षारक का धनायन — जल को देकर अम्लीय बनाता है)
परिणाम: विलयन में की अधिकता → अम्लीय।
सिद्ध करें:
- नीला लिटमस → लाल हो जाता है।
- pH < 7 (लगभग 5)।
व्यावहारिक उपयोग:
- का उपयोग शुष्क सेल बैटरी (dry cell) में होता है।
- विद्युत प्रवाह के लिए अम्लीय माध्यम ज़रूरी।
[बोर्ड में 3-अंक प्रश्न]
उदाहरण 9: समूह में सही उत्तर
निम्न लवणों में से कौन-सा (a) तटस्थ है, (b) अम्लीय है, (c) क्षारकीय है? —
हल:
विश्लेषण प्रत्येक के लिए:
: (प्रबल) + (प्रबल) → तटस्थ ✓
: (प्रबल) + (दुर्बल) → अम्लीय ✗
(पोटैशियम एसीटेट): (दुर्बल) + (प्रबल) → क्षारकीय ✓
: (प्रबल) + (प्रबल) → तटस्थ ✓
: (दुर्बल) + (प्रबल) → क्षारकीय ✓
अंतिम वर्गीकरण:
| प्रकृति | लवण |
|---|---|
| तटस्थ (pH = 7) | , |
| अम्लीय (pH < 7) | |
| क्षारकीय (pH > 7) | , |
सीख: जनक अम्ल और क्षारक की प्रबलता देखकर ही pH निर्धारित होता है।
[बोर्ड में 5-अंक — मिश्र प्रश्न]
उदाहरण 10: NCERT — सांभर झील
भारत में नमक उत्पादन के मुख्य स्रोत क्या हैं? सांभर झील का क्या महत्व है?
हल:
भारत में नमक उत्पादन के मुख्य स्रोत:
1. समुद्री जल (सबसे बड़ा):
- गुजरात — देश का ~ 75% उत्पादन।
- तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश — अन्य तटीय राज्य।
- विधि: समुद्री जल को विशाल बेसिनों में रखकर सूर्य-वाष्पन।
2. नमक की झीलें:
- सांभर झील (राजस्थान) — सबसे प्रसिद्ध।
- डीडवाना झील (राजस्थान)।
3. पत्थर का नमक:
- हिमाचल प्रदेश का मण्डी जिला।
- पाकिस्तान की खेवड़ा खदान (विश्व-प्रसिद्ध)।
सांभर झील का महत्व:
1. भौगोलिक:
- राजस्थान का जयपुर के पास।
- भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारी झील।
- क्षेत्रफल: ~ 230 वर्ग किमी।
2. नमक उत्पादन:
- देश का दूसरा बड़ा अंतर्देशीय नमक उत्पादक।
- विधि:
- बारिश में झील भरती है।
- सूर्य की गर्मी से जल वाष्पित।
- नमक के क्रिस्टल बनते हैं।
- इन्हें एकत्र करके शुद्ध किया जाता है।
3. पारिस्थितिक:
- फ्लैमिंगो (राजहंस) पक्षी इसी जगह आते हैं।
- 'रामसर साइट' — अंतरराष्ट्रीय जलप्रदेश संरक्षित।
4. ऐतिहासिक:
- 7वीं सदी से नमक उत्पादन।
- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण।
[बोर्ड + भारत-केंद्रित प्रश्न]
उदाहरण 11: के क्रिस्टल जल का प्रयोग
एक छात्र ने एक श्वेत पदार्थ का परीक्षण करना है — क्या उसमें जल है? कॉपर सल्फ़ेट से कैसे जाँच करें?
हल:
विधि: अनहाइड्रस कॉपर सल्फ़ेट परीक्षण।
चरण-दर-चरण:
चरण 1 — अनहाइड्रस बनाना:
- नीले को गर्म करें।
- रंग सफ़ेद हो जाएगा (पाँच जल अणु निकल गए)।
चरण 2 — परीक्षण:
- थोड़े श्वेत पर परीक्षण-पदार्थ की कुछ बूँदें डालें।
- यदि उसमें जल है:
- श्वेत → नीला हो जाएगा।
- + →
- यदि जल नहीं है: कोई परिवर्तन नहीं।
व्यावहारिक उदाहरण:
- शुष्क ऐल्कोहॉल बनाने में — पुराना तरीका।
- खाद्य पदार्थों में नमी की जाँच।
- रासायनिक प्रयोगशाला में सूखा परीक्षण।
यह क्यों काम करता है?
- अनहाइड्रस में पानी पाने की उच्च प्रवृत्ति है।
- एक बूँद जल भी सोख लेता है।
- रंग का तुरंत बदलना — संकेत।
यह परीक्षण कितना संवेदनशील है?
- बहुत — कुछ ही माइक्रोलीटर जल को पहचान लेता है।
- कक्षा 10 स्तर पर सबसे आम जल-परीक्षण।
[बोर्ड में दैनिक जीवन-संदर्भित प्रश्न]
उदाहरण 12: एक रोचक वर्गीकरण प्रश्न
निम्न लवणों के लिए जनक अम्ल और क्षारक बताइए: (a) (b) (c) (d) (e)
हल:
विधि: लवण को धनायन और ऋणायन में अलग करें — फिर जनक अम्ल/क्षारक पहचानें।
(a) (मैग्नीशियम नाइट्रेट):
- धनायन: → क्षारक
- ऋणायन: → अम्ल
- अभिक्रिया:
(b) (पोटैशियम फ़ॉस्फ़ेट):
- धनायन: → क्षारक
- ऋणायन: → अम्ल
- अभिक्रिया:
(c) (अमोनियम सल्फ़ेट):
- धनायन: → क्षारक
- ऋणायन: → अम्ल
- अभिक्रिया:
(d) (फ़ेरिक क्लोराइड):
- धनायन: → क्षारक
- ऋणायन: → अम्ल
- अभिक्रिया:
(e) (सोडियम सल्फ़ाइट):
- धनायन: → क्षारक
- ऋणायन: → अम्ल
- अभिक्रिया:
मुख्य सीख:
- लवण = धनायन (क्षारक से) + ऋणायन (अम्ल से)
- अधिकांश लवण इसी सिद्धांत से पहचाने जा सकते हैं।
[बोर्ड में 5-अंक प्रश्न]
उदाहरण 13: NaCl के औद्योगिक उपयोग
साधारण नमक () से कौन-कौन से रासायनिक उत्पाद बनाए जाते हैं? (अनुभाग 8 की झलक)
हल:
— रासायनिक उद्योग का कच्चा माल।
1. सोडियम हाइड्रॉक्साइड ( — कास्टिक सोडा):
विधि: क्लोर-क्षार प्रक्रिया (Chlor-Alkali Process) — के विलयन का विद्युत-अपघटन।
उत्पाद: , , — सब उपयोगी।
2. सोडियम कार्बोनेट ( — धोने का सोडा):
विधि: सॉल्वे प्रक्रिया (Solvay Process) — + + + → → गर्म करने पर ।
3. सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट ( — बेकिंग सोडा):
सॉल्वे प्रक्रिया का मध्यवर्ती उत्पाद।
4. क्लोरीन गैस ():
क्लोर-क्षार प्रक्रिया से। उपयोग — जल शुद्धीकरण, ब्लीचिंग, PVC।
5. विरंजक चूर्ण ():
बुझे चूने पर की क्रिया से।
6. हाइड्रोजन क्लोराइड ():
-आधारित अरबों डॉलर का उद्योग:
साधारण नमक का वार्षिक वैश्विक उत्पादन ~ 270 मिलियन टन — जिसमें से ~ 60% रासायनिक उद्योग में जाता है।
[बोर्ड + अनुभाग 8 का परिचय]
उदाहरण 14: संख्यात्मक — लवण का आणविक भार
क्रिस्टल जल वाले लवण का आणविक भार ज्ञात कीजिए। इसमें जल का भार-प्रतिशत क्या है? (Cu=64, S=32, O=16, H=1)
हल:
आणविक भार की गणना:
का भार:
- कुल:
का भार:
का कुल भार:
जल का भार-प्रतिशत:
अतः में 36% जल है — यानी 100 g नीले विट्रिऑल में 36 g जल और 64 g अनहाइड्रस ।
व्यावहारिक उपयोग:
- यदि किसी लवण की शुद्धता मापनी हो — जल-प्रतिशत से जाँच।
- गर्म करने पर वज़न में कमी की जाँच।
[बोर्ड में 3-अंक प्रश्न]
उदाहरण 15: NCERT — एक मिश्र प्रश्न
निम्न लवणों को जनक अम्ल/क्षारक के अनुसार वर्गीकृत करें और उनकी प्रकृति बताएँ: (a) (b) (c) (d) (e) (f)
हल:
| लवण | जनक अम्ल | जनक क्षारक | वर्गीकरण | pH |
|---|---|---|---|---|
| (a) | (दुर्बल) | (प्रबल) | द+प्र | क्षारकीय (~ 11) |
| (b) | (प्रबल) | (दुर्बल) | प्र+द | अम्लीय |
| (c) | (प्रबल) | (प्रबल) | प्र+प्र | तटस्थ (7) |
| (d) | (प्रबल) | (दुर्बल) | प्र+द | अम्लीय |
| (e) | (प्रबल) | (मध्यम) | प्र+म | लगभग तटस्थ |
| (f) | (प्रबल) | (दुर्बल) | प्र+द | अम्लीय |
तीन प्रकारों में अंतिम वर्गीकरण:
तटस्थ: ,
अम्लीय: , ,
क्षारकीय:
सीख: लवण के pH का अनुमान — 'जनक' की प्रबलता पर निर्भर।
[NCERT महत्वपूर्ण — 5-अंक प्रश्न]
उदाहरण 16: एक समापन प्रश्न
(a) लवण क्या है? परिभाषा। (b) सोडियम क्लोराइड का निर्माण और दो उपयोग। (c) क्रिस्टल जल क्या है? तीन उदाहरण। (d) का pH 7 से अधिक क्यों?
हल:
(a) लवण की परिभाषा:
अम्ल और क्षारक की उदासीनीकरण से बना आयनिक यौगिक — जिसमें धनायन क्षारक से और ऋणायन अम्ल से आता है।
(b) सोडियम क्लोराइड:
निर्माण:
दो उपयोग:
- खाद्य पदार्थ में — स्वाद, संरक्षण।
- रासायनिक उद्योग में — बनाने के लिए कच्चा माल।
(c) क्रिस्टल जल:
लवण के क्रिस्टल में रासायनिक रूप से बँधी जल अणुओं की निश्चित संख्या।
तीन उदाहरण:
- (नीला)
- (धोने का सोडा)
- (जिप्सम)
(d) का pH > 7:
कारण:
- जनक अम्ल = (कार्बोनिक अम्ल) — दुर्बल
- जनक क्षारक = — प्रबल
- नियम: दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक → क्षारकीय लवण
जल में:
(कार्बोनेट आयन जल से खींचकर अधिक छोड़ता है — विलयन क्षारकीय।)
[बोर्ड में 5-अंक का प्रश्न]