अम्लों की धातुओं से अभिक्रिया
पिछले अनुभाग में हमने सूचकों से अम्ल और क्षारक की पहचान सीखी। अब उनके रासायनिक गुणों का अध्ययन करते हैं।
क्रियाकलाप 2.3 — ज़िंक और तनु
एक परखनली में थोड़ा तनु लें और उसमें ज़िंक के दानेदार टुकड़े डालें।
प्रेक्षण:
- ज़िंक के दानों के चारों ओर बुलबुले उठते हैं।
- परखनली गर्म हो जाती है (ऊष्माक्षेपी)।
- ज़िंक धीरे-धीरे घुलता जाता है।
अभिक्रिया:
हाइड्रोजन गैस की पहचान
निकली गैस को साबुन के घोल से प्रवाहित करें — साबुन के बुलबुले बनेंगे (जो हाइड्रोजन से भरे होंगे)। एक जलती मोमबत्ती पास लाएँ — गैस 'पॉप' की ध्वनि के साथ जलेगी।
अन्य अम्लों के साथ
यही प्रयोग , , और (एसिटिक अम्ल) के साथ भी करें — सभी समान प्रेक्षण देंगे।
(i) ज़िंक + :
(ii) मैग्नीशियम + :
(iii) लोहा + :
सामान्य नियम
अम्ल + सक्रिय धातु → लवण + हाइड्रोजन गैस
याद रखें — यह विस्थापन अभिक्रिया है (अध्याय 1 से)। धातु, अम्ल के को विस्थापित करती है।
कौन-सी धातुएँ अम्ल से क्रिया करेंगी?
क्रियाशीलता श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएँ () अम्ल से निकाल सकती हैं। हाइड्रोजन से नीचे की धातुएँ () तनु अम्ल से क्रिया नहीं करतीं।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह क्रियाकलाप का प्रश्न लगभग हर वर्ष पूछा जाता है।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Zinc granules | ज़िंक के दाने |
| Dilute sulphuric acid | तनु सल्फ्यूरिक अम्ल |
| Hydrogen gas | हाइड्रोजन गैस |
| Soap bubbles | साबुन के बुलबुले |
| Burning candle (pop sound) | जलती मोमबत्ती (पॉप ध्वनि) |
क्षारकों की धातुओं से अभिक्रिया
क्या सभी धातुएँ क्षारकों से भी क्रिया करती हैं? नहीं — केवल कुछ ही करती हैं।
क्रियाकलाप 2.4 — ज़िंक और सोडियम हाइड्रॉक्साइड
एक परखनली में 2 mL का घोल लें। उसमें ज़िंक के टुकड़े डालकर गर्म करें।
प्रेक्षण:
- हाइड्रोजन गैस के बुलबुले निकलते हैं।
- ज़िंक धीरे-धीरे घुल जाता है।
- एक नया लवण बनता है — सोडियम ज़िंकेट ()।
अभिक्रिया:
(सोडियम ज़िंकेट)
विशेष टिप्पणी — कौन-सी धातुएँ?
सिर्फ़ कुछ ही धातुएँ क्षारकों से क्रिया करती हैं:
- ज़िंक (Zn)
- एल्यूमिनियम (Al)
- कुछ अन्य 'उभयधर्मी' धातुएँ
ये धातुएँ 'amphoteric' (उभयधर्मी) कहलाती हैं — क्योंकि अम्ल और क्षारक दोनों से क्रिया करती हैं।
एल्यूमिनियम का उदाहरण:
(सोडियम एल्यूमिनेट)
सामान्य नियम
क्षारक + उभयधर्मी धातु → लवण + हाइड्रोजन गैस
अम्ल बनाम क्षारक — धातु से क्रिया
| आधार | अम्ल + धातु | क्षारक + धातु |
|---|---|---|
| कौन-सी धातुएँ? | सक्रिय (H से ऊपर) | केवल Zn, Al, और कुछ |
| उत्पाद | धातु लवण + | धातु ज़िंकेट/एल्यूमिनेट + |
| उदाहरण |
[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह तुलना अक्सर 3-अंक के प्रश्न में पूछी जाती है।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Sodium carbonate + dilute acid | सोडियम कार्बोनेट + तनु अम्ल |
| Carbon dioxide gas | कार्बन डाइऑक्साइड गैस |
| Lime water turns milky | चूने का पानी दूधिया हो जाता है |
अम्लों की धातु कार्बोनेटों से अभिक्रिया
क्रियाकलाप 2.5 — चूना पत्थर और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
एक परखनली में थोड़ा सोडियम कार्बोनेट () लें। उसमें तनु डालें।
प्रेक्षण:
- तेज़ बुलबुले उठते हैं — एक रंगहीन, गंधहीन गैस।
- यह गैस चूने के जल को दूधिया कर देती है (परीक्षण कीजिए)।
अभिक्रिया:
सामान्य नियम
अम्ल + धातु कार्बोनेट → लवण + जल +
अन्य उदाहरण
(i) कैल्शियम कार्बोनेट + :
यह वही अभिक्रिया है जो प्रयोगशाला में गैस बनाने के लिए उपयोग होती है।
(ii) मैग्नीशियम कार्बोनेट + :
की पहचान — चूने का जल परीक्षण
(चूने का जल दूधिया हो जाता है)
यदि अधिक डाली जाए, तो का अवक्षेप घुलने लगता है (बाइकार्बोनेट बनता है):
(कैल्शियम बाइकार्बोनेट — विलेय)
अम्लों की धातु हाइड्रोजन कार्बोनेटों से अभिक्रिया
सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट +
(पानी का सूत्र देखें — यह कार्बोनेट के समान ही है।)
सामान्य नियम
अम्ल + धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट → लवण + जल +
एक प्रसिद्ध उदाहरण
अग्नि-शामक यंत्र (Fire Extinguisher) में:
और तनु मिलाकर —
निकली आग बुझाने में सहायक।
चींटी का डंक — एक उदाहरण
जब चींटी काटती है, तो वह फॉर्मिक अम्ल () इंजेक्ट करती है। दर्द से बचने के लिए हम बेकिंग सोडा () लगाते हैं —
(अम्ल उदासीन हो जाता है, जलन कम होती है)
एक पंक्ति में याद रखें
"अम्ल + कार्बोनेट = लवण + जल + "
"अम्ल + बाइकार्बोनेट = लवण + जल + "
दोनों के परिणाम समान हैं — बस अनुपात अलग।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह अभिक्रिया प्रतिवर्ष पूछी जाती है।
अम्ल-धातु अभिक्रिया की तीव्रता
सभी अम्ल समान तीव्रता से धातुओं से क्रिया नहीं करते। यह उनकी 'प्रबलता' पर निर्भर करता है।
प्रबल बनाम दुर्बल अम्ल
| गुण | प्रबल अम्ल | दुर्बल अम्ल |
|---|---|---|
| जल में आयनीकरण | पूर्ण (~ 100%) | आंशिक (< 5%) |
| उदाहरण | (एसिटिक) | |
| सान्द्रता | अधिक | कम |
| धातु से क्रिया | तेज़ी से | धीरे-धीरे |
| pH | 1-3 | 4-6 |
प्रयोगात्मक तुलना
तनु (प्रबल अम्ल) में Zn डालें — तेज़ बुलबुले।
तनु (दुर्बल अम्ल) में Zn डालें — धीमे बुलबुले।
दोनों ही अंत में या + बनाएँगे।
सामान्य अभिक्रियाओं का संक्षेप
इस अनुभाग के सभी मुख्य सूत्र —
| अभिक्रिया प्रकार | सामान्य रूप | उदाहरण |
|---|---|---|
| अम्ल + सक्रिय धातु | अम्ल + Zn → लवण + | |
| क्षारक + उभयधर्मी धातु | क्षारक + Zn → लवण + | |
| अम्ल + कार्बोनेट | अम्ल + → लवण + जल + | |
| अम्ल + बाइकार्बोनेट | अम्ल + → लवण + जल + |
अनुप्रयोग — दैनिक जीवन में
- एसिडिटी का उपचार: बेकिंग सोडा + पेट का ।
- चींटी के डंक का उपचार: बेकिंग सोडा + फॉर्मिक अम्ल।
- अग्नि-शामक यंत्र: + अम्ल → → आग बुझाना।
- चूने का जल परीक्षण: की पहचान।
- खाद्य उद्योग: बेकिंग पाउडर का काम।
🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)
बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए — सभी प्रमुख अभिक्रियाएँ।
1. अम्ल + धातु → लवण +
प्रबल अम्ल और सक्रिय धातु (H से ऊपर)
अनिवार्य उदाहरण:
2. क्षारक + उभयधर्मी धातु → लवण +
केवल Zn, Al आदि
अनिवार्य उदाहरण:
- (सोडियम ज़िंकेट)
3. अम्ल + कार्बोनेट → लवण + +
अनिवार्य उदाहरण:
- (प्रयोगशाला में बनाने के लिए)
4. अम्ल + बाइकार्बोनेट → लवण + +
अनिवार्य उदाहरण:
5. हाइड्रोजन का परीक्षण
'पॉप' की ध्वनि के साथ जलती है।
6. का परीक्षण
चूने का जल दूधिया हो जाता है:
7. प्रबल vs दुर्बल अम्ल
| प्रबल | दुर्बल |
|---|---|
| pH 1-3 | pH 4-6 |
| धातु से तेज़ क्रिया | धीमी क्रिया |
8. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न
- Zn + तनु की क्या प्रेक्षण? अभिक्रिया लिखें।
- अम्ल + कार्बोनेट की अभिक्रिया का सामान्य नियम बताएँ।
- क्या क्षारक हमेशा धातु से निकालते हैं? कारण।
- चूने का जल किस गैस से दूधिया होता है? अभिक्रिया लिखें।
- चींटी के डंक पर क्या लगाएँ और क्यों?
अंतिम सूत्र: अम्ल + सक्रिय धातु = लवण + ; अम्ल + कार्बोनेट = लवण + जल + ।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: NCERT — Zn + का प्रयोग
एक परखनली में दानेदार ज़िंक के टुकड़े लेकर तनु डाली गई। (a) क्या प्रेक्षण होंगे? (b) अभिक्रिया लिखें। (c) निकली गैस की पहचान कैसे करेंगे?
हल:
(a) प्रेक्षण:
- ज़िंक के दानों के चारों ओर बुलबुले उठते हैं।
- परखनली गर्म हो जाती है।
- ज़िंक धीरे-धीरे घुलता है।
(b) अभिक्रिया:
(c) हाइड्रोजन की पहचान:
- गैस को साबुन के घोल से प्रवाहित करें — साबुन के बुलबुले बनेंगे।
- एक जलती मोमबत्ती पास लाएँ — गैस 'पॉप' की ध्वनि के साथ जलेगी।
- यह का प्रसिद्ध परीक्षण है।
[NCERT पाठ्यपुस्तक — बार-बार पूछा गया]
उदाहरण 2: अम्ल-धातु क्रिया का सामान्य नियम
अम्ल और धातु की क्रिया का सामान्य नियम क्या है? तीन उदाहरण दीजिए।
हल:
सामान्य नियम: सक्रिय धातु अम्ल से क्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस देती है।
तीन उदाहरण:
(i)
(ii)
(iii)
अपवाद: (हाइड्रोजन से नीचे) तनु अम्ल से क्रिया नहीं करते।
[बोर्ड में 3-अंक]
उदाहरण 3: ज़िंक +
जब ज़िंक धातु को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म किया जाता है, तो क्या होता है?
हल:
अभिक्रिया:
(सोडियम ज़िंकेट)
प्रेक्षण:
- ज़िंक धीरे-धीरे घुल जाता है।
- हाइड्रोजन गैस के बुलबुले निकलते हैं।
- एक रंगहीन विलयन (सोडियम ज़िंकेट) बनता है।
विशेष टिप्पणी:
- यह दर्शाता है कि ज़िंक एक उभयधर्मी (amphoteric) धातु है।
- यह अम्ल और क्षारक दोनों से क्रिया करती है।
- अन्य उभयधर्मी धातुएँ — एल्यूमिनियम (Al), टिन (Sn), लेड (Pb)।
अम्ल और क्षारक — दोनों से समानता: दोनों मामलों में हाइड्रोजन गैस ही निकलती है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण]
उदाहरण 4: NCERT — का बनना
जब सोडियम कार्बोनेट को तनु के साथ क्रिया करवाया जाता है, तो क्या प्रेक्षण होते हैं? अभिक्रिया लिखें।
हल:
प्रेक्षण:
- तेज़ बुलबुले उठते हैं — एक रंगहीन, गंधहीन गैस।
- यदि गैस को चूने के जल में पास करें, तो वह दूधिया हो जाता है।
अभिक्रिया:
की पहचान:
श्वेत का अवक्षेप बनता है — चूने का जल दूधिया हो जाता है।
(यदि अधिक बहाई जाए, तो श्वेत अवक्षेप घुल जाता है — कैल्शियम बाइकार्बोनेट बनता है, जो विलेय है।)
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 5: सामान्य अम्ल-कार्बोनेट नियम
अम्ल और धातु कार्बोनेट के बीच क्या सामान्य नियम है? दो उदाहरण दीजिए।
हल:
सामान्य नियम:
दो उदाहरण:
(i) कैल्शियम कार्बोनेट + (प्रयोगशाला में बनाना):
(ii) सोडियम कार्बोनेट + :
यह कौन-सी अभिक्रिया है?
- द्विविस्थापन (अध्याय 1 का संदर्भ) — आयन-विनिमय।
- गैस-उत्सर्जन अभिक्रिया।
दैनिक जीवन में:
- अग्नि-शामक यंत्रों में।
- खाद्य पदार्थों में फूलने का कारण (बेकिंग पाउडर)।
- एसिडिटी के उपचार में।
उदाहरण 6: NCERT — चींटी के डंक पर बेकिंग सोडा
चींटी के डंक पर बेकिंग सोडा क्यों लगाते हैं? रासायनिक अभिक्रिया लिखें।
हल:
कारण: चींटी के डंक में फॉर्मिक अम्ल () होता है — यह त्वचा पर जलन पैदा करता है।
बेकिंग सोडा का काम:
- क्षारकीय है।
- यह फॉर्मिक अम्ल को उदासीन कर देता है।
- अम्ल का प्रभाव कम होता है — दर्द/जलन कम होती है।
अभिक्रिया:
(फॉर्मेट सोडियम लवण + जल + )
दैनिक जीवन में:
- मधुमक्खी का डंक भी अम्लीय है — बेकिंग सोडा कारगर।
- ततैया का डंक क्षारकीय है — सिरका/नींबू (अम्ल) से उपचार।
[बोर्ड में बार-बार पूछा गया]
उदाहरण 7: अग्नि-शामक यंत्र
एक प्रकार के अग्नि-शामक यंत्र में बेकिंग सोडा और तनु अम्ल का उपयोग होता है। यह कैसे काम करता है? अभिक्रिया लिखें।
हल:
सिद्धांत:
- आग को बुझाने के लिए गैस प्रभावी है ( हवा से भारी, ऑक्सीजन को आग तक नहीं पहुँचने देती)।
- अग्नि-शामक में बटन दबाने पर और तनु मिलकर छोड़ते हैं।
अभिक्रिया:
(या एकल समीकरण रूप में:)
यह कैसे आग बुझाता है?
- निकलती है — हवा से भारी, आग पर एक 'कंबल' बनाती है।
- ऑक्सीजन रुक जाती है — आग बुझ जाती है।
- जल भी निकलता है — ठंडक देता है।
आधुनिक अग्नि-शामक: सिलेंडर सीधे — पहले से संग्रहित।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — दैनिक जीवन]
उदाहरण 8: संख्यात्मक — गैस आयतन
3.25 g Zn को तनु की पूर्ण क्रिया से STP पर कितना गैस मिलेगा? (Zn=65, मोलर आयतन=22.4 L)
हल:
- अभिक्रिया:
- Zn के मोल: mol
- के मोल: 0.05 mol (1:1 अनुपात)
- STP पर आयतन:
- उत्तर: 1.12 L हाइड्रोजन गैस।
सीख: स्तोइकियोमेट्री द्वारा हम पहले अनुपात ज्ञात करते हैं, फिर मोल-संकल्पना से आयतन।
उदाहरण 9: तनु बनाम सान्द्र अम्ल
तनु और सान्द्र दोनों Zn से क्रिया करते हैं। उनकी क्रिया में क्या अंतर है?
हल:
मूल अभिक्रिया दोनों में समान:
अंतर:
| आधार | तनु | सान्द्र |
|---|---|---|
| सान्द्रता | कम | अधिक |
| क्रिया की दर | धीमी / मध्यम | तेज़ |
| बुलबुले | धीमे | जल्दी और तेज़ |
| गर्मी | थोड़ी | अधिक |
| अंतिम उत्पाद | + | वही |
विशेष टिप्पणी:
- सान्द्र के साथ अलग बात है — यह ऑक्सीकारक की तरह काम करता है, और कभी-कभी की जगह देता है।
- सान्द्र के साथ भी — नहीं निकलती; इसके बजाय या ।
- यह कक्षा 11 स्तर का संदर्भ है।
सावधानी: सान्द्र अम्ल के साथ काम करते समय गॉगल्स और दस्ताने ज़रूरी।
उदाहरण 10: कौन-सी धातु अम्ल से क्रिया नहीं करेगी?
निम्न में से कौन-सी धातुएँ तनु से क्रिया नहीं करेंगी? (a) Zn (b) Fe (c) Cu (d) Mg (e) Ag (f) Au
हल:
क्रियाशीलता श्रेणी (आवश्यक भाग):
नियम: H से ऊपर की धातुएँ तनु अम्ल से विस्थापित कर सकती हैं; H से नीचे की नहीं।
| धातु | H से तुलना | अम्ल से क्रिया? |
|---|---|---|
| Zn | ऊपर | हाँ ✓ |
| Fe | ऊपर | हाँ ✓ |
| Cu | नीचे | नहीं ✗ |
| Mg | ऊपर | हाँ ✓ |
| Ag | नीचे | नहीं ✗ |
| Au | नीचे | नहीं ✗ |
उत्तर: Cu, Ag, और Au तनु से क्रिया नहीं करेंगी।
दैनिक जीवन में: यही कारण है कि चाँदी और सोने के आभूषण लम्बे समय तक नष्ट नहीं होते — वे अधिकांश अम्लों से प्रभावित नहीं होते।
[बोर्ड में सामान्य प्रश्न]
उदाहरण 11: हाइड्रोजन गैस का परीक्षण
जब Zn पर तनु डाली गई, तो हाइड्रोजन गैस उत्पन्न हुई। इस गैस की पहचान कैसे करेंगे? परीक्षण का वर्णन करें।
हल:
हाइड्रोजन का प्रसिद्ध परीक्षण — 'पॉप' टेस्ट:
- विधि:
- निकली गैस को एक उल्टी परखनली में एकत्र करें (जल-विस्थापन से)।
- एक जलती तीली परखनली के मुख के पास लाएँ।
- प्रेक्षण:
- गैस 'पॉप' (छोटी विस्फोटक) ध्वनि के साथ जलती है।
- कभी-कभी हल्की नीली ज्वाला भी देखी जा सकती है।
- रासायनिक अभिक्रिया (पॉप के समय):
- विशेष परीक्षण — साबुन के बुलबुले:
- गैस को साबुन के घोल में प्रवाहित करें।
- साबुन के बुलबुले बनते हैं और हवा में उठते हैं ( हवा से हल्की है)।
- इन्हें जलती तीली से छूएँ — पॉप ध्वनि।
सावधानी: + का मिश्रण विस्फोटक हो सकता है। प्रयोग सावधानी से करें।
[बोर्ड में बार-बार]
उदाहरण 12: की पहचान
एक अज्ञात गैस को चूने के जल में पास किया गया — चूने का जल दूधिया हो गया। यह कौन-सी गैस है? रासायनिक अभिक्रिया दें।
हल:
- गैस: कार्बन डाइऑक्साइड ()।
- अभिक्रिया:
- दूधिया रंग का कारण: अघुलनशील है — यह बारीक कणों के रूप में बिखर जाता है, जिससे विलयन दूधिया दिखता है।
- अधिक डालने पर:
श्वेत अवक्षेप घुल जाता है (कैल्शियम बाइकार्बोनेट विलेय है)।
दैनिक जीवन में कहाँ?
- श्वसन में निकलती है।
- दहन में निकलती है।
- कार्बोनेटेड पेय (cold drinks)।
- अग्नि-शामक यंत्रों में।
यह की पहचान का सबसे प्रसिद्ध परीक्षण है।
उदाहरण 13: तीन अभिक्रियाएँ — संख्यात्मक
निम्न को संतुलित करें और बताएँ कि किस प्रकार की अभिक्रिया है: (a) (b) (c)
हल:
(a):
- प्रकार: अम्ल + सक्रिय धातु → लवण + (विस्थापन)।
(b):
- प्रकार: अम्ल + कार्बोनेट → लवण + जल + (द्विविस्थापन + गैस-उत्सर्जन)।
(c):
- प्रकार: अम्ल + बाइकार्बोनेट → लवण + जल + (द्विविस्थापन + गैस-उत्सर्जन)।
- (पहले से संतुलित)
उदाहरण 14: NCERT — सोडियम और जल — प्रबल बनाम दुर्बल
हम जानते हैं कि एक प्रबल अम्ल है, और (एसिटिक) एक दुर्बल अम्ल। क्या होगा यदि दोनों के समान सान्द्र विलयन में Zn डाला जाए?
हल:
+ Zn (प्रबल अम्ल):
- तेज़ बुलबुले उठते हैं।
- की सान्द्रता अधिक है, अतः क्रिया तेज़।
+ Zn (दुर्बल अम्ल):
- धीमे बुलबुले उठते हैं।
- की सान्द्रता कम है (केवल आंशिक आयनीकरण)।
तुलना:
| आधार | ||
|---|---|---|
| आयनीकरण | पूर्ण | आंशिक |
| सान्द्रता | अधिक | कम |
| Zn से क्रिया दर | तेज़ | धीमी |
| pH (1M विलयन) | ~ 0 | ~ 2.4 |
सीख: प्रबल और दुर्बल अम्ल का यही व्यावहारिक अंतर है — रासायनिक क्रिया की तीव्रता।
[बोर्ड महत्वपूर्ण]
उदाहरण 15: ऐसी अभिक्रिया जो नहीं होगी
निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया नहीं होगी? कारण बताएँ: (a) (b) (c) (d)
हल:
क्रियाशीलता श्रेणी:
विश्लेषण:
| अभिक्रिया | धातु बनाम H | होगी? |
|---|---|---|
| (a) Zn + HCl | Zn > H | हाँ ✓ |
| (b) Cu + HCl | Cu < H | नहीं ✗ |
| (c) Mg + | Mg > H | हाँ ✓ |
| (d) Ag + HCl | Ag < H | नहीं ✗ |
उत्तर: अभिक्रियाएँ (b) और (d) नहीं होंगी।
कारण: Cu और Ag, क्रियाशीलता श्रेणी में H से नीचे हैं — वे तनु अम्ल से विस्थापित नहीं कर सकते।
अपवाद: सान्द्र या सान्द्र Cu से क्रिया करते हैं — परंतु यह सरल विस्थापन नहीं, उपचयन-अपचयन है।
[बोर्ड में सामान्य प्रश्न]
उदाहरण 16: एक संक्षिप्त बहु-विषय प्रश्न
(a) तनु + की अभिक्रिया लिखें। (b) इस अभिक्रिया से कौन-सी गैस निकलती है? (c) इस गैस की पहचान का परीक्षण क्या है? (d) क्या होगा यदि अधिक चूने के जल में डाली जाए?
हल:
(a) अभिक्रिया:
(यह वही अभिक्रिया है जो प्रयोगशाला में बनाने के लिए उपयोग होती है।)
(b) निकलने वाली गैस: कार्बन डाइऑक्साइड ()।
(c) पहचान का परीक्षण:
- चूने के जल का परीक्षण: गैस को के विलयन में पास करें।
- प्रेक्षण: चूने का जल दूधिया हो जाता है।
- अभिक्रिया:
(d) अधिक डालने पर:
- श्वेत अवक्षेप घुलने लगता है।
- क्योंकि कैल्शियम बाइकार्बोनेट बनता है — जो विलेय है।
सीख: चूने का जल केवल कुछ देर तक ही दूधिया रहता है — फिर वापस साफ़ हो जाता है (अधिक के साथ)।
[बोर्ड में 5-अंक का प्रश्न]