उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation)
यह इस अध्याय का सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत है — अम्ल और क्षारक एक-दूसरे के प्रभाव को समाप्त कर देते हैं।
परिभाषा: अम्ल और क्षारक की परस्पर अभिक्रिया जिससे लवण और जल बनते हैं — उदासीनीकरण अभिक्रिया कहलाती है।
सामान्य रूप
यह द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक विशेष प्रकार है (अध्याय 1 का संदर्भ)।
क्रियाकलाप — +
एक परखनली में थोड़ा का घोल लें। उसमें फ़ीनॉल्फ़थेलीन की कुछ बूँदें डालें — विलयन गुलाबी हो जाता है।
अब बूँद-बूँद डालते जाएँ — एक समय आता है जब विलयन रंगहीन हो जाता है।
यही उदासीनीकरण का अंतिम बिंदु है।
अभिक्रिया:
आयनिक स्तर पर
यह उदासीनीकरण का मूल रहस्य है — और मिलकर जल बनाते हैं।
अधिक उदाहरण
(i) + :
(ii) + :
(iii) + (एंटैसिड में):
[बोर्ड महत्वपूर्ण] उदासीनीकरण की परिभाषा और एक उदाहरण — यह 1-2 अंक का प्रश्न लगभग हर वर्ष आता है।

आरेख के अंग्रेज़ी लेबलों के हिन्दी अर्थ:
| English (in image) | हिन्दी |
|---|---|
| Acid (HCl) | अम्ल (HCl) |
| Base (NaOH) | क्षार (NaOH) |
| Salt (NaCl) | लवण (NaCl) |
| Water | जल |
| Neutral (pH 7) | उदासीन (pH 7) |
उदासीनीकरण की विशेषताएँ
1. ऊष्माक्षेपी प्रकृति
उदासीनीकरण ऊष्माक्षेपी है — ऊष्मा निकलती है। बीकर गर्म महसूस होता है।
2. पूर्ण अंतिम बिंदु
जब अम्ल और क्षारक की उचित मात्रा मिल जाए, तो विलयन तटस्थ हो जाता है — pH = 7।
यदि सूचक उपयोग करें, तो रंग बदलता है (अंतिम बिंदु = endpoint)।
3. सामान्य लवण
उदासीनीकरण से बना लवण किस अम्ल/क्षारक से आया है, इसी पर निर्भर करता है:
| अम्ल | क्षारक | बना लवण | लवण का pH |
|---|---|---|---|
| प्रबल () | प्रबल () | 7 (तटस्थ) | |
| प्रबल () | दुर्बल () | < 7 (अम्लीय) | |
| दुर्बल () | प्रबल () | > 7 (क्षारकीय) | |
| दुर्बल | दुर्बल | विशेष | निर्भर करता है |
(लवणों के pH का विस्तार से अनुभाग 7 में अध्ययन।)
दैनिक जीवन में उदासीनीकरण
1. एसिडिटी का उपचार: (पेट का + एंटैसिड)
2. चींटी के डंक का उपचार:
3. दंत-क्षरण की रोकथाम: मुंह में खाद्य पदार्थों के अवशेषों से अम्ल बनता है — टूथपेस्ट क्षारकीय होता है, जो इसे उदासीन करता है।
4. कारखाने का अपशिष्ट: अम्लीय कारखाना अपशिष्ट को नदी में बहाने से पहले बुझे चूने () से उदासीन करते हैं।
5. कृषि में: अम्लीय मिट्टी में चूना () मिलाकर pH बढ़ाते हैं। क्षारकीय मिट्टी में जिप्सम () मिलाकर pH कम करते हैं।
अम्ल की धात्विक ऑक्साइड से अभिक्रिया
धात्विक ऑक्साइड (metal oxides) क्षारकीय प्रकृति के होते हैं। अतः अम्ल इनसे क्रिया करके लवण और जल देता है।
क्रियाकलाप 2.6 — +
एक बीकर में थोड़ा कॉपर ऑक्साइड (II) लें — यह काला है। इसमें तनु डालें और थोड़ा गर्म करें।
प्रेक्षण:
- काला धीरे-धीरे घुल जाता है।
- विलयन का रंग हरा-नीला हो जाता है।
- यह नया रंग कॉपर क्लोराइड () का है।
अभिक्रिया:
(काला) (हरा-नीला)
सामान्य नियम
अम्ल + धात्विक ऑक्साइड → लवण + जल
अधिक उदाहरण
(i) + :
(ii) + :
(iii) + :
(पीला विलयन — फ़ेरिक क्लोराइड)
निष्कर्ष
धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय हैं — क्योंकि वे अम्लों से क्रिया करके लवण + जल बनाते हैं (उदासीनीकरण की तरह)।
यह उनकी क्षारकीय प्रकृति का सीधा प्रमाण है।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] यह क्रियाकलाप अक्सर 3-अंक के प्रश्न में पूछा जाता है।
क्षारक की अधात्विक ऑक्साइड से अभिक्रिया
अधात्विक ऑक्साइड (non-metal oxides) अम्लीय प्रकृति के होते हैं। अतः क्षारक इनसे क्रिया करके लवण और जल देता है।
एक प्रसिद्ध अभिक्रिया — चूने का जल +
यह वही अभिक्रिया है जो हमने की पहचान में देखी:
(लाइम वाटर) () (कैल्शियम कार्बोनेट)
यहाँ:
- — क्षारक (चूने का जल)
- — अधात्विक ऑक्साइड (कार्बन डाइऑक्साइड)
- उत्पाद — लवण () + जल
सामान्य नियम
क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड → लवण + जल
अधिक उदाहरण
(i) + :
(ii) + :
(iii) + :
निष्कर्ष
अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय हैं — क्योंकि वे क्षारकों से क्रिया करके लवण + जल बनाते हैं।
तालिका — चार प्रकार के ऑक्साइड
| ऑक्साइड का प्रकार | प्रकृति | किससे क्रिया | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| धात्विक ऑक्साइड | क्षारकीय | अम्ल से | |
| अधात्विक ऑक्साइड | अम्लीय | क्षारक से | |
| उभयधर्मी ऑक्साइड | दोनों | अम्ल और क्षारक | |
| उदासीन ऑक्साइड | किसी से नहीं | — |
संक्षेप — सभी अभिक्रियाएँ एक साथ
इस अनुभाग की सभी मुख्य अभिक्रियाओं को एक तालिका में देखें:
| अभिक्रिया प्रकार | सामान्य रूप | प्रसिद्ध उदाहरण |
|---|---|---|
| उदासीनीकरण | अम्ल + क्षारक → लवण + जल | |
| अम्ल + धात्विक ऑक्साइड | अम्ल + धा.ऑ. → लवण + जल | |
| क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड | क्षारक + अध.ऑ. → लवण + जल |
एक रोचक प्रश्न — सभी समान क्यों?
तीनों ही अभिक्रियाओं में लवण + जल बनता है — यह एक संयोग नहीं है!
मूल सिद्धांत:
- (अम्ल से) + (क्षारक से) = (जल)
- शेष आयन मिलकर लवण बनाते हैं।
तीनों में सामान्य:
- अम्ल का ⟷ क्षारक/धात्विक ऑक्साइड का
- क्षारक का ⟷ अम्ल/अधात्विक ऑक्साइड का (अप्रत्यक्ष रूप से)
तीनों ही — मूलतः उदासीनीकरण के रूप हैं।
दैनिक जीवन में महत्व
- एसिडिटी का उपचार — एंटैसिड (क्षारक) पेट के अम्ल को उदासीन करता है।
- दंत-क्षरण की रोकथाम — टूथपेस्ट क्षारकीय।
- कारखाने का अपशिष्ट जल — चूने से उदासीन।
- कृषि में मिट्टी का pH सुधार।
- रसोई में — दूध-दही का स्वाद, खाने में बेकिंग सोडा।
- अग्नि-शामक यंत्र — निकलने के साथ-साथ अम्ल-क्षारक उदासीनीकरण।
- जल-शुद्धीकरण — pH सुधार।
[बोर्ड महत्वपूर्ण] उदासीनीकरण के दैनिक जीवन में अनुप्रयोग — 5-अंक का प्रश्न।
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बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले एक नज़र में देखने के लिए।
1. उदासीनीकरण का सूत्र
2. प्रसिद्ध अभिक्रियाएँ
| अभिक्रिया | वर्ग |
|---|---|
| प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक | |
| प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक | |
| प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक | |
| एंटैसिड में |
3. ऑक्साइडों की प्रकृति
| ऑक्साइड | प्रकृति | क्रिया करता है |
|---|---|---|
| धात्विक | क्षारकीय | अम्ल से |
| अधात्विक | अम्लीय | क्षारक से |
| उभयधर्मी () | दोनों | अम्ल और क्षारक |
| उदासीन () | कोई नहीं | — |
4. दो महत्वपूर्ण समीकरण
अम्ल + धात्विक ऑक्साइड: (काला → हरा-नीला)
क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड: (चूने का जल दूधिया)
5. दैनिक जीवन के अनुप्रयोग
- एसिडिटी → एंटैसिड
- चींटी के डंक → बेकिंग सोडा
- अम्लीय मिट्टी → चूना
- कारखाने का अपशिष्ट → चूना
6. बोर्ड के 'सुनहरे' प्रश्न
- उदासीनीकरण क्या है? आयनिक रूप में लिखें।
- + की अभिक्रिया लिखें — रंग परिवर्तन का वर्णन करें।
- चूने का जल किस अधात्विक ऑक्साइड से दूधिया होता है?
- कौन-सा ऑक्साइड क्षारकीय है — , , , ?
- एसिडिटी में बेकिंग सोडा क्यों? रासायनिक अभिक्रिया।
अंतिम सूत्र: अम्ल + क्षारक = लवण + जल। धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय; अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: उदासीनीकरण की परिभाषा
उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? आयनिक रूप में सामान्य समीकरण लिखें।
हल:
परिभाषा: अम्ल और क्षारक की वह परस्पर अभिक्रिया जिससे लवण और जल बनते हैं — उदासीनीकरण अभिक्रिया कहलाती है।
सामान्य समीकरण:
आयनिक रूप:
यह उदासीनीकरण का मूल रहस्य है — और मिलकर जल बनाते हैं।
उदाहरण:
विशेषताएँ:
- द्विविस्थापन अभिक्रिया का प्रकार।
- ऊष्माक्षेपी (बीकर गर्म होता है)।
- अंतिम बिंदु पर pH = 7 (तटस्थ)।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — 3-अंक]
उदाहरण 2: +
जब काले रंग के कॉपर ऑक्साइड को तनु के साथ गर्म किया जाता है, तो क्या प्रेक्षण होंगे? अभिक्रिया लिखें।
हल:
प्रेक्षण:
- काला धीरे-धीरे घुल जाता है।
- विलयन का रंग हरा-नीला (या नीला-हरा) हो जाता है — यह का रंग है।
- एक नया लवण बनता है।
अभिक्रिया:
(काला) (हरा-नीला)
यह कौन-सी अभिक्रिया है?
- अम्ल + धात्विक ऑक्साइड → लवण + जल
- यह उदासीनीकरण का एक रूप है।
- यह सिद्ध करता है कि क्षारकीय है।
बोर्ड में पूछा जाने वाला विशेष प्रश्न:
" + की अभिक्रिया से क्या निष्कर्ष निकलता है?"
उत्तर: यह दर्शाता है कि धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं — क्योंकि वे अम्ल से क्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।
उदाहरण 3: चूने का जल +
चूने के जल में गैस प्रवाहित करने पर क्या होता है? अभिक्रिया लिखें। प्रेक्षण समझाइए।
हल:
प्रेक्षण:
- प्रारंभ में — चूने का जल रंगहीन।
- डालते ही — विलयन दूधिया (turbid) हो जाता है।
- यदि अधिक डाला जाए — वापस साफ़ हो जाता है।
अभिक्रिया (दो चरणों में):
चरण 1 — दूधिया होना:
श्वेत का अवक्षेप — चूने के जल को दूधिया करता है।
चरण 2 — विलयन साफ़ होना (अधिक ):
कैल्शियम बाइकार्बोनेट — विलेय है, अतः अवक्षेप घुल जाता है।
यह कौन-सी अभिक्रिया है?
- क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड → लवण + जल
- यह उदासीनीकरण का एक रूप है।
- यह सिद्ध करता है कि अम्लीय है।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 4: NCERT — एंटैसिड का काम
एसिडिटी में मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया () क्यों दिया जाता है? रासायनिक अभिक्रिया लिखें।
हल:
समस्या: एसिडिटी में पेट में अधिक हो जाता है। जलन और दर्द होता है।
समाधान: मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया = — एक क्षारक है। यह पेट के को उदासीन कर देता है।
अभिक्रिया:
यह कैसे काम करता है?
- पेट में अतिरिक्त को उदासीन।
- पेट का pH सामान्य (3-4) हो जाता है।
- जलन कम होती है।
अन्य एंटैसिड:
- (बेकिंग सोडा)
- (कैल्शियम कार्बोनेट)
- (एल्यूमिनियम हाइड्रॉक्साइड)
सभी क्षारकीय हैं — सभी को उदासीन करते हैं।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — दैनिक जीवन]
उदाहरण 5: ऑक्साइडों का वर्गीकरण
निम्न को धात्विक, अधात्विक, उभयधर्मी, या उदासीन ऑक्साइड में वर्गीकृत करें: (a) (b) (c) (d) (e) (f)
हल:
| ऑक्साइड | धातु/अधातु? | वर्ग |
|---|---|---|
| (a) | धातु (Na) | धात्विक (क्षारकीय) |
| (b) | अधातु (C) | अधात्विक (अम्लीय) |
| (c) | धातु (Al) — परंतु उभयधर्मी | उभयधर्मी |
| (d) | अधातु (S) | अधात्विक (अम्लीय) |
| (e) | धातु (Ca) | धात्विक (क्षारकीय) |
| (f) | अधातु (C) — परंतु उदासीन | उदासीन |
विशेष टिप्पणी:
- और — उभयधर्मी (अम्ल और क्षारक दोनों से क्रिया)।
- , , , — उदासीन (किसी से क्रिया नहीं करते)।
नियम:
- धातु का ऑक्साइड = क्षारकीय
- अधातु का ऑक्साइड = अम्लीय
- अपवाद होते हैं (उभयधर्मी और उदासीन)।
उदाहरण 6: संख्यात्मक — उदासीनीकरण
40 g को कितने gram से उदासीन किया जा सकता है? बने का द्रव्यमान भी ज्ञात कीजिए। (Na=23, O=16, H=1, Cl=35.5)
हल:
- अभिक्रिया:
- अणुभार:
- अनुपात: 40 g + 36.5 g → 58.5 g
- दिए गए 40 g के लिए:
- = 36.5 g
- = 58.5 g
- पुष्टि: g कुल अभिकारक; = g (जल) = 76.5 g कुल उत्पाद ✓
- उत्तर: 36.5 g चाहिए, और 58.5 g बनेगा।
(साथ में 18 g जल भी बनेगा।)
उदाहरण 7: सही समीकरण लिखना
निम्न के लिए संतुलित समीकरण लिखें: (a) + (b) + (c) + (d) +
हल:
(a) + :
(b) + :
(c) + :
(d) + :
(सभी उदासीनीकरण अभिक्रियाएँ हैं — अम्ल + क्षारक → लवण + जल।)
[बोर्ड में सामान्य प्रश्न — 3-अंक]
उदाहरण 8: कारखाने के अपशिष्ट जल का उपचार
एक रासायनिक कारखाने से निकलने वाले अपशिष्ट जल का pH 3 है। इसे नदी में बहाने से पहले क्या करना चाहिए और क्यों?
हल:
समस्या:
- pH = 3 → अत्यंत अम्लीय।
- नदी का pH ~ 7 — अम्लीय अपशिष्ट से जल-जीव हानि।
समाधान — उदासीनीकरण:
विधि: अपशिष्ट जल में बुझा हुआ चूना () मिलाएँ।
अभिक्रिया (यदि अपशिष्ट है):
परिणाम:
- अम्ल उदासीन हो जाता है।
- pH बढ़कर ~ 7 हो जाता है।
- नदी में बहाने पर — जल-जीवों को हानि नहीं।
अनुप्रयोग:
- रासायनिक उद्योग।
- कागज़ उद्योग।
- कपड़ा उद्योग।
- खाद्य प्रसंस्करण।
नियम: अम्लीय अपशिष्ट → क्षारक से उदासीन; क्षारकीय अपशिष्ट → अम्ल से उदासीन।
[पर्यावरण-शिक्षा संदर्भ]
उदाहरण 9: कृषि में उदासीनीकरण
एक किसान की मिट्टी अत्यधिक अम्लीय है (pH = 4.5) — फसलें कम हो रही हैं। उपचार बताइए।
हल:
समस्या:
- मिट्टी का सामान्य pH = 6.5-7.5
- pH 4.5 = बहुत अम्लीय
- अधिकांश फसलें अम्लीय मिट्टी में सही से नहीं उगतीं।
समाधान — चूना (calcium oxide) मिलाना:
अभिक्रिया:
(मिट्टी के अम्ल को उदासीन)
या
विकल्प:
- बिना बुझा चूना () — सीधे मिलाएँ।
- बुझा चूना () — आम तौर पर पसंदीदा।
- डोलोमाइट () — धीमी क्रिया।
विपरीत मामला — क्षारकीय मिट्टी:
- pH > 8.5 = बहुत क्षारकीय
- उपचार: जिप्सम () मिलाएँ — हल्का अम्लीय।
[कक्षा 10 + सामान्य ज्ञान]
उदाहरण 10: ऑक्साइड और उनके लवण
निम्न ऑक्साइडों से अम्ल/क्षारक की क्रिया कराने पर बने लवणों के नाम बताइए: (a) + (b) + (c) + (d) +
हल:
(a) + : लवण: कॉपर क्लोराइड (हरा-नीला)
(b) + : लवण: कैल्शियम नाइट्रेट
(c) + : लवण: सोडियम सल्फ़ेट
(d) + : लवण: कैल्शियम कार्बोनेट (श्वेत अवक्षेप)
सामान्य नियम:
- धात्विक ऑक्साइड + अम्ल → लवण + जल
- अधात्विक ऑक्साइड + क्षारक → लवण + जल
[बोर्ड + अभ्यास प्रश्न]
उदाहरण 11: एसिडिटी का विस्तृत प्रश्न
(a) एसिडिटी क्या है? (b) एसिडिटी के लिए दो आम घरेलू उपचार बताइए। (c) इन उपचारों की रासायनिक अभिक्रियाएँ लिखें। (d) क्यों ये उपचार कारगर हैं?
हल:
(a) एसिडिटी: पेट में आमाशयिक रस () की मात्रा अधिक हो जाने के कारण होने वाली असुविधा — जलन, दर्द, खट्टी डकार।
(b) घरेलू उपचार:
- बेकिंग सोडा ()
- मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया ()
(c) रासायनिक अभिक्रियाएँ:
(1) बेकिंग सोडा:
(2) मिल्क ऑफ़ मैग्नीशिया:
(d) ये क्यों कारगर हैं?
- दोनों क्षारक हैं।
- ये पेट के अधिक को उदासीन कर देते हैं।
- यह उदासीनीकरण अभिक्रिया है।
- + → — अम्ल का प्रभाव समाप्त।
- पेट का pH सामान्य (3-4) हो जाता है।
- जलन कम होती है।
सावधानी: अधिक मात्रा में बेकिंग सोडा से बनता है — डकार।
[बोर्ड में 5-अंक का प्रश्न]
उदाहरण 12: तीन प्रकार की अभिक्रियाओं की तुलना
निम्न अभिक्रियाओं में अंतर बताइए: (a) उदासीनीकरण (b) अम्ल + धात्विक ऑक्साइड (c) क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड
हल:
तुलनात्मक तालिका:
| आधार | उदासीनीकरण | अम्ल + धा.ऑक्साइड | क्षारक + अध.ऑक्साइड |
|---|---|---|---|
| अभिकारक 1 | अम्ल | अम्ल | क्षारक |
| अभिकारक 2 | क्षारक | धात्विक ऑक्साइड | अधात्विक ऑक्साइड |
| उत्पाद | लवण + जल | लवण + जल | लवण + जल |
| उदाहरण |
मुख्य निष्कर्ष:
तीनों ही — मूलतः उदासीनीकरण के रूप हैं। तीनों में लवण + जल बनता है क्योंकि:
- अम्ल का
- क्षारक/धात्विक ऑक्साइड का (अप्रत्यक्ष)
- अधात्विक ऑक्साइड + जल → अम्ल
इस तरह सभी अंत में ही करते हैं।
सीख: तीनों अभिक्रियाओं को 'अम्ल-क्षारक उदासीनीकरण के तीन रूप' मानें।
[बोर्ड महत्वपूर्ण — 5-अंक]
उदाहरण 13: एक प्रसिद्ध NCERT प्रश्न
के विलयन से आर्द्र गैस को प्रवाहित किया जाता है। (a) क्या होगा? (b) यदि अधिक बहाई जाए तो? (c) दोनों चरणों की अभिक्रियाएँ लिखें।
हल:
(a) प्रारंभ में:
- विलयन पारदर्शी है (चूने का जल)।
- डालते ही — विलयन दूधिया हो जाता है।
- कारण: श्वेत का अवक्षेप बनता है।
अभिक्रिया:
(b) अधिक डालने पर:
- अवक्षेप घुलने लगता है।
- विलयन वापस पारदर्शी हो जाता है।
- कारण: + + → (विलेय)।
अभिक्रिया:
विशेष टिप्पणी — गुफाओं की कहानी:
- यह अभिक्रिया गुफाओं में स्तंभों (stalactites/stalagmites) के निर्माण को समझाती है।
- वर्षा का जल + → कमज़ोर अम्ल → चूना पत्थर को घुलाता है।
- गुफा में जल वाष्पित होने पर फिर से जमता है।
[NCERT पाठ्यपुस्तक प्रश्न]
उदाहरण 14: एक तर्क-आधारित प्रश्न
निम्नलिखित कथनों को सही/ग़लत ठहराएँ: (a) सभी ऑक्साइड क्षारकीय होते हैं। (b) उदासीनीकरण से हमेशा उदासीन (pH=7) लवण बनता है। (c) धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय हैं। (d) चूने का जल केवल के साथ ही दूधिया होता है।
हल:
(a) ग़लत — केवल धात्विक ऑक्साइड क्षारकीय हैं। अधात्विक ऑक्साइड (जैसे ) अम्लीय हैं। उभयधर्मी () और उदासीन () भी होते हैं।
(b) ग़लत — लवण का pH अम्ल और क्षारक की प्रबलता पर निर्भर है:
- प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक → तटस्थ (, pH=7)
- प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक → अम्लीय (, pH<7)
- दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक → क्षारकीय (, pH>7)
(c) सही — धात्विक ऑक्साइड (जैसे ) क्षारकीय हैं — वे अम्ल से क्रिया करके लवण + जल देते हैं।
(d) ग़लत — चूने का जल अधिकांश अम्लीय गैसों से दूधिया होता है, जैसे , (एक हद तक)। परंतु का परीक्षण सबसे विशिष्ट है।
(हालाँकि से बना अवक्षेप () भी श्वेत और अघुलनशील है — पर का परीक्षण मानक है।)
उदाहरण 15: एक प्रयोगात्मक प्रश्न
एक बीकर में लाल लिटमस पत्र वाला का घोल है (नीला)। बूँद-बूँद डाला जा रहा है। निम्न का वर्णन करें: (a) प्रारंभ में लिटमस का रंग। (b) मध्य में रंग। (c) अधिक डालने पर रंग। (d) रासायनिक अभिक्रिया।
हल:
(a) प्रारंभ में:
- क्षारकीय है।
- लाल लिटमस इसमें नीला हो गया है।
- रंग: नीला।
(b) मध्य में:
- कुछ + कुछ क्रिया करके + बना चुके हैं।
- अभी भी कुछ बचा है, पर कम।
- रंग नीला (हल्का) हो सकता है।
अंतिम बिंदु पर (बिल्कुल सही उदासीनीकरण):
- सभी का से उदासीनीकरण।
- विलयन तटस्थ (pH=7)।
- रंग: लिटमस जामुनी / तटस्थ हो जाता है।
(c) अधिक डालने पर:
- अब अधिक है।
- विलयन अम्लीय हो जाता है।
- लिटमस का रंग लाल हो जाता है।
(d) अभिक्रिया:
सीख: यह अनुमापन (titration) का सिद्धांत है — रंग परिवर्तन से अंतिम बिंदु पहचानना।
[प्रयोगशाला आधारित प्रश्न]
उदाहरण 16: अंतिम मिश्र प्रश्न
निम्न अभिक्रियाओं में, उत्पाद बताइए और प्रकार पहचानिए: (a) (b) (c) (d) (e)
हल:
(a) : प्रकार: उदासीनीकरण (अम्ल + क्षारक)।
(b) : प्रकार: अम्ल + धात्विक ऑक्साइड → लवण + जल।
(c) : प्रकार: क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड → लवण + जल।
(d) : प्रकार: उदासीनीकरण (एंटैसिड में होता है)।
(e) : प्रकार: अम्ल + धात्विक ऑक्साइड → लवण + जल।
सामान्य निष्कर्ष: सभी अभिक्रियाओं में लवण + जल बनता है — सभी उदासीनीकरण के रूप हैं।
[बोर्ड में 5-अंक का प्रश्न]