अम्लों की धातुओं से अभिक्रिया

पिछले अनुभाग में हमने सूचकों से अम्ल और क्षारक की पहचान सीखी। अब उनके रासायनिक गुणों का अध्ययन करते हैं।

क्रियाकलाप 2.3 — ज़िंक और तनु H2SO4H_2SO_4

एक परखनली में थोड़ा तनु H2SO4H_2SO_4 लें और उसमें ज़िंक के दानेदार टुकड़े डालें।

प्रेक्षण:

  1. ज़िंक के दानों के चारों ओर बुलबुले उठते हैं।
  2. परखनली गर्म हो जाती है (ऊष्माक्षेपी)।
  3. ज़िंक धीरे-धीरे घुलता जाता है।

अभिक्रिया:

Zn(s)+H2SO4(aq)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + H_2(g)\uparrow

हाइड्रोजन गैस की पहचान

निकली गैस को साबुन के घोल से प्रवाहित करें — साबुन के बुलबुले बनेंगे (जो हाइड्रोजन से भरे होंगे)। एक जलती मोमबत्ती पास लाएँ — गैस 'पॉप' की ध्वनि के साथ जलेगी।

अन्य अम्लों के साथ

यही प्रयोग HClHCl, HNO3HNO_3, और CH3COOHCH_3COOH (एसिटिक अम्ल) के साथ भी करें — सभी समान प्रेक्षण देंगे।

(i) ज़िंक + HClHCl: Zn(s)+2HCl(aq)ZnCl2(aq)+H2(g)Zn(s) + 2HCl(aq) \rightarrow ZnCl_2(aq) + H_2(g)\uparrow

(ii) मैग्नीशियम + H2SO4H_2SO_4: Mg(s)+H2SO4(aq)MgSO4(aq)+H2(g)Mg(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow MgSO_4(aq) + H_2(g)\uparrow

(iii) लोहा + HClHCl: Fe(s)+2HCl(aq)FeCl2(aq)+H2(g)Fe(s) + 2HCl(aq) \rightarrow FeCl_2(aq) + H_2(g)\uparrow

सामान्य नियम

अम्ल + सक्रिय धातु → लवण + हाइड्रोजन गैस

अम्ल+धातुलवण+H2\text{अम्ल} + \text{धातु} \rightarrow \text{लवण} + H_2\uparrow

याद रखें — यह विस्थापन अभिक्रिया है (अध्याय 1 से)। धातु, अम्ल के H+H^+ को विस्थापित करती है।

कौन-सी धातुएँ अम्ल से क्रिया करेंगी?

क्रियाशीलता श्रेणी में हाइड्रोजन से ऊपर की धातुएँ (Zn,Mg,Fe,Al,...Zn, Mg, Fe, Al, ...) अम्ल से H2H_2 निकाल सकती हैं। हाइड्रोजन से नीचे की धातुएँ (Cu,Ag,AuCu, Ag, Au) तनु अम्ल से क्रिया नहीं करतीं।

[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह क्रियाकलाप का प्रश्न लगभग हर वर्ष पूछा जाता है।

अम्ल की जिंक से अभिक्रिया में हाइड्रोजन गैस निकलना

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Zinc granules ज़िंक के दाने
Dilute sulphuric acid तनु सल्फ्यूरिक अम्ल
Hydrogen gas हाइड्रोजन गैस
Soap bubbles साबुन के बुलबुले
Burning candle (pop sound) जलती मोमबत्ती (पॉप ध्वनि)

क्षारकों की धातुओं से अभिक्रिया

क्या सभी धातुएँ क्षारकों से भी क्रिया करती हैं? नहीं — केवल कुछ ही करती हैं।

क्रियाकलाप 2.4 — ज़िंक और सोडियम हाइड्रॉक्साइड

एक परखनली में 2 mL NaOHNaOH का घोल लें। उसमें ज़िंक के टुकड़े डालकर गर्म करें।

प्रेक्षण:

  1. हाइड्रोजन गैस के बुलबुले निकलते हैं।
  2. ज़िंक धीरे-धीरे घुल जाता है।
  3. एक नया लवण बनता है — सोडियम ज़िंकेट (Na2ZnO2Na_2ZnO_2)।

अभिक्रिया:

Zn(s)+2NaOH(aq)Na2ZnO2(aq)+H2(g)Zn(s) + 2NaOH(aq) \rightarrow Na_2ZnO_2(aq) + H_2(g)\uparrow

(सोडियम ज़िंकेट)

विशेष टिप्पणी — कौन-सी धातुएँ?

सिर्फ़ कुछ ही धातुएँ क्षारकों से क्रिया करती हैं:

  • ज़िंक (Zn)
  • एल्यूमिनियम (Al)
  • कुछ अन्य 'उभयधर्मी' धातुएँ

ये धातुएँ 'amphoteric' (उभयधर्मी) कहलाती हैं — क्योंकि अम्ल और क्षारक दोनों से क्रिया करती हैं।

एल्यूमिनियम का उदाहरण:

2Al+6NaOH2Na3AlO3+3H22Al + 6NaOH \rightarrow 2Na_3AlO_3 + 3H_2\uparrow

(सोडियम एल्यूमिनेट)

सामान्य नियम

क्षारक + उभयधर्मी धातु → लवण + हाइड्रोजन गैस

क्षारक+Zn/Alलवण+H2\text{क्षारक} + \text{Zn/Al} \rightarrow \text{लवण} + H_2\uparrow

अम्ल बनाम क्षारक — धातु से क्रिया

आधार अम्ल + धातु क्षारक + धातु
कौन-सी धातुएँ? सक्रिय (H से ऊपर) केवल Zn, Al, और कुछ
उत्पाद धातु लवण + H2H_2 धातु ज़िंकेट/एल्यूमिनेट + H2H_2
उदाहरण Zn+HClZn + HCl Zn+NaOHZn + NaOH

[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह तुलना अक्सर 3-अंक के प्रश्न में पूछी जाती है।

अम्ल और कार्बोनेट से कार्बन डाइऑक्साइड बनना, चूने का पानी दूधिया

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:

English (in image) हिन्दी
Sodium carbonate + dilute acid सोडियम कार्बोनेट + तनु अम्ल
Carbon dioxide gas कार्बन डाइऑक्साइड गैस
Lime water turns milky चूने का पानी दूधिया हो जाता है

अम्लों की धातु कार्बोनेटों से अभिक्रिया

क्रियाकलाप 2.5 — चूना पत्थर और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल

एक परखनली में थोड़ा सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3Na_2CO_3) लें। उसमें तनु HClHCl डालें।

प्रेक्षण:

  1. तेज़ बुलबुले उठते हैं — एक रंगहीन, गंधहीन गैस।
  2. यह गैस चूने के जल को दूधिया कर देती है (परीक्षण कीजिए)।

अभिक्रिया:

Na2CO3(s)+2HCl(aq)2NaCl(aq)+H2O(l)+CO2(g)Na_2CO_3(s) + 2HCl(aq) \rightarrow 2NaCl(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

सामान्य नियम

अम्ल + धातु कार्बोनेट → लवण + जल + CO2CO_2

अम्ल+कार्बोनेटलवण+H2O+CO2\text{अम्ल} + \text{कार्बोनेट} \rightarrow \text{लवण} + H_2O + CO_2\uparrow

अन्य उदाहरण

(i) कैल्शियम कार्बोनेट + HClHCl:

CaCO3(s)+2HCl(aq)CaCl2(aq)+H2O(l)+CO2(g)CaCO_3(s) + 2HCl(aq) \rightarrow CaCl_2(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

यह वही अभिक्रिया है जो प्रयोगशाला में CO2CO_2 गैस बनाने के लिए उपयोग होती है।

(ii) मैग्नीशियम कार्बोनेट + HClHCl:

MgCO3+2HClMgCl2+H2O+CO2MgCO_3 + 2HCl \rightarrow MgCl_2 + H_2O + CO_2

CO2CO_2 की पहचान — चूने का जल परीक्षण

Ca(OH)2(aq)+CO2(g)CaCO3(s)+H2O(l)Ca(OH)_2(aq) + CO_2(g) \rightarrow CaCO_3(s)\downarrow + H_2O(l)

(चूने का जल दूधिया हो जाता है)

यदि अधिक CO2CO_2 डाली जाए, तो CaCO3CaCO_3 का अवक्षेप घुलने लगता है (बाइकार्बोनेट बनता है):

CaCO3(s)+H2O(l)+CO2(g)Ca(HCO3)2(aq)CaCO_3(s) + H_2O(l) + CO_2(g) \rightarrow Ca(HCO_3)_2(aq)

(कैल्शियम बाइकार्बोनेट — विलेय)

अम्लों की धातु हाइड्रोजन कार्बोनेटों से अभिक्रिया

सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट + HClHCl

NaHCO3(s)+HCl(aq)NaCl(aq)+H2O(l)+CO2(g)NaHCO_3(s) + HCl(aq) \rightarrow NaCl(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

(पानी का सूत्र देखें — यह कार्बोनेट के समान ही है।)

सामान्य नियम

अम्ल + धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट → लवण + जल + CO2CO_2

अम्ल+बाइकार्बोनेटलवण+H2O+CO2\text{अम्ल} + \text{बाइकार्बोनेट} \rightarrow \text{लवण} + H_2O + CO_2\uparrow

एक प्रसिद्ध उदाहरण

अग्नि-शामक यंत्र (Fire Extinguisher) में:

NaHCO3NaHCO_3 और तनु H2SO4H_2SO_4 मिलाकर —

2NaHCO3+H2SO4Na2SO4+2H2O+2CO22NaHCO_3 + H_2SO_4 \rightarrow Na_2SO_4 + 2H_2O + 2CO_2\uparrow

निकली CO2CO_2 आग बुझाने में सहायक।

चींटी का डंक — एक उदाहरण

जब चींटी काटती है, तो वह फॉर्मिक अम्ल (HCOOHHCOOH) इंजेक्ट करती है। दर्द से बचने के लिए हम बेकिंग सोडा (NaHCO3NaHCO_3) लगाते हैं —

NaHCO3+HCOOHHCOONa+H2O+CO2NaHCO_3 + HCOOH \rightarrow HCOONa + H_2O + CO_2

(अम्ल उदासीन हो जाता है, जलन कम होती है)

एक पंक्ति में याद रखें

"अम्ल + कार्बोनेट = लवण + जल + CO2CO_2"

"अम्ल + बाइकार्बोनेट = लवण + जल + CO2CO_2"

दोनों के परिणाम समान हैं — बस अनुपात अलग।

[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह अभिक्रिया प्रतिवर्ष पूछी जाती है।

अम्ल-धातु अभिक्रिया की तीव्रता

सभी अम्ल समान तीव्रता से धातुओं से क्रिया नहीं करते। यह उनकी 'प्रबलता' पर निर्भर करता है।

प्रबल बनाम दुर्बल अम्ल

गुण प्रबल अम्ल दुर्बल अम्ल
जल में आयनीकरण पूर्ण (~ 100%) आंशिक (< 5%)
उदाहरण HCl,H2SO4,HNO3HCl, H_2SO_4, HNO_3 CH3COOHCH_3COOH (एसिटिक)
H+H^+ सान्द्रता अधिक कम
धातु से क्रिया तेज़ी से धीरे-धीरे
pH 1-3 4-6

प्रयोगात्मक तुलना

तनु HClHCl (प्रबल अम्ल) में Zn डालें — तेज़ बुलबुले।

तनु CH3COOHCH_3COOH (दुर्बल अम्ल) में Zn डालें — धीमे बुलबुले।

दोनों ही अंत में ZnCl2ZnCl_2 या Zn(CH3COO)2Zn(CH_3COO)_2 + H2H_2 बनाएँगे।

सामान्य अभिक्रियाओं का संक्षेप

इस अनुभाग के सभी मुख्य सूत्र —

अभिक्रिया प्रकार सामान्य रूप उदाहरण
अम्ल + सक्रिय धातु अम्ल + Zn → लवण + H2H_2 Zn+2HClZnCl2+H2Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2
क्षारक + उभयधर्मी धातु क्षारक + Zn → लवण + H2H_2 Zn+2NaOHNa2ZnO2+H2Zn + 2NaOH \rightarrow Na_2ZnO_2 + H_2
अम्ल + कार्बोनेट अम्ल + CO32CO_3^{2-} → लवण + जल + CO2CO_2 Na2CO3+2HCl2NaCl+H2O+CO2Na_2CO_3 + 2HCl \rightarrow 2NaCl + H_2O + CO_2
अम्ल + बाइकार्बोनेट अम्ल + HCO3HCO_3^- → लवण + जल + CO2CO_2 NaHCO3+HClNaCl+H2O+CO2NaHCO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2

अनुप्रयोग — दैनिक जीवन में

  1. एसिडिटी का उपचार: बेकिंग सोडा + पेट का HClHCl
  2. चींटी के डंक का उपचार: बेकिंग सोडा + फॉर्मिक अम्ल।
  3. अग्नि-शामक यंत्र: NaHCO3NaHCO_3 + अम्ल → CO2CO_2 → आग बुझाना।
  4. चूने का जल परीक्षण: CO2CO_2 की पहचान।
  5. खाद्य उद्योग: बेकिंग पाउडर का काम।

🧠 स्मृति कैप्सूल (Memory Capsule)

बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए — सभी प्रमुख अभिक्रियाएँ।

1. अम्ल + धातु → लवण + H2H_2

प्रबल अम्ल और सक्रिय धातु (H से ऊपर)

अनिवार्य उदाहरण:

  • Zn+H2SO4ZnSO4+H2Zn + H_2SO_4 \rightarrow ZnSO_4 + H_2\uparrow
  • Zn+2HClZnCl2+H2Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2\uparrow
  • Mg+2HClMgCl2+H2Mg + 2HCl \rightarrow MgCl_2 + H_2\uparrow
  • Fe+2HClFeCl2+H2Fe + 2HCl \rightarrow FeCl_2 + H_2\uparrow

2. क्षारक + उभयधर्मी धातु → लवण + H2H_2

केवल Zn, Al आदि

अनिवार्य उदाहरण:

  • Zn+2NaOHNa2ZnO2+H2Zn + 2NaOH \rightarrow Na_2ZnO_2 + H_2\uparrow
  • (सोडियम ज़िंकेट)

3. अम्ल + कार्बोनेट → लवण + H2OH_2O + CO2CO_2

अनिवार्य उदाहरण:

  • Na2CO3+2HCl2NaCl+H2O+CO2Na_2CO_3 + 2HCl \rightarrow 2NaCl + H_2O + CO_2
  • CaCO3+2HClCaCl2+H2O+CO2CaCO_3 + 2HCl \rightarrow CaCl_2 + H_2O + CO_2 (प्रयोगशाला में CO2CO_2 बनाने के लिए)

4. अम्ल + बाइकार्बोनेट → लवण + H2OH_2O + CO2CO_2

अनिवार्य उदाहरण:

  • NaHCO3+HClNaCl+H2O+CO2NaHCO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2

5. हाइड्रोजन का परीक्षण

'पॉप' की ध्वनि के साथ जलती है।

6. CO2CO_2 का परीक्षण

चूने का जल दूधिया हो जाता है: Ca(OH)2+CO2CaCO3+H2OCa(OH)_2 + CO_2 \rightarrow CaCO_3\downarrow + H_2O

7. प्रबल vs दुर्बल अम्ल

प्रबल दुर्बल
HCl,H2SO4,HNO3HCl, H_2SO_4, HNO_3 CH3COOHCH_3COOH
pH 1-3 pH 4-6
धातु से तेज़ क्रिया धीमी क्रिया

8. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न

  1. Zn + तनु H2SO4H_2SO_4 की क्या प्रेक्षण? अभिक्रिया लिखें।
  2. अम्ल + कार्बोनेट की अभिक्रिया का सामान्य नियम बताएँ।
  3. क्या क्षारक हमेशा धातु से H2H_2 निकालते हैं? कारण।
  4. चूने का जल किस गैस से दूधिया होता है? अभिक्रिया लिखें।
  5. चींटी के डंक पर क्या लगाएँ और क्यों?

अंतिम सूत्र: अम्ल + सक्रिय धातु = लवण + H2H_2; अम्ल + कार्बोनेट = लवण + जल + CO2CO_2

हल किए गए उदाहरण

उदाहरण 1: NCERT — Zn + H2SO4H_2SO_4 का प्रयोग

एक परखनली में दानेदार ज़िंक के टुकड़े लेकर तनु H2SO4H_2SO_4 डाली गई। (a) क्या प्रेक्षण होंगे? (b) अभिक्रिया लिखें। (c) निकली गैस की पहचान कैसे करेंगे?

हल:

(a) प्रेक्षण:

  1. ज़िंक के दानों के चारों ओर बुलबुले उठते हैं।
  2. परखनली गर्म हो जाती है।
  3. ज़िंक धीरे-धीरे घुलता है।

(b) अभिक्रिया:

Zn(s)+H2SO4(aq)ZnSO4(aq)+H2(g)Zn(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + H_2(g)\uparrow

(c) हाइड्रोजन की पहचान:

  • गैस को साबुन के घोल से प्रवाहित करें — साबुन के बुलबुले बनेंगे।
  • एक जलती मोमबत्ती पास लाएँ — गैस 'पॉप' की ध्वनि के साथ जलेगी।
  • यह H2H_2 का प्रसिद्ध परीक्षण है।

[NCERT पाठ्यपुस्तक — बार-बार पूछा गया]

उदाहरण 2: अम्ल-धातु क्रिया का सामान्य नियम

अम्ल और धातु की क्रिया का सामान्य नियम क्या है? तीन उदाहरण दीजिए।

हल:

सामान्य नियम: सक्रिय धातु अम्ल से क्रिया करके लवण और हाइड्रोजन गैस देती है।

अम्ल+सक्रिय धातुलवण+H2\text{अम्ल} + \text{सक्रिय धातु} \rightarrow \text{लवण} + H_2\uparrow

तीन उदाहरण:

(i) Zn(s)+2HCl(aq)ZnCl2(aq)+H2(g)\quad Zn(s) + 2HCl(aq) \rightarrow ZnCl_2(aq) + H_2(g)\uparrow

(ii) Mg(s)+H2SO4(aq)MgSO4(aq)+H2(g)\quad Mg(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow MgSO_4(aq) + H_2(g)\uparrow

(iii) Fe(s)+2HCl(aq)FeCl2(aq)+H2(g)\quad Fe(s) + 2HCl(aq) \rightarrow FeCl_2(aq) + H_2(g)\uparrow

अपवाद: Cu,Ag,AuCu, Ag, Au (हाइड्रोजन से नीचे) तनु अम्ल से क्रिया नहीं करते।

[बोर्ड में 3-अंक]

उदाहरण 3: ज़िंक + NaOHNaOH

जब ज़िंक धातु को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म किया जाता है, तो क्या होता है?

हल:

अभिक्रिया:

Zn(s)+2NaOH(aq)Na2ZnO2(aq)+H2(g)Zn(s) + 2NaOH(aq) \rightarrow Na_2ZnO_2(aq) + H_2(g)\uparrow

(सोडियम ज़िंकेट)

प्रेक्षण:

  1. ज़िंक धीरे-धीरे घुल जाता है।
  2. हाइड्रोजन गैस के बुलबुले निकलते हैं।
  3. एक रंगहीन विलयन (सोडियम ज़िंकेट) बनता है।

विशेष टिप्पणी:

  • यह दर्शाता है कि ज़िंक एक उभयधर्मी (amphoteric) धातु है।
  • यह अम्ल और क्षारक दोनों से क्रिया करती है।
  • अन्य उभयधर्मी धातुएँ — एल्यूमिनियम (Al), टिन (Sn), लेड (Pb)।

अम्ल और क्षारक — दोनों से समानता: दोनों मामलों में हाइड्रोजन गैस ही निकलती है।

[बोर्ड महत्वपूर्ण]

उदाहरण 4: NCERT — CO2CO_2 का बनना

जब सोडियम कार्बोनेट को तनु HClHCl के साथ क्रिया करवाया जाता है, तो क्या प्रेक्षण होते हैं? अभिक्रिया लिखें।

हल:

प्रेक्षण:

  1. तेज़ बुलबुले उठते हैं — एक रंगहीन, गंधहीन गैस।
  2. यदि गैस को चूने के जल में पास करें, तो वह दूधिया हो जाता है।

अभिक्रिया:

Na2CO3(s)+2HCl(aq)2NaCl(aq)+H2O(l)+CO2(g)Na_2CO_3(s) + 2HCl(aq) \rightarrow 2NaCl(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

CO2CO_2 की पहचान:

Ca(OH)2(aq)+CO2(g)CaCO3(s)+H2O(l)Ca(OH)_2(aq) + CO_2(g) \rightarrow CaCO_3(s)\downarrow + H_2O(l)

श्वेत CaCO3CaCO_3 का अवक्षेप बनता है — चूने का जल दूधिया हो जाता है।

(यदि अधिक CO2CO_2 बहाई जाए, तो श्वेत अवक्षेप घुल जाता है — कैल्शियम बाइकार्बोनेट बनता है, जो विलेय है।)

[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]

उदाहरण 5: सामान्य अम्ल-कार्बोनेट नियम

अम्ल और धातु कार्बोनेट के बीच क्या सामान्य नियम है? दो उदाहरण दीजिए।

हल:

सामान्य नियम:

अम्ल+धातु कार्बोनेटलवण+H2O+CO2\text{अम्ल} + \text{धातु कार्बोनेट} \rightarrow \text{लवण} + H_2O + CO_2\uparrow

दो उदाहरण:

(i) कैल्शियम कार्बोनेट + HClHCl (प्रयोगशाला में CO2CO_2 बनाना):

CaCO3(s)+2HCl(aq)CaCl2(aq)+H2O(l)+CO2(g)CaCO_3(s) + 2HCl(aq) \rightarrow CaCl_2(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

(ii) सोडियम कार्बोनेट + H2SO4H_2SO_4:

Na2CO3(s)+H2SO4(aq)Na2SO4(aq)+H2O(l)+CO2(g)Na_2CO_3(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow Na_2SO_4(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

यह कौन-सी अभिक्रिया है?

  • द्विविस्थापन (अध्याय 1 का संदर्भ) — आयन-विनिमय।
  • गैस-उत्सर्जन अभिक्रिया।

दैनिक जीवन में:

  • अग्नि-शामक यंत्रों में।
  • खाद्य पदार्थों में फूलने का कारण (बेकिंग पाउडर)।
  • एसिडिटी के उपचार में।

उदाहरण 6: NCERT — चींटी के डंक पर बेकिंग सोडा

चींटी के डंक पर बेकिंग सोडा क्यों लगाते हैं? रासायनिक अभिक्रिया लिखें।

हल:

कारण: चींटी के डंक में फॉर्मिक अम्ल (HCOOHHCOOH) होता है — यह त्वचा पर जलन पैदा करता है।

बेकिंग सोडा का काम:

  • NaHCO3NaHCO_3 क्षारकीय है।
  • यह फॉर्मिक अम्ल को उदासीन कर देता है।
  • अम्ल का प्रभाव कम होता है — दर्द/जलन कम होती है।

अभिक्रिया:

NaHCO3(s)+HCOOH(aq)HCOONa(aq)+H2O(l)+CO2(g)NaHCO_3(s) + HCOOH(aq) \rightarrow HCOONa(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

(फॉर्मेट सोडियम लवण + जल + CO2CO_2)

दैनिक जीवन में:

  • मधुमक्खी का डंक भी अम्लीय है — बेकिंग सोडा कारगर।
  • ततैया का डंक क्षारकीय है — सिरका/नींबू (अम्ल) से उपचार।

[बोर्ड में बार-बार पूछा गया]

उदाहरण 7: अग्नि-शामक यंत्र

एक प्रकार के अग्नि-शामक यंत्र में बेकिंग सोडा और तनु अम्ल का उपयोग होता है। यह कैसे काम करता है? अभिक्रिया लिखें।

हल:

सिद्धांत:

  • आग को बुझाने के लिए CO2CO_2 गैस प्रभावी है (CO2CO_2 हवा से भारी, ऑक्सीजन को आग तक नहीं पहुँचने देती)।
  • अग्नि-शामक में बटन दबाने पर NaHCO3NaHCO_3 और तनु H2SO4H_2SO_4 मिलकर CO2CO_2 छोड़ते हैं।

अभिक्रिया:

2NaHCO3+H2SO4Na2SO4+2H2O+2CO22NaHCO_3 + H_2SO_4 \rightarrow Na_2SO_4 + 2H_2O + 2CO_2\uparrow

(या एकल समीकरण रूप में:)

NaHCO3+HClNaCl+H2O+CO2NaHCO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2\uparrow

यह कैसे आग बुझाता है?

  1. CO2CO_2 निकलती है — हवा से भारी, आग पर एक 'कंबल' बनाती है।
  2. ऑक्सीजन रुक जाती है — आग बुझ जाती है।
  3. जल भी निकलता है — ठंडक देता है।

आधुनिक अग्नि-शामक: CO2CO_2 सिलेंडर सीधे — पहले से संग्रहित।

[बोर्ड महत्वपूर्ण — दैनिक जीवन]

उदाहरण 8: संख्यात्मक — गैस आयतन

3.25 g Zn को तनु H2SO4H_2SO_4 की पूर्ण क्रिया से STP पर कितना H2H_2 गैस मिलेगा? (Zn=65, मोलर आयतन=22.4 L)

हल:

  1. अभिक्रिया: Zn+H2SO4ZnSO4+H2Zn + H_2SO_4 \rightarrow ZnSO_4 + H_2
  2. Zn के मोल: 3.2565=0.05\frac{3.25}{65} = 0.05 mol
  3. H2H_2 के मोल: 0.05 mol (1:1 अनुपात)
  4. STP पर आयतन:

VH2=0.05×22.4=1.12 LV_{H_2} = 0.05 \times 22.4 = 1.12 \text{ L}

  1. उत्तर: 1.12 L हाइड्रोजन गैस।

सीख: स्तोइकियोमेट्री द्वारा हम पहले अनुपात ज्ञात करते हैं, फिर मोल-संकल्पना से आयतन।

उदाहरण 9: तनु बनाम सान्द्र अम्ल

तनु HClHCl और सान्द्र HClHCl दोनों Zn से क्रिया करते हैं। उनकी क्रिया में क्या अंतर है?

हल:

मूल अभिक्रिया दोनों में समान:

Zn+2HClZnCl2+H2Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2

अंतर:

आधार तनु HClHCl सान्द्र HClHCl
H+H^+ सान्द्रता कम अधिक
क्रिया की दर धीमी / मध्यम तेज़
बुलबुले धीमे जल्दी और तेज़
गर्मी थोड़ी अधिक
अंतिम उत्पाद ZnCl2ZnCl_2 + H2H_2 वही

विशेष टिप्पणी:

  • सान्द्र H2SO4H_2SO_4 के साथ अलग बात है — यह ऑक्सीकारक की तरह काम करता है, और कभी-कभी H2H_2 की जगह SO2SO_2 देता है।
  • सान्द्र HNO3HNO_3 के साथ भी — H2H_2 नहीं निकलती; इसके बजाय NO2NO_2 या NONO
  • यह कक्षा 11 स्तर का संदर्भ है।

सावधानी: सान्द्र अम्ल के साथ काम करते समय गॉगल्स और दस्ताने ज़रूरी।

उदाहरण 10: कौन-सी धातु अम्ल से क्रिया नहीं करेगी?

निम्न में से कौन-सी धातुएँ तनु HClHCl से क्रिया नहीं करेंगी? (a) Zn (b) Fe (c) Cu (d) Mg (e) Ag (f) Au

हल:

क्रियाशीलता श्रेणी (आवश्यक भाग): Mg>Zn>Fe>Pb>H>Cu>Hg>Ag>AuMg > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au

नियम: H से ऊपर की धातुएँ तनु अम्ल से H2H_2 विस्थापित कर सकती हैं; H से नीचे की नहीं।

धातु H से तुलना अम्ल से क्रिया?
Zn ऊपर हाँ
Fe ऊपर हाँ
Cu नीचे नहीं
Mg ऊपर हाँ
Ag नीचे नहीं
Au नीचे नहीं

उत्तर: Cu, Ag, और Au तनु HClHCl से क्रिया नहीं करेंगी।

दैनिक जीवन में: यही कारण है कि चाँदी और सोने के आभूषण लम्बे समय तक नष्ट नहीं होते — वे अधिकांश अम्लों से प्रभावित नहीं होते।

[बोर्ड में सामान्य प्रश्न]

उदाहरण 11: हाइड्रोजन गैस का परीक्षण

जब Zn पर तनु HClHCl डाली गई, तो हाइड्रोजन गैस उत्पन्न हुई। इस गैस की पहचान कैसे करेंगे? परीक्षण का वर्णन करें।

हल:

हाइड्रोजन का प्रसिद्ध परीक्षण — 'पॉप' टेस्ट:

  1. विधि:
  • निकली गैस को एक उल्टी परखनली में एकत्र करें (जल-विस्थापन से)।
  • एक जलती तीली परखनली के मुख के पास लाएँ।
  1. प्रेक्षण:
  • गैस 'पॉप' (छोटी विस्फोटक) ध्वनि के साथ जलती है।
  • कभी-कभी हल्की नीली ज्वाला भी देखी जा सकती है।
  1. रासायनिक अभिक्रिया (पॉप के समय):

2H2+O22H2O+ऊर्जा2H_2 + O_2 \rightarrow 2H_2O + \text{ऊर्जा}

  1. विशेष परीक्षण — साबुन के बुलबुले:
  • गैस को साबुन के घोल में प्रवाहित करें।
  • साबुन के बुलबुले बनते हैं और हवा में उठते हैं (H2H_2 हवा से हल्की है)।
  • इन्हें जलती तीली से छूएँ — पॉप ध्वनि।

सावधानी: H2H_2 + O2O_2 का मिश्रण विस्फोटक हो सकता है। प्रयोग सावधानी से करें।

[बोर्ड में बार-बार]

उदाहरण 12: CO2CO_2 की पहचान

एक अज्ञात गैस को चूने के जल में पास किया गया — चूने का जल दूधिया हो गया। यह कौन-सी गैस है? रासायनिक अभिक्रिया दें।

हल:

  1. गैस: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2CO_2)
  2. अभिक्रिया:

Ca(OH)2(aq)+CO2(g)CaCO3(s)+H2O(l)Ca(OH)_2(aq) + CO_2(g) \rightarrow CaCO_3(s)\downarrow + H_2O(l)

  1. दूधिया रंग का कारण: CaCO3CaCO_3 अघुलनशील है — यह बारीक कणों के रूप में बिखर जाता है, जिससे विलयन दूधिया दिखता है।
  2. अधिक CO2CO_2 डालने पर:

CaCO3(s)+H2O(l)+CO2(g)Ca(HCO3)2(aq)CaCO_3(s) + H_2O(l) + CO_2(g) \rightarrow Ca(HCO_3)_2(aq)

श्वेत अवक्षेप घुल जाता है (कैल्शियम बाइकार्बोनेट विलेय है)।

दैनिक जीवन में CO2CO_2 कहाँ?

  • श्वसन में निकलती है।
  • दहन में निकलती है।
  • कार्बोनेटेड पेय (cold drinks)।
  • अग्नि-शामक यंत्रों में।

यह CO2CO_2 की पहचान का सबसे प्रसिद्ध परीक्षण है।

उदाहरण 13: तीन अभिक्रियाएँ — संख्यात्मक

निम्न को संतुलित करें और बताएँ कि किस प्रकार की अभिक्रिया है: (a) Mg+HClMgCl2+H2Mg + HCl \rightarrow MgCl_2 + H_2 (b) Na2CO3+HClNaCl+H2O+CO2Na_2CO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2 (c) NaHCO3+HClNaCl+H2O+CO2NaHCO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2

हल:

(a): Mg+2HClMgCl2+H2Mg + 2HCl \rightarrow MgCl_2 + H_2\uparrow

  • प्रकार: अम्ल + सक्रिय धातु → लवण + H2H_2 (विस्थापन)।

(b): Na2CO3+2HCl2NaCl+H2O+CO2Na_2CO_3 + 2HCl \rightarrow 2NaCl + H_2O + CO_2\uparrow

  • प्रकार: अम्ल + कार्बोनेट → लवण + जल + CO2CO_2 (द्विविस्थापन + गैस-उत्सर्जन)।

(c): NaHCO3+HClNaCl+H2O+CO2NaHCO_3 + HCl \rightarrow NaCl + H_2O + CO_2\uparrow

  • प्रकार: अम्ल + बाइकार्बोनेट → लवण + जल + CO2CO_2 (द्विविस्थापन + गैस-उत्सर्जन)।
  • (पहले से संतुलित)

उदाहरण 14: NCERT — सोडियम और जल — प्रबल बनाम दुर्बल

हम जानते हैं कि HClHCl एक प्रबल अम्ल है, और CH3COOHCH_3COOH (एसिटिक) एक दुर्बल अम्ल। क्या होगा यदि दोनों के समान सान्द्र विलयन में Zn डाला जाए?

हल:

HClHCl + Zn (प्रबल अम्ल):

Zn+2HClZnCl2+H2Zn + 2HCl \rightarrow ZnCl_2 + H_2\uparrow

  • तेज़ बुलबुले उठते हैं।
  • H+H^+ की सान्द्रता अधिक है, अतः क्रिया तेज़।

CH3COOHCH_3COOH + Zn (दुर्बल अम्ल):

Zn+2CH3COOHZn(CH3COO)2+H2Zn + 2CH_3COOH \rightarrow Zn(CH_3COO)_2 + H_2\uparrow

  • धीमे बुलबुले उठते हैं।
  • H+H^+ की सान्द्रता कम है (केवल आंशिक आयनीकरण)।

तुलना:

आधार HClHCl CH3COOHCH_3COOH
आयनीकरण पूर्ण आंशिक
H+H^+ सान्द्रता अधिक कम
Zn से क्रिया दर तेज़ धीमी
pH (1M विलयन) ~ 0 ~ 2.4

सीख: प्रबल और दुर्बल अम्ल का यही व्यावहारिक अंतर है — रासायनिक क्रिया की तीव्रता।

[बोर्ड महत्वपूर्ण]

उदाहरण 15: ऐसी अभिक्रिया जो नहीं होगी

निम्न में से कौन-सी अभिक्रिया नहीं होगी? कारण बताएँ: (a) Zn+2HClZn + 2HCl \rightarrow (b) Cu+2HClCu + 2HCl \rightarrow (c) Mg+H2SO4Mg + H_2SO_4 \rightarrow (d) Ag+HClAg + HCl \rightarrow

हल:

क्रियाशीलता श्रेणी: Mg>Zn>Fe>Pb>H>Cu>AgMg > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Ag

विश्लेषण:

अभिक्रिया धातु बनाम H होगी?
(a) Zn + HCl Zn > H हाँ
(b) Cu + HCl Cu < H नहीं
(c) Mg + H2SO4H_2SO_4 Mg > H हाँ
(d) Ag + HCl Ag < H नहीं

उत्तर: अभिक्रियाएँ (b) और (d) नहीं होंगी।

कारण: Cu और Ag, क्रियाशीलता श्रेणी में H से नीचे हैं — वे तनु अम्ल से H2H_2 विस्थापित नहीं कर सकते।

अपवाद: सान्द्र HNO3HNO_3 या सान्द्र H2SO4H_2SO_4 Cu से क्रिया करते हैं — परंतु यह सरल विस्थापन नहीं, उपचयन-अपचयन है।

[बोर्ड में सामान्य प्रश्न]

उदाहरण 16: एक संक्षिप्त बहु-विषय प्रश्न

(a) तनु HClHCl + CaCO3CaCO_3 की अभिक्रिया लिखें। (b) इस अभिक्रिया से कौन-सी गैस निकलती है? (c) इस गैस की पहचान का परीक्षण क्या है? (d) क्या होगा यदि अधिक CO2CO_2 चूने के जल में डाली जाए?

हल:

(a) अभिक्रिया:

CaCO3(s)+2HCl(aq)CaCl2(aq)+H2O(l)+CO2(g)CaCO_3(s) + 2HCl(aq) \rightarrow CaCl_2(aq) + H_2O(l) + CO_2(g)\uparrow

(यह वही अभिक्रिया है जो प्रयोगशाला में CO2CO_2 बनाने के लिए उपयोग होती है।)

(b) निकलने वाली गैस: कार्बन डाइऑक्साइड (CO2CO_2)

(c) पहचान का परीक्षण:

  • चूने के जल का परीक्षण: गैस को Ca(OH)2Ca(OH)_2 के विलयन में पास करें।
  • प्रेक्षण: चूने का जल दूधिया हो जाता है।
  • अभिक्रिया: Ca(OH)2+CO2CaCO3+H2OCa(OH)_2 + CO_2 \rightarrow CaCO_3\downarrow + H_2O

(d) अधिक CO2CO_2 डालने पर:

  • श्वेत CaCO3CaCO_3 अवक्षेप घुलने लगता है।
  • क्योंकि कैल्शियम बाइकार्बोनेट Ca(HCO3)2Ca(HCO_3)_2 बनता है — जो विलेय है।

CaCO3+CO2+H2OCa(HCO3)2CaCO_3 + CO_2 + H_2O \rightarrow Ca(HCO_3)_2

सीख: चूने का जल केवल कुछ देर तक ही दूधिया रहता है — फिर वापस साफ़ हो जाता है (अधिक CO2CO_2 के साथ)।

[बोर्ड में 5-अंक का प्रश्न]