अध्याय सारांश: निर्देशांक ज्यामिति
इस अध्याय के प्रत्येक मुख्य विचार और सूत्र का एक-पृष्ठीय पुनरावलोकन। परीक्षा से एक रात पहले इसे पढ़ें।
1. कार्तीय तल
- एक बिंदु क्रमित युग्म है: भुज, कोटि है।
- चतुर्थांश चिह्न (वामावर्त): I , II , III , IV ।
- x-अक्ष पर ; y-अक्ष पर ; मूल बिंदु है।
2. दूरी सूत्र
- आकृतियाँ (समबाहु, समद्विबाहु, समकोण त्रिभुज, वर्ग, समचतुर्भुज आदि) और संरेखता जाँचने हेतु इसका उपयोग करें (एक दूरी = अन्य दो का योग)।
3. विभाजन और मध्य-बिंदु सूत्र
- विभाजन सूत्र (आंतरिक अनुपात ):
- मध्य-बिंदु (): ।
- अनुपात ज्ञात करने हेतु इसे रखें और हल करें; धनात्मक आंतरिक विभाजन दर्शाता है।
- त्रिविभाजन बिंदु अनुपात और उपयोग करते हैं।
- समांतर चतुर्भुज का लुप्त शीर्ष विकर्ण मध्य-बिंदु बराबर रखकर ज्ञात होता है।
4. त्रिभुज का क्षेत्रफल और संरेखता
- तीन बिंदु संरेख हैं यह क्षेत्रफल 0 है।
- चतुर्भुज क्षेत्रफल = विकर्ण से बने दो त्रिभुज क्षेत्रफलों का योग। (त्रिभुज का क्षेत्रफल कई राज्य बोर्डों द्वारा रखा गया है।)
5. केंद्रक
- केंद्रक तीनों शीर्षों का औसत है और प्रत्येक माध्यिका को शीर्ष से में बाँटता है।
सामान्य गलतियाँ जिनसे बचें
- क्षेत्रफल सूत्र में निरपेक्ष मान या भूलना।
- केंद्रक ज्ञात करते समय 3 के बजाय 2 से भाग देना।
- विभाजन-सूत्र पैटर्न बदलना — याद रखें , के साथ और , के साथ जुड़ता है।
- 'बराबर भुजाएँ' (समचतुर्भुज) को 'बराबर भुजाएँ + बराबर विकर्ण' (वर्ग) से भ्रमित करना।
अंतिम युक्ति: तय करें कि प्रश्न चार उपकरणों में से किसकी माँग करता है — दूरी, विभाजन/मध्य-बिंदु, क्षेत्रफल, या केंद्रक — सूत्र लिखें, फिर सावधानी से प्रतिस्थापित करें। यह एक आदत इस अध्याय के अधिकांश अंक सुनिश्चित करती है।